मयूर महर से सीएम ने की फोन पर बात, उनकी नाराजगी दूर करने का किया प्रयास

पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा के संचालन और बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने के मामले में आज मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक से फोन पर बातचीत कर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गंभीर है।
आपको बता दें कि विगत दिवस कांग्रेस विधायक मयूर महर पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा व बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन में धरने पर बैठ गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री ने आज विधायक मयूख महर से फोन पर वार्ता की और बताया कि सरकार पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने और बेस हॉस्पिटल की सारी व्यस्थाओं को ठीक करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विधायक को कहा कि हॉस्पिटल को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध किया जाना है। मेडिकल कॉलेज के पदों की स्वीकृति और नियुक्ति के संबंध में भी कार्यवाही किये जाने की उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा के लिए एक एयरलाइन ने इस हेतु अपनी सहमति भी दे दी है। इसके लिए लाइसेंस दिये जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उनके द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है।

समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल स्थित प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय के वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। एक व्यक्ति बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है उसी से उसका चरित्र निर्माण होता है।
उन्हांेने विद्यार्थियों से कहा कि किताबी ज्ञान तक सीमित ना रहें स्वयं के अस्तित्व की खोज कर अपने जीवन को सफल बनायें। उन्होंने कहा बचपन के संस्कार सम्पूर्ण जीवन में काम आते है इसलिए हमें बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान शिक्षा प्रदान कर भविष्य के निर्माण के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य तय करते हुए पूर्ण मनोयोग, ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने को कहा। यही मूल मंत्र जीवन को सफल बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि प्रत्येक मनुष्य में अनंत ऊर्जा शक्ति का भण्डार है उसे सिर्फ जानने व दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में कभी कोई परेशानी आती है तो उसे सकारात्मक सोच के साथ समस्या का समाधान करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि यह शिक्षा का कालखण्ड दोबारा आपके जीवन में कभी नहीं आयेगा, समय बहुमूल्य है इसकी महत्ता को सभी को समझना होगा, एक-एक पल जीवन के लिए उपयोगी है अगर हम समय को समझ लेते हैं तो अपने जीवन के साथ ही देश व प्रदेश नाम रोशन कर सकते है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, गुरुकुलों की भूमि है, यहां ऐसे ऋषि- मुनि हुए जिन्होंने सनातन ग्रंथो की रचना की। वीरभट्टी की इस महान धरती पर पढ़ने वाले आप सभी विद्यार्थी भी ऋषि संतानें हैं और अवश्य ही आप लोग अपना,अपने परिवार का और अपने प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र देश का भविष्य है। देश व प्रदेश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व रूप से नित-नए कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार बनाई गई नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से ’’युवा कुशलता’’ के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। साथ ही इससे शोध एवम् अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य को पूर्ण करने में नई शिक्षा नीति अवश्य ही कारगर साबित होगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि अमृत काल में भारत को विश्व की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनाना है। इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी तभी हम सफल होंगे। उन्होंने कहा कोरोना काल में देश के प्रधानमंत्री ने अभिभावक की तरह देश व विश्व में कार्य किया। अपने देश में कोरोना वैक्सीन देने के साथ ही विश्व में कोरोना वैक्सीन देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के इस गरिमामय समारोह में आकर वे अभिभूत हैं। यहां आकर उनकी छात्र जीवन की स्मृतियां जीवंत हो गयी। विद्यालय अत्यंत ही कठिन परिस्थितियों में स्थापित हुआ परंतु आज ये विद्यालय एक विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है। जगाती परिवार ने इस शिक्षण संस्थान के लिए अपनी भूमि दान कर जो शिक्षा सेवा का पुण्य कमाया है, उसके लिए जगाती परिवार बधाई का पात्र है।
पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार स्कूल के 36 वें वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा इस विद्यालय के विद्यार्थी आज इंजीनियर,कारोबारी, प्रशासनिक अधिकारी व राजनीतिज्ञ बनकर अपनी बुलंदियों को छू रहे हैं। विद्यालय परिवार द्वारा इस स्थान पर एक विश्वविद्यालय बनाए जाने का संकल्प लिया है। उनका संकल्प अवश्य पूर्ण होगा, इस संबंध में राज्य सरकार के स्तर पर जो भी सहयोग होगा वह किया जायेगा। भूमि चिन्हीकरण कार्य के लिए पूर्ण प्रयास कर परिकल्पना को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सड़क मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य लोनिवि द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्यालय में विद्युत की जो भी समस्या हो उसे दुरूस्त करना सुनिश्चित किया जाये।