सीएम से सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर भेंट कर राज्य के पेंशनरों की विभिन्न मांगों के समाधान का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने समिति द्वारा प्रस्तुत मांगों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ समुचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सेवानिवृत्त कार्मिकों के हितों की रक्षा एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक हमारी धरोहर हैं और उनकी बेहतरी के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने 30 जून और 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त कार्मिकों को नोशनल वेतनवृद्धि दिये जाने से संबंधित समिति की मांग पर शीघ्र उचित निर्णय लेने का आश्वासन देते हुए समिति की मांगों पर कार्मिक सचिव को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के मुख्य संयोजक सुमन सिंह वाल्दिया के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने सेवानिवृत्त कार्मिकों को जनवरी 2006 से नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ दिए जाने के साथ ही राशिकरण की कटौती, हिमांचल की तर्ज पर पेंशन बढोत्तरी तथा गोल्डन कार्ड से संबंधित मांग प्रस्तुत की। प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक सचिव नवीन नैथानी, हरीश चन्द्र नौटियाल, आर.पी.पन्त आदि भी सम्मिलित थे।

समिति के पदाधिकारियों ने सेवानिवृत्त कार्मिकों की मांगों पर मुख्यमंत्री द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के स्तर से हुई संवाद की पहल सराहनीय है। राज्य के समूचे बुजुर्ग पेंशनर्स के बीच एक उत्साहजनक संदेश गया है।

अंकिता मामले में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों को सरकार देगी सुरक्षा, सभी जांच के लिए तैयार : सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण विवाद पर स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले या अन्य व्यक्ति, विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट, एसआईटी जांच को सही मानते हुए, सीबीआई जांच से इनकार कर चुकी है। लिहाजा सिर्फ अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उनियाल ने कहा, बेटी के साथ हुई इस घटना से समूची देवभूमि दुखी थी। मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए, धामी सरकार ने तत्काल महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी फोरेंसिक और व्यवहारिक सबूतों को एकत्र किया गया और न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई। पीड़ित परिवार की सहमति से की गई इस तरह कार्रवाई की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं लेने दी गई। इस सबके आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।

जहां तक सवाल है, सीबीआई जांच का तो, सरकार किसी भी जांच से गुरेज नहीं है, लेकिन विश्वसनीय साक्ष्य सामने तो आएं। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया में आरोप लगाने वाले व्यक्तियों से भी में विशेष अनुरोध है कि वे सामने आकर, साक्ष्य प्रस्तुत करें। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, और उनके ही नहीं किसी अन्य पक्ष के पास भी कोई पुख्ता साक्ष्य हैं तो जांच एजेंसी को सौंपे। यदि उनमें थोड़ी सी भी सच्चाई पाई गई तो उसमें बड़ी से बड़ी जांच के लिए सरकार तैयार है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रकरण की विवेचना के बाद जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए न्यायालय पहुंचा था। तो ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी एसआईटी द्वारा की गई कार्यवाही को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। तीनो न्यायालयो ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नही किया गया है और विवेचना में कोई वीआईपी होना पाया भी नहीं गया। उपरोक्त केस की पैरवी ट्रायल कोर्ट में मृतिका के परिजनों की इच्छानुसार नियुक्त विशेष अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई थी व उनके द्वारा वीआईपी व विवेचना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नही की गई थी।

इसी तरह क्राइम सीन पर बुल्डोजर चलाने के आरोप पर स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना, मृतका के कमरे की तोड़ फोड़ से पूर्व ही एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिये थे। लिहाजा कहीं कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की दृष्टि से भी यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है। वहीं विवेचना के दौरान कई बार आम जन से अपील की गई थी कि किसी के पास इस प्रकरण के सम्बन्ध में साक्ष्य हों तो उपलब्ध करायें और किसी के भी द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे।

