प्रवासी उत्तराखंडियों को उत्तरायणी मेले से जोड़ेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बागेश्वर में मकर संक्रांति पर आयोजित किये जाने वाले उत्तरायणी मेले को भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसे राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। स्थानीय संस्कृति को प्रमुखता देते हुए प्रवासी उत्तराखण्डियों को उत्तरायणी मेले से जोडा जाएगा। मेले को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिले, इसके लिए देश विदेश के पर्यटकों को बागेश्वर के उत्तरायणी मेले के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। बागेश्वर के उत्तरायणी मेले को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अटल जी के जन्म जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। राज्य सरकार ने सुशासन के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के अलग राज्य के रूप में निर्माण में अटल जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने राज्य के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज की स्वीकृति देकर राज्य की मजबूत नींव रखी थी। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में राज्य में विकास के अभूतपूर्व काम हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू गोविन्द सिंह महाराज के पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह ने अपनी छोटी सी उम्र में धर्म की रक्षा के लिये अपने प्राणों का बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री ने इस सर्वाेच्च बलिदान के सम्मान में 26 दिसम्बर को “वीर बाल दिवस“ के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी इस अवसर पर विशेष रूप से राज्य के विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
उक्त कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

नैनीताल में दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन का मामला, मुकदमा दर्ज

नैनीताल में नाम बदलकर युवती से दोस्ती और फिर दुष्कर्म के बाद धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने पीड़ित युवती की तहरीर पर आरोपी समेत पांच पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत कुमाऊं में दर्ज यह पहला मुकदमा है।

कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि क्षेत्र निवासी एक युवती ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि साकिब सैफी उर्फ शिव ठाकुर निवासी बंबाघेर ने उसके साथ नाम बदलकर दोस्ती की। जान पहचान होने पर साकिब ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसे साकिब की असलियत पता चली तो उसने विरोध किया।

आरोप है कि युवक ने उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद साकिब ने अपने दोस्तों के साथ उसकी बहन का भी पीछा करवाया। तहरीर में बताया कि आरोपी के परिजन भी उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं।

कोतवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने साकिब सैफी ऊर्फ शिव ठाकुर, सबा, यूनुस, राहिला और गजाला के खिलाफ धारा 323/354/354डी/376/504/506 व उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बताया कि आरोपी की ओर से भी तहरीर दी गई है जिसमें युवती ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की बात कही है। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। इधर, सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

मुनस्यारी के लिए कई घोषणाएं, सीएम ने कहा-प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है क्षेत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुनस्यारी स्थित जोहार क्लब मैदान में आयोजित मुनस्यारी महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी महोत्सव धीरे-धीरे विश्व प्रसिद्ध महोत्सव के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुनस्यारी के प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोहार की पावन भूमि नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण तो है ही इसका इतिहास भी बहुत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि मुनस्यारी के नैसर्गिक सौंदर्य ने उन्हें बचपन से ही आकर्षित किया है। मुनस्यारी जैसा रमणीक स्थल भारत में ही नहीं विश्व में मिलना मुश्किल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी महोत्सव के लिये 8 लाख की धनराशि दिये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मुनस्यारी में एकलव्य विद्यालय खोले जाने, मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाये जाने, मुनस्यारी में गौ रक्षा के लिए सहयोग दिए जाने, बकरियों के चुगान की अनुमति दिये जाने एवं बोना गांव में गार्डर पुल बनाए जाने की घोषणा की। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये इनके अधिकतम उपयोग किये जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुनस्यारी क्षेत्र की महान विभूतियों को याद करते हुए कहा कि जोहार की भूमि महान समाज सेवकों, चिंतकों, भू -सर्वेक्षकों एवं पर्वतारोहियों की भूमि है। उन्होंने क्षेत्र की सभी महान विभूतियों का नाम लेते हुए उनके महान कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सीमान्त क्षेत्रों एवं गांवों के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहे है। उन्होंने देश के सीमान्त गांवों को देश का अंतिम गांव न मानकर देश का पहला गांव माना है। प्रधानमंत्री ने सभी से अपनी यात्रा व्यय की 05 प्रतिशत धनराशि स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही है, इससे हमारे स्थानीय उत्पादों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी तथा हमारे लोग स्थानीय उत्पादों के उत्पादन के प्रति और अधिक ध्यान देने तथा इससे रोजगार, स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होने के साथ ही आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। मुनस्यारी क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है। इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुनस्यारी क्षेत्र के विकास के लिये 66 घोषणायें की हैं जिनमें से 32 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष घोषणाओं को पूर्ण करने के लिये जनपद एवं शासन स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के विकास के लिये चिंतन शिविरों के माध्यम से विकास का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। सभी के सहयोग एवं विश्वास के साथ 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिये हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोहरा, विधायक फकीर राम, हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

