वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल: हर जनपद में भव्य महोत्सव, राज्य स्तर पर अंतरराष्ट्रीय आयोजन का एलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए स्नो लेपर्ड साइटिंग, हेली-स्कीइंग तथा हिमालयन कार रैली को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 20 दिसंबर तक शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत केएमवीएन एवं जीएमवीएन की सभी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को दुरुस्त करने तथा होटल मालिकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिलों के प्रमुख पर्यटक स्थलों से संबंधित सड़क, होटल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं पूर्ण रूप से दुरुस्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री स्वयं सड़क मार्ग से यात्रा कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा के प्रोत्साहन से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल” के तहत राज्य के प्रत्येक जनपद में एक-एक भव्य महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए, जो संबंधित जनपद की विशिष्ट पहचान बने। उन्होंने निर्देश दिए कि इन महोत्सवों में उस जनपद के विशिष्ट महानुभावों, प्रवासियों, ग्राम प्रधानों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य स्तर पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का भव्य महोत्सव आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए, जिसमें देश-विदेश से विशिष्ट व्यक्तियों और प्रवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों में आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बागेश्वर में सरयू कॉरिडोर के विकास के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने गंगोत्री की तर्ज पर सरयू नदी के उद्गम स्थल पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने बागेश्वर में ट्राउट मछली, कीवी एवं लाल चावल के उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इनके प्रोत्साहन पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार, निजी संस्थानों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का भव्य योग महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास से संबंधित कार्य योजनाओं में पर्यटकों, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों एवं अन्य हितधारकों का फीडबैक सम्मिलित किया जाए, ताकि पर्यटकों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुविधाओं का विकास किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने पौड़ी के पैठाणी स्थित राहु मंदिर एवं लाखामंडल मंदिर के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना को शीघ्र एवं प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साथ ही देवप्रयाग सहित राज्य के विभिन्न प्रयागों एवं घाटों में आयोजित आरती का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक प्रयागों एवं घाटों में भव्य आरती आयोजित की जाए तथा नए घाटों का भी विकास किया जाए।

बैठक में सचिव पर्यटन ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार लद्दाख मॉडल पर “स्नो लेपर्ड टूर” प्रारंभ करने जा रही है। इसके तहत शीतकाल में गंगोत्री जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों को नियंत्रित रूप से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा तथा उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में प्रायोगिक तौर पर हिम तेंदुआ पर्यटन संचालित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। स्नो लेपर्ड टूर से होमस्टे, स्थानीय गाइड, साहसिक पर्यटन एवं अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सचिव पर्यटन ने यह भी बताया कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में शीतकालीन चारधाम यात्रा, साहसिक पर्यटन, सांस्कृतिक उत्सव एवं वन्यजीव पर्यटन से संबंधित एक व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत देश के प्रमुख शहरों में रोड शो, डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया अभियान, गद्दी स्थलों से सायंकालीन आरती का लाइव प्रसारण, विशेष टूर पैकेज तथा शीतकाल में होटल-रिसॉर्ट्स को शुल्क में रियायत जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

कार्ययोजना के तहत औली, खलिया टॉप, बेदनीधार सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्कीइंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग एवं रैपलिंग जैसे साहसिक आयोजन किए जाएंगे। मसूरी, नैनीताल एवं उत्तरकाशी में विंटर कार्निवल, ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव तथा जिम कॉर्बेट, नंधौर एवं गंगोत्री क्षेत्र में वन्यजीव एवं स्नो लेपर्ड पर्यटन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, पंकज कुमार पांडे, शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, धीराज गब्र्याल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

प्रदेश में सभी रोप-वे प्रस्तावों को इस समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्यः वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रदेश में रोप-वे विकास के लिए गठित संचालन समिति की आयोजित हुयी। बैठक के दौरान प्रदेश में रोप-वे निर्माण को लेकर महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रोप-वे विकास समिति की प्रथम बोर्ड बैठक इस माह के अंत तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति के लिए सचिव पर्यटन, सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने एनएचएलएमएल को एसपीवी का सीईओ एक सप्ताह के भीतर नियुक्त किए जाने के निर्देश दिए, ताकि दिसम्बर माह के अंत तक प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में बनने वाले सभी रोप-वे प्रस्तावों को इस समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, ताकि अलग-अलग एजेन्सियों द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स में डुप्लीकेसी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि रोप-वे के सभी बड़े प्रोजेक्ट्स बनने से अगले 5-10 सालों में स्थानीय स्तर पर जिन नए पर्यटक स्थलों का विकास, मार्गों का विस्तारीकरण किए जाने की आवश्यकता है, उनके लिए अभी से रोडमैप तैयार कर लिया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड रोप-वे विकास लिमिटेड के रोड मैप पर भी चर्चा की।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर से 50 रोप-वे प्रस्तावित किए गए हैं। जिनमें से कुल 6 प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है। इसमें सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविन्दघाट से हेमकुण्ट साहिब प्रोजेक्ट्स का कार्य आबंटन कर दिया गया है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल) अनुमोदन के चरण में है। बताया गया कि कनकचौरी से कार्तिक स्वामी तक रोप-वे की डीपीआर तैयार की जा रही है। रैथल बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) और जोशीमठ-औली-गौरसों रोप-वे की डीपीआर के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्य सचिव ने कहा कि शुरूआत में इन 6 प्रोजेक्ट्स पर ही फोकस किया जाए। उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ एवं गोविन्दघाट से हेमकुण्ट साहिब रोप-वे प्रोजेक्ट्स की प्रत्येक स्टेज की टाईमलाईन और पर्ट चार्ट तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी जाए लाने की बात भी कही। कहा कि रोप-वे निर्माण के लिए हैवी मशीनरी निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतिपूर्ण होगा। इसके लिए सड़कों का टर्निंग रेडियस बढ़ाए जाने एवं पुलों का मजबूतीकरण के लिए आवश्यक कदम अभी से उठा लिए जाएं। मुख्य सचिव ने काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर प्रोजेक्ट में कैंचीधाम को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैंचीधाम के लिए लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वहां रोप-वे प्रोजेक्ट की सम्भावनाओं को तलाशा जाए।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव अभिषेक रूहेला एवं एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी जनपद के पिलखी क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आज मुलाकात की | मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी | मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनपद टिहरी गढ़वाल के पिलखी क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी (Type-B) को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) के रूप में उच्चीकृत किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है | इस उच्चीकरण के साथ, शासन द्वारा कुल 36 पदों (26 नियमित + 10 आउटसोर्सिंग) का सृजन किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए और क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। ये सभी पद अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2026 तक स्वीकृत किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा “हमारी सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जाए, जैसा मैदानों में उपलब्ध है। पिलखी क्षेत्र के लिए 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति वहाँ के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगी। पदों का सृजन स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे कहा “पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार ‘हर घर स्वास्थ्य, हर व्यक्ति स्वस्थ’ के संकल्प के साथ तेजी से काम कर रही है। पिलखी क्षेत्र में यह निर्णय लोगों की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त करेगा और निकट भविष्य में बेहतर चिकित्सा ढाँचे का लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा “सरकार का संकल्प स्पष्ट है—प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। घनसाली क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पिलखी स्वास्थ्य केंद्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा। आवश्यक पदों की तैनाती, भवन सुधार एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।”

इस अवसर पर घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा संयोजक मण्डल से संजीव आर्य, विक्रम कपाल, अनुग्रह लाल शाह, अनुग्रह लाल शाह, गोविन्द दिगारी, सुनीता पवार, कमला पंवार, अनुग्रह कपाल व अंकित नौडियाल उपस्थित रहे |

राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तकों पर विचार गोष्ठी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेरी योजना पोर्टल उत्तराखण्ड (myscheme.gov.in) का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना मार्गदर्शिका पुस्तक के “मेरी योजना”, “मेरी योजना- राज्य सरकार” तथा “मेरी योजना – केंद्र सरकार” तीनों संस्करणों के माध्यम से राज्य का प्रत्येक नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है और उनका लाभ उठा सकता है। जिस उद्देश्य से इन पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, उस दिशा में हमारे प्रयास सार्थक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही उसका लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना है। ये पुस्तकें लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ – साथ आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एक नई कार्य संस्कृति की स्थापना करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकेंद्रित नीतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाया जाता है। राज्य सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न पेंशन योजनाओं की धनराशि लोगों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति के खाते में आ जाए, इसकी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जहां एक ओर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, वहीं, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही है। ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहल के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि राज्य के स्थानीय उत्पादों और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदान किये जाने वाले स्मृति चिन्ह राज्य में निर्मित उत्पादों के ही हों। इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों से हमारे कारीगरों, मातृ शक्ति, हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी किसी कार्यक्रम में जाते हैं या देशभर में महानुभावों से भेंट के दौरान भी उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही भेंट करते हैं।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से यह एक सराहनीय प्रयास है। एकीकृत पोर्टल के माध्यम से पात्र लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पायेगा। यह अंत्योदय की भावना का बड़ा उदाहरण है।

सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का मुख्य उद्देश्य योजनाओं और सेवाओं का सरल तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाना है। मेरी योजना के तीन संस्करणों के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। योजनाओं के लिए पात्रता और प्रक्रिया पर विशेष फोकस किया गया है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में पहली बार, विज्ञान को नई दिशा देने वाली पहलें, विज्ञान रेडियो को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं।

विज्ञान रेडियो 88.8 MHz की स्वीकृति

राज्य में पहली बार विज्ञान रेडियो 88.8 MHz को स्वीकृति मिली है। यह पहल विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी स्वरूप में प्रत्येक घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

She for STEM’ कार्यक्रम का शुभारंभ

महिलाओं और छात्राओं को STEM क्षेत्रों में प्रेरित करने हेतु पहली बार She for STEM कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से हजारों छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिल रहा है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में पहली बार एक-एक मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला Lab on Wheels संचालित होने लगी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।

60 पेटेंट सूचना केंद्रों की स्थापना
राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।

पहली बार राज्य के सभी जनपदों और ब्लॉकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों छात्र शामिल होकर विज्ञान के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में विज्ञान और नवाचार को जनआंदोलन बनाने का हमारा संकल्प अब साकार रूप ले रहा है। UCOST द्वारा पहली बार शुरू की गई ये पहलें न सिर्फ हमारे युवाओं को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड @2027 और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। हम चाहते हैं कि विज्ञान की रोशनी हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुँचे। हमारी सरकार युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से बेटियों को STEM क्षेत्रों में अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड आने वाले समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रेरक राज्य होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

मुख्य सचिव ने चम्पावत के खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।

इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया (ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।

इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच ललित कुंवर एवं कराटे कोच विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।

कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण-दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएम के वीडियो कॉल पर वार्ता के बाद चौखुटिया में चल रहा आंदोलन हुआ समाप्त

चौखुटिया में उप जिला चिकित्सालय की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आज मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर हुई विस्तृत वार्ता के बाद 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। आंदोलनकारियों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजिला चिकित्सालय के लिए आवश्यक टोकन मनी शीघ्र जारी की जाएगी, जिससे अस्पताल से संबंधित प्रक्रियाएँ तेज़ी से आगे बढ़ सकें। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा यह भरोसा दिया गया है कि चौखुटिया क्षेत्र की सभी जायज़ मांगों को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता हैस आंदोलनकारी द्वारा उनका धन्यवाद भी किया गयास।

