पिथौरागढ़ में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में नगर पालिका परिषद् बोर्ड द्वारा आयोजित शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पिथौरागढ़ बॉस-गंगोलीहाट मोटर मार्ग के अवशेष कार्य के साथ रामगंगा नदी में मोटर पुल का निर्माण किया जाएगा। पिथौरागढ़ महाविद्यालय में विधि विभाग को प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत देव सिंह मैदान के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ करने के लिये वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है और इसके प्रथम चरण के लिये 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाती है। पिथौरागढ़ शरदोत्सव के सफल आयोजन हेतु पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी समान सहयोग राशि प्रदान की जायेगी साथ ही पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों को मानसखण्ड कोरिडोर में सम्मिलित किया जायेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि शरदोत्सव के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आम लोगों को सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास भी शरदोत्सव के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को माणा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उनके इस कथन को कि हमारे सीमांत गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव है अपनी सहमति प्रदान कर हमारे सीमान्त गांवों को पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्तमान में सीमाओं के अन्तिम गांवों को प्रथम गांवों की श्रेणी में मानकर विकास योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे सीमान्त गांव सामरिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के स्थानीय लोग केवल नागरिक नहीं है बल्कि हमारे सीमा प्रहरी भी है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण है। सीमाओं पर बसे गांवों पर पलायन देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसे लेकर हमारी सरकार सजग है। हमारी सरकार सीमान्त गांवों में रिवर्स पलायन हेतु गंभीर प्रयास कर रही हैं। रोजगार, स्वरोजगार एवं होम स्टे जैसी कई विकास योजनाओं को लेकर हम पलायन रोकने में प्रसासरत है। जिसके परिणामस्वरूप आज कई युवा अपने गांव में वापिस आकर उसे बसाने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अन्य सीमान्त जिलों की तरह पिथौरागढ़ का विकास हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही दूरस्थ एवं सीमान्त क्षेत्रों में जैविक कृषि तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत धौलादेवी, मुनस्यारी, बेतालघाट, बेरीनाग के चाय बागानों को जैविक चाय बागान में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने हेतु प्रतिबद्ध है। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमैप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की, कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, राजेन्द्र रावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सीएम ने सुनी 250 लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान प्रथम दिवस में पिथौरागढ़ स्थित लोनिवि विश्राम गृह में मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों व महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, प्रधान संगठन के सदस्यों, मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों, सस्ता गल्ला विक्रेता संगठन के सदस्यों आदि से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को भी सुना।
मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 250 शिकायतें पंजीकृत हुई, जिनमें से अधिकांश शिकायतें आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने से संबंधित थी। इसके अलावा सड़क व पुल निर्माण, रोजगार आदि से सम्बधित शिकायतें भी लोगों द्वारा दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महिला संगठनों एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से भेंटवार्ता की गई तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने स्वरोजगारपरक कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान अवश्य किया जाएगा।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।

40 लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से मिले आवास, शहरी विकास मंत्री ने सौंपे दस्तावेज

प्रदेश के आवास विकास मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा स्थित सभाकक्ष में ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद द्वारा किये जा रहे आवास आवंटन हेतु आनलाइन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए०एच०पी० घटक अन्तर्गत उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा कुल 16 परियोजनाओं पर निजी विकासकों के माध्यम से कार्य गतिमान है। उक्त परियोजनाओं पर माह अप्रैल, 2022 के उपरान्त कार्य प्रारम्भ हुआ है। 3 परियोजनाएं क्रमशः कनकपुर- काशीपुर 1256, शिकारपुर-रुड़की 768 आवास एवं उकरौली-सितारगंज 1168 हेतु परिषद्, नगर निगमों/नगर निकायों तथा जिला विकास प्राधिकरणों व जनपद स्तरीय अन्य कार्यालयों के माध्यम से आवास आवंटन हेतु पात्र व्यक्यिों से आवेदन प्राप्त किये गये। उक्त आवेदनों की संवीक्षा उपरान्त प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं नगर निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण उपरान्त लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन की व्यवस्था की गयी है। लॉटरी हेतु परिषद् द्वारा एच०डी०एफ०सी० बैंक के साथ मिलकर ऑनलाईन आवास बुकिंग एवं ऑनलाईन लॉटरी हेतु ई-बुकिंग पोर्टल विकसित किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में आवास आवंटन हेतु बुकिंग ऑफलाईन पद्धति के साथ-साथ ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन भी प्राप्त किये जा सकते हैं। इस हेतु राज्य स्तर पर कॉमन सर्विस सेन्टर के साथ पोर्टल का इन्टीग्रेशन किया जा चुका है। भविष्य में सभी परियोजनाओं की बुकिंग ऑफलाईन माध्यम के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से भी की जायेगी।
मंत्री आवास एवं शहरी विकास प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा ऑनलाईन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारम्भ अपर मुख्य सचिव आवास आनन्द बर्द्धन तथा आयुक्त उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए है जिसका प्रयास है कि पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत शिकारपुर- रूड़की के 768 ई0डब्ल्यू0एस0 आवास हेतु कुल 923 आवेदन प्राप्त हुए थे। संवीक्षा एवं स्थलीय सत्यापन में 49 आवेदन पत्र अयोग्य पाये गये। शेष 874 आवेदकों में से 768 आवेदकों को ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन लॉटरी आवंटित किये गये। उक्त लॉटरी में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को भूतल में आवास आंवटित किये गये हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि लगभग 40 लाभार्थियों को आनलाइन लाटरी के माध्यम से आवास आवंटित किये गये हैं। परिषद् द्वारा आवास आवंटन के आवेदन, जांच/लॉटरी से आवंटन हेतु पूर्ण रूप से पारदर्शी पोर्टल एच०डी०एफ०सी० बैंक के सहयोग से विकसित किया गया है। इस अवसर पर एच०डी०एफ०सी० बैंक की ओर से विपिन त्रिपाठी, स्टेट हेड एवं बकुल सिक्का, एरिया हेड भी उपस्थित रहे।

सीएम ने रानीबाग में एचएमटी फैक्ट्री का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रातः रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री का निरीक्षण किया। एचएमटी फैक्ट्री के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मास्टर प्लान बनाकर इस क्षेत्र का विकास किया जायेगा। जिससे यहां के क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिले यही प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण स्थल पर आयुक्त दीपक रावत एवं जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल एवं सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर संभावनाओं पर विचार विमर्श किया। निरीक्षण दौरान एचएमटी फैक्ट्री के कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। सीएम ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगों का समाधान किया जायेगा। एचएमटी फैक्ट्री का 1982 में कार्य प्रारम्भ हुआ तथा 1985 में फैक्ट्री का प्रोडेक्शन प्रारम्भ हुआ। नवम्बर 2016 में एचएमटी फैक्ट्री को बन्द कर दिया गया था। एचएमटी फैक्ट्री का कुल 45.33 एकड़ भूमि पर काबिज है पिछले दिनों केन्द्र सरकार द्वारा एचएमटी फैक्ट्री को राज्य सरकार को सौंप दिया है।

इस अवसर पर मेयर डा0 जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, विधायक रामसिंह कैडा, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, डा अनिल कपूर डब्बू, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट, पूर्व दर्जा मंत्री हेमन्त द्विवेदी, चन्दन बिष्ट, योगेश रजवार, सुरेश तिवारी, संजय दुम्का, विकास भगत,भुवन जोशी, नवीन पंत, चतुर बोरा, प्रताप बिष्ट, दिनेश आर्य, प्रदीप जनौटी के साथ ही आयुक्त दीपक रावत,डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भटट, उपस्थित थे।

संस्कृति और पहाड़ी उत्पादों का संरक्षण करने की मुख्यमंत्री ने की अपेक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास स्थित केम्प कार्यालय में बेडू ग्रूप के सदस्यों ने स्थानीय उत्पादों की सामग्री के साथ भेंट की। उन्होंने इगास पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित किये जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बेडू ग्रुप के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोकल फ़ॉर लोकल मुहिम की सार्थकता बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इगास को लेकर इस बार कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसका स्वागत है, उन्होंने कहा कि इगास पर्व की सार्थकता तभी है जब हम इस पर्व को अपनी संस्कृति, प्रकृति और उत्पादकता से जोड़ें। हमें इगास पर्व को उत्पादकता से जोड़ना होगा। इससे हमारे पारम्परिक व्यंजनों को प्रचार एवं पहचान भी मिलेगी और नई पीढ़ी का इन व्यंजनों से भी परिचय हो सकेगी। इसके साथ ही पारंपरिक बाल मिठाई, सिंगोरी सहित अन्य मिठाइयों से एक-दूसरे का मुंह मीठा करें तो इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती। इससे ना सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे जुड़े लोगों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।

