श्री रीठा साहिब गुरूद्वारा दरबार में मात्था टेक सीएम ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में सिखों के प्रमुख तीर्थ स्थल गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में जोड़ मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के श्री रीठा साहिब पहुचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा दरबार मे मत्था टेक कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने श्री रीठा साहिब में आयोजित जोड़ मेले की सभी को लख-लख बधाइयां देते हुए कहा की मेरी प्रार्थना है कि यह मेला सभी के जीवन में नव तरंग, नव उमंग और नवसृजन लेकर आए। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज मुख्य सेवक के रूप में रीठा साहिब जैसे पवित्र स्थल पर अरदास करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में कहा गया है कि जितने बैसन साध जन, सो थान सुहन्दा अर्थात जहाँ महापुरुषों के चरण पड़ते हैं वह स्थान तीर्थ बन जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, बताया जाता है कि वर्ष 1501 में श्री गुरु नानक देव जी अपने शिष्य मरदाना के साथ रीठा साहिब आए तो इस दौरान उनकी मुलाकात सिद्ध मंडली महंत गुरु गोरखनाथ के शिष्य ढेरनाथ से हुई। जब गुरु नानक महाराज और ढेरनाथ के बीच लंबा संवाद चल रहा था, तभी शिष्य मरदाना को भूख लगी। जब भोजन ना मिला तो फिर निराश होकर श्री गुरु नानक देव के पास पहुंचा। गुरु नानक देव ने शिष्य के सामने रीठे के पेड़ को छूकर खाने का आदेश दिया। रीठा कड़वा होता है, जानकर भी मरदाना ने गुरु के आदेश का पालन करते हुए जैसे ही एक रीठे को खाया, रीठे के फल को मीठा पाया। तब से इस स्थान का नाम रीठा साहिब पड़ गया और तभी से यहां पर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भी मीठा रीठा बांटा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रीठा साहिब ऐसा दिव्य स्थान है जहां गुरुनानक देव ने सत्संग कर कड़वे रीठे में मिठास भर कर दुनिया को प्रेम, सेवा व समर्पण का संदेश दिया था। जैसी अनुभूति आप सभी को कार सेवा के समय होती है, वैसी ही अनुभूति आज मुझे ‘जोड़ मेले’ में आप सबके बीच उपस्थित होकर हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पवित्र अवसर पर आप सभी लोगों के द्वारा मुझे दिया गया सम्मान मेरे लिए महज सम्मान नहीं, बल्कि हमारी सांझी संस्कृति के तेज, त्याग और तपस्या का प्रसाद है, यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि प्रदेश की समस्त जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मैं आज इस सम्मान को, इस गौरव को गुरु नानक देव जी के चरणों में समर्पित करता हूँ एवं गुरुनानक साहब जी के चरणों में नमन करते हुए नम्रतापूर्वक यही प्रार्थना करता हूँ कि मेरे भीतर का सेवाभाव दिनों दिन बढ़ता रहे और उनका आशीर्वाद ऐसे ही मुझ पर तथा प्रदेश की सवा करोड़ जनता पर बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के मेले हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने का काम करते हैं। पहले जब संचार और परिवहन की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, तो इन मेलों और त्यौहारों के द्वारा ही मित्रों और सगे- संबंधियों से मुलाकात संभव हो पाती थी। गुरुनानक देव जी की शिक्षाओं में ‘इक ओंकार सत नाम’ का मूल मंत्र गहन प्रेरणा देने वाला है। भलाई के मार्ग पर चलने के साथ-साथ करुणा, न्याय और समानता की भावना को प्रदर्शित करने वाली उनकी शिक्षाएं सारी मानव जाति का मार्गदर्शन करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव जी के ‘नाम जपो, कीरत करो’ के संदेश में उनकी सभी शिक्षाओं का सार है। उनकी पवित्र शिक्षाएं समस्त मानवजाति के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं तथा समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज के पवित्र उपदेश बंधुता और सौहार्द की भावना के साथ ही हमें जीवन को सकारात्मक रूप से जीने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसम्मान पर आधारित जीवन जीने का बोध कराया है तथा भारतीय समाज और संस्कृति को एक नयी ऊर्जा और चेतना दी। उनका आध्यात्मिक दर्शन व्यक्ति को सेवा भाव के लिए प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की ऐसी पवित्र शिक्षाओं के प्रचार और प्रसार के लिए उत्तराखण्ड की धरती समर्पित है। देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पवित्र धरती गुरु परम्परा की समृद्ध थाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के इस चमत्कारिक शक्ति केन्द्र रीठा साहिब के अलावा गुरु गोविंद सिंह जी की दिव्य तपस्थली हेमकुंट साहिब, नानकमत्ता साहिब और गुरु परम्परा के अनेक पवित्र स्थल इस उत्तराखण्ड की धरती पर गुरु महाराज की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में स्थित इन पवित्र सिक्ख तीर्थ स्थानों पर मत्था टेकने की हर संगत की आस होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय में स्थित गुरुओं के पावन द्वार हेमकुंट साहिब की यात्रा का संकल्प लेकर भी अनेक स्थानों से हर साल बड़ी संख्या में संगत हेमकुंट साहिब की यात्रा पर उत्तराखण्ड आती है। उन्होंने कहा कि पहले हेमकुंट साहिब की यह यात्रा कठिन लगती थी पर अब पहाड़ों पर सड़कों के विस्तार हो जाने से सुविधाजनक हो गयी है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए प्रसन्न्ता का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हेमकुंट साहिब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा हैं। अब दुनियाभर से सिक्ख श्रद्धालु हेमकुंट साहिब के दर्शन सुविधापूर्वक कर पायेंगे। यह प्रधानमंत्री जी के ही कुशल नेतृत्व का प्रतिफल है कि आज करतारपुर कॉरिडोर प्रारंभ करने जैसा कठिन कार्य पूर्ण हो पाया और सिख समाज की जो वर्षों पुरानी मुराद थी वो पूरी हो पाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ओर जहां 26 दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए पहली बार ‘वीर बाल दिवस’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। वहीं दूसरी ओर गुरू तेग बहादुर जी की जयंती पर सूर्यास्त के बाद लाल किले से जनता को संबोधित कर इतिहास रचने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि आज हम सब इस पावन पर्व पर गुरुओं की पवित्र शिक्षाओं पर अटूट श्रद्धा और दृढ़ विश्वास के साथ पवित्र परम्पराओं को आगे बढाने का संकल्प लें, साथ ही गुरु महाराज के बताये गये मार्ग पर न्यायपूर्ण, समावेशी और सामंजस्यपूर्ण समाज के सपने को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित करने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे इस संकल्प की पूर्ति में प्रदेश की जनता का सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रीठासाहिब में लधिया नदी में मोटर पुल के निर्माण की घोषणा की गई। गुरुद्वारा में मत्था टेकने के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने उससे लगे गुरु गोरखनाथ मन्दिर में भी दर्शन कर आशिर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-शांति की कामना की।
इससे पूर्व जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गाज चन्योली पहुँचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान वहां आयोजित कार्यक्रम में नंदा कान्वेंट पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा स्वागत गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, चाहे वह फलों के क्षेत्र में हो, साइंस सिटी के क्षेत्र में हो या शिक्षा आदि के क्षेत्र में हो। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनपद का सुदूरवर्ती क्षेत्र भी हर क्षेत्र में विकास की धारा से जुड़े और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुचें। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को रखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं पर आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिये शीध्र प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर कार सेवा प्रमुख बाबा बचन सिंह, बाबा सुरेन्द्र सिंह,बाबा तरसेम सिंह जी, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, बाबा जसविंदर सिंह, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल महरा, देश विदेश से आए श्रद्धालु, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

टनकपुर में मुख्यमंत्री ने खाटू श्याम जागरण में किया प्रतिभाग

टनकपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खाटू श्याम दरबार के दर्शन कर टनकपुर में खाटू श्याम मित्र मंडली के तत्वाधान में उत्सव गार्डन में खाटू श्याम जागरण में दीप प्रज्वलित कर प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री धामी ने देर शाम खाटू श्याम के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश जनता के सुख और समृद्धि शांति की कामना वहीं दर्शन के तत्पश्चात खाटू श्याम मित्र मंडली द्वारा आयोजित भजन संध्या एवं भव्य खाटू श्याम जागरण में देश के प्रसिद्ध कलाकार राहुल राज म्यूजिकल ग्रुप, मास्टर बॉबी, दिल्ली साक्षी अग्रवाल, राजस्थान अजय सिंह बीकानेर, खाटू श्याम के भजन गाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
वहीं बाबा खाटू श्याम जी का जय का उदघोष करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि जो मुझे यहां बाबा के भक्ति में विशिष्ट कार्यक्रम में आने का अवसर प्राप्त हुआ जिससे मुझे यहां बाबा के दर्शन करने का मौका मिला यहां आकर सुखद लग रहा है जितने लोग भी इस दरबार में आए हैं उन्हें भक्ति में रस प्राप्त होगा उन्होंने कहा कि आप सभी पर बाबा की कृपा बनी रहे जिस पर भी बाबा की कृपा होगी वह इस दरबार में दर्शन के लिए आएगा। मुझ पर भी यह कृपा बनी अभी मैं आज इस दरबार में पहुंचा बाबा सभी पर कृपा बनाए रखेंगे। राज्य, देश, विश्व का कल्याण करें। उन्होंने कहा कि बाबा की महिमा असीम है मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से बाबा खाटू श्याम राजस्थान तक बस सेवा का संचालन किया गया है जिससे यहां के भक्तों को बाबा के दर्शन आसानी से हो रहे हैं शीघ्र ही देहरादून से भी बाबा खाटू श्याम के लिए बस सेवा संचालित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आज मुझे इन्हीं के आशीर्वाद से प्रदेश की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी का नौ वर्ष का सफल कार्यकाल रहा है। इन 9 वर्षों में भारत का मान सम्मान बढ़ा है। भारत दुनिया का ,श्रेष्ठ, समरथ भारत बनने जा रहा है भारत के प्रति लोगों की श्रद्धा बड़ी है इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं टनकपुर से बागेश्वर तक रेल लाइन के निर्माण की कार्यवाही गतिमान है। मां पूर्णागिरि शारदा घाट समेत अनेक मंदिरों का सुंदरीकरण विकास कार्य करने के साथ ही यहां के विभिन्न धार्मिक स्थलों को मानसखन्ड माला में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि मेला वर्ष भर संचालित किए जाने में भी कार्य हो रहा है। टनकपुर में आईएसबीटी पार्किंग निर्माण गेस्ट हाउस निर्माण समेत अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं अन्त में उन्होंने कार्यक्रम आयोजन हेतु सभी को बधाई दी।
इस अवसर पर रोहिताश अग्रवाल, मुख्य यजमान महेंद्र बंसल, राजीव अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, संजय गर्ग, राकेश अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, मनविंदर छाबरा, वैभव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, मुकेश गोयल, जयश्याम अग्रवाल, सुनील शरन, गोपाल शरन, दीनदयाल अग्रवाल, रिपुदमन तड़ागी सहित आदि लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने ली मानसखंड मंदिर माला मिशन के संबंध में बैठक

मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में चिन्हित 16 मन्दिरों की भव्यता के लिए किये जा रहे कार्यों में तेजी लाई जाए। इन मंदिरों के मार्गों में आवागमन की बेहतर सुविधा के साथ ही अन्य जो भी विकास किया जाना है, उसको सुनियोजित तरीके से समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के सबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मंदिरों के आस-पास श्रद्धालुओं के लिए ठहरने के लिए होटल, होम स्टे आदि की भी बेहतर व्यवस्थाएं करनी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत जो भी कार्य किये जा रहे हैं, 20 से 25 सालों में इन धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत जो मंदिर विकसित किये जा रहे है, श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए आवागमन की और बेहतर सुविधाएं मिले इस दिशा में निरन्तर कार्य किये जायेंगे। इसके लिए रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जायेगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसखण्ड कोरिडोर के लिए सड़कों के चौड़ीकरण, सुधारीकरण एवं डामरीकरण के जो कार्य चल रहे हैं उनमें तेजी लाई जाय।
मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 मंदिरों की भव्यता के लिए कार्य किया जा रहा है। जिसमें जनपद अल्मोड़ा में जागेश्वर महादेव मंदिर, चितई गोलू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर कटारमल, कसार देवी मंदिर, नन्दा देवी मंदिर, जनपद पिथौरागढ़ में पाताल भुवनेश्वर मंदिर, हाट कालिका मंदिर, जनपद बागेश्वर में बागनाथ मंदिर, बैजनाथ मंदिर, जनपद चम्पावत में पाताल रूद्रेश्वर, मां पूर्णागिरी मंदिर, मां बाराही देवी मंदिर, बालेश्वर मंदिर, नैनीताल जनपद में नैनादेवी मंदिर, कैंचीधाम मंदिर एवं जनपद उधमसिंहनगर में चौतीधाम मंदिर शामिल हैं।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कांग्रेस ने पूर्व सीएम एनडी तिवारी को भुलाया, तो धामी ने किया सम्मान

रुद्रपुर। राजनीति के पुरोधा रहे पं. नारायण दत्त तिवारी भले ही आज इस दुनिया में नही हैं। लेकिन आज भी उनके चाहने वाले या समर्थकों की कमी नही है। साल 2002 से 2007 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे तिवारी को कांग्रेस ने भुला दिया हो लेकिन उनके कामों को सम्मान देने का काम किया है सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने।

उत्तराखंड की सियासी पिच पर धुआंधार बैटिंग कर रहे पुष्कर सिंह धामी इस बात से भली भांति परिचित है कि राज्य में सिडकुलों की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसे किसी भी स्तर पर नकारा नहीं जा सकता है। इसके साथ ही धामी यह बात भी जानते है कि आज भी राज्य के बड़े स्तर पर पार्टी के इतर तिवारी समर्थकों का बड़ा वर्ग है। नैनीताल सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी तराई क्षेत्र में भी खासा लोकप्रिय रहे हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राजनीतिक रुप से साहसिक फैसला लेते हुए पंतनगर सिडकुल को उनके नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के पद चिन्हों पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी उन पंक्तियों को भी चरितार्थ भी किया है जिसमें उन्होंने कहा था…….. सत्ताएं तो आती जाती रहेंगी ………..लेकिन व्यक्ति के कार्य और उसके साहसिक फैसले हमेशा याद रखे जायेंगे। जिन पंडित नारायण दत्त तिवारी को अब तक किसी भी सरकार ने सम्मान नही दिया और अपने नेता को भुला चुकी कांग्रेस गुटबाजी के भंवर में फंसी हुई है। ऐसे समय में सीएम धामी ने तराई में उनकी प्रतिमा का सिर्फ अनावरण ही नही किया बल्कि कार्यक्रम में ऐसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बुलाकर उनका सम्मान भी किया।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लिये गये मुख्यमंत्री धामी के इस साहसिक फैसले की राज्य में ही नही राज्य से बाहर भी राजनीतिक गलियारों में खूब सराहना हुई। वहीं अपना और अपने नेता का सम्मान होते देख कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसी नेता भावुक नजर आये और दिल खोलकर सीएम धामी की प्रशंसा की। यही नहीं नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिन्दाबाद के नारे लगाकर उपस्थित जनसमुदाय को अंचभित भी कर दिया। ऐसे मौके राज्य में कम ही देखने को मिले है कि विपक्षी नेता सत्तासीन नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगाये। कांग्रेस नेता का यह वीडियो कुछ ही पलों में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो गया। जिस पर खूब सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सोशल मीडिया यूर्जस ने सीएम धामी के नेतृत्व क्षमता और फैसले की खूब तारीफ की। निकाय और लोकसभा चुनाव से ऐन पहले लिए गये सीएम धामी के इस फैसले से उत्तराखंड कांग्रेस सकते में है।

राज्य की सियासत में कई मिथकों को तोड़ चुके सीएम धामी ने अपने फैसलों से सभी को अपनी मुरीद बनाया हुआ है। विपक्ष के विधायकों के साथ विकास कार्यों को लेकर बैठक हो या फिर बड़े नेताओं के साथ तमाम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा। यही वजह है कि धामी का विरोध करने के बजाय कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत, प्रीतम सिंह, हरीश धामी भी समय-समय पर उनकी तारीफ करते हुए नजर आते हैं।

सीएम ने भाजपा जिला कार्यालय काशीपुर का किया भूमि पूजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में भाजपा जिला कार्यालय का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री के आह्वान पर जिस ’’नव भारत’’ के निर्माण के यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है उसमें हम सभी ने अपने श्रम की आहुति देनी है तथा ’’एक भारत’’ और ’’श्रेष्ठ भारत’’ के महा संकल्प को साकार करना है। हमारा देश आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल व ऊर्जावान नेतृत्व में देश में अमृत युग प्रारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री के दिशा निर्देशन में एक ओर जहां भारत राष्ट्रीय स्तर पर विकास की नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं वैश्विक स्तर पर एक सशक्त, सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर देश के रूप में एक नई पहचान प्राप्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एकात्म मानववाद के विचारक स्व. दीनदयाल उपाध्याय तथा अपनी आदर्श छवि एवं विशिष्ट बौद्धिकता से सम्पूर्ण विश्व में भारत के गौरव को बढ़ाने वाले भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।

नैनीताल और यूएस नगर के विधायकों ने मुख्यमंत्री की पहल को सराहा, जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं. गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के प्रशासनिक भवन सभागार में जनपद नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसमें विधानसभा क्षेत्र लाल कुआं, भीमताल, नैनीताल, कालाढूंगी, काशीपुर, गदरपुर, रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल थे। समीक्षा बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, मोहन बिष्ट, सरिता आर्य, शिव अरोरा, राम सिंह कैड़ा सहित शासन एवं जनपदों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित विधायकगणों ने मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुये उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने विधायकगणों द्वारा इंगित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि प्रत्येक माह की एक तारीख तक समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के लाभार्थियों की पेंशन उनके खाते में पहुँच जाये। साथ ही छात्रों को उनके समस्त प्रकार के आवश्यक प्रमाण पत्र उनको विद्यालय में ही उपलब्ध कराये जाने का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा सरलीकरण के रास्ते पर चलने हेतु वन विभाग को प्रोत्साहित किया गया। प्रत्येक जिले में सर्किट हाउस बनाने के लिए निर्देश भी उन्होंने दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आने वाले बारिश के सीजन को देखते हुए आपदा राहत की तैयारियों के साथ जल जनित बीमारियों को दूर रखने के लिए साफ़ सफ़ाई अभियान चलाने, लम्पी वायरस से बचाव के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाये। मुख्यमंत्री ने बैठक में उठाये गये बिंदुओं को शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्रों की जिन जन समस्याओं को रखा जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेकर शीघ्र समाधान करायें। विकास कार्यों को एक दूसरे पर थोपे जाने के बजाय विभागीय अधिकारी उनका आपसी समन्वय के साथ निस्तारण पर ध्यान दे। जिन जन समस्याओं का समाधान जल्दी हो सकता है, उन्हें शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि गणों द्वारा विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न घोषणाओं के लिए जो भी प्रस्ताव आते हैं, उनका पहले भली भांति परीक्षण कर लिया जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि यह घोषणा कितनी समयावधि में पूर्ण हो जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में एक नई कार्य संस्कृति लागू करनी है। जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए अधिकारी संवादहीनता को दूर कर आपसी समन्वय बढ़ाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विधायकगणों द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्रों की जिन जन समस्याओं को बैठक में रखा गया है, सभी विभागीय सचिव उनको प्राथमिकता में लेते हुए यथाशीघ्र समाधान करें।

बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, नहरों के मरमत्तीकरण, बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य, सीवरेज एवं ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, पर्यटक स्थलों के विकास एवं विधानसभा क्षेत्रों की अन्य समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी जन समस्याएं रखी गई हैं, उनका हर संभव समाधान किया जायेगा।

आदर्श चंपावत एवं आदर्श उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में बढ़ा एक और कदमः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के गोरलचोड़ स्थित आडिटोरियम में स्मार्ट स्कूल-स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे उन्होंने इसे चंपावत को आदर्श जनपद बनाने की दिशा में बढ़ाया कदम बताते हुए कहा कि यह आदर्श उत्तराखण्ड के लिये भी अच्छी पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’सम्पर्क’’ अर्थात ’’जुड़ना’’, समाज के वंचित और हाशिए पर रह रहे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना संपर्क फाउण्डेशन के उद्वेश्य को सार्थक करता है। उन्होंने इसके लिये सम्पर्क फाउण्डेशन के प्रयासों को भी समाजहित में बताया। उन्होंने कहा कि आज का युग साइंस और टेक्नोलॉजी का है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी कहा करते हैं कि देश के विकास के लिए लोग साइंस और टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग करें। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम कार्यों को आसानी के साथ ही कम समय में अधिक काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा की विद्यालयों को संपर्क स्मार्ट डिवाइस दिए गए हैं जिससे बच्चे आसानी से, सरल भाषा में, आनंदमय तरीके से शिक्षा ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। दुनिया में अनेक देशों की अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है, खराब हो रही है वहीं भारत की अर्थव्यवस्था इस विषम समय में भी 11 वें स्थान से 5 वें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गई है। आने वाले समय में स्वतंत्रता की शताब्दी में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बन जाएगा। किसी भी देश का सामाजिक एवं आर्थिक विकास उस देश के नौनिहाल व बच्चें है। उनकी शिक्षा किस प्रकार की हो, उसकी गुणवत्ता किस प्रकार की हो उस पर निर्भर करता है। यह सब कार्य शिक्षकों के जिम्मे है। पहला संस्कार माता-पिता देते हैं दूसरा शिक्षक गण देते हैं। उन्हें जीवन में शिक्षा देने, आगे बढ़ाने का कार्य शिक्षक करते हैं। चंपावत से निकलने वाले बच्चें विभिन्न क्षेत्रों में जाएंगे वहां जाकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही गांव, क्षेत्र, जिला, प्रदेश का नाम रोशन करेंगे, वहीं शिक्षकों का भी नाम रोशन करेंगे, जहां से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का चम्पावत में बनाये जा रहे कैंपस का शासनादेश जारी कर दिया गया है। साथ ही चम्पावत जिले के सभी विद्यालय भवनों का जीर्णाेद्धार, सौंदर्यीकरण सहित सभी में आवश्यक सुविधाए उपलब्ध करायी रही है, उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़़े व्यक्ति तक आधुनिक शिक्षा पहॅुचाने का कार्य संपर्क फाउण्डेशन, सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अभिनव और अपनी तरह का पहला अध्ययन कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार और संपर्क फाउंडेशन की यह साझेदारी शिक्षा की बेहतरी के लिये किया जा रहा प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं साथ ही अनेक चुनौतियां भी आई है। इन सभी चुनौतियों के मध्य नई शिक्षा नीति आई है। यह नीति स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा को नए आयाम देने का कार्य करेगी। वही सभी वर्गों के लोगों के लिए समानता के अधिकार के तहत शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी। नई शिक्षा नीति के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के अध्ययन छात्र छात्राओं को लाभ मिलेगा। उत्तराखंड प्रथम राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति है जो उसे स्कूली शिक्षा में पूरी तरह से लागू किया गया है। संपर्क फाउंडेशन ने इस कार्य में जो स्मार्ट कक्षाओं की नींव रखी गई है उससे बच्चों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर सम्पर्क फाउंडेशन के फाउंडर चेयरमैन, विनीत नायर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शासकीय स्मार्ट स्कूल्स स्मार्ट ब्लॉक्स कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में चंपावत जिले के चंपावत ब्लॉक में 137 स्कूलों के 274 शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर 5484 बच्चों के अध्ययन के परिणामों में सुधार लाना है। चंपावत ब्लॉक में 100 दिनों तक सफल क्रियान्वयन करने के बाद इस कार्यक्रम का विस्तार समयबद्ध तरीके से पौड़ी जिले के खिर्सु ब्लॉक में किया जाएगा। सम्पर्क की टीम शिक्षकों की क्षमताओं का विकास भी सुनिश्चित करेगी ताकि शिक्षण व्यवस्थित और आसान बन सके। उन्होंने बताया कि सम्पर्क फाउंडेशन अपने अभिनव अध्ययन के संसाधनों की संपूर्ण श्रृंखला को स्मार्ट स्कूल्स स्मार्ट ब्लॉक्स प्रोग्राम में ले कर आया है। ये संसाधन राज्य के पाठ्यक्रम और एससीईआरटी के अनुरूप है, और कक्षा में अध्ययन की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल देंगे सुविधा युक्त बनाने में मददगार होगा। इस कार्यक्रम के लिए सम्पर्क द्वारा प्रदान किए जाने वाले संसाधनों में हर स्कूल के लिए टीवी सेट, सम्पर्क टीवी डिवाईसेज, सम्पर्क स्मार्ट शाला एप्लीकेशन, सम्पर्क दीदी ऑडियो बॉक्स के साथ गणित एवं अंग्रेजी किट, 500 पाठ योजनाएँ , 1100 पाठ के वीडियो, टीएलएम के साथ 450 गतिविधियां, कक्षा और विषय के अनुरूप 2000 वर्कशीट, मूल्यांकन के लिए 3000 प्रश्न – केबीसी के प्रारूप में सम्पर्क दीदी के सवाल, कक्षा 6 से 8 के लिए विज्ञान विषय पर गाने एवं प्रयोग के वीडियो और शिक्षकों के लिए संसाधन पुस्तिका शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सम्पर्क एफएलएन टीवी कक्षा 1 से कक्षा 5 के लिए एक किफायती प्लग-एंड-प्ले डिवाइस है, जिसमें एक एंड्रॉयड सेट-टॉप बॉक्स और एक रिमोट होता है। इसे संभालना और चलाना बहुत आसान है और यह सामान्य टेलीविज़न को एक संवादपूर्ण एवं दिलचस्प अध्ययन के मंच में बदल देता है, जिससे कक्षा एक स्मार्ट क्लासरूम बन जाती है। सम्पर्क की टीम जिला, ब्लॉक, और क्लस्टर के स्तर पर शैक्षणिक पदाधिकारियों को स्कूलों और कक्षाओं में टीएलएम और संसाधनों के उपयोग पर निगरानी रखने का प्रशिक्षण भी देगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक आदर्श चंपावत की जो अवधारणा दी थी वह सफलता के नए मुकाम गढ़ रही है। जिसके तहत चम्पावत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जनपद के विकास के लिए शासन की ओर से लगातार फंडिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें कुछ कार्य प्रारंभ हो चुके हैं तथा कुछ कार्य योजना स्तर पर हैं। जनपद में साइंस सेंटर का भी निर्माण होने जा रहा हैं। जिसके लिए भूमि भी हस्तांतरित की जा चुकी है साथ ही डीपीआर के लिए भी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि चंपावत शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में अलग ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयास से पिटकुल सीएसआर के तहत पहली बार जनपद के बहुत से विद्यालय (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों) में कंप्यूटर लैब लगाई जाएंगी साथ ही उन्होंने बताया कि आपदा मद, अनटाइट फंड व जिला योजना से लगभग 10 करोड़ की धनराशि शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है। जिसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को 20 लाख की धनराशि दी गई है, जिससे वहां भी सुधार हो रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री जी द्वारा कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में बनने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए जो ऐतिहासिक कदम उठाया गया है उससे विद्यार्थियों को बहुत फायदा मिलेगा और साथ ही शिक्षा का स्तर और भी इम्प्रूव होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, अध्यक्ष नगर पालिका विजय वर्मा, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमनलता, विधायक प्रतिनिधि चंपावत विधानसभा प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, मुकेश कालखुड़िया, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा समेत जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, अध्यापक, अध्यापिका एवं संपर्क फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।

द्वारहाट में विकास कार्यों के लिये मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक सोमनाथ मेला मासी-2023 में प्रतिभाग करते हुए सोमनाथ मेले को 05 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति एवं सभ्यता महान है इसमें निरंतरता है। सदियों से इस महान संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागरूक करने का काम मेले और कौथिग करते रहे हैं। सोमनाथ का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का उदाहरण है। कत्यूरकाल से देवाधिदेव शिव को प्रत्येक गांव से नई फसल भेंट करने की चली आ रही अनूठी परंपरा इस मेले को विशिष्ट बनाती है। हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी ये मेले अहम भूमिका निभाते हैं। मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने द्वाराहाट विधानसभा के मासी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण, चौखुटिया स्थित प्रेमपुरी से छित्याड़ी-कोरनी तक मोटर मार्ग का नव निर्माण, चौखुटिया विकासखण्ड के ढौनारीठा चौरा मोटर मार्ग का सुधारीकरण, चौखुटिया से खीड़ा-खाडाखडक-झुमाखेत तक मोटर मार्ग बनाये जाने तथा खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराये जाने की घोषणा की, मुख्यमंत्री ने गगास भण्डार गांव सिचाई पमिं्पग योजना बनाये जाने तथा भूमिया मंदिर, माहासीर संरक्षण को गति दिये जाने की बात कही। इस अवसर पर बाला गोरिया पुस्तक का भी मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश पुनः ’’विश्व गुरु’’ के पद पर आरूढ़ होने की ओर अग्रसर है। आज देश में एक सशक्त नेतृत्व वाली सरकार है जिसके साथ दुनिया का हर देश खड़ा होने को आतुर है। एक ओर जहां आज हम जी-20 जैसे शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता कर रहे हैं वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्यता के लिए अनेक देश भारत का समर्थन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन उत्तराखण्ड जैसे छोटे प्रदेश को मिलना सौभाग्य की बात है। इसकी एक बैठक रामनगर में सम्पन्न हो चुकी है वहीं दो बैठकें और होनी है जिससे हमारा प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करायेगा जिससे यहां की संस्कृति, लोककला एवं खान-पान का प्रसार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करने, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाने, नई शिक्षा नीति को लागू करने, नई खेल बनाने, सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने या फिर लैंड जिहाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करने के लिये हमने राज्य हित से जुड़े कार्यों को मूर्तरूप देने का कार्य किया है। हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वाेपरि हैं जब तक हमारी सरकार है हम किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हम दृढ़ संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में दशकों से गरीबी हटाओं के नारे तो खूब दिए गए लेकिन गरीबी हटाने का असल काम किसी ने किया तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही किया। उन्होंने कहा कि गरीबी के दर्द को प्रधानमंत्री जी ने समझा, यही कारण है कि उनके नेतृत्व में आज देश में गरीबों के लिए वो कार्य हो रहे हैं जो पिछले 70 वर्षों में नहीं हुए। आज सनातन संस्कृति का जयघोष चारों दिशाओं में सुनाई दे रहा है। पूरे विश्व में सनातन का परचम लहरा रहा है। आज हमारे मंदिरों और तीर्थ स्थानों को महत्व दिया जा रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत का पुनः सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। आज चाहे, राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ व केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे को बृहद रूप देना हो या राजाधिराज महाकाल के महालोक का निर्माण हो, हमारी धार्मिक-धरोहरों को संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के पुर्ननिर्माण और अस्मिता को बचाने के लिए संकल्पित है। हम गढ़वाल के केदारखंड की भांति ही कुमाऊं में ‘मानसखंड कॉरिडोर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसके अंर्तगत कुमाऊं क्षेत्र के लगभग सभी प्राचीन मंदिरों का विकास किया जाएगा। हमने अपने एक वर्ष से कुछ अधिक के कार्यकाल के दौरान, हर क्षण यह प्रयास किया है कि समस्याओं और चुनौतियों का समाधान निकाला जाए। इस एक वर्ष के दौरान अपने कार्यों से हमने जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं पर अभी कई पड़ाव पार करने हैं। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश बनने के बाद इस मासी क्षेत्र में पहली बार मुख्यमंत्री के आने से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। सांसद ने कहा कि एक समय था जब बजट का 28 प्रतिशत ही क्रेन्द्र सरकार दिया करती थी और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में 42 प्रतिशत बजट केन्द्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है जिससे इस क्षेत्र के सभी गॉव सड़क मार्ग से जुड़ रहे है। केन्द्र सरकार दी जा रही किसान सम्मान निधि से किसानों की आय में वृद्वि हो रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत सभी घरों शुद्व पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज प्रारम्भ हो चुका है तथा पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज के लिए धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है जिससे सीमान्त क्षेत्र में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति को मिले इसके प्रयास हम सभी को मिल कर करने होंगे। क्षेत्रीय विधायक श्री मदन बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न मागें उनके समक्ष रखी।

इस अवसर पर रानीखेत विधायक डा0 प्रमोद नैनवाल, विधायक सल्ट महेश जीना, पूर्व विधायक महेश नेगी, अनिल साही, भाजपा जिलाध्यक्ष लीला बिष्ट, मेला अध्यक्ष विपिन शर्मा, शिवराज सिंह, पूर्व भाजुयमो प्रदेश अध्यक्ष कुन्दन लटवाल, मण्डल अध्यक्ष मासी चन्द्र प्रकाश फुलेरिया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रूचिता जुयाल, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अन्य लोग उपस्थित रहे।

अधिकारियों को यू-सेट परीक्षा तिथि घोषित करने के निर्देश

प्रदेश में राज्य पात्रता परीक्षा (यू-सेट) शीघ्र आयोजित की जायेगी। यू-सेट के आयोजन के लिये कुमाऊं विश्वविद्यालय के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं, शीघ्र ही परीक्षा तिथि घोषित कर दी जायेगी। इस परीक्षा को पास करने पर प्रदेशभर के युवाओं की प्रोफेसर बनने की राह और भी आसान हो जायेगी।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही राज्य पात्रता परीक्षा (यू-सेट) आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय को इस परीक्षा का आयोजन करना है, लिहाजा विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा तिथि जल्द घोषित करने के निर्देश दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि यू-सेट के आयोजन के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जरूरी दिशा-निर्देश मांगे गये थे, जिस पर यूजीसी की अनुमति मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन को ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लम्बे अंतराल के बाद यू-सेट की परीक्षा आयोजित होने जा रही है लिहाजा इस परीक्षा में प्रदेशभर के हजारों छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगी, परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी औचारिकताएं समय पर पूरे करने को कहा गया है। डॉ. रावत ने उम्मीद जताते हुये कहा कि यू-सेट के सफल प्रतिभागियों राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की राह आसान हो जायेगी। उन्होंने कहा कि यू-सेट में वही कामन विषय शामिल हैं जो मुख्यतः कालेजों में संचालित हैं। जिसमें प्रमुख रूप से हिंदी, इंग्लिश, सोशियल साइंस, हिस्ट्री, ज्योग्राफी, सोशियोलॉजी, फिजिकल एजूकेशन, बायोलॉजी, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, कॉमर्स आदि विषय शामिल है।

’क्या है सेट’
स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) सहायक प्राध्यापक की नौकरी के लिए अनिवार्य है। इस परीक्षा को पास करने के बाद सीधे तौर पर सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन किया जा सकता है। यदि यह नहीं हो तो पीएचडी व नेट होना जरूरी है।

जागेश्वर धाम को विकसित करने पर जोर दे रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डोल आश्रम पहुॅचकर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र में पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने एक साधक के रूप में पांच दशकों तक लगातार साधना की और सम्पूर्ण भारत वर्ष के अन्दर अनेकों ऐसे प्रकंल्प खड़े किये जिनके माध्यम से सामान्य घर में पैदा होने वाले, गरीब घर में पैदा होने वाले लोगों के उत्थान का कार्य, शिक्षा देने का कार्य, स्वास्थ्य सुविधा देने का कार्य, एवं उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने इस आश्रम में जिस प्रकार से श्रीयंत्र स्थापित किया है आने वाले समय में केवल भारतवर्ष ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लोग इस आश्रम में शान्ति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को बुद्व पूर्णिमा की बधाई दी और महात्मा बुद्व के धर्म, शान्ति एवं अंहिसा के मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि बाबा जी की जो सोच है कि आने वाले समय पर यहॉ से पलायन पर रोक लगे और यहॉ के लोगों को यहीं पर कार्य करने का अवसर मिले, इस क्षेत्र में यह केन्द्र सभी के अन्दर कही न कही जागृति लाने और उस दिशा में प्रेरित करने का कार्य भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम जहां एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, वहीं युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य भी इसके माध्यम से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह आश्रम हमारी जो पुरानी सभ्यता, संस्कृति है उसकी जीती-जागती मिशाल है। यह साधना और आध्यात्म का एक भव्य और दिव्य केन्द्र है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये उत्तराखण्ड का संकल्प लेकर निरन्तरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भी पॉचवें धाम के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका सम्पूर्ण विश्व में लहरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्व है, इसके लिए हमारी सरकार एक कठोर धमार्न्तरण का कानून लेकर आयी है। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा तथा समान नागरिक संहिता को लागू किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहॉ पर 03 नये पार्किग स्थल विकसित किये जायेंगे तथा आश्रम में जो संस्कृत विद्यालय संचालित किया जा रहा है उसका महाविद्यालय बनाने के लिए या विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि डोल आश्रम को पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने स्थापित किया। उनकी सोच के अनुरूप धर्म, आध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा के एक बड़े केन्द्र के रूप में यह आगे बढ़ रहा है एवं विकसित हो रहा है। उन्होंने महाराज जी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि उन्होंने सम्पूर्ण जीवन यहॉ के लोगों की सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में लगाया। उन्होंने कहा कि जो हमारा मानसखण्ड मन्दिरमाला मिशन है उस मिशन के अन्तर्गत यह आश्रम भी एक अंग के रूप में विकसित होगा तथा आने वाले समय में जिस प्रकार चारधाम यात्रा चलती है उसी प्रकार मानसखण्ड यात्रा एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा भी चलेगी तथा उसका एक बहुत बड़ा पड़ाव डोल आश्रम तथा जागेश्वर धाम भी होगा। उन्होंने कहा कि शासन का जो मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन का मास्टर प्लान है वह पूर्णरूप से तैयार हो चुका है, उसकी शुरूआत जागेश्वर धाम से की जायेगी।
इस अवसर पर जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूज्य महाराज कल्याणदास, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, सुभाष पाण्डे, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल, सहित अनेक अखाड़ों के मंहत, अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्वालु उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरि चौतन्य ने किया।