खुशखबरी : आर्थिक रिपोर्ट में उत्तराखंड हुआ समृद्ध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया है। उन्होंने कहा है कि यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर गतिमान उत्तराखण्ड की तस्वीर पेश करता है। राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। उड़ान योजना से कुॅमाऊ-गढ़वाल के मध्य हवाई सेवा शुरू हुई है जिससे कम समय में और सस्ती दरों में हवाई सफर किया जा सकता है, साथ ही सौभाग्य योजना के तहत राज्य के विद्युतविहीन लगभग 2 लाख से ज्यादा परिवारों को विद्युतीकरण की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। रोड, रेल एवं रोपवे में तेजी से हो रहे कार्य के चलते विकास दर में गुणवत्ता देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उद्देश्य से किये गये डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड के प्रभावी नतीजे आने शुरू हो गये हैं। जहां पिछले 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ के आसपास कुल निवेश उत्तराखण्ड में आया है, वहीं पिछले 6-7 महिनों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन के क्षेत्र में लिये गये फैसलों ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। टिहरी वाटर स्पोर्टस का हब बन गया है, जबकि ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर में उभरता गंतव्य बन रहा है। उन्हें विश्वास है कि 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से उत्तराखण्ड के विकास में यह फैसला एक क्रान्तिकारी फैसले के रूप में जाना जायेगा। हमारे प्रयासों के चलते गत वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना गेम चैंजर साबित हो रही है, जिससे आज गुणवत्ता युक्त इलाज निःशुल्क दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिये टेली मेडिसीन व टेली रेडियोलाॅजी प्रारम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह का लाभ भी इस राज्य को प्राप्त हो रहा है। आॅल वैदर रोड एवं चारधाम रेल परियोजना से उत्तराखण्ड विकास के नये स्तर पर पहुंच रहा है। सेतु भारतम योजना के तहत काशीपुर में दो आरओबी का निर्माण हो रहा है। अटल सेतु एवं इं विश्वेश्वरैय्या से देहरादून आगमन आसान हुआ है एवं अजबपुर फ्लाईओवर के निर्माण के बाद और भी आसान हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एनसीआरटी की पुस्तकों को लागू करना अभिभावकों को राहत प्रदान करने वाला फैसला रहा है। व्यवस्थागत सुधारों के चलते निवेश हेतु बेहतर माॅहोल बनाने से दुनिया भर के उद्योगपतियों ने उत्तराखण्ड का रूख किया है। समाजिक प्रगति सूचकांक में उत्तराखण्ड 64.23 अंक के साथ केरल, हिमाचल प्रदेश तथा तमिलनाडु के बाद शीर्ष चैथे स्थान पर है एवं इसका स्कोर अखिल भारतीय औसत से ऊपर है। किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक 528.47 लाख की धनराशि व्यय कर 15,374 किसानों को लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश द्वारा भारत सरकार के सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 11वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक 2.66 लाख गरीब परिवारो को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये हैं, जबकि जिन परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त नही हो पा रहा था तथा ऐसे परिवारों को राज्य सरकार अपने स्तर से निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसम्बर तक इस योजना में 7267 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का आइना बताते हुए कहा कि राज्य की विकास दर में वर्ष 2017-18 में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई जबकि वर्ष 2018-19 में इसमें 7.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद रूपए 2,14,933 करोड़ आकलित था, जिसकी तुलना में वर्ष 2018-19 में यह 2,37,147 करोड़ रहने का अनुमान है। यही नहीं वर्ष 2017-18 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय रू0 1,74,622 आंकी गई थी जबकि वर्ष 2018-19 में यह 1,90,284 अनुमानित है।
वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 35,660 करोड़ रूपए है जो कि वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार रू0 29,783 करोड़ हो गयी है जो 19.73 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सितम्बर, 2018 तक राज्य में बैंकों द्वारा 55,759 नए सूक्ष्म उद्यमियों को रू0 906.07 करोड़ का नया ऋण स्वीकृत किया गया है।

गंगा की निर्मलता और स्वच्छता बनाए रखने के सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में नमामि गंगे, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन व देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सचिवों व विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। जिससे कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति की पूरी जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि कि जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनकी वीडियो रिकाॅर्डिंग भी की जाए। केन्द्र सरकार द्वारा सहायतित योजनाओं की समय-समय पर प्रगति की जानकारी केन्द्र सरकार को भी दी जाए। सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिए जांए। इसके लिए रिसोर्स बढ़ाने की जरूरत हो तो बढ़ाएं लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए जो भी कार्य किये जा रहे हैं उनका होर्डिंग व अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। जो कार्य प्रगति पर हैं उनकी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि गंगा आस्था का प्रतीक होने के साथ ही हमारी अमूल्य धरोहर भी है। नमामि गंगे के तहत हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों की रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट एवं प्रमुख स्थानों पर भी होर्डिंग, बैनर व फ्लैक्स के माध्यम से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे के तहत जो वृक्षारोपण किये जा रहे हैं, उनमें फलदार वृक्ष और मेडिसनल प्लांट अधिक लगाये जाएं। स्वच्छता अभियान में अच्छा कार्य करने वाली पालिकाओं को सम्मानित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी के तहत ऐसी कार्य योजना बनाई जाए जिससे देहरादून को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाया जा सके। इसके अलावा जनसुविधाओं के दृष्टिगत अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाए।
नमामि गंगे में 66 कार्यों में से 41 कार्य पूर्ण व 24 पर कार्य गतिमान
बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड पेयजल निगम की सभी 13 सीवरेज योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। नमामि गंगे के तहत 66 कार्यों में जिसमें स्नान एवं शमशान घाटों का निर्माण, घाटों की सफाई, नदी तट की सफाई शामिल है, में से 41 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 24 पर कार्य प्रगति पर है जबकि एक की निविदा प्रक्रिया चल रही है। नमामि गंगे के तहत 135 नालों में से 91 नाले टेप किये जा चुके हैं, शेष पर कार्य गतिमान है। सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत स्वीकृत 19 परियोजनाओं में से 05 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं, 13 परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है व एक परियोजना पर मूल्यांकन चल रहा है। गंगा नदी के किनारे सभी 15 नगरों व देहरादून में रिस्पना व बिन्दाल पर एस.टी.पी. इन 19 परियोजनाओं में शामिल हैं। हरिद्वार के सराय में 14 एमएलडी एसटीपी का कार्य मार्च 2019 तक व जगजीतपुर में 68 एमएलडी एसटीपी का कार्य जून तक पूर्ण कर लिया जायेगा। नमामि गंगे के तहत वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, चैक डेम, गंगा वाटिका व वृक्षारोपण हेतु वर्कशाॅप भी कराये जा रहे हैं। वृक्षारोपण के तहत 40 प्रतिशत फलदार वृक्ष व 20 प्रतिशत मेडिसनल प्लांट लगाये जा रहे हैं।
शहरों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अमृत मिशन के तहत शौचालय निर्माण शत प्रतिशत जलापूर्ति का लक्ष्य जल्द किया जायेगा पूरा
प्रदेश के सात शहरों देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूड़की, रूद्रपुर, काशीपुर व नैनीताल को अमृत मिशन के अन्तर्गत शामिल किया गया है। इसका उद्ेश्य इन शहरों में बुनियादी सुविधाएं जैसे जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, हरित क्षेत्र व शहरी परिवहन की सुविधा मुहैया कराना है। अमृत मिशन का प्राथमिक उद्देश्य सभी परिवारों को जलापूर्ति कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इस मिशन के प्रारम्भ होने से पूर्व 57 प्रतिशत जलापूर्ति कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 88 प्रतिशत हो गये हैं। शौचालय निर्माण शत प्रतिशत किया जा चुका है। इस मिशन के तहत अभी तक लगभग 445 करोड़ रूपये के 101 स्वीकृत कार्यों में से 16 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 72 पर कार्य प्रगति पर है, शेष पर निविदा प्रक्रिया गतिमान है।
वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का डोर टू डोर एकत्रीकरण का वेरिफिकेशन किया जाए
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत खुले में शौच की प्रवृत्ति के उन्मूलन, आधुनिक और वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता हेतु जागरूकता व नगर निकायों की क्षमता वृद्धि से संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सभी 100 निकायों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए 1162 वार्डों में से 914 वार्डों में डोर टू डोर एकत्रीकरण किया किया जा रहा है। 278 वार्डों में सोर्स सेग्रिगेशन का कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भी सुनिश्चित किया जाए कि जो भी वृक्षारोपण हो रहा है, उन वृक्षों की सुरक्षा भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का जो डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण किया जा रहा है, इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए वेरिफिकेशन किया जाए।
देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि अवस्थापना विकास, स्वच्छ वतावरण व बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर से देहरादून स्मार्ट सिटी बनाई जायेगी। स्मार्ट सिटी के लिए कुल 1407.5 करोड़ रूपये के फण्डिंग की योजना है, जिसमें से 500 करोड़ केन्द्र सरकार, 500 करोड़ राज्य सरकार व 407.50 करोड़ पीपीपी मोड व अन्य से किये जाने की योजना है। इसके तहत 7 वाटर एटीएम, 7 स्मार्ट टाॅयलेट, 3 स्मार्ट स्कूल जीजीआईसी राजपुर रोड, जीआईसी खुड़बुड़ा, राजकीय जूनियर बालिका हाई स्कूल खुडबुड़ा बनाये जाने की योजना है। इसके अलावा दून इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर, शहर के प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट रोड, जलापूर्ति व निकासी की योजना, परेड ग्राउण्ड का पुनरोद्धार, डीबीएस व डीएबी काॅलेज क्षेत्रों का पुनरोद्धार, सिटी ट्रासंपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बस की सुविधा, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट व कलक्ट्रेट कैम्पस ग्रीन बिल्डिंग से सबंधित कार्य स्मार्ट सिटी के तहत किये जायेंगे।
बैठक में वित्त व पेयजल मंत्री प्रकाश पंत, सचिव राधिका झा, अरविंद सिंह ह्ंयाकी, शैलेस बगोली, अपर सचिव एच.सी. सेमवाल व संबधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अलकनंदा पावर प्रोजेक्ट की समीक्षा की

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में अलकनंदा जल विद्युत परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देश दिए कि क्षेत्र के लोगों को जलापूर्ति हेतु परियोजना का शेष कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निदेशक जीवीके को निर्देश दिए कि परियोजना को फरवरी माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अलकनंदा नदी के आसपास के क्षेत्र के लोगों का एकमात्र जल स्रोत अलकनंदा नदी है। इसके लिए जल संस्थान, पेयजल निगम, जीवीके पावर आदि सम्बंधित विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित कर न्यूनतम जलापूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में रोशनी सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावितों के बकाया भुगतान में शीघ्रता की जाए।
इस अवसर पर राज्य मंत्री धन सिंह रावत, विधायक विनोद कंडारी, सचिव पेयजल अरविन्द ह्यांकी, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, निदेशक जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पीवी प्रसन्ना रेड्डी एवं महाप्रबंधक पेयजल निगम भजन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

हमारा लक्ष्य उत्तराखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय, डांडा लखौंड, देहरादून में राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला एवं राज्य औषधि नियंत्रक भवन कार्यालय का शिलान्यास, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण, चिकित्सा अधिकारियों के लिए 17 ट्रांजिट हाँस्टल का शिलान्यास व राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का राज्य स्तरीय शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक व्यापक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए संगठित एवं समन्वित प्रयासों की जरूरत है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के बाद उत्तराखण्ड दूसरा राज्य है जहां एन.एच.एम का अपना कार्यालय स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरा सामाजिक दायित्व के तहत विशेषज्ञ डाॅक्टर महिने में 2-3 दिन दुर्गम क्षेत्रों में जाकर अपने सेवाएं दें, तो बड़े अस्पतालों के वर्क लोड में भी कमी आयेगी व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि चमोली के पीपलकोटी व रूद्रप्रयाग के गुप्तकाशी में विशेषज्ञ डाॅक्टरों द्वारा इस तरह की सेवाएं दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं के लिए लाइसेंस के लिए सिंगल विंडों सिस्टम बनाने का प्रयास किया जायेगा। देश के 20 प्रतिशत आयुर्वेदिक दवाओं का निर्यात उत्तराखण्ड करता है। उन्होंने कहा कि फार्मा इंडस्ट्रियों के प्रतिनिधियों से पिछले साल मसूरी में बैठक के बाद उनकी अनेक समस्याओं का समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद राज्य में तेजी से औद्योगीकरण हुआ। वर्तमान में प्रदेश में 300 औषधि निर्माता फर्म व 150 काॅस्मेटिक आईटम निर्माता फर्म हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। आम जन के स्वास्थ्य के हित में औषधियों का परीक्षण किये जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राज्य औषधि संगठन हेतु कार्यालय भवन एवं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किये जाने के लिए 14 करोड़ रूपये की स्वीकृति केन्द्र सरकार से प्राप्त की गई है जिसमें से 5 करोड़ रूपये की पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय, उत्तराखण्ड के भवन के तृतीय तल पर 644.33 लाख रूपये की लागत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय का निर्माण किया गया है। एन.एच.एम के अन्तर्गत हर चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारियों हेतु चिकित्सालयों में ट्रांजिट हाॅस्टल का निर्माण किया जा रहा है। बागेश्वर, चम्पावत, चमोली व उप चिकित्सालय में एक-एक एवं 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ट्रांजिट हाॅस्टल का निर्माण 4538 लाख रूपये की लागत से पेयजल निगम द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने 15 बच्चों को एलबेंडाजोल की गोलिया खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का राज्य स्तरीय शुभारम्भ किया। 8 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति के छठें चरण में प्रदेश के सभी जनपदों में 1 से 19 वर्ष के 42 लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई जायेगी।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष, ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार परिषद् ज्ञान सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा, मिशन निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ. टी.सी.पंत, चेयरमैन औषधि नियंत्रण निर्माण इकाई संदीप जैन आदि उपस्थित थे।

देहरादून सिटी टॉप-10 में शामिल

अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और खासतौर पर देहरादून में निवास करते हैं, तो आपके लिए खुशी का पल है। हाल ही में जागरन डॉट कॉम, KMPG और फेसबुक पर एक सर्वे किया गया है। इसमें लोगों से पूछा गया था कि सुरक्षा के लिए लिहाज से देश का सबसे सुरक्षित शहर कौन है? कौन सा ऐसा शहर है, जहां लोग खुद को महफूज महसूस करते हैं ? आपको जानकर खुश होगी कि देहरादून इस लिस्ट में पहले नंबर पर है।
सबसे खास बात ये है कि इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे महानगर टॉप-10 में जगह भी नहीं बना पाए। सुरक्षा के लिहाज से ये ब़ड़े शहर देहरादून के आगे बिल्कुल भी नहीं टिकते। एक वेबसाइट में बताया गया है कि ये सर्वे कुल मिलाकर 14 हजार लोगों पर किया गया है। हालांकि इस लिस्ट में इंदौर पहले नंबर पर है लेकिन वो सिर्फ रहने के लिहाज से पहले नंबर पर है।

जहां तक सुरक्षा की बात करें, तो देहरादून पहले नंबर पर बना हुआ है। देशभर में रहने के लिहाज से देहरादून तीसरे नंबर पर है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से पहले नंबर पर है। ये हैं देश के 10 टॉप टेन शहर।
1- इंदौर
2- लखनऊ
3- देहरादून
4- वाराणसी
5- रायपुर
6-रांची
7- मेरठ
8-लुधियाना
9- पटना
10- कानपुर
सुरक्षा के लिहाज से देहरादून देशभर में पहले नंबर पर बना हुआ है। इसलिए अगर आप देहरादून से हैं, तो आपके लिए इससे गर्व का मौका कोई हो नहीं सकता। इससे पहले NCRB यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का एक सर्वे आया था, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड में अपराध सबसे कम हैं और ये राज्य देश का सबसे सुरक्षित राज्य है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बलूनी ने दी एक और सौगात

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश व सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में रोगियों के परिजनों के रुकने तथा रात्रि प्रवास हेतु दो आरोग्य सदनों (रैन-बसेरों) के निर्माण की सौगात देने जा रहे है। गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में बनने वाले इन आरोग्य-सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद बलूनी ने आज इस संबंध में देहरादून व नैनीताल के जिलाधिकारियों, ऋषिकेश तथा हल्द्वानी के मेयर से इन आरोग्य-सदनों हेतु शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने हेतु वार्ता की। बलूनी ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से इन सदनों का निर्माण करेंगे।

सांसद बलूनी ने कहा कि सुदूर से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य-सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा तो बचायेंगे ही साथ ही उन्हें लागत मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा।
बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने हेतु कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) व कैंटीन का निर्माण किया जायेगा। सुदूर के रोगी सम्पूर्ण जांच व उपचार होने तक यहाँ रुक सकेंगे ताकि होटल के महंगे रहने-खाने के खर्च से उन्हें राहत मिल सके।

प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा बुधवार को सचिवालय में डी.बी.टी. (डायेरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना) की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव द्वारा इस पोर्टल की उपयोगिता के दृष्टिगत अन्य विभागों द्वारा भी इसका उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2019 से समस्त लाभार्थियों के डेटा को डिजिटाइज करने के लिए पोर्टल की उपयोगिता को सराहा गया है। उन्होंने विजन 2020 के अन्तर्गत राज्य की समस्त डी.बी.टी. स्कीमों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। in-kind स्कीमों में प्रत्यक्ष लाभान्तरण सुनिश्चित करने हेतु प्राथमिकता के आधार पर विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारी करने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए है।
सचिव, वित्त अमित नेगी द्वारा अवगत कराया गया कि डी.बी.टी. मिशन, पर भारत सरकार की अपेक्षा अनुरूप राज्य में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में स्टेट डी.बी.टी. पोर्टल का निर्माण किया गया है, उसे भारत डी.बी.टी. पोर्टल से इन्टिग्रेट किया गया है। राज्य सरकार द्वारा अपना आधार एक्ट भी बनाया गया है। भारत सरकार द्वारा चिन्हित व राज्य में लागू समस्त सी.एस.एस. की डी.बी.टी. स्कीमों को आॅन बोर्ड किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्य सेक्टर की 122 योजनाओं को भी आॅन बोर्ड किया जा चुका है। एन.आई.सी. ने रूट लेवल पर लाभार्थियों को विवरण को संचित करने हेतु एम.आई.एस. पोर्टल को विकसित किया है। आई.सी.डी.एस., कृषि व पशुपालन आदि विभागों द्वारा इस पोर्टल का प्रयोग प्रारम्भ कर दिया गया है।
उन्होंने इस सम्बन्ध में आवश्यक मार्ग निर्देशन एवं सहयोग हेतु विभागों को मनमोहन मैनाली, उप-सचिव, इरला, उत्तराखण्ड शासन एवं एन.एस. नेगी, निदेशक, एन.आई.सी. से संपर्क कर यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव डी.सेन्थिल पाण्डियन, शैलेश बगोली, नोडल, डी.बी.टी. उर्वरक अनिरूद्व सक्सेना एवं डी.बी.टी के नोडल अधिकारी आदि उपस्थित थे।

रक्षा मंत्री ने सिद्धार्थ के परिजनों को ढ़ांढ़स बंधाया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने बंगलुरू में फाइटर प्लेन दुर्घटना में शहीद हुए देहरादून के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी के पंडितवाड़ी स्थित आवास पर जाकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री और देश की रक्षा मंत्री ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने स्व. सिद्धार्थ नेगी के माता -पिता व पत्नी धुविका को ढ़ांढ़स बंधाया। उन्होंने दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को दिए तीन नए महाविद्यालय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत दूसरे चरण में देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित होने वाले 70 नये माॅडल डिग्री काॅलेजों, 11 व्यवसायिक काॅलेजों, एक महिला विश्व विद्यालय तथा 60 से अधिक उद्यमिता व नवाचार से संबंधित उच्च शिक्षण संस्थाओं का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमोट दबाकर शिलान्यास किया। इसमें उत्तराखण्ड के किच्छा एवं लागढ़ांग में दो नये माॅडल डिग्री काॅलेज के साथ ही पैठाणी में एक व्यवसायिक महाविद्यालय का शिलान्यास शामिल है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के दूसरे चरण में देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित होने वाले ये शिक्षण संस्थान भी नये भारत के निर्माण में रिसर्च इनोवेशन, इन्क्यूबेशन, स्र्टाट अप के लिये एक नया टेम्परामेंट विकसित करने में मददगार होंगे। उन्होंने कहा कि देशभर के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब हो, अटल इन्क्यूबेशन सेन्टर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान व जय अनुसंधान का हमारा संकल्प आज और सशक्त हो रहा है तथा इस सशक्तिकरण का गवाह आज श्रीनगर बना है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य में दो माॅडल डिग्री काॅलेजों एवं एक व्यवसायिक महाविद्यालय की स्थापना के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किच्छा, लालढ़ांग एवं पैठाणी में माॅडल व व्यवसायिक काॅलेजों की स्थापना से इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आधुनिक एवं तकनीकि दक्षता की पहुंच होगी तथा इससे राज्य में युवाओं के लिये बेहतर भविष्य के मार्ग खुलेंगे। पैठाणी जैसे क्षेत्र में व्यवसायिक महाविद्यालय युवाओं को तकनीकि दक्षता उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्यों के और अधिक तकनीकि दक्षता युक्त युवा देश की मुख्य धारा में शामिल हो सकेंगे।

पैठाणी में स्थापित होने वाले व्यवसायिक महाविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव विनोद रतूडी एवं जिलाधिकारी पौड़ी उपस्थित थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि किच्छा व लालढांग कॉलेजों के लिए केंद्र सरकार से 12-12 करोड़ और पैठाणी व्यावसायिक कॉलेज के लिए 26 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। पैठाणी कॉलेज ऐसा होगा, जिसमें सिर्फ रोजगारपरक पाठ्यक्रम ही संचालित होंगे। इन कॉलेजों के लिए भूमि चयन समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
लालढांग में स्थापित होने वाले माॅडल डिग्री काॅलेज के शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद डाॅ.रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक यतीश्वरानन्द, अपर मुख्य सचिव डाॅ. रणवीर सिंह, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति दीप्ति रावत आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद डाॅ.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि लालढांग के मीठी बेरी में स्थापित होने वाले इस माॅडल डिग्री काॅलेज से पूरे क्षेत्र में आदर्श व रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध होगी तथा इस क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा को मुखर होकर उभरने का मौका मिलेगा।

किच्छा के खुरपिया फार्म में 13 एकड़ भूमि पर बनने वाले मॉडल डिग्री कॉलेज के शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नीरज खैरवाल, उच्च शिक्षा निदेशक बी.सी.मलकानी उपस्थित थे। विधायक राजेश शुक्ला ने कहा किच्छा की तरक्की के दिन अब शुरू हो गए है। उन्होंने कार्यदाई संस्था से ऐसा भवन बनाने की अपील की जो टिके भी, उसकी गुणवत्त्ता एक मिसाल बने।

अमित शाह ने उत्तराखंड में कार्यकर्ताओं को दिए चुनावी टिप्स

उत्तराखंड राज्य का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ रहा है। लोग बदलाव महसूस करने लगे हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। आम जन की बेहतरी को अच्छी योजनाएं बनाई गई हैं। ये कहना है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का। शाह शनिवार को टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के संयुक्त त्रिशक्ति सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की टोह ली और 2019 के आम चुनाव की तैयारियों में जुटने का आहवान किया।
इस मौके पर उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत की पीठ थपथपाई। कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही हैं। विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजना शुरू की है। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड को मॉडल राज्य बना रही है। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी रखा। केदारनाथ धाम की कायकल्प के बारे में बताया। ऑल वेदर रोड का जिक्र किया। कहा कि उत्तराखंड का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ने लगा है।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय बजट के बाद सबके चेहरों की हवा उड़ी हुई है। बजट में किसान, मजदूर, नौकरीपेंशा, सेना के लिए बेहतर किया गया है। भाजपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, थावरचंद गहलौत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी, तीरथ सिंह रावत आदि मौजूद थे।