बेडू ग्रुप से जुड़े दया शंकर पांडेय, अवधेश नौटियाल एवं अमित अमोली ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके द्वारा उत्तराखंड के लोकपर्व इगास पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख लोगों को बेडू के शुद्ध हर्बल उत्पादों के साथ ही रोट, अरसे और सिंगोरी मिठाई की कंडी बनाकर समूण के तौर पर देने का अभियान चलाया है।

सीएम ने सुशीला तिवारी अस्पताल में आने वाले रोगियों को बेहतर उपचार देने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने पंजीकरण काउंटर, कैंटीन एवं वार्डों का निरीक्षण कर वार्ड में भर्ती मरीजों एवं ओपीडी में आये वाहृय रोगियों से मुलाकात की एवं उनकी समस्याओं से रूबरू हुये।

मुख्यमंत्री ने कहा यह कुमाऊं का सबसे बड़ा चिकित्सालय है यहां पर्वतीय क्षेत्र के साथ ही उत्तर प्रदेश के रोगी अपना उपचार हेतु आते है। उन्होंने प्राचार्य डा0 अरुण जोशी को निर्देश दिये कि चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को बेहतर उपचार दें। उन्होंने कहा चिकित्सालय हेतु जिन वस्तुओं की आवश्यकता है उनका प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित करें ताकि कार्याे हेतु शीघ्र धन आवंटित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी ब्लॉक/न्यायपंचायत स्तर पर समाधान चौपाल का आयोजन कर जनता की समस्याओं से रूबरू होकर मौके पर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा अधिकारी अपने मनोयोग के साथ कार्य कर अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर मेयर डा0 जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, विधायक राम सिंह कैडा, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, डा अनिल कपूर डब्बू, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट, पूर्व दर्जा मंत्री हेमन्त द्विवेदी, चन्दन बिष्ट, योगेश रजवार, सुरेश तिवारी, संजय दुम्का, विकास भगत,भुवन जोशी, नवीन पंत, चतुर बोरा, प्रताप बिष्ट, दिनेश आर्य, प्रदीप जनौटी के साथ ही आयुक्त दीपक रावत,डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भटट, प्राचार्य डा0 अरुण जोशी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के साथ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सरदार पटेल ने 562 से भी ज्यादा रियासतों को एक सूत्र में पिरोयाः सीएम

सरदार बल्लभ भाई पटेल जी के जन्म दिवस 31 अक्टूबर राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में चंपावत जिले के मिनी स्टेडियम बनबसा से एनएचपीसी गेस्ट हाउस बनबसा तक आयोजित रन फॉर यूनिटी (रैली) में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रतिभाग कर एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री द्वारा सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई गई। एकता दौड़ में शामिल होकर एनएचपीसी गेस्ट हाउस पहुंच कर मुख्यमंत्री ने सरदार बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल जी ने एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश में 562 से भी ज्यादा रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का काम सरदार बल्लभ भाई पटेल ने ही किया था। इसलिए उन्हें आजाद भारत के इतिहास में लौह पुरुष की संज्ञा दी गई। उन्होंने कहा कि हमारे देश के अंदर सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे जांबाज लौह पुरुष पैदा हुए, वहीं देश के अंदर शंकराचार्य जी ने पूरब से लेकर पश्चिम, उत्तर से लेकर दक्षिण तक एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। आज हमारे देश के अंदर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत का मान सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ रहा है। आज भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। जिस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा था उस समय मोदी जी के मार्गदर्शन में देश में वैश्विक महामारी कोरोना लड़ने के लिए दो-दो स्वदेशी वैक्सीन बनाई गई। देश में गरीबों के घर का चूल्हा जलते रहे, कोई भी भूखा न रहे इसके लिए गरीब कल्याण अन्न योजना चलाई और जिससे हर किसी को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 25 साल बाद जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा। ये 25 साल देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन 25 सालों में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ने वाला है, जिसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा आने वाले 25 साल अमृतकाल के रूप में हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं हमने उत्तराखण्ड के लिए संकल्प लिया है कि आने वाले दो सालों में हम प्रदेश को टीबी मुक्त करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नशा से मुक्ति के लिए सबको दृ़ढ़ संकल्प लेना होगा और अन्य लोगों को भी नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि एक अच्छे समाज के लिए सबका स्वस्थ शरीर होना जरूरी है। स्वस्थ मन, वचन, एवं कर्म के लिए मनुष्य का निरोगी होगा जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। हमारी युवा पीढ़ी जो आने वाले समय में देश के कर्णधार होंगे, उन्हें सही दिशा मिलनी जरूरी है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी आदि मौजूद रहे।

