संत समाज दें सीएम त्रिवेन्द्र को अपना आशीर्वादः योगी

अपने गुरू गोरक्षनाथ के ऋषिकेश स्थित मंदिर पहुंच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरू गोरक्षनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर मौजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की योगी ने सराहना की। उन्होंने संत समाज से सीएम त्रिवेन्द्र सिंह को अपना आशीर्वाद देने को कहा। तभी सीएम त्रिवेन्द्र ने भी योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुये कहा कि योगी के सीएम बनने के बाद से ही गुंडाराज समाप्त हो गया है। राज्य की जनता अब सुकुन से रह पा रही है, तो वह सीएम योगी की बदौलत ही।

ऋषिकेश स्थित श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गुरु की मूर्ति का अनावारण यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड में जन्मभूमि रही है। मेरी भावनात्मक यादें यहां से जुड़ी है। उन्होंनें कहा कि पूरे देश को गंगा और यमुना उत्तराखंड की ही देन है।

उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की सराहना कर योगी बोले कि उत्तराखंड किस तरह से आध्यात्मिक और भौतिक रूप से समृद्ध बने इसके लिये प्रदेश सरकार गंभीर है। उन्होंने संत समाज से त्रिवेन्द्र सिंह रावत को अपना आशीर्वाद देने को कहा।

वहीं उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा योगी आदित्यनाथ समस्या के समाधान में विश्वास रखते हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के एक वर्ष के भीतर उन्होंने यूपी से गुंडाराज का खात्मा कर दिया। उन्होंने कहा कि संत किसी एक का नहीं, सबका होता है। पूरे देश में योगी हिंदुत्व की ध्वज पताका फैला रहे हैं।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ की बहन शशि को भाई के यहां आने की खबर मिली। तो वह अपने को रोक न सकी और पहुंच गयी अपने भाई यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने। योगी भी अपनी बहन को देख भावुक हो उठे और उन्हें अपने पास बुलाकर बातचीत कर हाल जाना। योगी बहन शशि ने बताया कि योगी के यहां आने की सूचना उन्हें मीडिया के जरिये मिली।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऋषिकेश पहुंच कर सर्वप्रथम श्री गोरक्षनाथ मंदिर में नाथ परंपरा के गुरु योगेंद्र शैलेंद्र शीलनाथ की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने बताया कि गुरु शील नाथ ने ऋषिकेश में समाधि ली।

मुजफ्फरनगर कांड की परत खुलेगी, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

राज्य के निर्माण के वक्त हुयी आंदोलनकारियों की हत्या व बलात्कार की घटना पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने जिला जज देहरादून से दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकार, सीबीआई और जिला जज देहरादून को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल को भी कहा है।

अधिवक्ता रमन शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मुजफ्फरनगर कांड की पुनः सुनवाई हो। साथ ही मामले के दोषियों को सजा मिलने और सीबीआई जांच हो। याचिका में कहा गया है कि मामले से जुड़ी फाइल गायब करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।

विदित हो कि उत्तराखंड राज्य के गठन से पूर्व आंदोलनकारियों ने आंदोलन किया था। जिन्हें मुजफ्फरनगर के आगे जाने ही नहीं दिया गया था। इस दौरान 28 आंदोलनकारियों की हत्या कर दी गयी थी। साथ ही महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटना भी सामने आई थी। 17 आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड की घटना सीबीआइ की रिपोट में सामने आई है। हांलाकि 1996 में सीबीआइ ने तत्कालीन डीएम मुजफ्फरनगर अनंत कुमार सिंह समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की।

लेकिन इसके खिलाफ 2003 में डीएम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने डीएम को राहत देते हुए मामले पर स्टे लगा गिया। जिसके बाद 22 अगस्त 2003 को हाई कोर्ट की एकलपीठ ने अपने फैसले को रिकॉल कर लिया। फिर मामले में सुनवाई नहीं हो सकी तो मामले से जुड़ी फाइल भी गायब हो गई। अब 24 साल बाद एक बार पुनः हाईकोर्ट ने मामले को उजागर किया है।

गैंगरेप पीड़िता बोली बीजेपी विधायक के हाथ में है पूरा प्रशासन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली रेप पीड़िता के पिता की मौत हो गई है। पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उसके पिता से मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में रेप पीड़िता ने बीजेपी विधायक पर गंभीर इल्जाम लगाए। पीड़िता ने एक प्राइवेट चैनल को बताया, ये घटना चार जून 2017 की की रात आठ बजे की है। उस रात एक महिला हमें विधायक कुलदीप सेंगर के पास ले गई थी। जो बीजेपी के नेता हैं। जहां उन्होंने मेरे साथ रेप किया।

पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया तो बीजेपी विधायक ने परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी। जब वो थाने में गई तो पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं लिखी गई। इसके बाद तहरीर बदल दी गई।

पीड़िता ने बताया, मैं जून 2017 में सीएम योगी से मिली थी। उन्होंने कहा था कि बेटा इंसाफ मिलेगा, लेकिन एक साल हो चला है और अब तक कुछ नहीं हुआ। मैंने हर जगह तहरीर भेजी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

पीड़िता ने बताया कि उनके पापा छोटे बच्चे को देखने के लिए घर आए थे। जिसके बाद विधायक के लोगों ने मेरे पिता को बहुत मारा। पीड़िता ने बताया, पुलिस पहुंच गई तब भी उन्होंने मेरे पापा को मारा। हमारा दरवाजा खोलकर पापा को घसीटकर ले गए और खूब पिटाई की। पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक से मामले की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार और कानून इस घटना के दोषियों के साथ कोई रियायत नहीं करेगा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिये तफ्तीश को लखनऊ स्थानान्तरित कर दिया गया है।

चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि ने बताया कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है। जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।

भारत बंद के बाद दलितों पर हो रहा अत्याचारः उदित राज

उत्तर प्रदेश के भाजपा के चार दलित सांसदों की प्रदेश सरकार के विरूद्ध नाराजगी को पीएम नरेंद्र मोदी ने बहुत गंभीरता से लिया है। पिछले दिनों सावित्रीबाई फुले, छोटे लाल, इटावा के सांसद अशोक कुमार, नगिना के यशवंत सिंह दलितों के मसले पर राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं।

पीएम मोदी ने शनिवार को चारों दलित सांसदों की नाराजगी की चिंता करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुलाया और इस विषय पर न केवल चर्चा की बल्कि इस मसले पर विस्तृत रिपोर्ट भी यूपी बीजेपी से मांगी है।

दरअसल, बीजेपी आलाकमान पहले ही गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव में हार से पहले परेशान था। अब एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पार्टी के एक के बाद एक यूपी के चार बीजेपी दलित सांसदों की नाराजगी पीएम मोदी के लिए भी सिरदर्द बन गई है।

सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने योगी आदित्यनाथ को साफ तौर से ये बता दिया है कि इस मसले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए। साथ ही इस बात की भी हिदायत दी कि जरूरत पड़े तो नाराज सांसद से पार्टी बैठकर बात करे और इनकी समस्या का समाधान किया जाए। इनके अलावा बीजेपी सांसद उदित राज ने शनिवार रात आरोप लगाया कि इस सप्ताह के शुरू में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में दलित समुदाय के सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

उदित राज ने इस बारे में सिलसिलेवार ट्वीट किए। उन्होंने कहा, दो अप्रैल को हुए आंदोलन में हिस्सा लेने वाले दलितों पर अत्याचार की खबरें मिल रही हैं और यह रुकना चाहिए।

यूपी में 500 एकड़ भूमि पर बनेगी नई अयोध्या

उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा की योजना बनाने और यहां नई अयोध्या बसाने की तैयारी में जुटी हुयी है।

योगी आदित्यनाथ सरकार की योजना अयोध्या में नई अयोध्या टाउनशिप बसाने की है। यह टाउनशिप करीब 500 एकड़ जमीन में फैली होगी और इसके निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनौपचारिक तौर से इस प्रोजेक्ट के लिए अपना काम शुरू कर दिया है, हालांकि औपचारिक तौर पर महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को क्षेत्रीय स्तर पर सहमति मिलने के बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। अयोध्या फैजाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से अनुमति मिलने के बाद यह योजना आगे बढ़ेगी।

कार्यकारी इंजीनियर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि नई अयोध्या टाउनशिप की योजना को लेकर प्रारंभिक सहमति हाल ही में कमिश्नर और जिलाधिकारी की बैठक में मिल गई थी। अब इस प्रस्ताव को अथॉरिटी के पास भेजा जाना है जो 13 अप्रैल को होने वाली बैठक में फैसला ले सकती है, इसके बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

सरयू नदी के दाईं ओर बनेगा टाउनशिप

नई अयोध्या टाउनशिप को कई चरणों में सरयू नदी के दाईं तरफ बसाया जाएगा। जो 500 एकड़ के दायरे में फैला होगा। निर्माण के पहले चरण में 100 एकड़ में टाउनशिप बनाई जाएगी जिस पर 110 करोड़ का खर्च आने की संभावना है। इस खर्च में जमीन की कीमत भी शामिल है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ आंकी जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के शुरू के बाद टाउनशिप के पहले चरण का निर्माण पूरा होने में 12 से 18 महीने का वक्त लगेगा। अथॉरिटी प्रोजेक्ट के लिए लोन लेने की योजना बना रही है।

