हरेला पर्व को उत्साह से मना रहे भाजपा कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी ऋषिकेश मंडल की ओर से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष में हरेला पखवाड़ा के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मंडल के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे।
मंगलवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में 6 जुलाई से 16 जुलाई तक हरेला पखवाड़ा मनाया जा रहा है। कहा कि यह आयोजन न सिर्फ वर्तमान पीढ़ी के जीवन को बनाए रखने बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने में पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में पेड़ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों से संबंधित पहल के पूरक के रूप में इस महोत्सव का बेहद महत्व है। कहा कि आधुनिक जीवन शैली एवं रसायनिक दवाओं आदि के प्रयोग से हमारा पेयजल, खाद्य पदार्थ एवं हमारे आस-पास का वातावरण दूषित होता है जिससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि अपने स्तर पर अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ-साथ लोगों को पौध रोपण के प्रति प्रेरित एवं जागरूक किया जाए।
पूर्व शिक्षा मंत्री श्री अरविंद पांडेय ने कहा कि पौधारोपण हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है, हमें अपने जीवन में जितना हो सके उतना अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों की कमी से निरंतर पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। हम सभी का फर्ज बनता है कि पृथ्वी की खूबसूरती को बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ प्रकृति का आधार हैं। पेड़ों के बिना प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
इस मौके पर आम, पीपल, तुलसी, लीची, बेलपत्र, नींबू सहित फलदार व छायादार पौधे रोपे गए। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से प्रतिवर्ष एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल करने का आवाहन किया गया।
इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, कपिल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, महामंत्री जयंत शर्मा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष उषा जोशी, युवामोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, पार्षद शिव कुमार गौतम, राजेश दिवाकर, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, अनिता तिवारी, माधवी गुप्ता, कविता शाह, पार्षद प्रदीप कोहली, राजपाल ठाकुर, रूपेश गुप्ता, देवव्रत शर्मा, राकेश पारछा सहित अन्य मौजूद रहे।

सुरक्षा के बीच उत्तराखंड पहुंची राष्ट्रपति निर्वाचन की सामग्री

भारत निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली से मंगलवार को राष्ट्रपति निर्वाचन से संबंधित मतपत्र, मतपेटियां, विशेष कलम और अन्य सीलबंद सामग्री उत्तराखण्ड राज्य विधानसभा सचिवालय के लिए प्रेषित की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय के पर्यवेक्षण में यह निर्वाचन सामग्री सभी राज्यों में प्रेषित की गई।
उत्तराखण्ड राज्य के लिए सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने यह निर्वाचन सामग्री प्राप्त की। सीलबंद निर्वाचन सामग्री अधिकारियों की देखरेख में हवाई मार्ग से देहरादून पहंुची। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बैलेट बॉक्सों की सुरक्षा के लिए विशेष एयर टिकट की व्यवस्था करते हुए निर्वाचन अधिकारी के बगल की सीट आरक्षित की गई थी।
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से उक्त सामग्री निर्वाचन अधिकारी द्वारा विधानसभा सचिवालय में बनाये गए स्ट्रांग रूम में जमा की गई है। आयोग द्वारा प्राप्त मतपेटियों एवं महत्वपूर्ण निर्वाचन सामग्री को विधानसभा सचिवालय भवन स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। उपरोक्त पूर्ण प्रकिया की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी करायी गई है।
इस अवसर पर रिटर्निंग आफिसर/सचिव विधान सभा मुकेश सिंघल, सहायक रिटर्निंग आफिसर/संयुक्त सचिव चन्द्रमोहन गोस्वामी, उप सचिव नरेंद्र रावत, उप सचिव लक्ष्मीकांत उनियाल और निजी सचिव विजयपाल सिंह जरधारी मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर एसएसपी ने दिये अहम निर्देश

उत्तराखंड में भी कांवड़ यात्रा में तलवार, डंडे, त्रिशुल आदि लेकर आने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने बॉर्डर चेकिंग में इन्हें जब्त करने के निर्देश दिए। कहा कि इस मामले में थाना और चौकी प्रभारी भी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
14 जुलाई से आरंभ हो रही कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी, एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंडियाल ने व्यापारिक संगठनों, ऑटो, ई-रिक्शा यूनियन और प्रतिनिधियों की बैठक ली। इसमें पार्किंग, ट्रैफिक, सफाई, पेयजल आदि व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। यात्रा के दौरान ओवररेटिंग रोकने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों, धर्मशाला और होटल में रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए।
एसएसपी ने मौके पर मौजूद लोगों की समस्याएं भी सुनीं। व्यापारी संजय व्यास ने पूर्व की तरह कांवड़ यात्रा में लोकल सवारियों के लिए अलग से ऑटो आरक्षित रखने, पंकज गुप्ता ने गंगा जल के लिए बिकने वाले प्लास्टिक कैन को जब्त करने के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। इस पर एसएसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला, ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को बेहतर तालमेल बनाकर कार्य करने को कहा। यात्रा के दौरान कांवड़ियों की अचानक भीड़ उमड़ने पर क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक वनवे रूट प्लान तैयार कर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए निर्देशित किया।
मौके पर ट्रक यूनियन अध्यक्ष जगमोहन सकलानी, प्रांतीय व्यापार अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, नगर महासंघ अध्यक्ष राजेश भट्ट, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, महामंत्री प्रतीक कालिया, यातायात संघ अध्यक्ष मनोज ध्यानी, टीजीएमओ उपाध्यक्ष यशपाल राणा, स्वर्णकार संगठन उपाध्यक्ष हितेंद्र पंवार, रवि जैन, अभिषेक शर्मा, पार्षद गुरविंदर सिंह, भगवान सिंह पंवार, कोतवाल रवि सैनी, यातायात निरीक्षक हितेश कुमार, एसओजी प्रभारी देहात मुकेश डिमरी, थानाध्यक्ष रानीपोखरी शिशुपाल सिंह राणा, थानाध्यक्ष रायवाला भुवनचंद्र पुजारी, एसएसआई डीपी काला, एसआई विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड में फिल्म प्रशिक्षण केन्द्र खोलने के निर्देश

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित सभागार में विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने सूचना विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म सिटी के लिए भूमि का चयन कर लिया जाए और इसमें फिल्म उद्योग से सम्बन्धित अवस्थापना विकास के लिए कार्ययोजना बना लें तथा फिल्म सिटी में फिल्म शूटिंग एवं प्रोडक्शन से सम्बन्धित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाएं।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के फिल्म प्रशिक्षण संस्थान से सम्पर्क कर उनकी शाखा के रूप में फिल्म प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड राज्य में खोला जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय एवं सीमान्त क्षेत्रों में मोबाइल थिएटर के लिए सब्सिडी देने की योजना बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की बोली भाषा पर आधारित किसी फिल्म का चयन यदि राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के फिल्म फेस्टिवल के लिए होता है तो प्रोत्साहन के लिए विशेष सब्सिडी योजना बनाई जाए। विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने उत्तराखण्ड के विश्वविद्यालयों में फिल्म एवं फिल्म निर्माण की विधा से सम्बन्धित कोर्स भी प्रारम्भ करने के लिए निर्देश दिये तथा सीएम हेल्पलाइन से सम्बन्धित विभागीय प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी मीडिया सेन्टर निर्माण हेतु भूमि चयन एवं आगणन हेतु प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए। उन्होने कहा कि ई-ऑफिस के रूप में विभाग का ढ़ाचा और अधिकांश सुविधाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि वेबसाईट व अन्य माध्यम से नई प्रेस मान्यता नियमावली निर्माण के लिए आम सुझाव लिया जा रहा है। इसी प्रकार नई फिल्म नीति बनने के पूर्व सम्बन्धित स्टेक होल्डर से सुझाव लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष के सम्बन्ध में शीघ्र ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक प्रस्तावित है।
इस अवसर पर अपर निदेशक डॉ. अनिल चन्दोला, संयुक्त निदेशक आशिष त्रिपाठी एवं केएस चौहान, उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव, अनुसचिव रजनीश जैन मौजूद रहे।

बाल वाटिका कक्षा का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, ननूरखेड़ा में ‘बाल वाटिका कक्षा’ का शुभारम्भ किया। बाल वाटिका के शुभारम्भ के साथ ही उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की शुरूआत करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एस.सी.ई.आर.टी भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों में उद्यमिता के विकास के लिए कौशलम् पुस्तक एवं कैरियर कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस क्षेत्र के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो रही है, उनकी मरम्मत की जायेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोदी/20 रू ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ सौंपी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल वाटिका के शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक नया क्रान्तिकारी परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह शिक्षा नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग द्वारा 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किये जाएं, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में आज से बालवाटिका का शुभारम्भ किया गया है। यह कार्यक्रम आज प्रदेश के सभी विकासखण्डों में भी आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्पराओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर इसके तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में जो पढ़ाई नर्सरी में होती थी, अब वही पढ़ाई आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के पास सिर्फ पढ़ाने का कार्य हो, इसके लिए शिक्षा विभाग में सभी अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाईन की जा रही हैं। उत्तराखण्ड में एक साल के अन्दर विद्या समीक्षा केन्द्र बनाये जायेंगे। अगले साल से स्कूलों में अंक सुधार परीक्षा का आयोजन भी किया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा वंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. आर. के. कुंवर, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

हरित क्रांति एप को पायलट आधार पर उपयोग किये जाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूचना तकनीक के माध्यम से किसानों को काफी फायदा पहुंचाया जा सकता है। किसान के मोबाइल में उसके खेत और फसल से संबंधित हर जानकारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पतंजलि द्वारा विकसित हरित क्रांति एप को पायलट आधार पर उपयोग किये जाने के निर्देश दिये। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने प्रस्तुतिकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने सचिव कृषि की अध्यक्षता में समिति बनाने के निर्देश दिये। यह समिति इस बात की सम्भावना देखेगी कि पतंजलि द्वारा विशेष तौर पर भू अभिलेखों व खेती से संबंधित जानकारियों के डिजिटलीकरण के लिए किये गये कार्य उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को सरकारी योजनाओं से तभी फायदा पहुंचाया जा सकता है जब सारी जरूरी प्रक्रियाएं सरल हों, गैर जरूरी औपचारिकताएं न हों। लोगों की संतुष्टि जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार और संस्थानों के परस्पर सहयोग से प्रदेश को आगे बढ़ाया जा सकता है। पतंजलि के शोध कार्यों से उत्तराखण्ड को लाभ मिले, इसके लिए राज्य सरकार व पतंजलि परस्पर सहयोग से काम करेंगे। हमें डाटा शेयरिंग की सम्भावना भी देखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पतंजलि के हरित क्रांति एप को पायलट आधार पर उपयोग किया जाएगा। किसानों के लिए फायदेमंद होने पर इसे बङे स्तर पर उपयोग किया जा सकता है।
पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने प्रस्तुतिकरण देते हुए पतंजलि द्वारा किये गये शोध कार्यों व खेती संबंधी जानकारी के डिजिटलीकरण के लिए विकसित किये गये एप हरित क्रांति एप की विस्तारसे जानकारी दी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मत्स्य पालन को मिला कृषि का दर्जा, विद्युत दरों भी कृषि दरों पर होंगी निर्धारित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मत्स्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय मत्स्य पालन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मत्स्य निदेशालय, बड़ासी ग्रांट, देहरादून में स्थापित होने वाले मत्स्य प्रसंस्करण यूनिट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की जायेगी।
मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देते हुए मत्स्य पालन में लगने वाली विद्युत दरों को कृषि दरों पर निर्धारित किया जायेगा। गढ़वाल एवं कुमाऊं में मत्स्य पालकों की सुविधा हेतु मत्स्य मंडी की स्थापना किए जाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मत्स्य विभाग से संबंधित सभी स्टालों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स भेंट किया। जनपद उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार के ग्राम समाज के तालाबों के पट्टों का आवंटन एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक जिले से दो व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मत्स्य पालन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में प्रदेश में लोगों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। उत्पादों को अच्छा बाजार मिले इसके लिए सरकार प्रयासरत है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्र में मत्स्य पालन के बढ़ते प्रभाव पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह स्वरोजगार के लिए एक नई उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना एवं केन्द्र सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को आगे लाने का कार्य किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड में मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। सरकार द्वारा मत्स्यिकी के दृष्टिकोण से उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग हेतु किये जा रहे कार्यों के तहत लगभग 11 हजार व्यक्ति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से मत्स्य पालन से जुड़े हैं। केन्द्र सरकार द्वारा भी मत्स्य विकास के कार्यों हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना संचालित की जा रही है। लगभग 336 व्यक्तिगत लाभार्थियों एवं 17 सहकारी समितियों को लाभान्वित किया जा चुका है। सरकार द्वारा अधिक ऊँचाई के सुदूर क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर साधन के रूप में स्थापित करने हेतु पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फार्मिंग परियोजना संचालित करायी जा रही है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक बृज भूषण गैरोला, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरूषोत्तम, विभिन्न जनपदों से आये मत्स्य पालक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कोई भी अभियान जन भागीदारी से ही बड़ा अभियान बनता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘बीज बम अभियान सप्ताह’ का शुभारंभ किया। हिमालय पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान ‘जाड़ी’ द्वारा यह बीज बम अभियान सप्ताह 09 जुलाई से 15 जुलाई 2022 तक चलाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित पुस्तक ‘हिमालयी जन सरोकार’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान द्वारा द्वारिका प्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में बीज बम अभियान की शुरूआत कर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। यह मानव एवं वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में सराहनीय कदम है। समय के साथ जैव विविधता प्रभावित हो रही है। जंगली जानवरों को जंगलों में खाद्य की उपलब्धता हो, इस दिशा में बीज बम अभियान एक अच्छा प्रयोग है। यह वैज्ञानिक तरीके से चलाया जा रहा अभियान है, जिसमें खर्चा भी बहुत कम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी अभियान जन भागीदारी से ही बड़ा अभियान बनता है। सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान तभी सफल होते हैं, जब उनमें अधिक से अधिक जन सहभागिता हो। उन्होंने कहा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन कर क्या दे सकते हैं, इस बारे में सबको गम्भीरता से सोचना होगा एवं इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। इकोलॉजी के संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार अनेक कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड में सकल पर्यावरणीय उत्पाद (जीईपी) का आकलन किया जा रहा है। राज्य सरकार इकोलॉजी एवं इकोनॉमी में सामंजस्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा। 2025 तक उत्तराखण्ड को विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विभागों, संस्थानों एवं सामाजिक क्षेत्र से लोगों द्वारा प्रदेश हित में क्या किया जा सकता है, इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए विचारों की श्रृंखला ‘बोधिसत्व’ कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों के सुझाव लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीज बम अभियान को व्यापक स्तर तक ले जाना होगा।
इस अवसर पर डॉ. मोहन सिंह रावत ‘गांववासी’, बीज बम अभियान के संस्थापक द्वारिका सेमवाल, पूर्व प्रमुख वन संरक्षक जयराज, मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी प्रशांत आर्य, कुलपति एस.जी.आर.आर यूनिवर्सिटी डॉ. यूएस. रावत, प्रो. एम.एस.पंवार, प्रो. एम.एस.एम. रावत, डॉ. अरविन्द दरमोड़ा, एम्स ऋषिकेष से डॉ. संतोष, सावित्री उनियाल एवं वर्चुअल माध्यम से राज्य के विभिन्न जनपदों से जुड़े अधिकारी व इस अभियान से जुड़े लोग शामिल थे।

इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तेयार वैलनेस रिपोर्ट का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित “स्टार्ट-अप ग्राण्ड चौलेंज” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान 10 प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में घोषणा की कि स्टार्ट अप उत्तराखंड के तहत “आइडिया ग्रेट चौलेंज” के रूप में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख तथा स्टार्टअप को एक साल तक दिया जाने वाला मासिक भत्ता 10 हज़ार से बढ़ाकर 15 हज़ार रुपए किया जायेगा। जबकि एससी,एसटी, दिव्यांग और महिलाओं को दिया जाने वाले मासिक भत्ता 15 हज़ार से बढ़ाकर 20 हज़ार रुपए किये जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तैयार की गई वैलनेस रिपोर्ट का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को इनोवेटिव कार्यों एवं उनके विचारों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश के हर क्षेत्र में नवाचार हुए हैं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे तमाम योजनाओं के जरिए देश में काम करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला है। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप करने वाले युवाओं को कहा कि आज उनकी पहचान अपने क्षेत्र और जिले स्तर की है, आने वाले समय में कई युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाएंगे। मेहनत के सुखद परिणाम अवश्य मिलते हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य एवं दूरदर्शिता ही मनुष्य को कर्मयोगी बनाती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म एवं आध्यात्म का केन्द्र है। इस साल अभी तक 34 लाख से अधिक श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर चुके हैं । प्रदेश में अब कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है, उन्होंने सभी शिव भक्तों से आग्रह किया है कि उत्तराखंड में आने वाले प्रत्येक शिवभक्त यहां एक-एक पौधा जरूर लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 साल बाद जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष की यात्रा पूर्ण करेगा, तब हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा हम सबकी है, राज्य के समग्र विकास के लिए सबकी भूमिका भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार आया है। हम उत्तराखण्ड में भी कार्यसंस्कृति में सुधार ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि का प्रयास किया गया है वहीं नवोन्मेषी विचारों को उद्यम में परिवर्तित करने तथा युवाओं की सृजनशीलता को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप नीति लागू की गई है। इस नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन एवं की ओर प्रेरित कर स्टार्ट-अप इको सिस्टम तैयार करने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से कॉलेज स्तर से उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक/आयुक्त उद्योग रणवीर सिंह चौहान, टाई देहरादून के चेयरमैन प्रकाश, उद्योग निदेशक सुधीर चन्द्र नौटियाल, संयुक्त निदेशक शिखर सक्सेना, औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधिगण एवं स्टार्टअप से जुड़े उद्यमी मौजूद थे।

धामों में मोबाइल, पर्स मंदिर के अंदर ले जाने पर पूरी तरह नियंत्रित करने की मांग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिर में दर्शन हेतु जा रहे तीर्थयात्रियों के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि वहां जमा हो सकें।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की छूट दे दी थी। ऐसे में कतिपय शरारती तत्वों द्वारा गर्भ गृह का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। जिस पर श्रद्धालुओं व तीर्थपुरोहितो ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो बनाकर वायरल होने की घटना पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को प्रकरण की जांच कर वहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अजेंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान यात्रा काल में अब तक लाखों लोग दोनों धामों की यात्रा कर चुके हैं। कतिपय यात्री मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि के साथ मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, जो मंदिर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। लिहाजा, दोनों मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाया जाए। जहां पर यात्रियों के मोबाइल, बैग इत्यादि सामान जमा कर सकें।