देहरादून में नागर विमानन सम्मेलन-2025 में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित होटल में आयोजित नागर विमानन सम्मेलन-2025 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और उत्तर भारत के नागर विमानन मंत्रियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के नागर विमानन क्षेत्र में आई ऐतिहासिक प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और दुर्गम क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़कर न केवल आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स का विकास किया जा रहा है, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हेली सेवाएं उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी हैं। चाहे आपदा प्रबंधन हो, स्वास्थ्य सेवाएँ हों या तीर्थयात्रा, हेलीकॉप्टर सेवाओं ने इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुविधा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री धामी ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्रालय से पर्वतीय राज्यों के लिए एक पृथक “पर्वतीय विमानन नीति” बनाने का आग्रह किया, जिसमें विशेष वित्तीय सहायता, संचालन हेतु सब्सिडी, पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त एटीसी नेटवर्क, सटीक मौसम पूर्वानुमान, स्लॉटिंग और आपदा-पूर्व तैयारी जैसे प्रावधान शामिल हों। मुख्यमंत्री ने सभी ऑपरेटरों से भी पर्वतीय उड़ानों के लिए विशेष पायलट प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों का कठोर पालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के कैबिनेट मंत्री गौतम कुमार, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन और संबंधित राज्यों के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश के भीतर सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा कर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में प्रदेश के भीतर सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश के अंतर्गत एनएच पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की सड़कों की स्थिति और प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने एनएच पीडब्ल्यूडी की सड़कों की बॉटल नेक की जानकारी लेते हुए उन्हें दुरुस्त किए जाने के लिए शीघ्र योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन एवं वन्यजीव संस्तुतियों के लिए लगातार केन्द्र एवं राज्य स्तरीय सम्बन्धित विभागों से अनुवर्तन करते रहने की बात भी कही। कहा कि एनएच पीडब्ल्यूडी द्वारा लम्बित मामलों में सम्बन्धित जिलाधिकारियों और फारेस्ट के साथ लगातार बैठकें आयोजित करते हुए लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया जाए।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश बाईपास में बायपास को ऋषिकेश से शिवपुरी तक बढ़ाए जाने हेतु कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र के स्तर से प्राप्त होने वाली स्वीकृतियों के लिए लगातार प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कलियासौड़ रिअलाइनमेंट और जोशीमठ बाईपास रिअलाइनमेंट कार्य पूर्ण किए जाने के लिए टाईमलाइन निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के लिए लगातार उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कार्यों को समय से पूरा किए जाने के लिए जिन कार्यों को समानांतर शुरू किया जा सकता है, उन्हें शुरू कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने एनएचएआई के अंतर्गत बन रही सड़कों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के बल्लुपुर पोंवटा साहिब पैकेज 1 और 2, झाझरा-आशारोड़ी 4 लेन, हरिद्वार बायपास सहित विभिन्न स्तरों पर चल रहे प्रोजेक्टों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाएं।

सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लम्बाई 3589.99 किमी है, जो एनएच पीडब्ल्यूडी के पास 2028.19 किमी, बीआरओ के पास 986.8 किमी, एनएचआईडीसीएल के पास 130 किमी और एनएचएआई के पास 445 किमी है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग के कुल 53 कार्य होने हैं, जिनमें से 47 को स्वीकृति प्राप्त है। 42 कार्य अवार्ड किए जा चुके हैं, जिनमें से 30 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 12 कार्यों पर कार्य गतिमान है। 5 कार्य अवार्ड होने बाकी हैं और 6 कार्य स्वीकृत होने बाकी हैं।

इस अवसर पर अपर सचिव विनीत कुमार एवं रीजनल ऑफिसर एनएचएआई विशाल गुप्ता एवं पीडी एनएचएआई पंकज भी उपस्थित थे।

सीएम ने एक पेड़ मॉं के नाम अभियान के तहत हरिद्वार में किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला नियन्त्रण भवन परिसर हरिद्वार में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत रूद्राक्ष के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिग तथा पर्यावण असंतुलन को रोकने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि माँ और प्रकृति दोनों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। यह अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता।

स्वच्छता अभियान में शामिल हुए मुख्यमंत्री

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीसीआर के पास गंगा घाट पहुॅचकर सफाई एवं स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग करते हुए स्वंय झाड़ू लगाकर स्वच्छता का सन्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कावड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गंगा का नमन करते हुए देश व प्रदेश की सुःख, शान्ति एवं समृद्धि की कामना की।

