पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश को मिला प्रथम पुरस्कार

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य को पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन और पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ से यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड को ये पुरस्कार मिलने पर पर्यटन मंत्री महाराज ने समस्त प्रदेशवासियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को बधाई दी। महाराज ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य देश-विदेश के सैलानियों को प्रदेश में आने का निमंत्रण देता है जहां पर्यटन की सभी श्रेणियों में हर प्रकार की सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही मसूरी में हेलीकॉप्टर के माध्यम से हिमालय दर्शन की सेवा का भी शुभारंभ किया गया है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा पर्यटन विभाग उत्तराखंड में पर्यटकों को आकर्षित करने वाली कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को मिले दोनों पुरस्कार यह सिद्ध करते हैं कि प्रदेश को लेकर पर्यटकों के बीच लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। श्री महाराज ने कहा कि हिमालय दर्शन सेवा शुरू होने से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होगी। पर्यटक जॉर्ज एवरेस्ट से हेलीकॉप्टर के माध्यम से हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियों और उत्तराखंड के अलौकिक नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में उठाये गये नए कदमों की जानकारी देते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती हुई रूचि को देखते हुए पर्यटन विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक बहुत ही आकर्षक फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कॉन्टेस्ट का भी शुभारंभ किया है। इसके अंतर्गत पांच विभिन्न श्रेणियों में फोटो एवं वीडियो ऑनलाइन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस कॉन्टेस्ट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को 25 लाख रुपए से भी अधिक के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

महाराज ने बताया उत्तराखंड पर्यटन द्वारा देशभर के ट्रैवल इनफ्लुएंसर के लिए भी एक आकर्षक योजना लांच की गई है जिसके अंतर्गत अंग्रेजी ही नहीं अपितु क्षेत्रीय भाषाओं में वीडियो बनाने वाले ट्रैवल इनफ्लुएंसर का इंपैनलमेंट पर्यटन विभाग में किया जाएगा। इसके पश्चात उन्हें उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर परिचयात्मक भ्रमण अर्थात फैमिलियराइजेशन टूर आयोजित करवाए जाएंगे, जो उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रायोजित होंगे। श्री महाराज ने कहा कि हमारी योजना है कि ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र के इनफ्लुएंसर्स के माध्यम से उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, यहां की लोक कलाएं, यहां की ग्रामीण संस्कृति, यहां की एडवेंचरस भू-पारिस्थितिकी, होमस्टे, अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और पौष्टिक व्यंजन देश के कोने-कोने तक पहुंचें।

पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा, प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए इस बार कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें अक्टूबर 2022 से जनवरी 2023 तक होने वाला ट्रैक ऑफ द ईयर-पिंडारी ग्लेशियर और बागची बुग्याल, मसूरी व नैनीताल में दिसंबर 2022 में आयोजित होने वाला विंटर लाइन कार्निवाल, दिसंबर 2022 से जनवरी 2023 तक चंपावत में राफ्टिंग चौंपियनशिप, फरवरी 2023 में औली में आयोजित होने वाली नेशनल स्कीइंग चौंपियनशिप और मार्च 2023 में ऋषिकेश में होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव जैसे आयोजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से ‘‘मिनी प्रसाद योजना’’ एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत विभिन्न प्रस्तावों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 7 प्रस्तावों एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, गुंजी, दत्तु तथा मुनस्यारी, जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग, जनपद पौड़ी गढ़वाल में कण्वआश्रम की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित किये जाने हेतु राज्य सरकार प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत जनपद अल्मोडा दूनागिरी (लागत 3.35 करोड़), जनपद चम्पावत गोरखनाथ मन्दिर (लागत 2.15 करोड़), जनपद पिथौरागढ़ श्री 1008 बालेश्वर महादेव प्राचीन शिव मन्दिर समूह थल (लागत 2.00 करोड़), जनपद पिथौरागढ पाताल भुवनेश्वर मन्दिर गंगोलीहाट (लागत 1.20 करोड़), जनपद चम्पावत बालेश्वर मन्दिर (लागत 1.41 करोड़), जनपद नैनीताल कैंचीधाम (लागत 4.98 करोड़), जनपद चमोली टिमरसैंण (लागत 4.10 करोड़) का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ के आदि कैलाश, गुजी, दत्तु तथा मुनस्यारी जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग जनपद पौडी गढवाल में कण्वआश्रम के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति होनी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से उक्त प्रस्तावों की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम तथा सचिन कुर्वे भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने पुनर्निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मास्टर प्लान के तहत संचालित पुनर्निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया।
हेमकुंड साहिब में इमरजेंसी रेस्क्यू कार्याे के लिए नव निर्मित हैलीपेड, ट्रैक रेलिंग, सुलभ शौचालय व अन्य निर्माण कार्याे का निरीक्षण करने के साथ मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु दरवार में मत्था टेका।
इसके बाद मुख्य सचिव हेलीकॉप्टर से बद्रीनाथ पहुंचे और यहां पर मास्टर प्लान के अन्तर्गत संचालित पहले चरण के पुनर्निर्माण कार्याे का जायजा लेते हुए निर्माण कार्याे में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्य सचिव को बद्रीनाथ में निर्माण कार्याे की प्रगति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के साथ ही बद्रीनाथ से मूसा पानी ताक बॉर्डर डेवलपमेंट प्लान के अन्तर्गत सड़क मार्ग का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता राजेश शर्मा, एसडीएम कुमकुम जोशी, गावर कन्स्ट्रक्शन लि. के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल सोनी, ईओ सुनील पुरोहित सहित निर्माणदायी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।

सेवा पखवाड़ा के तहत निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित, मुख्य सेवक सदन में सेवा पखवाड़ा 2022 के तहत ‘स्वच्छता गौरव सम्मान’ कार्यक्रम में स्वच्छता दूतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों एवं स्वच्छता पर आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के ’स्वच्छता दूतों’ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी संकल्पशक्ति और प्रयासों ने राज्य में स्वच्छता का एक नया अध्याय लिखा है। यह प्रत्येक उत्तराखंडवासी के लिए गर्व का विषय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में हमारे शहरी क्षेत्र के चार निकायों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा 1 अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत भी उत्तराखंड राज्य ने छह विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने इसके लिए सभी स्वच्छता दूतों, शहरी विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी हैं। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि अपनी गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छता का एक ऐसा महा-अभियान चलाया जा रहा है जिसकी सफलता की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। जब सरकार के प्रयासों में जन-भागीदारी जुड़ती है, तो उन प्रयासों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। स्वच्छता को लेकर समाज में बड़ी जागरूकता ही वो मूलमंत्र है जिसने स्वच्छता अभियान की सफलता सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही पर्यटन प्रदेश भी है। ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं हैं। वैश्विक पर्यटन के नक़्शे पर आज उत्तराखंड ने एक नया स्थान अर्जित किया है। स्वच्छता और पर्यटन का आपस में गहरा रिश्ता है और जहां स्वच्छता होती है वहां पर्यटन में भी वृद्धि निश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत एक ऐसे वर्ग के उत्थान का भगीरथ कार्य किया है, जिस पर आजादी के बाद से कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। आज हमारे अनेकों रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला चलाने वाले, स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना का लाभ उठा कर न केवल अपने जीवन को सबल बना रहे हैं बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को भी उज्ज्वल कर रहे हैं। राज्य में पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचा कर उनका सशक्तिकरण करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है।
शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी ग्राम प्रधानों ने भी अपने क्षेत्र में स्वच्छता से संबंधित उत्कृष्ट कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर संपूर्ण देश को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत सेवा पखवाड़ा के रूप में विभिन्न जगहों पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पर्यावरण मित्रों ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए हैं। साथ ही उनके द्वारा कोरोना काल में किए गए समाज सेवा, एवं मानवता कार्य भुला पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना काल में पी०एम० स्वनिधि के माध्यम से कई परिवारों के भरण पोषण का कार्य किया।
कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज जिस तेजी से शहरों में जनसंख्या बढ़ रही है उसके अनुसार स्वच्छता को बनाये रखना एक अहम चुनौती है, फिर भी हमारे स्वच्छता दूत रात दिन एक कर शहरों को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे रहे है। आज स्वच्छता दूतों व पी.एम.स्वनिधि के लाभार्थियों के बच्चों को पुरस्कार वितरण किया जा रहा है, यह इनके मनोबल बढ़ाने में कारगर साबित होगा।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक दुर्गेश लाल, सचिव शहरी विकास दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव ईवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक पंचायतीराज बंशीधर तिवारी, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा की समीक्षा बैठक में दिये ये निर्देश

चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं नर्सिंग कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाय ताकि नया सत्र शुरू होने तक निर्माणाधीन शैक्षणिक भवन एवं छात्रावास बनकर तैयार हो सके। इसके लिये संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्माण कार्य पूर्ण होने पर तत्काल शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, चन्दरनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं नर्सिंग कॉलेजों में निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक ली। रावत ने बताया कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रूद्रपुर, हल्द्वानी, श्रीनगर व हरिद्वार जनपदों के नर्सिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं। जिनको समय पर पूर्ण करने के लिये संबंधित जिलाधिकारियों, प्राचार्यों एवं कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिये संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रतिमाह कॉलेज प्रशासन व कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर समीक्षा के निर्देश दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बैठक में जनपद पिथौरागढ़ में स्वीकृत राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने तथा बेस अस्पताल का संचालन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोविड काल के दौरान लगे कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पुनः तैनाती देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इसी क्रम में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिये शेष धनराशि जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज के विधिवत संचालन के लिये वार्ड ब्वाय एवं सुरक्षाकर्मी सहित अन्य जरूरी कार्मिकों के पद स्वीकृत करने की मांग रखी। जिस पर विभागीय मंत्री ने प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये। मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर के अंतर्गत नये भवन में अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। जबकि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ऑडिटोरियम का कार्य पूर्ण कर शीघ्र यूसी शासन को उपलब्ध कराने को कहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में छात्रावासों की मरम्मत, बाउंड्रीवाल फेंसिंग तथा पेयजल के सुदृढ़करण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार जनपद हरिद्वार में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये। इसके अतिरिक्त् राज्य कैंसर संस्थान हल्द्वानी, नर्सिंग कॉलेज कोटगी रूद्रप्रयाग, नर्सिंग कॉलेज बाजपुर, नर्सिंग कॉलेज श्रीनगर, जीएनएम कॉलेज रूड़की तथा स्टेट नर्सिंग कॉलेज देहरादून के भवनों के अधूरे कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेमचंद पाण्डेय, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ एमके पंत, वित्त नियंत्रक, कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी, सीएमओ, प्राचार्य एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने उत्तराखंड को दिया आयुष्मान उत्कृष्टता सम्मान-2022

आयुष्मान योजना के बेहतर संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से उत्तराखंड को आयुष्मान उत्कृष्टता पुरस्कार-2022 से नवाजा गया। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) की चौथी वर्षगांठ पर दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन-4 कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय मंत्रालय की ओर से यह पुरस्कार दिया गया।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा उत्तराखंड में संचालित आयुष्मान योजना ने गत 4 वर्षों में कई उपलब्धियों को हासिल किया है। प्रदेश में अभी तक 48.50 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी पात्र परिवार के शत- प्रतिशत कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा 5.70 लाख से अधिक बार मरीजों ने निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ उठाया है। अस्पतालों के समय से पेमेंट भुगतान को लेकर भी उत्तराखंड देश में अव्वल रहा है। अब तक प्रदेश सरकार के आयुष्मान योजना की निशुल्क उपचार सुविधा पर ₹989 करोड़ से अधिक खर्च हुए हैं। इसके अलावा योजना का दुरुपयोग ना हो उसके लिए भी राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं।

