मुख्यमंत्री ने अलकनंदा पावर प्रोजेक्ट की समीक्षा की

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में अलकनंदा जल विद्युत परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देश दिए कि क्षेत्र के लोगों को जलापूर्ति हेतु परियोजना का शेष कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निदेशक जीवीके को निर्देश दिए कि परियोजना को फरवरी माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अलकनंदा नदी के आसपास के क्षेत्र के लोगों का एकमात्र जल स्रोत अलकनंदा नदी है। इसके लिए जल संस्थान, पेयजल निगम, जीवीके पावर आदि सम्बंधित विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित कर न्यूनतम जलापूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में रोशनी सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावितों के बकाया भुगतान में शीघ्रता की जाए।
इस अवसर पर राज्य मंत्री धन सिंह रावत, विधायक विनोद कंडारी, सचिव पेयजल अरविन्द ह्यांकी, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, निदेशक जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पीवी प्रसन्ना रेड्डी एवं महाप्रबंधक पेयजल निगम भजन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून सिटी टॉप-10 में शामिल

अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और खासतौर पर देहरादून में निवास करते हैं, तो आपके लिए खुशी का पल है। हाल ही में जागरन डॉट कॉम, KMPG और फेसबुक पर एक सर्वे किया गया है। इसमें लोगों से पूछा गया था कि सुरक्षा के लिए लिहाज से देश का सबसे सुरक्षित शहर कौन है? कौन सा ऐसा शहर है, जहां लोग खुद को महफूज महसूस करते हैं ? आपको जानकर खुश होगी कि देहरादून इस लिस्ट में पहले नंबर पर है।
सबसे खास बात ये है कि इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे महानगर टॉप-10 में जगह भी नहीं बना पाए। सुरक्षा के लिहाज से ये ब़ड़े शहर देहरादून के आगे बिल्कुल भी नहीं टिकते। एक वेबसाइट में बताया गया है कि ये सर्वे कुल मिलाकर 14 हजार लोगों पर किया गया है। हालांकि इस लिस्ट में इंदौर पहले नंबर पर है लेकिन वो सिर्फ रहने के लिहाज से पहले नंबर पर है।

जहां तक सुरक्षा की बात करें, तो देहरादून पहले नंबर पर बना हुआ है। देशभर में रहने के लिहाज से देहरादून तीसरे नंबर पर है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से पहले नंबर पर है। ये हैं देश के 10 टॉप टेन शहर।
1- इंदौर
2- लखनऊ
3- देहरादून
4- वाराणसी
5- रायपुर
6-रांची
7- मेरठ
8-लुधियाना
9- पटना
10- कानपुर
सुरक्षा के लिहाज से देहरादून देशभर में पहले नंबर पर बना हुआ है। इसलिए अगर आप देहरादून से हैं, तो आपके लिए इससे गर्व का मौका कोई हो नहीं सकता। इससे पहले NCRB यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का एक सर्वे आया था, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड में अपराध सबसे कम हैं और ये राज्य देश का सबसे सुरक्षित राज्य है।

उधम सिंह नगर में कार्निवाल का होगा आयोजन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में ऊधमसिंह नगर कार्निवाल के ‘‘लोगो‘‘ एवं वेबसाईट लाॅच की। 16 से 20 फरवरी 2019 तक आयोजित होने वाले इस कार्निवाल में एडवेंचर, कल्चरल एवं बिजनेस प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों में युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए। इससे युवा शक्ति को सकारात्मक राह भी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा मे कई कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं। हमारा प्रयास युवाओं में अधिक से अधिक स्वरोजगार के प्रति जागरूकता लाने का हैं। इस दिशा में विभिन्न जनपदों में आयोजित होने वाले कार्निवाल जैसे आयोजन काफी मददगार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोक संस्कृति व लोक कला को भी पहचान दिलाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर नीरज खैरवाल ने कहा कि जनपद में छिपी हुई प्रतिभाओ को आगे बढाने व उन्हें इस दिशा में मंच प्रदान करने के उद्देश्य से उधम सिंह नगर कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर कार्निवाल में वाॅलीवुड नाईट, कव्वाली, कवि सम्मेलन, सूफी नाईट, फोटोग्राफी, वाॅल पेंटिग, ड्राईग, कूकिंग के साथ-साथ हरिपुरा बौर जलाशय मे वाटर स्पोर्टस सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। रूद्रपुर स्टेडियम को कार्निवाल विलेज बनाया गया है।

“बालिका पंचायत” में मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद किया

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत किसान भवन देहरादून में आयोजित समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘‘बालिका पंचायत‘‘ में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बालिका पंचायत के माध्यम से बच्चों को सामूहिक रूप से रहने का अवसर प्राप्त हुआ है यह अपने आसपास के लोगों को और समाज को समझने का अच्छा अवसर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस बालिका पंचायत में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के मध्य एक स्मृति प्रतियोगिता एवं इस दौरान अपने संस्मरण लिखने की प्रतियोगिता करवाई जाएगी, जिसके विजेता को मुख्यमंत्री द्वारा 1000 पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाएगा, साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं से प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के टाॅप-10 छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर वाघा बाॅर्डर सहित अन्य ऐसे संस्थानों का भ्रमण कराया जाए, जहाँ का भ्रमण कर हमारी युवा पीढ़ी कुछ सीख सके। भ्रमण के लिए स्थानों का चयन बहुत सोच-समझ कर किया जाए ताकि बच्चे ऐसी जगह जा सकें, जहाँ उन्हें सीखने को मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता क्वालिटी एजुकेशन की है। इसके साथ ही हर जिला मुख्यालय में एक ऐसी लाईब्रेरी होनी चाहिए जहां उत्तराखण्ड का साहित्य हो। इससे उन लोगों को सहायता मिलेगी, जो लोग उत्तराखण्ड के साहित्य और इतिहास को जानना-समझना चाहते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मोबाईल स्मार्ट क्लास और मोबाईल लैब का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मोबाईल स्मार्ट क्लास और मोबाईल वैन का विस्तार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग सुपर-100 छात्र-छात्राओं को आने वाली परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव शिक्षा डाॅ. भूपिन्दर कौर औलख सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की डोईवाला विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के साथ ही संचालित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने विकास कार्यों को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून एस मुरूगेशन को निर्देश दिये कि डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर इसके लिये यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो तो उसका विवरण उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों के प्रति सन्तोष व्यक्त करते हुए कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण करने पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सड़कों के विकास के लिए 23 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करते हुए सड़कों के निर्माण व पुनर्निमाण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी के दवाब को कम करने के लिये सड़कों के चैडीकरण करने पर ध्यान देते हुए सड़के जल्दी खराब न हो इस पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने थानो-भोगपुर के मध्य पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाने के साथ ही रायपुर नथवावाला डोईवाला व मियावाला, गूलरघाटी के लिये अतिरिक्त मार्गों पर भी ध्यान देने को कहा। डोईवाला क्षेत्र में लोक निर्माण द्वारा 94 कार्य स्वीकृत है। जिसमें से 68 पूर्ण हो चुके है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मियावाला तिराहे पर अण्डरपास बनाये जाने, जोगीवाला चैराहे का चैडीकरण तथा डोईवाला बाजार में लगने वाले जाम की समस्या का समाधान करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को सूर्यधार झील के शीघ्र निर्माण के निर्देश देते हुए क्षेत्र में इस प्रकार की अन्य झीलो की सम्भावनायें तलाशने को कहा। उन्होंने नहरों के सौन्दर्यीकरण के साथ इनके किनारों पर सड़क निर्माण के साथ ही पैदल पथ भी निर्मित करने को कहा। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रानीपुर में बिजलीघर के निर्माण में तेजी लाने तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित उज्ज्वला योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा इसमें 2.50 लाख की सालाना आय वाले परिवार लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान हर्रावाला में बनने वाले 300 बेड के अस्पताल का फरवरी के प्रथम सप्ताह में शिलान्यास कराने के निर्देश दिये। थानों अस्पताल में एम्स द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की भी उन्होंने समीक्षा की तथा निर्देश दिये कि डोईवाला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिये जाने के बाद की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने जल निगम तथा जल संस्थान को भी आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा ताकि लोगों को गर्मी के दौरान पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेलों के निर्माण में भूजल की क्षमता का भी आकलन किया जाय। उन्होंने स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश देते हुए इसे नीड बेस कार्यक्रम बनाने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालन, खाद्यान आपूर्ति, सामाजिक पेशंन, उरेडा के माध्यम से सोलर लाइट लगाये जाने, बाढ़ नियंत्रण आदि से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

आशाओं की हुई मांग पूरी, वेतन में ₹1000 की वृद्धि

आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में एक हजार रूपये की वृद्धि की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बागेश्वर ने गरूड़ में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के शुभारम्भ के अवसर पर यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आशा कार्यकत्रियों को वर्ष 2012-13 से रूकी हुई वार्षिक प्रोत्साहन धनराशि हेतु 33 करोड़ रूपये जारी किये गये। वर्ष 2012 से आशा कार्यकत्रियों को 5 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की गयी थी, जिसका कभी भी नियमित रूप से भुगतान नहीं हो पाया। आशा कार्यकत्रियों द्वारा इसकी लगातार मांग की जा रही थी। आशा कार्यकत्रियों की मांग का संज्ञान लेते हुए लम्बित पूर्ण 33 करोड़ की धनराशि जारी की गयी। इससे प्रदेश की 12 हजार आशा कार्यकत्रियों को फायदा हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जनपद की लगभग 65 करोड़ से निर्मित विभिन्न 36 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर में अटल आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया तथा लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये। उन्होंने कहा कि सभी लोग जल्द से जल्द इस योजना के अन्र्तगत अपना कार्ड बनवायें। जिसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि कुछ लोगों द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना के बंद होने की अफवाह फैलाई जा रही है जो बिलकुल निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत बीपीएल एवं अन्त्योदय परिवारों को सम्मिलित किया गया था।

राज्य के सभी परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसके लिये प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना शुरू की गयी। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। एक माह में तीन हजार से अधिक लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध अस्पतालों द्वारा भी उत्तराखण्ड सरकार से एमओयू हेतु प्रस्ताव किये जा रहे है जिनमें वेदान्ता अस्पताल दिल्ली भी शामिल है।
बागेश्वर की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा चलाई गयी आयुष्मान भारत योजना के वास्तविक लक्ष्यों को पाने हेतु राज्य में मुख्यमंत्री द्वारा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का शुभारम्भ किया गया है। जिससे प्रत्येक लाभार्थी चयनित अस्पतालों में अपना एवं अपने परिवार का निःशुल्क उपचार करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा में जोड़ना है जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक चन्दन राम दास, विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू आदि उपस्थित थे।

26 नई एंबुलेंस शामिल हुई 108 सेवा के बेड़े में

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सा विज्ञान केंद्र में 108-आपातकालीन एम्बुलेंस की 26 एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए 2 करोड़ की लागत के उपकरणों का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए 108-एम्बुलेंस सेवा जीवन दायिनी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान करते हुए नवंबर माह में 61 बी.एल.एस. एम्बुलेंस वाहनों को पुरानी एम्बुलेंस से प्रतिस्थापित किया गया था, आज 26 अन्य एम्बुलेंस वाहनों को प्रतिस्थापित किया गया है। इस प्रकार कुल 87 बी.एल.एस. एम्बुलेंस को प्रतिस्थापित कर दिया गया है। शीघ्र ही नई 34 बी.एल.एस. एम्बुलेंस और 16 ए.एल.एस. एम्बुलेंस राज्य की जनता के सेवार्थ उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जो आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा रु0 2.00 करोड़ की लागत के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका आज लोकार्पण किया गया।

स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका: टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को थानों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आजादी के आन्दोलन में प्रतिभाग करने वाले 12 सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि सिंह सोलंकी, किशन सिंह, भूरिया सिंह, बुद्वि प्रकाश, पंचम सिंह कृषाली, देव नारायण, सैनपाल सिंह भिडोला, पदम सिंह सौलंकी, सूरत सिंह चैहान, गौरीश वर्मा, बांकेलाल गर्ग, मदन सिंह रावत के आश्रित शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। जिन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान एवं योगदान हमारी नई पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगी और देश की रक्षा के लिए हमें जब भी जरूरत पड़ेगी इन स्वतंत्रता संग्राम सैनानियो के साहस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रा संग्राम सैनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए थानों में पानी की टंकी एवं विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि थानों एवं रायपुर अस्पताल को एम्स को दिया है। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इन अस्पतालों में सेवाएं शुरू करने के लिए एम्स ऋषिकेश को प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स में जल्द ही दो सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, जो मरीजों को स्वास्थ्य सम्बधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास से संबधित प्रमुख कार्यों बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाए, उनका जल्द समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा बच्चा अस्पताल खोला जायेगा। जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया है, उनके परिजनों की समस्याओं का निराकरण करना हम सबका दायित्व है। विधान सभा अध्यक्ष ने वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हे साहस एवं पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अपने इन वीर सेनानियों का सम्मान करना भी हम सबका दायित्व है, इन वीर सैनानियों के सिद्वांत एवं कर्तव्य निष्ठा सदैव हमें प्ररेणादायी रहेगी।

अब घर बैठे दर्ज कराएं निगम में शिकायत

अब नगर निगम ऋषिकेश में निवास कर रहे लोगों को अपनी शिकायत के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नगर निगम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003135292 जारी किया। इसके लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

गुरुवार को मेयर अनिता ममगाईं ने टोल फ्री नंबर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस टोल फ्री नंबर पर निशुल्क कॉल किया जा सकेगा। इस नंबर पर कॉल करते ही पांच विकल्प कॉलर को दिए जाएंगे। इस पर कॉलर अपनी शिकायत किसी विभाग के विरुद्घ है, के चुनने का ऑप्शन बताएगा। इसके बाद कॉल को संबंधित विभाग पर ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद समस्या का निदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नई सुविधा से लैस होने के बाद प्रदेश में ऋषिकेश पहला नगर निगम हो गया है जहां टोलफ्री नंबर पर समस्याएं दर्ज करवाई जा सकेंगी।

इन अधिकारियों से कर सकेंगे शिकायत

मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर अपनी ‌शिकायत निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण, कर अ‌धीक्षक निशात अंसारी, पथ प्रकाश विभाग में ‌ललित नौटियाल, जन्म व मृत्यु पंजीकरण विभाग से विनोद कुमार त्यागी तथा सफाई निरीक्षक सचिन रावत से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर टोल फ्री नंबर पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही अपनी शिकायत दर्ज करा पाएगा। साथ ही कॉलर अपनी शिकायत मैसेज ड्राप बॉक्स में भी छोड़ सकेगा।

गोयल के ठिकानों पर आयकर की छापेमारी

भाजपा नेता अनिल गोयल के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को छापेमारी अभियान चलाया। देर रात तक चली इस कार्रवाई में आयकर विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर आय-व्यय के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। भाजपा नेता के देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, यमुना नगर और दिल्ली के आवासीय, व्यापारिक व शैक्षणिक समेत 13 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इसके साथ ही इनसे जुड़े दो पदाधिकारियों के लोगों के आवास और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है।

सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार के निर्देश पर तीन दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की टीम ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई देहरादून स्थित अनिल गोयल परिवार के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय वाली गली स्थित आवास, गांधी रोड पर क्वॉलिटी हार्डवेयर, राजपुर रोड स्थित उमंग साड़ीज, एलेक्सिया पैनल, रुड़की स्थित क्वांटम यूनिवर्सिटी, पंजाब प्लाईवुड इंडस्ट्रीज (यमुना नगर) पर की गई। इसमें अनिल गोयल के भाई सुनील गोयल के ठिकाने भी शामिल हैं। इसके अलावा क्वांटम यूनिवर्सिटी से जुड़े एलएमडी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी नरेश गर्ग व शशि गर्ग के ठिकानों पर भी आयकर अधिकारियों ने तमाम दस्तावेज खंगाले। इसके अलावा गोयल परिवार के दिल्ली स्थित कुछ ठिकानों पर भी छापा मारा गया। आयकर विभाग के प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जो दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है।