हरियाणा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सीएम त्रिवेन्द्र ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुरूक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित चौथे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार में सम्बोधित करते हुए कहा कि गीता विश्व को निष्काम कर्म का संदेश देती है। जीवन का लक्ष्य भौतिक संसाधनों की प्राप्ति नहीं बल्कि सुख प्राप्ति है। यही कारण है कि अब इनकम इंडेक्स के साथ ही हैप्पीनेस इन्डेक्स की बात की जाने लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि गंगा के साथ ही गीता और उपनिषद जैसे ग्रन्थों से हमारी पहचान है। इनमें सच्चे सुख का सार मौजूद है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के गांव-गांव में पांडवों की स्मृतियां विद्यमान हैं। यहां शुभ अवसरों पर पांडवों से जुड़े चक्रव्यूह आदि का मंचन होता है। पांडव नृत्य अकल्पनीय होते हैं। उत्तराखण्ड में लाखा मण्डल पांडवों से जुड़ा स्थान है।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ उत्तराखंड पैवेलियन और प्रथम गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। उत्तराखण्ड इसमें पार्टनर स्टेट के रूप में प्रतिभाग कर रहा है।

इस अवसर पर शिक्षामंत्री हरियाणा कंवरपाल गुर्जर, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, जिम्बाब्वे के हाई कमिश्नर, नेपाल के डिप्टी हाई कमिश्नर आदि उपस्थित थे।

हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी सरकार ने संभाली सत्ता की चाबी

रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जेपी नड्डा सुबह चंडीगढ़ पहुंचे। शपथ ग्रहण समारोह में दुष्यंत चौटाला के पिता डॉ. अजय चौटाला भी पहुंचे। दुष्यंत चौटाला की मां नैना चौटाला, छोटे भाई दिग्विजय चौटाला, अनूप धानक, दविंदर बबली, रणजीत चौटाला, संदीप सिंह, अमरजीत जुलाना आदि भी पहुंचे।

दूसरे कार्यकाल के रूप में ली मनोहरलाल ने शपथ
बता दें हरियाणा में मुख्यमंत्री के अलावा 13 मंत्री बनाए जा सकते हैैं। आठ मंत्री पद भाजपा व डिप्टी सीएम समेत पांच मंत्री पद जजपा के खाते में जा सकते हैैं। जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल से शपथ ग्रहण से पहले उनके आवास पर चर्चा की। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य दोपहर बाद सवा दो बजे मुख्यमंत्री मनोहरलाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को शपथ दिलाई। इस तरह मनोहरलाल ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल शुरुआत की।

मनोहर लाल ने राज्यपाल के समक्ष 57 विधायकों का समर्थन होने का दावा करते हुए सरकार बनाने का निमंत्रण देने की पेशकश की। भाजपा की ओर से मनोहर लाल, जजपा की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह और निर्दलीय विधायकों की ओर से उनके लिखित समर्थन पत्र को भाजपा प्रभारी डा. अनिल जैन ने राज्यपाल को सौंपा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मौजूदा कार्यकाल को खत्म मानते हुए इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए शपथ ग्रहण तक कार्यकारी प्रभार संभालने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सरकार बनाने का न्यौता दिया। 57 साल बाद लगातार दूसरी बार गैर कांग्रेसी दल की सरकार भाजपा व जजपा बनाने जा रहे हैं।

इस तरह हरियाणा सरकार को मिला समर्थन
कुल विधायकों की संख्या-90
भाजपा के विधायकों की संख्या-40
जजपा के विधायकों की संख्या -10
निर्दलीय विधायकों की संख्या-7
कुल योग-57

हरियाणा पर टिकी सबकी नजर, महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार

लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत के बाद अब हरियाणा और महाराष्ट्र में जनता ने फिर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर मुहर लगा दी है। गुरुवार को आए विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए अनुमानों से कमतर रहे, लेकिन पार्टी दोनों राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। हरियाणा में 90 में से 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा को छह निर्दलीयों का समर्थन मिला है। महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को 288 में से 161 सीटों पर जीत के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है। भाजपा नेतृत्व ने भी दोनों राज्यों में अपने मुख्यमंत्रियों पर भरोसा जताया है। जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर और महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़नवीस को फिर कमान सौंपने की पुष्टि की है। मनोहर लाल शुक्रवार को राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
हरियाणा में नतीजे काफी चैंकाने वाले रहे। यहां सबसे ज्यादा चैंकाया सालभर पहले अस्तित्व में आई जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने। सालभर पहले ही पारिवारिक विवाद के बाद इनेलो से अलग होकर दुष्यंत चैटाला ने पार्टी गठित की थी। जजपा ने पहली ही बार में 10 सीटों पर जीत हासिल कर ली। नतीजों के बाद जजपा को किंगमेकर की भूमिका में देखा जा रहा था। हालांकि भाजपा को सात में से छह निर्दलीयों का समर्थन मिलने के बाद जजपा का चमत्कारिक प्रदर्शन भी उसे कुछ खास फायदा दिलाता नहीं दिख रहा है।
हरियाणा के नतीजे कांग्रेस के लिए भी अच्छे रहे। कांग्रेस 15 से 31 सीट पर पहुंच गई। चुनाव के ठीक पहले पार्टी में उभरी कलह और उठापटक के बावजूद ये नतीजे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाले हैं। सीटों के लिहाज से नतीजे भाजपा के लिए थोड़ा निराशाजनक रहे। पिछले साल 47 सीटें जीतने वाली भाजपा 40 सीटों पर आ गई। हरियाणा के नतीजों में भाजपा के लिए सोचने वाली बात यह है कि सात निर्दलीयों में से छह भाजपा से जुड़े रहे हैं। भाजपा के लिए बड़ा झटका यह भी है कि राज्य सरकार में कैबिनेट का हिस्सा रहे आठ मंत्री चुनाव हार गए हैं।
महाराष्ट्र के नतीजे बहुत ज्यादा उलटफेर वाले तो नहीं कहे जा सकते हैं, लेकिन उम्मीदों से दूर जरूर हैं। विश्लेषकों का मानना है कि देश में फैला आर्थिक सुस्ती का साया महाराष्ट्र में भाजपा के नतीजों पर दिखा है। 2014 में अकेले लड़कर 288 में 122 सीटें जीतने वाली भाजपा के खाते में इस बार नतीजों और रुझानों के आधार पर 105 सीटें आती दिख रही हैं। शिवसेना भी 63 से 56 पर आ गई है। सबसे ज्यादा फायदे में शरद पवार की राकांपा रही है। राकांपा का आंकड़ा इस बार 41 से 54 पर पहुंच गया है। सोनिया गांधी के हाथ में दोबारा कमान आने के बाद कांग्रेस भी बढ़त में दिखी। पार्टी को 2014 के 42 के मुकाबले 44 सीट मिली है।
नतीजों से सरकार गठन के गणित पर ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि उपमुख्यमंत्री शिवसेना को मिलेगा या नहीं, इस मुद्दे पर न तो देवेंद्र फड़नवीस ने मुंह खोला है, न ही उद्धव ठाकरे ने। फिलहाल उद्धव ठाकरे यह कहकर ताना मारने से नहीं चूके कि जिनके नेत्र बंद थे, उन्हें खोलकर जनता ने अंजन लगा दिया है। उम्मीद है कि अब पीछे की गई गलतियां दोहराई नहीं जाएंगी।

सीधी बस सेवा पर बोले मुख्यमंत्री, भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर

हरियाणा परिवहन निगम ने फरीदाबाद से कोटद्वार के लिए नई बस सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर को बधाई दी है। और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्या अनिल बलूनी के प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारिक टिवटर पर इसकी बधाई देते हुए इसे सार्थक प्रयास बताया है। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर है। और श्री बलूनी सरकार की ओर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं जिसका राज्य सरकार समर्थन कर रही है। इसके सार्थक प्रयास भी दिखने लगे है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से फरीदाबाद-कोटद्वार और फरीदाबाद-रामनगर के लिए बस सेवा की मांग की जा रही थी। सांसद अनिल बलूनी ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इस ओर प्रयास किए। सरकार ने भी इस मांग का समर्थन किया और सांसद की पहल पर राज्य सरकार ने दो बसों को की सेवा शुरु की।
आपको बता दें कि गुरुवार को फरीदाबाद से कोटद्वार के बीच बस सेवा शुरू की गई। हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य बलूनी ने इस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कालसी मार्ग पर कार खाई गिरी, हरियाणा के पर्यटकों की मौत

चकराता घूमने जा रहे हरियाणा के पर्यटकों की कार कालसी से पांच किमी आगे चामड़खील नामक जगह पर अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना देर रात की बताई जा रही है। जिसका पता स्थानीय पुलिस-प्रशासन को रविवार सुबह चला। मौके पर पहुंचे तहसीलदार केडी जोशी और थानाध्यक्ष कालसी के नेतृत्व में शवों को खाई से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू चल रहा है। पुलिस प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों की मदद से खाई में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए सुबह से जुटी है। मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई। बताया जा रहा पांचों लोग हरियाणा के निवासी है। तहसीलदार ने कहा शवों को बाहर निकालने के बाद ही मृतकों की सही पहचान का पता चल सकेगा।

हनीप्रीत पर नहीं हुये आरोप तय, कारण चार्जशीट का एक हजार पेज होना

जेल में बंद राम रहीम की सबसे खास राजदार हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त एक हजार से ज्यादा पन्नों में चार्जशीट की शक्ल में दर्ज है। गुरुवार को उसी एक हजार पन्नों की चार्जशीट के चलते हनीप्रीत पर आरोप तय नहीं हो पाए।

गौरतलब है इस पूरे मामले में हनीप्रीत के साथ अब तक 15 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। गुरुवार को इन लोगों को सेशन जज नीरजा कुलवंत कंसल की अदालत में पेश किया गया, लेकिन इन्हीं में से एक आरोपी प्रदीप कुमार की तरफ से दलील दी गई कि उसको अभी तक अदालत की तरफ से पूरी चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है।

राजस्थान से गिरफ्तार किए गए प्रदीप के मुताबिक उसे सिर्फ 175 पन्ने मिले हैं जो कि आरोप तय करने और बहस करने के लिए पूरे नहीं है। पहले पूरी चार्जशीट सीट पढ़ी जाएगी। उसके बाद ही इस पर बहस की जा सकती है कि आरोपियों पर क्या चार्ज लगे हैं।

गौरतलब है कि हनीप्रीत के खिलाफ एफआईआर नंबर 345 में आईपीसी की धारा 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत मामले दर्ज हैं। साथ ही हनीप्रीत साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़काने और देशद्रोह मामले की आरोपी है।

अदालत में गुरुवार की सुनवाई के दौरान आरोप तय नहीं हो पाए। इस मामले में बहस और अगली सुनवाई अब आगामी 21 फरवरी को होगी।

पुलिस चार्जशीट में हनीप्रीत ने ही बुलाई हिंसा भड़काने को बैठक

गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त आखिर चार्जशीट के रूप में मंगलवार को पंचकुला कोर्ट में पेश कर दी गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 25 अगस्त को पंचकुला में हुई व्यापक हिंसा के लिए हनीप्रीत को मास्टरमाइंड बताया है। हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य गुरमीत राम रहीम के करीबियों व डेरा समर्थकों का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है।
हनीप्रीत पर आरोप है कि पंचकुला अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के बाद उसने डेरा समर्थकों के साथ मिलकर पंचकुला में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट में हनीप्रीत के अलावा देशद्रोह के मुकदमा झेल रहे 15 दूसरे आरोपियों के कच्चे चिट्ठों का भी जिक्र है। हनीप्रीत के खिलाफ मंगलवार को दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। उसके और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकुला के सेक्टर 5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आईपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हनीप्रीत पर पंचकुला हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसके अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर भी देशद्रोह और हिंसा फैलाने का आरोप है। डेरा का प्रवक्ता और देशद्रोह का आरोपी डॉक्टर आदित्य इंसा अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने पुलिस रिमांड के दौरान कबूल कर लिया था कि पंचकुला हिंसा की प्लानिंग उसके ही कहने पर की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा कर उनको चार्जशीट में जोड़ा है। इस आरोप पत्र के तीन पन्नों में गुरमीत राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के 6 सुरक्षा कर्मियों का जिक्र है।
गौरतलब है कि पंचकुला हिंसा का ब्लूप्रिंट 18 अगस्त को सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बुलाई गई एक एहम बैठक में तैयार किया गया था। बैठक हनीप्रीत ने ही बुलाई थी, जो डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती थी। इस बैठक में मौजूद रही डेरा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा को छोड़कर सभी आरोपियों पर देशद्रोह का आरोप है। 25 अगस्त से पहले हनीप्रीत सहित कई आरोपी पंचकुला के डेरे में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर पूरे पंचकुला की रेकी की थी।
इससे पहले 18 अगस्त को हुई बैठक में दो बातें तय की गई थीं- अगर फैसला गुरमीत सिंह के खिलाफ आया तो हिंसा और अगर पक्ष में तो सत्संग करने का ही प्लान था। हिंसा फैलाने के लिए गुंडों को किराए पर लाया गया था, जिनपर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 1.25 करोड़ रुपये तो पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को ही दिए गए थे।

पुलिस कांस्टेबल की पूरी तैयारी थी राम रहीम को भगाने की

गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट से भगाने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार लाल सिंह को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोप ये भी है कि लालचंद ही पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी गुरमीत के खास भक्तों तक पहुंचा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने अपनी साजिश के बारे में अहम खुलासे किए हैं।
पंचकुला हिंसा की जांच कर रही एसआईटी का दावा है कि डेरामुखी राम रहीम को भगाने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के कॉन्स्टेबल लालचंद ने ली थी। यह खुलासा पूछताछ के दौरान हुआ है। बता दें कि लालचंद को एसआईटी ने पूछताछ के लिए सेक्टर-26 स्थित क्राइम ब्रांच के ऑफिस में बुलाया था और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसआईटी ने लालचंद को कोर्ट में पेश किया। जहां से पुलिस को दो दिन का रिमांड मिल गया। अब लगातार पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस उससे कई सवालों के जवाब पाना चाहती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त को फैसला आने के बाद जैसे ही गुरमीत को कोर्ट से बाहर लाया गया, लालचंद दूसरे पुलिसवालों से राम रहीम को बुलेटप्रूफ गाड़ी में बैठाने को कहने लगा, लेकिन पुलिसकर्मी तैयार नहीं हुए, फिर लालचंद ने प्लान-बी पर काम शुरू कर दिया।
प्लान-बी के मुताबिक गुरमीत राम रहीम की गाड़ी में कमांडो को बैठाना था, ये कमांडो उसका खास था। उसका जिम्मा गुरमीत को गनपॉइंट पर गाड़ी से उतारना था। उसके बाद उसे बुलेटप्रूफ गाड़ी से चंडीगढ़ में एंटर कराना था, लेकिन भागना हिमाचल की तरफ था।
इस दौरान लालचंद के पास वायरलेस सेट था। जिसमें सारे मैसेज फ्लैश हो रहे थे। तभी कोर्ट के बाहर उसने एक कमांडो को अफसरों से भिड़ने का इशारा किया। कमांडो ने वैसा ही किया, लेकिन इस दौरान भी लालचंद गुरमीत तक नहीं पहुंच पाया। यहां भी साजिश नाकाम रही तो उसने गुरमीत का पीछा किया।
लालचंद ने गुरमीत को छुड़ाने में एक आखिरी कोशिश और की। अपनी गाड़ी से गुरमीत को लेकर जा रही गाड़ी का पीछा कमांड तक किया। एक बुलेटप्रूफ गाड़ी साथ लगा दी, ताकि बीच में घेरकर उसे छुड़ाया जा सके। डेरामुखी के कमांडोज को पुलिस मूवमेंट का हर अपडेट मिला रहा था।
फैसले वाले दिन पुलिस ने तीन स्टेशनों पर वायरलेस सेट लगाए थे। लालचंद को फ्रीक्वेंसी पता थी, इसलिए हर सूचना गुरमीत की जैमर लगी गाड़ी में बैठे कमांडोज को वायरलेस सेट पर भी मिल रही थी।

हनीप्रीत पुछताछ में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रही

हरियाणा पुलिस हनीप्रीत के नार्को टेस्ट की तैयारी कर रही है। इससे पहले पंचकुला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने खुलासा किया था कि हनीप्रीत पूछताछ में कोई सहयोग नहीं कर रही है। अगर वह ऐसा ही करती रही तो वे कोर्ट से उसकी रिमांड बढ़ाने के लिए अपील करेंगे और जरूरत पड़ी तो उसका नार्को टेस्ट भी कराएंगे। पुलिस को पता चला है कि फरारी के दौरान हनीप्रीत ने 17 सिम कार्ड इस्तेमाल किए, जिनमें तीन विदेशी सिम भी शामिल थे।
कमिश्नर चावला ने बताया कि पुलिस ने हनीप्रीत की गिरफ्तारी से ठीक पहले एक शख्स को पकड़ा था, जिसने हनीप्रीत के बारे में जानकारी दी थी कि वह कहां छिपी हुई है। पुलिस ने हनीप्रीत को 6 दिन की रिमांड पर लिया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
जिसका जिम्मा पंचकूला की आईजी ममता सिंह संभाल रही हैं। खबर ये भी है कि पुलिस हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए उसका नार्को टेस्ट भी करवा सकती है। इसके लिए पंचकूला कोर्ट में नार्को टेस्ट करवाने के लिए पुलिस अर्जी लगाने की तैयारी में है। दरअसल, पूछताछ के दौरान लगातार पुलिस के सवालों से बच रही है। वह बार-बार अपने बयान भी बदल रही है।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसलिए हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए पुलिस उसका नार्को टेस्ट करवाना चाहती है, जिसकी मांग एक पूर्व सेवादार ने भी की है। इसी बीच पंचकूला पुलिस ने पंजाब के भवानीगढ़ पुलिस से सहयोग की मांग की है। उनका कहना है कि मीडिया की गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं।
इसलिए उनको भवानीगढ़ थाने में कुछ देर के ठहराव के लिए जगह चाहिए। इस पर पंजाब पुलिस ने कहा कि उनको हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस प्रोटेक्शन भी दी जाएगी। हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर पुलिस भवानीगढ थाने में पहुंची और वहां के गेट बंद कर दिए गए थे।
इसके बाद हरियाणा और पंजाब पुलिस हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर बठिंडा की नई बस्ती की गली नंबर 5 के उस मकान में पहुंची, जहां पर हनीप्रीत को रखा गया था। इस घर का ताला बंद था। पुलिस ताला तोड़कर अंदर गई। आपको बता दें कि हनीप्रीत पर राष्ट्रद्रोह और हिंसा भड़काने सहित कई आरोप हैं।