सीएम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास पर बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें दीपावली की हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएं दी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से नगला तराई पहुंचे सभी व्यक्तियों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और उन सभी का हाल जाना।
दीपावली की शुभकामनाएं देने वालों में कक्षा 2 में पढ़ने वाली लगभग 7 वर्षीय बालिका मानवी कुंवर भी मुख्यमंत्री को दीपावली की बधाई देने उनके निजी आवास पहुंची। मुख्यमंत्री से मिलकर बालिका बहुत ही ज्यादा खुश हुई। बालिका की खुशी उस समय दो गुनी हो गई जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं अपने हाथों से बालिका को उपहार दिए। बालिका ने खुद की (अपनी) बनाई हुई वीडियो मुख्यमंत्री को दिखाई। मुख्यमंत्री ने बालिका द्वारा बनाई गई वीडियो का अवलोकन करते हुए बालिका की प्रशंसा करने के साथ ही बालिका को प्यार दुलार दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा के पत्रकार कुंदन सिंह बिष्ट से दूरभाष पर वार्ता की तथा कुंदन सिंह बिष्ट से उनके पुत्र के लापता होने के संबंध में जानकारी ली, जिसके पश्चात मुख्यमंत्री ने एसपी चंपावत को निर्देश दिए कि वह लापता पुत्र की सकुशल बरामदगी हेतु खोजबीन कार्य में तेजी लाएं।
खटीमा निवासी मुजीबुल हसन ने इलाज हेतु आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुजीबुल हसन को एम्स में इलाज कराने का सुझाव देते हुए कहा कि इलाज हेतु हर संभव आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा क्षेत्र के 21 विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर अपग्रेडेशन का तोहफा दिया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को खटीमा क्षेत्र के 21 विद्यालयों राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलानी, नौसर पटिया, बंडिया, हल्दी पचपेड़ा,मझोला, बिसोटा, सड़ा सडिया नवीन, श्रीपुर बिचुवा, पचोरिया प्रथम, नगला जोगीठेर, सुजिया महोलिया, खटीमा प्रथम, लोहिया हैड, पकरिया, राजकीय इंटर कॉलेज देवरी खटीमा, प्रतापपुर, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहम्मदपुर भुडिया, सिसेया, स्वर्गीय खीम सिंह धामी स्कूल नगला तराई, नारायण दत्त तिवारी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बग्घा, गोविंद बल्लभ पंत विद्यालय चकरपुर में फर्नीचर अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने द्रोणसागर परिसर में 51,000 दीपों की श्रृंखला प्रज्ज्वलित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को द्रोणसागर, काशीपुर में हिन्दू राष्ट्र शक्ति द्वारा आयोजित द्वितीय भव्य दीपोत्सव-2022 “एक दिया मेरा भी प्रभु को समर्पित” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्ति वाचन के साथ भगवान श्री राम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण का तिलक किया। मुख्यमंत्री ने अन्धकार पर प्रकाश की विजय के प्रतीक दीप जलाए, इस दौरान द्रोणासागर परिसर में कुल 51,000 दीपों की श्रृंखला प्रज्ज्वलित की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की चेतना के प्राण मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरणों में मेरा दंडवत प्रणाम, उन्होंने कहा भगवान राम वो प्रकाश पुंज हैं जिसकी ओजस्वी किरणें भारत की महान, सनातन संस्कृति को सदियों से अनुप्राणित करती आ रही हैं। भगवान राम का सम्पूर्ण जीवन हमारे लिए एक मार्गदर्शिका है, उनकी पुण्यगाथा मानवीय मूल्यों और आदर्शों से ओतप्रोत है। ये सभी गुण भगवान श्री राम के नाम को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा भगवान राम के जीवन का प्रत्येक पक्ष हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो हमें हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का पालन करते रहने की सीख देता है, उनके जीवन के प्रत्येक घटनाक्रम में मानवीय आदर्श की पराकाष्ठा देखने को मिलती है यही कारण है कि सदियां बीत जाने के बाद भी भगवान श्रीराम की पावन जीवन गाथा संपूर्ण मानवजाति को प्रेरित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से भगवान राम के जीवन को दृष्टांत मानकर उनके बताए मार्ग पर चलने का यथासंभव प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि काशीपुर के प्रबुद्ध जनों ने यह भव्य और दिव्य दीपोत्सव आयोजित किया है, यहां अयोध्या के लघु स्वरूप को जीवंत कर दिया है। उन्होंने कहा यह दीपोत्सव हमारी सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता को दिखाता है। साथ ही इस तरह के आयोजन से हमारे गांव-देहात की अर्थव्यवस्था का भी सशक्तिकरण होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी संस्कृति को उजागर किए जाने का कार्य चल रहा है, सनातन धर्म की रक्षा एवं उसका प्रचार प्रसार देश के साथ पूरे विश्व में हो रहा है। कई दशकों से लंबित आज भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, संपूर्ण परिसर में सरस्वती घाट, आस्था पथ, ध्यान केंद्र एवं व्यापारियों के लिए कॉम्प्लेक्स जैसी विभिन्न विकास कार्यों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे 2023 के अंत तक कर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा बद्रीनाथ धाम के भव्य निर्माण हेतु मास्टर प्लान बनाया गया है जिसके लिए तेज गति से कार्य शुरू हो गया है, इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है, उज्जैन में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर का भव्य रूप देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माणा गांव में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिसमे से प्रमुख थी गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजना, उन्होंने कहा हेमकुंड तक रोपवे पहुंचने से हमारे सभी श्रद्धालुगण आसानी से उनके दर्शन कर पाएंगे, वोकल फॉर लोकल का जो मंत्र आदरणीय प्रधानमंत्री ने दिया है, उसी के अनुरूप माणा की धरती से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि जहां भी घूमने जाएं अपने यात्रा खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि इस आह्वान को देश निश्चित तौर पर निभाएगा एवं इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि माणा गांव को मेरे द्वारा अंतिम नहीं अपितु देश का पहला गांव बताकर संबोधित किया गया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषण में सीमा में बसे प्रत्येक गांव को देश का पहला गांव बताया एवं उन्होंने कहा देश का विकास इन गांवों के विकास से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें उत्तराखंड राज्य को 25वे वर्ष पर संस्कृति, पर्यटन, रोजगार कृषि बागवानी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी विभागों को अगले 10 वर्षाे के विकास कार्याे का रोडमैप तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा हम सभी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए उत्तराखंड के साथ देश को आगे ले जाने का कार्य करेंगे।
इस दौरान कैलाश चन्द्र गहतोड़ी (अध्यक्ष वन विकास निगम), विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, दीपक बाली, मुकेश कुमार, मेयर उषा चौधरी, भाजपा महामंत्री खिलेंदर चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

काफिला रोक कुम्हार के दिए खरीदने लगे सीएम

शनिवार को काशीपुर से खटीमा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा मुख्य बाजार में काफिला रुकवा कर हाथ से बने मिट्टी के दीयों की खरीददारी की। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप वोकल फॉर लोकल के महाअभियान को बढ़ावा देता छोटा सा सहयोग बताया, मिट्टी से बने दीयों एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना एक कुम्हार के घर को आर्थिक रूप से मजबूत करता है।
इस अवसर पर उन्होंने सभी से इस दीपावली को ज्यादा से ज्यादा स्थानीय उत्पादों को खरीदे जाने का आग्रह किया।

सीएम ने राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट पर होनी वाली कार्यशाला में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदाओं के प्रभाव को कम करने हेतु पूर्व तैयारी ही आपदाओं से बचने का उपाय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट पर होनी वाली तमाम कार्यशालाओं में आने वाले निष्कर्ष सिर्फ थ्योरी तक सीमित नही रहने चाहिए बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय उपयोगी सिद्ध होने चाहिए। कार्यशालाओं के यह निष्कर्ष मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ससमय उपलब्ध कराए जाए ताकि इन अनुभवों को समय पर उपयोग किया जा सके। सीएम धामी ने कहा कि हमें डिजास्टर मैनेजमेंट में थ्योरी से अधिक प्रैक्टिकल को महत्व देना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान तथा उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के साझे प्रयासों से ‘‘ Reducing Risk : Capacity Building in the Mountain States “ पर आयोजित कार्यशाला में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सहित हिमालयी राज्य आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरों के बीच पर्वतीय राज्यों की आपदा से लड़ने की चुनौती और भी बढ़ी है। जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियरों की पिघलने की गति तेज हुई है। पेयजल स्रोत व्यापक रूप से सूखने लगे हैं। भविष्य में होने वाले बड़े संघर्ष का कारण पेयजल भी हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ आपदा और उसके बाद राज्य में आई कई अन्य आपदाओं से सीख लेते हुए उत्तराखण्ड राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग अपने अनुभवों एवं सम्बन्धित संस्थाओं के सहयोग से एक ऐसी प्रणाली विकसित करने में सफल होगा जिससे कि हम आने वाले समय में अपने राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों की भी आपदाओं के दौरान मदद करने में