स्वास्थ्य संबंधी कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया जाए प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्पतालों में मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाईनों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन एवं टोकन की व्यवस्था के लिए सिस्टम विकसित किया जाए। टेलीमेडिसिन की सुविधा के लिए हेल्पलाईन नम्बर 104 को जन जगारूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए। उत्तराखण्ड को जल्द क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को प्रेरित किया जाए, अगर किसी कार्य से लोग मन से जुड़ते हैं, तो उसमें सफलता प्राप्त होती है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जारी होने वाले आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, श्रम विभाग द्वारा जारी होने वाले कार्ड तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनव पहल की जरूरत हैं, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने के लिए डॉक्टरों को प्रेरित किया जाए। ब्लॉक एवं तहसील स्तर तक स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। ऐसी व्यवस्था की जाए कि नवजात शिशु के अस्पताल में जन्म होने पर उनके जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से ही निर्गत हों।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पतालों में स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। मरीजों को अस्पतालों में गुणवत्तायुक्त भोजन मिले। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के बाद वायरल, डेंगू एवं मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है, इससे निपटने के लिए अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिन निर्माण कार्यों में विलंब हो रहा है, सबंधित कार्यदाई एजेंसियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया जाए एवं संबंधितों जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब होने से लागत में भी वृद्धि होती है। उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग्स फ्री राज्य बनाने के लिए सभी विभागों को सुनियोजित प्लानिंग करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में प्रतिमाह बैठक की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में रोगी पंजीकरण शुल्क की समान व्यवस्था की जाए। ब्लॉक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को भी ध्यान में रखना होगा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव अरूणेन्द्र चौहान, अमनदीप कौर, प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, प्रधानचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोश सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
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सुबोध उनियाल ने विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी

सरकारी संस्थानों में उच्च तकनीकी शिक्षा के इच्छुक छात्र-छात्राओं को अब दूर-दराज क्षेत्रों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। नरेंद्रनगर स्थित पॉलिटेक्निक में छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक तीनों की सुविधाएं मुहैया होगी।
नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही, इस दौरान उन्होंने यहां विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति भी प्रदान की। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पुराने और नए एडमिशन हेतु आए छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से यहां की शिक्षण व्यवस्थाओं के बारे में जाना। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने यहां बने कक्षों का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने संस्थान के प्राचार्य आलोक कुमार को यहां कक्षों की स्थिति सुधारने एवं कमियों को दूर करने हेतु निर्देशित किया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आज के दौर में युवा वर्ग आईटी सेक्टर की ओर अधिक भाग रहा है, इस हेतु युवाओं को दूरदराज बाहरी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ती है। नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक में एनीमेशन, रूलर इन्वायरमेंट और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। जल्द ही यहां छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा, डिग्री और एमटेक की सुविधा मिलेगी, जिससे छात्र-छात्राओं को कोर्स हेतु दूरदराज बाहरी क्षेत्रों में नहीं जाना होगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने नरेंद्रनगर पॉलिटेक्निक के विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की। जिस पर संस्थान के प्राचार्य ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों के विरोध को लेकर शहरी विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से की चर्चा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश नगर निगम के अंतर्गत डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण तथा लालपानी स्थित बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के संदर्भ में शहरी विकास विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की।
मंत्री डॉ. अग्रवाल ने ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने को कहा। वहीं लालपानी में चिन्हित जमीन में वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के हो रहे ग्रामीणों द्वारा विरोध के संदर्भ में भी अतिशीघ्र मौका मुआयना कर दोनों समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े से जहाँ स्थानीय लोगों को दुर्गंध और बीमारियों से जूझना पड़ता है, वहीं आने वाले यात्री गलत संदेश ले कर जा रहे हैं। लालपानी (गुमानीवाला) में बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र का ग्रामीणों द्वारा विरोध पर भी अधिकारियों को तुरंत क्षेत्र में जाकर समस्या निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव शहरी विकास दीपेंद्र चौधरी, निदेशक नवनीत पांडेय मौजूद रहे।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे। अपने घर में क्रांतिकारियों की मौजूदगी से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सिंह के पोस्टर गांवों में छपने लगे। डॉ अग्रवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह पर अमिट छाप छोड़ा। अंग्रेजों की सरकार को ‘नींद से जगाने के लिए’ उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली के सभागार में बम और पर्चे फेंके थे। इस घटना में भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे। और यह जगह अलीपुर रोड दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली का सभागार थी। लाहौर षड़यंत्र केस में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सजा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया। भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया। तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भगत सिंह आजादी के मतवाले ही नहीं थे। भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक, लेखक और पत्रकार भी थे। वे हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगला और आयरिश भाषा के बड़े विद्वान थे। उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में आयरलैंड, फ्रांस और रूस की क्रांति का के बारे गहरा अध्ययन कर लिया था। भगत सिंह को भारत में समाजवाद का पहला प्रवक्ता माना जाता है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, महामंत्री सुंदरी कंडवाल, महामंत्री श्यामपुर रवि शर्मा, महामंत्री ऋषिकेश सुमित पंवार और जयंत शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय जुगलान, निर्मला उनियाल, रविंद्र रमोला, संजय व्यास, गंभीर सिंह राणा, दीपक जुगलान, रूपेश गुप्ता, सुभाष वाल्मीकि आदि ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

2 अक्टूबर को देहरादून से रामपुर तिराहा पहुंचेगा ‘प्रवासी-निवासी मार्च‘

प्रवासी उत्तराखंडियों को एकजुट-एकमुट करने की कवायद नये सिरे से हो रही है। हस्तक्षेप संगठन ने यह पहल की है। संगठन दो अक्टूबर को देहरादून से रामपुर तिराहा तक साइकिल मार्च का आयोजन कर रहा है। इसकी शुरुआत 29 सितम्बर से हो रही है। इस मार्च में 20 शहरों के प्रवासी उत्तराखंडी साइकिलिस्ट भाग लेंगे। संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह बिष्ट ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य प्रवासी लोगों को एकजुट करना है ताकि पहाड़ के संवेदनशील मुद्दों पर लोग मुखर हो सकें।
हस्तक्षेप संगठन के तहत आयोजित इस साइकिल रैली को प्रवासी निवासी मार्च का नाम दिया गया है। संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह बिष्ट ने बताया कि इस मार्च का उद्देश्य उत्तराखंड के संवेदनशील मुद्दों पर ’प्रवासियों’ की संवेदनशीलता को मुखर करना है साथ ही अपनी मूल भूमि से अलग-थलग पड़े ’प्रवासियों’ को ’निवासी मुद्दों’ पर एकजुट करना व राज्य की मूल धारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में यह एक नई पहल है। इसके माध्यम से प्रवासियों व निवासियों’ को एकजुट कर उनके बीच आपसी संवाद को सशक्त करना है।
साइकिल मार्च में देश भर से विभिन्न प्रवासी लोगों का 20 से भी अधिक कारों का काफिला रहेगा। साथ ही एक मेडिकल वैन भी मौजूद रहेगी। मार्च के दौरान उत्तराखंड आंदोलन के गीतों से गुंजायमान ट्रक व उसमें सवार ’मार्च’ के अन्य सहयोगी और सांस्कृतिक दल भी रहेगा। काफिले में शामिल लोगों के लिए ’पहाड़ी भोज’ का वाहन भी साथ चलेगा।