नई अयोध्या टाउनशिप लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर माझा बरहटा और जयसिंह मऊ गांव के पास बसाया जाएगा। इस टाउनशिप में आवासीय क्षेत्रों के अलावा मंदिर, सार्वजनिक कार्यस्थल, पार्क, होटल और शॉपिंग गलियारे होंगे ही, साथ में विश्व स्तर के पेयजल और सीवर सुविधाएं भी होंगी।

इससे पहले योगी राज में राज्य सरकार ने अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव रखा है जिसके निर्माण पर 330 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए निजी कंपनियों से भी निवेश करने का अनुरोध किया है।

योगी सरकार कर रही बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी

फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में हार और सपा-बसपा के बीच बढ़ती दोस्ती को सियासी मात देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महादलित का मास्टर कार्ड खेला है। योगी ने विधानसभा के बजट सेशन में कहा कि जरूरत पड़ने पर महादलित और अति पिछड़ों को आरक्षण देने पर विचार किया जा सकता है। साफ है कि योगी आदित्यनाथ ने इस चाल से बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर दी है।

उपचुनाव में बीजेपी के बिगड़े समीकरण के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित को साधने की कवायद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्ड के जरिए सपा-बसपा की बढ़ती नजदीकियों के चलते एकजुट हो रहे दलित-पिछड़ों के वोटबैंक में सेंधमारी की तैयारी की है। गुरुवार को विधानसभा के बजट अभिभाषण में योगी आदित्यनाथ ने सूबे के अतिपिछड़ों और महादलितों को अलग से आरक्षण देने पर विचार करने की बात कही है।

गौरतलब है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव के दलित वोटबैंक में इसी फॉर्मूले से सेंध लगाई थी और अपना वोट बैंक तैयार किया था। इसी का नतीजा है कि वे मौजूदा दौर में बिहार की सत्ता में काबिज हैं।

जया ने इस नेता की तुलना पदमावत के खिलजी से कर डाली

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और अभिनेत्री से नेता बनी जया प्रदा के आपसी मतभेद किसी से छिपे नहीं है। यह दोनों एक ही पार्टी के होने के बाद भी एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने से नहीं कतरते। अब जया प्रदा ने आजम खान पर एक और टिप्पणी की है।

बतौर जया प्रदा मैंने जब फिल्म पदमावत देखी, तो खिलजी के किरदान ने मुझे आजम खान की याद दिला दी। मुझे चुनाव के दौरान की बात याद आ गयी, कि किस तरह मुझे आजम खान परेशान करते थे।

दोनों के बीच लंबा विवाद

दरअसल, जया प्रदा अमर सिंह की करीबी मानी जाती हैं और आजम खान से उनका विवाद काफी लंबा है। इसकी वजह जया प्रदा का आजम खान के गृहनगर रामपुर से चुनाव लड़ना रहा है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जया प्रदा को टिकट दिया और वो चुनाव जीत गईं।

इस चुनाव को लेकर जया प्रदा ने आजम खान पर कई आरोप लगाए। यहां तक कि आजम खान पर जया प्रदा को चुनाव हराने के भी आरोप लगे। हालांकि, जया प्रदा चुनाव जीत गईं। इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भी जया प्रदा ने रामपुर से चुनाव लड़ा और आजम खान पर फिर उनके विरोध के आरोप लगे। एक बार फिर जया प्रदा ने चुनाव जीता।

सिर्फ चुनाव हराने की कोशिश तक ही जया प्रदा के आरोप सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने आजम खान पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ आजम खान भी सार्वजनिक मंचों से जया प्रदा को लेकर विवादित टिप्पणी करते रहे हैं। ऐसे में जब जया प्रदा से बीजेपी या किसी दूसरे दल के साथ जाने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं, उन्होंने एक बार फिर अपने पुराने प्रतिद्वंदी आजम खान को निशाने पर लिया है।

मूर्ति तोड़ने की सियासत थम नहीं रही, अब आजमगढ़ में भी तोड़ी

त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन के बाद मूर्ति तोड़ने की जो सियासत शुरू हुई थी, वो तमिलनाडु होते हुए अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है और थमने का नाम नहीं ले रही है। त्रिपुरा में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़ी गई, इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया और फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के बदसलूकी करने के बाद यूपी के मेरठ में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को जमींदोज कर दिया गया।

