केदारनाथ में शंकराचार्य समाधि का कार्य 31 दिसंबर तक हो पूरा

मुख्य सचिव ओमप्रकाश एवं पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने शनिवार को केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने शंकराचार्य समाधि, दिव्यशिला से समाधि तक पैसेज मार्ग, एम आई 26 हेलीपैड, सरस्वती व मन्दाकिनी घाट आदि का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कार्यदायी संस्थाओं को कार्य मे तेजी लाने व गुणवत्ता परक कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण किया जाय। शंकराचार्य समाधि में चारदीवारी व मंडल वाल का निर्माण किया जाना है। चारदीवारी 12 मीटर व मंडल वाल 03 मीटर की बनाई जानी है जिसमे से चारदीवारी की वाल 1,2 व 4 पर 1डेढ़ मीटर की दीवार का निर्माण कार्य पूर्ण व वाल 3 पर सरिया व कंक्रीट का कार्य चल रहा है। दिव्यशिला से समाधि तक 48 बाई 3.6 मीटर का पैसेज बनाया जाना है जिस पर राफ्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है व कंक्रीट का कार्य प्रगति पर है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने जिंदल सोशल वर्क के प्रबंधक विकास राणा को 31 दिसम्बर तक शंकराचार्य समाधि व पैसेज को हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सरस्वती नदी पर 504बाई5 मीटर का आस्था पथ का निर्माण कार्य पूर्ण चुका है व घाट के लिए स्टेप भी बन चुके है। घाट को जाने वाले स्टेप पर सौंदर्यीकरण हेतु लाइटनिंग का कार्य किया जाना है। घाट के आस पास 05 व्यू पॉइंट बनाये जाने है जिसमे से 03 व्यू पॉइंट पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस सम्बंध में मुख्य सचिव ने जेएसडब्ब्ल्यू को सितम्बर माह का अंत तक शेष 02 व्यू पॉइंट का निर्माण करने व अक्टूबर तक घाट सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

एम आई 26 हेलिपैड पर क्षतिग्रस्त गढ़वाल मंडल विकास निगम के 03 कॉटेज को 10 दिन के भीतर हटाने के निर्देश मुख्य सचिव ने लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार को दिए। एम आई 26 वर्तमान में 50बाई40 आकार का है जिसका विस्तारीकरण चिनूक हेलीकाप्टर हेतु 50बाई100 का किया जाना है। डीडीएमए द्वारा गरुड़चट्टी के लिए पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमें से केदारपुरी की तरफ के अबटमेंट का कार्य पूर्ण हो चुका है व 1 एक सप्ताह के भीतर दूसरी ओर के अबटमेंट का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

सीएस ने अधिशासी अभियंता डीडीएमए प्रवीण कर्णवाल को 31 दिसम्बर तक पुल निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिंदल ग्रुप द्वारा तीर्थ पुरोहितों के 05 भवन निर्माण किये जाने थे जिसमें से 02 भवनों को पूर्ण कर जिला प्रशासन को सौप दिए गए है। अवशेष तीन भवनों को क्रमशः 15 सितम्बर, 30 सितम्बर व 15 अक्टूबर तक पूर्ण कर जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश मुख्य सचिव में दिए। साथ ही ध्यान गुफा के लंबित कार्यों को भी तय समय के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग वंदना भी उपस्थित रही।