देश के दूसरे सीडीएस का भी उत्तराखंड से है नाता

केंद्र सरकार सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को इंडियन डिफेंस फोर्सेज का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि देश का दूसरा सीडीएस भी उत्तराखंड से ही नाता रखता है। मालूम हो कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी पौड़ी जिले के ही रहने वाले थे।
पिछले साल हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसके बाद से करीब 10 महीने तक सीडीएस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। अगले सीडीएस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल चौहान के नाम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखंडवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। ले.ज. चौहान मूलतः रामपुर ग्राम सभा ग्वाणा गांव, खिर्सु ब्लॉक, पौड़ी के रहने वाले हैं।
आशा जताई कि ले.ज. चौहान के नेतृत्व में भारतीय सेना हमेशा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। ले.ज. चौहान उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में राजपूत परिवार से ताल्लुख रखते हैं। पूर्व प्रधानपति अरिवंद रावत का कहना है कि चौहान की तैनाती से पूरे खिर्सु ब्लाक में खुशी की लहर है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास-आउट होने के बाद ले.ज. चौहान को भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में 1981 में कमीशन प्राप्त हुआ था।
सीडीएस जैसे अहम पद पर नियुक्ति से पहले ले.ज. चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में आतंक विरोधी अभियानों का खासा अनुभव है। ले. जनरल चौहान की संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अंगोला में भी तैनाती हो चुकी है। 40 साल की सेना में सेवा के बाद ले. जनरल चौहान पिछले साल 31 मई को सेवानिवृत हुए थे।

गांव के लोगों ने जतायी खुशी
लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) अनिल चौहान के देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने पर उनके मूल गाँव खिर्सू ब्लॉक के रामपुर ग्राम सभा के गवाणा गांव में खुशी की लहर है। ग्राम वासियों का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ग्राम प्रधान ज्योति देवी का कहना है कि अनिल चौहान जी के सीडीएस बनने की खबर उन्हें देर शाम 8 बजे के करीब पता चली।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राम सभा का नाम तो रोशन हुआ ही है साथ ही पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन हुआ है। गांव के पूर्व प्रधान अनूप, वार्ड सदस्य सुमन देवी ने कहा कि पौड़ी जिले से देश को लगातार दो सीडीएस मिल चके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का सेना के रूप में विशेष पहचान रही है।
जिसका परिणाम है कि देश दुनिया मे उत्तराखंड का नाम गूंज रहा है। गांव के ही दर्शन सिंह, मीना देवी का कहना है कि इससे खिर्सू का देश दुनिया के नक्शे में अलग स्थान बना है। देवलगढ़ राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी केपी उनियाल व भाजपा के जिला अध्यक्ष सम्पत सिंह रावत व जिला मंत्री जितेंद्र रावत ने भी भी हर्ष जताते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात कही है।

पौड़ी जिले के रहने वाले थे देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले के रहने वाले थे। उनका पैतृक गांव विरमोली दवारीखाल ब्लॉक में स्थित है। पिछले साल 08 दिसंबर को तमिलनाडू में जनरल रावत उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की चॉपर क्रैश में मृत्यु हो गई थी। खराब मौसम को सेना ने हेलीकॉप्टर हादसे की वजह बताई थी। सीडीएस बनने के बाद जनरल रावत अपने पैतृक गांव कई बार आ चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने उत्तराखंड में ही बसने की इच्छा जताई थी।

