राज्य के विभिन्न विकास कार्यों के लिये मिली 58.43 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत “घनसाली बाजार में वाहन पार्किंग निर्माण हेतु ₹2.66 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में टर्नर रोड, पोस्ट ऑफिस मार्ग एवं मोहब्बेवाला के आंतरिक मार्गों में हॉट मिक्स इण्टरलॉकिंग टाईल्स एवं नाली निर्माण सहित मार्ग निर्माण के कार्य हेतु ₹ 4.49 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-ए) के 120 आवासों के निर्माण हेतु भी ₹ 51.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शान्ता टंडन पत्नी स्व० ब्रहम सरन टंडन, निवासी गिरीताल रोड, वार्ड न० 1 हैविल्स शोरूम के सामने, पोस्ट ऑफिस काशीपुर, जनपद उधम सिंह नगर को दिनांक 14.06.2017 से दिनांक 14.10.2022 तक 16,000 प्रतिमाह तथा दिनांक 14.10.2022 से ₹20,000 प्रतिमाह बकाये सहित ’लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

रेत मिश्रित नमक की गुणवत्ता जांचने निर्माता के कारखाने का दौरा करेंगे अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के दिये गये निर्देशों के क्रम में आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति चन्द्रेश कुमार द्वारा “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ के अंतर्गत वितरित होने वाले आयोडाईज्ड नमक की गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ माह जून 2024 से प्रचलित है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड धारकों को 01 कि० ग्रा० आयोडाईज्ड नमक 08 रु० प्रति कि०ग्रा० प्रति माह वितरित किया जा रहा है। आयोडाईज्ड नमक वितरण का कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि आयोडाईज्ड नमक कार्डधारकों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध हो सके इसके लिए विभाग द्वारा आयोडाईज्ड नमक की आपूर्ति के लिये अपनी नोडल एजेन्सी भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० से गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया। एन०सी०सी०एफ० ने रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर (खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा विश्लेषण में विशेषज्ञता वाली एक प्रमुख प्रयोगशाला) से नमक की गुणवत्ता की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट साझा की। इसके अलावा विभाग को एनएबीएल मान्यता प्राप्त और एफएसएसएआई अनुमोदित प्रयोगशाला आईटीसी लैब्स से भी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिन्होंने भी पुष्टि की कि सभी मानदंड और परिणाम एफएसएसएआई मानदंडों के अनुरूप है।

विभाग द्वारा आयोडीन युक्त नमक के नमूने राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर को भेजे गये और औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर के परिणाम दिनांक-19.08.2025 के द्वारा वितरित किया जा रहा नमक अच्छी गुणवत्ता की पुष्टि होना पाया गया। उपरोक्त के आधार पर सभी परीक्षण परिणाम पुनः पुष्टि करते हैं कि आपूर्ति किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक अच्छी गुणवत्ता का है और एफएसएसएआई के मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।

आयुक्त चन्द्रेश कुमार ने बताया कि आयोडाईज्ड नमक की उपलब्धता एवं वितरण के सम्बन्ध में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरी निर्माण प्रक्रिया और अपनाए जा रहे गुणवत्ता नियंत्रण उपायों की समीक्षा के लिए जल्द ही (इस मानसून के बाद) निर्माता के कारखाने का दौरा करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, आपूर्ति किए गए नमक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित अंतराल पर प्रयोगशाला में नमक के नमूनों की नियमित जाँच करायी जायेगी। उपरोक्तानुसार खाद्य विभाग द्वारा वर्तमान में पूर्ण गुणवत्ता का आयोडाईज्ड नमक का वितरण किया जा रहा है।

सिंगटाली पुल स्वीकृति के लिए सीएम का आभार जताने पहुंचे संघर्ष समिति के पदाधिकारी

सिंगटाली मोटर पुल संघर्ष समिति ने विधायक यमकेश्वर रेनु बिष्ट के नेतृत्व में सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पुल निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया है। समिति ने कहा है कि गढ़वाल – कुमांउ को जोड़ने वाला यह पुल 20 सालों से लंबित था।

अब मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। इससे क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलने की उम्मीद जगी है। समिति ने मुख्यमंत्री से शीघ्र पुल निर्माण के लिए भूमि पूजन भी करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी भी उपस्थित थे।

13 महिलाओं को तीलू रौतेली और 33 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मिला उत्कृष्ट सेवा कार्य सम्मान

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्त्री शक्ति, तीलू रौतेली एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 33 आंगनवाड़ी कार्यकर्तात्रियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरांगना तीलू रौतेली को नमन करते हुए कहा कि, तीलू रौतेली ने महज 15 वर्ष की उम्र में अपने रण कौशल से विरोधियों को परास्त किया। जिस उम्र में बच्चे खेलना, कूदना और पढ़ना सीखतें हैं, उसी उम्र में तीलू रौतेली ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। इसलिए वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की झांसी की रानी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “नारी तू नारायणी“ के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की बात हो या बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, केंद्र सरकार हर तरह से महिलाओं को सशक्त बना रही है, इसी तरह ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करके भी प्रधानमंत्री मोदी ने देश की महिलाओं को सामाजिक तौर पर मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने जहां महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए देश में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना“ और “उद्यमिता विकास कार्यक्रम“ जैसी योजनाओं के माध्यम से भी मातृशक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से तीलू रौतेली पुरस्कार राशि 31 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार धनराशि 21 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती चरण के विकास में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण इलाकों में माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार और प्रारंभिक शिक्षा देने की शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्रों से ही होती है। उनके दोनों बच्चों ने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से ही प्राप्त किए हैं। इसलिए राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी बहनों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की है। पहले जहां आंगनवाड़ी बहनों को 7500 रुपए का मानदेय मिलता था, उन्हें अब 9300 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह अब मिनी आंगनवाड़ी को 4500 के बजाय 6250 और सहायिकाओं को 3550 के बजाय 5250 रुपए का मानदेय मिलता है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइज़र के पद पर पदोन्नति दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य की महिलाओं के पास क्षमता और योग्यता की कमी नहीं है। महिला स्वयं सहायता समूहों के बनाए हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी मात दे रहे हैं। इसलिए वो हमेशा महिला समूहों को प्रोत्साहन देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से कहा था कि, 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक, उत्तराखंड के नाम होने जा रहे हैं, इस क्रांति में महिला समूहों की अहम भूमिका होने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे यह कार्यक्रम पहले आठ अगस्त को आयोजित होना था, लेकिन आपदा के कारण तब आयोजन संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय आपदाओं से घिरा हुआ है, सरकार आपदा प्रभावितों तक हर संभव तरीके से पहुंचने का प्रयास कर रही है, इस काम में केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है।

इस मौके पर विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। आगंनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का एतिहासिक कार्य भी धामी सरकार ने किया। आयोजन में विधायक खजान दास, सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

इन्हें मिला तीलू रौतेली पुरस्कार
अल्मोडा से मीता उपाध्याय, बागेश्वर से अलिशा मनराल, चमोली से सुरभि, चम्पावत से अनामिका बिष्ट, देहरादून से शिवानी गुप्ता, हरिद्वार से रूमा देवी, नैनीताल से नैना, पौड़ी गढ़वाल से रोशमा देवी, पिथौरागढ से रेखा भट्ट, रूद्रप्रयाग से हेमा नेगी करासी, टिहरी गढवाल से साक्षी चौहान, ऊधमसिंह नगर से रेखा और उत्तरकाशी से विजयलक्ष्मी जोशी।

पीएम के जन्मदिन 17 सितम्बर से दो अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के बाद सड़कों के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी पूर्ण कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जनपदों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने दी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढाये जाने की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत किये जाने तथा छठवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन जिला कारागार, पिथौरागढ़ में अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 417.72 लाख एवं उपकारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 251.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में रालम के अन्तर्गत स्थान किलातम में चौकडाम का निर्माण किये जाने हेतु 95.49 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 57.294 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत हेतु हनुमान मंदिर मेला स्थल, लधौली, ऐडी मेला स्थल, कालूखाण एवं फुटलिंग कालूखाण के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु 81.50 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 48.90 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

किसी भी देश का सामाजिक व आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भरः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खटीमा में ‘‘साथी केंद्र’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने कहा कि आज इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के समस्त विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में साथी प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से, आज आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर ऑनलाइन क्लासेज द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। आज यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, रेलवे और क्लैट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों और निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों सहित अन्य सभी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में 80 छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा का सीधा लाभ खटीमा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी “प्रोजेक्ट साथी” से लाभान्वित हो चुके हैं। हमारे राज्य में भी अब तक लगभग 29 हजार विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं और पिछले वर्ष 500 से अधिक विद्यार्थियों ने इस प्लेटफॉर्म की मदद से विभिन्न परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की जा रही है। साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क आदि का निर्माण कर राज्य में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। “मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना“ के माध्यम से, राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बी. एन. खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ बी0 एन0 खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

सीएम धामी ने युवाओं से किया वायदा करा पूरा, अग्निवीर आरक्षण नियमावली जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक और वायदे को पूरा करते हुए, सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है। इस संबंध में सोमवार को कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से विधिवत तौर पर उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली-2025 जारी कर दी है।

सैन्य बहुल प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इसी नियमावली के जरिए अब सेवामुक्त हुए अग्निवीरों को विभिन्न विभागों के वर्दीधारी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें पुलिस आरक्षी (नागरिक/पीएसी), उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, बंदी रक्षक, उप कारापाल, वन आरक्षी, वन दरोगा, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे महत्वपूर्ण वर्दीधारी पद शामिल हैं।

“देश की सेवा कर लौटे पूर्व अग्निवीर प्रदेश का गौरव हैं। उन्हें सम्मान और रोजगार का अवसर देना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को हर तरह से सेवायोजन का प्रयास कर रही है”।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

