धरातल पर विकास योजनाओं के कार्य दिखाई दें-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में हल्द्वानी शहर के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई 2200 करोड़ की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकास योजनायें धरातल पर दिखाई दे यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवा ही हमारा लक्ष्य है। आम जनता से जुड़ी योजनाओं का समय से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने समेकित शहरी अवसंरचना विकास योजना के तहत एडीबी द्वारा वित्त पोषित नगर के विकास हेतु डीपीआर तैयार कर रही कार्यदायी संस्था (यूयूएसडीए) उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर विकास एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की डी.पी.आर. अभी तैयार नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी डीपीआर में शामिल किया जाए इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था को 10 दिन के भीतर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों व अन्तर विभागीय बैठक करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर फाइनल करने से पहले अन्तर विभागीय बैठक करने से आपसी समन्वय बना रहेगा व बाद में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पडे़ेगा। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था सुनिश्चित करें कि निर्माण से पूर्व ही सड़क पर सर्विस डक्ट डाली जाए जिससे जनता को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पडे व सरकारी धन का दुरुपयोग न हो। उन्होंने मण्डलायुक्त कुमाऊ दीपक रावत को प्रत्येक सप्ताह कार्य की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए जिससे कार्य धरातल पर दिख सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी व आंकड़े मौखिक याद होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तैयारी के साथ आगामी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलम्ब के प्रति मुख्यमंत्री द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कतिपय अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण सरकार आलोचना की भागीदार बनती है। इसके लिए उन्होंने समस्त अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए साथ ही जनता के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा।
बैठक में मण्डलायुक्त दीपक रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पानी आपूर्ति और सीवरेज कार्य के लिए रूप्ये 1298 करोड़ की डीपीआर तैयार कर नियोजन एवं एडीबी को भेज दी गई है जिसमें जल आपूर्ति की कुल लागत रूपये 835.94 करोड़ व सीवरेज की रूपये 461.77 करोड. लागत की डीपीआर तैयार की गई है। वर्ष 2025 को आधार वर्ष मानते हुए 2055 तक की जनसंख्या का लक्ष्य टारगेट करते हुए डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना में जल निकासी प्रबंधन के लिए 300 करोड़., सुरक्षा एवं निगरानी के लिए 100 करोड. व शहरी परिदृश्य व परिवहन के लिए 500 करोड़. का प्राविधान है जिनकी डीपीआर फाइनल की जानी है। शहर के भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए हरित क्षेत्र के विकास हेतु सरकारी विद्यालयों, डिग्री कॉलेज व अन्य क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विकास किया जाए। कि हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें। हल्द्वानी कुमाऊॅ का प्रमुख शहर है, जहाँ निकासी व सीवरेज की प्रमुख समस्या है। वर्तमान में शहर के समस्त क्षेत्र सीवरेज से नहीं जुड़े है, इस डीपीआर के माध्यम से शहर के सीवरेज व सेप्टिक टैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे सीवरेज का शुद्धिकरण एसटीपी टैंक का माध्यम से हो सके।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि इस योजना के तहत आधुनिक तकनीक व उत्तराखंड के पौराणिक वास्तुकला (गौथिक शैली) से हल्द्वानी के पुराने बाजार का भी सौंदर्यीकरण किया जायेगा। हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें।
इस अवसर पर मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, विधायक एवं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैडा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनन्द दरम्वाल सहित जन प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मामा सीएम धामी को देख खिल उठे बच्चों के चेहरे

बनबसा स्पोर्ट्स स्टेडियम में राम दल द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत फाइनल मैच का शुभारंभ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम से समाज में फैल रहे नशे को समाप्त करने में इस प्रकार के आयोजन साकार होंगे तथा हम जन-जन को इस नशा मुक्ति अभियान से जोड़ते हुए वर्ष 2025 तक प्रदेश को नशा मुक्त प्रदेश बनाए जाने के संकल्प को साकार करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में नई खेल नीति लागू की गई है जिससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। साथ ही इसका लाभ गरीब तबके के प्रतिभावान को भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व में आज हर खेल के मैदान में भारत का डंका बज रहा है और हर जगह भारत का झंडा लहरा रहा है।
इस अवसर पर आयोजक राम दल के अध्यक्ष कमलेश भट्ट, जिला पंचायत सदस्य बनबसा रेणु अग्रवाल, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, नवीन बोरा, राम सिंह जेठी, पुष्कर कापड़ी, एम आर चंन्द, योगेश चंन्द, प्रशासन के उच्चाधिकारी आदि मौजूद रहे।

