वीर बाल दिवस पर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

दूरस्थ क्षेत्रों को निःशुल्क जांच, परामर्श व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में अच्छा प्रयास: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से “ग्रामीण गढ़वाल समग्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना” के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों का फ्लैग‑ऑफ किया। यह परियोजना ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून ने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरु की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि लोग भौगोलिक और आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस पहल से दूरस्थ गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना आसान होगा। दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में यह अच्छा प्रयास है।

इस परियोजना का प्रथम चरण जनपद चमोली एवं टिहरी गढ़वाल में आरंभ किया गया है। जहां दो पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैनात किया गया है। इसके माध्यम से सामान्य चिकित्सा, 29 से अधिक निशुल्क पैथोलॉजी जांच, निःशुल्क दवा वितरण, नेत्र जांच, स्वास्थ्य परामर्श एवं रेफरल सेवाएं प्रदान की जायेंगी। हर मोबाइल यूनिट में डॉक्टर मौजूद रहेंगे l ये यूनिट गांव, कस्बों, स्कूलों और बाजारों में निर्धारित समय पर जाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी l इसके लिए जनपदों के अधिकारियों से सामंजस्य रखा जाएगा l
इस अवसर पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनसाला, डॉ. पुनीत त्यागी डॉ. एस.एल. जेठानी, मेजर जनरल (रिटा) ओ.पी सोनी एवं डॉ. सुभाष गुप्ता मौजूद थे।

सीएम ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिब्बती मार्केट, देहरादून स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में सासंद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से जो सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत उभर रहा है, यह अटल के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। उत्तराखंड विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोक सभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, दायित्वधारी विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खिलाड़ी मौजूद थे।

विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सीएम ने 508 करोड की धनराशि का अनुमोदन दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ त्रैमासिक किश्त हेतु कुल ₹ 315 करोड़ तथा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रथम एवं द्वितीय किश्त हेतु भारत सरकार से प्राप्त कुल ₹ 94 करोड की धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संबंधित त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को हस्तान्तरित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लिमिटेड के अन्तर्गत राज्य पोषित सरकारी भ्योल रूपसियाबगड जल विद्युत परियोजना (120 मे०वा०) के लिए कैट प्लान मद में एन०पी०वी०, क्षतिपूरक वनीकरण सहित वन भूमि की लीज हेतु ₹15 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के अन्तर्गत “Development of Ecololgical Corridor at Naik Goth for Disaster Resilience (Formerly Known as Development of Road From Kiroda Nallah to River Front and Reclamation of Land along Kiroda Nallah” के निर्माण हेतु ₹ 84 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ कृषि एवं कृषक कल्याण के अन्तर्गत मिशन फोर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजनान्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में वित्तीय एवं प्रशासिनक स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सीएम ने उत्तराखंड के एथलीट कलम सिंह विश्व को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विकासखंड देवाल, ग्राम सभा मुंदोली निवासी, भूतपूर्व सैनिक एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट कलम सिंह बिष्ट ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओमान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्यंत कठिन 120 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम सिंह बिष्ट की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। रेगिस्तानी और पथरीले मार्गों पर आयोजित इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया भर के हजारों एथलीट्स के बीच प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिष्ट पूर्व में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चौथी गढ़वाल राइफल में सेवाएं दे चुके हैं और उनका सैन्य अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समर्पण आज भी उनके व्यक्तित्व में परिलक्षित होता है। देश सेवा के बाद खेल के माध्यम से भी उन्होंने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को कलम सिंह बिष्ट के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलम सिंह बिष्ट के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। भेंट के दौरान अन्य भूतपूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।

रजत उत्सव संग सुरक्षित शीतकालीन यात्रा का संकल्प: धामी

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय “देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित कार्यक्रम” के अंतिम दिन के कार्यक्रम का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को रजत जयंती वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन सभी वीर शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन किया, जिनके संघर्षों के फलस्वरूप उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के निर्माण में महिलाओं की भूमिका विस्मरणीय रही है और आज वे ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आंदोलकारियों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पृथक राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले और उत्तराखंड के गांधी स्व. इंद्रमणि बडोनी की भी जयंती है बडोनी जी को नमन करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। देवभूमि रजत उत्सव से रजत जयंती वर्ष पर आयोजित देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा को प्रोत्साहन कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोया जा रहा है। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि सेवाओं को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया से देश को विकसित भारत बनाने का अभियान को गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मुखवा हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन कर आज पूरे वर्ष पर्यटन को गति दी जा रही है। आज हमारी सरकार एक जिला एक फेस्टिवल पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में गति लाने हेतु इन्वेस्टर समिट आयोजित कर 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश धरातल उतारकर औद्योगिक क्षेत्र को नई गति और सफलता प्राप्त की है। राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूह, शिल्प और बुनाई आदि को विशेष पहचान दी जा रही है। अर्थव्यवस्था को बढ़ाने हेतु होमस्टे, लखपति दीदी, वेडिंग डेस्टिनेशन आदि कार्यों को गति देकर उत्तरकाशी जनपद में ही आज 12 हजार से अधिक लखपति दीदी बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयास से ही आज उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में लगभग 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आज उत्तराखंड राज्य युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी देश में अग्रणी है अभी तक हमारी सरकार ने 26 हजार 500 से अधिक युवाओं को योग्यता एवं पारदर्शिता के साथ नौकरी दी है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के साथ अस्तित्व में आए झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों की तुलना में आज हम कुछ क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने हेतु 23 करोड़ की लागत से उत्तरकाशी में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बन रहा है। 46 करोड़ की राशि से पुरोला में उपजिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक गांव को सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल का कार्य भी अंतिम चरण में है जिससे यमुनोत्री से गंगोत्री की दूरी कम होकर आम नागरिकों को सहूलियत के साथ पर्यटन को एक नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना तो असंभव है परन्तु अपनी तैयारियों को बेहतर कर उनके नुकसान को कम कर सकते है जिसके लिए अधिक ऊंचाई पर स्थित झीलों की निगरानी हेतु निगरानी सिस्टम लगाने पर कार्य हो रहा है। धराली आपदा पीड़ितों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून, धर्मांतरण कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद आदि कानूनों को लागू कर सरकारी भूमि पर अवैध कबजे वाली भूमि को मुक्त कराया है और कहा कि देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी को भी छेड़–छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। यूसीसी को लागू कर सभी के लिए एक समान कानून की व्यवस्था की है।

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि उत्तराखंड 25 वर्ष पूरे कर आज हमारा राज्य शीतकालीन चारधाम यात्रा पर आधारित रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उत्तराखंड निर्माण का सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साकार किया था। जिसे आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश का अग्रणी राज्य बनाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु शीतकालीन यात्रा का प्रोत्साहन कर नई गति दी जा रही है।

आज कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता व स्कूली छात्र –छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही चित्रकला, रंगोली, नृत्य और निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र–छात्राओं को सम्मानित किया गया। देवभूमि रजत उत्सव पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनकर उभरी, जिसमें राज्य के पिछले 25 वर्षों के विकास सफर को चित्रों और वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है। ये डिजिटल प्रदर्शनियों ने लोगो को खूब अपनी और आकर्षित कर रही है। डिजिटल प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक, इंटरएक्टिव गेम्स एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को प्रदर्शित जा रहा है।
सायंकाल में आज देवभूमि रजत उत्सव समारोह में संगीता ढौंडियाल व पांडावाज बैंड की मनमोहक प्रस्तुति प्रस्तुत की जाएगी। बीते दो दिनों में अजय भारती समूह,अज्जू तोमर व श्वेता महारा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया है।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्य मंत्री राम सुंदर नौटियाल, प्रताप सिंह पंवार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. स्वराज विद्वान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी, प्रशुराम जगुड़ी, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल, अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान तैयार करते हुए कार्यवाही किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में शीतलहर की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को विभिन्न विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान भी तैयार करते हुए, उसके अनुसार कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों में बर्फबारी एवं पालाग्रस्त क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर लिया जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शीत़़ऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में अस्थाई रैनबसेरों की व्यवस्था एवं इसके लिए पृथक से नोडल अधिकारी नामित किया जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार कम्बलों के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपदों में चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं के लिये कार्यरत चिकित्सकों की सूची, मोबाईल नम्बर एवं आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने पशुओं के लिए भी पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था तथा दवाइयों का भण्डारण व आपातकालीन सेवाओं के लिए पशु चिकित्सकों की सूची तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने शीतऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन का मार्च माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने भारी बर्फबारी से प्रभावित होने वाले प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों में दिसम्बर माह के अंत तक खाद्य, पेयजल एवं ईंधन का भण्डारण अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने बर्फ से ढकी सड़कें खुलवाने हेतु आवश्यक उपकरणों, बर्फबारी/पालाग्रस्त स्थानों में साईनेज के साथ रिफलेक्टर आदि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा ट्रेंकिंग कराने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ बैठक आहूत करते हुए उनको स्पष्ट रूप से निर्देशित कर दिया जाए कि उनके द्वारा ट्रेकिंग पर भेजे जाने वाले पर्यटकों की पूरी तरह से सुरक्षा हेतु सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन

नाबार्ड व राज्य सरकार द्वारा देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, नरेश बंसल, राज्य सभा सांसद, खजान दास, विधायक, राजपुर, सौरभ थपलियाल, महापौर, नगर निगम, देहरादून, मेहरबान सिंह बिष्ट, निबंधक, सहकारी समितियां, उत्तराखंड, पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड, आदि उपस्थित थे।
यह दस्तावेज़ राज्य के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹65,916 करोड़ अनुमानित है, जो की पिछले वर्ष की तुलना में 20.50% अधिक है ।
जिला स्तर पर तैयार पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान (PLPs) के आधार पर तैयार यह दस्तावेज़ संतुलित कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए एक रोडमैप है, जिसमें कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन पहलों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। नाबार्ड ने राज्य सरकार को समावेशी विकास के लिए ऋण योजना और विकासात्मक हस्तक्षेपों में सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
राज्य फोकस पेपर बैंकों और नीति-निर्माताओं के लिए वार्षिक ऋण योजना (ACP) को अंतिम रूप देने और सतत विकास की रणनीतियाँ तैयार करने में एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने नाबार्ड की इस प्रयास की सराहना की तथा सभी हितधारकों को इस दस्तावेज़ को विभिन्न विभागों की योजनावों में समेकित करने के लिए प्रेरित किया।

नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी लाएं: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के नयी एवं गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

मुख्य सचिव ने 2022-23 में स्वीकृत पिथौरागढ़ – बागेश्वर एनएच 309 ए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का प्रस्ताव अभी तक भारत सरकार को ना भेजे जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम – नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण हेतु वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों के लिए डेटा अपलोड में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों में नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में तेजी जाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली पेंडिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठकों को नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा अपनी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न सड़कों की 3(जी) और 3(डी) की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न सड़कों के निर्माण में पेड़ कटिंग के लिए छपान और कटान की कार्यवाही में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 दिसम्बर तक कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी लगातार सम्पर्क कर नियमित प्रोजेक्ट्स का फॉला अप किया जाए।

मुख्य सचिव ने गतिमान प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एनएचएआई के कोटद्वार बाईपास, झाझरा – आशारोड़ी, हरिद्वार – नजीबाबाद एवं देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रवि शंकर, अपर सचिव विनीत कुमार एवं पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाए: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आईटीडीए को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

मुख्य सचिव ने सेवा का अधिकार के तहत् विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।