चारधाम यात्रा-श्रद्धालुओं की सुरक्षा को केन्द्र सरकार गंभीर

चारधाम यात्रा पर तीर्थयात्रियों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भेजी है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को भी पैदल यात्रा मार्गों पर मदद के लिए तैनात किया गया है। पैदल यात्रा करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने पर एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तीर्थयात्रियों की मदद कर उन्हें तत्काल नजदीकी मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे।
प्रदेश में तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हुई है। शुरूआत में ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों की मौत पर पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए केंद्र ने एनडीआरएफ की टीम भेजी है। खास तौर पर केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत खराब होती है तो एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तत्काल मदद कर उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों की मदद के लिए केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। इसके साथ ही आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया। एसडीआरएफ की टीमें पहले ही चारधामों में तैनात हैं। एनडीआरएफ और आईटीबीपी को एक सीमित समय के लिए तैनात किया है। जरूरत पड़ने पर समय को बढ़ाया जाएगा।

क्षमता के अनुसार भेजे जा रहे यात्री
कोविड महामारी के कारण दो साल बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारधामों में कपाट खुलने के दिन क्षमता से दोगुने यात्री पहुंचे थे। जिससे धामों में यात्रियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधामों की वहन क्षमता के अनुसार यात्रियों का पंजीकरण कर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धामों में स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले के जिलाधिकारियों से प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव सख्त, दिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने नेशनल हाईवे, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी आदि सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं से लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को सड़कों के इंटरसेक्शन में यातायात शान्त करने के उपायों को अपनाने, क्रैश बैरियर लगाने, खतरनाक होर्डिंग्स को हटाने के साथ ही ब्लैक स्पॉट चिन्हित करते हुए उनके सुधारीकरण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। 
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी अनमोल होती है। सड़क दुर्घटनाओं से किसी की जान न जाए इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा दिए गए सुझावों को शीघ्र से शीघ्र कार्यवाही करते हुए अनुपालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी सुझावों को उनकी प्राथमिकता तय करते हुए अधिक खतरनाक स्पॉट्स का पहले सुधारीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित अध्ययन और सुझावों के लिए बेस्ट एक्सपर्ट्स को हायर किया जाए, इसके लिए बजट की चिंता न की जाए, किसी की जान से अधिक कीमती कुछ भी नहीं है। 
मुख्य सचिव ने प्रदेश की सभी मेजर और माइनर सड़कों के जंक्शन (जहां पर सड़कें मिलती हैं) का traffic calming measures लागू किए जाने के के साथ ही क्रैश बैरियर्स को आईआरएस स्टैंडर्ड्स के अनुसार लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रैश बैरियर शीघ्र से शीघ्र लगाते हुए एक्सीडेंट प्रॉन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए। जहां जहां क्रैश बैरियर खराब हो गई हैं, शीघ्र बदला जाए। ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनके सुधारीकरण की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग को प्राथमिकता पर लेते हुए ब्लैक स्पॉट सुधारीकरण और क्रैश बैरियर इंस्टालेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
बैठक में बताया गया कि पीडब्ल्यूडी के अधीन सड़कों में 39 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 25 का सुधारीकरण कर दिया गया है, 14 में काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी (एनएच) के अन्तर्गत 44 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए जिनमें से 25 का सुधारीकरण कर दिया गया है, 19 में कार्य प्रगति में है। एनएचएआई में 75 में से 62 का सुधारीकरण किया जा चुका है, 13 में कार्यवाही गतिमान है एनएचआईडीसीएल और बीआरओ में से क्रमशः 1 और 3 चिन्हित थे जिनका सुधारीकरण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं परिवहन आयुक्त रणवीर सिंह चौहान सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा पर व्यवस्थाओं के लिए मंत्री धन सिंह केदारनाथ और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ की जिम्मेदारी सौंपी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के दृष्टिगत, तीर्थ यात्रियों के आवागमन को सुगम और सुविधायुक्त बनाये जाने के लिये सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के लिये केबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को केदारनाथ धाम और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ धाम के लिये नामित किया गया है।

को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में बैठक में अधिकारियों को चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु किन-किन बातों का ध्यान रखें, इस बारे में पर्यटन और स्वास्थ्य विभाग विस्तृत गाईडलाईन जारी करें और इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। उत्तराखण्ड में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सभी का दायित्व है। चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए।

जेसीबी देख खुद अतिक्रमण हटाने लगे लोग

चारधाम यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला और पुलिस की संयुक्त टीम ने लक्ष्मणझूला रोड और खारास्रोत आस्थापथ में रेहड़ियों और फड़ वालों के अतिक्रमण को हटाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेहड़ी व फड़ विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मंगलवार को एसडीएम नरेंद्रनगर देवेंद्र नेगी के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम निकाय कार्यालय में एकत्र हुई। यहां से लक्ष्मणझूला मार्ग, रामझूला, खारास्रोत, आस्थापथ आदि पर पसरे रेहड़ियों और फड़ों के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई को देख रेहड़ी और फड़ विक्रेताओं में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अतिक्रमणकारी अपना समेटते नजर आए। कई जगहों पर जेसीबी की सहायता से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान सामान को भी टीम ने जब्त कर लिया।
एसडीएम नरेंद्रनगर देवेंद्र नेगी ने बताया चारधाम यात्रा तेज हो रही है। प्रतिदिन हजारों की तादाद में पर्यटक मुनिकीरेती क्षेत्र पहुंच रहे हैं। यहां से पर्यटक चारधाम के लिए पहाड़ी रूटों पर रवाना होते हैं। अतिक्रमण के कारण आए दिन हाईवे पर जाम आदि की समस्या से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जूझना पड़ता है। शासन के निर्देश पर समस्याओं से निजात दिलाने के लिए लक्ष्मणझूला रोड पर पसरे रेहड़ियों व फड़ों के अतिक्रमण को हटाया गया है। मौके पर ईओ तनवीर मारवाह, मुनिकीरेती थाना निरीक्षक रितेश शाह, कर निरीक्षक अनुराधा गोयल, सफाई निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह पंवार, कर संग्रहकर्ता केतन शर्मा, पुलिस उपनिरीक्षक सचिन पुंडीर, उपनिरीक्षक रीना नेगी, उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह खत्री, पटवारी निधि थपलियाल, वर्क एजेंट जितेंद्र सजवाण आदि उपस्थित रहे।

