ओलंपिक केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समर्पण, साधना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया एवं खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन खेल भावना, एकता और शांति के मूल्यों को समर्पित है। ओलंपिक केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समर्पण, साधना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुए है। भारत अब खेलों में केवल भागीदार नहीं, बल्कि विजेता के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में भारत ने 107 पदकों के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, वहीं ओलंपिक 2020 के लिए भारत के 126 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया, जो देश में खेल पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को ’खेलभूमि’ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों, खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी तथा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नीति के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी, खेल भत्ता, तथा उत्तराखंड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटा लागू किया गया है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 3900 तथा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2155 खिलाड़ियों को डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई प्राविधान किये गये हैं। राज्य में खेल इन्फ्रास्टक्चर का तेजी से विकास हुआ है। 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर उत्तराखण्ड को मिला, जिसमें उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों का सराहनीय प्रदर्शन रहा है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, अपर निदेशक खेल अजय अग्रवाल और खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पेयजल, टॉयलेट, सफाई, पार्किंग आदि मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही बरतने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में कांवड़ मेला की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों और कार्यदाई संस्थाओं को कांवड़ मेले के संचालन से संबंधित सभी तैयारियां को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि व्यवस्थित कांवड़ मेले में बाधक बनने वालों (नशे में लिप्त, उत्पात मचाने वालों, हिंसक प्रवृति को बढ़ावा देने वालों) पर सख्ती की जाए तथा मेले के दौरान बड़े डीजे साउंड पर प्रतिबंध लगाया जाए।

उन्होंने नगर निकायों को नियमित साफ सफाई, शौचालय व पार्किंग, जल संस्थान को पेयजल की निर्बाध सप्लाई, फूड सेफ्टी विभाग को खानपान की चीजों की नियमित देख- रेख, और पूर्ति विभाग को किसी भी तरह की ओवर रेटिंग पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि साफ- सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग इत्यादि में यदि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभाग और संबंधित कार्यदाई संस्था पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव ने समय रहते संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की बैठक करते हुए उनको आवश्यक दिशा – निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने सिंचाई विभाग को विभिन्न स्नान घाटों और पुलों पर बेहतर साफ- सफाई और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कांवड़ मेला की अवधि 11 जुलाई से 23 जुलाई तक रहेगी। पंचक अवधि 13 से 17 जुलाई तक, डाक कावड़ 20 से 23 जुलाई तक तथा जलाभिषेक (श्रावण शिवरात्रि) 23 जुलाई को होगा।

बैठक में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा कांवड़ मेले के केंद्र बिंदु हरिद्वार कांवड़ के सफल संचालन हेतु की गई तैयारियों, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था इत्यादि का विवरण प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया।
यातायात के प्रबंधन के लिए विभिन्न रूट, स्थाई – स्थाई पार्किंग, जनपद में आने वाले तथा अन्य जगह जाने वाले वाहनों के अनुरूप रूट डाइवर्जन प्लान इत्यादि से अवगत कराया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने अवगत कराया कि कांवड़ मेले के प्रबंधन हेतु इसको 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टर में विभाजित किया गया है।

कांवड़ मेले के संचालन से संबंधित चुनौतियों तथा उनसे निपटने के लिए किए जाने वाले स्थाई- अस्थाई निर्माण कार्यों की आवश्यकता और उससे संबंधित बजटीय प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।

देहरादून, पौड़ी और टिहरी जनपदों द्वारा भी अपनी तैयारी और बजटीय आवश्यकताओं से अवगत कराया।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरुगेशन, आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पांडेय, महानिरीक्षक के एस नग्नयाल सहित जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, देहरादून, पौढ़ी व टिहरी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

जिस ब्रिटेन ने दो सौ सालों तक राज किया, उसे पीएम मोदी ने देश की आज़ादी के 75 सालों में पछाड़ दियाः अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के 11 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मोदी सरकार के 11 सालों को स्वर्णिम बताते हुए उनके कार्यों को जनता के सामने रखा।

रायवाला में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के ये 11 साल आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव के स्वर्णिम युग के रूप में जाने जाएंगे। पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया है और भारत को एक पहचान दी है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के 65 साल के शासन और अस्थिर सरकारों में आम लोगों का विश्वास उठ गया था और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा था, पीएम मोदी ने पिछले 11 वर्षों में इसे बहाल किया है। कहा कि जिस ब्रिटेन ने भारत पर दो सौ सालों तक राज किया, उस ब्रिटेन को मोदी जी ने देश की आज़ादी के 75 साल के अमृत महोत्सव पर पछाड़ दिया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि भारत का निर्यात कई गुना बढ़ा है। साल 2027 में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। देश में 3 लाख 80 हज़ार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण 11 सालों में हुआ है। आज हम हर दिन कई किलोमीटर के हाईवे का निर्माण कर रहे हैं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि नमो भारत, अमृत भारत, वंदे भारत से लेकर मेट्रो तक का बड़ा काम हुआ। किसानों के लिए सरकार ने बीज, खाद, सिंचाई, बीमा से लेकर हर मुद्दे पर काम किया है, उनकी आमदनी को कई गुना बढ़ाने का काम हुआ है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, कमल कुमार, सतपाल सैनी, सागर गिरी, दिव्या बेलवाल, बीना बंगवाल, बबीता कमल कुमार, गणेश रावत, शिवानी भट्ट, शकुंतला कुकरेती, कमलेश भंडारी, माया डबराल, अनीता भट्ट आदि उपस्थित रहे।

भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज ऑडिटोरियम में भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड द्वारा आयोजित युवा कार्यकर्ता सम्मेलन एवं संघ के स्वर्णिम सत्तर वर्षों का समापन समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकुल के इतने बड़े संस्थान में एक बड़ा सेन्टर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन, अध्यात्म, शिक्षा, आयुर्वेद ज्योतिष ध्यान के क्षेत्र में एक केन्द्र बने। इसके लिए घोषण की कि मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की स्थापना इस ऋषिकुल में की जायेगी, जिसमें योग, ध्यान एवं अध्यात्म आदि अनेक विधाओं का अध्ययन किया जायेगा। इससे स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारतीय मजदूर संघ एक विस्तारित रूप में संगठित है, संगठन कों सुरूआती दौर में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। 23 जुलाई 2025 को यह संगठन अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सात दशक की यात्रा में तपस्या एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिए एवं स्वदेशी विचारधारा को लिए हुए संगठन ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने श्रम योगी से राष्ट्र योगी बनने का मार्ग प्रशस्त किया। देश की आजादी के बाद देश में संसाधनों की कमी थी लेकिन हमारे श्रमिकों द्वारा राष्ट्र निर्माण में जो कार्य किया है वह अविश्वसनीय है। आज देश में संसाधनों की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि 7 दशक पूर्व देश में श्रमिकों द्वारा संचालित आंदोलनों पर विदेशी विचारधारा से प्रभावित होने के कारण स्वदेशी विचारधारा शून्य रहती थी। उस समय आंदोलनो में वंदे मातरम एवं भारत माता की जय का उद्घोष करने पर विकट स्थिति उत्पन्न हो जाया करती थी। संगठन एक विशाल वृझ बनकर श्रमिकों के हितों के लिए कार्य कर रहा है। संगठन ने देश के श्रमिकों, विद्यार्थियों, एवं युवाओं को एक नई विचारधारा दी है। आज हमारी सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक योजनाओं के अंतर्गत कार्य कर रही है, देश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार द्वार चलाए जा रहे श्रम पोर्टल पर करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। हमारी सरकार श्रमिकों के हितों के इएसआई, इएफओं, बीमा की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ श्रमिकों का कल्याण कर रही है। श्रमिक भाइयों के हितों के लिए कई योजनाएं लागू की है उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा स्वास्थ्य एवं मोबाइल की सुविधा दे रही है, उनके 75 मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु रुद्रपुर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में उच्च तकनीकी शिक्षा प्रदान करा रही है, जिन्हें, शिक्षा, आवास भोजन पूर्ण रूप से निःशुल्क उपलब्ध करा रहे है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

उन्होंने कहा कि श्रमिक केवल श्रम के साधक ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के पथ निर्माता भी हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की विशेष भूमिका रहने वाली है।

उन्होंने कहा विश्व का सबसे युवा देश भारत है, जिसकी आबादी का 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया गया, सही मार्गदर्शन मिलेगा तो जल्दी हमारा देश महाशक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्किल इण्डिया के लिए पहली बार डिपार्टमेंट बनाया। यह अभियान युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी हमारी सांस्कृति विरासत भी पुनरोत्थान की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संशक्त समृद्ध राष्ट्र के संकल्प के साथ विकसित और आत्म निर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्रमेव जयते के मन्त्र को धरातल पर उतारते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर अनेक काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक ऐंसी योजनाएं लाई जा रही हैं, जिसके कारण से समाज के अन्तिम छोर पर काम करने वाले हमारे श्रमिक भाई, उनका उत्थान हो, कल्याण हो, हर प्रकार से उनकी प्रगति हो, वह भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि देश के 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों के सरलीकरण के उद्देश्य से उनकों चार व्यापक श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण करते हुए औपचारिक अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा गया है। जिसके माध्यम से करोड़ो श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हुई है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए श्रमयोगी मानधन योजनान्तर्गत एक हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। श्रमिकों के लिए आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा कार्ड, स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। सरका यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों को किसी भी स्तर पर उपेक्षित न रहना पड़े, कहीं परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट विभाग की स्थापना की गई है, सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में अनेक कार्य किये जा रहे हैं उन्हें भगवान रामचंद्र का जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर निर्माण कार्य, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान का कार्य एवं वर्ष 2013 में आई श्री केदारनाथ में भीषण आपदा के बाद श्री केदारनाथ का पुनः निर्माण कार्य हो इन सब के निर्माण में हमारे श्रमिकों द्वारा जितनी तेजी से इनका निर्माण कार्यों को सजाने सवारने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज उत्तराखंड चारधाम यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में अकल्पनीय बढ़ोतरी हुई है, इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अभी तक एक माह 21 दिन में 12 लाख से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं, वही चारों धाम में 33 लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी स्थान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कोई भी आतंकी घटना घटित होती है तो विश्व की नजर भारत की ओर रहती है भारत का स्टैंड क्या रहने वाला है। आज दुनिया में एक ही विचारधारा वाले देश आपस में युद्ध से प्रभावित हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना के शौर्य को पूरी दुनिया ने देखा हम वो देश नहीं जो सिर्फ टेबल टॉक करने वाले है, हमने सीधे दुश्मन के घर में घुस कर दुश्मनों के ठिकानों को नेस्तानाबूत किया, जिसका परिणाम यह रहा कि चार दिन में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, हमारी मिसाइलो ने दुश्मनों के आतंकवादी ठिकानो को चुन-चुन कर तबाह किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद पर हमारी सरकार शक्ति से कार्य कर रही है पहले कहीं भी कोई भी पीला, नीली हरी चादर बिछाकर एवं दूसरे तरीके से लैंड कब्जाने का कार्य करते थे, ऐसे लैंड माफियाओं से अभी तक हमारी सरकार ने 6500 एकड़ अवैध जमीन को मुक्त कराया एवं अवैध निर्माणों को हटाया गया है। जब भी हम दुनिया के दूसरे देशों में जाते हैं उनसे भेंट वार्ता करते हैं तो वे हमें पूछते हैं आप कहां से आए हैं अपना परिचय देते हुए जब हम कहते हैं हम भारतवर्ष के उत्तराखंड राज्य से आए हैं उनके के चेहरों के भाव बदल जाते हैं कहते हैं कि आपक देव भूमि उत्तराखंड से आए हो उस वक्त हमें गर्व अनुभूति होता है। देवभूमि के मूल अस्तित्व के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं कर सकता, हल्द्वानी की वन भूलपुरा में हुई दंगों को देखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में सशक्त दंगा कानून लाए इसके साथ ही पहले प्रदेश के प्रतिभावान छात्र, युवा चार-पांच साल से तैयारी में लगे रहने के बाबजूद भी चयन नहीं हो पता था नकल विरोधी कानून लाने से अब प्रदेश के प्रतिभावान छात्र एवं युवा तीन से चार प्रतियोगिता परीक्षाओं में चयन कर रहे है अब चयन का आधार नकल नहीं प्रतिभा है। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत कार्य कर रही है जो भी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने पद, कर्तव्यों एवं जानकल्याण के हितों के कार्यों में लापरवाही बरतेगा उन्हें बख्सा नहीं जाएगा, अब छोटी-बड़ी मछलियों के साथ ही बड़े-बड़े मगरमच्छो को भी नहीं छोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि 2022 से अभी तक हमारी सरकार ने 200 से अधिक जिन्होंने अपने कर्तव्य की प्रति ढलाई दिखाई उन्हें सजा दिलाई है। हमारी सरकार का जो संकल्प यात्रा है वह एक सामूहिक यात्रा का संकल्प है प्रदेश के सभी लोगों के संकल्प यात्रा का ध्वजको मेरे हाथों में सौंपा है, आज हमारा राज्य कई मामलों में अग्रणी है पूरे देश में कई फैसलो के मामले में उत्तराखंड अलग ही उदाहरण है। हमारी सरकार ने देश में रहने वाले कोई भी वर्ग, धर्म, पंथ का हो 2022 के आम चुनाव में घोषणा की थी कि महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु पूरे प्रदेश में 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता कानून लाये है, इस मामले में उत्तराखंड भारत का प्रथम राज्य बना। हमारे इस संकल्प में कोई विकल्प नहीं है।

कार्यक्रम में विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मेयर किरन जेसल, अखिल भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री रविन्द्र मितरे, प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश यूनियन महामंत्री सुमित सिंघल, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, लव शर्मा, आशु चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष शौभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति मूर्मु दून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में हुई शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का असली पैमाना यह है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति में करुणा और प्रेम के भाव सदैव से शामिल रहे हैं। राष्ट्रपति देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामने कई बाधाएं रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समावेशी दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण, परिवहन और सूचना तंत्र विकसित कर रही है, ताकि वे समान भागीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है। उन्नत तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। इस दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर में माडल स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी देखी।

राष्ट्रपति ने छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैफे इसका उदाहरण है कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने श्पर्पल फेस्टश् का भी जिक्र किया, जिसमें दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को समान अवसर दे, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे देश के विकास में सहभागी बन सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बन सकते हैं।

राष्ट्रपति ने बच्चों के बीच जन्मदिन मना कर दिया संदेश रू केंद्रीय मंत्री केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दृष्टिबाधित बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मना कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वंचित बच्चों के बीच जाकर अपना जन्मदिन मनाएं तो बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मंत्री ने बताया कि संस्थान में अब दृष्टिबाधित बच्चे विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष दो और इस वर्ष पांच छात्रों ने विज्ञान वर्ग में दाखिला लिया है।

यह संस्थान देशभर में एक आदर्श माडल बन रहा है और आगे मंत्रालय के सभी नौ संस्थानों में भी इसे शुरू किया जाएगा। दृष्टिबाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों की रोशनी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समर्थता दृष्टि में नहीं, संकल्प में होती है रू राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि समर्थता दृष्ट में नहीं, बल्कि संकल्प में होती है।

बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह राष्ट्र की नई चेतना व आत्मनिर्भर भारत के भाव को व्यक्त करता है। कहा कि इन बच्चों में वही ऊर्जा, वहीं क्षमता और वही जुनून है, जो एक सशक्त व विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। आज का भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि आप राष्ट्र सर्वाेपरी के मंत्र को आत्मसात करें।

नैनीताल राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरणः मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल स्थित राजभवन के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान दिलाने के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया।

नैनीताल स्थित राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। राजभवन की भव्य वास्तुकला, भू-संरचना और इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इस धरोहर स्थल को विशिष्ट बनाते हैं। राजभवन पर विशेष डाक टिकट जारी करने के अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को एक भारत-श्रेष्ठ भारत काफी टेबल बुक भेंट की।

यह काफी टेबल बुक राजभवन में मनाए जाने वाले प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस पर केंद्रित है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, उत्तराखंड की चीफ पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी उपस्थित रहे।

आत्मीयता से मिलीं राष्ट्रपति

नए कलेवर में निखरे राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी अतिथियों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत, विधायक खजानदास, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, प्रेमचंद शर्मा, बसंती बिष्ट व डा बीकेएस संजय, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी, सैन्य अधिकारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

योग हमारी प्राचीन विरासत का बहुमूल्य उपहारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन विरासत का बहुमूल्य उपहार है जो मनुष्य की मानसिक व शारीरिक शक्ति में वृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने में सहायता करता है। नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, जीवन को संतुलित बनाए रखने तथा असंभव लक्ष्य को पाने में विशेष भूमिका निभाता है। योग भारत की प्राचीनतम और समृद्ध परम्परा की एक पहचान है। पूरी मनुष्यता को हमारे ऋषि-मुनियों की यह महत्वपूर्ण देन है। योग साधना के द्वारा हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने मनुष्य की सुख शान्ति की राह प्रशस्त की है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। योग से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और आत्मबोध की एक प्रक्रिया है। यह हमारे मन को स्थिर कर चेतना की गहराइयों तक पहुँचाने का माध्यम है। हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग है। यही कारण है कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है जो भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग और आयुष की भूमि है। उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए नई योग नीति लाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति का मूल आधार ’’वसुधैव कुटुम्बकम’’ है। अनेकों वैश्विक चुनौतियों और षड्यंत्रों का सामना करने के बावजूद भारत ने कभी भी मानवीय मूल्यों से हटकर आचरण नहीं किया और हमारी इस लोक कल्याणकारी अवधारणा का आधार हमारी संस्कृति है, जिसके मुख्य स्तंभों में एक योग भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिये सम्मान की बात है कि पुलिस लाईन देहरादून में आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु उपस्थित रहेंगी। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य में मुख्य कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित किया जायेगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे।

विधायक अग्रवाल ने किया पूर्व संध्या पर योगाचार्यों का सम्मान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर क्षेत्रीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले योगाचार्यों को भी सम्मानित किया। साथ ही डा. अग्रवाल ने योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में डा. अग्रवाल ने श्रीदेव सुमन विवि के योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. जयप्रकाश कंसवाल, एसजीआरआर विवि के योग विज्ञान के विभागाध्यक्ष डा. सुरेंद्र प्रसाद रयाल, प्रवक्ता डा. चंद्रेश्वरी नेगी, योगाचार्य दिवाकर व्यास, उषा दवाण, स्वाति बंधानी, डा. पूजा नौटियाल, मंगलेश बिजल्वाण, अजय बैलवाल, डा. ममता रयाल को पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

डा. अग्रवाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और आत्मबोध की एक प्रक्रिया है। यह हमारे मन को स्थिर कर चेतना की गहराइयों तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने सदैव मानवीय मूल्यों को सर्वाेपरि रखा है और हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग है। यही कारण है कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है और भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग और ऋषि मुनियों की भूमि है। ग्राम स्तर तक सभी लोग योग से जुड़े, सरकार द्वारा इस दिशा में प्रयास किए गए हैं। योग से रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए नई योग नीति लाई गई है।

इस अवसर पर मंडल महामंत्री पुनीता भंडारी, पूनम डोभाल, शकुंतला कुकरेती, सुमित पंवार, शिव कुमार गौतम, अखिलेश मित्तल, विवेक चतुर्वेदी, दीपक नेगी, हर्ष पाल आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी मेहमानों का भराड़ीसैंण में किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण, गैरसैंण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सभी विदेशी राजनयिकों और सुप्रसिद्ध योगाचार्य का स्वागत किया। उन्होंने इस दौरान सभी को प्रतीक चिन्ह और उत्तराखंडी टोपी देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के उपस्थित राजदूत व अन्य उच्चधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड योग और आयुष की वैश्विक राजधानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आग्रह पर पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। 2014 में प्रधानमंत्री जी के आग्रह पर संयुक्त राष्ट्र संघ में 177 से ज्यादा देशों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की धरती से यह दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उन्होंने कहा उनके शब्द हमारे लिए प्रेरणा, दिशा और संकल्प का उदघोष है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का आयुष और वेलनेस सेक्टर के प्रति विशेष दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड को योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड का हिमालयी वातावरण, शुद्ध जलवायु, और आध्यात्मिक ध्यान और योग के लिए उपयुक्त है। हमारा राज्य वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन बनने की संपूर्ण क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में सदियों से योग और आयुर्वेद गहराई से समाहित है। यह धरती ऋषियों, योगियों और वैद्यों की साधना स्थली रही है। उत्तराखण्ड से औषधियों कच्चे जड़ी-बूटियों की आपूर्ति देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी की जा रही है। दुनिया के प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि निर्माता भी उत्तराखण्ड में अपने निर्माण कार्य कर रहे हैं। यहाँ की जैव विविधता में कुटकी, जटामांसी और तिमूर जैसी दुर्लभ और विशिष्ट औषधीय वनस्पतियों पाई जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड में 100 वर्ष से भी अधिक पुराने आयुर्वेदिक संस्थान संचालित है, जैसे ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेद महाविद्यालय, जिनके माध्यम से हम पीढ़ियों से आयुर्वेदिक ज्ञान का विस्तार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, योग और पंचकर्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड के पास अत्यंत प्रशिक्षित मानव संसाधन है। हमारा राज्य गुणवत्ता युक्त हिमालयी जड़ी-बूटियों की आपूर्ति एवं उनके एक्सट्रैक्ट का उत्पादन, प्रसंस्करण और साझा व्यापार किया जा सकता है। उत्तराखण्ड के पारंपरिक सुपर फूड्स जैसे मंडुवा, झंगोरा, भट्ट, बिच्छुघास, किलमोडा आदि का मूल्य वर्धन, पैकेजिंग कर वैश्विक आदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा जीवनशैली जनित विकारों, रोग निवारण और स्वास्थ्य संरक्षण पर संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार कार्य हम मिलकर कर सकते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी पूरे उत्तराखंड की झलक
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में संपूर्ण उत्तराखंड की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत नंदा देवी राज जात से हुई, इसके बाद उत्तराखंड की विभिन्न लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इनमें झोड़ा-छपेली लोकनृत्य, नाटी व अन्य लोकप्रिय नृत्य रहे, जिन्होंने गढ़वाली, कुमाऊनी, व जौनसारी संस्कृतियों से सभी को रूबरू कराया।

इस अवसर पर भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डाे डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण, विधायक अनिल नौटियाल, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रुहेला, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा नेता के उपचार को सरकार देगी मदद, उपचार के लिए सीएम ने फौरी तौर पर दी 50 हज़ार रुपये की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के उपचार के लिए 50 हज़ार की तत्कालिक धनराशि स्वीकृत की है। थपलियाल गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने थपलियाल की धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनसे कहा कि उपचार की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज भराड़ीसैंण में मौजूद हैं। कल उन्हें विश्व योग दिवस के अवसर पर भराड़ीसैंण में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करना है। चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के बीमारी की जानकारी मिलते ही धामी ने उनकी धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से पूछा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वसत किया कि उनके पति के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और इसकी पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। फौरी तौर पर मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 50 हज़ार की धनराशि भी स्वीकृत की है।