नवाबों के शहर में मेट्रो की दस्तक

Metro knock in the city of Nawabs
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लंबी प्रतीक्षा के बाद मेट्रो का संचालन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मेट्रो के ट्रांसपोर्ट नगर डिपो में लखनऊ मेट्रो को हरी झंडी दिखाई।
राज्यपाल राम नाईक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से ने मेट्रोमैन लखनऊ मेट्रो के प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन का विशेष धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन वर्ष के अंदर मेट्रो का निर्माण करने पर एमडी श्री कुमार केशव और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उद्घाटन आधा-अधूरा नहीं किया गया है। यूपी मेट्रो कारपोरेशन के तहत विभिन्न जिलों में मेट्रो चलाई जाएगी। झांसी, वाराणसी, मेरठ और कानपुर में मेट्रो के लिए भी डीपीआर भेजा जा चुका है। जल्द ही प्रदेश के कई जिलों में मेट्रो चलवाने की कोशिश करेंगे।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब लखनऊ की पहचान नवाबों का शहर के साथ ही मेट्रो का शहर के रूप में भी हो गई। यहां मेट्रो के साथ ही लखनऊ महानगर के विकास के द्वार पर खुल गए हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए मेट्रोमैन को दी विशेष बधाई।
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे। राज्यपाल के साथ ही केंद्रीय मंत्री राष्ट्रगान के बाद मंच पर विराजमान हुए। कार्यक्रम स्थल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. सीएम दिनेश शर्मा भी साथ पहुंचे।

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बदले की आग में जल रहे एक इंसान ने हैवान बनकर ऐसी वारदात को अंजाम दे डाला जिसे सुनकर किसी का भी सिर शर्म से झुक जायेगा। तीन साल की खुद की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले को सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों की मदद से आरोपित की नाबालिग बहन का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में लेकर उसके साथियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रही है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह महीने पहले एक युवक ने तीन साल की बच्ची के साथ रेप कर दिया था। तब पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपित युवक को जेल भेज दिया था। लेकिन तीन साल की बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद से उसका पिता प्रतिशोध की आग में जल रहा था। उसने दुष्कर्म को अंजाम देने वाले युवक को सबक सिखाने के नाम पर खुद एक और कुकर्म की साजिश रच डाली।
वह रेप के आरोपित युवक की नाबालिग बहन पर नजर रखने लगा। 28 अगस्त की शाम शौच के लिए खेत की ओर गई किशोरी को नशीला पदार्थ सुंघा कर बेहोश कर दिया। इसके बाद दो अन्य लोगों की मदद से वह उसे लेकर गोरखपुर चला गया। गोरखपुर में उन तीनों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदो ने 29 अगस्त की भोर में अर्द्धबेहोशी की हालत में किशोरी को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। वहां जीआरपी ने किशोरी को उठाया। पूछताछ में किशोरी से उसके गांव का पता चलने पर जीआरपी ने उसे सलेमपुर भिजवा दिया। घर पहुंची किशोरी ने अपने परिवार के सदस्यों को रो-रोकर अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी कहानी बता दी। इसके बाद किशोरी की मां ने थाने पर तहरीर दी और पुलिस ने मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। कोतवाल विजय सिंह गौर ने दावा किया कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जायेगा।

डंपर से टकराई कैफियत एक्सप्रेस, पांच दिन में यूपी की दूसरी घटना

यूपी में पांच दिन पूर्व हुए रेल हादसे को अभी हफ्ता भर नहीं हुआ था कि एक और रेल हादसा होने की खबर आई है। यह हादसा कानपुर और इटावा के बीच औरैया जिले में हुआ। आजमगढ़ से दिल्ली आ रही 12225 (अप) कैफियत एक्सप्रेस औरैया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। फाटक पर देर रात ट्रेन एक डंपर से टकरा गई। उत्तरी-मध्य रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक दुर्घटना की वजह से ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना में 21 लोगों के घायल होने की खबर है। जिनमें से दो यात्री बुरी तरह से घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य पूरा हो चुका है। इससे पूर्व शनिवार को मुजफ्फरनगर के खतौली में रेल हादसा हुआ था जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी. दुर्घटना में घायल 14 लोगों को औरैया सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलते ही दिल्ली से मेडिकल रिलीफ ट्रेन भी मौके के लिए रवाना कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के बड़े अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए थे।
घायलों की मदद के लिए औरैया, इटावा और कन्नौज से एंबुलेंस और पुलिस बल मंगा लिए गए हैं। राहत कार्य के लिए लखनऊ से एनडीआरएफ की एक टीम भी रवाना हो चुकी है। उधर आजमगढ़ में रेल दुर्घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के परिजन अपनों की सलामती की खबर पता करने स्टेशन पहुंचने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह ट्रेन हादसा रात करीब 2 बजकर 40 मिनट पर हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रेन एक डंपर से टकरा गई। अछल्दा और पाता रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर रेल फाटक पार कर रहे एक डंपर से ट्रेन का इंजन टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। बताया जा रहा है कि डंपर चला रहे ड्राइवर को नींद आ जाने के चलते यह भीषण दुर्घटना घटी। दुर्घटना के वक्त डंपर में रेत भरी हुई थी।

पोर्न मूवी में अपनी वीडियों देखकर क्यों सहम जाता था 15साल का लड़का

देश में ताजनगरी के नाम से महशूर आगरा के थाना छत्ता की की महिला ट्यूटर ने अपनी बहन और भाई के साथ मिलकर थाना हरीपर्वत क्षेत्र के रहने वाले 10वीं के छात्र का नौ महीने तक यौन शोषण किया। उसे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर नशे की गोलियां दी जाती थीं। ब्लू फिल्म दिखाई जातीं फिर उससे संबंध बनाए जाते। मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया जाता था। इतना ही नहीं फिर उसेे सोशल मीडिया में शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था। उससे उसके ही घर में चोरी कराई गई। नौ महीने में लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात उससे मंगवाए गए लेकिन 18 अगस्त को उसकी चोरी कैमरे में कैद होने से उसके परिवार को पता लग गया।
उस लड़के का कसूर बस इतना था कि उसका पिता एक बड़े सराफा कारोबारी हैं। पता लगने पर उन्होंने ट्यूटर, उसकी बहन और भाई के खिलाफ यौन शोषण की धारा और पॉक्सो एक्ट में हरीपर्वत थाने में नामजद केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि घर से लगातार हो रही चोरी से वह परेशान थे। तभी बेटा 64000 रुपये चोरी करते कैमरे में कैद हो गया। वह बेहद तनाव में था। डिप्रेशन में आ चुका था। गुमसुम रहता था। उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, तो उसने ट्यूटर की शर्मनाक करतूत बयां की।
छात्र ने बताया कि वह जिस ट्यूटर के पास पढ़ने जाता है, उसकी बहनें भी ट्यूशन पढ़ाती हैं। जब से उन्हें पता चला कि वह अमीर परिवार से ताल्लुक रखता है, तभी से उनके दिमाग में पैसा ऐंठने की साजिश आ गई। उसे ट्यूटर की बड़ी बहन ही ट्यूशन पढ़ाने लगी। बाद में दूसरी बहन भी आ गई।
दोनों ने एक दिन उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। इसमें नशे की गोलियां डाल दीं। इसके बाद उसे पोर्न मूवी दिखाई। छात्र ने बताया, इसके बाद क्या हुआ, वह बहुत गंदी बात है, उसे बताने में भी शर्म आती है। वह रोने लगा लेकिन तभी उन दोनों बहनों के भाई ने मोबाइल में उसे एक वीडियो क्लिप दिखाई।
इसमें खुद को उसकी बहनों के साथ देखकर वह डर गया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना, तो यह क्लिप व्हाट्स ऐप और फेसबुक पर डाल दी जाएगी। इसके बाद उसके साथ कई बार वही घटनाक्रम दोहराया गया, कोल्ड ड्रिंक में नशा… पोर्न मूवी… और…।
वे तीनों उससे पैसा लाने के लिए कहते रहे। वह कभी कैश लाता तो कभी जेवरात। लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात लाकर दिए। इस पैसे से वह ऐश करते रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि जांच शुरू की जा चुकी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक बार में तीन तलाक पर अगले छह महीने तक के लिए रोक लगा दी है। संसद जब तक इस पर कानून नहीं लाती तब तक ट्रिपल तलाक पर रोक रहेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को संसद में इसे लेकर कानून बनाने के लिए कहा है। इससे पूर्व 11 से 18 मई तक रोजाना सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय में शादी तोड़ने के लिए यह सबसे खराब तरीका है। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है। वह कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि कैसे कोई पापी प्रथा आस्था का विषय हो सकती है.
दरअसल, शायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। इस पर शायरा का तर्क था कि तीन तलाक न तो इस्लाम का हिस्सा है और न ही आस्था। उन्होंने कहा कि उनकी आस्था ये है कि तीन तलाक मेरे और ईश्वर के बीच में पाप है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहता है कि ये बुरा है, पाप है और अवांछनीय है।
इस खंड पीठ में सभी धर्मों के जस्टिस शामिल हैं जिनमें चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल हैं।

पर्दाफाशः हुस्न के जरिए, लूट को अंजाम

अंधेरी रात में पहले अंग का प्रदर्शन और फिर सुनसान जगह में ले जाकर लूट। सुनने में किसी फिल्मी कहानी सा प्रतीत होता है। मगर, एक ऐसी ही घटना सामने आयी है। जिसमें पहले महिला को आगे रखकर हुस्न का प्रदर्शन किया जाता था, बाद में उसे कार में बैठाकर सुनसान जगह में ले जाकर मारपीट व लूट की जाती थी। गुड़गांव में पुलिस ने रात के अंधेरे में हुस्न की नुमाइश कर लूट करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग की मुखिया एक महिला है। रात के समय यह गैंग सड़कों से अपनी गाड़ी में सवारी बैठाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस गैंग के 4 लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला गुड़गांव के इफको चौक और एमजी रोड का है। इस गैंग की मुख्य सरगना की पहचान महिमा उर्फ माही के रूप में हुई है। पिछले कुछ समय से माही अपने साथी गौरव, अक्षय और जानवी के साथ मिलकर लगातार लूट की वारदातों को अंजाम दे रही थी। लूट के समय आरोपी गौरव लड़का होने के बावजूद भी लड़की बनकर रहता था.
आरोपी अपनी गाड़ी लेकर इफको चौक और एमजी रोड पर शिकार की तलाश करते थे। जैसे ही कोई शिकार नजर आता उसे अपनी हुस्न के जाल में फंसाकर गाड़ी में बैठा लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को एक सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करते और लूट कर फरार हो जाते। काफी समय से पुलिस इन लोगों को तलाश रही थी। सूचना मिलते ही उनको धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी महिमा पहले भी लूट की वारदात में जेल जा चुकी है। यह महिमा ही लूट की प्लानिंग करती थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने तीन और वारदातों को कबूल किया है। जिसका केस गुड़गांव में ही दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुछताछ चल रही है।

योगी ने गोरखपुर हादसे की जांच बैठाई, रिपोर्ट में के आधार पर कार्रवाई का दिया भरोसा

गोरखपुर हादसे पर मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से निपटना बड़ी चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर हादसे से निपटने के लिए भारत सरकार मदद कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और स्वास्थ्य सचिव को गोरखपुर भेजा है। उन्होंने कहा, मैंने खुद मंत्रियों को वहां भेजा और पता करने का आदेश दिया था कि वह पता करें के बच्चों की मौत किस वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन से मौत एक जघन्य कृत्य है और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने पर कंपनी की भूमिका की जांच चीफ सेक्रेटरी कर रहे हैं और वह एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

किसने कहा, 2024 में देश की बागडोर संभालेंगे योगी!

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को उम्मीद है कि उनका बेटा देश का प्रधानमं़त्री बनेगा। उन्होंने तो योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने तक की तारीख बता दी है, उनका कहना है कि 2024 में योगी भारत के प्रधानमंत्री होंगे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद बिष्ट को भरोसा है कि उनका बेटा एक दिन प्रधानमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए योगी की जरूरत थी। जिस तरह योगी विकास के लिए तेजी से फैसले ले रहे हैं, उससे वह संतुष्ट हैं।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि मुख्यालय में गुरूवार को पत्रकारों से सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के विकास कार्यों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली में 9 और 10 का अंतर है। विकास की गति पर उन्होंने उत्तराखंड को नौ और यूपी को 10 अंक दिए। उन्होंने कहा उत्तराखंड में उतनी तेजी से निर्णय नहीं हो रहे। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि योगी चुनाव के दौरान फरवरी में गांव आए थे। मौजूदा विधायक ऋतु खंडूड़ी को जीत दिलाने में योगी की बड़ी भूमिका रही। गांवों की समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि यदि गांवों में चकबंदी हो जाय तो बेहतर रहेगा। इससे पलायन भी रूकेगा। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महायोगी गुरूगोरखनाथ महाविद्यालय बिथयाणी के प्रबंधक होने के नाते वह कॉलेज की मान्यता संबंधी कार्य के लिए यहां आए हैं। मेरा प्रयास है कि कॉलेज में पीजी की कक्षाएं शुरू हों। इस क्षेत्र में यह अकेला महाविद्यालय है।

शिया बोर्ड के हलफनामे से राम जन्म भूमि विवाद में नया मोड़ आने के संकेत

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का हल निकलने की उम्मीद प्रबल होती जा रही है। शुक्रवार सेे सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ मामले की सुनवाई करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ लंबित चुनौतियों के साथ यूपी शिया वक्फ बोर्ड की ओर से दायर हलफनामे पर विशेष पीठ सुनवाई करेगी। साथ ही बोर्ड द्वारा विवादिल स्थल पर मालिकाना हक जताने की अपील पर साथ में सुनवाई कर सकती है।
रामलला विराजमान, हिन्दू महासभा और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड समेत तमाम पक्षकारों हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ के 30 सितंबर 2010 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दो-एक के बहुमत से फैसला सुनाते हुए राम जन्मभूमि को तीन बराबर हिस्सों में रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी बोर्ड मे बांटने का आदेश दिया था। सर्वोच्च अदालत ने 9 मई 2011 को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाएं विचारार्थ स्वीकार की थीं और हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। साथ ही कहा था कि मामला लंबित रहने तक संबंधित पक्षकार विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखेंगे। इसके बाद भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दर्शनार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की जिसका विरोध मुख्य याचिकाकर्ता मोहम्मद हाशिम ने की थी। लेकिन अदालत ने स्वामी की मांग को मुख्य मामले के साथ सुनवाई करने का निर्णय लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तीन न्यायाधीशों जस्टिस दीपक मिश्रा, अशोक भूषण और अब्दुल नजीर की विशेष पीठ का गठन मामले पर सुनवाई के लिए किया। शुक्रवार, 11 अगस्त को दोपहर दो बजे से इस मामले पर नियमित सुनवाई होगी या फिर अंतरिम राहत की मांग वाले आवेदनों पर विचार किया जाएगा। यह सुनवाई के दौरान ही विशेष पीठ स्पष्ट करेगी। दरअसल इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष पीठ का गठन करते हुए अदालत ने यह स्पष्ट नहीं किया है और रजिस्ट्री ने संबंधित पक्षकारों को ऐसी कोई सूचना दी है जिससे यह साफ हो कि विशेष पीठ मामले के किस पहलू पर गौर करेगी। साथ ही अदालत से स्वामी ने भी आवेदन में जल्द सुनवाई की मांग कई बार की है और अदालत ने उन्हें जल्द सुनवाई करने का भरोसा भी दिलाया था।
सुनवाई की तिथि से कुछ दिन पहले ही शिया बोर्ड ने हलफनामा दाखिल कर मामले में समुचित समझौते का रुख व्यक्त किया। उसने कहा कि विवादित स्थल से समुचित दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाके में एक मस्जिद का निर्माण किया जा सकता है। इसके बाद ठीक अगले दिन शिया बोर्ड ने ढहाए जा चुके विवादिल स्थल की जमीन के मामले में 1946 में दिए गए ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दे दी। सात दशक बाद दायर याचिका में उसने विवादित स्थल पर मालिकाना हक जताते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले में खामी बताई और सुप्रीम कोर्ट से मामले पर विचार कर फैसला करने की गुजारिश की। इस अपील में कहा गया है कि मस्जिद बाबर ने नहीं, मीर बाकी ने बनवाई थी जो एक शिया था।
खास बात ये है कि हलफनामे में शिया वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड शांतिपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल नहीं चाहता। इस मसले को सभी पक्ष आपस में बैठकर सुलझा सकते हैं जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट उन्हें समय दे। बोर्ड ने कहा कि इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाए। सर्वोच्च अदालत इस मामले को बातचीत के जरिए हल करने को पहले ही कह चुका है। ऐसे में शिया बोर्ड का हलफनामा इस मामले का अदालत का रुख बदल सकता है और सभी पक्षकारों से समझौते को लेकर अदालत सवाल कर सकती है।

टोल दिए बिना ही अखिलेश ने काफिले को कराया पार!

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव बुधवार को उस वक्त विवादों में घिर गए जब बाराबंकी के एक टोल प्लाजा मैनेजर ने आरोप लगाया कि अखिलेश के काफिले की लगभग 175 गाड़ियां टोल का भुगतान किए बिना ही निकल गईं।
टोल प्लाजा के मैनेजर ने एक विडियो मीडिया के सामने जारी किया। इस विडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से समाजवादी पार्टी के बैनर और झंडे वाली गाड़ियों का काफिला टोल प्लाजा पर रुके बिना ही तेजी से निकलता है। इस काफिले में लग्जरी गाड़ियों के अलावा बाइकें भी शामिल थीं।
सबसे पहले इस विडियो में लाल रंग का समाजवादी पार्टी के बैनर-झंडे से सजा एक रथ निकलता है और उसके पीछे गाड़ियों का काफिला। हालांकि, विडियो में अखिलेश यादव कहीं दिख नहीं रहे हैं लेकिन दावा किया जा रहा है कि इस काफिले की ही किसी गाड़ी में अखिलेश बैठे थे। यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश के काफिले पर टोल नहीं देने का आरोप लगा है, इससे पहले भी नवंबर में विकास यात्रा के दौरान उनके काफिले की गाड़ियों पर टोल न चुकाने के आरोप लगे थे।