सीएम ने टनकपुर में सुनी लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ के अंतर्गत ’जन संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए जनता की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण हेतु निर्देशित किया। इस दौरान कई संगठनों व लोगों ने अपनी समस्याओं को सीएम के समक्ष प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो समस्या जिला स्तर पर हल हो सकती है उनका समाधान निर्धारित समय पर होना चाहिए। वह समस्या अनावश्यक शासन या उनके स्तर पर नहीं आनी चाहिए, जिला स्तर पर होने वाले कार्यों की फाइल सचिवालय स्तर में आने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा घाट का निर्माण नमामि गंगे के अंतर्गत हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, उन्होंने जिलाधिकारी को नियमित माँ शारदा की आरती करने हेतु नमामि गंगे के अंतर्गत प्रस्ताव दिए जाने को निर्देशित किया। उन्होंने कहा मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालु हमारे चंपावत लोहाघाट पिथौरागढ़ के साथ ही अन्य जिलों में घूमे इसके लिए हम मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों एवं स्थानों को जोड़कर एक सर्किट के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा पूर्णागिरि को रोपवे से जोड़ने का कार्य जल्द ही किया जाएगा। दूरदराज सीमांत गांव के विकास हेतु सरकार गांव में चौपाल कार्यक्रम की व्यवस्था करने जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खूना निवासी फकरुद्दीन को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया।

शारदा घाट में बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आदि शक्ति मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य एवं घस्यारा मंडी के समीप निर्माणधीन तटबंध सहित विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने शारदा घाट में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देने के लिए सीएम ने भी किया मड बाथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नवयोग ग्राम, टनकपुर में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर सूर्याेदय सेवा समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एवं योग संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पुरातन एवं प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देते हुए मड बाथ (गीली मिट्टी से स्नान) भी किया, साथ ही उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापको एवं छात्र-छात्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भूमि है, प्राकृतिक संसाधनों को अपनाकर प्राकृतिक चिकित्सक मानव जीवन को रोग मुक्त करती है। उन्होंने कहा ऋषियों और संतो की तपस्थली उत्तराखण्ड सदैव से ही विश्व कल्याण के लिए ज्ञान का प्रचार प्रसार करती रही है। यह योग, आयुष, आध्यात्म की भूमि है, उन्होंने कहा आध्यात्मिक और धार्मिक चेतना की जागृति का जो संगम हमारी देवभूमि में देखने को मिलता है वह अद्भुत है। प्राचीन काल से ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का ज्ञान इसी धरती से हमारे ऋषियों द्वारा विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा राज्य सरकार भी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने एवं इसके प्रचार- प्रसार, करने के लिए प्रतिबद्ध और सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ा सुख उसके निरोगी रहने का है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि यह सुख प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हो, साथ ही हमारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान का परिचय संपूर्ण विश्व को करा रहा है। आज पूरी दुनिया ने हमारी प्राचीन संस्कृति के मूल आधार “योग“ को अपनाया है और इसका महत्व समझा है। इसी का ही परिणाम है कि आदरणीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर आज विश्व के सभी देश योग दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य एवं केंद्र सरकार साथ मिलकर प्रदेश में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास हेतु हर वह जरूरी निर्णय ले रही है जो हमारे राज्य को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन किया, समिति द्वारा जल्द ही फाइनल ड्राफ्ट बनाकर पूरा कर लिया जाएगा। हमारे राज्य के साथ ही देश के अन्य राज्य भी अब समान नागरिकता संहिता पर कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक के लिए 1064 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों से रिक्त पड़े पदों की सूची मांगी गई है, ताकि जल्द से जल्द भर्ती कराई जा सके। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, उन्होंने कहा प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने एवं योग्यता के आधार पर नौकरी दिए जाने पर कार्य किया गया है।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, लीलाधर पांडेय, देवीदत्त जोशी, डॉ विक्रम सिंह, डॉ नवदीप जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रथम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का सीएम करेंगे शुभारंभ

प्रदेश के सीमांत, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विकासखंड और जनपद स्तर पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के समापनार्थ निर्णायक समारोह, प्रथम राज्य स्तरीय सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 के रूप में दिनांक 19 और 20, नवंबर 2022 को चम्पावत में जवाहर नवोदय विद्यालय में होगा, इस बाल विज्ञान महोत्सव को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) आयोजन कर रहा है, सहभागी के रूप में जिला प्रशासन चम्पावत भी है, ऐसा कहना है यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का।
प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के 6 सीमांत जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ के लगभग 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। इस दो दिवसीय महोत्सव का मूल उद्देश्य राज्य के दूरस्थ विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पारम्परिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच का विकास करना और आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का राज्य मे वृहद लोकव्यापीकरण करना है।
इस महोत्सव का उद्घाटन 19 नवम्बर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे और समापन 20 नवम्बर 2022 को बच्चों को पुरस्कृत करके महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे।
यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसम्पर्क अमित पोखरियाल ने बताया कि इस अनोखे बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभागियों को विज्ञान प्रदर्शनी, वैज्ञानिक कार्यशाला, दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन, तारामंडल शो, विज्ञान फिल्म शो आदि के माध्यम से आमंत्रित वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करने, उनके व्याख्यान सुनकर उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी प्राप्त होगा। महोत्सव में जूनियर वर्ग कक्षा 6 से 8 तक एवं सीनियर वर्ग कक्षा 9 से 12 तक के छात्र- छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता (स्थानीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली), नाटक (पर्यावरण संरक्षण जागरूकता) विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन (हिन्दी एवं स्थानीय भाषा), कविता पाठन अंग्रेजी का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और चिंतक इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। महोत्सव में उपस्थित छात्र- छात्राएं तथा शिक्षक- शिक्षिकायें उन सम्मानित विशेषज्ञों के साथ संवाद और मार्गदर्शन के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

बाल दिवस की सबसे मनमोहक तस्वीर जो हर किसी के दिल को छू गई

सीएम धामी को बच्चे बेहद पसंद हैं। जहां कहीं भी कार्यक्रमों में सीएम को बच्चे नजर आते हैं, वहां उन्हें लाड-प्यार करने से खुद को रोक नहीं पाते। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और कि आज बाल दिवस भी था और जौलजीबी मेले का उद्धघाटन समारोह भी। इस दौरान अचानक ही जब पारंपरिक वेशभूषा में सजी एक नन्हीं सी बच्ची पर सीएम धामी की नजर पड़ी तो उनका बाल्य प्रेम उमड़ पड़ा और सीएम धामी ने बगैर देर किए इस बच्ची को गोद में उठा लिया। सीएम धामी के चेहरे पर आई मुस्कुराहट यह बताने के लिए काफी थी कि उन्हें नन्हें-मुन्ने बच्चे कितने प्रिय है और यह पहला मौका नहीं था जब सीएम धामी का बच्चों के प्रति यह प्रेम नजर आया हो। शिक्षा विभाग के कई कार्यक्रमों के दौरान सीएम न केवल उनसे खूब प्रेरक संवाद करते हैं बल्कि मौका मिलने पर उनके साथ फोटो खिंचाने और मौज-मस्ती करने से भी नहीं चूकते।
कहते हैं बच्चे मन के सच्चे। बच्चों का मन निश्छल होता है और उनका मन उन्ही लोगों के साथ खुश रहता है जो खुद निश्छल होते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बच्चों के साथ केमिस्ट्री देखने लायक होती है। धामी अंकल के साथ बच्चे चहक उठते हैं। धामी खुद भी बच्चों के बीच पूरी तरह रम जाते हैं। जब भी वे बच्चों के साथ होते हैं, उनकी चेहरे पर स्वाभाविक हंसी और मुस्कान सबको आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री धामी भी बच्चों में घुलने मिलने और उनसे बातें करने का कोई अवसर नहीं गंवाते। धामी की सहजता, सरलता और हंसमुख चेहरा उन्हें बच्चों में लोकप्रिय बना रहा है। धामी के चेहरे की स्वाभाविक मुस्कान के तो प्रधानमंत्री मोदी भी कायल हैं। माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यह कहकर संबोधित किया था कि जिनके चेहरे पर स्मित (मुस्कान) रहता है।
मुख्यमंत्री धामी का बच्चों के साथ संवाद एक तरफा नहीं होता है। जितना धामी बातचीत करते हैं उससे ज्यादा बच्चे अपने धामी अंकल को अपनी बात बताते हैं। मुख्यमंत्री धामी का बच्चों से स्नेह केवल बातें करने तक ही नहीं है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बच्चों से ही देश का भविष्य सुरक्षित है। उनकी कोशिश रहती है कैसे बच्चों के लिए अधिक से अधिक काम किया जाए। वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना, छात्र छात्राओं को मोबाइल टैबलेट, खेल छात्रवृत्ति जैसी तमाम योजनाएं और निर्णय इसका उदाहरण हैं।

ऐतिहासिक जौलजीबी मेला और विकास प्रदर्शनी-2022 का सीएम ने किया शुभांरभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काली एवं गोरी नदी के संगम स्थल जौलजीबी में आयोजित ऐतिहासिक जौलजीबी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का उद्घाटन रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जौलजीबी मेला क्षेत्र के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में बहुत महत्व रखता है। यह मेला भारत, नेपाल एवं तिब्बत के पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देता आ रहा है। यह मेला भारत एवं नेपाल के रिश्तों को ऑक्सीजन देने का काम करता है। मुझे प्रसन्नता है कि यह मेला भारत एवं नेपाल देश के बीच संस्कृति, सभ्यता के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाता आ रहा है। अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति को देखते आ रहे हैं। उन्हें बचपन से ही इस मेले से बहुत लगाव रहा है। उन्होंने जनता द्वारा किए गए भव्य स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आप लोगों का बेटा व भाई हूं। मैं जब भी यहां आया हूं मेरा हमेशा गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं तथा आप लोगों का भी हाथ जोड़कर स्वागत करता हूं।
मुख्यमंत्री ने सीमान्त क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम मानते हैं कि सीमांत क्षेत्रों का ठीक प्रकार से विकास होना चाहिए, हम सीमांत क्षेत्रों में सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सीमान्त गांवों के विकास के प्रति बहुत गंभीर है। अब देश के सीमान्त गांव देश के अंतिम गांव न होकर देश के पहले गांव होंगे, उनका संपूर्ण विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम जनपद के इस सीमान्त क्षेत्र के विकास के लिए काली नदी पर डबल लेन मोटर पुल का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भारत और नेपाल देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। हम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निर्माण व चौड़ीकरण कर रहे हैं, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से होकर जाएंगे, जिससे व्यापार बढ़ेगा तथा क्षेत्र का विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम क्षेत्र के आपदा प्रभावित एलधारा भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट वरूणावत पर्वत की तर्ज पर करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर जौलजीबी मेले हेतु रुपए 5 लाख दिए जाने एवं जौलजीबी संगम स्थल का सौंदर्यीकरण किये जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने संगम स्थल पर स्थित जालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक धारचूला हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह, गिरीश जोशी आदि उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ दौरे पर सीएम, सुबह वॉक के दौरान व्यापारी, चाय वालों, बच्चों से की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बिना लाब लश्कर के सुबह-सुबह अकेले मॉर्निंग वॉक करते हुए तस्वीरें एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दो दिवसीय पिथौरागढ़ दौड़े पर पहुंचे पुष्कर सिंह धामी रविवार सुबह सुबह मॉर्निंग वॉक पर जा रहे थे तो इस दौरान उन्होंने गेस्ट हाउस से बाहर निकलते ही नवीन बोरा जी के प्रतिष्ठान पर गरमा गरम चाय का आनंद लिया, तभी पिकनिक पर जा रहे स्टैफर्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों पर नज़र पड़ी तो उनसे मिलने को मन उत्सुक हो उठा और फिर बस में चढ़कर सभी बच्चों से मिलकर उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री धामी को देखकर स्थानीय लोग और स्कूली बच्चे चौंक गए। और चौंके भी क्यूँ ना अक्सर अपने मुख्यमंत्री को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देखने वाली जनता को जब मुख्यसेवक अपने बीच मिल जाए तो हर कोई चौकेंगा।

बहरहाल यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के किसी भी जनपद भ्रमण के दौरान सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए जनता के बीच पहुँचे हों! इससे पहले भी मुख्यमंत्री धामी रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और खटीमा में भी रात्रि विश्राम के दौरान सुबह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकल स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए देखे गए हैं।

पिथौरागढ़ में सीएम को विद्यार्थियों ने बताई समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ स्थित वन विश्राम गृह में जनपद के विभिन्न स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों एवं एनसीसी कैडेट्स के छात्र- छात्राओं से वार्ता की।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। वार्ता के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे तथा शिक्षा के क्षेत्र में किये गये राज्य सरकार के बेहतर प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। वहीं छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विद्यालयों से संबंधित समस्याएं भी बतायी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सच है कि शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी सुविधाओं को लेकर कुछ सुधार किए जाने की आवश्यकता है। किंतु यदि छात्र-छात्राओं में आगे बढ़ने का हौसला हो तो वे विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब स्थिति पहले जैसे नहीं है। पहले सड़के तक नहीं थी।अब सड़क मार्ग बन गये हैं। दूरसंचार व अन्य सुविधाएं भी विकसित हो गई हैं ।आज हम अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में हम देश की आजादी की शताब्दी मनाएंगे। देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं कि हमारा देश वर्ष 2047 में विश्व का नंबर वन देश बने। इस लक्ष्य को पूरा करने में छात्र-छात्राएं अपना बेहतर योगदान दें। खेल, विज्ञान आदि हर क्षेत्र में बेहतर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन अमूल्य है। अपना पूरा ध्यान शिक्षा ग्रहण करने पर दें।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊँ मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।