सफल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा सुविधाओं, सशक्त संचार व्यवस्था, आल वेदर रोड, हेलीपैड्स के निर्माण, शहरी नियोजन जैसे पुनर्निर्माण कार्याे पर विशेष ध्यान दिया गया, फिर भी राज्य के बहुमूल्य संसाधन व समय इस आपदा से उबरने में लगा। केदारनाथ आपदा के उपरान्त मा० प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पुनर्निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर सम्पादित किया गया, जिसके कारण ही बहुत कम समय में उत्तराखण्ड देवभूमि की पहचान बाबा केदार की स्थली का न केवल पुनर्निर्माण किया गया, बल्कि बाबा केदार के धाम को एक विहंगम एवं अलौकिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान से अपेक्षा की कि वह स्थानीय क्षमता निर्माण में उत्तराखण्ड राज्य एवं आपदा की दृष्टि से संवेदनशील समस्त राज्यों को सहयोग प्रदान करे। संस्थान उत्तराखंड और अन्य पर्वतीय राज्यों को तकनीकी और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करके आपदा प्रबन्धन में उनकी क्षमता विकास में मदद कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबन्धन हेतु क्षमता विकास के लिए वर्ष 1995 में कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा डॉ० आर. एस टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल में आपदा प्रबन्धन प्रकोष्ठ स्थापित किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा आपदाओं के न्यूनीकरण एवं क्षमता विकास हेतु साऊथ कैम्पस गुन्टूर आन्ध्र प्रदेश में स्थापित किया गया है और अब पर्वतीय राज्यों हेतु एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अकादमी, नैनीताल में स्थापित करने एवं आपदा प्रबन्धन में क्षमता विकास किए जाने में पूर्ण सहयोग एवं सहायता देने हेतु अपनी सहमति दी गई है। इसके साथ ही अकादमी में आज लगभग 247 लाख रू0 की लागत से किए गए ऑडिटोरियम के उच्चीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया जिससे भविष्य में अकादमी में प्रशिक्षण हेतु आने वाले प्रशिक्षु लाभान्वित होगे।

कार्यशाला में विधायक सरिता आर्या, पर्यावरणविद् चण्डी प्रसाद भट्ट, वरिष्ठ इतिहासकार शेखर पाठक, भगवती प्रसाद पाण्डे, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति एन के जोशी, राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान के अधिशासी निदेशक ताज हसन, प्रो सन्तोष कुमार, कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त दीपक रावत तथा हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, असम, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

सीएम ने बीआरओ के हीरक परियोजना के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर, स्थित बी.आर.ओ के हीरक परियोजना के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना के अंतर्गत कार्य कर रहे वीर जवानों एवं अधिकारियों के साथ मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम जाना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीआरओ राष्ट्रीय निर्माण के कार्य में मिशन कर्म योगी की तरह अपना अहम योगदान देता रहा है। कठिन परिस्थितियों में बनने वाले मार्गाे एवं सड़कों के निर्माण में बीआरओ के कर्मचारी हमेशा आगे रहते है। उन्होंने कहा मिलम, जोहर, दारमा एवं व्यास घाटी में चल रहे सड़क निर्माण कार्य प्रदेश के साथ देश के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन सड़कों का निर्माण पूर्ण होने से वहां रह रहे लोगों के जीवन शैली में बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि कुमाऊं क्षेत्र में पड़ने वाले सभी प्रमुख एवं पौराणिक मंदिरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा, जिसके लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने की योजना है, इन मंदिरों को जोड़ने वाले मार्गों का विस्तार किया जाएगा, साथ ही उनका चौड़ीकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम की पावन भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। जिसके परिणाम अब दिखने लगे हैं, इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 40 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं ने यात्रा की है। मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। कावड़ यात्रा के दौरान करीब 4 करोड कावड़िए शिव भक्त उत्तराखंड आए। पहली बार राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया। उन्होंने कहा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल को जोड़ने का कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत चमोली से सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में सड़क से संबंधित जितनी भी योजनाएं चल रही हैं वह पूरी गुणवत्ता एवं तय समय पर पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा मुझे बीआरओ के कर्मचारियों पर पूर्ण विश्वास है कि आप लोग परिश्रम, मेहनत से और इमानदारी से काम कर रहे हैं। बीआरओ द्वारा अन्य लोगों को भी रोजगार देने का काम किया जा रहा है जिसमें वह किसी भी परियोजना में 90ः से भी ज्यादा लोग स्थानीय स्तर के लोग काम कर रहे हैं। इस दौरान बीआरओ के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी द्वारा हीरक परियोजना के अंतर्गत उच्च हिमालई क्षेत्रों में किए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों के बारे में भी अवगत करवाया गया।