तकनीकि कौशल व महत्वपूर्ण गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी जरूरी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी भवन, आईटी पार्क, देहरादून में इण्डिया ड्रोन फेस्टिवल-2019 का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहाँ ड्रोन फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस ड्रोन फेस्टिवल में 21 राज्यों से लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो रहा है। सुरक्षा, सर्वे, आपदा के समय इस्तेमाल, स्वास्थ्य, क्राउड कंट्रोल, रेलवे लाईनों, नदियों की देख-रेख के आदि महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक तकनीक जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इसके लिए उन्होंने एनटीआरओ के पूर्व अध्यक्ष आलोक जोशी के प्रयासों की भी सराहना की। देहरादून में उत्तराखण्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई एसोसिएशन का गठन भी हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इस तरह के जो भी आयोजन राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे है, उनमें प्रदेश के युवाओं को शामिल किया जा रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, इस तरह के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर वे देश व प्रदेश कि तरक्की के लिए अहम भूमिका निभायेंगे। इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं व तकनीकि शिक्षा में बड़ा फायदा होगा व रोजगार के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि 6 मार्च को परेड ग्राउण्ड में ‘‘युवा उत्तराखण्ड- रोजगार एवं उद्यमिता की ओर’’ कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के हजारों छात्र प्रतिभाग करेंगे। तकनीक के माध्यम से डिग्री काॅलेज के छात्र-छात्राओं से भी जुड़ेंगे।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि कि ड्रोन विभिन्न क्षेत्रों में देश व प्रदेश के लिए वरदान के रूप में साबित हुआ है। यह अत्याधुनिक तकनीक प्रदेश में आने वाले समय में आपदा, कृषि, ट्रेफिक कंट्रोल व सर्वें के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर सचिव आईटी आर. के सुधाुशु, सचिव वित्त अमित नेगी, डीजीपी अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार, आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा, सर्वेयर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, हिन्दुस्तान एयरोनानाॅटिक्स लि. के निदेशक डी.एस चमोला, पेट्रोलियम विश्वविद्यालय से अरूण धन, ग्रुप केप्टन रजत द्विवेदी आदि उपस्थित थे।

औली में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ

विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीडा केन्द्र औली में तीन दिवसीय नेशनल नाॅर्डिक एवं एल्पाईन स्कीइंग और स्नो वोर्डिंग प्रतियोगिता का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मंगलवार को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विधिवत शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में आर्मी, आईटीबीपी, हिमांचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली तथा उत्तराखण्ड की टीमें प्रतिभाग कर रही है। आईटीबीपी के व्यू प्वाइंट प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह में सभी टीमों ने राष्ट्रीय घ्वज के साथ नेशनल प्रतियोगिता मनाली के विजयी खिलाडी अतुल भट्ट की अगुवाई में मार्च पास कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। इस दौरान प्रसिद्व लोक गायक दरवान नैथवाल, पूनम सती एवं उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व प्रसिद्व औली में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन की जमकर सराहना करते हुए औलम्पिक एसोशिएसन आॅफ इंडिया, उत्तराखण्ड औलम्पिक एसोशिएशन, आईटीबीपी और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि औली के विश्व प्रसिद्ध स्कीईंग ढलानों को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के पूरे प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग और औलम्पिक एसोशिएसन आॅफ उत्तराखण्ड के प्रयास निश्चय ही शीतकालीन खेलों को विश्व मानचित्र में इस प्रमुख स्थान दिलाने में समर्थ होंगे।

