गोपेश्वर में जनसंवाद शिविर में ही पूरा हुआ सरिता देवी का इंतजार, मिली झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। साथ ही विभिन्न विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं वित्तीय सहायता वितरित कर सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया।

इस अवसर पर आयोजित शिविर में कुल 7,472 लोगों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न विभागों को प्राप्त 1,737 आवेदनों का शिविर के दौरान ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त कुल 203 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 172 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। शिविर के माध्यम से 4,632 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विकासखंड नन्दानगर के ग्राम खलतरा की सरिता देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे का भरपूर उत्पादन होता है, लेकिन मंड़ाई एवं प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उनकी झंगोरा मंड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए शिविर स्थल पर ही कृषि विभाग के स्टॉल से उन्हें झंगोरा मड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

विकासखंड दशोली के ग्राम रौली ग्वाड़ निवासी श्री नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए अगस्त माह तक बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड ज्योतिर्मठ के ग्राम बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए पोल्ट्री हट उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत उनका प्रस्ताव स्वीकृत कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार विकासखंड दशोली के ग्राम कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में मोटर मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारी पंजीकरण का आवेदन चार दिनों से लंबित होने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने अधिशासी अभियंता को आज ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पंजीकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। वहीं विकासखंड पोखरी के ग्राम नौली निवासी देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के पौधे एवं ओलावृष्टि से फलों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी को उन्हें अनुदान सहित विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है, जिससे जनसेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं वित्तीय सहायता भी वितरित की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से 6 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 3 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति पुत्री विवाह अनुदान प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा तिलक स्वयं सहायता समूह, ग्राम कुण्डी को फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, दो लाभार्थियों को झाड़ी/घास कटर मशीन तथा ग्राम बैरागना को चौन लिंक्ड फेंसिंग उपलब्ध कराई गई। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर प्राप्त करने वाली रूपकुण्ड फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, हाटकल्याणी (देवाल) तथा उन्नति स्वायत्त सहकारिता एफपीओ, पडेरगांव (नन्दानगर) को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया।

सहकारिता विभाग के माध्यम से 4 लाभार्थियों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के चेक वितरित किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 2 लाभार्थियों को चारा बीज उपलब्ध कराया गया। उद्यान विभाग के अंतर्गत एक लाभार्थी को नाबार्ड पॉलीहाउस योजना हेतु ₹4 लाख, एक लाभार्थी को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत ₹2 लाख, एक लाभार्थी को मशरूम उत्पादन योजना के लिए ₹2 लाख तथा एक लाभार्थी को कीवी मिशन योजना के अंतर्गत ₹4.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

हर गाँव का यही पैगामः एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में ‘हर गाँव का यही पैगामरू एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और अधिक से अधिक पौधरोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

चमोली में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 42 हजार से अधिक महिलाएंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण‘ सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की तथा 60 हजार से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सीमान्त गांवांे को प्रथम गांव के रूप में पहचान दिलाये जाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा‘ का संकल्प आज विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर साकार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने बीते वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पहली बार राज्य में जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन हुआ, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की गई, शीतकालीन यात्रा प्रारंभ की गई, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नया विस्तार मिला। उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जीएसटी संग्रह बढ़ा है, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज हुई है तथा स्टार्टअप, पर्यटन और होमस्टे के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है और युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर प्रदेश में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

चमोली जनपद के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम, माणा, नीति एवं आसपास के क्षेत्रों में मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया, जो जनपद के विकास को नई दिशा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे भविष्य में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से वर्ष 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया है इसके साथ ही हजारों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली की 42 हजार से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है तथा 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित हुए हैं, जिससे हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने आमजन से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान और सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

’‘बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध की जायेगी कठोरतम कार्यवाही-मुख्यमंत्री‘‘
मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण अत्यंत गंभीर मामला है और सरकार इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम धामी ने चमोली में विकास को नई गति दी, 63 योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के अंतर्गत जनपद चमोली के विकास को नई गति देते हुए विभिन्न विभागों की कुल ₹ 155.36 करोड की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹ 113.99 करोड़ की 36 विकास योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹ 41.37 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पशुपालन, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चमोली जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जनपद के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया उनमें ₹ 4.34 करोड़ से जोशीमठ-नीति मार्ग के जुग्जू में स्टील ट्रस पुल, ₹9.62 करोड़ से लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर 78 मीटर लोह सेतु, ₹85.24 लाख से मैहलचौरी-सिलंगना घनियाली मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण, ₹2.20 करोड़ से चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग विस्तार, ₹2.57 करोड़ से विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग, ₹2.51 करोड़ से नन्दानगर की 13 पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार, ₹3.40 करोड़, ₹4.08 करोड़, ₹4.59 करोड़, ₹2.16 करोड़, ₹1.83 करोड़, ₹3.52 करोड़ एवं ₹6.83 करोड़ की विभिन्न बाढ़ सुरक्षा योजनाएं, ₹2.60 करोड़ से डायट गौचर अनुरक्षण, ₹4.36 करोड़ से मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग, ₹98.45 लाख से पशु चिकित्सालय तलवाड़ी, ₹3.03 करोड़ से सेम-तोप में सामुदायिक भवन एवं पार्किंग, ₹2.88 करोड़ से राइंका उज्ज्वलपुर भवन, ₹3.20 करोड़ से नन्दानगर पार्किंग, ₹4.05 करोड़ से गोगनापानी-भडूड़ा मोटर मार्ग, ₹4.71 करोड़ से गोपेश्वर-पोखरी-बछेर मोटर मार्ग, ₹3.32 करोड़ एवं ₹2.33 करोड़ से स्टील गर्डर सेतु, ₹6.99 करोड़ से नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मार्ग, ₹7.42 करोड़ से हरनीचक-मुन्दोली मार्ग, ₹9.36 करोड़ से थराली-घाट (डुंग्री) मार्ग, ₹3.50 करोड़ से लौहाजंग-वॉक मार्ग तथा ₹1.95 करोड़ एवं ₹2.00 करोड़ से तेलाण मार्ग पर स्टील गर्डर सेतु सहित शिक्षा, सिंचाई, पशुपालन एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी अन्य योजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें ₹1.42 करोड़ से गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, ₹2.71 करोड़ से सेमी-मासों मोटर मार्ग, ₹2.34 करोड़ से हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग, ₹1.15 करोड़ से नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग का डामरीकरण, ₹50-50 लाख से बीपीएचयू पोखरी एवं जिला चिकित्सालय चमोली में डीआईपीएचएल भवन, विभिन्न विद्यालयों में ₹21.84 लाख से ₹26.77 लाख की लागत से पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं, ₹3.50 करोड़ से बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी, ₹2.45 करोड़ से स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में दो कोर्ट का बैडमिंटन हॉल, ₹40.50 लाख से कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज, ₹30 लाख से पाण्डुकेश्वर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवन, ₹5.63 करोड़ से तेफना-कण्डारा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, ₹9.32 करोड़ से कुलसारी-गैरवारम मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा ₹7.75 करोड़ से लोल्टी-मालबज्वाड़-पास्तोली मोटर मार्ग शामिल है। इन योजनाओं से जनपद में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, मत्स्य पालन एवं आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

इस मौके पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

सेरेब्रल पाल्सी को चुनौती देकर अनुराग रावत ने “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में पूरी की 10 किलोमीटर दौड़

25 वर्षीय अनुराग रावत ने जनपद चमोली में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में अदम्य साहस, आत्मविश्वास और अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को प्रेरित किया।

“Beyond Limits, Beyond the Canyon” के संदेश को साकार करते हुए अनुराग ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने cerebral palsy (सेरेब्रल पाल्सी) जैसी दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।

चमोली जनपद स्थित नीति घाटी में आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।

अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं।

अनुराग ने कहा कि “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”

“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के इस भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया।

नीति घाटी में पर्यटन विकास को नई उड़ान, सीएम ने की कई अहम घोषणाएं

जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह में वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में जनपद चमोली के नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर एवं महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत सामुदायिक होम स्टे निर्माण के साथ ग्रामीण पर्यटन हेतु आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनज एवं व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त जनपद चमोली के रिमखिम एवं बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को विकसित करने के उद्देश्य से ‘सीमा दर्शन केंद्र’ का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन एवं बड़े आयोजनों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी की इन घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

उत्तराखंड: फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल

चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।

उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।

जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

बद्रीनाथ में सीएम ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यों की प्रगति का लिया विस्तृत जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज चमोली स्थित बीआरओ गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। इस अवसर पर आयोजित बैठक में पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से धाम में चल रहे निर्माण कार्यों, उनकी वर्तमान प्रगति, तकनीकी पहलुओं तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) योगेश मनराल ने विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, अब तक की उपलब्धियों तथा निर्धारित समयसीमा के सापेक्ष प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिनमें आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, आवागमन व्यवस्था में सुधार तथा आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण को देखते हुए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बद्रीनाथ धाम को एक भव्य, दिव्य, सुरक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उन्हें एक सुव्यवस्थित एवं सुखद अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए तकनीकी दक्षता का पूर्ण उपयोग किया जाए, ताकि कार्यों में तेजी और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

उन्होंने आगे निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी सुविधाओं में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्री आवागमन, आवास, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए और उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धाम के विकास कार्यों के दौरान पारंपरिक स्वरूप, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास और विरासत के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सकें और बद्रीनाथ धाम का समग्र विकास तेजी से आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों, अधिकारियों की प्रतिबद्धता और केंद्र सरकार के सहयोग से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे और यह धाम भविष्य में एक आदर्श, भव्य और विश्वस्तरीय तीर्थस्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

सीएम ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान की समीक्षा कर विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर पूर्ण करने के दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर उतरते हुए मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का व्यापक एवं गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यों की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ उन्हें और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बद्रीनाथ धाम से जुड़े सभी विकास कार्य जिलाधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरओ बाईपास रोड, लूप रोड, लेक, आईएसबीटी, सिविक एमिनिटी भवन, टीआईसीसी एवं अराइवल प्लाजा जैसे पूर्ण हो चुके महत्वपूर्ण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने इन परियोजनाओं के शीघ्र हस्तांतरण हेतु अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे दीर्घकालिक रूप से इन परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थ अनुभव प्रदान करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी जोर दिया कि सभी कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का संरक्षण प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्य करते समय स्वच्छता, हरित मानकों और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और सतत निगरानी से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित कार्य समय पर पूर्ण होंगे और आने वाले समय में यह धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श, भव्य और सुविधासंपन्न तीर्थस्थल के रूप में स्थापित होगा।

गौचर-कर्णप्रयाग-चमोली में पार्किंग परियोजनाओं का सचिव आवास ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आवास विभाग के सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जनपद चमोली के गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित पार्किंग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

*गौचर में पार्किंग निर्माण पूरा, संचालन जल्द*
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सचिव डॉ आर राजेश कुमार को बताया कि गौचर में पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पार्किंग की वाहन क्षमता 27 वाहनों की है और इसका निर्माण उत्तराखंड पेयजल एवं निर्माण निगम द्वारा कराया गया है। सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पार्किंग को जल्द से जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान ऐसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पार्किंग स्थल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

*नंदा राजजात यात्रा से पहले कर्णप्रयाग पार्किंग पूरी करने के निर्देश*
इसके बाद सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कर्णप्रयाग में निर्माणाधीन पार्किंग परियोजना का निरीक्षण किया। इस पार्किंग का निर्माण जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, चमोली द्वारा कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने निर्माण कार्यों की गति तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी नंदा राजजात यात्रा से पहले इस पार्किंग का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और उस समय यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था बेहद जरूरी है।

*चमोली में दो नई पार्किंग से मिलेगी राहत*
इसी क्रम में सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चमोली में टैक्सी स्टैंड के समीप स्थित पार्किंग और खड्ड साइड स्थित पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि टैक्सी स्टैंड के पास बनने वाली पार्किंग की क्षमता 21 वाहनों की है, जबकि खड्ड साइड स्थित पार्किंग की क्षमता 82 वाहनों की होगी। इन दोनों पार्किंग स्थलों का निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आगामी चारधाम यात्रा से पहले इन पार्किंग स्थलों को श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए संचालित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। उन स्थानों के समीप उपयुक्त भूमि का चयन कर नई पार्किंग विकसित की जाए ताकि भविष्य में चारधाम यात्रा मार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सके।

*आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, ऐसे में पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है। डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में विकसित की जा रही पार्किंग परियोजनाएं स्थानीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी चारधाम यात्रा और नंदा राजजात जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम मार्ग पर ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां जाम की समस्या अधिक रहती है और वहां नई पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। इससे भविष्य में यातायात प्रबंधन को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।

सीमांत क्षेत्रों के निवासी देश की सीमा के प्रहरी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम 2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास एवं अन्य भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण किये जाने, बेडूबगड़ भोटिया पड़ाव में सामुदायिक भवन का निर्माण, स्व. गौरा देवी जी की प्रतिमा एवं पार्क निर्माण किये जाने, बैरासकुंड मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, बेडूबगड़ पड़ाव की भूमि को सुरक्षित करने के लिए कार्य किये जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी जनजातीय परंपराएं, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं और प्रकृति संरक्षण की भावना को पहचान दिलाने का काम किया है। हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के सजग प्रहरी भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, एकलव्य आदर्श विद्यालय समेत जनजातीय समाज के लिए कई कल्याकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे जनजातीय समाज की आजीविका में सुधार हुआ है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खडे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजाति समाज के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने हेतु प्राइमरी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 16 स्थानों में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। जनजाति समुदाय की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक वर्ष जनजातीय महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। टिम्मरसैंण महादेव के सौंदर्यकरण और पहुंच मार्ग के लिए 26 करोड़, हीरामणि मंदिर के लिए 75 लाख और मलारी गांव के सामुदायिक स्थल के लिए 34 लाख की राशि जारी की चुकी है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन में जनसहभागिता को अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन ही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। ये आयोजन न केवल समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय ने सदियों से अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और प्रकृति-संरक्षण की भावना से हमारी सभ्यता को मजबूती प्रदान की है। विशेषकर सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले हमारे जनजातीय भाई-बहनों का जीवन हमेशा से संघर्ष, अनुशासन और सामूहिकता की अनुपम मिसाल रहा है। आज आवश्यकता है कि हमारी इस महान जनजातीय परंपरा के पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक संसाधनों को सहेजा जाए, जिससे ये ज्ञान हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय भी आदरणीय प्रधानमंत्री जी की सकारात्मक सोच का प्रतीक है। देशभर में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। पूरे देश के लिए ये गर्व की बात है कि आज संथाल आदि वासियों की बेटी आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मूर्मू जी देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। जो ये दिखाता है कि जनजातीय समुदाय अब देश का नेतृत्व करने में भी सक्षम है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री जी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए बजट को 3 गुना बढ़ाकर ये सुनिश्चित किया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का लाभ इस समुदाय के प्रत्येक परिवार तक पहुँचे ये सभी ऐतिहासिक परिवर्तन केवल डबल इंजन वाली केन्द्र व राज्य सरकार में ही संभव हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा माणा को देश के अंतिम गांव की जगह देश के प्रथम गांव की संज्ञा दी, और उनके इसी विचार और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार भी उत्तराखंड के जनजातीय समूदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीयगांवों को चिन्हित किया है। जहाँ अब बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ -साथ रोज़गार, बेहतर शिक्षा औरस्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।साथ ही, राज्य में कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में संचालित एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को निशुल्क शिक्षा और आवास की सुविधा मिल रही है। वहीं, देहरादून के चकराता और बाजपुर में नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्यभी तेजी से जारी है। वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य में जनजातीय वर्ग के जो शिक्षित बेरोजगार युवा हैं। उन्हें तकनीकी शिक्षा सेजोड़ने के लिए तीन आई.टी.आई. संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वे कौशल प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें । इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है और उन्हें हर माह छात्रृत्ति भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है तथा जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। वहीं, जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य मेंप्रतिवर्ष जनजाति महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि देवभूमि में पलायन रुके और हमारे युवाओं को अपने ही गाँव में रोजगार के अवसर मिलें, इसी दिशा में होम स्टे योजना एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद में 800 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनसे 4 हजार से अधिक स्थानीय लोग स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। वहीं, उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति अपने आप में पर्यटन का एक बड़ा आकर्षण है। इसालिए होम स्टे के साथ-साथ साहसिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के जरिए न कवल आजीविका के नए अवसर सृजित कर रहे हैं, बल्कि अपनी समृद्ध परंपराओंऔर संस्कृति को भी वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।

इस मौके पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट,पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, नीति माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश परमार, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार बीडी सिंह, दलबीर दानू, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।