नगर में संस्कृत शोभायात्रा और तिरंगा यात्रा निकालीं

संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्कृत छात्र सेवा समिति द्वारा नगर में एक भव्य संस्कृत शोभायात्रा एवं तिरंगा यात्रा निकाली गयी। जिसमें नगर के समस्त संस्कृत विद्यालयों के छात्र, प्रधानाचार्य, अध्यापक, संत महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
यात्रा का शुभारंभ ऋषिकेश नारायण श्री भरत भगवान के मन्दिर से हुआ। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिवेणी घाट पर समपन्न हुई। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भरत मन्दिर के महन्त वत्सल प्रपन्नाचार्य, भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय शास्त्री, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष गोपालाचार्य, जनार्दन आश्रम के प्रबंधक केशवस्वरूप ब्रह्मचारी, महन्त रवि प्रपन्नाचार्य, प्रदीप शर्मा, काली कमली के प्रबंधक स्वामी अच्युतानंद, पार्षद रीना शर्मा आदि ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारम्भ किया।
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। जहाँ एक और हम सब मिलकर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वहीं दूसरी और संस्कृत सप्ताह भी सम्पूर्ण देश में बडे हर्ष के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा संस्कृत प्राचीन काल से ही हमारे देश का गौरव रही है। संस्कृत के बल पर ही भारत को विश्व गुरु जैसी उपाधि प्राप्त थी। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सबको संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने वर्तमान में परिवारों में संस्कारों के आभाव पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत संस्कारों की जननी है। संस्कृत का संरक्षण-सम्वर्द्धन होगा तो संस्कृति भी मजबूत होगी और समाज संस्कारों कौ और मजबूती के साथ ग्रहण करेंगे।
महन्त वत्सल प्रपन्न शर्मा ने भी सभी को अपनी शुभकामनाएं दी और कहा कि ये सभी का सामूहिक प्रयास अत्यन्त सराहनीय है। इससे संस्कृत भाषा के प्रति समाज में जागृति होगी। शोभायात्रा के शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य डाँ. ओमप्रकाश पूर्वाल, डॉ. जनार्दन कैरवान, डॉ. गिरीश पाण्डेय, सुरेन्द्र दत्त भट्ट, विनायक भट्ट, आचार्य सुभाष चन्द्र डोभाल, सुशील नौटियाल, जितेन्द्र भट्ट, नरेन्द्र मैठाणी, डॉ. सुनील थपलियाल, डॉ. हर्षानंद उनियाल, डॉ. संदीप भट्ट, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, सुबोध बमोला, संस्कृत छात्र सेवा समिति के संगठन मंत्री विकास कोठारी, निमाई चरण दास, प्रेम प्रकाश नवानी, नरेन्द्र सकलानी, अध्यक्ष सर्वेश तिवाडी, महामंत्री विनोद नौटियाल, कमल डिमरी, पुरुषोत्तम कोठारी, सूरज विजल्वाण, विपिन बहुगुणा, मनोज कुमार द्विवेदी सहित सभी संस्कृत विद्यालयों के अध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे।