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि इस विद्यालय से पढ़कर विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेना, प्रशासन व आदि स्थानों पर कमान संभाल रहे है। उन्होंने अध्ययनरत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और गुरुजनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य और गुरुजनों की मेहनत से यहाँ के विद्यार्थियों ने देश के विविध क्षेत्रों में अपनी सुगंध फैलाई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल मंत्र विद्या भारती से लिए गया है। इस शिक्षा नीति से विद्या भारती ही नहीं अपितु देश के समस्त सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को इंडिया से भारत बनने की संकल्पना को पूरा किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ ही व्यवसायिक विषयों पर जोर दिया गया है। इससे देश को कौशल युक्त उच्च कोटि के मानव संसाधन मिलेंगे जो राष्ट्र को विश्व गुरु बनने में पूर्ण सहयोगी बनेंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी के सर्वागींण विकास के लिए आध्यात्मिक इंटेलिजेंस से जोड़ने की बात पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विद्यालय के 12वी के तीन और 10वी के 15 मेधावियों को पुरस्कृत किया।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ सूर्या प्रकाश ने विद्यालय की आगामी वार्षिक कार्ययोजना के साथ ही विद्यालय की सम्पूर्ण गतिविधियों, उपलब्धियों की जानकारी दी। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शिव तांडव, हनुमान, गणेश वंदना नृत्य और नाटक सिक्का बदल गया मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ माधव प्रसाद के साथ ही विद्यार्थी रक्षित कर्नाटक और कृष्णा त्यागी ने किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक कामेश्वर प्रसाद काला, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रो के पी सिंह, प्रबंधक श्याम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विपिन अग्रवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, राष्ट्रीय मंत्री किशन वीर, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भीमताल राम सिंह कैड़ा, लालकुआ डॉ मोहन सिंह बिष्ट, कपकोट सुरेश गढ़िया, मंडी अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर डब्बू, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवम अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा, सीडीओ डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी शिव चरण द्विवेदी सहित विद्यालय के गुरुजन और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम में शामिल हुये। उन्होंने पं0 धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हे सनातन संस्कृति का संरक्षक बताया। वे हमारी सनातन संस्कृति के संरक्षक के रूप में भारत की सही पहचान को भावी पीढी तक पहुंचाने का दायित्व निर्वहन कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने ठीक ही लिखा है कि बिनु सत्संग विवेक न होई, रामकृपा बिनु सुलभ न सोई। अथार्तः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और श्री रामजी की कृपा के बिना सत्संग सहज नहीं मिलता। ठीक उसी प्रकार संपूर्ण विश्व को ज्ञान, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति से परिचित कराने वाले पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री जी के माध्यम से आज उन्हें इस दिव्य दरबार में बालाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था को साझा करने का एक अप्रतिम अवसर प्राप्त हुआ है। ऐसे पावन दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य विरले लोगों को ही प्राप्त होता है और इसमें भी यदि महाराज श्री का आशीर्वाद मिले तो इसका आशीष कई गुना बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम आयु में बजरंग बली ने महाराज जी पर कृपा की यह किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं है। महाराज जी के पास हमेशा बजरंगबली की प्रतिमा होती है, यह इस बात का प्रमाण है कि जिसके पास भगवान श्रीराम की भक्ति की शक्ति होगी उस पर हमेशा बजरंगबली का आशीर्वाद रहेगा। उन्होंने कहा कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और जहां भी उनका दिव्य दरबार लगता है वहां हनुमान जी का वास स्वतः ही हो जाता है। आज दुनियाभर में दिव्य दरबार लगाकर महाराज जी, भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रहे हैं और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होना ही होगा और इसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करना होगा जिससे आने वाली पीढ़ी सनातनी मूल्यों से परिचित हो सके। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व रूप से सनातन संस्कृति का परचम पुनः संपूर्ण विश्व में लहरा रहा है। हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बन कर तैयार होने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरोत्थान का कालखंड है। आज भारत पुनः विश्वगुरु के पद पर आरूढ़ होकर समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तत्पर है। आज प्रधानमंत्री जी, के महान विचारों पर चलकर ही उत्तराखण्ड विकास की राह पर अग्रसर है मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शीघ्र ही हम उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में सभी के सहयोग से अवश्य सफल होंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं0 धीरेन्द्र शास्त्री का मुख्यमंत्री आवास आगमन पर उनका स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

गढ़वाल के पांच जिलों में केन्द्र पोषित और वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में नगर निकाय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में चल रही केंद्र पोषित योजना, 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि आज पांच जिलों टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली तथा रूद्रप्रयाग के अधिशासी अधिकारियों के साथ नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई है जिसमें कूड़े के डोर टू डोर कलेक्शन, सेग्रीगेशन, लीगेसी वेस्ट तथा ठोस अवशिष्ठ प्रबन्धन को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक सुधार हेतु दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने महत्वाकांक्षी पीएम स्वनिधि योजना तथा पीएम आवास योजना की प्रगति के विषय में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने दीनदयाल अन्त्योदय मिशन के तहत चलाये जा रहे स्वरोजगार कार्यक्रम तथा स्वंय सहायता समूह की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निकायों में स्वंय सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाए जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मंत्री ने कहा कि स्वंय सहायता समूह से जुड़ी हमारी बहिनों के द्वारा कुछ सराहनीय उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है इसके लिए विभाग की ओर से अमेजॉन तथा फ्लिप कार्ड जैसी ऑनलाईन शॉपिंग साईट से भी समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से स्वंय सहायता समूहों से जुड़ी सभी बहिनों को आसानी से बाजार उपलब्ध हो पायेगा।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में वित्त की कमी न होने पाए इसके लिए विभाग हमेशा प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों हेतु समय पर डीपीआर तैयार करें जिससे जनता को किये जा रहे विकास कार्यों का लाभ ससमय प्राप्त हो सके। उन्होंने 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं पर भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हमारे नगर निकाय और अधिक सुदृढ़ हों इसके लिए विभाग हमेशा से प्रयासरत है।
मंत्री ने बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता से जुड़े हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यूजर चार्ज पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए जिसके लिए अधिशासी अधिकारियों को कार्य स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए भी तैयार रहने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निकायों में साफ सफाई, स्ट्रीट लाईट, सार्वजनिक शौचालयों, सार्वजनिक मूत्रालयों की समुचित व्यवस्था करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर अशोक पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास, राजीव पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास तथा अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

5265 किलोवॉट के पांच प्लांट को मंजूरी मिली, हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते राज्य के कदम

राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट क्षमता के पांच सोलर पॉवर प्लांट को मंजूरी प्रदान की गई है। राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है।
राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का इसके अंतर्गत संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन द्वारा अधिसूचित उत्तराखंड राज्य सौर नीति-2023 के अंतर्गत टाइप-टू श्रेणी में उरेडा द्वारा आवेदन के लिए 20 जुलाई 2023 को प्रस्ताव आमंत्रित किये गए थे। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि शासन स्तर पर उनकी अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अनुवीक्षण समिति द्वारा पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनकी कुल क्षमता 5265 किलोवॉट है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ का निवेश होगा, साथ ही हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के साथ ही उत्तराखंड पॉवर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना की जाती है जिस पर केंद्र के अलावा राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाती है।

सीएम पहुंचे दुबई, उद्योगपतियों व प्रवासी भारतीयों से करेंगे भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिसम्बर में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अधिक से अधिक निवेशकों की भागीदारी के लिये लंदन के बाद दुबई एवं अबू धाबी के भ्रमण पर है। सोमवार को दुबई एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुबई में रह रहे समस्त प्रवासी भारतीयों का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ‘इन्वेस्ट इन उत्तराखण्ड’ अभियान के तहत संयुक्त अरब अमीरात में उद्योगपतियों एवं प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे। उत्तराखण्ड में निवेश की संभावनाओं पर आयोजित बैठकों में भी मुख्यमंत्री प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही योग, आध्यात्मिक की भी भूमि है। उत्तराखण्ड देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारी जड़े उत्तराखण्ड से जुड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासी उत्तराखण्डियों का आह्वान करते हुए कहा कि वह साल में एक बार अपने प्रदेश उत्तराखण्ड ज़रूर आएँ। इससे उनकी भावी पीढी को भी अपनी मातृभूमि से जुडने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे प्रवासी भाईयों ने अपनी प्रतिभा एवं मेहनत से स्वयं के साथ अपनी मातृभूमि का भी नाम रोशन किया है। यह हम सभी के लिये सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अपने अप्रवासी भाई-बहनों और उत्तराखंड सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने तथा उनके निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 40 हजार करोड के निवेश प्रस्तावों पर एम ओ यू हस्ताक्षरित हो चुके हैं। हमारा लक्ष्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है। बडी संख्या में उत्तराखण्ड के प्रति देश विदेश के उद्यमियों द्वारा की जा रही पहल से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये आशान्वित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज विदेशों में भी एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे।

पीएम ने 4 हजार 200 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 4 हजार 200 करोड़ रूपये की सौगात दी। पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्य की 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21 हजार 398 पॉलीहाउस निर्माण, उच्च घनत्व वाले सघन सेब बागानों की योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 लेन एवं ढलान उपचार के 5 कार्य, राज्य में 32 पुलों का निर्माण, एसडीआरएफ के तहत अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे और बचाव उपकरणों को मजबूत करना, देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का अपग्रेडेशन, बलियानाला, जनपद नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम हेतु उपचार, 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल और कंप्यूटर लैब का निर्माण, सोमेश्वर, अल्मोडा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल, चंपावत में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल ब्लॉक का निर्माण, रूद्रपुर में वेलो-ड्रोम निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान का निर्माण, चार धाम की भांति मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का विकास, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम, हाट कालिका एवं नैना देवी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत 76 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 25 पुल, 9 जिलों में 15 ब्लॉक कार्यालय भवन, केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 3 सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, कौसानी-बागेश्वर रोड, धारी-डोबा- गिरेचिना रोड, नगला-किच्छा एस एच रोड डबल लेन, राष्ट्रीय राजमार्गों को 2 लेन एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य, एन एच 309 बी-अल्मोड़ा-पेट्सल-पनुआनौला- दन्या एन एच- टनकपुर-चल्थी, प्रदेश में 39 पुल एवं देहरादून में यूएसडीएमए भवन, 38 ग्रामीण पंपिंग पेयजल योजनाएं और 3 ट्यूबवेल आधारित पेयजल योजनाएं, 419 ग्रामीण ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, थरकोट, पिथौरागढ़ में कृत्रिम झील, 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से दो अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारखंड में मंदिरों तथा पौराणिक स्थलों का विकास हो रहा है। उनकी मानसंखंड की इस यात्रा द्वारा इस क्षेत्र का भी संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत पुनः विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। आज जहां एक ओर देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के समय भारत द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता हो या जी-20 सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाकर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति स्थापित करना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड भी है। आज नया भारत न केवल एक राष्ट्र के रूप में संपन्न और समर्थ बन रहा है, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले 9 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेक योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नारायण आश्रम की प्रतिकृति, ऐपण स्टॉल और बोधिसत्व विचार श्रृंखला-एक नई सोच, एक नई पहल पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

पीएम और धामी की जुगलबंदी, धामी की मेहनत साकार कर गये मोदी

आज उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बेहद खास जुगलबंदी देखने को मिली। दरअसल, पीएम मोदी ने पवित्र पार्वती सरोवर में दर्शन एवं पूजन से लेकर सेना के जवानों के बीच सीएम धामी को हर जगह अपने साथ-साथ रखा।
प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से हमेशा से विशेष लगाव रहा है। बीते वर्ष भी प्रधानमंत्री मोदी बद्रीनाथ धाम में दर्शनों के बाद जब देश के अंतिम गांव (तब तक) माणा में पहुँचे तो यहां भी दोनों के बीच की केमेस्ट्री साफ झलकी। माणा में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीएम धामी के उस कथन पर मुहर लगा दी, जिसमें माणा देश का पहला गांव होने की बात कही। इसके बाद से माणा को देश के प्रथम गांव के रूप में पहचान मिली है। यहां आयोजित जनसभा में भी पीएम मोदी ने सीएम धामी की मंच से मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
सीएम धामी जब भी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से भेंट करने गए, उन्होंने प्रधानमंत्री से पार्वती सरोवर, जागेश्वर मंदिर और अद्वैत आश्रम आने का आग्रह किया। सीएम धामी ने इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मानसखंड कॉरिडोर को लेकर विशेष आग्रह किया था। यह सीएम धामी के प्रयासों का ही प्रतिफल रहा कि पीएम मोदी ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ दौरे को लेकर अपनी हामी भरी।
सीएम धामी के विशेष आग्रह पर आए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पवित्र पार्वती कुंड में दर्शन और पूजन से अभिभूत हूं। यहां से आदि कैलाश के दर्शन से भी मन आह्लादित है। प्रकृति की गोद में बसी अध्यात्म और संस्कृति की इस स्थली से अपने परिवारजनों के सुखमय जीवन की कामना की।
गौरतलब है कि मानसखंड कॉरिडोर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। उनके द्वारा अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री के समक्ष इस विषय पर चर्चा की गई। आज पीएम के पिथौरागढ़ दौरे के दौरान एक बार पुनः दोनों के बीच की यही केमिस्ट्री देखने को मिली। आदि कैलाश के पार्वती सरोवर से दर्शनों के बाद मंदिर परिसर में सीएम धामी, पीएम मोदी के साथ-साथ रहे। दोनों के चेहरों पर आ रही मुस्कुराहट उनके बीच की आत्मीयता को दर्शा रही थी। इसके बाद जब प्रधानमंत्री सेना के जवानों के बीच पहुँचे तो यहां भी उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपने साथ ही रखा।
दरअसल, प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होते हैं, तो दोनों नेताओं के बीच दलीय संबंध से इतर अपनेपन का एक रिश्ता भी नजर आता है।

