चार धाम यात्रा के लिए समस्त निकाय जारी करेंगे हेल्पलाइन नंबर, मंत्री अग्रवाल ने दिए निर्देश

शहरी विकास निदेशालय के मीटिंग रूम में आज चारधाम यात्रा रूट पर आने वाली सभी नगर निकाय के अधिकारियों के साथ विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की गई। इस दौरान सभी मूलभूत समस्याओं जैसे चारधाम में आने वाले यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था, पार्किंग उपलब्ध कराने, शौचालयों की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट्स, निराश्रित पशुओं के लिए जमीन तलाशकर डीपीआर तैयार करने, श्रद्धालुओं के लिए हैल्पलाइन जारी करने आदि के निर्देश दिए। साथ ही पहाड़ में शहरी विकास निदेशालय द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट्स को पहाड़ी शैली में बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड की संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।

डॉ अग्रवाल जी ने सर्वप्रथम सभी निकायों से सफाई कर्मियों, स्वच्छ्ता, दवा छिड़काव, पार्किंग, रेन बसेरों, स्ट्रीट लाइट्स, निराश्रित पशुओं, क्यूआरटी टीम की स्थिति जानी। कहा कि इस वर्ष यात्रा के बहुत अच्छे संचालन होने की उम्मीद है। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर चौलेंज स्वीकार करें। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने तमाम जानकारी मिलने के बाद निम्न निर्देश अधिकारियों को दिए।

1- चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी निकाय आवश्यकतानुसार शौचालयों की संख्या बढ़ाये, साथ ही नियमित इनकी सफाई के लिए कर्मचारी नियुक्त हो।

2- सभी निकायों में प्रतिदिन तीन चरणों मे सफाई की व्यवस्था करें। साथ ही बरसात आदि को देखते हुए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव प्रतिदिन किया जाए। कीटनाशक दवाओं की मात्रा जिम्मेदार के समक्ष तय की जाए।

3- प्रत्येक निकाय अपने यहां स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था करें। कोई भी यात्री अंधकार में न रहे, इसको देखते हुए सोलर लाइट्स का इंतजाम अतिशीघ्र किया जाए।

4- यात्रा मार्ग पर पेयजल व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए जल संस्थान के साथ समन्वय बनाये।

5- सभी निकाय वाहन पार्किंग के लिए समीपवर्ती होटल, होम स्टे, आश्रम, महा विद्यालय, स्कूल परिसर का उपयोग करें। इसके लिए उनके साथ समन्वय बनाये। उन्होंने कहा कि इसका विशेष ध्यान रखा जाए कि पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी न हो, ऐसा होने पर शिकायत नंबर फ़्लैश करें।

6- चार धाम यात्रा के लिए सभी निकाय अपना हेल्पलाइन नंबर जारी करें, जिसमें अधिकारी अपना मोबाइल नंबर दे। साथ ही 24 घण्टे मोबाइल ऑन रहे। इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए।

7- प्लास्टिक को पूरी तरह से बंद करे। मंत्री जी ने अपनी मीटिंग में भी प्लास्टिक की पानी की बोतल को हटाने को कहा। कहा कि इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।

8- बैठक के दौरान गंगोत्री में गंगा किनारे प्लास्टिक रोकने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।

9- पहाड़ में शहरी विकास निदेशालय द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट्स को पहाड़ी शैली में बनाने के निर्देश दिए।

10- बैठक के दौरान निराश्रित पशुओं के लिए भूमि तलाश कर डीपीआर भेजने के लिए निर्देशित किया गया।

11- बैठक के दौरान विभागीय मंत्री डॉ अग्रवाल ने जोशीमठ नगर निकाय, बद्रीनाथ, केदारनाथ, कीर्तिनगर नगर निकाय के कार्यों की सराहना भी की।

बैठक में विभागीय सचिव दीपेंद्र चौधरी, निदेशक नवनीत पांडेय, अपर निदेशक अशोक पांडेय, अधीक्षण अभियंता रवि पांडेय, नगर आयुक्त हरिद्वार दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त ऋषिकेश राहुल गोयल, अधिशासी अधिकारी मुनिकीरेती तनवीर सिंह, तपोवन अनिल पंत, नरेंद्र नगर प्रीतम नेगी, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश रमेश रावत सहित यात्रा मार्ग के निकायों के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।

शहीद जवानों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचकर जम्मू कश्मीर में चल रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र में शहीद हुए चमोली निवासी लांस नायक रुचिन सिंह रावत एवं सिरमौर, हिमाचल प्रदेश निवासी शहीद प्रमोद नेगी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले हमारे शहीदों को यह देश हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार हर पल सैनिक परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार शहीद रुचिन सिंह रावत के परिजनों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने परिजनों से इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक बृजभूषण गैरोला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

25 लाख के करीब पहुंचने वाला है श्रद्धालुओं का पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 25 लाख पार पहुंचने वाला है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 8.65 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मौसम खराब होने से फिलहाल आठ मई तक केदारनाथ के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जिन यात्रियों ने पंजीकरण किया है, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।
सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। चारों धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई संख्या तय नहीं है। लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 22 फरवरी से अब तक चारधाम यात्रा के लिए 24.53 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 22 अप्रैल से 5 मई तक चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम का पंजीकरण रोका गया है। बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए नियमित रूप से पंजीकरण हो रहे हैं।

चारधाम के लिए पंजीकरण की स्थिति
धाम पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 864597
बदरीनाथ 725370
गंगोत्री 442372
यमुनोत्री 394896
हेमकुंड साहिब 25674

पीएम मोदी ने किया उत्तरकाशी सहित 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल प्रतिभाग किया। जिन 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया गया उनमें उत्तरकाशी में स्थापित एफएम ट्रांसमीटर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के पश्चात कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जिन 91 एफएम ट्रासंमीटरों का उद्घाटन किया गया, इससे करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ने में लोगों को आसानी होगी। कनेक्टिविटी को बढ़ाने का यह एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि इससे सोशल एवं कल्चरल कनेटिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सीमांत जनपद होने के नाते सीमांत क्षेत्र के लोगों को सुविधा होने के साथ ही एफएम ट्रासंमीटर की सुविधा होने से अब एक बड़े क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

ऋषिकेश एम्स में यूथ-20 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में युवा कार्यक्रम और खेल, मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत 5 मई, 2023 को एम्स, ऋषिकेश में आयोजित होने वाले यूथ-20, जो कि भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 सम्मेलन का हिस्सा है, की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान बताया गया कि यूथ-20 इण्डिया शिखर सम्मेलन में देश के सभी राज्यों सहित विश्वभर के युवा प्रतिभाग करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन उत्तराखण्ड में आयोजित हो रहा है। इसे देश और प्रदेश की छवि को दुनियाभर में प्रस्तुत करने का अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। उत्तराखण्ड एक पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुन्दरता को देश और विदेश तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों का स्वागत और रहने आदि की व्यवस्था उचित प्रकार से की जानी चाहिए। देश और विदेश से आने वाले सभी प्रतिभागियों को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों में हेल्प डेस्क उपलब्ध करायी जाए, ताकि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने पर्यटन, कृषि और उद्योग विभाग को कार्यक्रम के दौरान स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के समापन के बाद जब वे यहां से जाएं तो उनके मन में प्रदेश और यहां की कला एवं संस्कृति की एक अच्छी छवि जाए। चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश में कार्यक्रम आयोजित होने से प्रतिभागियों को जाम जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए विशेष प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने प्रतिभागियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव सी. रविशंकर, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित एम्स, ऋषिकेश के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आईटीबीपी के जवानों ने श्री बदरीनाथ धाम में चलाया स्वच्छता अभियान

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के आरम्भ के साथ ही आईटीबीपी द्वारा श्री बदरीनाथ धाम एवं इसके आस-पास स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। आईटीबीपी के जवानों द्वारा बद्रीनाथ मंदिर के निकट पहाड़ियों व जलस्रोतों को स्वच्छ रखने हेतु अभियान चलाया गया है। गुरूवार को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर आईटीबीपी के जवानों द्वारा श्री बदरीनाथ मंदिर के निकट दुर्गम पहाड़ी पर रैपलिंग करते हुए यात्रियों द्वारा फेंके गए कूड़े को हटाया गया। आईटीबीपी द्वारा यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा। प्रशासन ने भी आईटीबीपी के जवानों के इस स्वच्छता अभियान की प्रशंसा की। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को धामों व चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आईटीबीपी के जवानों को श्री बदरीनाथ धाम में स्वच्छता अभियान संचालित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गये बाबा केदार के कपाट

ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ मंगलवार को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिये गये हैं। श्री केदारनाथ में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। रावल भीमाशंकर लिंग तथा पुजारी शिवलिंग एवं धर्माचार्यों द्वारा पूजा अर्चना की गई। कपाट खुलते समय सेना के बैंड तथा भजन कीर्तन एवं जय श्री केदार के उद्घोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। सभी देश एवं प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की उन्होंने बाबा केदार से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मुख्य सेवक द्वारा आयोजित भंडारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। समाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं का भी यात्रा के लिए पूरा सहयोग मिल रहा है। पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर यात्रा व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर बाबा केदार के दर्शन लिए आयें, ताकि किसी को भी मौसम की वजह से कोई असुविधा न हो। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। 27 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जायेंगे।

इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला अध्यक्ष भाजपा सिंह महावीर पंवार, पूर्व अध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दिक्षित, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य कार्याधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह एवं श्रद्धालु मौजूद थे।

मालदेवता में सीएम ने आपदा प्रभावित भैसवाड़ा व छमरौली के 13 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरखेत (मालदेवता) प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य लाने के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आपदा प्रभावित भैंसवाड़ा एवं छमरौली के 13 परिवारों को राहत राशि के चेक भी वितरित किए। इन सभी परिवारों को 3-3 लाख रुपए प्रथम किस्त प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि क्यारा धनोल्टी मार्ग के अवशेष 04 किमी मोटर मार्ग का निर्माण जल्द किया जाएगा। मालदेवता के समीप लालपुला एस सिला-मोलधार- सुवाखोली मोटर मार्ग के निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई के लिए लगातार कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त में जब इस क्षेत्र में आपदा आई थी, उस समय जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य के लिए सराहनीय कार्य किया गया। हेलीकॉप्टर के पायलटों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान सरकार के साथ जन सहयोग बहुत जरूरी है। आपदा के दौरान सभी को किसी न किसी रूप में आगे आना होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत दीपक पुंडीर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वीर सिंह चौहान, अनुज कौशल, ग्राम प्रधान सरखेत नीलम कोटवाल उपस्थित थे।

पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम पहुँचे स्वास्थ्य सचिव, सभी स्वास्थ्य ईकाइयों का किया निरीक्षण

अक्षय तृतीया के अवसर पर आज गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किये हैं। इस बार तीर्थयात्रियो को यात्रा मार्ग पर पहले से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। राज्य सरकार का विशेष फोकस केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहत्तर बनाने पर रहा है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने सचिव डॉ आर राजेश कुमार पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंचे।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परख रहे हैं। इस कड़ी में स्वास्थ्य सचिव ने बदरीनाथ धाम के बाद आज केदारनाथ धाम तक की पैदल यात्रा कर जगह-जगह स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण कर रहे हैं। बीते रोज देर रात स्वास्थ्य सचिव रुद्रप्रयाग पहुंचे। जहां आज सुबह स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में पढ़ने वाले 10 मेडिकल रिलीफ प्वाइंट और दो पीएचसी का निरीक्षण कर तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर छौड़ी, चीरबासा, जंगल चट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, छोटी लिनचोली, बडी लिनचोली, छानी, रुद्रा पॉइन्ट, बेस कैम्प, केदारनाथ में मेडिकल रिलीफ प्वाइंट बनाये गये हैं।
केदारनाथ धाम पैदल यात्रा के पहले पड़ाव गौरीकुंड से पैदल शुरू हुआ सचिव स्वास्थ्य का काफिला दोपहर बाद केदारनाथ धाम में जाकर रूका। इस दौरान रास्ते में मौसम का बदला मिजाज भी देखने को मिला। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भारी बर्फ जमी हुई देखने को मिली। बर्फबारी के बावजूद हर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद नजर आई। स्वास्थ्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले प्रत्येक मेडिकल रिलीफ प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण कर दवाओं का स्टॉक, ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य सामान का स्टॉक जांचा। इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने टेली मेडिसन यूनिट का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा टेलीमेडिन सेवा स्वास्थ्य संबधी गंभीर परिस्थिति उत्पन्न होने पर यह यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके द्वारा किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह प्राप्त की जा सकती है। जिससे बीमारी का तुंरत उपचार शुरू हो सकेगा। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों को पूर्ण सेवाभाव और मनोयोग से यात्रियों की स्वास्थ्य जांच व सहयोग करने की अपील की। स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर संतुष्टि जाहिर की। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएमओ रूद्रप्रयाग डॉ बिमल गुसाईं, आईसीबीसीसी चमोली के अधिकारी श्री उदय सिहं रावत समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

10 एमआरपी, 2 सीएचसी, और 5 हैल्थ एटीएम हैं स्थापित
स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर इस बार सरकार का विशेष फोकस है। यहां 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गयी है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर दो पीएचसी सेटर भी स्थापित हैं। प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट में चिकित्सकों के साथ ही लगभग आधा दर्जन प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ तैनात किया गया है। वहीं दोनों सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सों के साथ ही एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पांच स्थानों पर हेल्थ एटीएम की स्वीकृति दी गई थी। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड और माधव चिकित्सालय नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम की स्थापना कर दी गई है। एक हेल्थ एटीएम की स्थापना केदारनाथ धाम से पहले बेस कैंप के एमआरपी में की जा रही है। हेल्थ एटीएम में ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा आदि की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पांचों हेल्थ एटीएम में कार्य करने वाले तकनीकि स्टॉप को बुधबार प्राथमिक) स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी में प्रशिक्षण दिया गया है।

डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की प्रयाप्त व्यवस्था
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार यात्रा मार्ग पर ऐसे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गयी है जो कि हृदय संबंधी रोगों के उपचार और निदान में पारंगत हों। उन्होंने कहा कि हम चारधाम यात्रा को पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित हैं। यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डाक्टर, स्टाफ, आक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गयी है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त होने पर खुशी जताई

प्रदेश के चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त किये जाने पर श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री धाम (हिमालय), उत्तरकाशी एवं समस्त रावल तीर्थ पुरोहितों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर आभार एवं कृतज्ञता प्रकट की।
अध्यक्ष श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री हिमालय रावल हरीश सेमवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित धन्यवाद पत्र के माध्यम से चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त करने पर श्री 5 मंदिर समिति एवं समस्त रावल तीर्थ पुराहित की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने मां गंगा से मुख्यमंत्री के यश कीर्ति में सतत वृद्धि की भी प्रार्थना की।