देश के घर-घर में फहराता तिरंगा दुनिया को एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश दे रहा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों, सैन्य और अर्धसैन्य बलों के शहीद जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि आज जो हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वह स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद जवानों के त्याग और बलिदान का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं। महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद वीर जवानों को समर्पित अमृत महोत्सव, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत का भी संकल्प है। देश के घर-घर में फहराता तिरंगा दुनिया को एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश दे रहा है। किसान का सम्मान हो, गरीब का कल्याण हों, युवा को अवसर हो, महिलाओं का उत्थान हो, तकनीक में नवाचार हो, विश्व पटल पर भारत की मजबूत पहचान हो, इतिहास की समस्याओं का स्थायी समाधान हो, ये सब प्रधानमंत्री जी की दृढ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। कोविड महामारी का जिस तरह से हमने सामना किया, उसकी पूरे विश्व में सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले आठ वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। टनकपुर-बागेश्वर रेललाईन और डोइवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ की सड़क कनेक्टीवीटी में सुधार के लिए चारधाम ऑलवेदर सड़क परियोजना पर काफी कुछ काम किया जा चुका है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में जा सकेंगे। केंद्र सरकार से पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा-कंचनपुर, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन में ’’हर घर नल से जल’’ के अंतर्गत राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के 7 लाख से अधिक परिवारों को कनेक्शन दिये जा चुके हैं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत ‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ हॉर्टीकल्चर में मील का पत्थर साबित होगा। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ रूपए की उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’ महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना से नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे। सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा भी आमंत्रित कर दी गई हैं। 1930 करोड़ रूपए से टिहरी लेक डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। अमृत योजना अन्तर्गत 7 शहरों में सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, पार्क आदि के लिये 593 करोड़ रूपए की योजनाओं पर काम चल रहा है। ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखण्ड के चहुमुखी विकास के लिए समर्पित भाव से जुटी है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। अब प्रदेश का कोई भी व्यक्ति 1064 पर शिकायत कर भ्रष्टाचार को समाप्त करने में योगदान कर सकता है। हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन कर दिया है।समिति की तीन बैठकें भी हो चुकी हैं। हम गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। इसके लिये बजट में प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की हमारी योजना है। हम कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर भी काम कर रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। हमारी सरकार, शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं की पेंशन को बढ़ाने के साथ ही उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। हमने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य में 4457 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बाल वाटिकायें प्रारम्भ हो चुकी है। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्टूडियो तथा राज्य के समस्त 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है। उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेस्टार्ट-अप पॉलिसी लागू की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 47 लाख 83 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 5 लाख 40 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 919 करोड़ से अधिक का व्यय किया जा चुका है। प्रधानमंत्री जी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। आंगनबाड़ी बहनों और आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना भी प्रारम्भ की गई है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। राज्य में समयबद्ध रूप से निवेश प्रस्तावों का ऑनलाईन निस्तारण किया जा रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हम एचीवर्स की श्रेणी में आ गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। उभरते खिलाड़ियां को प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के 150 बालक और 150 बालिकाओं को खेल छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिये 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। अभी तक 4060 होमस्टे पंजीकृत किये जा चुके हैं। ट्रैकिंग मार्गां पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 16 ईको टूरिज्म डेस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों व जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल बड़े स्तर पर की गई है। प्रत्येक जिले में वर्षा जल संचय के लिए झीलें विकसित की जा रही हैं। अमृत महोत्सव के तहत राज्य में 1250 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्षों में प्रदेश में जैविक कृषि के क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हुई है। 4485 जैविक क्लस्टर संचालित हैं। जैविक उत्पादों के विपणन के लिये जैविक आउटलेट भी स्थापित किये जा रहे हैं। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है।जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए ‘‘फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिये हमारी सरकार ने गौ सदनों की स्थापना के लिये बजट प्राविधान को इस वर्ष छः गुना कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूर्ण कर उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है। पिछले वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और अब हमारा स्थान चौथा हो गया है। इन्स्पायर अवार्ड हेतु नामांकन में विद्यालयवार प्रतियोगिता के आधार पर पूरे देश में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। आने वाले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिये हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश के विकास का संकल्प लेने का आवाहन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘‘जय हिन्द-उत्तराखण्ड के वीर‘‘ कार्यक्रम में शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया।
ओहो रेडियो एवं दून डिफेंस ड्रीमर के संयुक्त तत्वाधान में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य साहस और बलिदान की अमर गाथाओं पर आधारित जय हिन्द-उत्तराखण्ड के वीर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया उनमें अशोक चक्र विजेता शहीद मोहन नाथ गोस्वामी, अजयवर्धन सिंह तोमर, शौर्य चक्र विजेता मेजर विभूति शंकर ढोडियाल, चन्द्र सिंह कार्की, मेजर चित्रेश बिष्ट, राहुल रैसवाल, दीपक नैनवाल एवं गोकर्ण सिंह राठौर के परिजन शामिल थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीडीएस जनरल विपिन रावत को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर हम स्वंय को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में देश में 60 हजार से अधिक कार्यक्रम देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की शौर्य एवं साहस की वीर गाथा को हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करेंगे। देश की एकता एवं अखण्डता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी सैनिको को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों के कारण आज हम सभी सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं। महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद वीर जवानों को समर्पित अमृत महोत्सव, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत का भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद हम आजादी के अमृत काल में प्रवेश करेंगे, 25 वर्षों के इस अमृत काल (2022-2047) हमारी नौजवान पीढ़ी के हाथ में देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमान्त क्षेत्र मलारी, नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्र मंच तामली स्वीमी विवेकानन्द की तपस्थली अद्वेत मायावती आश्रम से लेकर प्रदेश में सभी क्षेत्रों में आजादी का अमृत महोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश विभाजन विभीषिका दिवस भी है। 14 अगस्त 1947 को देश को लहू लुहान होना पड़ा था। इस विभीषिका में 10 लाख से अधिक लोगों का संहार हुआ था। हमारी मां बहिनों ने अत्याचार सहे। इन घटनाओं को भी सामने लाने का कार्य प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है। यह अवसर देश के लिये बलिदान होने वाले सभी ज्ञात अज्ञात लोगों का स्मरण करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि सैनिक परिवार से जुड़ा होने के कारण वे सैनिक परिवारों की समस्याओं से अवगत है। हमारे प्रदेश की जनसंख्या कम होने के बावजूद 1727 वीरता पदक प्रदेश के सैनिकों को मिले है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 7 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के इस अमृत महोत्वस के अवसर पर हम सबकों प्रदेश के समग्र विकास का भी संकल्प लेना होगा। प्रदेश के रजत जयन्ती वर्ष में हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो। इस दिशा में हमे प्रयास करने होंगे। प्रदेश के सभी सरकारी गैर सरकारी विभाग, संस्थाये अपने स्तर से ऐसी अभिनव योजनाओं पर कार्य करें जो देश में बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में पहचान बनाये। हमारा प्रयास राज्य स्थापना के 25वें वर्ष का आयोजन नई उपलब्धियों के साथ आयोजित करने का भी रहेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिरंगा सम्मान तथा उत्तराखण्ड की शौर्य विरासत तथा सैनिको के शहादत की पृष्ठ भूमि पर आधारित गीत गाने वाले सुधान सिंह कैंतुरा तथा आईटीबीपी के जवान अर्जुन खेरियाल को भी सम्मानित किया जिन्होंने तेरी मिट्टी में मिल जांवा…………………. गीत गाकर सभी को शहीदों की शहादत से जोड़ने का प्रयास किया।
इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनिल उनियाल गामा ने भी शहीदों का स्मरण कर नगर निगम द्वारा हर घर तिरंगा कार्यक्रम की सफलता के लिये किये जा रहे प्रयास की जानकारी दी।

स्कूली बच्चों को तिरंगा सौंपा, दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान के क्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्कूली बच्चों को तिरंगा वितरित किया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में टीन शेड निर्माण के लिए दो लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा भी की।
देहरादून मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में स्कूली बच्चों सहित अध्यापकों को तिरंगा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्र की पहचान है, हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं। डा. अग्रवाल ने कहा कि यह किसी त्योहार से कम नहीं हैं। कहा कि तिरंगा फहराने के लिए पूरे देशभर में हर जाति, पंथ के लोगों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर तिरंगा फहराया जाना चाहिए, यह हमारा गौरव है कि आजाद भारत की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे है। कहा कि यह ऐसा पहला मौका हमें मिल रहा है। डा. अग्रवाल ने कहा कि अमृत महोत्सव के जरिए ऐसे वीर अमर भारत माता के सपूतों को नमन करना है, जिन्होंने भारत को आजाद कराने में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से मंत्री डा. अग्रवाल के समक्ष टीन शेड की समस्या रखी गई। जिसे मंत्री डा. अग्रवाल ने सही पाते हुए स्कूली बच्चों के टीन शेड हेतु दो लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा की। इस अवसर पर मंत्री डा. अग्रवाल ने स्कूली बच्चों को तिरंगा वितरित कर इसकी हिफाजत करने को भी कहा। इस अवसर पर भारत माता की जय सहित देशभक्ति से प्रेरित नारे लगाए गए।
इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय गौड़, मृदुला सक्सेना, प्रेमलता भट्ट, राजेश्वरी रौतेला, मनीषा, सरोजनी, पार्षद रीना शर्मा, सुशीला बर्थवाल, उषा जोशी, कविता शाह, जयंत शर्मा, कांता शर्मा, गीतांजलि, सुनीता जस्सल, सरोजनी थपलियाल, सचिन अग्रवाल, विजय लक्ष्मी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

त्रिवेणी घाट पर स्टॉल लगाकर निःशुल्क पांच हजार तिरंगा किये वितरित

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी ताजेन्द्र सिंह नेगी ने स्टॉल लगाकर निशुल्क पांच हजार तिरंगा वितरित किये। उन्होंने कहा देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा हर घर में लगना चाहिए।
रविवार को त्रिवेणी घाट पर निशुल्क तिरंगा वितरण किया गया। जनसम्पर्क अधिकारी ताजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्र की पहचान है, हम आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहे है। कहा कि यह कि त्योहार से कम नहीं है। तिरंगा फहराने को लेकर देश भर के हर जाति, पंथ के लोगों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
ताजेन्द्र नेगी ने कहा कि हर घर में तिरंगा फहराया जाना चाहिए, यह हमारा गौरव है कि आज़ाद भारत की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। कहा कि यह ऐसा पहला मौका हमें मिल रहा है। कहा कि इस महोत्सव का जरिये ऐसे वीर अमर भारत माता के सपूतों को नमन करना है, जिन्होंने भारत को आज़ाद कराने में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने निशुल्क तिरंगा की स्टॉल लगाकर लोगों को पांच हजार (5000) तिरंगा वितरित किये। साथ ही इसको घर की छत पर लगाने का आग्रह किया। उन्होंने तिरंगे का सम्मान करने की अपील भी की।
इस मौके पर दिनेश सती मंडल अध्यक्ष, सुमित पवार महामंत्री, शिव कुमार गौतम पार्षद, राजू नरसिम्हा पार्षद, चित्रमणि जी, विवेक शर्मा, शिवम शर्मा, अरुण बडोनी, शिवम टुटेजा, गोपाल दत्त सती, सचिन अग्रवाल, सौरभ गर्ग, राजपाल ठाकुर, जयंत किशोर शर्मा, मनीष भट्ट, दुर्गेश कुमार, सुग्रीव त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।

आजादी का अमृत महोत्सव वीर बलिदानियों की शहादत को प्रणाम करने का अवसर

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान के क्रम में मुनिकीरेती में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रभारी व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तिरंगा झंडा वितरित किया।
रविवार को मुनिकीरेती में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की अपील की है। इस अभियान में प्रदेश के गैर सरकारी संगठनों व संस्थाओं को भी साथ लिया जा रहा है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है। कहा कि देश भर में लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महेंद्र भट्ट ने कहा कि भारत की आजादी के लिए जिन वीर सेनानियों ने अपना सर्वस्व अर्पित किया, उनका सदैव स्मरण रहे। हमारी नई पीढ़ी को ऐसे बलिदानियों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हो। आजादी के अमृत महोत्सव में देश के इन वीर बलिदानियों का देश स्मरण कर रहा है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह देशभक्ति की भावना का कार्यक्रम है। यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह एक जन आंदोलन है जिसमें सभी की भागीदारी जरूरी है। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जेसिस पब्लिक स्कूल, गंगापुर रोड़, रुद्रपुर में उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा आयोजित ’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पाञ्चजन्य द्वारा विभाजन की विभीषिका पर आधारित खून के आसूं नामक पुस्तक का विमोचन एवं विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले 400 सेनानियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं उनकी दीर्घायु की कामना की। सेनानियों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि वह खुद को गौरवान्वित, भाग्यशाली एवं स्वयं को सम्मानित होते महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को आने वाले सालों में और भव्य रूप दिए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए विभाजन विभीषिका सेनानियों का अभिनंदन किया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले से विभाजन विभीषिका दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी, यह दिवस उन सभी सेनानियों एवं विभाजन के दौरान अपने परिवार जनों से बिछड़े लोगो के बलिदान को याद करने का दिवस है। उन्होंने बताया हाल ही में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों को विभाजन की विभीषिका दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम किए जाने एवं विभाजन के दौरान मौजूद लोगों से बात किए जाने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका के दौरान कई परिवारो ने अपनी जान हथेली में लेते हुए रेलगाड़ी बैलगाड़ी एवं अन्य माध्यमों से पलायन किया। विभाजन विभीषिका में लंबे संघर्ष के बावजूद लोगों ने समाज के विकास में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र को बसाने में अहम योगदान दिया। आज भी यह लोग उत्तराखंड के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा की आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है। जल्द ही हम अमृत काल में प्रवेश करेंगे, ये काल भारत का स्वर्णिम काल होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने भी यह संकल्प लिया है कि जब हमारा राज्य 25वें साल में प्रवेश करेगा, तब हमारा प्रदेश देश का श्रेष्ठ राज्य होगा। इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा किच्छा में एम्स खुलने जा रहा है, हमारा प्रयास है कि हम काठगोदाम एवं रुद्रपुर से अमृतसर के लिए सीधे ट्रेन चलाए, रुद्रपुर में बाईपास का काम किया जाएगा एवं गदरपुर में कुछ ही दिनों में बाईपास बनकर तैयार होने वाला है जिससे लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड की जनता को हर प्रकार से सरकार सुविधा पहुंचाएं इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मानवता के दुश्मन कट्टर पंथियों से मानवता एवं धर्म की रक्षा करने वाले विभाजन विभीषिका सेनानियों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये सेनानी वास्तव में हमारे व आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मोडल हैं, जिन्होंने अपना सब कुछ खोकर भी बिना किसी के आगे हाथ फैलाएं, अपनी हिम्मत के बल पर स्वयं को खड़ा किया और आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के चहुंमुॅखी विकास हेतु लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृतसर का पानी अमृत तुल्य है। उन्होंने कहा कि काठगोदाम से अमृतसर तक रेल संचालन शीघ्र शुरू किये जाने की कौशिश की जा रही है।
सैनिक कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हमारा देश आजाद तो हुआ, लेनिक देश को आजादी की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं विभाजन के दर्द को भुलाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में इस समाज का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने विभाजन का दर्द झेलने वाले सभी व्यक्तियों को नमन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान विधायक शिव अरोड़ा, विधायक अरविन्द पाण्डे, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक सरिता कपूर, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जुनाथ टीसी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

तिरंगा अभियान को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह

आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भगवान बदरी विशाल के मंदिर में सेना के जवानों विदेशी और स्वदेशी श्रद्धालुओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। वहीं बाबा केदारनाथ में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में बाबा केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व मन्दिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित कर केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों एवं केदारनाथ धाम मे यात्रा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों तीर्थ पुरोहितों व्यापारियों द्बारा मानव श्रृंखला बनाकर कर तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ केदारनाथ मंदिर परिसर से किया गया। तिरंगा रैली कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर घर तिरंगा फहराये जाने के लिए जनपद वासियों सहित प्रदेश वासियों को जागरूकता संदेश दिया गया। जिससे सभी लोग इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होकर अपने घरों में तिरंगा अवश्य फहराये।
जिला मुख्यालय रूद्रप्रयाग में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र छात्राओं ने नगर में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों द्बारा अपने घरों में तिरंगा लगाने के लिए तिरंगा झंडा उपलब्ध कराने के साथ साथ लोगों को सभी घरों मे 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए जागरुक किया गया।

शहीदों के सम्मान में घर पहुंचकर उनके घर में फहराया तिरंगा

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शहीदों के घर पहुंच परिजनों के साथ तिरंगा लगाया गया। साथ ही परिजनों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद प्रदीप रावत के टिहरी जिले में पैतृक गांव बैराई में जिला योजना के मद से स्मारक बनाने की घोषणा की।
शनिवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश मंत्री पुष्कर काला, जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, शहीद प्रदीप रावत के सोमेश्वर नगर में तिंरगा लगाकर परिजनों को सम्मानित किया। इस मौके पर मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद प्रदीप रावत के टिहरी जिले में पैतृक गांव बैराई में जिला योजना के मद से स्मारक बनाने की घोषणा की।
वहीं शहीद मनीष थापा के सोमेश्वर नगर स्थित घर तिरंगा लगाकर परिजनों का सम्मान किया गया, जबकि शहीद राकेश डोभाल के गंगा नगर स्थित घर में तिरंगा लगाकर परिजनों का सम्मान किया गया। उधर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. धनेश शास्त्री के देहारादून रोड स्थित घर पर तिरंगा लगाकर परिजनों को सम्मानित किया गया। श्री भरत मंदिर में तिरंगा लगाकर भगवान भरत जी के दर्शन और आशीर्वाद लिया। इसके बाद त्रिवेणी घाट पर गंगा पूजन कार्यकर्ताओ द्वारा स्वागत और कार्यकर्ताओ को सम्मानित किया गया।

नेपाल सीमा पर मंच गांव पहुंचकर सीएम ने ग्रामीणों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 13 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित ’हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत चंपावत जिले के दूरस्थ सीमांत क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज मंच पहुंचकर तिरंगा अभियान में शामिल हुए।

बाबा गोरखनाथ की पूज्य भूमि से हर घर तिरंगा का दिया गया संदेश
मुख्यमंत्री ने बाबा गोरखनाथ को दोनों हाथ जोड़कर शीश झुकाकर प्रणाम किया और कहा यह क्षेत्र, तल्लादेश का क्षेत्र, बाबा गोरखनाथ की भूमि वास्तव में बहुत पूज्य भूमि है और बाबा गोरखनाथ की कृपा से आपने मुझे उत्तराखंड प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, जिसके लिये मैं सदैव यहां की जनता का दिल से आभारी रहुंगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा घोषणा की थी कि मंच में उप तहसील का संचालन करेंगे और आज बाबा गोरखनाथ की कृपा से उप तहसील का संचालन शुरू हो गया है और हम कोशिश करेंगे उप तहसील का संचालन और प्रभावी तरीके से हो।

सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये सरकार दृढ़ संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर लोगों की सुविधाओं हेतु अस्पतालों में डाक्टरों की कोई कमी न हो जिसके लिए हमेशा प्रयास किया है और अभी अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती भी होने लगी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की व्यवस्था, संपर्क मार्गों, बिजली, कनैक्टिविटी की यहां जो भी दिक्कत है उसे पूरा करने के लिये प्रस्ताव दिये है और उन पर कार्य हो रहा है। यह मेरा संकल्प है कि आने वाले समय में यहां के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो ईधर-उधर जाना न पड़े इसके लिए सरकार कार्य कर रही है, और आने वाले समय में यह सीमान्त क्षेत्र विकास की धाराओं में आयेगा।

प्रधानमंत्री के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान बना जन आंदोलन
भारत के प्रधानमंत्री के आहवाहन पर आज पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है इसलिए इसे घरों में प्रदर्शित करें। क्योंकि तिरंगा हमारा मान-सम्मान और स्वाभिमान है। इस तिरंगे के लिए, भारत की आजादी के लिए न जाने कितने लोगों ने अपना बलिदान दिया। यह अमृत महोत्सव उन सबको स्मरण करने का समय है। उन्होंने कहा कि आज से 25 साल बाद जब देश आजादी के 100 वर्ष मानायेगा तो इन 25 सालों के कालखण्ड को अमृत काल नाम दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से इन 8 सालों में जो भी सरकार द्वारा योजनाएं चलायी जा रही हैं वह गरीबों के कल्याण एवं उत्थान के लिए चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा देश के गृहमंत्री से इस सीमान्त क्षेत्र में विकास के लिए बजट की धनराशि बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के लिए भारत सरकार को 1200 टावरों मिलने का प्रस्ताव गया है जिसे भारत सरकार ने स्वीकृती दे दी है।

स्थानीय महिलाओं ने सीएम को राखी बांध दीर्घायु की कामना की
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन की सभी को बधाई दी और वहां उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा धागा बांधा और उनके दीर्घायु की कामना की।

क्षेत्र के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं
मुख्यमंत्री ने तामली मुख्य मोटर मार्ग से राजकीय इण्टर कालेज मंच में स्थाई हैलीपेड का निर्माण एवं सड़क का निर्माण, राजकीय इण्टर कालेज मंच में फील्ड का विस्तारिकरण, राजकीय इण्टर कालेज मंच में विज्ञान वर्ग की स्वीकृति प्रदान की जायेगी, राजकीय इण्टर कालेज मंच और तामली में एनसीसी की स्वीकृति की जायेगी, गोरखनाथ मंदिर गेट से सौराई भनार मॉ रणकुंची मंदिर क्षेत्र के लिए सड़क प्रस्तावित की जायेगी, तल्लादेश में दूर संचार की व्यवस्था हेतु जो भी जरूरी कदम है उठाये जायेंगे की घोषणा की।