मूर्ति तोड़ने का ये सिलसिला यहीं थमता नहीं दिख रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार के बाद अब यूपी के आजमगढ़ में भी संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को निशाना बनाया गया है।

आजमगढ़ के थाना अहरौला के गांव राजापट्टी में लगी बाबा साहब की प्रतिमा बीती रात तोड़ दी गई। ग्रामीणों ने सुबह जब मूर्ति टूटी हुई देखी तो वो आक्रोशित हो गए। इसके बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। बाद में मौके पर पुलिस अधिकारी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद लेफ्ट सरकार द्वारा स्थापित लेनिन की मूर्तियों को तोड़ा गया। इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति गिराई गई, फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

होली पर यूपी पुलिस ने जारी रखा मिशन एनकाउंटर

यूपी में पुलिस का एनकाउंटर अभियान जारी है। तो बदमाश भी अपनी जान की भीख मांग रहे है, लेकिन अभी कुछ बदमाश ऐसे भी है, जो पुलिस से भीड़ने को तैयार है। होली के दिन भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। ग्रेटर नोएडा में यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग हुयी। इस दौरान पुलिस ने दो बदमाश को अपने कब्जे में ले लिया।

मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से चलाई गई गोली से एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से एक मोटरसाइकिल और दो तमंचे बरामद किए हैं।

ग्रेटर नोएडा के दादरी कोतवाली एरिया के कोट का पुल के पास शुक्रवार की शाम पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी एक मोटरसाइकिल पर दो बदमाश आते दिखाई दिए। पुलिस ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, लेकिन बाइक सवार बदमाश भागने लगे।

पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया और कोट के पुल के पास उन्हें घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में एक पुलिसकर्मी नितिन घायल हो गया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की।

पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में शोएब और समीर नाम के बदमाशों के पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद दोनों बदमाश घायल होकर वहीं गिर पड़े और पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार बदमाशों के पास से पुलिस ने दो तमंचे और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

अब पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में जुट गई है, ताकि उनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा सके। दोनों बदमाशों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं घायल सिपाही को ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

अपहरण कर हरिद्वार पहुंचे बदमाश, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

उत्तर प्रदेश केे गाजियाबाद निवासी लोहा व्यापारी का अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर सुरक्षा की दृष्टि से हरिद्वार पहुंचे, लेकिन गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरिद्वार पहुंच बदमाशों से व्यापारी को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के प्रेम नगर निवासी लोहा कारोबारी अनिल अरोड़ा का दो करोड रुपए की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था।
बदमाशों का पीछा करते हुए यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई। तहसील के पास हुई इस फायरिंग से हड़कंप मचा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फायरिंग के दौरान अपहृत बुजुर्ग ने गाड़ी में छुपकर अपनी जान बचाई। जबकि फायरिंग में एक बदमाश के घायल होने की भी सूचना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से ही कुल 895 एनकाउंटर हुये है। ऐसे में बदमाशों को इस बात का अंदेशा था कि यदि उनका सामना यूपी पुलिस से हो गया तो उनकी मौत निश्चित है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुये बदमाशों ने यूपी से बाहर जाने का मन बनाया। वहीं इस बात को बदमाशों ने पकड़े जाने के बाद स्वीकार भी किया। बदमाशों ने बताया कि यूपी पुलिस का डर से ही उन्हें उत्तराखंड आने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं पुलिस उनके मोबाइल लोकेशन के जरिये हरिद्वार तक आ पहुंची।

यह पहला वाकया नहीं है जब यूपी के बदमाश सुरक्षा के लिये उत्तराखंड की शरण में न आते हो। इससे पहले भी कई बदमाशों ने उत्तराखंड की शरण पकड़ी है।

मुठभेड़ के बाद ज्वालापुर कोतवाली पहुंचने पर कारोबारी अनिल अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अपहरण करने के बाद बदमाश उसे मेरठ रोड की तरफ ले गए। उसके साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद शामली होते हुए हरियाणा ले जाया गया। बदमाशों ने उसके घर फोन कर दो करोड़ रुपये मांगते हुए छोटे भाई मन्नू से उसकी बात भी कराई थी। पकड़े जाने के डर से बदमाश कहीं भी ज्यादा देर नहीं रुके। लगातार चलते हुए बदमाश पहले हरियाणा गए। वहां गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की मदद से बदमाशों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया तो बदमाशों को भनक लग गई। जिसके बाद बदमाश हरियाणा से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए हरिद्वार पहुंच गए।