क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र भट्ट ने औली को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु आईओए और यूओए के प्रयासों के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि औली में हर वर्ष स्कीइंग प्रतियोगिताऐ होनी चाहिए। कहा कि औली की प्रसिद्व ढलानों में जहाॅ देश के कोने-कोने से आये खिलाडियों को अच्छा प्रशिक्षण मिलेगा वही स्थानीय खिलाडियों को भी इससे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में भरपूर सम्भावनाएं है। कहा कि प्रदेश में साहसिक खेल गतिविधियों को बढाने तथा पर्यटन की सम्भावनाओं के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। सीएस ने कहा कि पिछले वर्ष भी औली में फिस रेस के आयोजन के लिए पूरे प्रयास किये गये थे, लेकिन बर्फ न पडने के कारण गेम का आयोजन नही हो सका। उन्होंने कहा कि अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार औली में स्कीइंग प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर स्लोप की सुविधा मौजूद है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से हर वर्ष औली में कोई न कोई खेल का आयोजन कराया जायेगा, ताकि राज्य और देश की प्रतिभाओें को पूर्ण विकसित होने का मौका मिले।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि औली के 1300 मीटर स्नो स्लोप पर तीन दिवसीय नेशनल नाॅर्डिक एवं एल्पाईन स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता के पहले दिन 1100 मीटर दूरी की सुपर जांइट सलाम स्नो रेस (सुपर जी) प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें एसएससीबी आर्मी टीम के देवेन्द्र गुरंग ने 55.66सेंकड में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। जबकि हिमांचल प्रदेश की टीम के प्रतिभागी हीरा लाल ने 56.58 सेकंड में तथा एसएससीबी आर्मी के त्वेसिंह ने 57.03 सेकंण्ड में रेस पूरी करते हुए क्रमश दूसरा और तीसरा स्थान पर रहे। इससे पूर्व आईटीबीपी के जवानों ने औली स्की स्लोप पर अनके स्कीइंग खेल करतब भी दिखाये, जिसका दर्शकों ने जमकर आनंद उठाया। औली मे सुपर जी और क्रासकन्टी महिला और पुरूष वर्ग की स्कीइंग प्रतियोगिता संपन्न हुई।

उन्होंने बताया कि सुपर जे पुरूष वर्ग मे एसएससीबी आर्मी के देवेन्द्र गुरंग पहले, हिमाचल के हीरा लाल दूसरे, एसएससीबी आर्मी त्वेसिंग तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग मे संध्या, आंचल और वर्षा ने क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। ये तीनो हिमाचल के खिलाड़ी हैं। क्रासकन्टी 15 किलोमीटर स्कीइंग में पुरूष वर्ग में मन बहादुर गुरंग, रमीज अहमद, टी हुसैन ने क्रमशः पहला दूसरा.और तीसरा स्थान हासिल किया। ये तीनो खिलाड़ी एसएससीबी आर्मी के खिलाड़ी है। वही महिला वर्ग की क्रासकन्टी स्कीइंग में बबीता, भावना खोलिया तथा पार्वती खम्पा ने क्रमशः पहला दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। ये तीनो खिलाड़ी आईटीबीपी टीम से है।
इस दौरान गढवाल मंडल आयुक्त डा. बीवीआरसी पुरूषोत्तम, उत्तराखण्ड ओलंपिक एशोसिएशन के महासचिव डी के सिंह, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह, उत्तराखण्ड ओलंपिक एशोसिएशन के प्रवीण शर्मा, तकनीकि सलाहकार शिव पैनोली, आईटीबीपी स्कीइंग और माउंटनेयरिंग स्थान के प्राचार्य डीआईजी एस चैहान, नगर पालिका जोशीमठ के पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह रावत सहित गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि, देश विदेश से आये पर्यटक व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

टिहरी झील को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को टिहरी में तीन दिवसीय टिहरी लेक महोत्सव-2019 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील हमारे लिये अनमोल धरोहर की तरह है, जिसमें देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता है। इस झील में हमे उत्तराखण्ड के बच्चों का भविष्य नजर आता है। प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य एवं संकल्पना को साकार करने के लिये झील महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश को पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित करना है। खर्चीलें टूरिस्ट यहां आयेंगे तो इस क्षेत्र की आर्थिकी को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि जो व्यक्ति टिहरी झील को देखेगा वह बार-बार यहां आयेगा। गत वर्ष 13 राज्यों के प्रतिभागी टिहरी झील महोत्सव में आये थे और इस बार 24 राज्यों के प्रतिनिधि इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 13 जिले 13 डेस्टीनेशन की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टिहरी क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत हैं। डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के बाद टिहरी के दोनो ओर होटल, रिजोर्ट एवं शिक्षण संस्थान बनेगें। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधाये उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी में आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक मुश्त रूपये 88 करोड़ डोबरा-चांठी पुल निर्माण के लिए अवमुक्त किये हैं। ऑलवेदर रोड़ पर भी कार्य चल रहा है। ऑलवेदर रोड़ बनने के बाद ऋषिकेश से नई टिहरी पहुंचने में मात्र डेढ घण्टे का समय लगेगा। टिहरी झील में सी प्लेन उतारने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शीघ्र ही टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जायेगा। अगले आने वाले 10-15 वर्षो में टिहरी का एक नया स्वरूप सामने आयेगा जो निश्चित रूप से देश व दुनिया को अपने ओर आकर्षित करने में मददगार रहेगा।
गंगा नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाये रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘‘यह कल-कल बहती गंगा की धारा क्या कहती….. ‘‘ पंक्तियों के माध्यम से पवित्रगंगा का स्मरण किया। उन्हांने कहा कि गंगा नदी हमें त्याग व समर्पण सीखाती है निर्मलता का संदेश देती है। हम सभी को गंगा की निर्मलता एवं स्वच्छता को बनाये रखने में योगदान देना होगा। उन्होंने टिहरी की जनता से अतिथि सत्कार की भावना विकसित करने की भी अपील की ताकि अधिक से अधिक पर्यटक टिहरी भ्रमण पर आने के लिए प्रेरित हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नई टिहरी साहसिक खेल अकादमी का नाम एवरेस्ट विजेता स्व दिनेश सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा की।

उन्होंने मां राजेश्वरी महिला स्वयं सहायता समूह को सिलाई व्यवसाय, जागृति महिला वचन समूह को डेरी व्यवसाय एवं भगवती महिला स्वयं सहायता समूह को अगरबत्ती उद्योग विकसित करने के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर रूपये पांच-पांच लाख के ऋण के चेक वितरित किये।
इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्षो से अभिनव प्रयास किये जा रहें है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन की सोची समझी रणनीति के तहत ही टिहरी लेक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का मकसद टिहरी झील क्षेत्र की सूरत बदलना है। इस महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों का ध्यान टिहरी क्षेत्र की ओर आकर्षित करना हैं। जिसके लिए शासन और प्रशासन कार्य कर रहा हैं।
कार्यक्रम को टिहरी सांसद मालाराज लक्ष्मी शाह एवं क्षेत्रीय विधायक धन सिंह नेगी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक विजय सिंह पंवार व शक्तिलाल शाह, गढवाल मण्डल विकास निगम के अध्यक्ष महाबीर सिंह रांगड, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, स्वामी चिदानंद मुनी, जिलाधिकारी सोनिका, पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई आदि उपस्थित थे।

5555 करोड़ की योजनाओं से उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग का होगा कायाकल्प