उत्तराखंड में प्रति एक हजार बालकों पर 984 बालिकाओं का अनुपात

उत्तराखंड में बाल लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है, साथ ही राज्य में संस्थागत प्रसव का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत इसे राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रदेश के आम लोंगो को मिल रहा है। उनका कहना है कि लिंगानुपात के आंकड़ों में सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग ने लाभार्थियों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाया साथ ही गर्भ में भू्रण के लिंग परीक्षण पर सख्ताई से रोक लगाई। वर्तमान में सूबे में 90 फीसदी संस्थागत प्रसव किये जा रहे हैं, जिनको शतप्रतिशत करने का प्रयास किया जा रहा है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बाल लिंगानुपात में बेहत्तर सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में 0-05 आयु वर्ग तक के बच्चों का लिंगानुपात 984 दर्ज किया गया है जोकि विगत वर्षों के मुकाबले बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में प्रति 1000 बालकों पर 984 बालिकाएं जन्म ले रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पांच जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी व ऊधमसिंह नगर में बालकों की तुलना में अधिक बालिकाओं का जन्म हुआ है। जिसमें जनपद अल्मोड़ा में 1000 बालकों के मुकाबले 1444 बालिकाओं ने जन्म लिया, ऐसे ही चमोली में 1026, नैनीताल में 1136, पौड़ी में 1065 व उधमसिंह नगर में 1022 बालिकाएं पैदा हुई।
वहीं बागेश्वर में 1000 बालकों के जन्म के सापेक्ष 940, चंपावत में 926, देहरादून में 823, हरिद्वार में 985, पिथौरागढ़ में 911, रुद्रप्रयाग में 958, टिहरी में 866 व उत्तरकाशी में 869 बालिकाओं ने जन्म लिया, जो कि राष्ट्रीय औसत 929 के मुकाबले कहीं अधिक है। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में बाल लिंगानुपात को लगातार बेहत्तर किया जा रहा है, जिसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरुकता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान व अलग-अलग मौकों पर अभिभावकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग द्वारा भ्रुण जांच व पीसीपीएनडीटी अधिनियम की जानकारी देते हुये ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण समिति स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित किये जा रहे हैं। रावत ने बताया कि राज्य में संस्थागत प्रसव को लेकर भी गर्भवती महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में सूबे में लगभग 90 फीसदी प्रसव विभिन्न चिकित्सा ईकाईयों में हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य रखा गया है इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दे दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंकिता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिवंगत अंकिता भण्डारी के परिजनों को 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी। मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। पूर्ण निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। मामले से संबंधित हर तथ्य को जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने। पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन-2 में उत्तराखंड के 5 शहरों को सम्मानित करेंगेी राष्ट्रपति

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में उत्तराखंड के 5 शहरों (हरिद्वार, लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर) का चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सहित चयनित निकायों को बधाई दी है। साथ ही 100 से कम निकाय वाले राज्यों में उत्तराखंड का स्थान टॉप 3 में आने पर मुख्यमंत्री और जनता को बधाई दी है।
मंगलवार को शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड के चार निकाय जिनमें लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर शामिल हैं, का चयन स्वच्छ भारत मिशन में किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित 4 शहरों का आकलन ओडीएफ, गार्बेज फ सिटी स्टार रेटिंग, साल भर में किए गए डॉक्यूमेंटेशन, स्वच्छता विशेषज्ञों के आकलन व नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार निकाय का चयन देशभर के करीब 62 गंगा नदी के समीपवर्ती निकायों की सूची में प्रथम स्थान पर किया गया है। बताया कि पूर्व में बनारस को प्रथम स्थान मिला था।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में देशभर के लगभग अट्ठारह और कुछ केंद्र शासित प्रदेश जिनमें 100 से कम निकायों की संख्या है, उनमें उत्तराखंड ने टॉप 3 में जगह बनाई है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कड़े मुकाबले के बीच उत्तराखंड के पांच निकाय अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और चयनित निकायों सहित जनता को बधाई दी है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इन निकायों को आगामी एक अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत करेंगी।

उत्तराखंड को पर्यटन पुरस्कार मिलने पर सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड को बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन एवार्ड तथा पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किये जाने पर प्रदेशवासियों को शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन क्षेत्रों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राज्य के पर्यटन को यह एक सौगात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। साहसिक पर्यटन के दृष्टिगत माउंटेनियरिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कैम्पिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाईकिंग आदि गतिविधियों का भी राज्य में काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम कॉरिडोर की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में मानस खंड कॉरिडोर बनाने के लिये भी प्रयासरत है। इससे जहां एक ओर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पूरे कुमाऊं के आधारभूत ढ़ांचे को भी मजबूती मिलेगी।