कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए मुख्यमंत्री का किया सम्मान

जनपद हरिद्वार में इकबालपुर नहर की स्वीकृति के साथ ही किसानों के हित में लिए गए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए रुड़की, बहादराबाद व भगवानपुर के किसानों द्वारा मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत साल में 6 हजार रूपये प्रदान किए जा रहे हैं इससे देश के 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना में उत्तराखंड के सात लाख किसानों को लाभ होगा। इस योजना में सालाना 75 हजार करोड़ रूपए व्यय होंगे। यह सतत मिलने वाली सहायता होगी इससे किसान खाद एवं बीज आदि की तत्कालीन व्यवस्था करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में स्वामिनाथन रिपोर्ट को सरकार ने लागू कर फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना वृद्धि की है। किसानों की आय दोगुनी करने के भरसक प्रयास हो रहे हैं पहली बार 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना बढ़ाया गया। किसानों के लिए नीम कोटेड यूरिया उपलब्ध करवाया मिट्टी की उर्वरता के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए फसलों के खराब होने की दशा में फसल बीमा योजना से किसानों के नुकसान की भरपाई हो रही है।किसानों को फार्म मशीनरी बैंक द्वारा कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। किसानों से अनाज की पारदर्शी ऑनलाइन खरीद हो रही है गन्ना किसानों के बकाया का 100 प्रतिशत भुगतान किया गया है। निजी चीनी मिलों को गन्ना किसानों के भुगतान हेतु साॅफ्ट लोन की व्यवस्था की गयी है, गन्ना किसानों को 4 रूपये प्रति कुन्तल की भी सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में इकबालपुर नहर का प्रस्ताव उत्तराखण्ड व उ0प्र0 द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कर भारत सरकार को सौंपा गया। 1100 करोड़ की इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसमें दोनो प्रदेश 550-550 करोड़ की धनराशि का व्यय वहन करेंगे तथा इससे इस क्षेत्र की खेती को पर्याप्त सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रूपए प्रति क्विंटल है। राज्य सरकार इसके अतिरिक्त प्रदेश के किसानों को उनके व्यापक हित में गेहूं पर 20 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस की राशि प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। इन श्रमिकों की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुध ली है। ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगेे हैं, रेहड़ी व ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते है। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में हम किसानों को बिना ब्याज के एक लाख रूपए तक के रेट दे रहे हैं ताकि इनकी इनपुट कॉस्ट कम की जा सके। एग्रो प्रोसेसिंग के लिए कृषक समूह को बिना ब्याज के पांच लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड के लिए 3340 करोड रुपए किस राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना शुरू की गई है जिसमें कृषि बागवानी पशुपालन सहकारिता में 55 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जुड़ा जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्र में बंजर भूमि के उपयोग और इसे फिर से उपजाऊ बनाने के लिए संगत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है वातावरण के हिसाब से फसल विशेष के क्षेत्रवार कलस्टर तैयार किए जा रहे हैं पशुपालन दुग्ध उत्पादन मत्स्य पालन बागवानी जैसे कार्यों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के तकनिकी सलाहकार नरेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।

राज्य की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से सरकार कर रही विकास कार्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीरचन्द्र गढ़वाली मेडिकल कालेज श्रीनगर के परिसर में आयोजित भव्य समारोह में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लगभग 50 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं सिंचाई विभाग की लगभग 21 करोड़ की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रांसी स्टेडियम को महावीर चक्र विजेता जसवन्त सिंह रावत के नाम से रखे जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान श्रीनगर में 104 बैडेड गल्र्स इन्र्टन हाॅस्टल श्रीकोट श्रीनगर गढ़वाल, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान श्रीनगर गढ़वाल के मढ़ी कालोनी चैरास परिसर में 100 बैडेड नर्सेज हाॅस्टल, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान में मल्टी डिसिप्लीनरी रिसर्च यूनिट (एम.आर.यू), वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान के हे.न.ब. राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर गढ़वाल में प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र राजकीय नर्सिंग कालेज पौड़ी के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन व महिला छात्रावास के भवनों एवं राजकीय नर्सिंग कालेज चमोली का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मरोड़ भू कटाव रोधी कार्य लागत 165.69 लाख, नयार नदी के दोनो तटों पर बसे ग्राम सेरा तल्ला एवं पटिंडा की सुरक्षा योजना लागत 208.44 लाख, ग्राम डांगू मल्ला में खटल गड़ नदी के दोनों तटों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 203.75 लाख, किखु में बडोली गदेरा एवं थवलागाड़ पर सुरक्षा योजना लागत 136.47 लाख, संगलाकोटी में बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 110.36 लाख, पाबौ विकासखण्ड के अन्तर्गत 09 पर्वतीय नहरों की पुनरूद्धार की योजना लागत 141.49 लाख, कल्जीखाल विकासखण्ड के अन्तर्गत 6 पर्वतीय नहरों की पुनरूद्धार की योजना लागत 166.03 लाख, ग्राम रतकोट बांगर मे लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण लागत 180.46 लाख, ग्राम चमासूधार में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण लागत 207.31 लाख, ग्राम सिराई तथा कण्डा तल्ला में लिफ्ट सिंचाई योजना निर्माण लागत 176.73 लाख तथा ग्राम जिबई तथा सुकई में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण की योजना लागत 296.82 लाख आदि योजनाओं का शिलान्यास किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उन्हें समयान्तर्गत पूरा किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी एक काम पूर्ण करने के बाद ही दूसरे काम को आरम्भ करें, जिससे समय से कार्य पूर्ण होने पर योजनाओं का सही लाभ मिल सके। राज्य सरकार ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया, उन्हें समय से पूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेजों में 22 महीनों में 25 तरह के विकास कार्य सम्पन्न हुए है। उन्होंने मेडिकल काॅलेज के समस्त स्टाफ के कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपसी समन्वय से गुणात्मक सुधार होंगे, जिससे शैक्षिक संस्थानों का शैक्षिक वातावरण अच्छा होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पौड़ी जिला अस्पताल एवं टिहरी जिला अस्पताल में विकासपरक योजना लाई जा रही है, जिनका टेण्डर हो चुका है। इन चिकित्सालयों में 11-11 विशेषज्ञ डाॅक्टर एवं 10-10 अन्य चिकित्सक होंगे। इसके आलावा कलस्टर में दो चिकित्सालय पाबौ एवं घण्डयाल को जोड़ा गया, जिसमें 4-4 डाॅक्टर और 3-3 मोबाइल वैन यहां पर होंगी, ताकि दूरस्थ गांवों में भी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि विधान सभा क्षेत्र श्रीनगर के अन्तर्गत 51 इण्टर कालेज में ई-लर्निंग की सुविधा एवं 12 हजार छात्रों को टाटमुक्त कर फर्नीचर दिये जाने पर को बधाई दी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को साकार करते हुए डाॅ. रावत ने 100 ग्राम सभाओं में सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। जबकि शराब के खिलाफ अभियान चलाने वाली टिंचरी माई, आर्टिस्ट मोलाराम, विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय कार्य करने वाले शिक्षा मंत्री स्व. भगत दर्शन नेगी आदि के स्मारक बनाने पर भी डा. रावत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कहा कि रिवर फ्रंट रोड़ डेवलप का प्रस्ताव भारत सरकार ने स्वीकार कर दिया है, और 50 लाख डीपीआर के लिए मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य को पर्यटक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए अग्रसर है। इसके लिए खर्चीले पर्यटकों की राज्य में चहलकदमी हेतु विभिन्न योजनाओं के तहत सुगम सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अच्छी सड़के, अच्छे होटल एवं अच्छे सर्विस सेंटर बनाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन दूरस्थ क्षेत्रों में हमने डाॅक्टरों को भेजा है, वे वहां पर रहकर अपने कत्तव्यों का पालन करें। उपचार डाॅक्टरों द्वारा ही किया जाना है। राज्य सरकार भौगोलिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सुविधाये उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि जनता को किये गये वादे के अनुरूप एक हजार के स्थान पर 1134 डाॅक्टरों की नियुक्ति कर पहाड़ों में तैनाती की है। उन्होंने कहा कि टिहरी की जिलाधिकारी ने हैलो डाॅक्टर करके एक टेली मेडिसन की योजना शुरू की, जिसके तहत गांव के छोटे-छोटे हाॅस्पिटलो को जिला अस्पताल से जोड़ा और इसमें 46 लाख का साल का खर्चा आया है। इससे रोगियों को जिला अस्पताल नहीं आना पड़ता है और उनका वहीं पर इलाज हो जाता है।
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में पूरे प्रदेश एवं देश को भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इमानदारी से काम कर रही है और लोगों को भी विश्वास हो गया है कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं वह करके दिखाते है। उन्होंने कहा कि दिनांक 6 मार्च, 2019 को परेड ग्राउण्ड देहरादून में ‘‘युवा उत्तराखण्ड स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर‘‘ से संबंधित एक विशाल भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 12 हजार युवा शामिल होगें। साथ ही 52 डिग्री कालेजों के छात्र भी इस कार्यक्रम से लाइव जुडेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 3 से 6 साल तक के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चे को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो बार आंचल का दूध पिलाया जा रहा है, जिसे अब प्रतिदिन पिलाये जाने हेतु योजना का शुभारम्भ किया जायेगा। कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 3.50 लाख नौजवानों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है और इसी श्रृखंला में हम वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं।
इस मौके पर विधायक पौड़ी मुकेश कोली, विधायक बद्रीनाथ महेन्द्र भट्ट, चिकित्सा शिक्षा सचिव नितेश कुमार झा, पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, पौड़ी ब्लाॅक प्रमुख संतोषी रावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं आम-जनमानस उपस्थित था।

नरेश बंसल का हरिद्वार लोकसभा मैं तूफ़ानी दौरा

गांव गांव जा कर जनता एवं कार्यकर्ताओं से मिले बंसल । कहा 2019 हमारी भाजपा और मोदी जी की होगी वापसी। आज नरेश बंसल प्रदेश महामंत्री व राजयमंत्री उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार ग्रामीण का दौरा किया जैसे बिशनपुर कुंडली, भोगपुर , भीकमपुर , फतवा , भोवपुर और केहड़ा गांव मैं, एवं लक्सर विधानसभा का दौरा भी किया, गांव-गांव मैं लोगों ने किया सम्मान, जनता के बीच पहुंचे नरेश बंसल, सबको केंद्र एवं राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के बारे मैं अवगत कराया, किये हुए विकास कार्यो के बारे मैं बताया जनता को, जनता ने विकास कार्यों को सरहाया, बंसल ने सभी से आह्वान किया एवं संकल्प करवाया की 2019 मैं भाजपा को वोट दें, एवं श्री नरेंद्र मोदी जी को फिर से प्रधान मंत्री बनाएँगे, बंसल ने लोगो की समस्या सुनी और उनके निस्तारण का आश्वासन दिया, अधिकारियों को फ़ोन पर निर्देश दिए की समस्याओं का निस्तारण करें।

रक्षा मंत्री ने शहीद सैनिकों की विधवाओं के पैर छूकर किया सम्मानित

सर्वे आॅडिटाॅरियम में आयोजित शौर्य सम्मान समारोह में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने वीर नारियों को सम्मानित किया। रक्षा मंत्री ने वीर नारियों के पैर छूकर देश की ओर से कृतज्ञता प्रकट की।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्तराखण्ड की वीर नारियों से मिलकर उन्हें सदैव पे्ररणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सैनिक हर परिस्थिति में देश के लिए खड़े होते हैं। देश रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति हम सभी सदैव कृतज्ञ रहेंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वन रैंक वन पेंशन स्व्ीकृत की। न केवल इसकी स्वीकृति दी गई बल्कि इसके लिए पर्याप्त बजटीय प्राविधान भी किए। अभी तक ओआरओपी पर 35 हजार करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। प्रति वर्ष 8 हजार करोड़ रूपए का बजट प्राविधान किया जाएगा। इसमें अब कोई भी एरियर लम्बित नहीं है। अब तीन वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष इसकी समीक्षा भी की जाएगी और कोई कमियां पाएं जाने पर दूर किया जाएगा।
देश में 70 वर्ष बाद भी एक भी राष्ट्रीय वार मेमोरियल नहीं था। हमने फरवरी माह में नेशनल वार मेमोरियल बनाकर देश को समर्पित कर दिया है। यह हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति को संजोए रखने का प्रयास है। पहले डिस्एबिलिटी के मामलों को सरकार द्वारा कोर्ट में अपील कर दी जाती थी। हमने ऐसे बहुत से मामलों को कोर्ट से वापिस लिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने सीविल से इक्वीलेट करने वाले नोटिफिकेशन को वापिस ले लिया है। एसएससी में महिलाओं को पुरूषों के समान ही स्थायी कमीशन मिलेगा। देश में 200-200 बेड के तीन बड़े ईसीएचएस अस्पताल बनाए जाएंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अपने सैनिकों के साथ खड़ी है। उनके हित में जो भी सम्भव है किया जा रहा है। इस बारे में किसी प्रकार की शंका होने पर हमसे पूछिए, हर शंका का निवारण किया जाएगा। सरकार सैनिकों के मामलों में काफी संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में अर्धसैनिक कल्याण निदेशालय बनाया जाएगा। हम अपनी सेना की वीरता के कारण सुरक्षित महसूस करते हैं। हमारी सेना की यह वीरता पहले भी थी और आगे भी रहेगी। जरूरत थी इनका साथ देने के लिए राजनीतिक निर्णय लेने की इच्छाशक्ति की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह इच्छा शक्ति दिखाई है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए सेना को पूरी स्वतंत्रता दी है। आज पूरे विश्व में यह संदेश गया है कि हम आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दुश्मन के यहां घुसेंगे भी, मारेेंगे भी और वापिस भी आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कूटनीति से देश के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सुधार हुआ है। आज स्थिति यह हो गई है कि पाकिस्तान जिस ओआईसी का संस्थापक है वहां उसके विरोध के बावजूद भारत को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में देश के लिए शहादत देने की परम्परा है। हमें अपने वीर जवानों की शहादत को सदैव याद रखना है। अगर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है तो पूरे देश को मन बनाना होगा। आज देश के लोगों ने मन भी बनाया है। हमारे सैनिकों में जज्बा पहले भी था और हमेशा रहेगा। हमने हमेशा युद्ध जीते परंतु बातचीत में गंवा देते। परंतु अब ऐसा नहीं होगा।
सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां के कण कण में देशभक्ति की भावना है। हमारे युवा देश के लिए सर्वस्व न्यौंछावर करने की भावना रखते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक विधायक गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के लिए संवदेनशील है। शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए योग्यता के अनुसार नौकरी का प्राविधान किया गया है। जिलों में सैनिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया गया है।