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास, पोत परिवहन, गंगा संरक्षण व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चण्डीघाट, हरिद्वार में 5555 करोड़ रूपये की 291.19 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग की विभिन्न परियोजनाओं व नमामि गंगे परियोजना के तहत विभिन्न कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग में शिलान्यास की गई योजनाएं
राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत जिन कार्यों का शिलान्यास किया गया उनमें हरिद्वार से लालतपड़ तक 350 करोड़ रूपये के 14.95 किमीे का कार्य, लालतप्पड़ से मोहकमपुर तक 244 करोड़ रूपये के 22.20 किमी के का कार्य, पुरकारजी-लक्सर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर 93 करोड़ के 2 लेन, पेव्ड शौल्डर में चौड़ीकरण का 46 किमी का कार्य, हरिद्वार में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर 45 करोड़ की लागत के 1.05 किमी के मायापुरी स्कैप चैनेल के ऊपर मुख्य पुल सहित एलिवेटेड संरचना का निर्माण, हरिद्वार नगीना राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर 827 करोड़ रूपये के 71.61 किमी पर चारलेन चैड़ीकरण का कार्य, रूड़की से गणेशपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 73 एवं 72ए पर 942 करोड़ रूपये की लागत के 53.30 किमी का कार्य व हरिद्वार शहर में प्रस्तावित 3 हजार करोड़ की सम्भावित लागत के 49.4 किमी रिंग रोड के निर्माण हेतु परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के कार्य का शुभारम्भ शामिल हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग में लोकार्पित की गई योजनाएं
जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें रोशनाबाद-बिहारीगढ़ में 13 .97 करोड़ रूपये की लागत के 32.30 किमी मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण व जौली ग्रान्ट-थानो-रायपुर-सहस्त्रधारा मार्ग पर 40.10 करोड़ की लागत के तीन पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
नमामि गंगे
नमामि गंगे के तहत कुल 1354 करोड रूपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। जिसमें चण्डीघाट रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना, 36 घाटों, 14 नये एसटीपी व 04 एसटीपी उच्चीकरण तथा 60 करोड़ की लागत से रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के आई. एण्ड डी. कार्य शामिल है।
नमामि गंगे के लोकार्पित की गई योजनाएं
जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें हरिद्वार में 20.68 करोड़ के सीवरेज पम्पिंग स्टेशन कास्वान एवं पी.ब्ल्यू.डी. का निर्माण, 9.88 करोड़ के संयुक्त राईजिंग मेनजोन के कार्य, 31.44 करोड़ रूपये की लागत के 16 सीवरेज पम्पिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि व उच्चीकरण के कार्य 2.86 करोड़ की लागत के अरिहन्त विहार सीवर लाईन व अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा स्वर्गाश्रम में 4.16 करोड़, तपोवन में 2.2 करोड़, श्रीनगर में 7.3 करोड़ व उत्तरकाशी में 4 करोड़ रुपये के सीवेज शोधन संयत्र के उच्चीकरण व कीर्तिनगर में 1.9 करोड़, श्रीनगर में 8.1 करोड़, रूद्रप्रयाग में 3.5 करोड़, कर्णप्रयाग में 3.1 करोड़, नन्दप्रयाग में 2.1 करोड़ एवं गोपेश्वर में 11.1 करोड़ रुपये के सीवेज शोधन संयत्र के निर्माण कार्य शामिल हैं। हरिद्वार में 69.18 करोड़ की चण्डीघाट रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के लोकार्पण व उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, चमोली में 83.40 करोड़ रुपये के कुल 38 स्नान व मोक्ष घाटों के निर्माण कार्य व कार्य शामिल हैं।
नमामि गंगे के तहत जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 60 करोड़ की लागत के रिस्पना व बिन्दाल नदियों के आई. एण्ड डी. कार्य व हरिद्वार शहर में गंगा नदी के किनारे स्थित 72 घाटों के सफाई कार्य शामिल हैं।

महत्वपूर्ण घोषणाएं-
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।
हरिद्वार में इकबालपुर नहर के निर्माण की घोषणा की जिससे हरिद्वार के 74 गांव व सहारनपुर के 85 गांव कुल 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
हरिद्वार की सोलानी नदी की सफाई करना।
हरिद्वार की बाणगंगा का पुनर्जीवीकरण करना।
हरिद्वार के आस्था पथ का निर्माण करना।
40 करोड़ रूपये की लागत से हरकी पौड़ी का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
देहरादून व हल्द्वानी में रिंग रोड बनाई जायेगी।
मेरठ-नजीबाबाद फोरलेन को कोटद्वार से जोड़ा जायेगा।
एनजीटी की स्वीकृति मिलने पर कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर कंडी मार्ग का निर्माण भी किया जायेगा।
नगर निगम कोटद्वार में सीवर लाईन की स्वीकृति।

नमामि गंगा में हो जनता की भागीदारी
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा जी के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है, परंतु कम से कम 1 करोड़ लोग अगर अंशदान करें तो उनका गंगा की अविरलता व निर्मलता से सीधा जुड़ाव हो सकेगा। उन्होंने आम जनों से भी अनुरोध किया कि गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। गंगा में सीधे गंदा पानी डालने वालों को रोकना होगा।

