कांग्रेस प्रदेशभर में धरना देकर कर रही नौटंकी, अपना इतिहास देखेंः विपिन कैंथोला

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने कहा कि कांग्रेस का आज का प्रदेश भर में किया जा रहा प्रदर्शन महज एक धोखा और छलावा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस देश में सीधेतौर पर 55 साल तक राज किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए 55 सालों में कांग्रेस ने दलितों को केवल वोट बैंक के रूप में देखा और उनका उपयोग किया।
कैंथोला ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में दलितों के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं बनाई। नतीजा यह रहा कि दलित समाज हमेशा पिछड़ता चला गया। उनके उत्थान के लिए जो काम किए जाने चाहिए थे। कांग्रेस ने उनके उत्थान की योजनाएं बनाने के बजाय दलितों की हमेशा उपेक्षा की।
बिपिन कैंथोला ने कहा कि जो पार्टी अपने दल में ही दलितों को उचित स्थान नहीं देती हो। वह आज पूरे प्रदेश में दलितों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से छलावा करती आई और यही वजह है कि कांग्रेस को इस तरह के प्रदर्शनों का नैतिक अधिकार नहीं हैं।

सांई घाट पर पूजा करने पहुंची महिला गंगा की तेज धारा में बही

करवा चौथ पर तीर्थनगरी से बुरी खबर है। यहां के खतरनाक गंगा घाटों में से एक सांई घाट में करवा चौथ की पूजा करने पहुंची एक व्रती महिला डूब गई।
दरअसल शाम करीब साढ़े सात बजे करीब शांतिनगर जैन मंदिर के समीप रहने वाली महिला बाॅबी अपने पति के साथ सांई घाट पूजा की थाल लेकर पहुंची। गंगा में पति की दीर्घायु और मां के आशीर्वाद हेतु महिला अर्चना कर ही रही थी। तभी महिला का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गई। एकाएक महिला गंगा की धारा में बह गई। यह देख आसपास लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस सूचना पाकर पहुंची मगर, महिला का कुछ पता नहीं चल सका। चैकी इंचार्ज त्रिवेणी घाट उत्तम सिंह रमोला ने बताया कि सांई घाट पर आई महिला का अभी कुछ पता नहीं चल सका है।

केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मंदिर के नव निर्माण में मुंबई के दानी मनोज सोलंकी ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के संचालन से सम्बन्धित विषयों के साथ ही बोर्ड द्वारा तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें पुजारियों, न्यासी, तीर्थ पुरोहितो, पण्डो व हक हकूक धारियों के अधिकारों का विनिश्चय एवं संरक्षण से सम्बन्धित नियमावली भी शामिल है। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के लोगो (प्रतीक चिन्ह्) की डिजाइनों पर भी चर्चा हुई। जिनमें कतिपय संशोधन के पश्चात अन्तिम निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर एवं समीपवर्ती स्थलों के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में यात्रियों को दर्शन, यातायात एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए देवस्थानम बोर्ड को इसकी व्यवस्था सौंपे जाने पर विचार किया गया। बोर्ड के स्तर पर इससे सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने पर सहमति बनी। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकि एवं विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा। इसके साथ ही बैठक में तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मन्दिर एवं सभा मण्डप आदि के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी इसके लिये यू.एस.ए. के दानी पंकज कुमार द्वारा धनराशि व्यय करने की इच्छा जतायी है।
केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मन्दिर के नव निर्माण के लिये भी स्वीकृति प्रदान की गई इस मन्दिर के निर्माण के लिये मुम्बई के दानी मनोज सोलंकी ने इच्छा व्यक्त की है। श्री केदारनाथ मन्दिर के पूरब द्वार की मरम्मत पर भी सहमति बनी जिसके लिये धनराशि दानी हरियाणा के श्री यतिन घई ने दान की सहमति दी है।

बैठक में केदारनाथ मे रावल पुजारी आदि के कक्षों की मरम्मत भविष्य में ऊखीमठ मन्दिर के जीर्णोद्वार, बहुमूल्य पाण्डुलिपियों को डिजिटाइल किये जाने, कार्तिक स्वामी मन्दिर को देवस्थानम बोर्ड के अधीन लाये जाने तथा थैलीसैण्ड स्थित विन्देश्वर मन्दिर के जीर्णोद्वार किये जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड त्रिवेन्द्र ने यात्रा मार्गो सहित मन्दिर परिसरो में देवस्थानम बोर्ड के साइनेज होर्डिंग आदि लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ मन्दिरों के पुजारियों, पण्डों, पुरोहितों, वाद्य यंत्र वादको आदि का विवरण तैयार किया जाय ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग हमारी संस्कृति के संवाहक हैं।
उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शनार्थ आये हैं तथा 2 लाख द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया है, जबकि बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ तथा केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज, विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ0 हरीश गौड आदि उपस्थित थे।

गढ़वाल महासभा कार्यालय में लांच हुआ भक्तिगी नंदा नारेणी

अंतर्राष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के प्रदेश कार्यालय में नवरात्रि के मौके पर साहब आकांक्षा प्रोडक्शन हाउस का नया भक्ति गीत ’नंदा नारेणी’ का भव्य लोकर्पण किया गया।

महासभा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित भक्ति गीत नंदा नारेणी का लोकार्पण टीवी अभिनेता अर्जुन तनवर, महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी, लोक गायक साहब सिंह रमोला ने सँयुक्तरूप से किया। प्रोडक्शन हाउस निर्माता निर्देशक लोकगायक साहब सिंह रमोला ने बताया कि नवरात्रि पर आधारित उनके इस नये भक्ति गीत नंदा नारेणी की शूटिंग गंगोत्री धाम एवं हर्षिल उत्तरकाशी की सुंदर वादियों में कई गयी है। भक्ति गीत में उनके साथ लोक गायिका आकांक्षा रमोला ने अपना मधुर स्वर दिया है। भक्ति गीत नंदा नारेणी के गीतकार हरभजन सिंह पंवार,संगीत रंजीत सिंह, छायांकन सोनी कोठियाल,संपादन मोहित कुमार एवं नृत्य निर्देशक अरुन फरांसी है।

महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने मुख्यातिथि अर्जुन तनवर को छोटे पर्दे पर अबतक एकदर्जन से अधिक टीवी सीरियल में उनके द्वारा किये गए दमदार अभिनय हेतु शाल ओढ़ाकर एवं माता रानी का चित्र भेंटकर सम्मानित किया। डॉ नेगी ने कहा कि गीत के माध्यम से कोरोना जैसे महामारी से निपटकर विजय प्राप्ति एवं सभी लोगो के लिए सुख शांति, स्वास्थ्य लाभ हेतु मां नंदा की आराधना की गई है। इस मौके पर लोक कलाकार सुनील सेमवाल, दिगपाल रमोला, अंजली वर्मा, मोनिका पंवार, मनोज नेगी आदि उपस्थित थे।

सृष्टि लखेड़ा की आंचलिक फिल्म मुंबई एकेडमी आफ मूविंग इमेज में गोल्ड श्रेणी में पहुंची

उत्तराखंड की टिहरी जिले की निवासी सृष्टि लखेड़ा की आंचलिक फिल्म ‘एक था गांव’ को मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज (मामी) फिल्म महोत्सव के इंडिया गोल्ड श्रेणी में जगह मिली है। घोस्ट विलेज पर बनी यह फिल्म गढ़वाली, हिंदी के साथ चार अलग-अलग भाषाओं में हैं। मूल रूप से विकास खंड कीर्तिनगर के सेमला गांव की रहने वाली सृष्टि का परिवार ऋषिकेश में रहता है। वह पिछले 10 सालों से फिल्म लाइन के क्षेत्र में हैं। उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा को देखते हुए सृष्टि ने पावती शिवापालन के साथ (सह निर्माता) फिल्म बनाने का निर्णय लिया।

अपने गांव सेमला पर फिल्म के लिए चुना
इस फिल्म में दो पात्र अहम हैं। जिसमें 80 वर्षीय लीला देवी और 19 वर्षीय किशोरी गोलू। लीला गांव में अकेली रहती है। इकलौती बेटी की शादी हो चुकी है। बेटी साथ में देहरादून चलने के लिए जिद करती है, लेकिन लीला हर बार मना कर देती है। वह गांव नहीं छोड़ना चाहती है। क्योंकि उसे गांव का जीवन अच्छा लगता है।

हालांकि गांव का जीवन बहुत कठिन है। वहीं दूसरी पात्र गोलू को गांव के जीवन में भविष्य नहीं दिखता है। वह भी अन्य लड़कियों की तरह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। एक दिन ऐसी परिस्थिति आती है, कि दोनों को गांव छोड़ना पड़ता है। लीला देवी अपनी बेटी के पास देहरादून चली जाती है। जबकि गोलू उच्च शिक्षा के लिए ऋषिकेश चली जाती है।

दर्जाधारी राज्यमंत्री ने पारम्परिक लोक गीत ’झुमका’ का किया लोकार्पण

उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाता प्रसिद्ध लोक नृत्य गीत झुमैला का अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा की ओर से लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वीडियो गीत को दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी व महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे नेगी ने संयुक्त रूप से किया।

गीत में अपनी आवाज लोकगायक अजय नौटियाल और गायिका पूनम सती ने दी है। महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने बताया कि युवा गीतकार कमल जोशी व अजय नोटियाल द्वारा इस लोकगीत को पुनर्रचित कर और परिष्कृत व रुचिकर बनाने का प्रयास किया है। निर्माता दौलत राणा व एसडीई प्रोडक्शन के बैनर तले बने इस गीत का निर्देशन अंकुश सकलानी फिल्मांकन एवं सम्पादन रज्जी गोसाईं ने किया है। अभिनय फौजी जवान तारा सिंह व अभिनेत्री शालिनी सुंदरियाल ने किया है। लोक गायक अजय ने बताया कि यह गीत उत्तराखण्डी संस्कृति को गौरवपूर्ण रूप से दर्शाता है इसमें नायक नायिका के बीच बेहद दिलचस्प संवाद हैं कि नायिका झुमैला खेलना (पारंपरिक सामूहिक नृत्य करना) तो चाहती है लेकिन क्योंकि उनके जेठ भी झुमैला देख रहे हैं तो वो नृत्य में प्रतिभाग नही कर सकती। आज भी उत्तराखंड के गांवों में पति के बड़े भाई यानी जेठ से बहुओं का पर्दा करने की परंपरा है जिसे गढ़वाली में छौं भचना कहते हैं, यह संयुक्त परिवारों के ताने बाने को बनाये रखने के लिए परिवार के बड़ों को छोटों द्वारा सम्मान देने का एक बेहतरीन तरीका था। मौके पर लोक गायक कमल जोशी, समाजसेवी नरेंद्र मैठाणी, जगदीश कोठारी, प्रियांशु कोठारी, मयंक भट्ट आदि मौजूद रहे।

गढ़वाल केंद्रीय विवि को एक नवंबर से शुरू करना होगा शैक्षणिक सत्र

गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2020-21 को एक नवंबर से शुरू करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विवि को कक्षाएं शुरू करने के निर्देेश भी दिए हैं। साथ ही विवि को मार्च 2021 तक प्रथम बैच की परीक्षा भी करानी होगी।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष शैक्षणिक सत्र देरी के साथ शुरू किया जा रहा है। वर्तमान में गढ़वाल विवि में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जबकि स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन भरने की अंतिम तिथि पांच अक्तूबर और 24 अक्तूबर निर्धारित की गई है।

विवि के कुलसचिव प्रो. एनएस पंवार ने बताया कि यूजीसी ने 31 अक्तूबर तक प्रवेश प्रक्रिया संपन्न कर एक नवंबर से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार आठ मार्च से 26 मार्च 2021 तक परीक्षाएं करानी होंगी।

27 मार्च से चार अप्रैल तक सेमेस्टर ब्रेक रहेगा। जबकि पांच अप्रैल से एवन सेमेस्टर (सम) की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस सेमेस्टर की परीक्षाएं नौ अगस्त से 21 अगस्त तक परीक्षाएं चलेंगी। 30 अगस्त से अगले सेमेस्टर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।  

उन्होंने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए डीन स्तर पर मेरिट लिस्ट बनाने की कार्रवाई चल रही है। इसके बाद प्रवेश शुरू हो जाएंगे। स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में भी अक्तूबर माह में प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हो जाएंगी।

शिक्षामंत्री ने निर्देश देकर स्कूलों को बंद ही रखने को कहा

21 सिंतबर से उत्तराखंड में स्कूल न खोलने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस मामले में निर्देश दिए हैं। बता दें कि 21 सिंतबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आने और कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को स्कूल आने की इजाजत दी गई थीं। मगर, इस संबंध में अभिभावकों की लिखित अनुमति अनिवार्य रखी गई थी। मगर, राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को भांपते हुए प्रदेश में स्कूल बंद ही रखने का ऐलान किया है।

विदित है कि प्रदेश में पाॅजीटिव मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। वर्तमान में 33 हजार के पार इसके मरीज हो गए है। वहीं, एक्टिव केस 10374 के करीब है।

भारत-चीन सीमा पर सेना के जवानों की बढ़ी तादात

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी के जवानों की सतर्कता को बढ़ाया गया है। आईटीबीपी की उप महानिरीक्षक अपर्णा कुमार ने बताया कि भारत-चीन सीमा पर सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। यहां पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उत्तरकाशी जनपद में जिला मुख्यालय से करीब डेढ़ सौ किमी आगे चीन की 117 किमी सीमा लगी हुई है। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार ने सीमावर्ती नेलांग और जाढ़ूंग गांव को खाली करवा कर यह क्षेत्र सेना के सुपुर्द कर दिया था।

वर्तमान में सीमा पर नेलांग, जाढ़ूंग, नागा, त्रिपाणी, मंडी, सुमला, पीडीए, थागला-1, थागला-2, मुनिंगलापास, टीसांचुकला आदि सीमावर्ती चैकियों पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैद हैं। सीमाओं की निगरानी के लिए भारत की ओर से बॉर्डर इलाके में सड़कों का जाल बिछाया गया है।