देहरादून को मिली एक और सौगात, अजबपुर में रेलवे ओवरब्रिज का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर 4-लेन अजबपुर रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। इसकी लम्बाई 815 मीटर व चौड़ाई 19 मीटर है। मुख्यमंत्री ने समय से पूर्व काम पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को बधाई देते हुए कहा कि इसी तरह की तेजी अन्य विकास कार्यों में भी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेसकोर्स-भण्डारीबाग फ्लाईओवर को भी मंजूरी दे दी गई है। पिछले दो वर्षों में अनेक प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। राज्य में सड़कों के निर्माण के लिए 15 हजार से ज्यादा शासनादेश किए जा चुके हैं। ये सड़कें अगले वर्ष बनकर तैयार हो जाएंगी। ग्रामीण सड़कों में भी अच्छी प्रगति हुई है। इसके लिए भारत सरकार से अवार्ड भी मिला है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। मेडिकल कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरो की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा में भी प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डोईवाला में सिपेट में छात्रों को सौ प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी है। यहां नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी शुरू की जाएगी। इसका शिलान्यास किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन मे हाई एंड टूरिस्ट पर फोकस किया जा रहा है। इससे राजस्व बढता है और राज्य के युवाओं को रोजगार मिलता है। पिछले एक वर्ष में 6 लाख पर्यटक अधिक आए हैं। हाल ही में हुए टिहरी महोत्सव में 24 देशों से लोग आए। उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का डेस्टिनेशन बन रहा है। इससे लोकल अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। माणा में भी फिल्म शूटिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि कि पुलवामा के बाद भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राईक से यह संदेश गया है कि भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कुछ भी कर सकता है। मिग विमान से एफ 16 को नष्ट करना बहुत बङी बात है। अब यह साफ हो गया है कि हम दुश्मन को मारेंगे और मारकर वापस लौटेंगे। हमारी सेना की ये ताकत पहले भी थी और हमेशा रहेगी। जरूरत थी राजनीतिक निर्णय की जो कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई के तहत रायपुर में सौड़ा समोली से अखण्डवाली भिलंग मार्ग लागत 4 करोड़ 63 लाख रूपये का शिलान्यास किया। उन्होंने रायपुर में ही विभिन्न रपटों पर 4 करोङ 31 लाख रूपये की लागत से बने बाक्स कुल्वर्ट का लोकार्पण किया। रायपुर के नालापानी राव नदी पर ननूरखेङा व मंगलूवाला को जोङने हेतु 2 करोड़ 19 लाख रूपये की लागत से बने आरसीसी पुल का भी लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काउ, हरबंस कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित थे।

लक्सर पहुंचे नरेश बंसल रैली के दौरान कहाँ मोदी ही एक विकल्प लोकसभा 2019

बाइक रैली मैं समलित हुई, उनके साथ भरी संख्या मैं लक्सर के पार्टी के नेता एवं पार्टी कार्यकर्त्ता शामिल हुई , विधायक संजय गुप्ता , चेयरमैन रजनीश अवं अजय , विपुल भी शामिल हुई।

बंसल जी ने कहाँ कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता है, उन्होंने कहाँ आज देश भर मैं पार्टी की रैली निकल रहीं हैं, हर जगह युवाओ का सैलाब उमर रहा है , यह सिद्ध करता है हमारे कार्यकर्ता चुनाव के लिए जोर शोर से तैयार हैं , जनता हमारे साथ हैं। उन्होंने विंग कमांडर अभिनन्दन की सुरक्षित वापसी हर्ष जताया, उन्होंने शोर्य की प्रशंसा की , उन्होंने कहा येह भारत का जांबाज़ ही कर सकता है की पुराने मिग से एफ 16 को मर गिराया। उन्होंने केंद्र सरकार की और श्री नरेंद्र मोदी जी की की भी जम कर प्रशंसा की , उन्होंने कहा सेना को खुली छूट दे कर मोदी जी ने बता दिया आतंकवाद और पाकिस्तान को सिर्फ भाजपा सरकार ही मुँह दौड़ जवाब दे सकती है। आज विश्व मैं भारत का जलवा है, कभी पाक ने ऑय ओ सी अरब देशो के सबमिट से भारत को भाहर किया था आज वह खुद ही भाहर है और सुषमा जी अतिथि बनाया जाता है। उन्होंने कहा आने वाला लोकसभा चुनाव मैं एक ही विकल्प भाजपा और मोदी जी है। मोदी जी इस सदी के सबसे मजबूत द्रिड शक्ति वाले प्रधान मंत्री बन कर उभरे हैं। अब कोई नहीं कहता देश भगवन भरोसे है, अब कहा जाता है मोदी है तो मुमकिन है , मोदी सरकार के पिछले पांच सालो मैं नव भारत निर्माण किया है। चाहे कोई भी क्षेत्र हो विकास हुआ है , इस सरकार ने जो कहा वह किया , भारत का मान बढ़ाया, आतंकवाद की कमर तोड़ी , पाकिस्तान को घुटनो पर ला दिया, कमांडर अभिनन्दन को बिना किसी शर्त सुरक्षित दो दिनों मैं वापिस देश आना इसका सबसे बड़ा उदहारण है। आज पाक चौतरफा घिरा हुआ है वह भारत के सामने कहीं नहीं टिकता, येह काम मोदी सरकार ने ही कर दिखाया है। आज विश्व हमारी बात सुनता है और उसपर अमल करता है। उन्होंने कहा इस लिए आने वाले चुनाव मैं सिर्फ मोदी जी को ही जितना होगा, फिर से लाना होगा , ताकि जो विकास की गंगा बेहनी शुरू हुई है वह अवरुद्ध न हो।

देश की 22 वी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मुख्यमंत्री ने रानीपोखरी में शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को रानीपोखरी में केन्द्रीय लाॅ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। यह देश की 22वीं केन्द्रीय यूनिवर्सिटी होगी। यह युनिवर्सिटी 26 करोड़ की लागत से बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 73 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें से 68 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण तथा 5 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत निर्मित सड़को के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न आन्तरिक व मुख्य सड़को का निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 49.25 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास भी किया। जिसमें डोईवाला के अन्तर्गत थानो भोगपुर मोटर मार्ग 240 मी0 स्पान आरसीसी प्रिस्ट्रेस्ड सेतु लागत रू0 19.22 करोड़, ऋषिकेश के अन्तर्गत चाण्डी प्लान्टेशन मोटर मार्ग का निर्माण लागत 13.74 करोड़ तथा देहरादून-रानीपोखरी मोटरमार्ग पर रानीपोखरी में 252 मी0 आर.सी.सी. सेतु निर्माण लागत 16.29 करोड़ शामिल है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रानीपोखरी में स्थापित होने वाली यह देश की 22वीं नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी होगी। जो उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है। यह उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष लगाव का नतीजा है कि आज प्रदेश उत्तराखंड को लॉ यूनिवर्सिटी का तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, तथा इसमें प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई भी बड़ा संस्थान किसी स्थान पर खुलता है तो उसके कई मायनों में फायदा होता है। इस लॉ यूनिवर्सिटी से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी और रोजगार मिलेगा। हमारे युवा भी यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर रोजगार से जुड़ेंगे। इस तरह के प्रयास लोकल इकोनॉमी को भी मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास आई.आई.टी., आई.आई.एम. और एम्स जैसे संस्थान पहले से मौजूद थे, इसके बावजूद उत्तराखंड को एजुकेशन हब बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष सहयोग दिया है। पिछले 23 महीने में डोईवाला क्षेत्र में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुले हैं। डोईवाला में 2017 में सीपैट का उद्घाटन किया गया था। वहां पर सीपैट में कक्षाएं चल रही हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को सौ फीसदी प्लेसमेंट मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मोदी ने वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किच्छा व लालढांग में दो नए मॉडल डिग्री कॉलेजों व पौड़ी के पैठाणी में प्रदेश के पहले वोकेशनल कॉलेज का शिलान्यास किया है। इन संस्थानों के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। ये तमाम कोशिशें प्रदेश के लिए न केवल रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। बल्कि उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने में भी मददगार होंगी, ऋषिकेष में शीघ्र ही कन्वेंसन सेन्टर की स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। विभिनन रोजगारपरक नीतियों और योजनाओं के माध्यम से हमने हर स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयास किए हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री जी ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश के लगभग 55 हजार युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार सृजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हजारों लोग टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म में रोजगार से जुड़ रहे हैं, होमस्टे शुरू करने के लिए युवाओं का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में देश विदेश की प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं। जो राज्य के पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। हमारा प्रयास हर न्यायपंचायत स्तर पर वहां के स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक लोकल इकोनॉमी स्थापित करना है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रोथ सेंटर योजना पर कार्य किया जा रहा है। पिरूल नीति से डेढ़ लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। 16 हजार से ज्यादा लोगों को पिछले दो साल में एम.एस.एम.ई. नीति के तहत रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।
अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना- प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।

उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। साइंस सिटी के लिए सुद्धोवाला में 26 एकड भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि रानीपोखरी में बनने वाला यह राष्ट्रीय लाॅ विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड की पहचान बनेगी। उत्तराखण्ड शिक्षा का पहले से ही हब है, देश व दुनिया के बड़ी संख्या में छात्र उत्तराखण्ड में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने कहा कि डोईवाला की जनता का सौभाग्य है कि 23 माह में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान यहां बने हैं। सीपेट और लाॅ विश्वविद्यालय दोनों ही भविष्य में प्रदेश में रोजगार की मजबूत नीव रखेंगे। पिछले 23 माह में प्रदेश के लगभग चार लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि 7 मार्च से आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो दिन आॅचल का दूध उपलब्ध कराया जायेगा।

राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर 2100 की: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में मेडिकल काॅलेज प्रांगण में रू.197 करोड़ 50 लाख की लागत की 42 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इसमें रू.148 करोड़ 65 लाख की 22 योजनाओं का शिलान्यास तथा 48 करोड़ 85 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक विकास की किरणें पहुॅचे, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी दृढ़ शक्ति के साथ प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत के विकास कार्य प्रदेश के सभी जनपदों में गतिमान हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ ही जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के हर गरीब व आम व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले, इसके लिए प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना संचालित की गई है, जिसके तहत प्रदेश में शतप्रतिशत लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। इस योजना के तहत रू.5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाएं हैं। दो वर्ष पहले जहां महज 1034 चिकित्सक ही सरकारी अस्पतालों में कार्यरत थें, जो आज उनकी संख्या बढ़कर 2100 हो गयी है। मेडिकल काॅलेज के छात्र-छात्राओं से कहा कि मानवीय सेवा महान गुण है। मेडिकल छात्र पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाने में सरकार के मिशन में सच्ची भावना से शामिल हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य हमारे प्रदेश की दो महत्वपूर्ण चुनौतियाॅ हैं। तकनीकि के जरिये आम आदमी की मुश्किलों को आसान करने के लिए राज्य के 43 अस्पतालों में आॅन लाईन रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है। टेली रेडियोलोजी के माध्यम से सुदूरवर्ती 35 मेडिकल सेन्टरों में एक्स-रे, सीटी स्कैन तथा मैमोग्राफी की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत बालिकाओं को जन्म देने वाली माताओं को वैष्णवी किट प्रदान की जा रही है। स्पर्श योजना के तहत बहुत ही कम मूल्य पर बालिकाओं को सैनेट्री नैपकिन उपलब्ध कराये जा रहे है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले में वर्ष 2007 में निर्मित मालधनचैड़ राजकीय चिकित्सालय में पद सृजित करते हुए चिकित्सकों की तैनाती कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सत्र से राजकीय मेडिकल काॅलेज अल्मोड़ा विधिवत रूप से अपना कार्य प्रारंभ कर देगा, कुमाऊॅ मण्डल के पर्वतीय क्षेत्र के इस मेडिकल काॅलेज के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है।
इस अवसर पर सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा लागू की गयी योजनाओं को लेकर जनमानस में काफी उत्साह है। योजनाओं का लाभ गरीब लोगों के साथ ही आम जनमानस को मिल रहा है। विकास हमारी परम्परा एवं संस्कृति है। इस उद्देश्य को लेकर सरकार हर पल विकास के कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, महेश नेगी, राम सिंह कैडा, मेयर डाॅ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, ब्लाॅक प्रमुख आनन्द सिंह दरम्वाल, अध्यक्ष मण्डी समिति गजराज सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट आदि मौजूद थे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के शुभारंभ पर कैलाश खेर ने दी संगीतमय प्रस्तुति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योग को भारत की विशिष्ट पहचान बताया है। उन्होंने कहा कि योग में मन और चित की मलिनता को दूर करने की ताकत है। योग ने मनुष्य की सुख शान्ति की राह प्रशस्त की है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। हर मनुष्य का परम लक्ष्य सुख और शांति की प्राप्ति है, योग के द्वारा हमारे ऋषियों ने इसकी राह प्रशस्त की है।
मुख्यमंत्री ने गुरूवार को ऋषिकेश स्थित गंगा रिसोर्ट में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद एवं गढवाल मण्डल विकास निगम के संयुकत तत्वाधान में 1 मार्च से 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को योग की राजधानी बताते हुए कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। यह आत्मा को परमात्मा से मिलाने का सेतु भी है। योग जोडने का कार्य करता है। इसी का प्रतिफल है कि आज दुनिया योग को अपना रही है तथा योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुनिया में योग को विशेष पहचान दिलाने का कार्य किया है। जिससे आज भारत गौरवान्वित है। इसने दुनिया में भारत की पहचान बनाने का कार्य किया है। योगाचार्यों ने भी योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयः….. अर्थात सब सुखी हो, सब निरोगी रहें हमारा धेय वाक्य रहा है। देश व दुनिया को इस लक्ष्य तक पहुंचाने की ताकत योग में है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बीटल आश्रम (चैरासी कुटिया) का भी भ्रमण किया तथा वहां पर योग की शिक्षाओं एवं क्रियाओं की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने करो योग रहो निरोग का सन्देश देते हुए लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष योग महोत्सव के लिए अधिक रजिस्ट्रेशन होने पर प्रसन्नता जाहिर की।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखण्ड में पर्यटन विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यटन विभाग योग एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2019 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योग महोत्सव के लिए लगभग 1200 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। देश-विदेश के 44 योगाचार्य इस योग महोत्सव में आमंत्रित हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव दुनिया में योगा के प्रचार प्रसार में दुनिया के अन्दर ऋषिकेश को योगा की राजधानी बनने के साथ ही योगा के प्रचार प्रसार में अह्म भूमिका निभा रहा है। हम यह चाहते है कि योगा के क्षेत्र में भारत में जो विधाये एवं ज्ञान प्राप्त है वह पूरी दुनिया को मिले। उन्होंने कहा कि योग का अपने आप में बहुत महत्व है। आदि काल से योग ने हम सब को अपनी संस्कृति से जोड़ के रखा हुआ है। आज योग का महत्व पूरी दुनिया ने माना है। योग के क्षेत्र में भारत विश्व गुरू बने इसके लिये हम प्रयासरत है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढावा देने के लिये राज्य सरकार होम स्टे योजना का विकास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सन् 2020 तक 5000 होम स्टे का लक्ष्य रखा है। आज हम द्रोणागीरी एवं चोपता जैसे मनमोहक स्थलों का नाम सुनते हैं तो वहां जाना चाहते है परन्तु रहने की सुविधा जैसी परेशानियों के मद्देनजर हमें सोचना पड़ता है। होम स्टे जैसी योजना इन स्थलों को दुनिया के नजर में लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। अभी तक हम 875 होम स्टे रजिस्टर्ड कर चुके हैं। और हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड के जो सुदूर क्षेत्र, रिमोर्ट एरिया है जो पर्यटन के क्षेत्र से काफी मनमोहक है रहने की असुविधा न हो इस वजह से होम स्टे जैसी योजना का विकास किया जा रहा है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने देश विदेश से आये योग उपासकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऋषिकेश में पिछले तीन दशक से यह आयोजन हो रहा है जो हमारी पहचान बन गया है। हमारा उद्देश्य शास्वत एवं प्रमाणिक योग को जन-जन तक पहुंचाना है। इस महोत्सव के माध्यम से योेग की साधना एवं इस क्षेत्र में सहयोग देने वाले लोगों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर योग गुरू सिद्धार्थ कृष्णा द्वारा योग सूत्र का पाठ किया गया। गायक कैलाश खैर द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर अध्यक्ष गढ़वाल मण्डल विकास निगम महावीर रांगड़, नगर निगम ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका मुनि की रेति रौशन रतूड़ी, ज्योति नीरज खैरवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल योगन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया 300 बेड के अस्पताल का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को हर्रावाला, देहरादून में 300 बेड के चिकित्सालय का शिलान्यास किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, पर्यटन, सिंचाई व एमडीडीए की विभिन्न विकास योजनाओं के लगभग 540 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। हर्रावाला में बनने वाले जच्चा-बच्चा अस्पताल का नाम ‘‘शंकुतलाराणी सरदारीलाल ओबेराॅय अस्पताल’’ रखा जायेगा। इस अस्पताल के लिये राकेश ओबेराॅय ने 15 बीघा जमीन दान में दी है।
हर्रावाला में बनने वाले यह जच्चा बच्चा व कैंसर अस्पताल 164 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 287 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। 5 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत के 33 सड़क निर्माण कार्यों, राजपुर पार्क सौन्दर्यीकरण के लिए 7 करोड़, जार्ज एवरेस्ट हेरिटेज पार्क के विकास की योजना हेतु 23 करोड़ रूपये, धौलास आवासीय परियोजना़ व सिंचाई से सम्बन्धित शिलान्यास के विभिन्न कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।

अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना
प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग के माध्यम से 2221 नियुक्तियां
पिछले 22 माह में उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा 36 भर्ती परीक्षाएं कराई गई, जिसमें 2221 नई नियुक्तियां की गई। 2014 से मार्च 2017 तक सिर्फ 06 परीक्षाएं कराई गई जिसमें 819 नई नियुक्तियां हुई। सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है।
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी वाटर उपलब्ध कराने का लक्ष्य
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सृदृढ़ व्यवस्था की जा रही ही। सौंग बांध परियोजना का जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा। इस बांध को 350 दिन में बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बजट का प्रावधान किया जा चुका है। इस बांध के निर्माण से प्रतिवर्ष 92 करोड़ रूपये की बिजली बचत होगी। सूर्यधार पेयजल योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना से 43 गांवों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा तथा बिजली की भी बचत होगी।
सीपैट
सीपैट आने वाले समय में रोजगार का प्रमुख जरिया बनेगा। इसमें 85 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को दाखिला दिया जायेगा। इस कोर्स में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाई जायेंगी।
विधि विश्वविद्यालय का जल्द शिलान्यास किया जायेगा
रानीपोखरी में 2 मार्च 2019 को विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जायेगा। इस विश्वविद्यालय को एयरपोर्ट के निकट बनाया जा रहा है। इससे जहां छात्रों को विधि की अच्छी शिक्षा मिलेगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी में भी सुधार होगा। यह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय होगा। एयरपोर्ट के निकट इस यूनिवर्सिटी के होने से बाहर से आने वाले विधि विशेषज्ञों को भी सुविधा होगी।

शौर्य स्थल
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।
साइंस सिटी
उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग
पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए ग्रोथ सेंटर विकसित किये जा रहे हैं। इस बार के बजट में 48 ग्रोथ सेंटर के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग बनाया गया है। पलायन आयेग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने प्रदेश के प्रत्येक गांवों का अध्ययन किया। उन्होंने पलायन होने के विभिन्न कारणों का अध्ययन किया। पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गणेश जोशी, श्री खजान दास आदि उपस्थित थे।