श्रद्धालुओं से मिलकर ली यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी

विभिन्न राज्यों से आये श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अचानक अपने बीच पाकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाये। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शालीनता, विनम्रता व सादगी की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने बाहरी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं से सीधे संवाद करते हुए यातायात, रूकने, खान-पान सहित विभिन्न व्यवस्थाओं तथा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिस पर सभी श्रद्धालुओं द्वारा अपने यात्रा अनुभव साझा करते हुए देवभूमि तथा व्यवस्थाओं को अच्छा बताया।

इस दौरान सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, ममता राकेश, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जेसल, अनीता जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, उपाध्यक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनय रोहेला, दर्जा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, श्यामवीर सैनी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, मधु सिंह, महामंत्री बीजेपी आशु चौधरी, व्यापार मण्डल प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव नेयर, महानगर व्यापार मण्डल अध्यक्ष सुनील सेठी, मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, मण्डलायुक्त विनय शंकर पाण्डे, सचिव डॉ.पंकज कुमार पाण्डे, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पन्त, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा का संदेश देने का हो प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिये उत्तराखंड कांवड़ सेवा एप बनाए जाने के निर्देश दिए है इसमें कांवड़ियों की सभी डिटेल उपलब्ध कराई जाए। इस एप का उपयोग हर वर्ष आयोजित होने वाले कांवड़ यात्रा के दौरान किया जा सकेगा, इस से कांवड़ यात्रा पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।

मेला नियन्त्रण भवन हरिद्वार में उच्चाधिकारीयों के साथ कांवड मेला-2025 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के सकुशल एवं सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस एवं अन्य सम्बन्धित विभागों को चाक चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे राज्य जहां से अधिकांश कावड़िए आते हैं। उन राज्यों से परस्पर समन्वय, रियल टाइम डाटा शेयरिंग और सुरक्षात्मक दृष्टि से सभी आवश्यक इनपुट्स साझा किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को आगामी कुंभ मेले का ट्रायल बताते हुए कहा कि ये अनुभव आगामी कुंभ मेले भी काम आएंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि कावड़ यात्रा मार्गाे पर किसी भी तरह का अतिक्रमण न हो। उन्होंने कावड़ यात्रा से पहले सभी प्रकार के अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों में सुरक्षा ,मानकों का अनुपालन कराने के साथ ही फूड लाइसेंस और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा मार्ग पर स्थित होटलों के नाम व होटल स्वामियों के नाम भी अनिवार्य रूप से लिखे हो एवं ओवर रेटिंग की शिकायत आने पर संबंधित होटल स्वामियों पर शक्ति से करवाई की जाए। उन्होंने कहा शराब तथा मीट से संबंधित एसओपी का भी इस दौरान सख्ती से पालन हो।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष हमने क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा का संदेश देना है। उन्होंने कहा स्वच्छता हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जिसके लिए संपूर्ण कावड़ मार्गाे पर हर घंटे सफाई अभियान चलता रहे। हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और आस पास के क्षेत्रों में हर 1-2 किलोमीटर पर मोबाइल टॉयलेट, कूड़ा निस्तारण के लिए विशेष गाड़ियों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कांवड़ रूट पर हर 2 से 3 किलोमीटर के अंदर स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएं, जिससे आम जन को सहूलियत हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कावड़ियों की सुविधा को देखते हुए स्थानीय निकायों के सहयोग से रैन बसेरों, टेंट सिटी, आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाए। यात्रा मार्गाे पर आर.ओ टैंकर, वाटर एटीएम की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा बीते सालों के अनुभवों के आधार पर पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कावड़ यात्रा से संबंधित सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए श्क्या करें और क्या नहीं करेंश् की जानकारी यात्रा मार्गों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कावड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। सीसीटीवी और ड्रोन से नियमित निगरानी हो। कांवड़ रूट का जीआईएस मैपिंग आधारित ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए और ए.आई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एस.डी.आर.एफ, एन.डी.आर.एफ की तैनाती, बारिश और भूस्खलन की पूर्व चेतावनी प्रणाली सक्रिय की जाए। साथ ही संवेदनशील घाटों पर एनाउंसमेंट सिस्टम भी मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा संपूर्ण हरिद्वार क्षेत्र में खोया पाया केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाए ।

जिला अधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने बताया कि इस वर्ष कावड़ मेला 11 से 23 जुलाई तक आयोजित होगा। इस वर्ष मेले को कुल 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टर में बांटा गया है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों की सहूलियत अनुसार यातायात व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने बताया चार धाम जाने वाले श्रद्धालु, स्थानीय लोगों एवं कावड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग यातायात व्यवस्थाएं भी लागू की गई है।