एनसीसी कैडेट्स के साथ सीएम ने किया उत्तराखंड राज्य श्रेष्ठ राज्य विषय पर संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 91.24 लाख रुपए की लागत से मॉल रोड अल्मोड़ा स्थित राजकीय पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने एन0सी0सी0 कैडटस् तथा अन्य प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के साथ ‘‘उत्तराखण्ड राज्य श्रेष्ठ राज्य‘‘ विषय पर संवाद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय पुस्तकाल भ्रमण के दौरान वहॉ आये छात्र-छात्राओं से उनके शैक्षिक अनुभवों के बारे में चर्चा की तथा पुस्तकालय के संसाधनों को बारे में फीडबैक भी प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने टाटा के सीएसआर मद के माध्यम से रेडक्रास समिति अल्मोड़ा को दी गयी वैक्सीनेशन वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सांसद अजय टम्टा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, सीडीओ अंशुल सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

सीएम ने अल्मोड़ा दौरे के दौरान लोंगों के लिया सरकार के कार्यों का फीडबैक

सीएम पुष्कर सिंह धामी आज अल्मोड़ा में मार्निग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों विशेष रूप से युवाओं से मिले और उनसे सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का फीडबैक लिया। प्रातः काल भ्रमण के दौरान सीएम ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवाओं के साथ दौड़ लगाई और बैडमिंटन भी खेला। इस दौरान युवा साथियों और स्थानीय लोगों से सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का फीडबैक भी लिया।

सीएम धामी ने युवाओं से कहा कि अच्छा स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। पढाई के साथ ही फिट रहना भी बहुत जरूरी है। खेल को हमें अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। सीएम ने कहा कि हम सभी मिलकर “खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट में पूरी तन्मयता के साथ शामिल होकर खेल के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होने का संकल्प लें।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाक़ात कर उनका हाल-चाल जाना। सूबे के मुखिया को अपने बीच पाकर युवा बेहद उत्साहित नजर आए।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी जिलों के दौरों पर जाते हैं और रात्रि विश्राम वहीं करते हैं तो सवेरे मॉर्निंग वॉक पर जरूर जाते हैं। इस दौरान आम लोगों से मिलकर उनका हाल-चाल भी जानते हैं और सरकारी विकास योजनाओं व विकास कार्यों के बारे में फीडबैक भी लेते हैं।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य के विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाये पत्रकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत जिला पत्रकार संगठन के निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष कमलेश भट्ट, उपाध्यक्ष भगवान राम उर्फ हयात राम, सचिव दीपक धामी एवं कोषाध्यक्ष दिनेश भट्ट के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन भली भांती कर जिले के विकास में अपनी सहभागिता व सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम की ताकत हमेशा क्रांति लाई है और समाज व देश को आगे बढ़ाने का काम किया है, लोगों के अंदर राष्ट्र की भावना जागृत करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। हमारा संकल्प वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसमें मीडिया अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनपद के पत्रकारों के अनुरोध को स्वीकारते हुए कहा कि पत्रकारों की सुविधा के लिए चंपावत मुख्यालय में प्रेस क्लब बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। साथ ही पत्रकारों की सुविधा के लिए जो भी आवश्यक कार्य होंगे किए जायेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, नगरपालिका अध्यक्ष चंपावत विजय वर्मा, टनकपुर विपिन कुमार, लोहाघाट गोविंद वर्मा, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बाराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमंलता, ज्येष्ठ प्रमुख मोनिका बोहरा, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, हरगोविंद बोहरा, गोविंद सामंत एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चम्पावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) देहरादून एवं जिला प्रशासन चम्पावत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महोत्सव में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु 5 वैज्ञानिकों व व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विज्ञान महोत्सव अपने आप में अति महत्वपूर्ण है, यह ऐसा पहला विज्ञान आधारित महोत्सव है जो दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमान्त 6 जनपदों से आये सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त वैज्ञानिक और प्रबुद्ध जनों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य विषय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान है। पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान, विकास के दो ऐसे घटक हैं जो विज्ञान आधारित विकास के लिए सुदृढ़ नींव का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथम सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव राज्य में वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य के हर दूरस्थ क्षेत्र तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जन जन तक विज्ञान पहुंचे और हर बच्चे में वैज्ञानिक सोच विकसित हो, यही हमारा ध्येय है और यही इस विज्ञान महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भी है। महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं (पोस्टर मेकिंग, ड्रामा, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ आदि) के माध्यम से सभी बच्चे अपनी अभिरुचियों से रूबरू अवश्य होंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस दौर में हमारे बच्चे देश और दुनिया से कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की पावन भूमि से कहा था कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसी को साकार करने की दिशा में हम लगातार कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए और आदर्श उत्तराखंड तथा आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस विज्ञान महोत्सव जैसे कार्यक्रम सुदृढ़ नींव का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां पूरे उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। यहाँ पर मैदानी, उच्च एवं मध्य हिमालयी क्षेत्र है इसीलिए सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड के लिए सबसे पहले चम्पावत जनपद को मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने का प्रण लिया है। जिसके लिए राज्य सरकार के सभी विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं और यूकॉस्ट इसमें नोडल एजेंसी का कार्य कर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शोध, अनुसंधान और नवाचार पर विशिष्ट ध्यान दे रही है। राज्य में वैज्ञानिक सोच को जागृत करने, विज्ञान शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु और नवाचार अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के हर क्षेत्र तक अनुसंधान और शोध गतिविधियों को पहुँचाने हेतु लैब्स ऑन व्हील का कांसेप्ट राज्य के हर जनपद के लिए लाया गया है, ताकि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी शोध और अनुसंधान गतिविधियां पहुंच सकें। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता हेतु हल्द्वानी में यूकॉस्ट और एरीज साथ मिलकर ’एस्ट्रो पार्क’ का निर्माण कर रहे हैं जो पारम्परिक और आधुनिक ज्ञान एवं विज्ञान का मिश्रण होगा। अल्मोड़ा में एक उप क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है जहाँ पर विज्ञान आधारित गतिविधियां और कार्यक्रम संचालित होंगे। चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है ताकि क्षेत्र में विज्ञान आधारित शिक्षा और जागरूकता का संचार हो।
महोत्सव में आयोजित संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा सीमांत जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों से भी संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को जाना तथा उन्हें आश्वस्त किया, जिसमें बागेश्वर से आई बाल वैज्ञानिक प्रिया महर द्वारा बागेश्वर में खोली गई अटल टिंकरिंग लैब को अन्य जनपदों में भी खोले जाने, चमोली से आई निकिता चमोली एवं उत्तरकाशी से आई अंकिता रावत द्वारा उनके जनपद में भी इसी प्रकार का विज्ञान महोत्सव का आयोजन कराए जाने, रूद्रप्रयाग जिले से आई मधु रावत द्वारा उनके जिले में टिंकरिंग लैब खोले जाने, पिथौरागढ़ से आए बाल वैज्ञानिक लक्ष्य रौतेला द्वारा अंतरिक्ष क्लब तथा लैब की स्थापना किए जाने व चम्पावत की प्रियंका उप्रेती द्वारा इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव लगातार आयोजित करने की बात मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।
इस दौरान इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय में मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण किए जाने, जिम कक्ष का निर्माण व खेल मैदान का विस्तारीकरण करने की घोषणा की।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत द्वारा आयोजित दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिक प्रबुद्धजन जनप्रतिनिधि बाल वैज्ञानिक, यूकॉस्ट के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।