छठ् पूजा के कार्यक्रम में हुए शामिल सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार सायं को खटीमा पहुंचकर संजय पार्क तथा 22 पुल खिलड़िया में आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि छठ मईया की कृपा सदैव सभी पर बनी रहे। सूर्याेपासना का यह पावन पर्व हमें प्रकृति से जोड़ता है और शुद्धता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि भगवान भास्कर एवं छठी मइया सबकी मनोकामना पूर्ण करें। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने झंकैया में आयोजित रामलीला में भी प्रतिभाग किया।

सरकार से मिल रही सब्सिडी का उठाया फायदा, समय के साथ श्रम की भी हुई बचत

असौज या आश्विन तथा कार्तिक मास पहाड़ की महिलाओं के कंधों पर भारी बोझ लेकर आता रहा है। असौज में घास काटने में सुबह से शाम तक महिलाएं पालतू मवेशियों के लिए सालभर की घास काटती हैं। घास काटने के बाद सुखाकर उसके लूट्टे लगाए जाते हैं। करीब दो माह तक महिलाएं व बेटियां धूप में घास काटती हैं तो इससे उनको अत्यधिक श्रम करना होता है। मगर अबकी बार विकास खंड स्तर पर घास काटने वाली मशीनों ने मानो महिलाओं के जीवन को आसान बना दिया तो काम का बोझ भी एक तिहाई हो गया है। यह बोझ कम हुआ घास काटने की मशीन से।
चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गंगनौला की प्रधान कमला जोशी व पूर्व प्रधान ललित मोहन जोशी के प्रयासों ने ग्राम पंचायत के तोक गांव चनोड़ा, गल्लागांव, रुपदे, अनुसूचित बस्ती बचकड़िया, गंगनौला की महिलाओं के जीवन में नया सवेरा आ गया।
पूर्व प्रधान ललित को पता चला कि ब्लॉक के माध्यम से समूहों को 90 प्रतिशत सब्सिडी में घास काटने की मशीन मिल रही है। जुलाई माह में उन्होंने उन पुरुषों के नाम से दो समुह बनाये, जो भूमिधर किसान हैं। इसके बाद समूहों के माध्यम से घास काटने की मशीन खरीदी गई। सब्सिडी के बाद घास काटने की मशीन के लिए प्रति चार हजार तो ट्रेक्टर के लिए 15 या 19 हजार जमा कराए गए। मशीन मिलने के बाद घास कटाई शुरू हुई तो महिलाओं के काम का बोझ 25 प्रतिशत से भी कम रह गया। हाथ से चलाने वाली मशीन को पुरुष चलाने लगे तो एक दिन में 20 महिलाओं के बराबर घास कटने लगी। अब तक ग्राम पंचायत में 40 मशीनें क्रय हो चुकी हैं तो 5 ट्रेक्टर आ गए हैं।

एक लीटर पेट्रोल से 20 महिलाओं की बराबरी
घास काटने की मशीन एक लीटर पेट्रोल की कटाई से एक दिन में 200 से अधिक तक घास की गठिया बन जाती हैं। जो 20 महिलाओं के बराबर श्रम है। गांव की लक्ष्मी जोशी, अनिता, भैरवी राय, कविता जोशी, उर्मिला आदि महिलाओं का कहना था कि इस मशीन ने उनके काम का बोझ बेहद कम हो गया है। पुरुष ही घास काटते हैं, उन्हें सिर्फ समेटना पड़ता है। जिन घरों में मशीन चलाने के लिए पुरूष नहीं हैं, आपसी सहभागिता से घास काटी जा रही है। पहले तक असौज माह हमारे लिए बेहद कष्टकारी होता था। अब घास के साथ खेत जुताई के लिए बैल पालने की जरूरत नहीं है। इससे बंजर खेतों को भी आबाद करने का अवसर मिल गया है। चनोड़ा के योगेश जोशी कहते हैं, पहले घास काटने में घर की महिलाओं को एक माह तक व्यस्त रहता पड़ता था, लेकिन अब उनका काम सीमित हो गया। जो पुरुष पहले कभी घास के खेतों तक नहीं जाते थे, अब मशीन लेकर घास काटकर महिलाओं के काम को कर रहे हैं। गंगनौला के साथ ही पास के गांव भूमलाई, ईड़ाकोट, कोयाटी में भी घास काटने की मशीन ने कामकाजी महिलाओं के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।

सीएम ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को वितरित किये संयुक्त आजीविका ऋण के चेक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा उत्तराखण्ड में वित्तीय समावेशन तथा सीएसआर के तहत की जा रही पहल कार्यक्रम के तहत चम्पावत पुलिस को 10 मोटर साइकिल को हरी झंडी दिखाकर रवाना की। मुख्यमंत्री ने बैंक की चम्पावत शाखा का वर्चुअली लोकार्पण करने के साथ ही विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को संयुक्त आजीविका ऋण के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में पब्लिक प्राइवेट फाइनेंस को लेकर यह एक नई शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन-प्रशासन बैंक स्वास्थ्य शिक्षा के सुविधा हो। जब उनतक यह सुविधा पहुँचेगी तभी देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वित्तीय संसाधन और उनके लिए किए जाने वाले प्रयास उत्साहजनक हैं, उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसे लोग भी हैं जो बुनियादी स्तर पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब का प्रयास होना चाहिए कि समाज को आगे बढ़ाए। सरकार जनकेंद्रित होकर उत्तराखंड के विकास में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोच नेतृत्व और कार्यशैली का ही परिणाम है कि भारत आज मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में कोविड महामारी के दौरान विकसित से विकसित देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के बूते देश ने ना सिर्फ़ कोरोना महामारी से डटकर मुकाबला किया बल्कि कम समय में ही दो-दो स्वदेशी टीके बनाकर हर देशवासी को कोरोना की दो नहीं तीन-तीन निशुल्क डोज की भी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के प्रत्येक देशवासी के जनधन खातों को लेकर जिस सोच के साथ अभियान चलाया था उसका परिणाम पिछले कई सालों से दिख रहा है। जनधन खातों में न सिर्फ योजनाओं की सब्सिडी सीधे जा रही है बल्कि देश में हर आय और हर तबके के व्यक्ति डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का रोजगार और उद्यमिता पर विशेष फोकस है मुख्यमंत्री ने बैंक के उच्च अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि वे स्वनिधी योजना पर विशेष ध्यान दें और उत्तराखंड को इसका मॉडल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता भर ना हो बल्कि उसे मिशन मोड में लेकर आगे बढ़ाया जाए तभी लक्ष्य की पूर्ति हो सकेगी।
राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक के कामकाज को देखने वाले श्री गोविंद सिंह अल्मोड़ा जिले के सुदूर इलाके से आते हैं, अतः वे इन इलाकों की समस्याओं को भली भांति समझते हैं। उनके बैंक ने उन लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक बेहतर प्रणाली विकसित करने में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है। जब उत्कर्ष जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्त्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उत्तराखंड को ’अवसरों और विकास का राज्य बनाने में हम सब एक साथ मिलकर उत्तराखंड के चहुमुखी विकास के लिए काम करें। ऐसा विकास जो समावेशी हो, टिकाऊ हो और उत्तराखंड राज्य को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने में समर्थ हो।
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि वे उत्तराखण्ड की परिस्थितियों से परिचित हैं। उत्तराखण्ड ने हमें बहुत कुछ सीखने के साथ संघर्षों से सामना करने एवं आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिलाओं को स्वरोजगार से सम्बन्धित योजनाओं का भी संचालन किया जा रहा है। बैंक की तेईस राज्यों में 739 शाखाएं हैं जिसमें 21 उत्तराखण्ड में हैं।