लायंस क्लब से जुड़ी महिलाओं ने आईटीबीपी जवानों की राखी बांधी

रक्षाबन्धन भाई-बहिन के प्यार का त्यौहार है जिसमें भाई बहिन की हर परिस्थिति में रक्षा करने का वचन देता है। सीमा पर तैनात जवान पूरे देश की रक्षा करते है लेकिन रक्षाबन्धन समेत तमाम त्यौहारों में अपनी बहिनों से उन्हे दूर रहना पड़ता है। ऐसे में लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल की महिला इकाई द्वारा आईटीबीपी के जवानों के साथ रक्षा बंधन का त्योहार मनाया गया। लायंस क्लब रॉयल की महिलाओ ने राखियॉ लेकर आईटीबीपी कैम्प में फौजी भाइयो को हाथों से बनाई राखी बांधी। लायंस क्लब रॉयल की महिला इकाई की क्लब कॉर्डिनेटर लायन कोमल मखीजा का कहना है कि राखी के त्योहार में बहन अपने भाई को राखी बांधती है। बदले में उनसे यह उम्मीद करती है कि वह उसकी हर बुराई से रक्षा करे और हमारे देश के सैनिक ही सही मायनों में हमारे रक्षक है। जो कि हमारी व भारत माता की रक्षा सीमा पर रह कर कर रहे है। वह अधिकतर त्योहार में अपने घर परिवार से दूर होते है। इस लिए उनके क्लब के द्वारा इस वर्ष रक्षा बंधन का त्योहार उनके साथ मनाया।

फेसबुक पेज से जनता के बीच जायेगी उत्तराखंड सरकार

सोशल मीडिया में जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के मकसद से आज फेसबुक के पॉलिसी प्रोग्राम मैनेजर (साउथ एशिया) नितिन सलूजा ने राज्य के सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारियों केे साथ सोशल मीडिया पर जनता के साथ सीधा और प्रभावी संवाद स्थापित करने पर चर्चा की। सचिवालय में आयोजित कार्यशाला में सलूजा ने अधिकारियों को बताया कि कैसे सोशल मीडिया के जरिए जनता के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करके उनकी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर उत्तराखण्ड, देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिसका हर विभाग फेसबुक के माध्यम से जनता से जुड़ा हो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देशों के अनुसार सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी अपने अपने विभागों के फेसबुक पेज बनाएंगे और फेसबुक के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुनेंगे। अधिकारी विभागों के फेसबुक पेज दिन प्रतिदिन विभागों की उपलब्धियों को अपडेट करेंगे।
कार्यशाला में बताया गया कि अधिकारियों को विभागों की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी फेसबुक पर अपडेट करनी होगी जिससे सोशल मीडिया के जरिए जनता को इनकी जानकारी मिल सके और जनता योजनाओं का लाभ ले सके। विभागों के फेसबुक पेज पर जनता की शिकायकतों को भी सुना जा सकता है और उनका त्वरित निस्तारण भी किया जा सकता है। विभागों को बेहतर क्रियान्वयन के लिए जनता अलग अलग विभागों के फेसबुक पेज पर सीधे अपने सुझाव दे सकती है, जिससे जनता के प्रति विभागों की जवाबदेही पहले से ज्यादा असरदार हो जाएगी। फेसबुक की पहुंच आज दुनिया के कोने कोने तक है इस वजह से फेसबुक पेज का इस्तेमाल करके विभागों की पहुंच हर घर तक, खासतौर से युवा वर्ग तक आसानी से हो सकती है।

हत्या के बाद सीसीटीवी की डीबीआर भी ले उड़े बदमाश

रुड़की कोतवाली सिविल लाइंस इलाके बेलड़ी गांव मे बदमाशों ने एक पाइप फैक्ट्री के गोदाम में दो चौकीदारों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। दोनों चाचा-भतीजे थे। गोदाम का सामान सलामत होने का कारण हत्या का कारण उलझ गया। वहीं, हत्यारे सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए।
रुड़की निवासी रमेश का बेलड़ी गांव में उत्तराखंड पाईप के नाम से गोदाम है। इस गोदाम की सुरक्षा के लिए चौकीदार मेघराज (40) और इंद्र सिंह (70) रात को गोदाम में ही सो रहे थे। मेघराज इंद्र सिंह का भतीजा था। दोनों रुड़की कोतवाली के अंतर्गत शेरपुर गांव के रहने वाले थे। 
बताया जा रहा है कि सुबह एक ट्रक चालक सामान लेकर गोदाम पहुंचा तो मुख्य गेट खुला मिला। इस पर वह भीतर गया तो वहां बिस्तर पर इंद्र सिंह और मेघराज के शव मिले। दोनों के शरीर पर कई स्थानों पर घाव के निशान थे।
इस पर चालक ने गोदाम स्वामी को सूचना दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक गोदाम का सामान सुरक्षित है। हालांकि बदमाश सीसीटीवी की डीबीआर साथ ले गए। ऐसे में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। मेघराज दिव्यांग था। दोनों करीब दो साल से गोदाम में चोकीदारी कर रहे थे। 

