स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने धाम तक पहुंच रहे स्वास्थ्य सचिव

श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा/स्थलीय निरीक्षण किया। बदरीनाथ एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य के लिए विशेष इंतजाम के तहत यात्रियों को स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए तथा यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने श्री बदरीनाथ धाम एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पड़ाव में पड़ने वाले यात्रा मार्ग में स्थित स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं के स्थलीय निरीक्षण एवं तैयारियों हेतु स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार निरीक्षण के दूसरे दिन जनपद चमोली के सुप्रसिद्ध धाम श्री बदरीनाथ मैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल रिलीफ पॉइंट का निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य सचिव ने सभी केंद्रों पर यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक जीवनदायिनी औषधियों, स्वास्थ्य उपकरण, उच्च हिमालय क्षेत्रों में होने स्वास्थ्य जोखिम को कम करने वाले स्वास्थ्य उपाय व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को यात्रा से पूर्व सुसज्जित करने का मुख्य चिकित्सा अधिकारी निर्देशित किया। सुबह जोशीमठ से आगे 38 किलोमीटर की दूरी पर चार धाम यात्रा निर्माण कार्य के कारण मोटर मार्ग अवरोध था। वहां से पैदल मार्ग को पार करके सचिव स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभी कर्मचारियों सहित बदरीनाथ धाम पहुंचे। वहां पर सर्वप्रथम धाम में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एमआरपी का उन्होंन स्थिलीय निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग का निर्माणाधीन ट्रांजित हॉस्टल एवं निर्माणाधीन 50 बेड का हॉस्पिटल का निरीक्षण किया निर्माणाधीन ट्रांजिट हॉस्टल के धीमीगति के लिए निर्माण दाई संस्था को तुरंत निर्माण को पूर्ण करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया। बदरीनाथ धाम एवं सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के पड़ाव में पड़ने वाले पांडुकेश्वर एवं गोविंदघाट में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एमआरपी में भी सचिव के द्वारा सभी स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गोविंदघाट गुरुद्वारा साहिब में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह द्वारा हेमकुंड यात्रा में स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। सचिव ने हेमकुंड जाने वाले यात्रियों के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया।

स्वास्थ्य सचिव जांच रहे चारधाम यात्रा रुट में स्वास्थ्य सुविधाएं

चारधाम यात्रा के मध्य नजर यात्रा के मुख्य पड़ाव श्रीनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर.राजेश कुमार द्वारा उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर और बेस चिकित्सालय श्रीकोट में स्थापित हेल्थ एटीएम का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा हेल्थ एटीएम के सुचारू रूप से संचालन हेतु चिकित्सालय प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उनके द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्थ एटीएम पर एक टेक्निकल व्यक्ति तैनात रखने हेतु निर्देशित किया गया।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी को पूरी तैयारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं में पैरामेडिकल स्टाफ को मुस्तैदी से कार्य करने हेतु निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यात्रा रूट पर गढ़वाल मंडल में चिन्हित विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में सीएसआर के अंतर्गत हेवलेट पेकर्ड इंटरप्राइजेज द्वारा 50 हेल्थ एटीएम स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु स्थापित किए गए हैं। हेल्थ एटीएम पर ब्लड प्रेशर, शुगर,शरीर का तापमान, ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी फैट, इंडेक्स, डिहाईड्रेशन, पल्स रेट सहित 70 निशुल्क जांचें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यात्रा रूट पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारा जा रहा है और आने वाले समय में हेल्थ एटीएम की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही इसके साथ ही उनके द्वारा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को जनपद पौड़ी के अंतर्गत आने वाले यात्रा रूट पर टीम बनाकर विभिन्न होटलों ढाबों व रेस्तरां में खाद्य पदार्थों की सघन चेकिंग अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ सी.एम. एस. रावत, चिकित्सा अधीक्षक डॉ गोविंद पुजारी, डॉ सुरेश कोठियाल व चिकित्सालय स्टाफ मौजूद रहा।

मॉक ड्रिल के दूसरे दिन स्वास्थ्य सचिव ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

कोविड से डरने की नहीं, कोविड को हराने की आवश्यकता है। यह बात सचिव स्वास्थ्य डॉ0 आर0 राजेश कुमार द्वारा भारत सरकार द्वारा निर्देशित मॉक ड्रिल के द्वितीय दिवस पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर तैयारियों का जायजा लेते हुए कही। सचिव स्वास्थ्य ने चिकित्सालय में पहुंचकर ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू, वेंटीलेटर, बेड इत्यादि का जायजा लिया।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में राज्य में कोरोना के सक्रिय रोगी हैं जिनमें अधिकतर सामान्य लक्षण के साथ है व होम आइसोलेटेड है। कुछ ही रोगियों को चिकित्सालय में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ रही है। सचिव स्वास्थ्य द्वारा आम जनमानस से कोविड-19 एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने की अपील की गई। सचिव स्वास्थ्य ने सभी चिकित्सकों को रोगियों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी अन्य गंभीर रोग से ग्रसित लोगों वृद्ध लोगों को अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्पर एवं तैयार है। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में आमजनमानस को सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से मुस्तैद है।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य/निदेशक चिकित्सा शिक्षा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज डॉ0 आशुतोष सयाना, डॉ0 अजय नगरकर, अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति, डॉ0 पंकज कुमार, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

‘‘ईजा-बोई शगुन योजना‘‘ मां और बच्चें के लिए वरदान-स्वास्थ्य सचिव

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को मनाया जाता है जिसके माध्यम से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक देखभाल, चिकित्सा जांच, स्वास्थ्य सहायता और सरकारी पहल के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देष्य से ही प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले, जन्म के दौरान और बाद में देखभाल के बारे में जागरूक कराना है।
सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न जन स्वास्थ्य प्रयासों के उपरान्त मातृ स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न आंकड़ों में प्रगति दर्ज की गई है। हाल ही में जारी नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे 2020-21 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को प्रथम तीमाही में पंजीकृत किए जाने में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी (68.8 प्रतिशत), 04 प्रसव पूर्व जांचों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी (61.8 प्रतिशत) एवं संस्थागत प्रसवों में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी (83.2 प्रतिशत) दर्ज की गई है।
सचिव स्वास्थ्य द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में मनाया गया है। साथ ही इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय जांच, खान-पान तथा गर्भावस्था के दौरान एवं प्रसव के उपरान्त होने वाले जटिलताओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई।
डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड ने मातृ एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य से सम्बन्धित प्रयासों को साझा करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर करने हेतु जनपद हरिद्वार में 200 बेड एम.सी.एच. विंगचेनराय महिला चिकित्सालय, 50 बेड एम.सी.एच. विंग हल्द्वानी एवं 30 बेड अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मेहुवाला जनपद देहरादून में शीघ्र स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करना सरकार का प्राथमिक फोकस बना हुआ है इसी के दृष्टिगत प्रदेश में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना लागू की गई है, जिसके अन्तर्गत सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु प्रसव उपरान्त सरकारी अस्पताल में 48 घण्टे तक रूकने वाली सभी पात्र प्रसूताओं को रू. 2000/- की एक प्रोत्साहन धनराशि के रूप में दी जानी है। जो कि जननी सुरक्षा योजना में दी जाने वाली प्रोत्साहन धनराशि रू. 1400/- (ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) एवं रू. 1000/- (शहरी क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) के अतिरिक्त है। यह नीति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा बताया कि सुरक्षित प्रसव हेतु उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को जिला चिकित्सालय / स्वास्थ्य इकाइयों के नजदीक आश्रय प्रदान करने के लिए शीघ्र ही बर्थ वेटिंग होम वन स्टॉप सेन्टर में संचालित कर दिया जायेगा
उन्होंने आम जन से आवाहन किया है कि हम सब मिलकर सुरक्षित मातृत्व के सन्देश को जन-जन तक पहुॅचाकर जननी एवं शिशु को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य देने में अपना योगदान दें।

बिना प्रार्थना पत्र ड्यूटी से नदारद कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में पड़ी गंदगी देख मंत्री डा. अग्रवाल ने अस्पताल के अधिकारियों को फटकार लगाई। डा. अग्रवाल ने बिना प्रार्थना पत्र दिए ड्यूटी से नदारद चिकित्सकों व कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेने के लिए भी सीएमएस डा. प्रदीप कुमार चंदोला को निर्देशित किया। इस दौरान डा. अग्रवाल ने मरीजों का हाल भी जाना। साथ ही चिकित्सकों को दवाई अस्पताल से ही लिखने के लिए निर्देशित किया।

मंत्री डा. अग्रवाल ने अचानक राजकीय चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वप्रथम साफ सफाई का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर पर पड़े कूड़े-करकट को देख मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नियमित सुबह व रात्रिकाल में सफाई करने के निर्देश दिए।

डा. अग्रवाल ने इसके बाद चिकित्सकों व कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका जांची। इसपर चिकित्सक व कर्मचारी ड्यूटी पर बिना प्रार्थना पत्र दिए नदारद दिखे। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने सीएमएस को स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

डा. अग्रवाल ने सीएमएस को कहा कि चारधाम यात्रा सिर पर है, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रोगियों को दवा अस्पताल से ही दी जाएं। बाहर से दवा लिखने की शिकायत पर कार्यवाही की जाएगी।

इस मौके पर सीएमएस डा. प्रदीप कुमार चंदोला, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, मंडल प्रभारी राजकुमार राज, पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र मोंगा, जिला उपाध्यक्ष प्रतीक कालिया, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश सिंह, मंडल अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा मनोज जैन, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष जगावर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील

विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर सचिव/आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ आर राजेश कुमार ने राज्य के स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए प्रदेशवासियों से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा विश्व स्वास्थ्य दिवस हमको को स्वस्थ रखने के लिए दिन रात काम करने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी कृतज्ञता और उनकी प्रशंसा करने का दिन है। डॉ आर राजेश कुमार ने राज्य के आम जनमास से हेल्थ फॉर ऑल की अपील की है। डॉ आर राजेश कुमार ने कहा आजकल लोगों की जिंदगी आराम दायक होती जा रही है, जो शरीर के लिए कष्टकारी है। लोगों को रेग्यूलर एक्सरसाइज और मॉर्निंग वॉक करना चाहिए। आराम दायक जिंदगी जीने से शुगर, बल्डप्रेशर और मोटापा बढ़ता है। आजकल ये बीमारियां आम हो गई हैं। इसका मुख्य कारण काम न करना और नियमित दिनचर्या से हटकर कार्य करना है।
डॉ आर राजेश कुमार ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि गैर संक्रामक रोगों से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव बदलाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा उचित खान पान, नियमित व्यायाम अपनाने व भोजन में तेल,चीनी नमक व ट्रांसफैट से निर्मित खाद्य पदार्थाे का उपभोग कम करके हम शरीर को काफी हद तक स्वस्थ्य रख सकते हैं। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि हमें दैनिक उपयोग में लाये जाने. वाले भोज्य पदार्थ (पैकेट बंद आटा, तेल, चीनी, नमक एवं दूध) क़ो खरीदते समय प्लस एफ का निशान अवश्य देखें।
आयुक्त खाद्य सरक्षा द्वारा अवगत कराया गया कि सुरक्षित आहार के संबंध में जन जागरूकता बढ़ाने व मोटे अनाज आधारित उत्पादों क़ो प्रचलन में लाने हेतु विस्तृत स्तर पर जण जागरूकता कार्यक्रम ई ट्राइड मेला व कार्यशालाये आयोजित की जा रही हैं। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड द्वारा यह भी अवगत कराया गया की प्रदेश में खाद्य एवं औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने हेतु संस्थागत प्रयास किये जा रहे हैं, साथ हीं आमजन मानस से अपील की है कि सुरक्षित आहार हीं स्वास्थ्य का आधार है अतः सुरक्षित आहार हेतु जागरूक उपभोक्ता बने व जिसे खाद्य जनित रोगों से बचा जा सकें। उन्होंने कहा जीवन में स्वास्थ्य नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम के बल पर हम अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकते हैं। सचिव/आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कोरोना टीकाकरण से वंचित लोगों को कोरोना टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करने तथा बेहतर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए सदैव नशे से दूर रहने का संकल्प लेने की बात कही।
आपको बता दें कि हर साल, विश्व स्वास्थ्य दिवस को एक अनूठी थीम के साथ मनाया जाता है। डब्ल्यूएचओ ने इस साल हेल्थ फॉर ऑल थीम के साथ इसे मनाने का फैसला किया है। इस बार का विषय इस सोच को दर्शाता है कि स्वास्थ्य एक बुनियादी मानव अधिकार है और हर किसी को बिना किसी वित्तीय कठिनाइयों के जब और जहां इसकी आवश्यकता हो उसे स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। इस साल डब्ल्यूएचओ अपनी 75वीं वर्षगांठ भी मना रहा है, इसलिए इस दिन खास बनाने के लिए, डब्ल्यूएचओ उन सार्वजनिक स्वास्थ्य सफलताओं को भी देखेगा, जिन्होंने पिछले सात दशकों के दौरान जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है।

72 तरह के हैल्थ टेस्ट आमजन के लिए निःशुल्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में जे के टायर लिमिटेड कम्पनी तथा यस बैंक द्वारा सीएसआर के तहत लगाये गये हैल्थ एटीएम का लोकार्पण किया। यस बैंक द्वारा सचिवालय डिसपेंसरी, विधान सभा डिसपेंसरी तथा टनकपुर चिकित्सालय में एक-एक हैल्थ एटीएम स्थापित किये गये हैं। इसके साथ ही जे0 के0 टायर कम्पनी द्वारा पुलिस लाइन, जे0एल0एन0 जिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय नैनीताल, सयुंक्त चिकित्सालय टनकपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जसपुर, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत, अल्मोड़ा में एक-एक हैल्थ एटीएम स्थापित किये गये हैं। इन 9 हैल्थ एटीएम के माध्यम से आम जनमानस द्वारा स्वयं अपने विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए जा सकेंगे, इनमें हीमोग्लोबिन, टीएलसी एण्ड डीएलसी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, युरिक ऐसिड, कॉलेस्ट्रॉल, एचबीएसी, ब्लड ग्रुप, लिपिड प्रोफाइल, ट्राईगिलसाइड, लाइकोप्रोटिन, प्रेगनेन्सी टेस्ट तथा किडनी टेस्ट आदि सहित कुल 72 टेस्ट किए जा सकते हैं। इन हैल्थ एटीएम पर यह जाँच सुविधा निःशुल्क रहेगी। इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनमानस से अपील की गई है कि इन हैल्थ एटीएम की जाँच के नतीजे के आधार पर स्वयं औषधि न लें। परिणाम सामान्य न होने पर चिकित्सक का परामर्श अवश्य लें।
इसके साथ ही इस अवसर पर सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग तथा आईओसीएल, यस बैंक तथा जेके टायर के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में महानिदेशक स्वास्थ्य तथा उक्त कम्पनियों के मध्य स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग हेतु एमओयू पर भी हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सौजन्य से सीएसआर के तहत राज्य के सभी ब्लॉकों में उपलब्ध कराई जाने वाली 40 ट्रू नेट मशीनों का भी लोकार्पण किया। इन ट्रू नेट मशीनों की सहायता से टी0बी0, कोविड तथा अन्य रोगों की जांच में सहायता मिलेगी। यह मशीनें राज्य के 40 दूरस्थ स्थानों में क्रियाशील रहेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा यस बैंक, आईओसीएल व जे के टायर इन हैल्थ एटीएम तथा ट्रू नेट मशीनों के इस पहल के लिए बधाई के पात्र हैं। आईओसीएल द्वारा प्रदेश के सभी ब्लॉकों के लिए 40 ट्रू नेट मशीनों की उपलब्धता से हमारे राज्य में इस दिशा में 100 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हो गया है। इन सुविधाओं से आमजन की न केवल समय की बचत होगी बल्कि धन की भी बचत होगी। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इन हैल्थ एटीएम के माध्यम से जनमानस स्वयं समय-समय पर अपनी जाँच कर अपने स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर ढंग से कर सकेंगे। हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी इन सुविधाओं से लाभ होगा। देशभर के निजी संगठनों व कम्पनियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता के क्षेत्र में मदद की अपील करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में जन्म लेना सौभाग्य की बात है परन्तु देवभूमि में सेवा करना उससे भी बड़े सौभाग्य व गौरव का विषय है। जिन लोगों को भी यहाँ सेवा का अवसर मिल रहा है, वह भाग्यशाली हैं। निजी कम्पनियों से अपील है कि क्योंकि उत्तराखण्ड एक छोटा राज्य है, कम्पनियां उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी मदद देकर एक मॉडल स्थापित कर सकते हैं। सीएम ने आईओसीएल से विशेष रूप से राज्य में रोजगार सृजन के क्षेत्र में योगदान की अपील की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा0 धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डा0 आर0 राजेश कुमार, डीजी हैल्थ डा0 विनिता शाह, यस बैंक के स्टेट हेड अजय मिश्रा, क्लस्टर हेड निशांत अहूजा, हरेन्द्र बिष्ट, आईओसीएल से भानु प्रकाश सेमवाल, उदित जैन, जे के टायर से अजय कुमार, गरिमा पंत व स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के निर्देश, आज 45 केस मिले