बैठक में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, ममता राकेश, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जेसल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, पंकज पांडेय, विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पांडे, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनय रूहेला, दर्जा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, श्यामवीर सैनी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

फ्लोटिंग पापुलेशन हेतु सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नीति आयोग से विशेष ग्रांट का आग्रह

सीएम धामी ने कहा कि जल्द ही दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड शुरू हो जाने पर राज्य में भारी संख्या में पर्यटकों की आने संभावना को देखते हुए राज्य सरकार नियोजन की चुनौती पर अभी से पूरी सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहर की ट्रैफिक समस्या और भविष्य की जरूरत को देखते हुए 26 किमी रिस्पना- बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया हैद्य सीएम ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फ्लोटिंग पापुलेशन हेतु सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नीति आयोग से विशेष ग्रांट का आग्रह किया गया हैद्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है। हम एसडीजी इंडेक्स में पहले स्थान पर रहेद्य जीईपी लागू करने वाले सबसे पहले राज्य बने। यूसीसी लागू करने वाले भी सबसे पहले साहसी राज्य बनेद्य हम अपनी 6500 एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवा चुके हैं। राज्य में निरंतर विकास के नवाचार अपनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में फोटोग्राफर भूमेश भारती की कॉफी टेबल बुक “एरियल विस्टाज़ ऑफ उत्तराखंड” का विमोचन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित छायाचित्रकारों, कला एवं प्रकृति प्रेमियों सहित उपस्थित सभी महानुभावों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भूमेश भारती जी ने 15 वर्षों की अथक साधना, समर्पण और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ उत्तराखंड की प्रकृति और संस्कृति को इस अद्वितीय फोटोग्राफी संकलन द्वारा साकार रूप दिया है। भूमेश जी केवल एक फोटोग्राफर नहीं हैं बल्कि वे एक ऐसे कलाकार हैं, जो प्रकृति के सौंदर्य को आत्मा की गहराई से अनुभव करके अपने कैमरे के माध्यम से दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह कॉफी टेबल बुक जो भी देखेगा, वो न केवल उत्तराखंड की नैसर्गिक सुंदरता से अभिभूत होगा, बल्कि उसे देखने के लिए उत्तराखंड की ओर खींचा चला आएगा।

नई पर्यटन नीति से डेस्टिनेशन उत्तराखंड” स्थापित होगा वैश्विक पर्यटन मानचित्र -मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में हमने डेस्टिनेशन उत्तराखंड” को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से “नई पर्यटन नीति के अंतर्गत निवेशकों को आकर्षित करने हेतु अनुकूल वातावरण तैयार करने में सफलता प्राप्त की है।

राज्य में दो स्पर्चुअल जोन हो रहे तैयार- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। आज जहां एक ओर केदारखंड की भांति मानसखंड कॉरिडोर को भव्य रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध रूप से कार्य भी किया जा रहा है। इस वर्ष से हमने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की है जिसको प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दिनों हर्षिल- मुखबा के दौरे पर आए थे। हम राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।

उत्तराखंड बना मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में फिल्म शूटिंग को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम भी प्रारंभ किया है। साथ ही हम उत्तराखंड में शूटिंग करने पर फिल्म निर्माताओं को विशेष सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी प्रदान कर रहे हैं। हमारे इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से हमारे चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, वीसी दून विश्वविद्यालय सुरेखा डंगवाल, वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा, प्रदेशभर से आए फोटोजर्नलिस्ट मौजूद रहे।

यूपी और उत्तराखंड के बीच मामलों का उत्तर प्रदेश के अधिकारियों संग जल्द समाधान निकालेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों के मामलों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन मामलों में दोनों राज्यों के बीच पिछली बैठक में सहमति बनी थी, उनमें से जिन मामलों में कार्यवाही गतिमान है, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनका जल्द समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोनों राज्यों के अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों के मामले में जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक करेंगे।

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की पिछली बैठक के बाद जिला उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार में स्थित जलाशयों/नहरों में वाटर स्पोर्टस की अनुमति दी जा चुकी है। सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा विद्युत बिलों के रूप में 57.87 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम द्वारा उत्तराखण्ड मत्स्य पालन विकास अभिकरण को 3.98 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। वन विकास निगम उत्तराखण्ड को दी जाने वाली देयताओं का आंशिक भुगतान किया गया है। परिवहन निगम की अवशेष राशि का भुगतान किया गया जा चुका है। आवास विभाग के अन्तर्गत आवास विकास परिषद की परिसम्पत्तियों के निस्तारण का निर्णय हुआ है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. नीरज खेरवाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