12 मई को थी शादी, आज परिवार सहित कार दुर्घटना में हुई मौत

शादी की खरीददारी कर घर लौट रहे लोगों के लिए रविवार काल बनकर टूट पड़ा। ऋषिकेश से थराली जा रही कार बद्रीनाथ हाईवे पर तोताघाटी के पास अनियंत्रित होकर 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 4 लोग एक ही परिवार के हैं। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कड़ी मशक्कत के बाद शवों को खाई से बाहर निकाला।
जानकारी के मुताबिक ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर देवप्रयाग तहसील प्रशासन और थाना पुलिस को करीब सात बजे सूचना मिली कि तोताघाटी के पास एक कार गिर गई है। जिसके बाद टीमें वंहा पंहुची। कार संख्या यूपी15-डीएल1061 गहरी खाई में गिरी दिखी। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ के टीमों में खाई में जाकर रेस्क्यू अभियान चलाया। तहसीलदार एमएस बर्थवाल ने बताया कि तोताघाटी से आगे सफेद पहाड़ के पास हुई दुर्घटना में मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। जिसमें पिंकी (25) पुत्री त्रिलोक सिंह, प्रताप सिंह (40) पुत्र देव सिंह, भागीरथी देवी (36) पत्नी प्रताप सिंह, विजय (15) पुत्र प्रताप सिंह, मंजू (12) पुत्री प्रताप सिंह सभी निवासी ग्राम बाण, तहसील थराली जिला चमोली शामिल हैं। तहसीलदार ने बताया कि यह सभी लोग ऋषिकेश से शादी की खरीदारी कर वापस थराली लौट रहे थे। रेस्क्यू में थाना देवप्रयाग के एसएसआई अनिरूद्ध मैठाणी समेत एसडीआरएफ के जवान शामिल रहे।
बताया जा रहा है कि मृतका पिंकी की 12 मई को शादी होनी थी। इसी सिलसिले में परिवार शादी की शॉपिंग के लिए ऋषिकेश आया था।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए। ग्रीष्मकाल के छह माह अब श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से गेंदे के फूलों से सजाया गया था। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्रीविशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही चारधाम की यात्रा विधिवत शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि 3 मई को श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम औऱ 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोले गए। दो साल कोविड के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित रही। लेकिन इस बार कपाट खुलने के दौरान से ही भारी संख्या में श्रद्धालु व भक्तगण चार धामों में पहुंचे है तथा यह सिलसिला लगातार जारी है। बद्रीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालु व भक्तजन देर रात से ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने हेतु कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा बारी बारी से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर सामिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, विधायक बद्रीनाथ राजेन्द्र भंडारी, पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट, डीजीपी अशोक कुमार, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, हरीश सेमवाल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, एसपी श्वेता चौबे, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के हो प्रयास-प्रेमचन्द अग्रवाल

चारधाम यात्रा की तैयारियों और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर आज कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जिलाधिकारी देहरादून, जिले के पुलिस कप्तान सहित विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में की। इस मौके पर ट्रैफिक व्यवस्था, यात्रियों को सहूलियत, अतिक्रमण को कड़ाई से हटाने, संदिग्ध लोगों का सत्यापन करने, शनिवार को स्कूल बंद करने के निर्देश दिये गये। सभी विभागों को व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश दिए।

बैठक में निम्न निर्देश मंत्री द्वारा दिये गए।
1. परिवहन विभाग में दलाली प्रथा सख्ती के साथ बंद करें। एआरटीओ आफिस के बाहर गाड़ियां की कतार किसी भी सूरत में न लगे।
2. यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यापक व्यवस्था, पीने के लिए शीतल पेय का इंतजाम किया जाए।
3. श्यामपुर में रेलवे फाटक पर जाम की समस्या के लिए मुरादाबाद डीआरएम से बात कर 10 मिनट की जगह 4 मिनट फाटक बंद करवाये।
4. माल वाहक वाहन के लिए सत्यनारायण मंदिर के समीप पुलिस पिकेट लगाई जाए।
5. मंत्री ने आने वाले शनिवार से स्कूलों के अवकाश करने सम्बन्धी आदेश देने के लिए जिलाधिकारी देहरादून को निर्देशित किया।
6. ईं रिक्शा, ऑटो, विक्रम यूनियन के साथ बैठक कर सवारी बैठाने, उतारने की जगह निश्चित करें। निश्चित जगहों के अलावा सवारी बैठाने, उतारने पर चालान की कार्यवाही भी करें।
7. किसी भी तिराहा, चौराहा में ऑटो, विक्रम न खड़े हों।
8. श्यामपुर में सीएनजी पंप पर लगने वाले जाम के लिए संचालक से बात कर टोकन की व्यवस्था की जाए।
9. कोयल घाटी से पुरानी चुंगी और निगम से चन्द्रभागा तक अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
10. एम्स मार्ग पर दोनों ओर लगने वाले अतिक्रमण को पूरी तरह से हटवाया जाए।
11. बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित अन्य जगहों पर संदिग्ध लोगों का सत्यापन किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी आर राजेश कुमार, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी सिटी अक्षय कोडे, एसपी देहात कमलेश उपाध्याय, सीओ ट्रैफिक टिहरी अस्मिता ममगाई, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय, एआरटीओ अरविंद पांडेय, सीओ ऋषिकेश डीसी ढ़ौण्डियाल, एसएनए आनन्द सिंह, कोतवाल रवि सैनी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर हितेश कुमार आदि मौजूद रहे।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम ने नाम पर हुई पहली पूजा

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिये गये हैं। इसी के साथ चार धाम यात्रा प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उपस्थित रहे। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री में पूजा अर्चना की और प्रदेश वासियों की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज से चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो रही है, मैं सभी श्रद्धालुओं का उत्तराखंड देवभूमि आगमन पर स्वागत करता हूं. ये यात्रा ऐतिहासिक हो, सबकी यात्रा सरल व सुगम हो, सबके मंगल की कामना करता हूँ। हमारी सरकार सुगम एवं सुरक्षित चार धाम यात्रा हेतु वचनबद्ध है।“
मुख्यमंत्री ने फोन के माध्यम से यमुनोत्री धाम के मुख्य पुजारियों एवं वहां उपस्थित समस्त श्रद्धालुजनों को अक्षय तृतीया एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर की शुभकामनाएं प्रेषित की।

ट्रिप कार्ड में पंजीकरण में यात्रियों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें

चारधाम यात्रा के संबंध में ट्रैवल एजेंट्स व संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को दिया।

अरिहंत ट्रेवल्स के डायरेक्टर रवि कुमार जैन व अमर गुप्ता ने ज्ञापन के जरिए बताया कि इस वर्ष बायोमेट्रिक पंजीकरण के अलावा शासन ने जो नई व्यवस्था ’ट्रिप कार्ड’ की बनाई है उसके कारण से यात्रा अव्यवस्था का शिकार हो रही है। बायोमेट्रिक पंजीकरण के अलावा इस व्यवस्था को लागू करने का औचित्य नहीं है। इस कारण से यात्री कई घंटे धूप में खड़े होकर परेशान है। ट्रिप कार्ड में जो एक पूरे समूह की गिनती होनी है वह सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है।

कहा कि चारों धाम में यात्रियों की संख्या को सीमित कर देने से भी समस्या पैदा हो गई है। ज्ञापन में सभी व्यवसायियों ने यात्रा को सुगम व सुचारू बनाने के लिए पूर्व की तरह असीमित संख्या का आदेश करने की मांग की।

ज्ञापन देने वालों में संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री, प्रभारी नवीन तिवारी, रवि कुमार जैन, अजय बधानी, अमर गुप्ता, दिनेश बहुगुणा, प्रवीन रावत, बृज भानु गिरी, अप्रेष पंचभैया, मदन कोठारी, बृजेश उनियाल आदि शामिल थे।

एक मई से प्रतिदिन तीन चरणों में स्वच्छ्ता अभियान चलाने के निर्देश

विधानसभा स्थित कार्यालय में निदेशक शहरी विकास विभाग ललित मोहन रयाल के साथ कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने चारधाम यात्रा को लेकर विभागीय कार्यवाही की जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
शनिवार को अग्रवाल ने निदेशक ललित मोहन रयाल से सर्वप्रथम सफाई और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के संदर्भ में जानकारी जुटाईं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि चारधाम यात्रा के मार्ग में आने वाले सभी निकायों में एक मई से प्रतिदिन तीन चरणों में स्वच्छ्ता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी निकाय दिन में कूड़ा न उठाएं, इसकी जगह रात्रिकाल में कूड़ा उठान का कार्य हो। इससे स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को दिक्कतों से गुजरना नहीं पड़ेगा। साथ ही यात्री राज्य की अच्छी छवि को लेकर यहाँ से जाए।
अग्रवाल ने कहा कि एक मई से ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव प्रतिदिन किया जाए, इसकी मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक निकाय में एक आदमी की ड्यूटी लगाई जाए।
अग्रवाल ने निदेशक शहरी विकास को कहा कि चिन्यालीसौड़, तिलवाड़ा सहित आवश्यकतानुसार जगहों पर मोबाइल टॉयलेट लगवाए जाए। इस मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पात्र लोगों को दिलाने की बात कही।