हमारी गौरव परंपराओं को संजोये रहा नगर निगम क्षेत्र

तहसील चैक जल्द ही गौरा देवी चौक के नाम से जाना जायेगा। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के चौराहों के कराए जा रहे सौंदर्यीकरण अभियान के तहत गौरा देवी चौक का निर्माण कार्य पूर्ण करने की कवायद अब अपने अंतिम चरण में चल रही है। ऋषिकेश हरिद्वार बाइपास मार्ग स्थित तहसील चौक पर गौरा देवी की बेहद खूबसूरत प्रतिमा लगाए जाने के साथ खूबसूरत लाइटिंग एवं झरनों से निर्माणाधीन स्थल को सुसज्जित किया जा रहा है।
निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि गौरादेवी चौक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द ही एक समारोह के माध्यम से इसका लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन शहर के महापुरुषों के नाम पर महत्वपूर्ण स्थलों एवं चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए कटिबद्ध होकर कार्य कर रहा है। चिपको आंदोलन के लिए अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाली गौरा देवी के नाम पर बेहद खूबसूरत चौक का निर्माण करा कर नगर निगम प्रशासन उन्हें अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। साथ ही चौक के जीर्णोद्धार के बाद यहां होने वाले सड़क हादसों पर भी अंकुश लग सकेगा।
इस दौरान एई आनंद मिश्रवाण, जेई उपेंद्र गोयल, पार्षद राकेश मिया, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट, पार्षद विजय लक्ष्मी, परीक्षित मेहरा, रंजन अंथवाल, सुजीत यादव, विजय बिष्ट आदि मोजूद रहे।

कामयाबी, करोड़ो रुपये के खर्च को बचाते हुए निगम ने किया करार

धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखने वाले ऋषिकेश को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नगर निगम क्षेत्र के अन्र्तगत निगम ने प्लास्टिक के कूड़े का निस्तारण करने की जो योजना बनाई है। अगर वह साकार होती है तो स्वच्छता के क्षेत्र में यह कियी क्रांति से कम नही होगा। नगर निगम प्रशासन ने इसका खाका तैयार कर लिया है।
महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि शहर में प्लास्टिक कूड़े के निस्तारण के लिए निगम और जीआईजेड कंपनी के बीच करार हुआ है। महापौर ने बताया प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि विदेशी तकनीक पर आधारित इस करोड़ों रुपए की योजना में प्लास्टिक कूड़े के निस्तारण के लिए निगम को एक रुपये का खर्चा भी नहीं करना पड़ेगा। करार करने वाली कंपनी ही लागत वहन करेगी।

महापौर ने बताया कि यह कंपनी जीआईजैड कम्पनी प्लास्टिक से उत्पन्न कूड़े को कम करने के संबंध में सहयोग करेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नाम है ’’अविरल’’ है जो गंगा नदी में या उसके आसपास प्लास्टिक वेस्ट को कम करता है। महापौर की माने तो यह एक मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एमआरएफ ऋषिकेश में बनाएगी। जिससे प्लास्टिक कूड़ा शहर से कम होगा। इसके लिए निगम द्वारा गठित टीमों के माध्यम से शहरवासियों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान और इसके इस्तेमाल को कम करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों के द्वारा बताया जाएगा।
सहायक नगर आयुक्त व नोडल अधिकारी विनोद लाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2 वर्ष चलेगा। जिसमें गोविंद नगर स्थित टंचिग ग्राउंड पर मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट 1500 स्क्वायर मीटर में बनेगा। जिसमें 5 मेट्रिक टन का प्लास्टिक वेस्ट का हर दिन निस्तारण किया जायेगा।

