अरुण शर्मा।
नई दिल्ली स्थित संसद भवन में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री रावत को आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को पूरा सहयोग दिया जायेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने एवं कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाए। सीमावर्ती सडको पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा हुई है।
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पीके की होगी जांच
देहरादून।
बात पीके की। पीके यानि प्रशान्त किशोर को लेकर जंहा अब काग्रेसी सवाल उठा रहे है और उनकी तलाश मे उत्तर प्रदेश मे पोस्टर चिपकाये जा रहे है वही अब पीके को लेकर बीजेपी नेताओ का कहना है कि पीके की जांच करायी जायेगी कि उन्होने जो पैसा चुनाव मे खर्च किया है वो कहा से आया है। बीजेपी विधायक और पुर्व कैबिनेट मंत्री खजान दास की माने तो पीके के पास जो पैसा आया और कहा कहा खर्च किया इसकी बीजेपी जल्द ही जांच कराने वाली है।
समय से ऑनलाइन लेखा दाखिल करें विधानसभा के उम्मीदवार
भारतेन्दु शंकर पाण्डेय।
प्रमुख सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथि से 30 दिन के अन्दर, निर्धारित प्रारूपों पर आफलाइन के साथ साथ निर्वाचन व्यय लेखा संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में आनलाइन भी दाखिल किया जाना आवश्यक है। रतूड़ी ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखे के आनलाइन दाखिल प्रक्रिया के सहायतार्थ लेखा परीक्षा विभाग, उत्तराखण्ड के अधिकारियों, कार्मिकों आदि को नामित किया गया है।
रतूड़ी ने बताया कि नामित अधिकारी व कार्मिक प्रथम चरण में निर्वाचन व्यय लेखो की आनलाइन प्रक्रिया की प्रारम्भिक तैयारी हेतु निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के सहायतार्थ 23 से 25 मार्च, 2017 तक संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय में उपस्थित रहकर आयोग के निर्देशानुसार कार्य संपादित करेंगे। बताया कि इसी प्रकार द्वितीय चरण में निर्वाचन व्यय लेखो के अंतिम रूप से आनलाइन दाखिल प्रक्रिया के रूप में नामित समस्त अधिकारी, कार्मिक संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय में 5 से 11 अप्रैल, 2017 तक उपस्थित रहकर निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखे का आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार अंतिम रूप से आनलाइन दाखिल प्रक्रिया का संपादन सुनिश्चित करेंगे। रतूड़ी ने समस्त राजनैतिक दलों एवं निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे आयोग के दिशा निर्देशानुसार अपना निर्वाचन व्यय लेखा ससमय दाखिल करें।
ड्रग्स और भू माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी में रावत सरकार
दयाशंकर पाण्डेय
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सीएम कार्यालय में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने फील्ड पुलिसिंग को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए। ड्रग्स माफिया व भू माफिया पर शिकंजा कसे जाने की आवश्यकता पर बल दिया। ड्रग्स की गतिविधियों में शामिल तत्वों को पहचानकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अगर कानून में सुधार किए जाने की जरूरत हो तो इसका प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स माफिया की जानकारी देने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। जन जागरूकता के लिए सामाजिक अभियान चलाए जाएं। अभिभावकों व स्कूलों को नशा विरोधी अभियान में शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश को जमीन संबंधी धोखाधड़ी के मामलों पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कतिपय क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों की जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अभी राज्य में माओवादी गतिविधियां बहुत ही सीमित हैं, फिर भी इन पर लगातार नजर रखते हुए पूरी तरह से रोका जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिथिल अधिकारियों को चिन्हित किया जाए। पुलिस विभाग को सुधार हेतु आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने डीजीपी को निर्देशित किया कि जितने पुलिस थाने खोले जाने की आवश्यकता हो, प्रस्ताव बनाएं। पुलिस थानो के रखरखाव, पुलिसकर्मियों के आवासीय भवनों, वाहनों, सामग्री आपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव बनाया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी एम.ए गणपति, डीजी अनिल रतूड़ी, एडीजी राम सिंह मीणा, अशोक कुमार सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
बीके मोदी ने ऋषिकेश को स्मार्ट सिटी बनाने की पैरवी की
ऋषिकेश।
सोमवार को बैराज स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उद्यमी डॉ. बीके मोदी ने कहा कि तीर्थनगरी जैसी प्राकृतिक सुंदरता देश में शायद ही कहीं और होगी। ऋषिकेश में विकास की संभावनाएं गिनाते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यदि मौका मिला तो तीर्थनगरी में 40 मेगावाट का सौर ऊर्जा का प्लांट लगाऊंगा जिससे यह शहर ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को ऋषिकेश को पहले स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहिए। यह छोटा और विकास की नई संभावनाओं वाला शहर है। डॉ. बीके मोदी ने कहा कि गंगा के नाम पर आज लोग मात्र खानापूरी करते हैं। गंगा स्वच्छता के लिए बेहतर योजना की जरूरत है। उन्होंने कहा दुर्भाग्य है कि योग नगरी ऋषिकेश में ही योग का व्यापारीकरण हो रहा है। मैं अपने स्तर से ऋषिकेश में योग की नि:शुल्क कक्षाएं शुरू करूंगा।
गंभीर रोगियों को हंस कल्चरल ने दी 85 लाख 25 हजार की सहायता
ऋषिकेश।
हंस कल्चरल सेंटर ऋषिकेश ने गंभीर रोगियों को ईलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी है। केन्द्र की ओर से 93 लोगों को 85 लाख 25 हजार धनराशि के चेक वितरित किये गये।
शनिवार को हंस कल्चरल सेंटर ऋषिकेश के प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों को ईलाज कराने के लिए चेक वितरित किये गये। जिसमें इरशाद शाह को दो लाख, कमल सिंह को दो लाख, धर्मलता को डेढ़ लाख, कमलेश को डेढ़ लाख, रोहित लाल को डेढ़ लाख, विनोद कुमार को एक लाख पच्चीस हजार, लक्की थापा को एक लाख, मांगेराम को डेढ़ लाख, उर्मिला देवी को एक लाख, रोहित को एक लाख, सकमा देवी को अस्सी हजार, विशाल को एक लाख, अरविन्द को एक लाख, लक्ष्मी देवी को एक लाख, महिपाल सिंह को एक लाख धनराशि के चेक वितरित किये गये। मौके पर सुशिला बिष्ट, अशोक दास, ईश्वर कुमार आदि मौजूद थे।
एनजीटी ने गंगाघाटी के 25 कैंपों को दी सशर्त अनुमति
ऋषिकेश। दयाशंकर पाण्डेय
गंगाघाटी में बीच कैंप लगाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। गुरुवार को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने 25 बीच कैपों को सशर्त अनुमति दे दी है। एक-दो दिन में राज्य सरकार के पास फैसला आने की उम्मीद है। बीच कैंप की अनुमति मिलने की खबर से पर्यटन व्यवसायियों में खुशी है।
गुरुवार का दिन ऋषिनगरी के पर्यटन व्यवसायियों के लिए खुशखबरी लेकर आया। एनजीटी ने गंगाघाटी के बीच कैंपों के बारे में फैसला सुनाया। एनजीटी ने गंगाघाटी में 25 बीच कैंपों को सशर्त अनुमति दी लेकिन क्या-क्या शर्तें लगाई हैं, उसके बारे में फैसला लिखित में मिलने तक कुछ नहीं कहा जा सकता।
दो वर्ष से अधिक समय से गंगाघाटी के बीच कैंप एनजीटी के आदेश के बाद बंद हो गए थे जिससे ऋषिनगरी के पर्यटन व्यवसायियों का काफी नुकसान हो रहा था। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी गंगा के बीच कैंपों का आनंद नहीं ले पा रहे थे। पर्यटकों को बीच कैंप ही सबसे अधिक भाते हैं।
गुरुवार को एनजीटी के आदेश के बाद व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे। नरेन्द्रनगर के डीएफओ राहुल ने बताया कि एनजीटी ने गुरुवार को अपने फैसले में गंगाघाटी के 25 बीच कैंपों को सशर्त अनुमति दी है जिसमें वेस्ट मैनेजमेंट प्लान सहित कई प्रमुख नियम हैं। उन्होंने बताया कि वन भूमि में संचालित हो रहे बीच कैंपों को ही अनुमति मिल पाई है। बीच कैंप संचालित करने के लिए एनजीटी ने वन भूमि को वन निगम को हस्तांरित करने के आदेश भी दिए हैं।
डीएफओ राहुल ने बताया कि 25 बीच कैंपों के आवंटन को लेकर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है। एक या दो दिन में आदेश की प्रति शासन को मिल जाएगी। बरहाल, अभी एनजीटी के आदेश की प्रति शासन को नहीं मिल पायी है। गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व गंगाघाटी के 55 बीच कैंपों को एनजीटी के आदेश के बाद बंद करना पड़ा था।
स्कूटर में 35 लीटर तेल पिलाने वाले के खिलाफ हो सीबीआई जांच: उपाध्याय
ऋषिकेश।
झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर में मीडिया से मुखातिब होते हुए किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड की सभी सड़कें ऑल वैदर हैं तो फिर प्रधानमंत्री 12 सौ करोड़ की सड़क का शुभारंभ करते हुए उन सड़कों को ऑल वैदर का नाम क्यों दे रहे हैं। यह मात्र चुनावी जुमला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह उत्तराखंड के सुख-दुख से वाकिफ हैं तो उन्हें ढाई साल तक उत्तराखंड की याद क्यों नहीं आई। अब जब चुनाव नजदीक है तो उन्हें उत्तराखंड की याद आई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से गुजरात में पैसे लेने की बात पर प्रधानमंत्री क्यों नहीं बोले? प्रधानमंत्री पर राज्य के रोके गए पांच सौ करोड़, नमामि गंगे के तहत केन्द्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव, डैम का स्वामित्व राज्य सरकार के अधीन करने पर कुछ नहीं बोलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रैली में भीड़ मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, पौंटा साहिब से मंगाई गई थी। इस दौरान राज्यमंत्री जयपाल जाटव, पालिका चेयरमैन दीप शर्मा, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, महंत विनय सारस्वत, नगर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवमोहन मिश्रा, मधु जोशी, विमला रावत, जयेन्द्र चन्द्र रमोला, मदन मोहन शर्मा, सभासद अरविन्द जैन, मुमताज हाशिम, विनोद चौहान, विवेक तिवारी, हर्षवर्धन शर्मा, गौरव राणा, विकास अग्रवाल, सुमित त्यागी, सौरभ नैथानी सहित अन्य मौजूद थे।
हरीश रावत सीबीआई के सम्मन पर हाजिर नही हुए
देहरादून।
विधायकों की खरीद फरोख्त मामले से संबंधित कथित स्टिंग मामले में फंसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत तय तिथी के अनुसार सीबीआई के समक्ष पेश नहीं हुए। उन्हें 26 दिसंबर यानि सोमवार के लिए सीबीआई ने समन जारी किया था। सीबीआई को सीएम हरीश रावत की ओर से अनुरोध पत्र मिला, जिसमें उन्होंने उपस्थित नहीं हो पाने की बात कही है। इसी वर्ष मार्च में उत्तराखंड विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा के साथ कांग्रेस विधायकों के एक गुट ने मतदान की मांग करते हुए हंगामा किया था। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने विनियोग विधेयक को पारित घोषित कर दिया। इसके बाद बागी विधायकों ने भाजपा विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी।
विश्वास मत प्राप्त करने के विशेष सत्र से पहले तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत ने दिल्ली में एक स्टिंग की सीडी जारी की। इसमें कथित तौर पर सीएम रावत को बहुमत के लिए विधायक जुटाने के लिए मोलभाव की बातचीत करते दिखाया गया था। इस मामले की सीबीआइ जांच के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र की सीबीआइ जांच की अधिसूचना के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जिसमें न्यायाधीश न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष सीएम की याचिका पर सुनवाई हुई। सीएम की ओर से अधिवक्ता देवीदत्त कॉमथ ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया कि सीबीआइ ने सीएम को पूछताछ के लिए 26 दिसंबर को सीबीआइ मुख्यालय में पेश होने को कहा है।
हरीश रावत के प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया था कि स्टिंग ऑपरेशन राजनीतिक दुर्भावना व साजिश के तहत किया गया और जांच एजेंसी साजिशकर्ताओं और मुख्य आरोपियों से पूछताछ की बजाय उन्हें परेशान कर रही है। इसलिए इस मामले की जल्द सुनवाई की जाए। सीबीआइ के अधिवक्ता संदीप टंडन ने दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व के आदेश में मामले की जांच करने में किसी तरह की रोक नहीं लगाई है। यह भी कहा कि जांच एजेंसी मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले अदालत को सूचित करेगी।
जयंती पर याद किए गए उत्तराखंड के गांधी
स्व. इन्द्रमणी बड़ोनी का 91वां जन्मदिन लोक संस्कृति दिवस के रूप में मनाया
ऋषिकेश।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति ने शहीद स्मारक में राज्य आंदोलनकारियों के साथ मिलकर स्व. इन्द्रमणी बड़ोनी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उत्तराखंड आंदोलन में उनके योगदान और ऋषिकेश में बिताए उनके जीवन को भी याद किया गया। मौके पर वेद प्रकाश शर्मा, संजय शास्त्री, राजपाल खरोला, राम विलास रावत, गंभीर सिंह मेवाड़, सरोज डिमरी, विक्रम भंडारी, उषा रावत, युद्धवीर चौहान, रुकम सिंह पोखरियाल आदि मौजूद थे। 
उत्तराखंड क्रांति दल की बैठक आईडीपीएल वीरभद्र में हुई। यहां पर स्व. बड़ोनी के अहिंसक और सत्याग्रह के रूप में राज्य आंदोलन का नेतृत्व करने की प्रशंसा की गई। मौके पर नगर अध्यक्ष शांति तड़ियाल, माधुरी कोटनाला, सरोजनी नेगी, दमयंती नौटियाल, सत्येश्वरी, युद्धवीर चौहान, जितार सिंह, आंनद तड़ियाल आदि मौजूद थे। राजकीय इंटर कॉलेज खदरी खड़कमाफ श्यामपुर में लोकगीत व गढ़वाली संस्कृति की प्रस्तुति की गई। जिसमें श्री देव सुमन पहले, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली दूसरे, तीलू रौतेली व अब्दुल कलाम सदन संयुक्तरुप से तीसरे स्थान में रहे। मौके पर प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह नेगी, महताब सिंह, रणवीर सिंह, वेद प्रकाश पैन्यूली, प्रवीण चौधरी आदि मौजूद थे।
मुनिकीरेती स्थित शत्रुघ्नन घाट पर स्थानीय लोगों ने स्व. इन्द्रमणी बड़ोनी की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम किए। शाम चार बजे शत्रुघ्ननघाट पर भजन संध्या हुई, उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया, शाम पांच बजे हवन, शाम छह बजे दीपदान और गंगा आरती के माध्यम से स्व. बड़ोनी को याद किया गया। मौके पर मंहत मनोज दिवेद्वी, रमाबल्लभ भटट, मुकेश पाठक आदि मौजूद थे।