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चंपावत को 8417.93 लाख की 30 विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विधानसभा चंपावत के टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में जिला प्रशासन एवं सेवायोजन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रोजगार मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वृहद रोजगार मेले शुभारंभ करने के साथ ही चंपावत जिले की दोनों विधानसभा चंपावत व लोहाघाट अंतर्गत 8417.93 लाख की कुल 30 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ए.पी.जे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत निर्मित लाइब्रेरी, प्रयोगशाला एवं स्मार्ट कक्षा का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में महिला छात्रावास का निर्माण कार्य किए जाने एवं कॉलेज के अतिथि शिक्षकों को उच्च शिक्षा की भांति तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत मासिक स्तर पर मानदेय दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले में पंहुचे विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से जानकारी ली, साथ ही उन्होंने रोजगार हेतु विभिन्न क्षेत्रों से आए बेरोजगार युवाओं से भी वार्ता करते हुए कहा कि वह इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। रोजगार मेले में जहां एक ओर उत्तराखंड राज्य एवं बाहरी प्रदेशों से बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, वहीं संपूर्ण राज्य में आयोजित होने वाले इस तरह के रोजगार मेले से अनेकों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। चंपावत विधानसभा में आयोजित इस मेले से कई युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। अपनी प्रतिभा एवं मेहनत के बलबूते पर हमारे युवा उत्तराखंड राज्य एवं देश के विकास में अपना अहम योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवी देवताओं की भूमि चंपावत हमेशा उनमें नई ऊर्जा प्रदान कराती है। उन्होंने कहा आज का दिन युवाओं के लिए बहुत विशेष है। आज प्रतिभावान युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने मेले में उपस्थित सभी युवाओं से अपील की कि वे रोजगार लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले बनें, यहां के युवा अपनी प्रतिभा से जिस भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जहां एक ओर निजी क्षेत्र में रोजगार देने का कार्य कर रही है वहीं सरकारी विभागों में नौकरी हेतु यूकेपीएससी द्वारा आगामी भर्ती हेतु कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा लंबे समय से न्ज्ञैैैब् में चल रही गड़बड़ियों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अब किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूकेएसएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच एसटीएफ और विजिलेंस के द्वारा कराई जा रही है। अब तक उनके द्वारा 45 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जब तक अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है तब तक यह जांच चलती रहेगी। उन्होंने कहा सभी रिक्त पदों में जल्दी से जल्दी भर्तियां करवाई जाएंगी। विभिन्न विभागों में रिक्त 19 हजार रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है उनका उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है। जिसके बदौलत आज उत्तराखंड में चौतरफा विकास देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, नगरपालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

धान मंडी खटीमा में सीएम ने किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा पहुंचते ही कृषि उत्पादन मण्डी समिति के एसएमआई के धान क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान धान क्रय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। उन्होंने नमी मापक यंत्र से धान की नमी भी मापी। कहा कि जितने भी हमारे धान क्रय केन्द्र लगे हैं, उन पर किसान की उपज की तौल ठीक प्रकार से हो और हमारे किसानों का धान का एक-एक दाना तौला जाना चाहिए और एक-एक दाने की खरीद होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभी जो बारिश हुई है, उसके कारण धान में नमी हैं। निरीक्षण के दौरान किसानों ने धान की नमी का मानक 17 प्रतिशत से 20 प्रतिशत करने तथा प्राथमिकता से प्रदेश के किसानों का धान खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को नमी पर हर संभव राहत एवं किसानों की समय की जरूरत के अनुसार सभी पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि प्रदेश के सारे किसानों का पूरे का पूरा धान तौला जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा, किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, उप जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह, कौस्तुभ मिश्रा सहित नन्दन सिंह खड़ायत आदि उपस्थित थे।

अमित शाह की बैठक में नैनीताल से ही वर्चुअली जुड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह की अध्यक्षता में प्राकृतिक कृषि एवं डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से सम्बंधित कार्यक्रम पर आयोजित बैठक में नैनीताल क्लब से वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कृषि मंत्रियों द्वारा वर्चुअल प्रतिभाग किया गया।
नैनीताल से वर्चुअल कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक कृषि से जुड़ी संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज जैविक मंथन किया जा रहा है। इस मंथन से एक ऐसा अमृत प्राप्त होगा जो जैविक कृषि के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक दृष्टि से परम्परागत कृषि के लिए एक उपयुक्त राज्य है। उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता के कारण उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी और सुगन्धित पौध आदि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिस पर राज्य सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है व अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान पर्वतीय अंचल में प्रचलित परम्परागत कृषि में आधुनिक तकनीकी ज्ञान का समावेश कर भूमि की उत्पादकता और फसलों के उत्पादन में वृद्धि ला रहे हैं। किसानों के इन प्रयासों को सरकार के स्तर से थोड़ा और बल दिए जाने पर किसानों की आय और उनके जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है। राज्य सरकार की कोशिश है कि जैविक कृषि करने वाले किसानों के लिए व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान जैविक कृषि को अपनाकर अपनी आर्थिकी सशक्त करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रदेश की कुल कृषि योग्य भूमि में से 2.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल को जैविक कृषि के अंतर्गत आच्छादित किया गया है और यह क्षेत्रफल कुल कृषि भूमि का 34 प्रतिशत है। “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान योजना“ के तहत राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 10 करोड़ की प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ रुपए से प्राकृतिक कृषि नमामि गंगा कॉरिडोर शुरू कर रहा है। इस योजना से गंगा तट पर 5 किमी की परिधि में प्राकृतिक कृषि के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। हमने प्राकृतिक कृषि उत्पाद की मार्केटिंग के लिए 2 डेडिकेटेड एफ.पी.ओ का गठन कर रहा है। यह सहकारिता विभाग द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के सभी पहलुओं को बढ़ावा देने के लिए “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान बोर्ड“ का गठन किया जा रहा है। बेहतर उत्पादन के लिए “गोवर्धन“ की योजना को “प्राकृतिक कृषि योजना“के साथ एकीकृत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दोनों कृषि विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक कृषि पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी जनपदों में किसानों को प्राकृतिक कृषि विषयक प्रशिक्षण कराया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए विशेष कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्हें जैविक कृषि को लेकर बनी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्राकृतिक कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इसका अधिक से अधिक लाभ राज्य के किसानों को मिले।
इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, राम सिंह कैडा, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, शिवचरण द्विवेदी के अलावा मंडल अध्यक्ष, सभासद, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम आवास की 9 योजनाओं में 7776 मकान बनाए जाएंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रेक्षागृह प्रांगण उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 547 करोड़ रुपए लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें से 8 योजनाएं उधम सिंह नगर की व 1 योजना नैनीताल जिले के रामनगर की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में लेटलतीफी एवं हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने 6499.53 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मटकोटा, रुद्रपुर, 6681.26 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना भयामनगर, गदरपुर, 6625.96 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उकरौली, सितारगंज, 8946.21 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना शिमला पिस्तौर, रुद्रपुर, 4345.06 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना गंगापुर गोसाई, काशीपुर, 8418.83 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना, जसपुर, 3560.40 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मानपुर, काशीपुर, 3793.16 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उमेधपुर, रामनगर, नैनीताल एवं 5833.85 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना महुआखेड़ागंज, काशीपुर की योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 9 आवासीय परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज ऐसे पावन दिवस पर ये पुण्य कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्वास है कि सितंबर 2024 तक यह सभी योजनाएं अपने तय समय पर पूरी होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनको भी प्रधानमंत्री की इस योजना का लाभ मिला है उन सभी लाभार्थियों को उनके सपनों का घर मिलेगा, उनके सपनों का आशियाना मिलेगा, आज इन परियोजनाओं की नींव नहीं रखी जा रही है बल्कि उस स्वर्णिम काल की भी नींव रखी जा रही है जिसकी परिकल्पना बरसों से की जा रही थी। बरसों से एक सपना था कि सभी गरीबों को घर मिलना चाहिए, सबके सर के ऊपर छत होनी चाहिए। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह सपना आज पूरा हो रहा है हम उसके साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड बनाने के मार्ग पर अग्रसर हैं और सभी परियोजनाएं इस मार्ग पर मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि ईंट-पत्थर जोड़कर इमारत तो बन सकती है लेकिन उसे घर नहीं कह सकते, वह घर तब बनता है जब उसमें परिवार के हर सदस्य का सपना जुड़ा हो, अपना व परिवार के सदस्य एक लक्ष्य के लिए जी-जान जुड़े हों, तब एक इमारत घर बन जाती है।
उन्होंने कहा कि हमारे बीच आज अनेकों ऐसे परिवार है जिनके लिए अपना घर किसी सपने से कम नहीं है और वह बरसों की मेहनत के बाद भी अपने इस सपने को साकार नहीं कर पा रहे हैं । जब एक गरीब को घर मिलता है तो उसके जीवन में स्थिरता आती है, वह नई उम्मीद और आशाओं के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ता है। इसलिए गरीबों को पक्का घर देने का यह अभियान सिर्फ सरकारी योजना मात्र नहीं है, प्रधानमंत्री का यह अभियान एक सरकारी योजना मात्र नहीं है,प्रदेश के एक-एक वंचित को इस बात का विश्वास देने की भी प्रतिबद्धता है एवं संकल्प है कि सरकार उनके सशक्तिकरण, आगे बढ़ाने के लिए, समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को जिसके पास कोई सुविधा नहीं है, कोई साधन नहीं है, कोई सोच नहीं है, उसको भी आगे बढ़ाने का काम किसी ने किया है तो हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है।
उन्होंने कहा कि आज जिन 9 परियोजना का शिलान्यास किया गया है जिनके जरिए 7776 मकान बनाए जाएंगे यह संख्या कोई छोटी संख्या नहीं है। इन 7776 परिवारों में समृद्धि के नए युग की शुरुआत होगी, एक नया दौर उनके लिए प्रारम्भ होगा, एक नया अवसर उनके पास आएगा। इतना ही नहीं इस योजना से हमारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बहुत ही निर्णायक पहल शुरू हुई है। आज देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 करोड़ से भी अधिक मकान बनाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती सरकारों ने किस प्रकार कार्य किया है, इसका तुलनात्मक विवरण भी हमें देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों एवं जरूरतमंदों को जो सुविधाएं बहुत पहले ही मिल जानी चाहिए थी, वे सभी सुविधाएं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के केवल श्रम योगी ही नहीं भविष्य दृष्टा भी है जो भविष्य को भी देख रहे हैं कि कैसे एक सशक्त भारत बनेगा, कैसे एक श्रेष्ठ भारत बनेगा।
उन्होंने कहा कि शोषित वंचित एवं निर्बलों का सशक्तिकरण हो रहा है, ऐसा सशक्तिकरण देश में पहले कभी नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखंड की धरती से विशेष लगाव है, उन्होंने कई बार कहा है कि उनका उत्तराखंड की धरती से कर्म और मर्म का रिश्ता है। किच्छा में एम्स के लिए भी जमीन स्वीकृत हो गई है, आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसपास ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास के नए युग की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर तेजी से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हम निरंतर अपने शहर को कल के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह भी संकल्प लिया है कि अगले 5 वर्षों के अंदर हम उत्तराखंड के अंदर 5 नए शहर बनाने का भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि तीसरे दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी होगी, अपने-अपने क्षेत्रों में परिश्रम करना होगा, जिसको जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसको पूरे सामर्थ्य, कर्मठता एवं तन्मयता से निभाना होगा और प्रधानमंत्री के कथन को सिद्ध करके दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि कर्म पथ पर चलते हुए अगर आप बैठ जाएंगे तो आपकी सफलता भी रुक जाएगी, अगर आप खड़े होंगे तो सफलता भी उठ खड़ी होगी, अगर आप आगे बढ़ते हैं तो सफलता भी वैसे ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड जो कि हमारा विकल्प रहित संकल्प है, इस संकल्प को सिद्ध करने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ईमानदारी से कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब हम सब मिलकर एकजुट होकर एक दिशा में आगे बढ़ेंगे तो कोई भी ऐसी ताकत नहीं होगी जो हमें भारत के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल होने से रोक सकें, श्रेष्ठ बनने से रोक सके।
उन्होंने कहा कि रामनगर रोड से सेठी पेट्रोल पंप तक सुधारीकरण का काम किया जाएगा। काशीपुर में बरसात के समय में ड्रेनेज की समस्या से निजात हेतु ठीक करने की योजना बनाई जाएगी, गिरीताल का भी विकास का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने मां भगवती से सभी पर कृपा दृष्टि बनाए रखने की कामना की।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर वन विकास निगम कैलाश गहतोड़ी, मेयर उषा चौधरी, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ.शैलेंद्र मोहन सिंघल, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग मुकेश कुमार,उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग सायरा बानो, जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, राम मेहरोत्रा, सीमा चौहान, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत एसएसपी मंजूनाथ टीसी मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा सचिव आवास एसएन पाण्डे,अपर आवास आयुक्त पीसी दुमका, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह नगर आयुक्त विवेक राय, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।

श्री नानकमत्ता साहिब में हेली सेवा शुरु करने पर होगा विचार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब पहुंचकर शीश नवाया। इसके पश्चात पुष्कर सिंह धामी ने डेरा कार सेवा पहुंचकर बाबा हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह, बाबा टहल सिंह की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हाथ जोड़कर नमन किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरोपा व प्रतीक चिह्न भेंट किया। उन्होंने कहा कि बाबा टहल, हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह ने स्वयं कष्ट सह कर व भूखे-प्यासे रहकर समाज की भलाई एवं सेवा का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सिख पंथ ने सदा मानव सेवा एवं सेवा भाव का प्रसार किया है और देश तथा गरीबों की सेवा की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता शहर का नाम श्री नानकमत्ता साहिब करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आवागमन हेतु हेली सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धर्म एवं राष्ट्र की रक्षा में हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले गुरुओं के पराक्रम, तपस्या, त्याग एवं बलिदान तथा उनके संस्कार व व्यक्तित्व की युवा पीढ़ी में झलक हो, इसलिए हमें अपने गुरुओं को याद करना होगा और उनके इतिहास का स्मरण करना होगा। उन्होंने कहा कि गुरुओं ने हमें धर्म, संस्कृति के साथ मान सम्मान से जीवन जीने की प्रेरणा दी है। गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब के जुल्म से धर्म की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि धर्म एवं समाज की रक्षा के लिए गुरु द्वारा दिए गए बलिदान को हम कभी भूल नहीं सकते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान को लागू किया है। धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी ड्राफ्ट बनाने का काम कर रही है, ड्राफ्ट पूरा हो जाने पर उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य जब 25 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा तब राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। धामी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए 1064 नंबर लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत घूस आदि लेने की मांग करता है तो 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई सारे रिश्वतखोरों एवं भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण के मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार चल रही है। धामी ने कहा कि राज्य में नई कार्य संस्कृति विकसित हो रही है, जिससे कि जरूरतमंदों का काम बिना किसी सिफारिश के स्वतः ही होते चले जाएं।
इस दौरान कमेटी अध्यक्ष हरबंश चुघ, महासचिव अमरजीत सिंह सहित भजन सिंह, राजपाल सिंह, चरणजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, संगत आदि उपस्थित रहे।