टिहरी जनपद में हुआ जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव का शुभारंभ

उत्तराखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023 के तहत आज कैनिनेट व प्रभारी मंत्री टिहरी प्रेम चंद अग्रवाल द्वारा जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव का विधिवत् दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया।

गंगा रिजॉर्ट (जी.एम.वी.एन.) मुनि की रेती, टिहरी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि आज उद्यमी उत्तराखण्ड में निवेश करने में उत्साह दिखा रहे हैं और इसका बड़ा आधार यहां का वातावरण, सौन्दर्यीकरण के साथ ही शांति एवं कानून व्यवस्था, ट्रांसपोर्टेशन, विद्युत, रेलवे लाइन, उड़ान सेवा आदि हैं, जो उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है। कहा कि उत्तराखण्ड में लंेड बैंक हेतु 600 एकड़ भूमि निकाली गई है। इसके साथ ही सिंगल विंडों सिस्टम पर जनपद एवं राज्य स्तर पर कार्य हो रहा है, जिसमंे सभी का सहयोग जरूरी है।
उन्होनंे कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है, उन्होंने बाबा केदारनाथ की धरती से कहा कि अगला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और मा. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लगातार इस हेतु प्रयासरत है। इस साल चारधाम यात्रा में रिकार्ड तोड़ 56 लाख श्रद्धालु पहुंचे। जनपद प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं, टिहरी झील विश्व के लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र रहा है, जिसमें हाल ही में ‘‘टिहरी एक्रो फेस्टिवल‘‘ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही जनपद में जी-20 की दो अर्न्तराष्ट्रीय बैठकें सम्पन्न हुई हैं तथा उद्यमियों के लिए निवेश करने हेतु यह अनुकूल जिला है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को गम्भीरता से लेते हुए समाधान की ओर बढ़ेगें।

विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने कहा कि देश-प्रदेश को आगे बढ़ाने में ग्राम इकाई को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों के उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों को भ्रमण करवाने तथा नई पीढ़ि को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक आस्थान स्थापना के नियमों में सरलीकरण हेतु सरकार प्रयासरत है। उनके द्वारा निवेशकों को जनपद में निवेश करने हेतु आमंत्रित किया गया।

इससे पूर्व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जनपद में उद्यमियों द्वारा निवेश को लेकर बैठक एवं एमओयू की प्रक्रिया चल रह है। उद्यमी जनपद में निवेश करने हेतु काफी उत्साहित है तथा जनपद में निवेश हेतु लक्ष्य के सापेक्ष दोगुने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव में 85 से अधिक कंपनी निवेशकों से 11 सौ करोड़ से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 75 करोड़ से अधिक के 03 कंपनियों के 560 करोड़ के प्रस्ताव एमओयू हेतु शासन को भेजे जायेंगे तथा शेष प्रस्तावों पऱ निवेशकों द्वारा हामी भरते हुए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ये कंपनियां जिला उद्योग केंद्र, पर्यटन और नवीनीकरण ऊर्जा में पंजीकृत हैं। कहा कि उद्यमियों से प्राप्त समस्याओं/ सुझाव को गम्भीरता से लेते हुए समाधान किया जायेगा। जनपद में सोलर पॉवर प्रोजेक्ट अधिक है, जिससे बिजली उत्पादन अधिक है, सड़क कनेक्टीविटी, बिजली, कानून व्यवस्था आदि निवेशकों के लिए अनुकूल है।

इस मौके पर पर्यावरणविद् विनोद जुगलान, भारतीय ग्राम उत्थान संस्थान अनिल चंदोला, अध्यक्ष उद्योग एसोसिएशसन संजय अग्रवाल, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन विजय बिष्ट द्वारा अपने-अपने विचार/सुझाव रखे गये। उन्होंनेे जनपद स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव के माध्यम से क्षेत्रीय स्टेक होल्डरों को जोड़ने के लिए सरकार की बेहत्तर मुहिम बताया गया। कहा कि इससे छोटी-छोटी समस्याओं/सुझावों का समाधान क्षेत्रीय स्तर पर ही हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं बने, उसमें पर्यावरण का ध्यान रखा जाये। सिंगल विंडो सिस्टम को मॉनिटरिंग करने तथा छोटी-छोटी कमियों को दूर करने की बात कही। उन्होंने नये उद्यमियों और छोटे उद्योग स्थापना के लिए नीति-नियमों में लचीलापन व त्वरित सहयोग के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस मौके पर अध्यक्ष नगरपालिका मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र एच.सी. हटवाल, डीटीडीओ अतुल भण्डारी, डीएचओ आर.एस.वर्मा सहित अन्य अधिकारीक, उद्यमी एवं होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