रेड और ऑरेंज अलर्ट को लेकर सीएम ने कहा मुस्तैद रहें अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के अधिकांश जनपदों के लिए जारी रेड तथा ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए शासन तथा जनपद स्तरीय अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा 24×7 अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य के सामने लगातार चुनौतियां बनी हुई हैं और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। भूस्खलन के दृष्टिगत मार्गों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा मैदानी क्षेत्रों में जल भराव की आशंका को देखते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने शासन तथा जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आपदाओं में बेघर हो गए हैं, सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके बेहतर से बेहतर पुनर्वास के लिए हर स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्रता से कार्य करते हुए मैदानी जनपदों में पुनर्वास किए जाने के विकल्पों पर भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में हम सभी प्रभावित भाइयों-बहनों की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। राज्य सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि हम उनकी भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से भी अपेक्षा की कि उनके दुख को अपना दुख मानकर, उनके पुनर्वास और जीवन को सामान्य बनाने के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करें।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनपदों में अधिकारी फील्ड में रहें और राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करें। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, हेमंत बिष्ट, रोहित कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव लोनिवि पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, मंडलायुक्त विनय शंकर पाण्डेय, दीपक रावत बैठक में वर्चुअल शामिल हुए।

तमक में बैली ब्रिज जल्द बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे में तमक नाले में बहे पुल को लेकर बीआरओ के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पुल राज्य के साथ ही देश के लिए भी सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जल्द से जल्द बैली ब्रिज बनाकर यातायात को सुचारू किया जाए। उन्होंने कहा बीआरओ को यदि राज्य के स्तर से किसी भी प्रकार की मदद की दरकार है तो वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग श्री पंकज कुमार पांडेय को बीआरओ के अधिकारियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए।

गंगोत्री हाईवे को यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने यात्रा प्रारंभ होने से पहले गंगोत्री हाइवे को सुरक्षित बनाने तथा बेहतर स्थिति में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से यात्री एक भरोसे के साथ चार धाम यात्रा के लिए आते हैं, उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाना हमारा कर्तव्य है, इसमें ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनः दोहराया कि बरसात समाप्त होने के बाद सभी सड़कों में पेचवर्क तथा नई सड़क बनाने का कार्य हर हाल में प्रारंभ हो जाए। इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि टेंडर तथा अन्य जो भी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं, उन्हें इसी बीच पूरा कर लिया जाए।

हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में रिवर चौनेलाइजेशन जरूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में बनी झीलों की स्थिति तथा जल निकासी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्यानाचट्टी में झील के जलस्तर में पुनः वृद्धि की सूचना मिली है, वहां 24×7 नजर रखी जाए तथा राहत एवं बचाव दल हर वक्त वहां तैनात रहें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पुल को किसी प्रकार का खतरा न हो। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देश दिए कि झील के जलस्तर को कम करने तथा अधिक मात्रा में झील से जल निकासी के लिए समुचित प्रयास किए जाएं। उन्होंने स्यानाचट्टी के लोगों की सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखने तथा बिजली पानी की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में काफी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिसे नदी से हटाया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर मड डिस्पोजेबल साइट्स बनाने तथा वहां मलबे को डंप करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने को भी कहा है।

नदियों के जलस्तर पर रात्रि में भी रखी जाए नजर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले कुछ दिनों में नदियों के जलस्तर पर गहन निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय भी पहाड़ी तथा मैदानी इलाकों में नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखी जाए। लोगों को सचेत किया जाए और कोई भी खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट

दिनांक 01.09.2025 को राज्य के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, तथा हरिद्वार जनपदों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने के साथ कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी वर्षा/गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (रेड अलर्ट)। साथ ही राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा / गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने /वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)। वहीं दिनांक 02.09.2025 को राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा/गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/ वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)।

सीएम धामी के नेतृत्व में भूस्खलन से बंद हुई सड़कों पर यातायात हुआ बहाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और सतत निगरानी में प्रदेश में आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। भारी बारिश व मलबा आने से प्रदेश में कुल 1827 स्थानों पर सड़कें बाधित हुई थीं। इनमें से 1747 सड़कों को खोला जा चुका है, जबकि 80 सड़कों पर कार्यवाही गतिमान है। इस प्रकार मलबे और भूस्खलन से बंद हुई अब तक 95.62 प्रतिषत सड़कों पर यातायात बहाल किया जा चुका है।

जहाँ-जहाँ मलबा आने की संभावना थी, वहाँ पहले से ही जेसीबी और आवश्यक संसाधनों की तैनाती की गई थी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाए। परिणामस्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें तेज़ी से खोली जा रही हैं और लोगों को राहत मिल रही है।

ज्ञातव्य है कि इस वर्ष प्रदेश में पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक बारिश हो रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री धामी स्वयं लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और राहत व बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार लगातार सक्रिय है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सड़क, बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी विभाग समन्वय बनाकर त्वरित राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।