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। चिंता की बात है कि कोरोना संक्रमण अब 13 में से पांच जिलों में फैल गया है। विभिन्न जिलों में बढ़ते कोरोना केसो की वजह से अब एक्टि व केसों की संख्या भी 100 के करीब पहुंच गई है। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच स्वास्थ्य विभाग की अलर्ट मोड पर आया गया है।
उत्तराखंड में मंगलवार को कोरोना के 45 नए मरीज मिले। अकेले राजधानी देहरादून में 35 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को देहरादून में 35, नैनीताल जिले में छह, हरिद्वार में दो जबकि पिथौरागढ़ और यूएस नगर जिले में एक-एक कोरोना संक्रमित मिले हैं। मंगलवार को कुल 45 नए मरीज मिलने के बाद राज्य में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा सौ के करीब पहुंचते हुए 96 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में एक ही दिन में 45 कोरोना संक्रमित कई महीनों बाद मिले हैं। हालांकि, राहत की बात रही कि मंगलवार को राज्य में किसी भी कोरोना संक्रमित की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेशभर में मंगलवार को 322 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग को 238 संदिग्धों की रिपोर्ट मिली।

सभी जिलों को सतर्कता के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि राज्य में कोरोना के मामलों में इजाफे को देखते हुए सभी जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एडवायजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी अस्पतालों और आम लोगों को कोविड गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोविड जांच एवं वैक्सीनेशन में लाई जायेगी तेजीः डॉ. धन सिंह रावत

देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुये सूबे में कोविड जांच व वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। चार धाम यात्रा को देखते हुये प्रदेश में भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड गाइडलाइन को सख्ती से लागू किया जायेगा। चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिये विभागीय अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही यात्रा मार्गों पर डाक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती 15 अप्रैल से पहले सुचिश्चित करने को भी कहा गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। डा. रावत ने बताया कि देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसको देखते हुये राज्य में कोविड जांच व वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाई जायेगी। इसके साथ ही प्रदेश में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड गाइडलाइन को सख्ती से लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो बस अड्डे, रेलवे स्टेशन एवं एयर पोर्ट सहित सार्वजनिक स्थानों पर वैक्सीनेशन कैंप लगाये जायेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमण की चपेट में न पाये। डॉ. रावत ने बताया कि सूबे में आगामी 22 अप्रैल से चार धाम यात्रा भी शुरू होने वाली है जिसमें देशभर से लाखों तीर्थ यात्री शामिल होंगे। चार धाम यात्रा मार्गों पर तीर्थ यात्रियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक को चार धाम यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले सभी चिकित्सा इकाईयों व अस्थाई मेडिकल रिलीव प्वाइंटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्हें चार धाम यात्रा में विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल के स्टॉफ की तैनाती 15 अप्रैल से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचन्द्र, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डा. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, डा. भारती राणा, डॉ. मीतू शाह, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. एम.के. पंत, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. भागीरथी जंगपांगी, निदेशक गढ़वाल मंडल स्वास्थ्य डा. विरेन्द्र बनकोटी, डा. विजय जुयाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। यही नहीं सुरक्षित जननी विकसित धारिणी की अवधारणा को भी साकार किया जा रहा है इसी के दृष्टिगत महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग उत्तराखण्ड द्वारा केंद्र पोषित महत्त्वकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 4944 गर्भवती/धात्री महिलाओं को रु. 1.15 करोड़ की धनराशि डी. बी. टी. के माध्यम से डिजिटली सीधे बैंक खाते मे भेजी गयी है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके आराम और उचित पोषण को सुनिश्चित करना है। यह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निम्नलिखित तीन किस्तों मे किया जाता है। जिसमें पहली किस्त 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त 2000 रुपये, यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं, जबकि तीसरी किस्त 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है, दी जाती है।