सीएम धामी ने गुजरात में यूनिटी मार्च के तहत सरदार गाथा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधली, बड़ोदरा, गुजरात में सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत आयोजित सरदार गाथा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अटूट समर्पण से अखंड भारत का सपना साकार किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए संघर्ष ने उन्हें भारत में लोकप्रिय बनाया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल ने संवाद, प्रेम, दृढ़ता और निर्भीकता का परिचय देते हुए 562 रियासतों को भारत में मिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री द्वारा सरदार पटेल की प्रेरणा से एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक देश, एक विधान, एक संविधान के संकल्प को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। साथ ही सरदार पटेल के जन्म दिवस पर देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन कर युवाओं को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में भी एकता यात्रा का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने स्वयं चार प्रमुख स्थानों पर एकता यात्रा में प्रतिभाग किया है। एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति, योग और स्वास्थ्य जैसे विषयों से जोड़ने के साथ सहकारिता मेलों का आयोजन कर स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार की दिशा में भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया एकता यात्रा के दौरान ग्राम सभाओं में जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान भी किया गया। विभिन्न गाँवों में सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने सभी नागरिको के लिए एक समान अधिकार और कानून लागू करने के उद्देश्य से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार द्वारा सरदार@150 यूनिटी मार्च का आयोजन कर सरदार पटेल के एकता और समरसता के संदेश को देशभर में पहुंचाने का कार्य किया गया। इस अभियान को पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी आग्रह करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। साथ ही उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जाति, क्षेत्र,संप्रदाय और भाषा से ऊपर उठकर भारतवर्ष को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, एवं अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

सीएम धामी ने हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिभाग कर श्रीकृष्ण के जीवन पर किया वर्णन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुरुक्षेत्र, हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो दिव्य उपदेश प्रदान किया, वही श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में मानवता का शाश्वत ज्ञान बनकर पूरे विश्व को दिशा दिखा रहा है। इस भूमि से धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित हुआ। इस भव्य महोत्सव के माध्यम से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उन्होंने हरियाणा सरकार एवं स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है। यह एक ऐसा दिव्य प्रकाश पुंज है, जिसमें मनुष्य के आचरण, चिंतन, कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और जीवन व्यवहार का अद्वितीय संकलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही गीता का अनुसरण करते हैं। पहले गीता के सार के कथनों के माध्यम से समझते थे, वे अपने प्रत्येक निर्णय, कर्म और जीवन के हर मोड़ पर गीता के उपदेशों को अपने मार्गदर्शक के रूप में रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए किया गया कार्य ही सबसे बड़ा धर्म है। यह संदेश उन्हें सदैव प्रेरणा देता है कि व्यक्तिगत लाभ, स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर निष्काम भाव से समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता की सेवा करना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में भौतिकता की दौड़ में जब मानव जीवन जटिल और तनावपूर्ण हो गया है, ऐसे समय में गीता का संदेश और भी अधिक प्रासांगिक हो गया है। गीता के 18 अध्याय हमें किसी न किसी योग की शिक्षा अवश्य देते हैं। गीता में बताए गए सभी सूत्र जीवन को संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और उच्चतम नैतिक आदर्शों के अनुरूप बनाने का शाश्वत मार्गदर्शन देते हैं। गीता की इसी सार्वभौमिकता के कारण आज विश्व के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में गीता पर शोध हो रहे हैं। आज दुनियाभर में श्रीमद्भगवद्गीता को लीडरशिप, मैनेजमेंट और आत्मशांति के ग्रंथ के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। गीता से हमें न केवल जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, बल्कि जीवन की प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा भी प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन गीता के श्लोकों के पाठ को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया है। उत्तराखंड में एक सख्त दंगारोधी कानून भी बनाया है। 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अवधेशानन्द महाराज, कुमार ऋषि, जैन समाज, स्वामी लोकेश मुनि, बाबा भूपेन्द्र, कपिल पुरी महाराज एवं अनेक संतगण मौजूद थे।