ई-डीपीआर मॉड्यूल से की जाए सभी डीपीआर तैयारः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य एवं जनहित से जुड़ी योजनाओं सहित राज्य सरकार के कर्मियों की समस्याओं एवं मुद्दों पर चर्चा करते हुए विभिन्न दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को अपने विभागों के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों के लिए ई-डीपीआर मॉड्यूल को लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-डीपीआर के माध्यम से डीपीआर तैयार किए जाने से लेकर सरकार तक पहुंचने तक की गतिविधि ई-डीपीआर के माध्यम से की जाए। उन्होंने कहा कि ई-डीपीआर का क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग को शत-प्रतिशत रूप से ऑनलाइन किया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यूकेपीएफएमएस के माध्यम से सभी कर्मियों की सर्विस बुक डाटा को अपडेट किया जाए। उन्होंने कहा कि आईएफएमएस डेटा का डिजिटाइजेशन शीघ्र किया जाए। इसके लिए आईएफएमएस मैकेनिज्म को मजबूत किए जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं वाहन चालकों के जीपीएफ सम्बन्धी डेटा को भी लगातार अपडेट किए जाने के निर्देश दिए हैं।

ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक को विभागों एवं जनपदों में किया जाए 100 प्रतिशत लागू
मुख्य सचिव ने सभी सचिवगणों को अपने-अपने विभागों के अंतर्गत 100 प्रतिशत ई-ऑफिस शीघ्र लागू किए जाने के निर्देश दोहराए। उन्होंने जनपद स्तरीय कार्यालयों को भी शीघ्र ई-ऑफिस पर शिफ्ट किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, विभागों में 100 प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिर्फ शुक्रवार सायं
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा जिलाधिकारियों को अलग-अलग दिन अलग-अलग समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित कर के अनावश्यक रूप से व्यस्त रखा जाता है। इस समस्या के निस्तारण एवं जिलाधिकारियों को अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए मुक्त रखे जाने हेतु शुक्रवार सायंकाल का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों के अतिरिक्त जिन भी विभागों को जिलाधिकारियों के साथ बैठक करनी हैं, वे प्रत्येक शुक्रवार सायंकाल जिलाधिकारियों के साथ आयोजित होने वाली बैठक में अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी बैठकों के एजेण्डा पॉइन्ट्स पूर्व में ही जिलाधिकारियों को साझा किए जाएं।

मुख्य सचिव ने शीघ्र ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय नियुक्ति के कार्यक्षेत्र (विकासखण्ड, तहसील और जिला मुख्यालय) को गोद लेने की प्रक्रिया में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने विभागों के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की लगातार समीक्षा किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कैंपा फंड का उपयोग राज्य में वनों पर आश्रित समुदायों के कल्याण को करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा (क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) शासी निकाय की बैठक हुई। बैठक में कैंपा निधि के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैंपा फंड का उपयोग राज्य में वनों के सतत प्रबंधन, वानिकी विकास, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा वनों पर आश्रित समुदायों के कल्याण के लिये किया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में ग्रीन बढ़ाने हेतु, कैम्पा फंड इस्तेमाल किए जाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से भी अनुमति प्राप्त करने की कार्यवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए। वन क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवीकरण को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाए। इसके लिए वन विभाग के साथ पेयजल, जलागम, ग्राम्य विकास और कृषि विभाग संयुक्त रूप से कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने वनाग्नि रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के जरिए व्यापक रणनीति बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के कार्य में केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर पौधों के सर्वाइवल रेट पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कैंपा निधि से संचालित परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। इसमें फलदार, औषधीय गुणों से युक्त पौधे अधिक लगाये जाएं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के लिए जन सहभागिता सुनिश्चित की जाए और लोगों को एक पेड़ मां के नाम लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि गौरा देवी की जन्म शताब्दी पर वन विभाग द्वारा सभी डिवीजन में फलदार पौधे लगाए जाएं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि स्थानीय लोगों को वन संरक्षण के कार्यों से जोड़ने के लिए स्वरोजगार और आजीविका आधारित कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि वन संपदा के सतत उपयोग और संरक्षण में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।

बैठक में विधायक भूपाल राम टम्टा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा, सचिव राधिका झा, चन्द्रेश कुमार, एस एन.पाण्डेय, श्रीधर बाबू अदांकी और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी अपने कार्यकाल के पांचवें वर्ष महिलाओं को देने जा रहे ठोस उपहार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अपने कार्यकाल के पांचवें साल में उत्तराखंड की महिलाओं को महिला नीति का ठोस उपहार देने जा रहे हैं। उत्तराखंड की पहली महिला नीति जल्द कैबिनेट में आ सकती है। इसके जरिए सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए नीतिगत रोडमैप तैयार करेगी। इससे पहले बीते चार साल के दौरान भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां एक तरफ महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, वहीं पहली बार सहकारी समितियों में भी महिला आरक्षण लागू कर, हर स्तर पर महिला नेतृत्व उभारने का प्रयास किया। इसी तरह महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के लिए महिला सारथी योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, लखपति दीदी जैसी कल्पनाशील योजनाएं धरातल पर उतरीं।

01 – सरकारी नौकरी में आरक्षण
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर लागू कर दिया है। इस आरक्षण का लाभ उन सभी महिलाओं को मिल रहा है, जिनका उत्तराखंड राज्य का अधिवास (डोमिसाइल) है। राज्य सरकार के इस कदम के बाद सरकारी कार्यालयों में महिला कार्मिकों की संख्या में सुधार हो रहा है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद 10 जनवरी 2023 से महिला आरक्षण विधिवत लागू कर दिया गया है।

02 – सहकारी समितियों में आरक्षण
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर दिया है। उत्तराखंड में निकाय और पंचायतों में पहले से ही महिला आरक्षण दिया जा रहा है, अब सहकारी समितियों में महिला आरक्षण लागू होने से सभी स्तर पर महिला नेतृत्व उभरने का रास्ता साफ हो गया है। ग्रामीण स्तर पर सक्रिय सहकारी संस्थाओं में महिला आरक्षण लागू किए जाने को गेम चेंजर माना जा रहा है।

03 – स्वरोजगार के लिए मौके
धामी सरकार ने इसी महिला दिवस 08 मार्च, 2025 से देहरादून जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर महिला सारथी योजना भी लागू की है, इसके तहत राज्य की महिलाएं ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर चलाकर यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही सरकार लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, ड्रोन दीदी योजना के जरिए भी महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रही है।

’मातृशक्ति उत्तराखंड के समाज की रीढ़ की हड़्डी हैं। हमारी सरकार का मानना है कि बिना महिलाओं को सशक्त किए, समाज का आगे बढ़ना मुश्किल है, इसलिए महिलाओं को समर्पित कई योजनाएं संचालित हो रही हैं, जो आगे चलकर गेम चेंजर साबित होंगी। इसी क्रम में अब हम जल्द महिला नीति भी लेकर आ रहे हैं।’
पुष्कर सिंह धामी,
मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

प्राकृतिक संसाधन किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर, देहरादून में आयोजित ऑल इण्डिया ऑइल सैक्टर मीट कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इकॉनमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी में समन्वय के साथ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। राज्य में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया रहा है। प्रदेश में टिहरी, कोटेश्वर, पीपलकोटी, लखवाड़, विष्णुगाड़ जैसी जल विद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड को ऊर्जा हब में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य में जियो थर्मल के क्षेत्र में अनेकों संभावना है, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्राकृतिक संसाधन किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईंधन, राष्ट्र के विकास के साथ ही हमारी दैनिक आवश्यकताओ को भी पूरा करता है। देश में कच्चे तेल का कुल उत्पादन का 70 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस उत्पादन का 84 प्रतिशत योगदान देकर ओएनजीसी भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प हमारे सामने रखा है। देश 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए पेट्रोलियम भंडार की स्थापना की गई है। ग्रीन हाइड्रोजन के साथ सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ऊर्जा के कई वैकल्पिक स्रोतों पर कार्य किया जा रहा है। इन सभी प्रयासों ने भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में सक्षम बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेल एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में अनेक कार्य किए गए हैं। वन नेशन, वन ग्रिड के अंतर्गत गैस पाइप लाईनों का विस्तार किया जा रहा है। गैस वितरण प्रणाली को विस्तार देकर पहले से सुविधाजनक बनाया गया है। बायो सीएनजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उज्ज्वला गैस योजना जैसी योजनाओं ने समाज में क्रांति लाने का काम किया है। तेल उत्पादन के लिए कई नीतियां भी लागू की गई है। भारत ने विदेशों में भी तेल एवं प्राकृतिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ाया है। उन्होंने कहा ओएनजीसी ने उत्तराखंड कई ऐसे कार्य किए हैं, जिसका लाभ राज्य को मिल रहा है।

इस अवसर पर अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ हिरान्मय पंड्या, अनुपम, गोपाल जोशी, नीरज शर्मा, पवन कुमार, देवेंद्र बिष्ट, सुमित सिंघल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।