लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन जरुरतमंद छात्रों की मदद को आया आगे

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश के जरुरतमंद छात्रों को जूते वितरित किए गए।
विद्यालय प्रशासन की ओर से लायंस क्लब को बताया गया था कि कुछ जरुरतमंद छात्र हैं जिनके माता-पिता जूते खरीदने में असमर्थ हैं। इस समस्या को देखते हुए आज लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन की ओर से छात्रों को जूते दिए गए और आने वाली सर्दी को देखते हुए आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही उनको गर्म वस्त्र भी वितरित किए जाएंगे।
क्लब अध्यक्ष लायन रजत भोला व संस्थापक लायन ललित मोहन मिश्र ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में आमतौर पर कम आय वर्ग के लोगो के बच्चे पढ़ते है। आर्थिक व्यवस्था में कमी के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी में विद्यालय प्रशासन ने जब बताया कि फिलहाल ऐसे छात्रों की संख्या 50 है तो उन्हें आज क्लब द्वारा जूते वितरित किए गये है।
इस अवसर पर सचिव मोहित गनेरिवाला, कोषाध्यक्ष घनश्याम डंग, जगमीत सिंह, महेश किंगर, विशाल संगर, विनीत चावला, कृष्णा कालरा, जगदीश पनेसर, कार्यक्रम संयोजक अमित सूरी जूनियर आदि शामिल रहे।

हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थिति के हिसाब से बने हमारी नीति-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 7 वीं बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार इक्कीसवीं शताब्दी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिये राज्य सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड/2025 को अपना मंत्र बनाकर त्वरित गति से कार्य प्रारम्भ किया है। आजादी के अमृत काल के लिए आगामी 25 वर्ष की योजना बनाना भी प्रदेश की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा हिमालयी राज्यों में, यहां की इकोलॉजी, जनसंख्या धनत्व, फ्लोटिंग पॉपुलेशन व पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए ही विकास का मॉडल बनाया जाए, जो विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर आधारित हो। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हिमालयी राज्यों के लिए एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री ने इसका आयोजन उत्तराखण्ड में करने का अनुरोध किया।
उत्तराखण्ड राज्य के कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत बिन्दुओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि केन्द्र पोषित योजनाओं के फॉरम्यूलेशन में राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ‘वन स्किम फिट्स ऑल’ के स्थान पर राज्य के अनुकूल ‘टेलर मेड स्किम्स’ तैयार करने पर भारत सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये। पर्यटन, हार्टीकल्चर तथा सगन्ध पौध आधारित योजनाओं से राज्य को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिये एक वृहद कार्यक्रम जिसमें चेक डैम एवं छोटे-छोटे जलाशय निर्माण सम्मिलित हों, को प्रारम्भ करने की प्रबल आवश्यकता है। इसमें भारत सरकार का तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग चाहिए होगा। उत्तराखण्ड सम्पूर्ण राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको सिस्टम सर्विस उपलब्ध करा रहा है। राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इन पारिस्थितिकी सेवाओं को भी देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में फ्लोटिंग जनसंख्या का दबाव अवस्थापना सुविधाओं पर पड़ता है। इस वर्ष अब तक लगभग 30 लाख चारधाम यात्री तथा चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों का आवागमन राज्य में हुआ है व इस संख्या में निरन्तर वृद्धि होने की सम्भावनायें अत्यन्त प्रबल हैं। राज्य की अधिकांश स्थानीय निकायों का आकार एवं उनके वित्तीय संसाधन काफी कम है। इसलिये केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों के हस्तांतरण में इस महत्वपूर्ण तथ्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री के आर्शीवाद से सड़कों, रेलमार्गाे, स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं से उत्तरोत्तर प्रगति के ओर अग्रसर हैं। विश्व प्रसिद्व तीर्थ स्थल बद्रीनाथ, केदारनाथ के मास्टर प्लान के अनुरुप पुनः निर्माण कार्य भी तीव्र गति से कराया जा रहा है। एसडीजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्य रहा है।
प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि विविधिकरण की अपार सम्भावनायें हैं। मंडुआ, झिंगोरा, मादिरा, रामदाना, पर्वतीय दलहन जैसे गहथ, राजमा आदि तथा संगध एवं औषधीय पौधों को निरन्तर बढ़ावा दिया जा रहा है। सेब तथा उच्च मूल्य वाले कीवी फल के क्षेत्रफल और खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को विस्तारित किया जा रहा है। राज्य में 38,500 हैक्टेयर क्षेत्रफल में मिलेट एवं पौष्टिक अनाज फसलों का जैविक उत्पादन किया जा रहा है। राज्य से डेनमार्क को मिलेट का निर्यात प्रारम्भ किया गया है। 6400 हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती के लिये क्लस्टर चयन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है।
राज्य में सगन्ध सेक्टर को बढ़ावा देने हेतु प्रधानमंत्री द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की स्टेट ऑॅफ द आर्ट लेबोरेट्रिज का लोकार्पण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एरोमेटिक क्रॉप्स का शिलान्यास किया गया। राज्य में 40 एकड़ में ऐरोमा पार्क की स्थापना की गयी है। जिसमें ऐरोमा उद्योगों की स्थापना से लगभग रू0 300करोड के निवेश एवं 5000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में पर्यटन व हॉर्टीकल्चर को बढ़ावा देने के लिये हॉर्टी-टूरिज्म विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य द्वारा आस्ट्रेलिया से मैरिनों भेड़ों को आयात करके स्ट्रक्चर्ड ब्रीडिंग प्रोग्राम के माध्यम से गुणवत्ता सुधार एवं उत्पादकता में वृद्धि करके ऊन के क्षेत्र में अभिनव पहल की गयी है। लघु विकेन्द्रीकृत दुग्ध प्रसंस्करण इकाईयां के माध्यम से दूरस्थ स्थानों में हिमालयन हार्ड चीज (बीममेम) एवं घी जैसे मूल्य वर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा विकसित किये जा रह एग्री-स्टेक पोर्टल के लिये राज्य द्वारा अपेक्षित सभी कार्य समय पर पूरे कर लिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये उत्तराखण्ड राज्य संकल्पबद्ध है। राज्य में 4457 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिकायें प्रारम्भ हो चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन हेतु विभिन्न कार्यक्रम जैसे ‘‘प्रवेशोत्सव’’, ‘‘आरोही’’, ’’कौशलम‘‘, ’’आनन्दम‘‘, ’’विद्या सेतु‘‘ आदि संचालित किये जा रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्टूडियो तथा राज्य के समस्त 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है। 200 विद्यालयों में 08 व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ कर दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में भी राज्य में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू कर दिया गया है। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति व इंडियन नॉलेज सिस्टम से परिचित कराने के उद्देश्य से वैदिक विज्ञान, वैदिक गणित व भगवत गीता से प्रबन्धन परिचय जैसे विषयों को सह-पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया गया है। उच्च शिक्षा के अर्न्तगत राज्य में कुल 108 पाठ्यक्रम आनलाईन एवं ओपन डिस्टेन्स लर्निंग माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध व स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेस्टार्ट-अप पॉलिसी लागू की गयी है। राज्य सरकार द्वारा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ एमओयू किया गया है जिससे राज्य के युवाओं के लिये विदेशों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय निकायों में जीआईएस और ड्रोन मैपिंग द्वारा सम्पत्ति की माप एवं गणना तथा मास्टर प्लान तैयार किये जा रहे हैं। राज्य द्वारा भारत सरकार की अपेक्षा अनुसार टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) और टीडीआर (ट्रांसफेरेबल डेवलपमेंट राईट) पॉलिसी को अधिसूचित कर दिया गया है। उत्तराखण्ड में श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ एवं अन्य धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की अत्यधिक आवाजाही के कारण पार्किंग की गम्भीर समस्या रहती है। इसके समाधान के लिए पहाड़ों में अंडरग्राउंड/केविटी पार्किंग की शुरूआत की गयी है, जिससे बाहर से पहाड़/पेड़ कटान एवं पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा तथा पहाड़ के अन्दर केविटी बनाकर पार्किंग की स्थापना की जायेगी। राज्य के स्थानीय निकायों में भुगतान सुविधा ऑनलाईन उपलब्ध है तथा नागरिकों के लिये महत्वपूर्ण ऑनलाईन सेवाएं राज्य के अपुणी सरकार पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
बैठक में उपाध्यक्ष नीति आयोग, केंद्र सरकार के मंत्रिगण, राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल और शासी परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री ने अपने विभागों को 7 लाख 50 हजार तिरंगा बांटने का दिया लक्ष्य

वित्त, शहरी विकास एवं आवास व संसदीय कार्य मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अपने मंत्रालय के विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने 75 वर्ष पर 7,50,000 (सात लाख पचास हजार) तिरंगा झंडा बांटने का लक्ष्य दिया।
विधानसभा स्थित कार्यालय में हुई बैठक में मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री ने देशभर में अपने राष्ट्र का गौरव तिरंगा झंडा फहराने को कहा है। इसी क्रम में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर पूरे वतन के लोगों में उत्साह है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव उत्तराखंड में भी धूमधाम के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। कहा कि जो आजाद भारत में पैदा हुए हैं, इस उत्सव के जरिए हमें आजादी का जश्न मनाने का ऐसा पहली बार मौका मिल रहा है। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने शहरी विकास, आवास एवं विकास विभाग, राज्यकर विभाग, स्टाम्प के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने शहरी विकास विभाग के सभी 103 निकायों को पांच लाख तिरंगा झंडा, आवास एवं विकास विभाग को डेढ़ लाख से अधिक तिरंगा और राज्यकर व स्टाम्प से संबंधित अधिकारियों को एक लाख तिरंगा (कुल साढ़े सात लाख) का लक्ष्य दिया। कहा कि सभी विभाग इसे पूरे राज्यभर में नौ अगस्त से बांटेंगे।
डा. अग्रवाल ने बताया कि पूरे राज्यभर में एकसाथ सभी विभागीय अधिकारी आमजन के साथ तिरंगा झंडा अपने-अपने क्षेत्रों में फहराएंगे। साथ ही इसे सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित व प्रचारित भी करेंगे।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शहरी विकास विभाग विनोद सुमन, आवास आयुक्त सुरेंद्रनाथ पांडेय, एडिशनल कमिश्नर राज्यकर आई एस बृजवाल, अपर निदेशक शहरी विकास अशोक पांडेय, अपर आयुक्त आवास पीसी दुमका सहित अन्य विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल तिरंगा रैली के जरिये राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संदेश दिया

उत्तराखंड जन विकास मंच की ओर से तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने किया। तिरंगा यात्रा में लोगों के साथ मंत्री डॉ अग्रवाल ने भारत माता की जय सहित देश समर्पित नारे भी लगाए, जबकि देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले महान पुरुषों को नमन भी किया गया। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न जगहों पर पुष्प वर्षा हुई।
रविवार को परशुराम चौक से तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई त्रिवेणीघाट पहुंची। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तिरंगा रैली के साथ लोगों को अपने घर पर देश की आन बान शान का प्रतीक तिरंगा लगाने के लिए जागरूक किया। कहा कि किसी भी देश या राष्ट्र की आजादी का 75 साल पूरा होना अपने आप में गौरव की बात है। केंद्र व प्रदेश सरकार ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अभियान चलाया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह पहल नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव पैदा करने के लिए है। यह आजादी का एक उत्सव है। स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान की वजह से आज हम खुले आसमान में सांस ले पा रहे हैं। कहा कि तिरंगा चंद गज का कपड़ा नहीं है। तिरंगे की ताकत 130 करोड़ भारतीयों को एकजुट करने की है।आने वाले पीढ़ियों को इससे संदेश दिया जा रहा है कि हम सब भारत को एकजुट रखेंगे, भारत को आगे बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर सभी क्षेत्रवासियों से इस महान अभियान में प्रतिभाग कर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की गयी।
इस अवसर पर अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राहुल मनमीत, पवन शर्मा, राजीव कालड़ा, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, अमित चौधरी, दिनेश गुसाईं, हैप्पी गावड़ी, देवेंद्र बेलवाल, केके लाम्बा, ऋषि पोखरियाल, प्रदीप गुप्ता, पार्षद शिव कुमार गौतम, राजू नरसिम्हा, कपिल गुप्ता, रवि शर्मा, शम्भू पासवान, जितेंद्र अग्रवाल, सुभाष शर्मा, राकेश थपलियाल, कुँवर सिंह, अजय कल्याण, भूपेंद्र राणा, जतिन जाटव, राजेन्द्र पाल, नीटू शर्मा, गिरीश नौटियाल, मनीष बिजल्वाण, मनीष मौर्य, गणेश बिजल्वाण, राजू बर्थवाल सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद की पुण्यतिथि पर स्मारक बनाने की घोषणा की

वीर अमर शहीद हमीर पोखरियाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने शहीद हमीर पोखरियाल के उत्तरकाशी स्थित पैतृक गांव पोखरियाल में स्मारक बनाने की घोषणा की।
रविवार को गुमानीवाला भट्टोवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस घर, परिवार से सैनिक निकलते हैं, वह घर और परिवार पूजनीय होता है। उस परिवार पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। कहा कि हमीर ने देश सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, ऐसे सच्चे देशभक्त समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते है। कहा कि हमीर आज हमारे दिलों और दिमाग में आज भी जिंदा हैं।
इस मौके पर शहीद की माता राजकुमारी, पिता जयेंद्र पोखरियाल, पत्नी पूजा, बेटी अन्वी, बेटा शौर्यवीर, चाचा शैलेन्द्र, आलेंद्र, समाजसेवी मानवेन्द्र कण्डारी, प्रधान दीपिका व्यास, नत्थीलाल सेमवाल, रवि शर्मा, शहीद प्रदीप रावत के पिता कुँवर सिंह रावत, पार्षद वीरेंद्र रमोला, संजीव कुडियाल, आशीष रांगड़, प्रभाकर पैन्यूली सहित कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

कांग्रेस भाजपा की जनविरोधी नीतियों को लेकर लोगों को करेगी जागरूक

कांग्रेस नौ अगस्त को भारत जोड़ो तिरंगा पदयात्रा निकालेगी। यात्रा के जरिए भाजपा की जनविरोधी नीतियों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
रविवार को जयश्री फार्म वेडिंग प्वाइंट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत जोड़ो तिरंगा यात्रा कार्यक्रम के तहत बैठक की। ज़िलाध्यक्ष अश्वनी बहुगुणा ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे देश में 9 अगस्त यानी अगस्त क्रांति दिवस पर भारत जोड़ो तिरंगा पदयात्रा निकाली जाएगी। जिसमें महंगाई, भ्रष्टाचार, जीएसटी सहित देश को जाति व धर्म को बांटने का काम करने वाली भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि यह यात्रा 9 अगस्त ऋषिकेश विधानसभा के गांधी स्तम्भ से शुरू होते हुए मुख्य मार्ग होते हुए एम्स चौक हरिद्वार मार्ग में संपन्न होगी। उसके पश्चात विधानसभा के अन्य वार्डों व ग्रामसभाओं में भी यात्रा निकाली जाएगी। महानगर अध्यक्ष विनय सारस्वत ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा 9 अगस्त से 15 अगस्त तक प्रत्येक जिले में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 75 किलोमीटर की पद यात्रा की जाएगी और ऋषिकेश विधानसभा में 11 किलोमीटर पदयात्रा होगी। इस मौके पर राजपाल खरोला, सुधीर राय, जिला उपाध्यक्ष चंदन सिंह पंवार, पार्षद नेता प्रतिपक्ष मनीष शर्मा, पार्षद राकेश सिंह, प्रदेश सचिव विजय पाल सिंह रावत, प्रदेश सचिव मनोज गुसाईं, प्रदेश सचिव लल्लन राजभर, ललित मोहन मिश्रा, रवि कुमार जैन, पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, जगत सिंह नेगी, भगवान सिंह पंवार, राधा रमोला, यूकां अध्यक्ष जितेंद्र पाल पाठी, मदन शर्मा, सरोज देवराडी, धर्मेन्द्र गुलियाल, मनीष जाटव, परमेश्वर राजभर, उमा ओबरॉय , मधु जोशी, नवीन प्रसाद भट्ट, इमरान सैफी, राजेश सिंह, सतीश शर्मा, अमित पाल, ममता रमोला, हरी राम वर्मा, चंद्र कांता जोशी, राज कुमार बतालिया, राम मूर्ति, सिंह राज पोशवाल, विकास केवट, किशोर गौर, राहुल रावत, प्यारे लाल जुगरान, अभिनव सिंह, विशवास गोयल आदि मौजूद रहे।

लोकभाषा और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर डॉ. राजे नेगी का सम्मान

ऋषिकेश के डॉ. राजे सिंह नेगी को देवभूमि लोक सम्मान 2022 से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान लोकभाषा व लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है।
समाजसेवी डॉ. राजे सिंह नेगी ने बताया कि बीते रोज देहरादून में हिमाद्रि फिल्म्स द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें उन्हें लोकभाषा एवं लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देवभूमि लोक सम्मान-2022 से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें काबीना मंत्री सुबोध उनियाल, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य अतिथियों द्वारा भेंट किया गया। कहा कि वे बच्चों को लोकभाषा सिखाने के लिए मोबाइल एप उड़ान लोकभाषा का प्रयोग कर रहे हैं। जिसको लेकर हिमाद्री फिल्मस ने उनके कार्यों की सराहना की है।

शाह से मिले धामी, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री से केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही प्रति पैक्स 50 हजार रूपये की धनराशि को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 670 पैक्स के लिए 3.35 करोड़ रूपये की धनराशि आंकलित की गई है, यह प्रति पैक्स किये गये व्यय के सापेक्ष कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पैक्स कम्यूटरीकरण में अग्रदूतों में से एक है तथा पर्वतीय राज्य है। पर्वतीय राज्यों को प्रदत्त की जानी वाली सहायता को 90ः10 के अनुपात में मिलने से उत्तराखण्ड को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 670 पैक्स द्वारा कुल 18.76 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 108 से अधिक पैक्स लाइव हो चुकी हैं। जो सॉफ्टवेयर पर अपना दैनिक लेन देन कर रही है। अवशेष 502 समितियों का कार्य अगले 6 महीनों में पूर्ण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने सभी प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों को कम्प्यूटरीकृत करने के निर्णय पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से समितियों के कामकाज में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और सहकारी क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पैक्स के कम्प्यूटरीकरण में अग्रणी राज्यों में से एक है।

सीएम ने किया निर्माणाधीन भवन, उत्तराखण्ड निवास का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य, गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय की गई निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी द्वारा उत्तराखण्ड निवास के नक्शे का अवलोकन करते हुए भवन के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि नये बन रहे “उत्तराखंड निवास“ में कार्य की सुगमता के दृष्टिकोण से उत्तराखंड स्थानिक आयुक्त कार्यालय व उत्तराखंड राज्य सूचना केंद्र को उक्त भवन में स्थापित किए जाने के संबंध में विचार किया जाये।
उल्लेखनीय है कि 3, गोपीनाथ बारदोलाई मार्ग, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में जून 2020 से उत्तराखण्ड निवास का काम शुरू किया गया। भवन में तीन बेसमेंट होंगे। भवन में भू-तल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा। ग्रीन भवन की तर्ज पर बनाए जा रहे इस भवन का अपना सीवेज शोधन संयंत्र होगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। उत्तराखण्ड निवास का निर्माण कार्य संभावित 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा।
इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक सतर्कता अमित सिन्हा, अपर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा व उत्तराखण्ड पेयजल निगम के सहायक अभियंता अरविन्द सैनी उपस्थित रहे।

मोबाईल टावर बढ़ाने की स्वीकृति मिली, सीएम के अनुरोध पर और कई सौगातें मिलने की उम्मीद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखण्ड में बीएसएनएल के 1206 मोबाइल टावर की स्वीकृति दी। प्रत्येक मोबाईल टावर की लागत 1 करोड़ रुपये आएगी। मुख्यमंत्री ने टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा शुरू किये जाने का भी अनुरोध किया। रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि 296.67 करोड़ को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कुमाऊँ और गढ़वाल को जोड़ने के लिए देहरादून-काठगोदाम के मध्य चलने वाली एक मात्र रेल सेवा है। नेपाल बॉर्डर होने के कारण वहाँ के लिए लोगों का आवागमन टनकपुर से ही होता है। इसलिए कुमाऊं-गढवाल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए टनकपुर-देहरादून मार्ग पर एक जनशताब्दी रेल को संचालित किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन को नैरोगेज के स्थान पर ब्रॉडगेज बनाये जाने, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल लेन बनाने, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन के निर्माण हेतु भी अनुरोध किया। जिनके संबंध में रेल मंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। मुख्यमंत्री द्वारा टनकपुर से दिल्ली के मध्य चलने वाली पूर्णागिरी जन शताब्दी की यात्रा अवधि को कम करते हुए 5-6 घंटों में यात्रा पूर्ण कराने हेतु आवश्यक व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा विगत में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत वहन करने हेतु प्रदत्त सहमति के क्रम में कुल परियोजना लागत रूपये 791.39 करोड़ के सापेक्ष उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अब तक रूपये 296.67 करोड़ का अंशदान रेलवे को दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से उत्तराखण्ड जैसे छोटे एवं पर्वतीय राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का अनुरोध किया।