23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कार्यालय में अधिकारियों के साथ परीक्षा कैलेंडर को लेकर बैठक ली और शासन द्वारा हाल ही में आयोग को प्रेषित समूह ग की 23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी कर दिया गया है। इस प्रकार संलग्न लिस्ट में उल्लेखित 16 परिक्षाओ की प्रस्तावित विज्ञापन तिथि और परीक्षा तिथि निर्धारित की गई हैं।
आयोग ने यह संकल्प दोहराया है कि उपर्युक्त समस्त परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से वर्ष 2022 एवं 2023 के दौरान आयोजित की जाएंगी।
अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2022 के प्रारंभ में निर्गत यूकेपीएससी के मुख्य वार्षिक परीक्षा कलेण्डर के बारे में अवगत कराया गया है कि आयोग के उक्त परीक्षा कलेण्डर में उल्लिखित 23 परीक्षाएं निर्धारित की गयी थी, जिनमें से अब तक 18 परीक्षाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न की जा चुकी हैं तथा 4 परीक्षाओं का आयोजन इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
इनमें पीसीएस मुख्य परीक्षा-2021 का आयोजन दिनांक 12 से 15 नवम्बर, 2022 के दौरान किया जाना सम्मिलित है तथा शेष एक वन क्षेत्राधिकारी परीक्षा को स्थगित किया गया है।
सिविल जज जू.डि. परीक्षा, एई परीक्षा, सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर, वन क्षेत्राधिकारी एवं सहायक भूवैज्ञानिक परीक्षा के संदर्भ में आयोग द्वारा अग्रेतर कार्यवाही तभी की जा सकेगी जब क्षैतिज आरक्षण के संदर्भ में उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा हाल ही में पारित आदेश के आलोक में शासन द्वारा आरक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए आयोग को अवगत कराया जाएगा।
आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि आरक्षण से सम्बन्धित उत्पन्न कतिपय विसंगतियों के निस्तारण हेतु आयोग द्वारा प्राप्त लगभग 29 अधियाचनों को शासन को प्रत्यावर्तित कर दिया गया है तथा शासन से संशोधित अधियाचन प्राप्त होने के पश्चात् आयोग द्वारा उनके लिए पृथक से एक परीक्षा कलेण्डर जारी करते हुए समानान्तर ढंग से परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। वर्तमान में उक्त 29 अधियाचनों को संशोधित किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

पार्किंग समस्या को लेकर नए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बनाई जाने वाली नई पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को सभी पार्किंग्स के लिए साइट स्पेसिफिक कम्पलीशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खूबसूरत पर्यटन स्थलों में बड़ी-बड़ी पार्किंग्स बनाकर बर्बाद न करने की बात दोहराते हुए कहा कि कोशिश की जाए कि पर्वतीय पर्यटक स्थलों में छोटी-छोटी पार्किंग बनायी जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में, विशेषकर पर्वतीय शहरों में पार्किंग एक विकराल समस्या बनती जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के निर्देश दिए। कहा कि हर जिले में प्रयोग के तौर पर कम से कम एक प्रोजेक्ट टनल पार्किंग का अवश्य बनाएं। किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में जहां पर कोई रूकावट आ रही है, सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन को पार्किंग प्रोजेक्ट्स के लिए डेडीकेटेड अधिकारी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड अधिकारी को लगाने से कार्य में तेजी आएगी। जिन पार्किंग के निर्माण में कोई समस्या नहीं है, उनमें तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सड़कों के पैचवर्क का काम जल्द पूरा हो-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ के प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड कोरिडोर को राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए इसमें प्रस्तावित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बजरंग सेतु को तय समय सीमा दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निर्णय लेने हैं उन पर बैठक में अंतिम रूप से तय कर लिया जाए। बैठकों का आउटपुट दिखना चाहिए।

डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी पुल और फ्लाईओवर हैं, वहां गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। वहां ड्रैनेज की पूरी व्यवस्था हो। दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रदेश में डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्रेश बैरियर में कुछ प्रगति हुई है, इसमें और तेजी लाई जाए। सड़कों के पैच वर्क का काम शीघ्रता से किया जाए।

लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम किया जाए। जहां सम्भव हो, आपदा प्रबंधन के मिटीगेशन फंड से प्रस्ताव बनाया जाए। वर्षाकालीन में मलबा आने वाले स्थानों का स्थाई समाधान हो।

केंद्रीय योजनाओं की राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से संबंधित सभी प्रकरणों पर विस्तृत विवरण बना लिया जाए। केन्द्रीय मंत्रालय के साथ बैठक से पहले हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए। राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

बेस्ट प्रेक्टीसेज काम में ली जाएं
गढवाल-कुमाऊँ कनेक्टीवीटी के लिए ज्योलिकोट से कर्णप्रयाग मार्ग में तेजी लाई जाए। कैंचीधाम में बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। शहरों में सङको की स्थिति के बारे में शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की बैठक आयोजित कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो और सरलीकरण भी हो। बेस्ट प्रेक्टीसेज को प्रयोग में लाया जाए।

निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही
बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही है। मोबाइल लैब की व्यवस्था की कार्यवाही गतिमान है। ऑनलाइन एनआईएस लागू की गई है। ई ऑफिस से पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित लोक निर्माण विभाग, एनएच, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि हस्तांतरित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 2017-18 सत्र की 5310 बालिकाओं, 2018-19 सत्र की 460 बालिकाओं, 2019-20 सत्र की 1567 बालिकाओं, 2020-21 सत्र की 16210 बालिकाओं एवं 2021-22 सत्र की 56177 बालिकाओं, इस प्रकार से कुल 80 हज़ार वंचित लाभार्थि बालिकाओं को धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर प्रदेश की बेटियों को धनराशि हस्तांतरण कर अपने को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं, उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिकाओं के भविष्य को उत्कृष्ट, उज्जवल बनाने हेतु संकल्पित है, हमारी सरकार के संकल्प को पूर्ण करने में बेटियों का अहम योगदान है, आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां एवं महिलाएं पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, सरकार द्वारा लिए गए प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाने के संकल्प में बेटियों का अहम योगदान रहेगा, उन्होंने कहा बेटियों के योगदान के बिना यह संकल्प कभी पूरा नहीं हो सकता, आज बेटियां मेहनत, परिश्रम के बल पर सफलता हासिल कर रही हैं, उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ अपने सपनों को साकार करने में जुट जाना चाहिए, समय बहुत बहुमूल्य होता है जिसका सदुपयोग करना ही हमारे जीवन को सफल एवं सार्थक बनाएगा। मनुष्य के अंदर उसकी आत्मा में भगवान का वास होता है, हमें अपने अंदर की काबिलियत एवं अंदरूनी शक्ति को पहचानना बहुत जरूरी है। स्वयं की मदद करने वाले मनुष्य की हमेशा भगवान मदद करते हैं, उन्होंने कहा बड़ों का आदर एवं जिंदगी में अनुशासन का पालन करने वाला व्यक्ति हमेशा सफलता की ओर बढ़ता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा हमारी बेटियों के साथ होने वाली इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है, उन्होंने कहा इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, बेटियों के साथ अन्याय करने वाले लोगों की हमारे समाज एवं राज्य में कोई जगह नहीं है, उन्होंने कहा इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने बेटियों के मान सम्मान को सरकार का मान सम्मान बताया, उन्होंने कहा प्रदेश की बेटियों का अपमान सरकार का अपमान होता है, उन्होंने कहा हमारी बेटी अंकिता भण्डारी पर हुए इस जघन्य अपराध की त्वरित एवम् निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के महा अभियान की शुरुआत की थी, यह नंदा गौरा योजना भी उसी परिपेक्ष में बालिकाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के रास्ते पर ले जाती है, उन्होंने कहा हमें हर लड़की के समग्र विकास में गतिशील प्रगति होना चाहिए, एक बालिका के पैदा होने से उसकी पढ़ाई एवं शादी होने तक सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है, उन्होंने कहा प्रत्येक बालिका का अधिकार है कि उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले, इसके साथ ही यह देव भूमि एवं देवियों की भूमि दोनों कहलाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि 2017-18 से 2021-22 तक के नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 80 हज़ार लाभार्थी बालिकाओं को PFMS के माध्यम से ₹ 323 करोड़ 22 लाख की धनराशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया गया है एवं इस वर्ष 2022 से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्म से की जायेगी ताकि पात्र बालिकाओं को ये लाभ प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना कटाने पड़े, उन्होंने कहां बालिकाएं अपने कर्तव्य, एवं भविष्य में अपनी भूमिका एवं समाज को दे रहे योगदान को समझें। ताकि वह आने वाले समय में देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य के विकास में अपना योगदान दें।
इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल अपर सचिव प्रशांत आर्य निदेशक संस्कृति वीणा भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।