उन्होंने वर्तमान में सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुख्ता सबूत सामने आने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। लेकिन उससे पहले इस तरह का निर्णय, सजायाफ्ताओं को फायदा पहुंचा सकता है। क्योंकि आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया ऑडियो वीडियो में दुखद मौत के कारण को लेकर दोहरी बयानबाजी की गई है, उसकी न्यायालय में प्रस्तुति, अभियुक्तों की जमानत का रास्ता भी खोल सकती है। लिहाजा कहीं न कहीं अन्य पक्षों द्वारा जा रही इस तरह की कोशिशें दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।वर्तमान में वायरल रिकार्डिंग में कोई समय और तिथि स्पष्ट नहीं है।
इसमें व्यक्ति द्वारा अंकिता की सुसाइड की बात कहना अभियुक्त को फायदा पंहुचाने की नीयत से कहा गया, ऐसा प्रतीत होता है। क्योकि अपराधी पूर्व में हत्या के आरोप मे सजा पा चुके हैं। मामला अभी अपील पर है, इस प्रकार के तथ्य लाना अभियुक्तों को फायदा पंहुचा सकता है।

जो फिलहाल रिकार्डिंग सामने आई है उसके किसी सुनियोजित तरीके से किए जाने की आशंका है और इसको जानबूझकर लीक करने की योजना मालूम पड़ती है। रिकार्डिंग में बिना किसी साक्ष्य के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हे व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय प्रतीत होता है।

लिहाजा सरकार का मानना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इसलिए जब तक आरोप लगाने वाले व्यक्ति, कोई विश्वसनीय सबूत प्रस्तुत नहीं करते हैं तब तक जल्दबाजी में कुछ भी निर्णय करना, पूरी कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रही।

सीएम धामी ने 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र किए प्रदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है तथा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार पोक्सो एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएँ पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमान, आईजी योगेन्द्र सिंह रावत एवं पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने रेडक्रास सोसाइटी द्वारा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की राज्य मैनेजिंग कमेटी ने महासचिव जे.एन. नौटियाल एवं चेयरमैन ओंकार बहुगुणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री धामी से मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने रेडक्रास सोसाइटी द्वारा मानवता की सेवा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंदों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में रेडक्रास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेडक्रास की गतिविधियों को और अधिक व्यापक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर बल देते हुए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा-संवेदनशील राज्य है, ऐसे में रेडक्रास जैसी संस्थाओं के साथ समन्वय कर मानवीय सेवा कार्यों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।

इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश पिंगल एवं रेडक्रास के ब्रांड एंबेसडर मनीष कसनियाल उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधार यात्रा सुगम एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किए जाने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ में यात्रा मार्ग एवं दर्शन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को पहचान कर निराकरण किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान और वापसी तक का सुखद अनुभव लेकर जाना चाहिए। हमें इस स्तर की तैयारियां करनी हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन टोकन देते समय मंदिर में अभी किस नंबर का दर्शन चल रहा है, इसकी जानकारी डिस्प्ले पर मिलनी चाहिए। इस बार चारधाम यात्रा के लिए इसकी अनिवार्य रूप से व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। टोकन लेते समय श्रद्धालु को दर्शन में लगने वाला सम्भावित समय भी बताया जाना चाहिए। उन्होंने व्हील चेयर और चलने में अक्षम श्रद्धालुओं के लिए गोल्फ कार्ट एवं ऑल टेरेन व्हीकल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक एवं उपयुक्त जानकारी प्राप्त हो इसके लिए विभिन्न प्रकार की जानकारियों के लिए जगह-जगह साईनेज और क्यू आर कोड आधारित सूचना पटल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों के लिए सर्टिफाईड गाईड व्यवस्था उपलब्ध करायी जानी चाहिए। उन्होंने गाईड प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पर्यटन विभाग कार्ययोजना तैयार करे।

मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ रोपवे संचालित होने के बाद केदारनाथ मंदिर परिसर, गौरीकुंड एवं सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव बढ़ने की सम्भावना को देखते हुए अभी से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने इसके लिए केदारनाथ मंदिर परिसर क्षेत्र विस्तार और गौरीकुंड एवं सोनप्रयाग में पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं के लिए क्षेत्र विस्तार की सम्भावनाओं को तलाशे जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. वी. षणमुगम, धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग प्रतीक जैन एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित है।