पटना में सीएम धामी ने नवनिर्वाचित सीएम नीतिश कुमार व मंत्रीमंडल को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज बिहार के गांधी मैदान, पटना में आयोजित बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग करने पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिहार और उत्तराखंड के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई सरकार के नेतृत्व में बिहार राज्य नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने देशभर से पहुंचे विभिन्न राज्यों के गणमान्य नेताओं से भी शिष्टाचार भेंट की और उनसे राष्ट्रीय विकास, सुशासन तथा समन्वित प्रगतिशील नीतियों पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बिहार के जनता जनार्दन के उज्ज्वल भविष्य, राज्य की निरंतर प्रगति और नवगठित सरकार के सफल कार्यकाल की शुभकामनायें प्रेषित कीं।

सीएम धामी का बिहार में दौरा, विस चुनाव को लेकर दो सभाओं को करेंगे संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्टूबर को बिहार में दो चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जा रही हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। धामी बिहार चुनाव में अभी तक गोरियाकोठी वारसलीगंज सिवान जैसे विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के लिए प्रचार कर चुके हैं। उन्हें सुनने के लिए लोग काफी उत्साहित दिखे।
अब 30 अक्टूबर को एक बार फिर सीएम धामी बिहार की दो चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। इसके अनुसार-30 अक्टूबर को सीएम धामी पूर्वाह्न 11 बजकर 15 मिनट पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद, वह इसी दिन अपराह्न एक बजकर पचपन मिनट पर महावीर रामेश्वर इंटर कॉलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

सीएम धामी पहुंचे बिहार, सिवान, गोरियाकोठी व वारसलीगंज विधानसभा में किया चुनाव प्रचार

शुक्रवार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुवात की। चुनाव प्रचार के पहले दिन मुख्यमंत्री धामी ने लगातार 3 विधानसभाओं में जनसभाओं और रैली को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बिहार की सिवान विधानसभा, गोरियाकोठी विधानसभा एवं वारसलीगंज विधानसभा में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर उनके पक्ष में जनता से वोट देने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नवादा के वारसलीगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी अरुणा देवी, गोरियाकोठी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह और सिवान विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मंगल पांडेय की नामांकन व आशीर्वाद यात्रा (रोड शो) में सम्मिलित हुए। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री के स्वागत में आए। मुख्यमंत्री को देखने आए लोगों में जबरजस्त उत्साह देखने को मिला। अपनी हिंदुत्व छवि को लेकर मुख्यमंत्री धामी की पूरे देश खासा लोकप्रियता है, जिसकी झलक अब बिहार चुनाव में भी देखने को मिल रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि एन.डी.ए की गठबंधन वाली सरकार ने बिहार में कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए की पुनः सरकार बनती है तो बिहार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई गाथा लिखेगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आरजेडी और कांग्रेस का इतिहास सिर्फ भ्रष्टाचार और परिवारवाद का रहा है। ये लोग बिहार में फिर से जंगल राज लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा लालू परिवार और गांधी परिवार में भ्रष्टाचार की होड़ मची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की भाजपा सरकार ने नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण रोधी कानून, दंगारोधी कानून, लागू किए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की भूमि देवों की भूमि है और बिहार की भूमि ज्ञान की भूमि है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास की नई गाथा लिख रहा है आज शिक्षा स्वास्थ्य सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में काम हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा बिहार के 8.5 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं वही 50 लाख से अधिक गरीब परिवारों को उनके पक्के मकान मिले हैं। बिहार के हर घर को नल, शौचालय और बिजली से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते सालों में भारत में 30 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से 75 लाख से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर महिलाओं को आगे लाने का काम किया हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ाते हुए विकसित बिहार और विकसित भारत बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा एक ओर विकास वाली भाजपा तो दूसरी ओर भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण और देशद्रोही के एजेंडे पर काम करने वाली कांग्रेस और आरजेडी पार्टी है। उन्होंने कहा ऐसी पार्टियों को बिहार से उखाड़ फेंकना है और विकास वाली भाजपा को जिताना है।

बिहार पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत
बिहार पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी , उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर ने भी भेंट की।