श्रमिकों के बाहर सकुशल निकलने पर कार्यकर्ताओं ने किया प्रभारी मंत्री का स्वागत

कैबिनेट व प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल के चिन्यालीसौड़ से लौटने पर चंबा (टिहरी गढ़वाल) में भाजपा कार्यकर्ताओं से उनका स्वागत कर श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने पर बधाई दी।

चंबा बाजार पर स्वागत के दौरान प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि सभी 41 श्रमिक सकुशल हैं उनके स्वास्थ्य बेहतर है। कहा कि श्रमिकों द्वारा 17 दिन तक धैर्य धारण करना हिम्मत की बात है, जिसके लिए श्रमिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही राज्य की पुष्कर सिंह धामी की सरकार को भी साधुवाद दिया।

प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं प्रभारी मंत्री होने के नाते उत्तरकाशी में ही कैंप किए हुए थे। प्रभारी मंत्री ने श्रमिकों से बातचीत के दौरान उनके 17 दिनों के अनुभव भी सांझा हुए। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर में वह तमाम साथी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने अपना-अपना योगदान श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने में दिया।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि श्रमिकों से देर रात्रि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ऑडियो के जरिए वार्ता की। प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री का विशेष आभार प्रकट किया।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष संदीप रावत व सुशील बहुगुणा, महामंत्री सुधीर बहुगुणा, विक्रम राणा, कुशालानंद रणकोटी, सभासद विक्रम चौहान, कृष्ण कोठारी, रानी नेगी, अनिता कोठारी, रविंद्र चौहान, वीरेंद्र सेमवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड बनाने को लेकर सीएम ने ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड बनाए जाने के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण के कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। पहले चरण में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र के चारों ओर की सड़क को विकसित किया जाए। उन्होंने पूरे क्षेत्र को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि आने वाले समय में टिहरी और देहरादून टनल के माध्यम से जुड़ जाएंगे, जिससे दिल्ली से टिहरी मात्र साढ़े तीन घंटे में पहुँच सकेंगे, इससे राज्य में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अधिक से अधिक विकसित कर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि इस रिंग रोड को तैयार करने हेतु तेजी से कार्य किया जाए। सड़क के आसपास अधिक से अधिक व्यू पॉइन्ट विकसित किए जाएं। उन्होंने रिंग रोड के किनारे अधिक से अधिक पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने रिंग रोड की शीघ्र फीजिबिलिटी स्टडी कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि भूमि अधिग्रहण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने रिंग रोड क्षेत्र में आने वाले गदेरों और नालों पर पुल बनाकर सड़क को छोटा रखे जाने के निर्देश भी दिये, पुलों के माध्यम से गदेरों और नालों के कारण पर्यटकों को झील से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला-2023ः पहाड़ी व्यंजनों की स्टॉल ने मोहा मन, सांस्कृतिक संध्या रही आकर्षक का केंद्र

दस दिवसीय राष्ट्रीय सरस आजीविका मेले का उद्धघाटन मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री/जनपद प्रभारी मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित अन्य गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्यों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया गया।

इस मौके पर वित्त, शहरी विकास एवं आवास मंत्री/जनपद प्रभारी मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेले का मतलब होता है एक दूसरे से मेल मिलाप। मा. प्रधानमंत्री जी का वोकल फॉर लोकल कहने का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। उनके द्वारा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने हेतु बाबा केदारनाथ धाम से यह भी कहा गया था कि चारधाम यात्रा पर जो भी श्रद्धालु आयें वे अपने खर्चे का 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर लगायें। कहा कि मेले में देश के विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है, सभी लोग कुछ न कुछ खरीदकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर उत्पादों को लाभ पहंुचाने की अपील की गई। प्रदेश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी भी इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री अग्रवाल ने देश-प्रदेश के पर शहादत देने वालों को नमन करते हुए कहा कि हमारा राज्य उत्तराखण्ड एक सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप मंे विकसित हो, इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है।