हिन्दू है जिम्मेदार तो जिन्ना ने पाकिस्तान की क्यों की थी मांग

पाकिस्तान अपने राष्ट्रवादी नजरिए के मुताबिक इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का काम कर रहा है। इसके लिए इतिहास की किताबों को हथियार बनाते हुए यह बताया जाता है कि जब 70 साल पहले भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान हुए खून-खराबे के लिए हिंदू जिम्मेदार हैं।
पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत के स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली सरकारी मान्यता प्राप्त ग्रेड पांच की इतिहास की किताबों में हिंदुओं को ‘हत्यारा’ बताया गया है, जिन्होंने मुसलमानों का नरसंहार किया, उनकी संपत्ति जब्त कर ली और उन्हें भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के 17 साल के नोमान अफजल ने अपनी इतिहास की किताब में लिखे एक उत्तर का जिक्र करते हुए कहा, वे हमें नीचा समझते थे, इसलिए हमने पाकिस्तान बनाया।
महात्मा गांधी के अध्याय, इस बात का साफ उदाहरण है कि सीमा के दोनों और बंटवारे को कितना अलग-अलग तरीके से पेश किया गया है। पाकिस्तान में आजादी के लिए गांधी के संघर्ष का कुछ खास जिक्र नहीं किया गया है, जबकि भारत में उन्हें ‘वन मैन आर्मी’ के तौर पर पेश किया जाता है।

लगातार बारिश से बीन नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बीन नदी उफान पर है। ऐसे में बीन नदी में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहां उफनती नदी में कई बार वाहन फंसने से यात्रियों की जान मुसीबत में फंस चुकी है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गंगा भोगपुर से आगे बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग के बीच में पड़ने वाली बीन नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहे वाहन बमुश्किल पार हो सके।
खतरे की आशंका को देखते हुए लक्ष्मणझूला थाना पुलिस ने हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले वाहनों को रोक दिया। यातायात बाधित होने पर नदी के इस पार और उस पार वाहन खड़े गए और जलस्तर कम होने का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे नदी का जलस्तर घटा तब जाकर मार्ग पर बाधित यातायात सुचारू होने पर रास्ते में फंसे यात्रियों ने राहत महसूस की। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि बीन नदी के उफनाने से बैराज चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब दो घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। जलस्तर कम होने पर वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात की गई है।

अयोध्या रामजन्म भूमिः देश दुनिया की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकेगी

देश विदेश में अयोध्या का नाम सुनते साथ ही हिन्दूओं की आस्था के प्रतीक श्रीराम की तस्वीर उभर कर सामने आ जाती है। इस मामले में नया घटनाक्रम यह है कि अब अयोध्या रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 11 अगस्त से करने का फैसला किया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 3 जजों की स्पेशल बेंच तैयार की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने का सुझाव दिया था। ये एक ऐसा विवाद है, जिसकी आंच में भारतीय राजनीति आजादी के बाद से ही झुलसती रही है। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी, जिसका मुकदमा आज भी लंबित है।
आपकों बताते चले कि देश की आजादी से पूर्व इस स्थान को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। एक ओर हिन्दू इसे श्री राम की जन्म स्थली बताकर राम मंदिर का निर्माण करना चाहते है वहीं मुस्लिम इसे बाबरी मस्जिद बताकर अपना पक्ष रख रहे है। दोनों के दावे अब तक कई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गये है। पूर्व में इलाहाबाद कोर्ट ने उक्त स्थान की खुदाई करवाकर जिस पक्ष के अवशेष मिलेंगे, उसका दावा पुख्ता माना जायेगा कहा था। जिस पर खुदाई के दौरान हिन्दूओं से संबधित अवशेष मिले जिस पर कोर्ट ने इस स्थान को हिन्दुओं का माना। मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे किये।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने का सुझाव भी दिया। लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नही आ सका। अब फिर सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई 11 अगस्त से करने का फैसला किया है। अब देश दुनिया की नजरें फिर से हिन्दुस्तान की ओर होंगी। सुप्रीम कोर्ट के ट्रायल और फैसले से देश की राजनीति में इसका सीधा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अनुमति के शटडाउन नही होगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को गत वर्ष के राजस्व में न्यूनतम 200 करोड़ रूपये की वृद्धि करने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जे0ई0 और ए0ई0 ही नही बल्कि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर भी फील्ड में दिखें। विद्युत चोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाय और विशेष रूप से बड़े बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाय। बिजली चोरी रोकने तथा राजस्व वृद्धि के लिये जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी जो वर्षो से एक ही जगह पर जमे हों उनका स्थानांतरण किया जाय। बिना एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अनुमति के शटडाउन न किया जाय। जब भी किसी आवश्यक कार्य के लिए बिजली शटडाउन लेना हो तो उसका जनता में व्यापक प्रचार किया जाए। अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से बिजली आपूर्ति में बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। जूनियर इंजीनियर से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक की चरित्र पंजिका में उनकी परफॉर्मेंस बिजली सप्लाई की नियमितता के आधार पर भी देखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य की सौर ऊर्जा नीति में 5 मेगावाट तक के प्रोजेक्ट केवल उत्तराखण्ड के निवासियों के लिए रखने के निर्देश दिये। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा। बताया गया कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से राज्य में 597 मिलियन यूनिट बिजली की खपत कम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजाऊ भूमि पर सोलर प्लाण्ट परियोजनाए न लगाई जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली सप्लाई में ए0टी0 एण्ड टी0 (एग्रीगेट टेक्निीकल एण्ड कमर्शियल लॉसेस) को कम किया जाए। वर्ष 2016-17 के 16.72 प्रतिशत हानियों को इस वर्ष अधिकतम 15 प्रतिशत तक सीमित किया जाय। उल्लेखनीय है कि एक प्रतिशत ए0टी0 एण्ड टी0 हानियां कम होने पर राज्य को लगभग 100 करोड रुपए तक की बचत होगी। जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की घटनाएं अधिक होती है, उन्हें चिन्हित कर वहां ओवरहेड लाइनों को ए0बी0 केबिलों से बदला जाए। इस वर्ष 2000 कि0मी0 ओवरहेड एल0टी0 लाइनों को ए0बी0 केबिलों से बदले जाने का लक्ष्य है। बताया गया कि राज्य के 15745 आबाद ग्रामों में 15681 विद्युतीकृत है। मुख्यमंत्री ने शेष 64 ग्रामों को इस वर्ष के अंत तक विद्युतीकृत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ सीमांत इलाकों में लगभग 8000 घरों हेतु सोलर ब्रीफकेस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत उत्पादन की आधुनिक एम0आई0एस0टी0 (मिस्ट) तकनीकि का अध्ययन कर किसी एक स्थान पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश भी दिए। उत्तराखंड जल विद्युत निगम को इस वर्ष के लिए निर्धारित 4876 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन लक्ष्य को बढ़ाकर कम से कम 5000 मिलियन यूनिट करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जल विद्युत परियोजनाएं न्यायालय वाद या किसी अन्य कारण से रुकी हुई हैं, उनके अतिरिक्त बाकी योजनाओं पर निगम पूरा ध्यान केंद्रित करें। बताया गया कि 120 मेगावॉट ब्यासी परियोजना वर्ष 2018 दिसम्बर तक तैयार हो जायेगी। उत्तरकाशी की पिलंगाड-1 (2.25 मेगावॉट) योजना इस वर्ष दिसम्बर तक पूरी हो जायेगी। चमोली में उरगम (3.0 मेगावॉट) तथा पौड़ी में दुनाव (1.5 मेगावॉट) योजना अगस्त के अंतिम सप्ताह से प्रारम्भ हो जायेगी। दुनाव परियोजना टेस्टिंग प्रक्रिया में है। राज्य के दस हजार से कम जनसंख्या वाले 36 शहरों में 192 करोड़ की लागत से बिजली सुधारीकरण किया जाना है। इस वर्ष अप्रैल से जून तक बिजली चोरी के लगभग 486 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अप्रैल-जून अवधि के बिजली आपूर्ति की नियमितता और अवधि में सुधार हुआ है। बैठक में सचिव ऊर्जा राधिका झा, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आधार के बिना अब नही बनेगा डेथ सर्टिफिकेट