गंगोत्री से गंगासागर जल मार्ग का हो विकास
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि वे गंगोत्री से गंगासागर तक जलमार्ग से जा सकें और ऐसा करना असम्भव नहीं है। उत्तराखण्ड में नदियों को जलमार्ग के रूप में विकसित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रिवर पोर्ट की सम्भावनाओं पर काम किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड में पर्यावरण व विकास के लिए ट्रांसपोर्ट के नए कंसेप्ट पर विचार किया जाना चाहिए। राज्य को बायो फ्यूल एवियेशन का हब बनाया जा सकता है। वेस्ट टू वेल्थ की ओर बढ़ना होगा।
उत्तराखण्ड में चल रहे हैं लगभग 50 हजार करोड़ के काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में उनके मंत्रालय के अंतर्गत लगभग 50 हजार करोड़ के काम चल रहे हैं। वर्ष 2014 में 2522 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग था जबकि अब 3 हजार किमी हो गया है। चारधाम योजना में 11700 करोड़ की लागत से 889 किमी का निर्माण होगा। भारतमाला योजना के तहत 11400 करोड़ के काम हो रहे हैं। केंद्रीय सड़क निधि से उत्तराखण्ड को 580 करोड़ की राशि दी गई है।

उत्तराखण्ड में वाॅटर काॅरपस पर होगा काम- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नमामि गंगे व राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तराखण्ड में तेजी से कार्य हो रहा है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, घाट निर्माण व अन्य कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही देहरादून-मसूरी रोपवे का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। नीलकंठ, केदारनाथ, यमुनोत्री व मुक्तेश्वर में रोपवे निर्माण के लिये योजना बनाई जा रही है। इसके लिए वैप्कोस के अधिकारियों के साथ सचिव समिति की बैठक की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झाील में सी-प्लेन उतारने के लिए सर्वे किया जा चुका है। अधिकारियों को वाॅटर काॅरपस पर कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए सबका सहयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे ट्रस्ट को अपने वेतन से एक लाख रूपये देने की बात कही। विधायक सुरेश राठौर ने भी ट्रस्ट को 51 हजार रूपये देने की बात कही।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री डाॅ. सत्यपाल सिंह, हरिद्वार सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, डाॅ. हरक सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक आदेश चैहान, यतीश्वरानंद, सुरेश राठौर, संजय गुप्ता, प्रदीप बत्रा, ऋषिकेश मेयर अनीता मंमगई आदि उपस्थित थे।

शहीद की पत्नी ने ऐसे दी विदाई कि सब की आंखें भर आई

जम्मू के पुलवामा में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद देहरादून निवासी मेजर विभूति शंकर ढोंडियाल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह उनके निवास डंगवाल मार्ग पर अंतिम दर्शन को रखा गया। शहीद की पत्नी निकिता, मां, दादी और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल। इस दौरान शहीद की पत्नी ने कहा जयहिंद। साथ ही पार्थिव शरीर को सैल्‍यूट किया। बोली आई लव यू विभू। पत्‍नी ने खुद शवयात्रा की अगुआई की। शहीद की पत्‍नी ने कहा कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, दुनिया में जो शहादत देते हैं, उनसे सीखना चाहिए। देश के लिए काम करने के बहुत सारे फील्ड हैं, ईमानदारी से काम करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अद्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई मंत्री, विधायक, सेना, शासन प्रशासन के आला अधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजल‍ि दी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा ये देश सदैव हमारे शहीदों का ऋणी रहेगा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान हजारों का जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। शहीद विभूति अमर रहे के नारे भी लग गए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गई।

सैन्‍य सम्‍मान के साथ किया गया अंतिम संस्‍कार

कश्मीर में शहीद उत्तराखंड के मेजर विभूति शंकर धौंडियाल का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के चाचा जगदीश प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, मेजर धौंडियाल अमर रहे के नारे लगते रहे। इस दौरान शहीद मेजर के ससुर एमके कॉल, साले मनीष कॉल और सुशांत कॉल, बुआ कुसुम सकलानी और रेखा बहुगुणा मौजूद रहे। इससे पूर्व बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर रघु श्रीनिवासन, सीडीओ विनीत तोमर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, महापौर अनीता शर्मा, मसूरी विधायक गणेश जोशी आदि ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सैल्यूट किया।

स्प्रिंग कार्निवाल से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा: मुख्यमंत्री

