सीएम ने उत्तराखंड के एथलीट कलम सिंह विश्व को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विकासखंड देवाल, ग्राम सभा मुंदोली निवासी, भूतपूर्व सैनिक एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट कलम सिंह बिष्ट ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओमान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्यंत कठिन 120 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम सिंह बिष्ट की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। रेगिस्तानी और पथरीले मार्गों पर आयोजित इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया भर के हजारों एथलीट्स के बीच प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिष्ट पूर्व में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चौथी गढ़वाल राइफल में सेवाएं दे चुके हैं और उनका सैन्य अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समर्पण आज भी उनके व्यक्तित्व में परिलक्षित होता है। देश सेवा के बाद खेल के माध्यम से भी उन्होंने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को कलम सिंह बिष्ट के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलम सिंह बिष्ट के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। भेंट के दौरान अन्य भूतपूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।

रजत उत्सव संग सुरक्षित शीतकालीन यात्रा का संकल्प: धामी

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय “देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित कार्यक्रम” के अंतिम दिन के कार्यक्रम का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को रजत जयंती वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन सभी वीर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया, जिनके संघर्षों के फलस्वरूप उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के निर्माण में महिलाओं की भूमिका विस्मरणीय रही है और आज वे ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आंदोलकारियों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पृथक राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले और उत्तराखंड के गांधी स्व. इंद्रमणि बडोनी की भी जयंती है बडोनी जी को नमन करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। देवभूमि रजत उत्सव से रजत जयंती वर्ष पर आयोजित देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा को प्रोत्साहन कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोया जा रहा है। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि सेवाओं को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया से देश को विकसित भारत बनाने का अभियान को गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मुखवा हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन कर आज पूरे वर्ष पर्यटन को गति दी जा रही है। आज हमारी सरकार एक जिला एक फेस्टिवल पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में गति लाने हेतु इन्वेस्टर समिट आयोजित कर 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश धरातल उतारकर औद्योगिक क्षेत्र को नई गति और सफलता प्राप्त की है। राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूह, शिल्प और बुनाई आदि को विशेष पहचान दी जा रही है। अर्थव्यवस्था को बढ़ाने हेतु होमस्टे, लखपति दीदी, वेडिंग डेस्टिनेशन आदि कार्यों को गति देकर उत्तरकाशी जनपद में ही आज 12 हजार से अधिक लखपति दीदी बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयास से ही आज उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में लगभग 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आज उत्तराखंड राज्य युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी देश में अग्रणी है अभी तक हमारी सरकार ने 26 हजार 500 से अधिक युवाओं को योग्यता एवं पारदर्शिता के साथ नौकरी दी है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के साथ अस्तित्व में आए झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों की तुलना में आज हम कुछ क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने हेतु 23 करोड़ की लागत से उत्तरकाशी में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बन रहा है। 46 करोड़ की राशि से पुरोला में उपजिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक गांव को सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल का कार्य भी अंतिम चरण में है जिससे यमुनोत्री से गंगोत्री की दूरी कम होकर आम नागरिकों को सहूलियत के साथ पर्यटन को एक नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना तो असंभव है परन्तु अपनी तैयारियों को बेहतर कर उनके नुकसान को कम कर सकते है जिसके लिए अधिक ऊंचाई पर स्थित झीलों की निगरानी हेतु निगरानी सिस्टम लगाने पर कार्य हो रहा है। धराली आपदा पीड़ितों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून, धर्मांतरण कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद आदि कानूनों को लागू कर सरकारी भूमि पर अवैध कबजे वाली भूमि को मुक्त कराया है और कहा कि देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी को भी छेड़–छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। यूसीसी को लागू कर सभी के लिए एक समान कानून की व्यवस्था की है।

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि उत्तराखंड 25 वर्ष पूरे कर आज हमारा राज्य शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उत्तराखंड निर्माण का सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साकार किया था। जिसे आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश का अग्रणी राज्य बनाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु शीतकालीन यात्रा का प्रोत्साहन कर नई गति दी जा रही है।

आज कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता व स्कूली छात्र –छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही चित्रकला, रंगोली, नृत्य और निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र–छात्राओं को सम्मानित किया गया। देवभूमि रजत उत्सव पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनकर उभरी, जिसमें राज्य के पिछले 25 वर्षों के विकास सफर को चित्रों और वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है। ये डिजिटल प्रदर्शनियों ने लोगो को खूब अपनी और आकर्षित कर रही है। डिजिटल प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक, इंटरएक्टिव गेम्स एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को प्रदर्शित जा रहा है।
सायंकाल में आज देवभूमि रजत उत्सव समारोह में संगीता ढौंडियाल व पांडावाज बैंड की मनमोहक प्रस्तुति प्रस्तुत की जाएगी। बीते दो दिनों में अजय भारती समूह,अज्जू तोमर व श्वेता महारा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया है।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्य मंत्री राम सुंदर नौटियाल, प्रताप सिंह पंवार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. स्वराज विद्वान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी, प्रशुराम जगुड़ी, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल, अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान तैयार करते हुए कार्यवाही किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में शीतलहर की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को विभिन्न विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान भी तैयार करते हुए, उसके अनुसार कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों में बर्फबारी एवं पालाग्रस्त क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर लिया जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शीत़़ऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में अस्थाई रैनबसेरों की व्यवस्था एवं इसके लिए पृथक से नोडल अधिकारी नामित किया जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार कम्बलों के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपदों में चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं के लिये कार्यरत चिकित्सकों की सूची, मोबाईल नम्बर एवं आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने पशुओं के लिए भी पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था तथा दवाइयों का भण्डारण व आपातकालीन सेवाओं के लिए पशु चिकित्सकों की सूची तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने शीतऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन का मार्च माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने भारी बर्फबारी से प्रभावित होने वाले प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों में दिसम्बर माह के अंत तक खाद्य, पेयजल एवं ईंधन का भण्डारण अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने बर्फ से ढकी सड़कें खुलवाने हेतु आवश्यक उपकरणों, बर्फबारी/पालाग्रस्त स्थानों में साईनेज के साथ रिफलेक्टर आदि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा ट्रेंकिंग कराने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ बैठक आहूत करते हुए उनको स्पष्ट रूप से निर्देशित कर दिया जाए कि उनके द्वारा ट्रेकिंग पर भेजे जाने वाले पर्यटकों की पूरी तरह से सुरक्षा हेतु सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन

नाबार्ड व राज्य सरकार द्वारा देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, नरेश बंसल, राज्य सभा सांसद, खजान दास, विधायक, राजपुर, सौरभ थपलियाल, महापौर, नगर निगम, देहरादून, मेहरबान सिंह बिष्ट, निबंधक, सहकारी समितियां, उत्तराखंड, पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड, आदि उपस्थित थे।
यह दस्तावेज़ राज्य के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹65,916 करोड़ अनुमानित है, जो की पिछले वर्ष की तुलना में 20.50% अधिक है ।
जिला स्तर पर तैयार पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान (PLPs) के आधार पर तैयार यह दस्तावेज़ संतुलित कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए एक रोडमैप है, जिसमें कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन पहलों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। नाबार्ड ने राज्य सरकार को समावेशी विकास के लिए ऋण योजना और विकासात्मक हस्तक्षेपों में सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
राज्य फोकस पेपर बैंकों और नीति-निर्माताओं के लिए वार्षिक ऋण योजना (ACP) को अंतिम रूप देने और सतत विकास की रणनीतियाँ तैयार करने में एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने नाबार्ड की इस प्रयास की सराहना की तथा सभी हितधारकों को इस दस्तावेज़ को विभिन्न विभागों की योजनावों में समेकित करने के लिए प्रेरित किया।

नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी लाएं: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के नयी एवं गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

मुख्य सचिव ने 2022-23 में स्वीकृत पिथौरागढ़ – बागेश्वर एनएच 309 ए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का प्रस्ताव अभी तक भारत सरकार को ना भेजे जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम – नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण हेतु वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों के लिए डेटा अपलोड में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी जाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली पेंडिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठकों को नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा अपनी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न सड़कों की 3(जी) और 3(डी) की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न सड़कों के निर्माण में पेड़ कटिंग के लिए छपान और कटान की कार्यवाही में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 दिसम्बर तक कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी लगातार सम्पर्क कर नियमित प्रोजेक्ट्स का फॉला अप किया जाए।

मुख्य सचिव ने गतिमान प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एनएचएआई के कोटद्वार बाईपास, झाझरा – आशारोड़ी, हरिद्वार – नजीबाबाद एवं देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रवि शंकर, अपर सचिव विनीत कुमार एवं पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाए: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आईटीडीए को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

मुख्य सचिव ने सेवा का अधिकार के तहत् विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।

हर न्याय पंचायत में बहुद्देशीय शिविर, कोई पात्र लाभार्थी ना छूटे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएँ और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए तथा बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँ। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के उपरान्त निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएँ तथा योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर कमियों को दूर किया जाए। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3–4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठनात्मक नेतृत्व और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट सहित अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इंडोर खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना ने प्रदान किये पुरस्कार

उत्तराखण्ड सूचना कर्मचारी संघ (मुख्यालय), देहरादून द्वारा प्रथम इंडोर खेल प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया गया। आज प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी द्वारा पुरस्कार प्रदान किये गये।

महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं मेडल प्रदान करते हुए कहा कि हम सभी को अपनी जीवनशैली में योग और खेल को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बढ़ते तनाव को कम करने के लिये नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। खेल की भावना जीवन को अनुशासित बनाने के साथ शारीरिक व मानसिक विकास में भी मददगार रहती है। उन्होंने कहा कि सूचना संघ द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। सभी कर्मचारी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसर में एक बैडमिंटन कोर्ट तैयार कराया जाय। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाय।

इस अवसर पर अपर निदेशक आशिष कुमार त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता भविष्य में भी आयोजित की जाय। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनिया द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये।

कार्यक्रम में संघ के महामंत्री अंकित चौहान द्वारा स्वागत भाषण किया गया। चौहान ने कहा कि महानिदेशक सूचना की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई है। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष कैलाश रावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये।

कार्यक्रम में में महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा शतरंज प्रतियोगिता में विजयी रहे कैलाश रावत एवं उप विजेता राजेन्द्र सिंह कलूड़ा को पुरस्कृत किया गया। महिला वर्ग में कैरम सिंगल्स की विजेता आरती बिष्ट एवं उप विजेता विदिशा नेगी को पुरस्कार प्रदान किये गये। कैरम प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग के सिंगल्स श्रेणी के विजेता अतुल डिमरी एवं उप विजेता गजेन्द्र सिंह को पुरस्कृत किया गया। कैरम प्रतियोगिता के डबल्स श्रेणी में विजेता अतुल डिमरी एवं गजेन्द्र सिंह, उप विजेता चेतन कुमार पाण्डेय एवं राम सिंह परजोली को पुरस्कृत किया गया। यह खेल प्रतियोगिता विगत 12 एवं 14 दिसम्बर, 2025 को सूचना भवन सभागार में आयोजित की गई थी।

इस अवसर पर संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का दिन है विजय दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

17 दिसम्बर से राज्य में 45 दिनों तक संचालित होगा जन जन की सरकार-जन जन के द्वार अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक ‘‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’’ अभियान संचालित किया जायेगा। इस अभियान के दौरान विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैंम्प लगाकर आम आदमी से जुडी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किये गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित पत्र में प्रदेश में केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योेजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने एवं जरूरतमंदों लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाये जाने तथा न्याय पंचायतों/ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जन सामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए उस पर कार्यवाही की जायेगी।

सुमन ने बताया यह कार्यक्रम न्याय पंचायत के स्तर पर संचालित किया जायेगा तथा वहां पर बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया जायेगा, यदि कोई न्याय पंचायत बहुत बड़ी हो तो उस न्याय पंचायत में दो भागों में गांव को विभक्त करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

उन्होंने बताया इस अभियान के दौरान बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प में उपस्थित लोगों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जायेगी तथा कैम्प में उपस्थित पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने बताया कैम्प के उपरान्त निकट के किसी गांव में सभी अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जायेगा तथा उस गांव के सभी पात्र व्यक्तियों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किये जाने हेतु आवेदन पत्र भराये जायेंगे। उस ग्राम पंचायत के सभी निवासीगण केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं से पूरी तरह से लाभान्वित हो सके तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि कैम्प लगाये जाने से पूर्व मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाने, जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में यह कैम्प लगाया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रयास किया जाय कि प्रत्येक सप्ताह जनपद में जितनी तहसील है उनकी कम से कम एक-एक न्याय पंचायतों में यह आयोजन किया जायें। यह कार्यक्रम न्यूनतम 45 दिन तक अनिवार्य रूप से सभी न्याय पंचायतों में चलाया जाना है। यदि इस अभियान के दौरान सभी न्याय पंचायतें आच्छादित नहीं हो पाते है तो कार्यकम को तद्नुसार जनपद द्वारा आवश्यकतानुसार इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है।

उन्होंने निर्देश दिये है कि ग्राम स्तर पर केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ से संबंधित क्षेत्र/ग्राम पंचायत में कौन-कौन से लोग वंचित है, इसका पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से सर्वेक्षण करा लिया जाय तथा भ्रमण के दौरान इन कमियों को दूर किये जाने की कार्यवाही की जाय तथा सभी सम्बन्धित से आवेदन पत्र भराये जाएं।

पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। अन्य कैम्पों कमशः मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। आयोजित होने वाले कैम्पों में नामित विभागों के अधिकारीगण कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे तथा कैम्प के दौरान यह प्रयास किया जाय कि आम जन मानस की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सम्भव हो सके।

उन्होंने बताया कि कैम्प लगाये जाने के दो से तीन दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि आवेदन पत्र भरे जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगाये जाने वाले कैम्पों की रूप-रेखा/कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है ताकि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा संचालित कैम्पों का औचक निरीक्षण किया जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम के उपरान्त कार्यक्रम की सफलता/किये गये कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाय तथा प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यकमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तथा सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।