अब आधार कार्ड भी हमारे जीवन के साथ-साथ जीवन के बाद भी जरुरी होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि एक अक्टूबर से डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार नंबर दर्ज करना होगा, तभी डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया। सरकार का दावा है कि इससे कदम से फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सकेगा। गृह मंत्रालय का यह नया फरमान पहली अक्टूबर से पूरे देश में लागू होगा। जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय को इससे फिलहाल दूर रखा गया है। डेथ सर्टिफिकेट हासिल करने वाले को मृतक का आधार नंबर या फिर आधार का पंजीकरण दर्ज कराना होगा। जिसके पास आधार नंबर नहीं है उस पर गृह मंत्रालय का कहना है कि ऐसे में डेथ सर्टिफिकेट में यह दर्ज रहेगा कि मृतक का आधार कार्ड नहीं है। इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा है कि इस बारे में कोई भी गलत जानकारी देना एक अपराध माना जाएगा। मृतक के आधार के साथ-साथ उसके करीब सदस्य जैसे, पति-पत्नी, माता-पिता या फिर बेटा-बेटी का भी आधार नबंर डेथ सर्टिफिकेट के लिए दर्ज कराना होगा।
गृह मंत्रालय के तहत कार्य करने वाले रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय ने कहा कि आधार का उपयोग रिश्तेदारों या आश्रितों या मृतकों की परिचितों के परिजनों द्वारा दिए गए विवरण की सटीकता सुनिश्चित करने में होगा। यह पहचान धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक प्रभावी तरीका प्रदान करेगा। यह मृत व्यक्ति की पहचान दर्ज करने में भी मदद करेगा। इसके अलावा, यह मृत व्यक्ति की पहचान को साबित करने के लिए कई दस्तावेज तैयार करने की आवश्यकता को खत्म कर देगा।

टमाटर के बाद अब प्याज की कीमतें भी रुलायेंगी

टमाटर की कीमतों के बाद प्याज की कीमतें भी आम आदमी को परेशान कर सकती है। पिछले एक महीने में प्याज की कीमतों में तीन गुना वृद्धि हुई है और आने वाले दिनों में ये कीमतें और भी बढ़ने का अनुमान जताया जा रहा है। इसके पीछे नासिक में प्याज की थोक मंडियों में प्याज की कीमतों में लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है। नासिक के लासलगांव मे प्याज के प्रति कुंतल दाम 1,240 रू से बढ़कर 2,340 रू प्रति कुंतल तक पहुंच गए हैं।
एशिया की सबसे बड़ी थोक सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में पिछले एक महीने में प्याज की कीमतें तिगुनी हो चुकी हैं। व्यापारियों का कहना है कि सबसे अधिक प्याज नासिक से आता है। लेकिन इस बार ये प्याज बाढ़ग्रस्त इलाको में और दक्षिण भारतीय राज्यों में चला गया है। जिस वजह से वहां पर भी दाम बढ़ गए हैं और आने वाले वक्त में आम आदमी को प्याज की दोगुनी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

फसल का सीधा भुगतान अब खातों में आयेगा

उत्तराखंड में देहरादून सहित प्रदेशभर की 10 मंडियों में फसलों के दाम अब ऑनलाइन ही तय होंगे। क्योकि अब ये मंडियां राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जुड़ जाएंगी। देश की मंडियों को जोड़ने के लिए 14 अप्रैल, 2016 को ई-नाम की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में राज्य की 5 मंडियों को आपस में जोड़ा गया था।
दूसरे चरण में देहरादून के अलावा रुड़की, विकासनगर, रामनगर, हल्द्वानी, खटीमा, जसपुर, टनकपुर, बाजपुर और मंगलौर मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेज दिया है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मंडी से 4,000 से ज्यादा व्यापारी और 10,000 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। मंडी के साथ ये लोग अब ई-नाम से भी जुड़ जाएंगे। ई-नाम के जरिए किसानों को उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियां मोबाइल मैसेज के जरिए मिला करेंगी। इसके अलावा मंडी में आने वाले उत्पादों की जांच मंडी लैब में ही होगी और किसानों को फसल का सीधा भुगतान उनके खातों में आएगा।
दून मंडी समिति ने ई-नाम के लिए मंडी में सर्वर रूम भी तैयार कर लिया है। केंद्र से बजट मिलते ही निरंजनपुर मंडी ई-नाम से जुड़कर काम करना शुरू कर देगी। जिसका सीधा फायदा किसानों और व्यापारियों को मिलेगा।