वीडियो वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि भुवन कठायत, अशोक कुमार एवं उप जिलाधिकारी सुनील कुमार राज सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का सीएम धामी ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में “उत्तराखण्ड @25ः लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक के विमोचन किया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में उत्तराखंड राज्य स्थापना के गौरवशाली 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और अनुभवों के संकलन के साथ ही आने वाले 25 वर्षों में किन क्षेत्रों में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं, इस पर लेखकों ने विस्तारपूर्वक लेख लिखे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक राज्य की अब तक की प्रगति पर उत्कृष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करने के साथ ही आने वाले समय में राज्य के समग्र विकास को एक नई दिशा भी प्रदान करेगी। पुस्तक में शासन-प्रशासन, आर्थिक विकास, पर्यावरण संतुलन, ग्रामीण पलायन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि, संस्कृति और पत्रकारिता जैसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक नीति-निर्माण और शोधकर्ताओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी और उत्तराखंड के सतत, समावेशी और समग्र विकास की दिशा में योगदान देने के लिए लोगों को प्रेरणा देगी। इसके प्रकाशन के लिए उन्होंने दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पदाधिकारियों, लेखकों और संपादक मंडल का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की । नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “अचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” की श्रेणी प्राप्त हुई है। बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई। राज्य को लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में “अचीवर्स” श्रेणी और सिंगल विंडो सिस्टम में “टॉप अचीवर्स” की श्रेणी हासिल हुई है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य को अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार और किसानों की आय की वृद्धि दर में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव भी उत्तराखंड को ही प्राप्त हुआ है।

“उत्तराखण्ड @ 25ः लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक में राज्य की विकास यात्रा, चुनौतियों और संभावनाओं पर 28 लेख लिखे गये हैं। जिनमें कुल 31 लेखकों और सह लेखकों ने योगदान दिया है।

इस अवसर पर पुस्तक के मुख्य संपादक एन.एस. नपलच्याल, संपादक एन.रवि शंकर एवं डॉ. सुधारानी पांडेय, दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के अध्यक्ष प्रो. बी.के. चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव इन्दु कुमार पाण्डेय, राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महानुभाव उपस्थित थे

सीएम ने वित्तीय अनियमितता मामले पर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामले में सख्त कदम उठाते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबंधित मामले की सतर्कता विभाग से खुली जांच कराए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में पत्रावली पर भी अनुमोदन प्रदान कर दिया हैं।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विगत वर्षों में रू. 13.10 करोड़ के भुगतान में प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया था। शासन के द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराये जाने का निश्चय किया गया था। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान कर सतर्कता विभाग से खुली जांच कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम द्वारा रू. 188.90 करोड़ की विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन कार्यों की स्वीकृतियों का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए रू. 188.90 करोड़ की लागत की स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अर्न्तगत गर्जिया (घुघुतीधार)-बेतालघाट-खैरना-ओड़ाखान-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-62) के कि.मी. 1 से 30 तक मार्ग के पुननिर्माण कार्य हेतु रू. 997.61 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नवाबगढ़ पुल नं.-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किए जाने हेतु रू. 312.55 लाख की योजना के साथ ही कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत हरिद्वार में हरकीपैड़ी से ललतारो सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु रू. 925.94 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जनपद उधम सिंह नगर की किच्छा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगला-किच्छा मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-44) के कि.मी. 12.6 से और कि.मी. 15 से 17.942 तक के हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की योजना के लिए रू. 8063.13 लाख की लागत की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम रूद्रपुर के अंतर्गत स्मार्ट वेंडिंग जोन के निर्माण कार्य हेतु रू. 255 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अन्तर्गत एसएचपीसी द्वारा संस्तुत 07 नगर निकायों में कार्यों हेतु रू. 408.94 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने और शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत 11 नगर निकायों में पार्कों के सौंदर्यीकरण हेतु रू. 597.10 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को रू. 73.30 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत जनपद चमोली को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में 5 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 3 करोड़ की धनराशि दी गई है। इसी तरह जनपद नैनीताल को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 25 करोड़ के साथ ही जनपद उत्तरकाशी को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 30 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 8 करोड़ की धनराशि दी गई है। जनपद चंपावत के लिए भी राहत एवं बचाव मद में रू. 2.30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

नैनीताल में ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों ने पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति देने पर किया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही।