सीमांत क्षेत्रों के निवासी देश की सीमा के प्रहरी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम 2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास एवं अन्य भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण किये जाने, बेडूबगड़ भोटिया पड़ाव में सामुदायिक भवन का निर्माण, स्व. गौरा देवी जी की प्रतिमा एवं पार्क निर्माण किये जाने, बैरासकुंड मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, बेडूबगड़ पड़ाव की भूमि को सुरक्षित करने के लिए कार्य किये जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी जनजातीय परंपराएं, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं और प्रकृति संरक्षण की भावना को पहचान दिलाने का काम किया है। हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के सजग प्रहरी भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, एकलव्य आदर्श विद्यालय समेत जनजातीय समाज के लिए कई कल्याकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे जनजातीय समाज की आजीविका में सुधार हुआ है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खडे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजाति समाज के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने हेतु प्राइमरी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 16 स्थानों में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। जनजाति समुदाय की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक वर्ष जनजातीय महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। टिम्मरसैंण महादेव के सौंदर्यकरण और पहुंच मार्ग के लिए 26 करोड़, हीरामणि मंदिर के लिए 75 लाख और मलारी गांव के सामुदायिक स्थल के लिए 34 लाख की राशि जारी की चुकी है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन में जनसहभागिता को अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन ही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। ये आयोजन न केवल समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय ने सदियों से अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और प्रकृति-संरक्षण की भावना से हमारी सभ्यता को मजबूती प्रदान की है। विशेषकर सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले हमारे जनजातीय भाई-बहनों का जीवन हमेशा से संघर्ष, अनुशासन और सामूहिकता की अनुपम मिसाल रहा है। आज आवश्यकता है कि हमारी इस महान जनजातीय परंपरा के पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक संसाधनों को सहेजा जाए, जिससे ये ज्ञान हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय भी आदरणीय प्रधानमंत्री जी की सकारात्मक सोच का प्रतीक है। देशभर में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। पूरे देश के लिए ये गर्व की बात है कि आज संथाल आदि वासियों की बेटी आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मूर्मू जी देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। जो ये दिखाता है कि जनजातीय समुदाय अब देश का नेतृत्व करने में भी सक्षम है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री जी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए बजट को 3 गुना बढ़ाकर ये सुनिश्चित किया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का लाभ इस समुदाय के प्रत्येक परिवार तक पहुँचे ये सभी ऐतिहासिक परिवर्तन केवल डबल इंजन वाली केन्द्र व राज्य सरकार में ही संभव हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा माणा को देश के अंतिम गांव की जगह देश के प्रथम गांव की संज्ञा दी, और उनके इसी विचार और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार भी उत्तराखंड के जनजातीय समूदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीयगांवों को चिन्हित किया है। जहाँ अब बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ -साथ रोज़गार, बेहतर शिक्षा औरस्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।साथ ही, राज्य में कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में संचालित एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को निशुल्क शिक्षा और आवास की सुविधा मिल रही है। वहीं, देहरादून के चकराता और बाजपुर में नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्यभी तेजी से जारी है। वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य में जनजातीय वर्ग के जो शिक्षित बेरोजगार युवा हैं। उन्हें तकनीकी शिक्षा सेजोड़ने के लिए तीन आई.टी.आई. संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वे कौशल प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें । इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है और उन्हें हर माह छात्रृत्ति भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है तथा जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। वहीं, जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य मेंप्रतिवर्ष जनजाति महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि देवभूमि में पलायन रुके और हमारे युवाओं को अपने ही गाँव में रोजगार के अवसर मिलें, इसी दिशा में होम स्टे योजना एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद में 800 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनसे 4 हजार से अधिक स्थानीय लोग स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। वहीं, उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति अपने आप में पर्यटन का एक बड़ा आकर्षण है। इसालिए होम स्टे के साथ-साथ साहसिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के जरिए न कवल आजीविका के नए अवसर सृजित कर रहे हैं, बल्कि अपनी समृद्ध परंपराओंऔर संस्कृति को भी वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।

इस मौके पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट,पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, नीति माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश परमार, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार बीडी सिंह, दलबीर दानू, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

सुरंग में फंसे मजदूरों की सूचना पर सीएम ने ली जानकारी

चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, घटना के समय 109 श्रमिक सुरंग के भीतर मौजूद थे।

घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए।

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे तथा वहां भर्ती घायलों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को घायलों के समुचित एवं बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जानकारी दी कि 70 श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जिसमें से 66 का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है 04 श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में एडमिट किया गया है। पीपलकोटी विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया है। 21 श्रमिकों को को कोई चोट नहीं लगी है, वे घटना स्थल से ही घर चले गए थे।

किसान दिवस के उद्घाटन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।

भालू हमले की घटना का सीएम ने लिया संज्ञान पीड़ित छात्राओं से की वार्ता, हौसले की तारीफ

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी अंतर्गत विद्यालय परिसरों के समीप घटित भालू हमले की घटनाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने भालू हमले में घायल हुए पीड़ित छात्र से दूरभाष पर सीधी बातचीत कर न केवल उसका हालचाल जाना, बल्कि उसे ढांढस बंधाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपचार एवं सुरक्षा के हर स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भालू से बच्चों की जान बचाने वाली साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राज्य सरकार ऐसे साहसी बच्चों को सदैव प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों एवं आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि घायल छात्र को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता और कठोरता के साथ कार्य करेगी।

ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग बीआरओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 73वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया। गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है,वहीं लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया जैसी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में कई योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद भी हमारी मातृशक्ति द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ रही है। उन्होंने आमजन से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देंगे तो हमारा यह कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार के प्रयासों से आज उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का बेस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है। अब उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा प्रारम्भ किये जाने, नगर क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास किये जाने और साकेत नगर – रघुनाथ मंदिर -चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया की गौचर में स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है शीघ्र ही इसका कार्य शुरू करवाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी सौंपा।

प्रसिद्ध गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को डॉ. पम्मी नवल लोक गायिका द्वारा जागर संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने पर मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही केन्द्रीय मंत्रीमण्डल का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली के प्रसिद्ध सवाड़ गांव में क्षेत्रीय जनता की मांग पर केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिये उनके द्वारा निरन्तर अनुरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो पायेगी तथा क्षेत्र को नई पहचान भी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ नवाचार से जोडा जा रहा है ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षा का उचित माहौल उपलब्ध हो सके।

प्रत्येक आपदा प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों में बचाव एवं राहत कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने के निर्देश दिए।

चमोली के नंदानगर क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा की जानकारी जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री प्रातःकाल से ही आपदा परिचालन केंद्र तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित की जाए। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता बनाई जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

नंदानगर क्षेत्र में घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस बल सक्रिय हो गए और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वर्तमान में क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य पूरे समन्वय और तत्परता के साथ जारी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों के प्रत्येक परिवार तक राहत सामग्री शीघ्र पहुँचाई जाए।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिल्ला, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीएम ने कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों का हाल जान, मदद का हर संभव दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्याे की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

थराली आपदा के छह गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया रेफर

थराली में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उनके उपचार एवं राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर न केवल घायलों का उपचार किया, बल्कि मानसिक रूप से आहत पीड़ितों की काउंसलिंग भी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सक दल एवं संसाधन तुरंत भेजे जाएंगे। साथ ही, सीएमओ चमोली को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य होने तक ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में थराली सीएचसी में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर एवं एम्बुलेंस सहित जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम सक्रिय रूप से तैनात है। इसके अतिरिक्त, एसडीएच कर्णप्रयाग से 02 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस को आपदा क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं पीएचसी देवाल से एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी को भी मौके पर भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से 06 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य दो दर्जन से अधिक घायलों का मौके पर उपचार किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी चिकित्सा इकाइयों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।