इस वर्ष भी आयोजित होगी छड़ी यात्रा, कुंभ मेले को लेकर तैयारियां शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कुम्भ मेला 2021 दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अखाड़ों के सन्त महात्माओं के सहयोग एवं आशीर्वाद से यह आयोजन सफल होगा। सचिवालय में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ कुम्भ मेले के आयोजन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने व्यापक विचार विमर्श किया। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के साथ ही शासन के उच्चाधिकारी एवं मेले से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के तहत किये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्यों को 15 दिसम्बर से पूर्व सम्पन्न करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
बैठक में सभी अखाड़ों के सुझावों पर मुख्यमंत्री ने नील धारा सहित अन्य क्षेत्रों में निर्मित होने वाले स्नान घाटों के नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों के नाम पर रखे जाने, 2010 कुम्भ मेले की भांति इस बार भी उतने ही क्षेत्रफल में कुम्भ मेले के आयोजन, मंशा देवी हिल वाई पास सड़क को मेले के दौरान प्रयोग में लाये जाने तथा आन्तरिक सड़कों के निर्माण में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में संत महात्माओं को भू समाधि के लिये स्थान चयन को संत समाज के हित में लिया गया निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी सभी अखाड़ों के सहयोग से छड़ी यात्रा आयोजित की जायेगी धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग इसका नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले को भव्य एवं दिव्य रूप से आयोजित किये जाने के लिये लगातार बैठकें की जाती रही हैं। कोविड के कारण उत्पन्न समस्याओं का तत्समय आभास नहीं था। पूरा विश्व इस संकट का सामना कर रहा है। इससे सभी स्तरों पर कार्यों की गति में अवरोध पैदा हुआ है उन्होंने कहा कि इस दौरे से भी हम निजात पायेंगे तथा संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को बेहतर तरीके से सम्पन्न कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में देश काल व परिस्थिति के अनुसार भी निर्णय लिया जायेगा। आगे स्थितियां कैसी होगी, इसका पूर्वानुमान लगाया जाना कठिन है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संत महात्माओं को उनकी अगुवाई में राम मन्दिर निर्माण के शिलान्यास के लिये भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसके लिये हमारे संत महात्माओं ने भी अपना बलिदान दिया। आखिर वह शुभ दिन आया जब प्रधानमंत्री ने श्री राम के भव्य मन्दिर का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों का सहयोग मिल रहा है। अखाड़ों की सुविधा के लिये भी सभी व्यवस्थायें की जा रही हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लायी गई है। कोरोना के कारण इसकी गति कुछ धीमी जरूर हुई है। कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी पुलों, स्नान घाटों, सड़कों, आस्था पथों आदि का निर्माण 15 दिसम्बर तक पूर्ण हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने उज्जैन व प्रयाग राज कुम्भ की भांति अखाड़ों को धनराशि व अन्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की बात रखी। उन्होंने अखाड़ों में साफ-सफाई व अतिक्रमण को हटाने, आवागमन व पेशवाई मार्ग निर्धारण, पुलों, घाटों के निर्माण में तेजी लाये जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कुम्भ मेले के सफल आयोजन के लिये सभी अखाड़ों की ओर से हर संभव सहयोग का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत द्वारा निर्माण कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महन्त हरि गिरि, महन्त प्रेम गिरि, महन्त महेश पुरी, महन्त सत्यगिरि, महन्त कैलाशपुरी, महन्त मुकुन्दानन्द ब्रहमचारी, महन्त सोमेश्वरानन्द ब्रहमचारी, महन्त ओंकार गिरि, महन्त रविन्द्र पुरी सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएस ने श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निमाण कार्यो की समीक्षा की

मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निमाण कार्यो की समीक्षा हुई। बैठक में पुनर्निर्माण कार्यों में आ रही कठिनाईयों के निराकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य मास्टर प्लान के अनुसार समयबद्धता से पूर्ण किया जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई बैठक में भी निर्देश दिये गये थे कि मास्टर प्लान में लिये गये परियोजनाओं को तय समय पर पूरा किया जाय।
केदारनाथ पुनर्निर्माण फेज-2 के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यो की डीपीआर की समीक्षा पर मुख्य सचिव द्वारा सिंचाई विभाग को निर्देश दिये कि फ्लड जोनेशन के नोटिफिकेशन का कार्य 15 सितम्बर तक पूर्ण कर लें।
मुख्य सचिव ने इण्डियन ऑयल कॉपरोशेन द्वारा 36 करोड़ 74 लाख के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्यो यथा संगम घाट के पुनर्निर्माण, फर्स्ट एड टूरिस्ट फेसिलेशन सेन्टर तथा मन्दाकिनी के किनारे सुरक्षा दिवार का निर्माण कार्य से सम्बन्धित प्रगति की जानकारी सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर से प्राप्त की। इसी क्रम में ओएनजीसी द्वारा मंदाकिनी आस्थापथ में बैठने एवं वर्षा शेड निर्माण, केदारनाथ धाम, मंदाकिनी के किनारे तथा मंदिर रोड में अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार, वाटर एटीएम की स्थापना तथा मंदाकिनी प्लाजा विकास से सम्बन्धित 32.05 करोड़ लागत की अवस्थापना सुविधाओं पर भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा कार्यदायी विभागों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता से कार्य करने के निर्देश दिये। आरईसी लि0 कम्पनी द्वारा 25 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से केदारनाथ मे पुनर्निर्माण एवं रूद्रप्रयाग में प्रशासनिक भवन एवं अस्पताल पुनर्निर्माण, केदारनाथ स्थित क्षतिग्रस्त पवित्र कुण्डों के विकास तथा केदारनाथ में सरस्वती नदी के किनारों एवं मन्दिर के रास्तों में अवस्थापना विकास की भी विस्तार से समीक्षा की।
इसी क्रम में पावर फाइनेन्स कारपोरेशन द्वारा सामाजिक दायित्व के तहत 28 करोड़ 13 लाख की लागत से किये जाने वाले म्यूजियम निर्माण, रेन शेड, गौरीकुण्ड में सुरक्षा की दृष्टि से गेट निर्माण के कार्यो की भी अद्यतन प्रगति की मुख्य सचिव ने समीक्षा की।
मुख्य सचिव द्वारा मुख्य अभियन्त लोनिवि को दिये गये कार्यो के आदेश जारी करने एवं टेण्डरिंग आदि समयबद्धता से पूर्ण करने के निर्देशे दिये। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो में तेजी लाने के लिए वहां पर अभियन्ताओं की तैनाती के लिए आदेश दिये। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को भी निरन्तर अनुश्रवण करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कुछ प्रकरण जो फारेस्ट क्लीयरेंस से जुड़े हैं को वन विभाग के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये। इशानेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य आरकेलाजिकल सर्वे आफ इण्डिया को हस्तांतरित करने के निर्देश दिये। बैठक में चिनूक हैलिकॉप्टर उतारने हेतु वर्तमान में उपलब्ध हेलीपैड के विस्तार पर भी चर्चा हुई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव नियोजन मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव वित्त सौजन्या, सचिव लोनिवि आर0के0सुधांशु तथा लोनिवि, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियन्ता उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन तथा जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग वन्दना जुड़े थे।

एक लाख इग्यारह हजार रुपये का दान देगी श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी ऋषिकेश की रामलीला

श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का भव्य मंदिर निर्माण कार्य पर ऋषिकेश की सबसे पौराणिक श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी ने अपने रंगमंच पर श्री रामचरितमानस (रामायण) के अखंड पाठ का आयोजन किया। मौके पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी के भव्य मंदिर निर्माण में कमेटी की ओर से 111000 (एक लाख इग्यारह हजार रुपये) की धनराशि दान देने का निर्णय लिया। तय किया गया कि यह धनराशि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान स्वरूप भेंट की जाएगी।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विनोद पाल और महामंत्री हरीश तिवाड़ी ने बताया कि कमेटी की यह इच्छा थी कि जब भी भगवान राम का अयोध्या में मंदिर बनेगा कमेटी की ओर से एक भव्य आयोजन किया जाएगा लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते संक्षिप्त रूप में खुशी मनाते हुए आज रामलीला प्रांगण में अखंड रामायण का पाठ किया गया। दान राशि देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में शीघ्र मिलेगा।

रामायण पाठ करने वालों में पंडित ललित मोहन त्रिपाठी भास्करा नंद त्रिपाठी दयाकृष्ण लेखक सुबोध अनुज शामिल रहे। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, बाली पाल, सतीश पाल, पार्षद लता तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, उमा बृजपाल राणा, अनिता रैना, विजय बडोनी, विजेंद्र मोघा, रामअवतारी पंवार, अजय बिष्ट, गुरविंदर सिंह गुर्री, विकास नेगी, दीपक अंथवाल, धीरेन्द्र सिंह धीरू, पवन गोयल, राकेश पारछा, रोहताश पाल, प्रशांत पाल, मनमीत कुमार, पूरण पंवार, पवन पाल, अस्वनी जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

5100 दिये जलाकर मनाया गया दीपोत्सव, सीएम त्रिवेन्द्र बोले जन समर्थन से सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में किये गये राम मन्दिर शिलान्यास को भविष्य के भारत के प्रति प्रधानमंत्री की स्पष्ट सोच को प्रदर्शित करता है। उन्होंने इसे सबका साथ सबका विश्वास का भी मंत्र बताया है।

बुधवार को राम मन्दिर शिलान्यास के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवास में अपनी पुत्री श्रृजा के साथ दीपोत्सव कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 21 वीं सदी में इस भूमि पर प्रधानमंत्री द्वारा किये गये राम मन्दिर के शिलाल्यास से यह संदेश भी गया है कि भविष्य के भारत के प्रति प्रधानमंत्री की सोच क्या है। उन्होंने कहा कि आज देश का बहुप्रतीक्षित सपना पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली दृढ़ इच्छा शक्ति वाली सरकार तथा जन समर्थन से यह सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देश व प्रदेश में दीपावली जैसा माहौल है, उन्होंने सबको साथ लेकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता का उत्तराखण्ड से भी सम्बंध रहा है। पौड़ी जनपद के सितोलस्यूँ पट्टी में फलस्वाड़ी के सीतासैण के पास विदाकोटी स्थान पर माता सीता ने भूसमाधि ली थी उसके पास ही ऋषि वाल्मीकि का उत्तराखण्ड का अकेला मन्दिर है जो माता सीता के मन्दिर की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि यहां पर मेला भी आयोजित होता है। इस स्थान पर माता सीता का भव्य मन्दिर बनाकर उसे पहचान दिये जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मन्दिर के शिलान्यास से राम जन्म भूमि आन्दोलन के साक्षी रहे लोगों को असीम सुख की प्राप्ति हुई है तथा इस आन्दोलन में अपना जीवन उत्सर्ग करने वालों की आत्मा को निश्चित रूप से शांति मिली होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए जब 1989 में आन्दोलन चल रहा था, तब वे मेरठ में थे। भेष बदलकर हमने इस आन्दोलन में भाग लिया था। हमारे साथ हजारों लोगों ने इस आन्दोलन में भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वे परिस्थितियां सामान्य होते ही अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे।

टीवी पर अयोध्या से लाइव प्रसारण देख सीएम ने मंदिर निर्माण में संघर्षों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण देखा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्री राम मन्दिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। कई वर्षों के संघर्ष के बाद आज यह स्वर्णिम अवसर आया है। देश और अयोध्या में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं, जो काफी समय से अखण्ड रामायण का पाठ एवं रामधुन कर रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मन्दिर बने, हजारों लोगों ने इसके लिए बलिदान दिया। आज उन हजारों लोगों का संघर्ष स्वरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि 1989 में जब अयोध्या में श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए आन्दोलन बहुत तीव्र हुआ था, सब लोग श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए जागरण करते थे।

उन्होंने कहा कि 1989 में जब श्रीराम मन्दिर के लिए आन्दोलन चल रहा था, तब लोगों से श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए सवा रूपये एकत्रित किये जाते थे, कि श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए एक पत्थर आपके नाम का भी लग जायेगा। उत्तरकाशी के दूरस्थ गांव लिवाड़ी-खिताड़ी 18 किमी पैदल चलकर लोग श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए वहां से शिला लाये। श्रीराम मन्दिर के भूमि पूजन से ऐसे लोगों की आत्मा को शांति मिलेगी। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रचारक मोरोपंतजी पिंगले, अशोक सिंघल, महन्त अवैध्यनाथ एवं कोठारी बंधुओं ने इस आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने अपने स्मरण को साझा करते हुए कहा कि श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए जब 1989 में आन्दोलन चल रहा था, तब वे मेरठ में थे। भेष बदलकर हमने इस आन्दोलन में भाग लिया था। हमारे साथ हजारों लोगों ने इस आन्दोलन में भाग लिया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उनकी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र जल्द ही अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। अयोध्या में जो श्रीराम मन्दिर बनेगा उसका स्वरूप भी देखकर आयेंगे।

समूची अयोध्या हुई राममय, हर जगह लहरा रही केसरिया पताका

अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए जिस तरह से समूचे क्षेत्र को सजाया जा रहा है, यहां हर घर में उल्लास, जश्न, भजन-कीर्तन का माहौल हो रहा है। इससे त्रेतायुग जैसा माहौल बना हुआ है। शास्त्र और पुराणों में उल्लेख के अनुसार त्रेतायुग में भी कुछ इसी तरह का माहौल था। राम राज्य वाले उस युग में हर कोई प्रेम, श्रद्धा और भजन-कीर्तन में मग्न रहता था। ईश्वर को सदैव स्मरण करना वहां की दैनिक दिनचर्चा थी। न किसी को कोई भय था और न ही अत्याचार होता था। हर जगह दीपक जगमगाते थे। आज एक बार फिर अयोध्या में वैसा ही माहौल देखा जा रहा है। भूमिपूजन से पहले अयोध्या राममय है। मंदिरों में रंग-रोगन, छतों पर केसरिया पताका, दीवारों पर रामायणकालीन नयनाभिराम दृश्य, जगह-जगह तोरण द्वार सजाए गए हैं। 

साकेत कालेज से हनुमानगढ़ी और श्रीरामजन्मभूमि तक पीएम जिस मार्ग से गुजरेंगे वहां के दोनों तरफ घर-दुकान से लेकर धर्मस्थल तक पीले रंग से रंग दिए गए हैं। श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य कार्यक्रम स्थल को भव्य सजाया जा रहा है, इसके थाईलैंड से खास फूल मंगाए गए हैं। अवध विवि की छात्राएं फूलों-रंगों, कलश-रंगोली की कलाकृतियों से अयोध्या की मौलिकता की झांकी परिसर में सजा रही हैं। उधर, संत-धर्माचार्य और विहिप-संघ से जुड़े अतिथि अयोध्या पहुंचने लगे हैं। ट्रस्ट ने सभी अतिथियों को चार अगस्त तक कारसेवकपुरम में आने का आग्रह किया है। 
 

इस तरह रहेगा पीएम का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच अगस्त को 11 बजकर 15 मिनट पर साकेत कालेज के हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से हनुमानगढ़ी जाकर 7 मिनट तक पूजन करेंगे, फिर श्रीरामजन्मभूमि के गेट नं. 3 से रामलला के दगबार में 12 मिनट पूजन का कार्यक्रम है, यहां से सीधे गर्भगृह में भूमिपूजन करके राममंदिर की ईंट रखेंगे। यहां 45 मिनट तक संबोधन का कार्यक्रम भी है। वह दो घंटे से अधिक समय यहां पर रहेंगे, सूत्र बताते हैं कि पूजन के बाद हेलीपैड जाने से पहले सीएम योगी के साथ सरयूपूजन भी करने घाट तक जा सकते हैं।

नगर निगम की टीम ने कालरा ट्रेडर्स गोदाम से पकड़ी 15 क्विंटल पॉलिथीन, एक लाख जुर्माना

निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत के नेतृत्व में टीम ने पुष्कर मंदिर मार्ग पर पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कालरा ट्रेडर्स के गोदाम में छापे के दौरान 15 क्विंटल पकड़ी गई। मौके पर व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन भी पहुंचे और निगम की कार्रवाई का जमकर विरोध कर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने निगम पर बदले की भावना से कार्य करने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत ने गोदाम पर मौजूद कर्मचारी से पूछा कि क्या तुम पॉलिथीन बेच रहे हो। इस पर कर्मचारी ने हां में जवाब दिया। इसके बाद व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन शांत हो गए और वहां से चलते बने। इसके बाद टीम ने गोदाम स्वामी यश कालरा पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका।