राज्य में सीएम ने किया भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप-1064 का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस विभाग द्वारा निर्मित एप भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड-1064 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप का क्रियान्वयन मजबूती से किया जाय। मुख्यमंत्री ने एप पर जो भी शिकायते आती हैं, उनका यथाशीघ्र निस्तारण किया जाय। यदि किसी शिकायतकर्ता की शिकायत विजिलेंस से संबंधित नहीं है, तो उसे सीएम हेल्पलाईन एवं संबंधित विभाग को भेजा जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाय कि शिकायतकर्ता द्वारा जो शिकायत की गई, उसके स्टेटस अपडेट की पूरी जानकारी उन्हें मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग के दो इन्सपेक्टर को विवेचना करने के लिए टेबलेट भी प्रदान किये। सतर्कता विभाग के अन्य कार्मिकों को भी विवेचना के लिए टेबलेट दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के सिद्धान्त पर कार्य किये जाय। जन समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निदेशक सतर्कता को निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप- 1064 का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाय। आम जन को इस एप की पूरी जानकारी हो।

निदेशक सतर्कता अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि 1064 नम्बर पर एप के माध्यम से एवं फोन से कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है। यह नम्बर भारत सरकार से प्राप्त है। एप के माध्यम से प्रत्येक शिकायत रजिस्टर होगी, जिसका पूरा डाटा सुरक्षित रखा जायेगा। शिकायतकर्ता की पूरी गोपनीयता रखी जायेगी। यह एप हिन्दी एवं अंग्रेजी दानों भाषाओं में है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, सचिव कार्मिक एवं सतर्कता अरविन्द सिंह ह्यांकी, एसपी रेनू लोहानी, सीओ सुरेन्द्र सिंह सामन्त, अनुषा बडोला, निरीक्षक मारूत शाह, विभा वर्मा आदि मौजूद थे।

तय समय में ही सीएम से होगी मुलाकात, रोस्टर तय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनहित में आगन्तुकों की सुविधा हेतु समय सारणी का निर्धारण किया गया है। मुख्यमंत्री सोमवार एवं मंगलवार को पूर्वाहन 9 से 09ः30 तथा सांय 06 बजे से 07 बजे तक मां सांसद एवं मन्त्रिगणों से भेंट करेंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार एवं गुरुवार को पूर्वाहन 9ः00 से 10ः00 तक तथा सांय 6ः00 से 7ः00 तक मा0 विधायक गणों एवं पूर्व विधायक गणों से भेंट करेंगे। मंगलवार एवं शुक्रवार को मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 10ः00 बजे से अपराहन 2ः00 बजे तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों संगठनों के पदाधिकारियों से सचिवालय में बैठक शासकीय कार्य के उपरांत भेंट कर सकेंगे। शनिवार एवं रविवार को मुख्यमंत्री आवास एवं मुख्यालय में मुख्यमंत्री की उपलब्धता पर पूर्वाहन 9ः00 से 10ः00 तक 6ः30 से 7ः00 तक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भेंट करेंगे। पार्टी कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं जनता मिलन कार्यक्रम प्रतिदिन मुख्यमंत्री की उपलब्धता के आधार पर पूर्वान्ह अथवा अपराहन में आयोजित होंगे इसके लिए दूरभाष नंबर 0135-2750033 पर प्रतिदिन अनुरोध नोट किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित समय एवं स्थान से अनुरोधकर्ता को यथा समय अवगत कराया जाएगा।
यह जानकारी मुख्यमंत्री के वरिष्ठ निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त समय-सारणी के इतर मुख्यमंत्री से मिलने हेतु अनुरोध करने वाले महानुभावों की निर्धारित प्रक्रियानुसार समय लेकर ही भेटवार्ता सुनिश्चित करायी जायेगी। मुख्यमंत्री से भेंट/वार्ता हेतु आने वाले महानुभावों से अनुरोध रहेगा कि वे उपहार और पुष्पगुच्छ लेकर न आयें बहुत आवश्यक हो तो पुष्पगुच्छ के स्थान पर एक पुष्प“ अथवा “पौधा“ अथवा “किताब“ लेकर आ सकते हैं। उक्त व्यवस्था प्रदेशहित/जनहित/आगन्तुकों की सुविधा हेतु बनायी गयी है, अतः निर्धारित की गयी व्यवस्थानुसार भेटवार्ता कर सहयोग प्रदान करने का कष्ट करें।

सीएस ने दिए निर्देश, बोले-निवेश राज्य के लिए बेहद जरूरी

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने आज सचिवालय में सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित आवेदनों के संबंध में बैठक की। बैठक में समस्त जिलाधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निवेश राज्य के लिए बेहद जरूरी है और निवेश बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस बात पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक 15 दिन में जनपद स्तर पर लंबित आवेदनों की मॉनिटरिंग करें साथ ही शासन स्तर पर संबंधित सचिव इसकी मॉनिटरिंग करते हुए निस्तारण सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राप्त आवेदनों को टाइम बाउंड करते हुए समय से निस्तारित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करें।
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग,आबकारी विभाग के अलावा जिलाधिकारी हरिद्वार व जिलाधिकारी उधमसिंह नगर को निर्देश दिए कि उनके स्तर पर लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए इन आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक उद्योग रणवीर सिंह चौहान सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम की मौजूदगी में भाजपा ने मनाया स्थापना दिवस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चौधरी फार्म हाउस, जी.एम.एस रोड, देहरादून में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जीएमएस रोड से घंटाघर तक भाजपा की शोभा यात्रा में भी प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा हमारा संगठन राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम के सिद्धांत पर चलता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रवाद की भावना पूरे देश में जगाई। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के सपनों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भाजपा जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाली राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा हमारी पार्टी ने हमेशा प्रत्येक कार्य को अनुशासन के साथ पूर्ण करने का सिद्धांत दिया हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी की वजह से उत्तराखंड अलग राज्य बना। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है। पूरे मनोयोग से काम करना जनहित की सेवा करना ही हमारी प्राथमिकता रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही कई संकल्प लिए गए हैं। राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करेगी। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारीकरण पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी प्राथमिकता हमेशा ही अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार एवं प्रशासन की सेवा पहुंचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता से किए वायदे के अनुसार यूनिफॉर्म सिविल कोड जल्द ही उत्तराखंड में लागू करेंगे। सरकार ने पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है। नए बजट में सरकार ने गरीब परिवारो हेतु एक साल में तीन सिलेंडर मुफ़्त देने का वादा किया है, जो पूरा किया जाएगा। उत्तराखंड देव भूमि, योग भूमि के साथ ही वीर सैनिकों की भूमि भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेशन योजना पर बड़ा फैसला लेते हुए अब पति-पत्नी दोनों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो विकास हुआ है, उन्हें विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा। अन्त्योदय के आदर्श वाक्य पर काम करते हुए हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से ऊपर उठाने का काम करेंगे।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा महामंत्री संगठन अजेय कुमार, विधायक सविता कपूर, खजान दास, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट और अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर अहम विषयों पर की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पार्लियामेंट हाउस, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों में हिम प्रहरी योजना लागू किये जाने में केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधमसिंहनगर के खटीमा) के ग्रामों से हो रहे पलायन को रोकने, दैवीय आपदा में राहत व बचाव कार्यों के लिये पुलिस, आईटीबीपी व एसएसबी के सहयोग से सीमा रक्षक दल/ हिम प्रहरी दलों का गठन किया जाना प्रस्तावित है। उक्त दल में सम्मिलित व्यक्तियों को प्रोत्साहन भत्ते के रूप में मानदेय प्रस्तावित है। इस पर लगभग 5 करोड़ 45 लाख रूपए का व्यय भार अनुमानित है। इसमें केंद्र का सहयोग निवेदित है।

मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाए जाने के लिये राज्य पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना में प्रति वर्ष 20 से 25 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत किये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध से पीड़ित महिलाओं के राहत व पुनर्वास के लिये निर्भया फंड बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा निर्भया फंड के लिये केंद्र से 25 करोड़ रूपए का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्ताव को जल्द स्वीकृत किये जाने का भी अनुरोध किया।

ऑफिस टाइम में पूर्ण मनोयोग से काम करें अधिकारी व कर्मचारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं कि यह सुनिश्चित किया जाय कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर ऑफिस पहुंचे और ऑफिस टॉइम में पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। समय पर कार्यालय न आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कारवाई की जाय।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाय। जनता एवं जन प्रतिनिधियों के फोन अवश्य रिसीव करें। यदि किसी वजह से फोन रिसीव न कर पायें तो कॉल बैक जरूर करें।

वृद्धावस्था पेंशन योजना में अब पात्र पति-पत्नी को लाभ देने का शासनादेश हुआ जारी

उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने उत्तराखंड में वृद्घावस्था पेंशन के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ को अब पात्र पति और पत्नी दोनों को देने का शासनादेश जारी कर दिया है। इतना ही नहीं अब रूपए 1200 प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन रूपए 1400 प्रतिमाह मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ”हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प” के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनका शासनादेश भी समय से किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के वृद्घजनों के हित में यह निर्णय लिया और अब अप्रैल माह से प्रदेश के हज़ारों परिवार के पात्र वृद्घ दम्पतियों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

ज्ञात हो कि बीते दिसंबर माह में ही उत्तराखंड में दी जाने वाली वृद्घवस्था पेंशन की बढ़ोतरी के साथ ही पात्र परिवार में से पति-पत्नी दोनों को धामी सरकार ने पेंशन देने की घोषणा की थी, जिसके बाद दिसंबर में ही कैबिनेट बैठक में इस फ़ैसले पर मुहर लग गई। इतना ही नहीं अचार संहिता लगने से पूर्व इसकी सभी ज़रूरी कारवाई पूरी कर दी गई। अब मार्च महीने में नई सरकार के गठन होने के साथ ही इस सम्बंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया।

उत्तराखंडः कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूरी बनी राज्य की पहली महिला स्पीकर

उत्तराखंड विधानसभा आज एक नया इतिहास लिखा गया। कोटद्वार विधायक ऋतु भूषण खण्डूड़ी के रूप में विधानसभा को पहली महिला अध्यक्ष मिल गई हैं। इससे पहले विजया बड़थ्वाल विधानसभा की डिप्टी स्पीकर रह चुकी हैं। विधानसभा में ऋतु खंडूड़ी निर्विरोध रूप से अध्यक्ष चुनी गई। गुरुवार को उन्होंने विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल किया था।

उत्तराखंड विधानसभा मंडप में प्रोटेम स्पीकर बंशीधर भगत ने ऋतु खंडूड़ी भूषण को सदन के अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचन की घोषणा की। इसके बाद नेता सदन, प्रोटेम स्पीकर एवं मंत्रीगणों सहित विपक्ष के सदस्यों ने नए विधानसभा अध्यक्ष को पीठ पर विराजमान किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन है और यह मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। मातृशक्ति के रूप में हमें पहली महिला स्पीकर मिली है। हमारी विधानसभा उनके नेतृत्व में प्रगति के नए इतिहास रचेगी। मै उनको हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

छठी स्पीकर हैं ऋतु खंडूड़ी

ऋतु खंडूडी उत्तराखंड की छठी विधानसभा अध्यक्ष के पद पर पीठासीन हुई हैं। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर सहित सदन के सभी सदस्यों द्वारा नए स्पीकर को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। विधानसभा की अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा की वह सदन को आश्वस्त करना चाहती हैं कि अपने संपूर्ण क्षमताओं से उच्च से उच्च संसदीय आदर्शों तथा परंपराओं का निर्वहन करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने एक महिला को इस गरिमामयी पद पर पहुंचाकर उत्तम उदाहरण पेश किया है।

कौन हैं ऋतु खंडूड़ी

ऋतु खंडूड़ी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की बेटी हैं। उनका जन्म नैनीताल में 29 जनवरी 1965 को हुआ। उन्होंने मेरठ के रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी हासिल किया है। उनके पति केंद्र सरकार में स्वास्थ्य सचिव हैं। ऋथु खंडूड़ी पहली बार 2017 में यमकेश्वर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची। 2022 में यमकेश्वर से उन्हें टिकट नहीं मिला लेकिन अंतिम समय में कोटद्वार से मैदान में उतारी गई। ऋतु कांग्रेस के दिग्गज सुरेंद्र सिंह नेगी को हराकर दूसरी बार विधायक बनीं। 26 मार्च 2022 को उत्तराखंड विधानसभा की छठवीं व पहली महिला स्पीकर बनीं।

उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर बनेंगी ऋतु खंडूडी भूषण, आज नामांकन किया दाखिल

राज्य की पांचवीं विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष पद पर गुरुवार को बीजेपी से कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने नामांकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्रियों में प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य सहित कई विधायक मौजूद थे।

कोटद्वार विधानसभा से विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने उत्तराखंड विधानसभा के इतिहास में पहली महिला प्रत्याशी के रूप में विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन भरा। विधानसभा सचिव के कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया पूर्ण की गई। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए 24 एवं 25 मार्च नामांकन की तिथि रखी गई है जबकि 26 मार्च को सदन में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन किया जाएगाद्य इस दौरान मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों और विधायकों द्वारा ऋतु खंडूडी भूषण को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।

नामांकन के दौरान प्रस्तावक में खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सरिता आर्या, दुर्गेश लाल, चंदन राम दास, प्रमोद नैनवाल, सविता कपूर, उमेश शर्मा, विनोद कंडारी, महेश जीना, भरत चौधरी, भोपाल राम टम्टा, बिशन सिंह चुफाल, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, कैलाश चंद्र गहतोडी मौजूद रहे।
वहीं समर्थक में सुरेश गढ़िया, बृज भूषण गैरोला, राम सिंह केड़ा, शैला रानी, सुरेश चौहान, मोहन सिंह बिष्ट, शक्ति लाल, रेणु बिष्ट, शिव अरोड़ा, अनिल नौटियाल, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्य, सुबोध उनियाल, दीवान सिंह बिष्ट मौजूद रहे।

नामांकन भरने के बाद ऋतु खंडूडी भूषण ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उत्तराखंड राज्य में महिलाओं के सम्मान करते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उन्हें प्रत्याशी बनाया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद वह प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेंगी साथ ही सदन की संसदीय परंपराओं के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी। उन्होनें कहा की वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करेंगे। साथ ही पद की गरिमा का पालन करेंगी।

स्पीकर और विस उपाध्यक्ष के पद पर टिकी है मंत्रिमंडल में शामिल न होने वाले विधायकों की नजर

पुष्कर सिंह धामी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से चूक गए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की नजर अब विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर टिक गई है। पार्टी के भीतर इस पद के लिए लॉबिंग की चर्चा भी शुरू हो गई है। दरअसल बुधवार को परेड ग्राउंड में हुए धामी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे तीन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। जबकि हरिद्वार के विधायक और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी कैबिनेट में जगह पाने में असफल रहे हैं। इसी तरह कोटद्वार में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जीत दर्ज करने वाली विधायक ऋतु खंडूरी को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं थी लेकिन उनका नाम भी कैबिनेट में नहीं आ पाया है।

ऐसे में अब पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, अरविंद पांडे के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋतु खंडूरी को विधानसभा अध्यक्ष की दौड़ में बताया जा रहा है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के लिए अभी तक पार्टी की ओर से कोई भी नाम तय नहीं है। हालांकि एक दो दिन में इस पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

विस उपाध्यक्ष के लिए भी कई नाम
मंत्रिमंडल में जगह न पा सकने वाले नेताओं की नजर विधानसभा अध्यक्ष के साथ ही विस उपाध्यक्ष की कुर्सी पर भी है। पार्टी के कई विधायक चौथी, तीसरी और दूसरी बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में इन विधायकों को विधानसभा उपाध्यक्ष की कुर्सी मिलने की उम्मीद है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, राजपुर रोड विधायक खजानदास आदि के नाम चर्चा में हैं।

विस अध्यक्ष का चुनाव जल्द
विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया अगले एक दो दिनों में होने की उम्मीद है। राजभवन की ओर से इस संदर्भ में नोटिफिकेश जारी होगा जिसके बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र मार्च आखिर में होना है ऐसे में जल्द ही विस अध्यक्ष के लिए चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। जल्द ही भाजपा की ओर से भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नाम तय कर दिए जाएंगे।