सीएस की अध्यक्षता में हुई देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान डीआईसीसीसी प्रोजेक्ट तथा इसके कॉम्पनेन्टस को आईटीडीए को सौंपते हुए इसमें पुलिस विभाग की मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने ब्रिज एण्ड रूफ लिमिटेड तथा डीएससीएल के मध्य विवाद पर निर्णयन हेतु लोक निर्माण विभाग, सिचाई विभाग तथा नियोजन विभाग के अधिकारियों की कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आज की बैठक में डीआईसीसीसी के तहत राजस्व भागीदारी तथा सस्टेनिबिलिटी पॉलिसी तथा उत्तराखण्ड परिवहन निगम को इलेक्ट्रिक बसो को सौंपने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

बैठक में सचिव नितेश झा, विनय शंकर पाण्डेय, बृजेश संत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

विदेश संपर्क स्टेट आउटरीच कांफ्रेस में मुख्य सचिव ने किया प्रतिभाग

विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देहरादून में विदेश सम्पर्क-स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि इस पहल से राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों व हितधारकों को केन्द्र सरकार द्वारा प्रवासियों के हित में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी मिलेगी। इस प्रयास से विभिन्न देशों में रहने वाले उत्तराखण्ड के प्रवासियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान में भी सहायता मिलेगी।

सीएस रतूड़ी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड के प्रवासियों की सुविधा के लिए उत्तराखण्ड प्रवासी प्रकोष्ठ बनाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विदेशों में रह रहे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों की शिकायतों के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए एक प्रवासी बोर्ड गठित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के सन्दर्भ में विदेशों में शिक्षा के लिए जाने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रक्रियाओं, प्लेसमेंट एजेंसियों के सेंसटाइजेशन, सुरक्षित व कानूनी माइग्रेशन, वैवाहिक विवाद, मृतकों के पार्थिव अवशेषों की वापसी की प्रक्रियाओं की जानकारी, प्रवासियों के सम्बन्ध में डेटा शेयरिंग का विशेष महत्व है। हमारे लिए अन्य राज्यों द्वारा अपने प्रवासियों की सुविधा और कल्याण के लिए अपनाये जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी भी जरूरी है। विद्यार्थियों तथा काम करने वालों के पंजीकरण की प्रक्रियाओं की जानकारी होनी भी आवश्यक है। हमारे समक्ष साइबर क्राइम भी एक बड़ी चुनौती है।

कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय से सचिव (सीपीवी एण्ड ओआईए) अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि विदेश सम्पर्क प्रोग्राम विदेश मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को गहरा करना तथा उनसे संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकारों के साथ साझेदारी करना है। वर्ष 2017 से अब तक पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक की राज्य सरकारों के साथ आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

संयुक्त सचिव (डीई) विदेश मंत्रालय अंकन बनर्जी ने प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ जुड़ाव, विदेश में भारतीय महिलाओं से संबन्धित मुद्दे, भारतीय छात्रों से संबन्धित मुद्दे, एनआरआई/पीआईओ के अधिकार व कानूनी मुद्दे, राज्यों में एनआरआई संस्थान, प्रवासी भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय की योजनाओं तथा डेटा का संग्रह जैसे विषयों पर चर्चा की।

सयुंक्त सचिव (सीपीवी) विदेश मंत्रालय, बिनॉय जॉर्ज ने विदेश में मरने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव अवशेषों के परिवहन, काउंसलर शिकायत निवारण पोर्टल, उत्तराखण्ड में राज्य स्तर पर काउंसलर एक्सेस की प्रक्रिया, राष्ट्रीयता सत्यापन, विदेशियों तक काउंसलर एक्सेस व सजायाफता व्यक्तियों का स्थानांतरण जैसे विषयों पर चर्चा की।

अनु सचिव (ईडी) विदेश मंत्रालय रशेल गर्ग ने व्यापार व निवेश के अवसरों व चुनौतियों के सम्बन्ध में चर्चा की।

शुक्रवार को देहरादून में आयोजित विदेश सम्पर्क-स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विदेश मंत्रालय ने उत्तराखण्ड सरकार के हितधारकों और अधिकारियों को वाणिज्य दूतावास और पासपोर्ट सेवाओं के लिए मंत्रालय द्वारा प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने तथा उनके कल्याण और संरक्षण के लिए उठाए गए कार्यक्रमों, योजनाओं और पहलों से अवगत कराया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार और विदेश मंत्रालय ने प्रवासियों से सम्बन्धित मुद्दों और समस्याओं के समाधान के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने पर मंथन किया।

बैठक में उत्तराखण्ड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सभी विभागीय सचिव, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व विदेश मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे।

सार्वजनिक व वाणिज्यिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर संचालित किया जाएगा स्वच्छता अभियान

स्वच्छता ही सेवा अभियान के प्रभावी व सफल संचालन के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को प्रदेशभर में जनभागीदारी, जागरूकता, एडवोकेसी के साथ सार्वजनिक व वाणिज्यिक स्थलों, कार्यालयों, संस्थानों, सड़कों, राजमार्गाे, बाजारों, ट्रैकिंग व कैंपिंग स्थलों व अन्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच व सामाजिक सुरक्षा कवरेज हेतु सिंगल विण्डों कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभियान में स्वयं सहायता समूहों व एनजीओ की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

चारधाम मार्गों में मलबे की समस्या के समाधान के लिए सीएस राधा रतूड़ी ने चारधाम रूट पर डंपिंग जोन हेतु उचित स्थानों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सचिव पेयजल व जिलाधिकारियों को सभी एसटीपी के निरीक्षण व जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसटीपी को ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश सभी डीएम को दिए।

सफाई मित्रों की सामाजिक सुरक्षा व बीमा के मुद्दे पर संवेदनशीलता से कार्य करने की हिदायत देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान सफाई मित्रों के लिए व्यापक स्तर पर सिंगल विण्डो कैम्प लगाकर उनकी सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच में बढ़ाकर कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सफाई मित्रों के लिए हेल्थ कैम्प लगाकर स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं, जांच व उपचार के साथ ही अन्य सभी सम्बन्धित विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

स्वच्छता व पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से राज्य में सभी होटल व होम स्टे की ग्रीन लीफ रेटिंग को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को इस सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्लाउड किचन के मामलें में स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में सभी वाहनों में गारबेज बैग अनिवार्यतः लगाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने परिवहन व पुलिस विभाग के साथ ही उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सक्रियता के साथ चौकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

विदित है कि स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024, जो भारत सरकार की एक राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पहल है, 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा।

इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ के तहत स्वच्छता को व्यवहार के हिस्से के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

अभियान में तीन प्रमुख घटक शामिल हैंः जन भागीदारी, स्वच्छता प्राप्त करना, और सफाई मित्रों, सफाई कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की मान्यता जो पिछले एक दशक से कार्यक्रम का अभिन्न अंग रहे हैं।

पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान में जिला प्रशासन और राज्य सरकार की व्यापक भागीदारी होगी, जिससे राज्यभर में स्वच्छता के प्रति सहयोगात्मक और समन्वित दृष्टिकोण विकसित होगा।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव नितिन भदौरिया सहित शहरी विकास, पेयजल, पर्यटन विभाग के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बैंकों से सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिकाधिक प्रतिभागिता करने की अपेक्षा की

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बैंकों द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रहे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिकाधिक प्रतिभागिता की जानी चाहिए ताकि राज्य के अधिक से अधिक जन मानस को इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्य सचिव राधा रतूडी द्वारा सचिवालय में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के वार्षिक प्रतिवेदन वित्तीय वर्ष 2023-24 का विमोचन किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की उत्कृष्टता और ग्राहक सन्तुष्टि के प्रति प्रतिबद्वता सराहनीय है। बैंक द्वारा एनआरएलएम क्रेडिट लिंकेज और पीएमएफएमई में राज्य में शीर्ष बैंकों में स्थान प्राप्त करने के साथ ही सामाजिक सुरक्षा सोर्सिंग और दावों में वास्तव में प्रंशसनीय कार्य किया है। ग्रामीण आजीविका का समर्थन करके पीएमएफएमई के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाने और मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करने में बैंक का निरन्तर प्रयास लोगों के जीवन और समुदायों को बदलने में महत्वपूर्ण सहायक रहा है।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत कुल 290 शाखाओं में से 219 शाखायें ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं, एवं 624़ ग्राहक सम्पर्क केन्द्रों के माध्यम से सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत बैंकिंग सुविधायें दी जा रही हैं। उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक में भारत सरकार, उत्तराखण्ड सरकार एवं भारतीय स्टेट बैंक का क्रमशः 50, 15 एवं 35 अंशधारिता है तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान बैंक ने विशुद्व रू0 75 करोड़ का लाभ अर्जित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से 72 लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत रू0 1.44 करोड़ तथा 169 लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अन्तर्गत रू0 3.38 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया है।

इस अवसर पर बैंक अध्यक्ष हरिहर पटनायक एवं महाप्रबन्धक (प्रशासन) अमिता रतूड़ी भी मौजूद रहे।

भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन को प्रभावी बनाया जाएगा

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन, भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने प्रदेश में भूस्खलनों के न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की निरन्तर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलनों की मॉनिटरिंग व अर्ली वार्निग सिस्टम को प्रभावी बनाने के भी निर्देश सचिवालय में यूएलएमएमसी (उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र) की दूसरी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में भूस्खलनों के जोखिम से बचाव के लिए जागरूकता एवं पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का एटलस तैयार करने, जिलावार लैण्डस्लाइड इन्वेंटरी तैयार करने तथा जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल उत्तरकाशी में किए जा रहे भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आंकलन की रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में जानकारी दी गई कि यूएलएमएमसी द्वारा गत एक वर्ष में 60 स्थलों का भूस्खलन स्थलीय परीक्षण किया जा चुका है। जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित किये जा रहे हैं। नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। एसडीएमएफ के तहत 226 डीपीआर का मूल्यांकन किया जा चुका है।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव डा अहमद इकबाल, विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव बोलीं, 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक करें पूर्ण

उत्तराखण्ड से 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक अनिवार्यतः पूरा करने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के छात्र-छात्राओं को सरकार के इस कार्यक्रम के बारे में जागरूक करते हुए कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित कोर्सेज में प्रतिभाग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक सरकार के ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम के तहत 23 छात्रों को केयर गिवर के रूप में जापान में प्लेसमेंट के लिए भेजा जा चुका है। इसके साथ ही 30 नर्सिंग स्टाफ का बैच 10 अगस्त तक जापान हेतु प्रशिक्षण की तैयारी शुरू करेगा। श्रीमती रतूड़ी ने युवाओं के प्रशिक्षण हेतु नए बैच शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि 1500 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रक्रियाओं में तेजी आ सके।

ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है। 1500 युवाओं को दिसम्बर तक विदेशों में प्लेसमेंट करवाने के लक्ष्य को समय से पूरा करने तथा राज्य के प्रतिभाशाली व योग्य युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हो इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने Open Advertisement जारी करने तथा सम्बन्धित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन की वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक सूचीबद्ध एजेंसियों तथा एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ) द्वारा 56 छात्रों को प्रशिक्षण हेतु दाखिला दिया गया है।

राज्य के विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सीएस राधा रतूड़ी ने आईटीआई में स्पोकन इंग्लिश के र्कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में सेतु (SETU) व कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सभी विभागों को कौशल विकास को फोकस में रखते हुए कार्य करने की नसीहत दी है।

बैठक में जानकारी दी गई है कि राज्य के विभिन्न नर्सिंग व हॉस्पिटलिटी संस्थानों में कौशल विकास विभाग एवं सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम व छात्रों के Mobilization हेतु वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। अक्टूबर में इसके लिए 10 मार्केटिंग इवेंट आयोजित किए जाएंगे। राज्य में वैश्विक स्तर के स्किल पार्क के विकास हेतु अडानी ग्रुप से बातचीत की जा रही है। राज्य में मॉडल आईटीआई के विकास के लिए आईटीई एडुकेशन सर्विसेज सिंगापुर से आरम्भिक चर्चा हो चुकी है, इस सम्बन्ध में सितम्बर तक एमओयू होने की संभावना है। टाटा टेक्नॉलोजिस द्वारा राज्य में 13 आईटीआई के अपग्रेडेशन के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा अब इसे नाबार्ड को भेज दिया गया है। जल्द ही इस सम्बन्ध में टाटा टेक्नॉलोजिस के साथ एमओयू होने की संभावना है। काशीपुर में जीआईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले पांच बैच के लिए 95 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। हरिद्वार में जीआईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले चार बैच के 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। इन दोनों जीआईटीआई में जल्द ही भविष्य के बैच के लिए छात्रों का Mobilization किया जाएगा। अभी तक राज्यभर में 300 से अधिक छात्रों की Mobilization हेतु काउंसलिंग हो चुकी है। 6 से ज्यादा सेमिनार छात्रों के Mobilization के लिए संचालित किए गए। जल्द ही जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम व आयरलैण्ड में प्लेसमेंट के लिए 4 बैच प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।

बैठक में वाइस चेयरमैन सेतु आयोग राजशेखर जोशी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति को विशेष आर्थिक पैकेज मांग को तत्काल आंकलन के निर्देश

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव पंकज पाण्डेय, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, डा. आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड में पूर्व सैनिकों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अन्तिम संस्कार हेतु दस हजार रूपये का अनुदान

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सैनिक पुनर्वास संस्था की कार्यकारणी समिति की अध्यक्षता करते हुए जेसीओ रैंक तक के पूर्व सैनिक व सैनिक विधवाओं के आश्रितों के लिए छात्रवृति अनुदान की धनराशि में वृद्धि पर सहमति दी है। मुख्य सचिव रतूड़ी ने 11वीं व 12वीं कक्षा हेतु बालकों के लिए प्रतिवर्ष 6000 रूपये तथा बालिकाओं के लिए 8000 रूपये, सभी स्नातक कक्षाओं हेतु बालकों के लिए 8000 रूपये तथा बालिकाओं के लिए 10000 रूपये, सभी स्नातकोत्तर कक्षाओं हेतु बालकों के लिए प्रतिवर्ष 10000 रू0 तथा बालिकाओं के लिए 12000 रू0, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, कानून की शिक्षा हेतु 50000 रू0 छात्रवृत्ति अनुदान राशि वृद्धि पर सहमति दी है। उन्होंने मेधावी छात्र अनुदान के तहत कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर बालकों को प्रतिवर्ष 30000रू0 व बालिकाओं को 50000 रू0, कक्षा 12वीं में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर बालकों को प्रतिवर्ष 40000 रू0 तथा बालिकाओं को 60000 रू0, स्नातक में 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर बालकों को 50000 रू0 प्रतिवर्ष व बालिकाओं को 70000 रू0 प्रदान करने के प्रस्ताव पर सहमति दी है। पूर्व सैनिकों के अनाथ बच्चों तथा सैनिक विधवाओं के बच्चों हेतु छात्रवृत्ति कक्षा 1 से कक्षा 8 तक बालकों के लिए प्रतिवर्ष 12000 रू0 व बालिकाओं के लिए 15000 रू0 करने तथा कक्षा 8 से स्नातकोत्तर तक बालकों को प्रतिवर्ष 20000 रू0 तथा बालिकाओं को 25000 रू0 प्रदान करने पर सहमति प्रदान की गई है। मुख्य सचिव ने नॉन पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों/उनकी विधवाओं को आकस्मिकता अनुदान 25000 रू0 प्रतिवर्ष करने, पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन केन्द्रों में उत्तराखण्ड के पूर्ण रूप से दिव्यांग पूर्व सैनिकों को 200000 रू0 प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सैनिक पुनर्वास संस्था द्वारा संचालित भर्ती पूर्व प्रशिक्षण से प्रशिक्षण प्राप्त करने क अनिवार्यता को समाप्त करते हुए प्रदेश के पूर्व सैनिक आश्रितों के सेना, अर्द्धसैनिक बल तथा राज्य पुलिस में चयन होने पर एकमुश्त अनुदान 40000 रू0 करने पर सहमति दी है। उन्होंने संस्था द्वारा राज्य के शहीद सैनिकों के आश्रितों को 10 लाख रू0 का अनुदान प्रदान करने के प्रस्ताव पर सहमति दी है। इसके साथ ही सीएस ने उत्तराखण्ड में पूर्व सैनिकों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अन्तिम संस्कार हेतु 10000 रू0 का अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को 15 वर्ष में एक बार उनके मकान के रख-रखाव हेतु 100000 रू0 की अनुदान धनराशि प्रदान किए जाने के प्रस्ताव बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव दीपेन्द्र चौधरी, उत्तराखण्ड सैनिक पुनर्वास संस्था की कार्यकारणी समिति के सदस्य मे0 ज0 जी एस रावत (अ. प्रा.) व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी की होगी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने की जिम्मेदारी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा उनके नाम व मोबाइल नंबर अविलंब शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर सरकारी कार्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में स्वतंत्रता सेनानियों तथा उनके उत्तराधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने बैठक में उपस्थित सभी स्वतंत्रता सेनानियों की समस्याओं की जानकारी ली तथा त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने इस दिशा में जिलाधिकारी चमोली द्वारा बेहतरीन कार्य करने के लिए सराहना की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में सड़कों, चौराहों व द्वारों के नामकरण तथा शिलापट स्थापित किए जाने संबंधित प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारी के विभिन्न प्रकरणों के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सभी संबंधित विभागों के सचिव, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी व स्वतंत्रता सेनानी तथा उनके उत्तराधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिति की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सचिवालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि ई-ऑफिस पोर्टल पर फाइलों की समीक्षा, प्रसंस्करण एवं संचरण को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए फाइलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
सीएस रतूड़ी ने कहा है कि पत्रावलियां के लंबित रहने की प्रथा किसी भी विभाग/संस्था के कुशल संचालन को प्रभावित करती है एवं जनहित से संबंधित कार्यां में विलम्ब होता है। मुख्य सचिव ने प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समय-सीमा पर फाइलों के निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिती की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक रूप से देरी न हों। फाइलों के निस्तारण में अनुचित देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जायेगी जिसमें अनुशासनात्मक उपाय भी शामिल हो सकते हैं।

उत्तराखण्ड सचिवालय प्रशासन द्वारा फाइलों के निस्तारण की स्थिति पर मुख्य सचिव के समक्ष साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण को सुविधाजनक बनाने के लिए पूर्व की भांति सभी संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-ऑफिस पोर्टल के कुशल उपयोग के प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण एवं ई-ऑफिस को यूजर फ्रेण्डली बनाने हेतु तकनीकी रूप से ई-ऑफिस पोर्टल में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सुझावों पर यथोचित सुधार करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।