ऊधमसिंह नगर स्प्रिंग कार्निवाल के तहत रविवार को हरिपुरा बौर जलाशय में एक सादे समारोह में नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिताएं प्रारम्भ हुई। कार्यक्रम के शुरूआत में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुये जवानों व राजोरी में शहीद हुये मेजर चित्रेश बिष्ट की आत्मा की शान्ति हेतु दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा इस समय आतंकी हमले के कारण शोक का माहोल है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में बाहरी राज्यों से भी छात्र-छात्राएं भी प्रतिभाग कर रहे हैं, उनकी हौशला अफजाई हेतु वे यहां आये है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां साहसिक पर्यटन की अपार सम्भावनाये है।प्रदेश में पर्यटन की गतिविधियों को बढाने के लिये 13 जिलों में 13 नए डेस्टिनेशन का विकास किया जा रहा है। इसी योजना के अन्तर्गत जल क्रीडाओं हेतु हरिपुरा बौर जलाशय को चिन्हित कर पर्यटन हेतु विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। टिहरी को भी वाटर स्पोर्टस के डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया गया है। प्रदेश में नैनीताल व मंसूरी का पर्यटन के क्षेत्र में पुराना इतिहास है। राज्य में नये पर्यटन स्थलों का विकास हो इस दिशा में पहल की जा रही है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विकास से प्रदेश के प्रति पर्यटकों का रूझान बढा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर जलाशयों का जनपद है, यहा वाटर स्पोर्टस की अपार सम्भावनाये है। हमारे पास प्रकृति की दी हुई अपार सम्पदा है, उनका उपयोग होना अब शुरू हुआ है। भविष्य में हरिपुरा बौर जलाशय साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में काफी उपयोगी होगा। उन्होने कहा कि हम सभी को नई सोच के साथ भविष्य की परिकल्पनाओं को साकार करना होगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि इस तरह के आयोजनो से इस क्षेत्र में जहां पर्यटकों को आवागमन बढेगा वही इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होने कहा जिला प्रशासन द्वारा नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता हेतु कम समय में सभी अवस्थापना सुविधा उपलब्ध करायी है।
जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने बताया जल क्रीडा प्रतियोगिता में रूची लेने वाले छात्र-छात्रओं को पूर्व में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया। इस नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता में चंडीगढ, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमांचल प्रदेश, झारखण्ड,इण्डियन आर्मी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, गोआ व जनपद उधमसिंह नगर की टीमों द्वारा भाग लिया गया।
इस अवसर पर खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सांसद बलराज पासी, मण्डलायुक्त राजीव रौतेला, भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव व एशियन खो-खो फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव मेहता, उत्तराखण्ड ओलम्पिक संघ के महासचिव डा. डीके सिंह, सिल्वर मेडल विजेता श्वेता सैलिंग, सीडीओ मयूर दीक्षित आदि उपस्थित थें।

जहरीली शराब कांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: बंसल

बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने आज भगवानपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर विगत दिनों जहरीली शराब के कारण मृत लोगो के परिजनों एवं घायलों से भेंट की। बंसल ने प्रभावित परिवारों से मिलकर आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बक्शा नही जायेगा। उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। राज्य सरकार ने प्रथमदृष्टया दोषी पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील है। श्री बंसल ने इस दौरान स्थानीय लोगो की समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

उत्तराखंड को डबल इंजन का भरपूर फायदा मिल रहा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौसम खराब होने की वजह से रूद्रपुर में आयोजित जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने जनता से क्षमा मांगते हुए कहा कि मैं उत्तराखण्ड तो पहुंचा लेकिन मौसम की खराबी की वजह से रूद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये विशाल जनसमूह का उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कुमाऊंनी भाषा में अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि वो जब भी देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बाबा केदार, योग और आध्यात्म, शौर्य और वीरता, मां गंगा, आदिगुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली उत्तराखंड आने को अपना सौभाग्य बताया। आज एक बार फिर से इस धरती पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए रुद्रपुर का बड़ा महत्व है। यहां औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है, तो यह क्षेत्र किसानों का हब भी कहा जाता है। सिडकुल की स्थापना के बाद रूद्रपुर की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात कि बेहद खुशी है कि चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को निभाने का उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने अपनी बात का दोहराते हुए कहा कि ये राज्य अटल जी की देन है और हमारी सरकार इसे संवारने की भरसक कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से लेकर किसानों, युवाओं और महिलाओं की प्रॉस्पैरिटी के लिए पिछले साढ़े चार साल में उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कई पहल की हैं। अब उत्तराखण्ड में साल के 12 महीने चार धाम यात्रा के श्रद्धालु आ सकते हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में खुशहाली भी ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4000 होटल कर्मियों और 1000 टूरिस्ट गाइडों का स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा। यानि 5 हजार युवा स्किल होकर रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल नेटवर्क बहुत सीमित है, लेकिन केन्द्र सरकार में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड को तीन गुना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बन जाने से न केवल चारधाम की यात्रा आसान होगी, बल्कि पहाड़ों पर भी रेल चलाने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा डोईवाला-गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों को जोड़ने के लिए नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी मजबूत हो, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के अन्य स्थानों से सीधे कनेक्ट हो सकें और यह सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है इसलिए भारतमाला योजना के तहत 628 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बिछाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिना की भावना के साथ हमने देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को साल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। आज देशभर में इस योजना से 12 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 5 लाख 37 हजार परिवार इस योजना के दायरे में हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा एक कदम आगे बढा़ते हुए इस योजना को और भी ज्यादा व्यापक रूप दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से उत्तराखंड के समस्त परिवारों को आरोग्य प्रदान करने का बीड़ा उठाया स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह क्रांतिकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करते हुए एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति का जन्म हुआ है। कामकाज का बेहतर पारदर्शी माहौल बना है, टॉप से लेकर बॉटम तक अधिकारियों की परफॉरमेंस और क्विक डिलीवरी की जिम्मेदारी तय हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले करीब दो साल में त्रिवेंद्र रावत जी एक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार देने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में समेकित सहकारिता विकास योजना की शुरुआत से छोटे मंझोले किसानों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े कास्तकारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। 3340 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को नया आयाम मिला है। उत्तराखंड में पलायन और रोजगार बड़ी समस्याएं रही हैं। इस योजना के बाद राज्य के 55 हजार युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। करीब 50 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की जिस व्यवस्था की बात हम करते हैं, वो आदर्श व्यवस्था इस योजना में लागू होगी। कास्तकारों को व्यवसाय शुरू करने या क्लस्टर खेती करने के लिए ऋण मिलेगा, उत्तम बीज मिलेगा, खाद मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटी-छोटी जोत के किसानों के साथ ही बंजर भूमि पर क्लस्टर बनाकर सामूहिक खेती की जाएगी। सहकारी समितियां और मंडिया किसानों के उत्पादों की सीधी खरीद करेंगी। इस तरह योजना से जुड़े लोगों को उचित बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धान की ऑनलाइन खरीद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पैसा सीधे किसानों के खाते में गया है। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहल की और पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करवाया। पर्यटन के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कदम उत्तराखंड सरकार ने उठाए हैं, उससे आने वाले समय में इस राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्र के सहयोग से पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध बनाया जा रहा है। इस बाँध से 5000 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर के तराई क्षेत्रों को न सिर्फ पीने के साफ पानी की सप्लाई होगी बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल काॅपरेटिव डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने समेकित सहकारी विकास परियोजना की पहली किश्त का 100 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण भी वितरित किया। सितारगंज के गुरूबख्श सिंह, खिर्सू (पौडी) के हरिकिशन व मुन्स्यारी के जसवंत सिंह को एक-एक लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया, जबकि शबनम व नई दिशा महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योेजना के तहत प्रदेश के 02 लाख कृषको को 1100 करोड रूपये के अल्पकालीन/फसली ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अधिक से अधिक महिला समूहो को भी लाभावन्वित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत सहकारी सदस्यो को 01 लाख तथा स्वयं सहायता समूहो को ब्याजरहित ऋण दिया जायेगा। 2022 तक किसानो की आय दुगनी करने के प्रधानमंत्रीजी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेश मे दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की गई थी, इस योजना के तहत 01 लाख 62 हजार 750 लघु एवं सीमांत कृषको को 807 करोड का ऋण मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हमेशा किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा है। इसलिए पहली बार 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बीज से लेकर बाजार तक की आदर्श व्यवस्था लागू की है। किसानों की इनपुट कॉस्ट कम करने और उन्हें इनकम सपोर्ट देने के लिए 2 हेक्टेयर तक या उससे कम जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की निश्चित राशि देने की योजना शुरू की है। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि उत्तराखंड के करीब 92 फीसदी किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा जमरानी बाँध के सभी बिन्दुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जाँच के बाद जमरानी बाँध के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गयी है। 9 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चैड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल पेयजल योजना का भी तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अध्ययन कर लिया गया है। आशा है कि शीघ्र ही इस योजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से नैनी झील के जलस्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। नैनी झील के रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी 20 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। 200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से सैद्धान्तिक मंजूरी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि मसूरी में ग्रीष्मकाल में पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाने से पानी की समस्या बढ़ जाती है, इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद मसूरी क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। केन्द्र द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिलने से इस योजना के निर्माण के लिए शीघ्र ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल एवं आदि उपस्थित थे।

देहरादून में स्थापित होगी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

युवाओं खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं के लिए के लिए खुशखबरी है जो कि विधि के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। प्रदेश को क्वालिटी एजुकेशन हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष स्नेह है। इससे पूर्व डोईवाला में सीपैट की न केवल स्थापना की जा चुकी है बल्कि उसमें कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। किच्छा व लालढांग में दो नए माॅडल डिग्री काॅलेज व पौड़ी के पैठानी में व्यावसायिक काॅलेज के लिए तो भूमि चयन के साथ बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने रूसा के तहत इनका रिमोट के माध्यम से शिलान्यास भी किया था।
इस समय देश में 21 नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी हैं जिनमें क्लेट के माध्यम से प्रवेश होते हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, क्वालिटी व रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। देहरादून के रानीपोखरी में लगभग 10 एकड़ भूमि में इसकी स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी की स्थापना से प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं यहां आएंगे। इससे यूनिवर्सिटी के निकटवर्ती क्षेत्रों की आर्थिकी को भी फायदा होगा। प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड को एजुकेशन व टूरिज्म हब बनाना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की डबल रफ्तार देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी की गरिमा के अनुरूप पुनर्निर्माण किया गया है। चार धाम आॅल वेदर रोड़ पर तेजी से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन पर भी समयबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है।

कुमाऊं में तीसरी बार रैली को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

14 फरवरी को रूद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा व अन्य कार्यक्रमो के सफल आयोजन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर विधिवत भूमि पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने रैली व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर में प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी रैली ऐतिहासिक व अभूतपूर्व होगी। प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन को देखते हुये पूरे प्रदेश मेे जोश है। रैली में कुमांऊ मण्डल के साथ-साथ गढवाल मण्डल के लोग भी बड़ी संख्या में भाग लेगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को अनेक प्रकार के सौगात मिली है। नैनीताल के लिये पेयजल हेतु नई डीपीआर बनायी जा रही है साथ ही मंसूरी में भी पेयजल योजना हेतु शीघ्र स्वीकृृति मिल जायेगी। जौलीग्राण्ट से गुहाटी के लिये विमान सेवा शुरू कर दी गयी है। बहुप्रतिक्षित जमरानी बांध परियोजना को केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति ने मंजूरी दे दी है। यह बहुद्देशीय परियोजना है, हमें उम्मीद है कि इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जायेगा। उन्होने कहा जमरानी बांध के बन जाने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड को सिचांई व पेयजल का लाभ मिलने के साथ ही बिजली भी मिलेगी।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिला अध्यक्ष शिव अरोरा, क्षेत्रीय विधायक द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा0 धनसिंह रावत, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, गजराज बिष्ट, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दानसिंह रावत, आयुक्त कुमांऊ राजीव रौतेला, डीआइजी अशोक कुमार, जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल, एसएसपी वरिन्दरजीत सिंह, एडीएम जगदीश चन्द्र काण्डपाल आदि उपस्थित थे।