मानसखंड को विश्व पटल पर लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे से मानसखण्ड कॉरिडोर को विश्व पटल पर छाने की तैयारी पूरी हो गई है। जिस तरह से केदारनाथ में 2013 के बाद आई आपदा के बाद प्रधानमंत्री मोदी के मार्ग-दर्शन में वहां ऐतिहासिक कार्य हुए उससे देश और दुनिया में इसे लेकर एक बड़ा संदेश गया। कोरोना के बाद वर्ष 2021 जब यात्रा पुनः प्रारंभ हुई तो यहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। इस वर्ष भी यात्रियों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। अब प्रधानमंत्री के पिथौरागढ़ के अनछुए स्थानों पर पहुँचने के बाद यह उम्मीद जताई है रही है कि आने वाले दिनों में मानसखंड कॉरिडोर के अन्तर्गत आने वाले तमाम धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी।

पीएम मोदी ने सीएम धामी की पीठ थपथपाई, बोले-वाह धामी जी वाह…
पिथौरागढ़ में आयोजित प्रधानमंत्री की जनसभा में आज भारी जनसैलाब उमड़ा। उन्हें सुनने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सब पहुँचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपना संबोधन समाप्त किया तो वे भी देवभूमि की जनता के इस प्रेम से अभिभूत नजर आए। ऐसे में पीएम मोदी के मुँह से एकाएक निकला ष्वाह धामी जी वाह।ष् इस दौरान पीएम धामी ने मंच पर ही उनकी पीठ थपथपाई। इसके बाद जब पीएम मोदी हेलिपैड से लौटने लगे तो यहां भी उन्होंने सीएम धामी का हाथ पकड़कर उनकी तारीफ करते हुए पीठ थपथपाई।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।

प्रमुख विभागों को कार्यवृत अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को प्रेषित करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पेयजल, आपदा प्रबन्धन, सिंचाई, विद्यालयी शिक्षा एवं शहरी विकास विभाग को सचिव स्तर पर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक करने के साथ ही कार्यवृत अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन आख्या घोषणा पोर्टल पर अपलोड नही किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने विभिन्न विभागों में घोषणा नोडल अधिकारियों को घोषणा पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागों को विलोपित अथवा हस्तान्तरित की जाने वाली घोषणाओं को अपने स्तर पर लम्बित न रख करके उनके सम्बन्ध में औचित्यपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को जल्द से जल्द प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने ऐसी घोषणाएं जो एक से अधिक विभागों से सम्बन्धित है, उनकों विभाग परस्पर समन्वय से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने निर्देश दिए कि घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय संसाधनों तथा उनकी फिजबिलटी आंकलन भी विभागों द्वारा अपने स्तर पर ही किया जाएगा।
एसीएस ने पेयजल विभाग को वर्तमान में हैण्डपम्प लगाने की योजनाओं के औचित्य के आधार पर पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पेयजल की लंबित योजनाओं की स्थिति को दो सप्ताह की टाइमलाइन के भीतर अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने शहरी विकास विभाग को प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने निर्देश दिए।
बैठक में सचिव डा. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, अरविन्द सिंह हयांकी, अपर सचिव सविन बंसल, रंजना राजगुरू, नितिन भदौरिया, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा तथा सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।