सीएम धामी पहुंचे रामपुर तिराहा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामपुर तिराहा शहीद स्थल के री-डेवलपमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। संग्रहालय को भव्यता प्रदान करने के लिए कार्य किए जाएंगे।इस स्थल पर एक कैंटीन बनाई जाएगी और उत्तराखण्ड की बसों को ठहरने के लिए स्टॉपेज भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 का रामपुर तिराहा गोलीकांड, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के इतिहास में सबसे क्रूर और गहरे घाव देने वाले काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। आज भी उस बर्बर गोलीकांड और महिलाओं की अस्मिता पर किए गए अमानवीय अत्याचारों को याद करके प्रत्येक उत्तराखंडी की रूह कांप उठती है। जिन पर जनता की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही हिंसा और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयतापूर्वक कुचलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सदा याद दिलाता रहेगा कि उत्तराखंड की नींव हमारे शहीदों ने अपने खून से सींची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आंदोलनकारियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप ही हमें अलग राज्य मिला।आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार ने नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा प्रारंभ की गई है। साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनका सम्मान करते हुए राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। रामपुर गोलीकांड के समय इस क्षेत्र के लोगों द्वारा राज्य आंदोलनकारियों की सहायता को चिरस्थायी बनाने हेतु रामपुर, सिसौना, मेघपुर और बागोंवाली में जनमिलन केन्द्रों का निर्माण कराया गया है। शहीद स्मारक हेतु भूमि दान करने वाले स्वर्गीय महावीर शर्मा के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित किए गए हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड के लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त दंगारोधी कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इस अवसर पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कपिल देव, पूर्व सांसद सजीव बालियान, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक खानपुर उमेश कुमार, विधायक झबरेड़ा विरेंद्र जाति, दर्जाधारी मधु भट्ट, राजेंद्र अंथवाल, शोभाराम प्रजापति, सचिव युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल, राज्य आंदोलनकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

यूपी सरकार का सीएम धामी ने किया आभार, जानिए वजह…

मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की अवधि के लिए उत्तराखंड राज्य को पेंशन की हिस्सेदारी के रूप में रू. 1600 करोड़ की धनराशि का भुगतान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोनों राज्यों के मध्य बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद के चलते परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के लंबित मुददों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों में पेंशन पर हुए व्यय के प्रभाजन हेतु महालेखाकार, उत्तर प्रदेश के द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए रू. 952.26 करोड एवं वर्ष 2022-23 की अवधि के लिए रू. 1309.00 करोड की देयता उत्तर प्रदेश सरकार पर आंकलित की गई थी। पेंशन व्यय पर उक्त दो वित्तीय वर्षो के लिए आगणित कुल रू. 2261.26 करोड़ की देयता के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माह जुलाई 2025 में रू. 1600 करोड़ की धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से अन्तर्राज्यीय समायोजन के द्वारा उत्तराखंड सरकार को किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

नेशनल गेम्स के बड़े मंच से तीन विषय और उत्तराखंड को बड़ी शाबासी

मंगलवार को यह बड़ा मंच राष्ट्रीय खेलों का था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल विकास से जुड़ी कई अहम बातें कीं। मगर तीन ऐसे विषय भी उठाए, जिनमें उत्तराखंड के विशेष प्रयास हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के इन प्रयासों को नए सिरे से रेखांकित करते हुए धामी सरकार की खुलकर सराहना की और शाबासी दी। यह तीन विषय थे-यूसीसी, शीतकालीन यात्रा और प्लास्टिक मुक्त अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद धामी सरकार के प्रयास देश-दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचे हैं। एक दिन पहले उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। खेल और यूसीसी में सबको साथ लेकर चलने की अंतर्निहित भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलचस्प ढंग से जोड़ा।

हाल ही में शीतकालीन यात्रा के लिए जिस तरह से धामी सरकार ने पहल की है, उसे प्रधानमंत्री के पूर्ण समर्थन के खास मायने रहे। उत्तराखंड की स्थानीय आर्थिकी के व्यापक हितों के लिए शुरू की गई शीतकालीन यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य अहम रहा कि वह खुद इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। पिछले दिनों अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित भी किया था। यात्रा की ब्रांडिंग कर प्रधानमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों को भी गति दे गए।

राष्ट्रीय खेलों की ग्रीन गेम्स की थीम पर प्रधानमंत्री प्रभावित नजर आए। ई-वेस्ट से पदक निर्माण, विजेता खिलाड़ियों के स्तर पर पौधरोपण जैसी पहल पर प्रधानमंत्री खूब बोले। उन्होंने इसके साथ ही, धामी सरकार के प्लास्टिक मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी खुलकर सराहा।

मध्य प्रदेश के लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ संजय ड्राइव, सागर, मध्य प्रदेश में आयोजित लाखा बंजारा लेक रिजुवनेशन एण्ड लेक फ्रन्ट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार को एक वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश की पवित्र भूमि में जन्म लेकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले भारत रत्न, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को कोटि-कोटि नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण के लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर उनके मन में सागर में बिताए गए अपने बचपन के दिनों की यादें पुनः ताजा हो गई। सागर क्षेत्र की अनेक स्मृतियां उनके मन मस्तिष्क में हैं। इन सालों में मध्य प्रदेश और सागर क्षेत्र ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर क्षेत्र उनके जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा है। उनके स्व. पिताजी महार रेजिमेंट में थे। उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में हुआ करती थी। उन्हीं दिनों उन्होंने अपने छात्र जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष सागर में बिताए। उन्होंने कहा सागर की भूमि और यहां के लोग के प्रति उनके मन में सम्मान है। यहाँ की प्रत्येक गली, रास्ता और झील उनकी स्मृतियों में हमेशा जीवंत रहती है। सागर की पुण्यभूमि ने उन्हें संस्कार, जीवन में नई दृष्टि और प्रेरणा प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा सागर की भूमि ने उनके जीवन में उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस भूमि से उनका रिश्ता सदा अटूट रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सागर क्षेत्र का कायाकल्प किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपने पहले वर्ष में मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव स्थापित की है। वो बहुत सहजता से कार्य करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चार वर्षों में डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार मध्य प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा डबल इंजन सरकारें देशभर में विकास की गति को लगातार आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में उनकी सरकार को भारी जनसमर्थन मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। जिसमें हम सभी ने अपना योगदान देना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महाकाल लोक के साथ केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य निर्माण कार्य किया गया है। देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक को मंजूरी दे दी है। समान नागरिक की गंगा देवभूमि से ही संपूर्ण देश में जायेगी। उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार का संकल्प है कि देवभूमि उत्तराखंड का मूल स्वरूप हमेशा बना रहना चाहिए। ये सभी कार्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती प्रदान करने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आज विकास की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर डबल इंजन की सरकारें प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम प्राप्त कर रही है।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड के लिये की निःशुल्क भूमि आवंटित

प्रयागराज महाकुंभ-2025 में उत्तराखंड का अपना पवेलियन होगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड राज्य को सेक्टर-7 कैलाशपुरी मार्ग, पूर्वी पटरी प्रयागराज में 100×400 वर्ग फिट भूमि निःशुल्क आवंटित कर दी है। इस भूमि पर उत्तराखंड राज्य का पंडाल सजेगा, जहां मेलार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। भूमि आवंटन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट किया है।

प्रयागराज महाकुंभ-2025 की तैयारियों के जोर पकड़ने के साथ ही उत्तराखंड में भी मेलार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाकुंभ मेले में उत्तराखंड के पंडाल के लिए अलग से भूमि आवंटन का अनुरोध उत्तर प्रदेश सरकार से किया था। सीएम धामी के आग्रह पर यह भूमि आवंटित कर दी गई है। प्रदेश सरकार इस पंडाल में मेलार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध करेगी। पंडाल के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देश-दुनिया भर से आए मेलार्थियों को देखने को मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखंड से प्रयागराज महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाले साधु संतों और अन्य सभी आम लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मेला र्थियों की सुविधा के लिए परिवहन की व्यवस्था भी सरकार करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने देहरादून पहुंचकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को महाकुंभ मेले में विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

————–
मां गंगा और यमुना का उद्गम क्षेत्र उत्तराखंड है। प्रयागराज इन दोनों पवित्र नदियों का संगम स्थल है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि आज यहां महाकुंभ मेला आयोजित हो रहा है। उत्तराखंड पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ प्रयागराज महाकुंभ-2025 में भागीदारी करेगा, साथ ही इस महा आयोजन को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। स्नान आदि के लिए अतिरिक्त जल की जरूरत होगी तो उत्तराखंड से अतिरिक्त जल छोड़ा जाएगा। इसके अलावा परिवहन आदि व्यवस्थाओं में भी पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड