ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग बीआरओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 73वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया। गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है,वहीं लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया जैसी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में कई योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद भी हमारी मातृशक्ति द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ रही है। उन्होंने आमजन से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देंगे तो हमारा यह कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार के प्रयासों से आज उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का बेस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है। अब उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा प्रारम्भ किये जाने, नगर क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास किये जाने और साकेत नगर – रघुनाथ मंदिर -चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया की गौचर में स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है शीघ्र ही इसका कार्य शुरू करवाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी सौंपा।

प्रसिद्ध गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को डॉ. पम्मी नवल लोक गायिका द्वारा जागर संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने पर मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही केन्द्रीय मंत्रीमण्डल का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली के प्रसिद्ध सवाड़ गांव में क्षेत्रीय जनता की मांग पर केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिये उनके द्वारा निरन्तर अनुरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो पायेगी तथा क्षेत्र को नई पहचान भी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ नवाचार से जोडा जा रहा है ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षा का उचित माहौल उपलब्ध हो सके।

प्रत्येक आपदा प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों में बचाव एवं राहत कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने के निर्देश दिए।

चमोली के नंदानगर क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा की जानकारी जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री प्रातःकाल से ही आपदा परिचालन केंद्र तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित की जाए। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता बनाई जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

नंदानगर क्षेत्र में घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस बल सक्रिय हो गए और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वर्तमान में क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य पूरे समन्वय और तत्परता के साथ जारी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों के प्रत्येक परिवार तक राहत सामग्री शीघ्र पहुँचाई जाए।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिल्ला, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीएम ने कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों का हाल जान, मदद का हर संभव दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्याे की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

थराली आपदा के छह गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया रेफर

थराली में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उनके उपचार एवं राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर न केवल घायलों का उपचार किया, बल्कि मानसिक रूप से आहत पीड़ितों की काउंसलिंग भी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सक दल एवं संसाधन तुरंत भेजे जाएंगे। साथ ही, सीएमओ चमोली को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य होने तक ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में थराली सीएचसी में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर एवं एम्बुलेंस सहित जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम सक्रिय रूप से तैनात है। इसके अतिरिक्त, एसडीएच कर्णप्रयाग से 02 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस को आपदा क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं पीएचसी देवाल से एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी को भी मौके पर भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से 06 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य दो दर्जन से अधिक घायलों का मौके पर उपचार किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी चिकित्सा इकाइयों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

भराड़ीसैंण विधानसभा में सीएम ने सदन के पटल पर रखा 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट

भराङीसैण (गैरसैण) में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किये गये अनुपूरक बजट के संबंध में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षाबलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।

हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि ’इकोलॉजी’ और ’इकोनॉमी’ के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग, और आपदा राहत हेतु प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना, तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है।

हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है।

यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखण्ड की दिशा में एक और मजबूत कदम है। मैं राज्य की जनता से आह्वान करता हूं कि इस विकास यात्रा में हमारा साथ दें।“

आदर्श ग्राम सारकोट का अध्ययन करने आएंगे सभी मुख्य विकास अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में गैरसैंण के निकट सारकोट ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान 21 वर्षीय प्रियंका नेगी को बधाई दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है, अन्य जिलों में भी इसी तरह आदर्श ग्राम बनाए जाएंगे। जल्द ही सभी मुख्य विकास अधिकारी सारकोट का अध्ययन करने के लिए आएंगे।

मुख्यमंत्री ने फोन पर प्रियंका नेगी को बधाई देते हुए कहा कि, जिस तरह सारकोट के ग्रामीणों ने एक पढ़ी लिखी युवा लड़की को अपना प्रधान चुना है, उसके लिए सभी ग्रामीण बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रियंका से कहा कि अब हमें सारकोट को और विकसित करना है, गांव में कृषि, पशुपालन के साथ ही महिला स्वरोजगार से जुड़े सभी कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है। इसी की तर्ज पर अन्य जिलों में भी आदर्श ग्राम विकसित किए जाएंगे। जल्द सभी सीडीओ सारकोट के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रियंका को देहरादून आने का भी निमंत्रण देते हुए, गांव के विकास पर मंथन करने का भी आश्वासन दिया। प्रियंका नेगी ने सारकोट को गोद लिए जाने के लिए का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, आदर्श ग्राम सारकोट में पहले के मुकाबले अब सभी जन सुविधाएं उपलब्ध हैं, गांव में कई विकास कार्य सम्पन्न हुए हैं। वो सरकार के सहयोग से गांव के विकास में योगदान देंगी।

सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। हम सभी जिलों में ऐसे आदर्श ग्राम विकसित करेंगे। जहां रोजगार, स्वरोजगार के अवसरों साथ ही सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इस बार के पंचायत चुनाव में कई युवा और पढ़े लिखे प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं, जो त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए एक शुभ संकेत है, सरकार पंचायतों को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

डीएम चमोली ने सीएम के निर्देश पर राजेश के परिजनों को हर संभव मदद का दिया आश्वासन

चमोली जनपद के क़ौब गांव निवासी राजेश के पंजाब में उत्पीड़न के मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले में जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी को युवक के परिजनों से संपर्क कर हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी चमोली ने पंजाब के तरनतारन जनपद के जिलाधिकारी से संपर्क कर राजेश की हर संभव मदद की बात कही है।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मामले जहां जिलाधिकारी तरनतारन ने राजेश की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी चमोली ने पंजाब के नवा शहर में निवास कर रही राजेश की बहन से भी संपर्क कर हर संभव मदद के लिए आश्वस्त किया है। साथ उन्होंने बताया कि मामले उत्पीड़न करने वाले तबेला संचालक के विरुद्ध तरनतारन थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

यह है मामला
बीती बुधवार को लंबे समय बाद राजेश का पंजाब की एक सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ बात करने का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें वह अपना घर चमोली के कौब बता रहा है। साथ ही उसने बताया कि वह सालों से तबेले में काम कर रहा है। जहां मालिक की ओर से उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। जिसका संज्ञान लेते हुई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में योग नीति का किया औपचारिक शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया। योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया। उन्होंने “एक वृक्ष, योग के नाम“ कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा हम राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दो नए नगर बसाने जा रहे हैं, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के केंद्र बनकर वैश्विक मानचित्र पर राज्य की विशेष पहचान स्थापित करेंगे। जिसमें सम्पूर्ण विश्व से वेलनेस के क्षेत्र में काम करने वाले बड़े ग्रुप्स, आध्यात्मिक गुरुओं, संस्थानों को यहाँ आमंत्रित किया जायेगा।

सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है भराड़ीसैंण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी विदेशी मेहमानों के सान्निध्य ने इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा भराड़ीसैंण, ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र भी है। उन्होंने कहा 8 मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ किया गया सामूहिक योगा- अभ्यास, देवभूमि उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाएगी योग नीति

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि के साथ योग और अध्यात्म की भूमि भी है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने देश की पहली योग नीति 2025 को राज्य में लागू किया है। योग नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिसके तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने हेतु 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि 2030 तक राज्य में पाँच नए योग हब की स्थापना की जाए और मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में योग सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

योग करता है एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, आत्मा और शरीर के बीच पूर्ण सामंजस्य स्थापित करता है। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानव जीवन को आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करता है। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम से शरीर और मन को तनाव से मुक्त कर सकते हैं। योग मन की एकाग्रता बढ़ाने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।

योग ने किया विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व, योग को जीवन दर्शन के रूप में भी अपना रहा है। योग ने पूरे विश्व में जाति, भाषा, धर्म और भौगोलिक सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का काम किया है। योग वैश्विक एकता, समरसता और बंधुत्व का सेतु बनकर समस्त विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रेरणादायक नेतृत्व ने योग को ग्लोबल कनेक्टिविटी और मानवता की सेहत का मंत्र बनाकर विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।

पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में रोजगार सृजन और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अधिक से अधिक साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी का भी गठन किया है। ये कमेटी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। हम युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप पहाड़ में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से मिलने उनके बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने से पहले मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और छात्रों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला । मुख्यमंत्री ने सभी को योग के महत्व से अवगत कराया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डाे डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रुहेला, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।