उपलब्धि: खनन सुधारों में उत्तराखण्ड का उत्कृष्ट प्रदर्शन, देश में दूसरा स्थान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। उल्लेखनीय प्रदर्शन और लगातार सुधारों के चलते केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया है।

धामी सरकार ने खनन क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। इनमें ई-नीलामी प्रणाली, सेटेलाइट आधारित निगरानी, सख्त अनुपालन व्यवस्था, अवैध खनन पर रोक को आधुनिक माइनिंग सर्विलांस सिस्टम का सुदृढ़ीकरण मुख्य है। साथ ही खनन लॉट के आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। इन खनन सुधारों के परिणामस्वरूप आज खनन क्षेत्र प्रदेश सरकार की आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। ₹300 करोड़ के राजस्व ₹1200 करोड़ पहुंच गया है।

खनन सुधारों में शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत उत्तराखंड को ₹200 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की है। यह धनराशि माइनर मिनरल्स सुधारों और स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स से जुड़े सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए दी गई है।

कोट–

खनन सुधारों के लिए उत्तराखण्ड को विशेष प्रोत्साहन राशि दिए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। यह सहयोग उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सतत विकास को नई गति देगा। राज्य सरकार इस राशि का उपयोग खनन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण-संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी बनाने में करेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

सीएस की अध्यक्षता में हुई नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की संचालन समिति की 6वीं बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) की संचालन समिति की 6वीं बैठक सम्पन्न हुयी। समिति की बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश एवं काशीपुर के वायु गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सभी सम्बन्धित विभागों एवं एजेन्सियों द्वारा गम्भीरता से कार्य किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने एनसीएपी द्वारा स्वीकृत कार्ययोजना और प्रत्येक गतिविधि की टाईमलाईन प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि अपने अपने कार्यक्षेत्र में वायु प्रदूषण के सभी घटकों पर कार्य करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, स्वीकृत कार्ययोजना पर कार्य करने हेतु शहर स्तरीय समितियों और राज्य स्तरीय समिति की निर्धारित समय पर बैठकें आयोजित कराते हुए कार्ययोजना का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं शहरी विकास विभाग आदि को अपने स्तर पर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने आमजन में जागरूकता के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाने की बात कही। साथ ही, वृक्षारोपण अभियान आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने के उपाय करने के साथ ही वातावरण में प्रदूषण की सही जानकारी उपलब्ध कराया जाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन तक शहर के वायु प्रदूषण की जानकारी विभिन्न स्थानों पर डिजिटल डिसप्ले में प्रदर्शित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर, सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं एमएनए नगर निगम देहरादून नमामि बंसल सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एंजेल चकमा के पिता से की फोन पर वार्ता कर सीएम ने जताया दुःख, आर्थिक मदद भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर, एंजेल की हत्या पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है, ईनाम घोषित करते हुए उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने तरुण चकमा से कहा कि इस घटना पर वो व्यक्तिगत तौर पर दु:खी हैं। इस स्थिति में परिवार के दु:ख को समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कभी भी इस तरह का माहौल नहीं रहा है, यहां देश- विदेश के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। इसलिए यह घटना हम सबके लिए भी कष्टपूर्ण है। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होने कहा कि घटना के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनकी बात हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की सहायता के लिए वो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे, साथ ही उत्तराखंड सरकार भी परिवार की हर संभव सहायता करेगी।

उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए पहली किश्त के रूप में रूपये 4 लाख 12 हजार 5 सौ की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। यह धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अन्तर्गत स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के लिए यह प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून को भेजा गया था। इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी विकासनगर एवं पुलिस उपाधीक्षक विकासनगर देहरादून की संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त कर जिलास्तरीय समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया को तुरंत संपन्न कराते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अंतर्गत उक्त आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ ही प्रथम किस्त का चैक एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा को भेज दिया गया है।

किसान दिवस के उद्घाटन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।

राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण और अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह का होगा निर्माण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेमलडाला पीपलकोटी में 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्रीविशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है तथा देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

*इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग में पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग को बदलकर नंदा-सुनंदा मार्ग रखे जाने तथा राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण एवं अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह की घोषणा की।*

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार,अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।