मेले की अध्यक्षता कर रहे वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को विकसित कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। कहा कि इनका वृहद् प्रचार-प्रसार जरूरी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनका लाभ उठा सकें तथा स्थानीय उत्पादकों को लाभ मिल सके। सरकार स्वयं सहायता समूहों को सब्सिडी देकर लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सके। कहा कि इको टूरिज्म के माध्यम से भी रोजगार चिन्ह्ति किये जा रहे हैं। कहा कि सरकार का उद्देश्य आजीविका को बढ़ाना है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अवगत कराया गया कि मेले में 19 राज्यों के 116 स्वयं सहायता समूह के लगभग 313 सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें उत्तराखंड से 81 स्वयं सहायता समूह के 243 सदस्य जबकि अन्य 18 राज्यों के 35 स्वयं सहायता समूह के लगभग 70 सदस्य तथा जनपद टिहरी के 18 स्वयं सहायता समूह के लगभग 53 सदस्य शामिल हैं।

इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत सोना सजवाण, विधायक प्रतापनगर विक्रम सिंह नेगी, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर राजेंद्र भंडारी, प्रतापनगर प्रदीप रमोला, अध्यक्ष नगरपालिका मुनिकी रेती रोशन रतूड़ी, अध्यक्ष नगर पंचायत गजा मीना खाती, सीडीओ मनीष कुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष मंडी परिषद विनोद कुकरेती, एडीएम के.के. मिश्र, डीडीओ सुनील कुमार सहित अन्य गणमान्य, जनप्रतिनिधि, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, सांस्कृतिक दल, महिला/युवक मंगल दल, स्वयं सहायता समूह, स्कूली बच्चे एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

मंत्री अग्रवाल ने खाराश्रोत में घरों में आए मलबे को जल्द हटाने के दिए निर्देश

कैबिनेट व प्रभारी मंत्री टिहरी डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने खाराश्रोत में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने मौके से ही जिलाधिकारी टिहरी को दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक निर्देश दिए।

खाराश्रोत पहुंचने पर डा. अग्रवाल ने स्थानीय लोगों से वार्ता की। डा. अग्रवाल ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है, सर्वप्रथम लोगों को अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर भेजने के साथ ही भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके बाद घरों के भीतर आए मलबे को हटाने में स्थानीय प्रशासन और तमाम विभाग जुटे हुए हैं।

डा. अग्रवाल ने मौके से ही जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने के बाद स्थानीय प्रशासन यहां लोगों के घरों में हुए नुकसान का सही आंकलन करें। पीड़ित परिवार कोई भी न छुट पाए, इसका ध्यान रखें। नुकसान की जानकारी आने पर पीड़ितों को उचित मुआवजा भी दिया जाए।

इस मौके पर एसडीएम नरेंद्र नगर देवेंद्र नेगी, अधिशासी अधिकारी तनवीर मारवाह, पूर्व पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष इंदिरा आर्य, सभासद प्रतिनिधि रोहित गोडियाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप शर्मा, पूर्व सभासद मनीष कुकरेती, पूर्व सभासद अनुराग पयाल, लेखपाल निधि, सागर खेलवाल, रजत, विनोद चौहान, शुभम शर्मा, अनिरूद्ध शर्मा, चेतन कपरूवान आदि उपस्थित रहे।

मसूरी के बाद अब टिहरी में भी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन

उत्तराखंड में मसूरी विंटर लाइन कार्निवल की तर्ज पर अब टिहरी में भी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आगराखाल व्यापार मंडल और न्यू विजन फाउंडेशन की पहल पर यहां 3 दिवसीय विंटर लाइन कार्निवाल का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार स्विट्जरलैंड की तरह टिहरी जिले के आगराखाल में भी साफ-साफ विंटर लाइन दिखाई देती है। ऐसे में आगराखाल व्यापार मंडल और न्यू विजन फाउंडेशन की पहल पर मसूरी की तर्ज पर यहां सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में तीन दिन का विंटर लाइन कार्निवल शुरू होगा।
बताया जा रहा है कि आयोजकों ने विंटर लाइन कार्निवल को हर साल आगराखाल थौल महोत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान यहां लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि कार्निवाल में पहाड़ी व्यंजन, पहाड़ी रहन-सहन और खान-पान को लेकर भी नई पीढ़ी को जागरुक किया जाएगा. साथ ही उत्तराखंड की संस्कृति और पारंपरिक रीति रिवाजों को भी लोगों के सामने रखा जाएगा। माना जा रहा है कि उत्तराखंड में पर्यटन सबसे बड़ा रोजगार का जरिया बन सकता है। आयोजकों ने विंटर लाइन कार्निवाल टिहरी डीएम मयूर दीक्षित से मिलकर भी सहयोग मांगा है, जिस पर टिहरी डीएम ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

घंटाकर्ण मंदिर में सीएम ने लिया आशीर्वाद, प्रदेश की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घण्टाकर्ण मंदिर गजा, टिहरी गढ़वाल पहुंचकर घण्टाकर्ण देवता के दर्शन एवं विधिवत् पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही समस्त देश एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत लागत धनराशि रुपए 60.90 लाख के विश्राम गृह निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वां श्री घंटाकर्ण महायज्ञ एवं धार्मिक सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग कर मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि घंटाकर्ण देवता की पवित्र भूमि पर दूसरी बार पहुंचने का मौका मिला है। कहा कि केदारखंड के 148वें अध्याय में इसकी पौराणिकता का वर्णन मिलता है। कहा कि सड़क से जुड़ने के बाद यह विश्व के प्रसिद्ध धामों में से एक धाम बनेगा। कहा कि आज सनातन संस्कृति का परचम चारों ओर लहरा रहा है। आयोध्या में भव्य राम मंदिर का पुर्नाेत्थान निर्माण कार्य हो रहा है। कहा कि गत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विदेशी धरती पर जिस तरह से सम्मान हुआ है, इससे हर भारतवासी गौरवान्वित हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गरीब परिवारों को एक वर्ष में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त में देने का कार्य धरातल पर उतारने में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। मातृशक्ति को सभी सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिये जाने का प्रावधान किया गया है। समान नागरिक संहिता कानून का ड्राफ्ट को पूरा करने का कार्य लगभग कर दिया है, ड्राफ्ट बनने के बाद इसे लागू किया जायेगा, जो पूरे हिंदुस्तान के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा। नई शिक्षा नीति लागू कर दी और खेल नीति भी बनाई गई है। नकल विरोधी कानून बनाया गया है। मानसखंड कॉरिडोर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत कुमांउ के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जायेगा। कहा कि राज्य सरकार ने एक वर्ष के कालखण्ड कई पड़ाव पूरे किये हैं, जिसके तहत प्रदेश की समस्या और चुनौतियों का हल और समाधान करने का काम किया है। कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट और नियत साफ है। प्रदेश और जनता का हित सर्वाेपरि है, किसी वर्ग का अहित न हो इसका संकल्प लिया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि डोगी से घण्टाकर्ण को सड़क से जोड़ने हेतु योजना बनायी जायेगी तथा घण्टाकर्ण मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा। इसके साथ ही खांकर-खत्याड मोटर मार्ग का नवनिर्माण कार्य, (लम्बाई 5 कि.मी.), दावडा-अंगरियाना मोटर मार्ग नवनिर्माण कार्य (लम्बाई 2 कि.मी.), कोल कोडारना मोटर मार्ग का डामरीकरण (लम्बाई 1.25 कि.मी.), पुर्वाला-ससमण मोटर मार्ग का कौडियाला तक विस्तार, नैचोली में एएनएम सेन्टर, शिवपुरी में पार्किंग का निर्माण, कुंजापुरी-बड़कोट मोटर मार्ग का डामरीकरण (लम्बाई 1.25 कि.मी.) को योजनाओं में सम्मिलित किया जायेगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जी-20 कार्यक्रमों की मेजबानी की जिम्मेदारी नरेन्द्रनगर क्षेत्र को दिये जाने पर केन्द्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया गया। कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो घोषणाएं की जाती हैं, उन्हें धरातल पर उतारा जाता है। कहा कि नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में की गई घोषणाओं में से अधिकतर घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा मीना खाती, पूर्व विधायक उत्तरकाशी विजय पाल सजवाण, अध्यक्ष मंडी समिति वीर सिंह रावत, अध्यक्ष मंदिर समिति अशोक बिजल्वाण, सीडीओ मनीष कुमार, एएसपी वी.डी. डोभाल, एसडीएम देवेन्द्र नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

विदेशी प्रतिनिधियों ने किया ओणी गांव की आंगनबाड़ी, पंचायत भवन आदि का भ्रमण

उत्तराखंड में दूसरी जी-20 एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप मीटिंग के नरेंद्र नगर टेहरी में समापन के पश्चात रविवार को 20 सदस्य देशों के 20 प्रतिनिधियों ने ऑणी गांव का भ्रमण किया।

ओणी गांव में विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत उत्तराखंड की पारंपरिक शैली में किया गया। ओंणी गांव आगमन पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं वाद्य यंत्र के कलाकारों द्वारा आत्मीयता से डेलीगेट्स का टीका लगाकर, तुलसी की माला पहनाकर तथा ढोल, दमाऊ, माशकबाज, रणसिंघा की प्रस्तुति देकर जोरदार स्वागत किया गया।

औणी गांव में विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव की आंगनबाड़ी केन्द्र, नरेंद्र नगर फॉरेस्ट डिविजन शिवपुरी रेंज द्वारा स्थापित इंटरप्रिटेशन सेंटर, पंचायत भवन, बर्तन बैंक, ग्रामीण बचत बैंक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, दुग्ध उत्पादन केंद्र, पॉलीहाउस तथा मिलेट सेंटर का भ्रमण किया।

इस दौरान विदेशी मेहमान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, ग्रामीण परिवेश, जीवन शैली, पारंपरिक लोक कला, जैविक खेती आदि से भी रूबरू हुए।

विदेशी प्रतिनिधियों ने आणी गांव के पंचायत भवन में ग्राम सभा की बैठक में भाग लिया तथा केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। विदेशी प्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों एवम गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित गतिविधियों को देखा तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
विदेशी प्रतिनिधियों ने नरेंद्र नगर डिवीजन के शिवपुरी रेंज द्वारा स्थापित इंटरप्रिटेशन सेंटर में वन विभाग तथा ग्रामीणों की बैठक में भाग लिया द्य बैठक में वन अधिकारी आणी गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम 2006 की जानकारी दे रहे थे तथा उनकी समस्याएं सुन रहे थे। यहां पर विदेशियों ने पौधारोपण भी किया। विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव में स्थापित बर्तन बैंक का भी निरीक्षण किया द्य इस बर्तन बैंक का उपयोग ग्रामीण बड़े निजी एवं सार्वजनिक आयोजनों में सहभागिता के आधार पर करते हैं। विदेशी प्रतिनिधियों ने औणी गांव के ग्रामीण बचत केंद्र का भी भ्रमण किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों के लिए संचालित विभिन्न ऋण एवं बचत योजनाओं की जानकारी ली। गांव के प्राथमिक विद्यालय में विदेशी प्रतिनिधियों ने स्कूली बच्चों से मुलाकात की तथा माध्यहन भोजन की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। विदेशी प्रतिनिधियों ने गांव में स्थापित मिलेट सेंटर में उत्तराखंड के स्थानीय अनाजों, गोट फार्मिंग, मत्स्य पालन तथा पारंपरिक चक्की आदि का अवलोकन किया। भ्रमण के बाद गांव मे ही विदेशी प्रतिनिधियों ने भोजन किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का अवलोकन किया। विदेशी प्रतिनिधियों को राज्य का स्थानीय भोजन परोसा गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बांसुरी वादक तिलक विश्वास तथा तबला मास्टर संतोष कुमार द्वारा किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा गढ़ वंदना, थाड्या, चोफला, संतूर वादन की प्रस्तुति दी गई।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत भुल्लर, सीडीओ मनीष कुमार. जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर राजेंद्र भंडारी, एडीएम के.के. मिश्र, डी डी ओ सुनील कुमार, एसडीएम देवेंद्र नेगी सहित नोडल अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।