गौ सदनों के संचालन एवं रखरखाव की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगीः मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को गोद लेने वालों को दिया जाने वाले मानदेय देशभर के अन्य राज्यों की अपेक्षा सर्वाधिक है। यह प्रतिदिन 80 रुपये प्रति पशु है। इसके बावजूद आमजन को सड़कों पर निराश्रित गौवंशीय पशुओं की समस्या से पूरी तरह से निजात दिलवाने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव शहरी विकास को नगर पालिकाओं द्वारा प्रत्येक माह शहरी क्षेत्रों में सड़कों में पाए जाने वाले निराश्रित गौवंशीय पशुओं की संख्या की समीक्षा, मॉनिटरिंग एवं उन्हें गौसदनों में भेजने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित उत्तराखण्ड एनिमल वेल्फेयर बोर्ड की गौसदनों के निर्माण से सम्बन्धित बैठक में सीएस राधा रतूड़ी ने शहरी विकास विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों स्थापित किए जाने वाले 36 गौसदनों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शहरी विकास विभाग द्वारा राज्य के 13 जिलों में 36 गौसदनों हेतु भूमि चिन्हित कर ली गई है तथा 13 गौसदनों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जाने वाले 26 गौसदनों के निर्माण कार्य को भी शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग को मिसिंग लिंक के माध्यम से 10 करोड़ की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इस सम्बन्ध में पंचायती राज विभाग द्वारा भूमि चिन्हीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है।

बेसहारा गौवंशीय पशुओं की समस्या के दीर्घकालीन समाधान में आधुनिक तकनीकी व आईटी के उपयोग पर बल देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के सभी गौवंशीय पशुओं की अनिवार्य जियोटैगिंग के साथ ही इस सम्बन्ध जल्द लॉन्च होने वाले ऐप एवं डैशबोर्ड में प्रत्येक गौवंशीय पशु की आयु, चिकित्सा व अन्य जानकारी से सम्बन्धित डाटा एनालिसिस के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निराश्रित पशुओं की देखभाल में गौसेवक योजना को महत्वपूर्ण बताया तथा इसके अधिकाधिक विस्तार के निर्देश दिए हैं।

निर्माणधीन एवं पहले से ही संचालित गौसदनों के संचालन एवं रखरखाव की निरन्तर मॉनिटरिंग की सख्त हिदायत देते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने गौसदनों में गौवंश हेतु चारा, भूसा, प्रकाश, चिकित्सा, सुरक्षा एवं दवाईयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं। उन्होंने गौ सदनों के नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए हैं।

उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड द्वारा जानकारी दी गई है कि राज्य में वर्तमान में निराश्रित गोवंशीय पशुओं की संख्या 20887 है।

इस अवसर पर सचिव डा0 बीवीआरसी पुरुषोत्तम, नितेश झा, चंद्रेश कुमार, वी षणमुगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव के सख्त निर्देशों के बाद सघन अभियान चलाकर ईएसआई के सम्बन्ध में 15000 से अधिक ईकाईयों को नोटिस जारी

राज्य में संविदा व अन्य सामान्य श्रमिकों को ईएसआई कवरेज दिए जाने की कार्यवाही की धीमी प्रक्रिया पर सख्ती करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सचिव शहरी विकास से नगर निगमों एवं नगर निकायों में दैनिक/संविदा कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज दिए जाने के सम्बन्ध में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने सम्बन्धित सचिव को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी नगर पालिकाओं एवं निकायों की तत्काल समीक्षा की जाए तथा उनमें कार्यरत दैनिक/संविदा कर्मचारियों, श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से अनिवार्यतः आच्छादित करने के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही की जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के सख्त निर्देशों के बाद अब तक श्रम विभाग द्वारा सघन अभियान चलाकर ईएसआई के सम्बन्ध में औचक जांच की गई तथा 15000 से अधिक ईकाईयों को नोटिस जारी किये गए, जिसमें से 10000 यूनिट द्वारा ईएसआई कवरेज के सम्बन्ध में कार्यवाही पूरी कर ली गई हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज की बैठक में एक बार ईएसआई कवरेज की जांच के सम्बन्ध में पुनः सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में संविदा एवं श्रमिकों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा चिकित्सा सहायता, दुर्घटना कवर व अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने तथा कार्यस्थल पर उत्पन्न जोखिमों से कर्मियों को बचाने के साथ ही कर्मियों को बीमा योजना के लाभों व उनके अधिकारों के लाभों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस पर शीर्ष प्राथमिकता एवं गम्भीरता से कार्य करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ग्रामीण विकास, युवा कल्याण, आपदा प्रबन्धन, वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के साथ ही विभिन्न एनजीओं में कार्यरत संविदा व सामान्य श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से आच्छादित करने के कार्यवाही हेतु जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा योजना नियोक्ता तथा कर्मचारियों के अंशदान द्वारा वित्त पोषित है। नियोक्ता अंशदान 3.25 प्रतिशत है व कर्मचारियों के अंशदान 0.75 प्रतिशत है। इस प्रकार देय मजदूरी का कुल 4 प्रतिशत है। राज्य सरकार को योजना संचालन के 100 प्रतिशत में से वास्तविक व्यय की 87.5 प्रतिशत धनराशि की प्रतिपूर्ति निगम द्वारा की जाती है।

प्रदेश में बीमाधारकों की संख्या 7,34,343 है व उनके आश्रितों की संख्या लगभग तीस लाख है। योजना राज्य में 13 जनपद, 45 औषधालयों एवं 65 अनुबन्धित चिकित्सा संस्थानों में संचालित है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा योजना एक अनूठी सामाजिक बीमा योजना है जो संगठित क्षेत्र के योजना में व्याप्त कामगारों एवं उनके आश्रितजनों को बीमारी, प्रसूति, रोजगार चोट के कारण हुई मृत्यु व अपंगता तथा व्यवसाय जनित रोग में सुरक्षा प्रदान करती हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत, राज्य में स्थापित संगठित क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक अवस्थापनाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादि में 10 या उससे अधिक कार्यरत ₹21,000 एवं दिव्यांगजन हेतु ₹25,000 की सीमा तक वेतन पाने वाले कामगारों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार द्वारा बीमित किया जाता है।

सचिवालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा योजना एवं श्रम चिकित्सा सेवाओं के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित वित्त, श्रम, ईएसआई, उपनल, चिकित्सा सेवा विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखण्ड परिवहन निगम की पुराने मॉडल की डीजल बसों पर दिल्ली पर लगे प्रतिबन्ध से आमजन की असुविधा के तत्काल समाधान को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने, विशेषकर वीकेंड पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए यूपी से भी समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव परिवहन को 175 बसों के खरीद के प्रस्ताव के निर्णय पर उचित स्तर पर आज ही वार्ता हेतु निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने निर्देश दिए हैं कि जिन 100 सीएनजी बसों की खरीद की टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं तथा 30 बसें प्राप्त हो चुकी हैं, उनका संचालन शीघ्र शुरू किया जाए।

आमजन को फौरी राहत देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग को यूटीसी की बसों का संचालन गाजियाबाद में मोहन नगर के साथ ही कौशाम्बी तक करने के लिए उत्तर प्रदेश से बात करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरा करने वाली बसें सीधा दिल्ली में प्रवेश करेगी। सामान्य बसें दिल्ली सीमा मोहन नगर व कौशाम्बी तक जा सकेगी।

बैठक में उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदूषण के कारण पुराने मॉडल की डीजल बसों पर लगी रोक से पहले रोडवेज की दिल्ली रूट पर 504 सेवाएं प्रतिदिन संचालित होती थी, लेकिन अभी प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरे करने वाली 310 बसें संचालित हो रही हैं। 194 बसें प्रतिबन्धित की गई हैं। प्रतिबन्ध से पूर्व रोडवेज की बसों का लोड फैक्टर लगभग 40 प्रतिशत था जो अभी बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से लोड फैक्टर 90 से 100 प्रतिशत हो गया है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की विशेष असुविधा नही हो रही हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में भ्रामक सूचनाओं को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित बैठक सहित सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में सचिव स्तर के अधिकारियों की गैर मौजूदगी तथा बैठकों को गम्भीरता से ना लेने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बैठकों में सचिवों की अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देश जारी किए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने भविष्य में सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों के अनुपस्थिति पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अपर सचिव या अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर मुख्य सचिव ने आज सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित तकनीकी समीक्षा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहे सभी सचिवों को अपने कार्यालय में तलब कर कड़ी फटकार लगाई तथा भविष्य हेतु अपेक्षित बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किए।

सभी विभागों को सशक्त उत्तराखण्ड @25 के लक्ष्यों को शीर्ष प्राथमिकता व अत्यन्त गम्भीरता से पूरा करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि सशक्त उत्तराखण्ड @25 के तहत राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए प्रत्येक विभाग को दिए गए लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने विभागवार बनाई गई कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धरातल पर कार्य करने के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागाध्यक्ष अवशेष समय में विकास के सभी लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्ययोजनाओं को पूरे मनोयोग के साथ धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस की अध्यक्षता में ईएफसी ने बद्रीनाथ धाम में सिविक एमिनिटी भवन निर्माण को किया 2566.71 लाख के पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अन्तर्गत बद्रीनाथ में 33/11 के0वी0 सब स्टेशन तथा एचटी/एलटी लाईन के निर्माण कार्य, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के अन्तर्गत बागेश्वर-अमसरकोट मोटर मार्ग से नदीगांव तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आगणन तथा श्री बद्रीनाथ धाम परिक्षेत्रान्तर्गत एनएचपीसी द्वारा प्रायोजित सिविक एमिनिटी भवन निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन प्रदान किया ।

श्री बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अन्तर्गत बद्रीनाथ में 33/11 के0वी0 के सब स्टेशन 2×5 MVA तथा 33 के0 वी0 एवं 11 के0 वी0 की एचटी/एलटी लाईन के निर्माण कार्य पूर्ण होने से श्री बद्रीनाथ धाम में 24×7 विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सकेगी। 33/11 के0वी0 के सब-स्टेशन तथा 33 के0 वी0 Bay का निर्माण किये जाने तथा पाण्डूकेश्वर सब-स्टेशन से श्री बद्रीनाथ धाम तक 19.5 किमी 33 के0 वी0 की विद्युत लाइन निर्माण के साथ-साथ 11 के0 वी0 अण्डर ग्राउण्ड विद्युत लाइन का निर्माण कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत यूपीसीएल द्वारा बद्रीनाथ में उत्तराखण्ड का पहला Gas Insulated Substation ¼GIS½ स्थापित किया जाएगा।

राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के अन्तर्गत बागेश्वर-अमसरकोट मोटर मार्ग से नदीगांव तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 830.58 लाख रू0 पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन प्रदान करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि यह मार्ग विकासखण्ड बागेश्वर के अन्तर्गत एक महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग है। इस मार्ग से नदीगांव क्षेत्र की जनता लाभान्वित होगी। इस मार्ग हेतु अन्य किसी स्थान से वैकल्पिक समरेखन सम्भव नहीं है। अतः वर्तमान समरेखन में ही मार्ग निर्माण किया जाना संभव होगा। सीएस ने निर्माण कार्यों के दौरान समयबद्धता तथा उच्च गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

श्री बद्रीनाथ धाम परिक्षेत्रान्तर्गत एनएचपीसी द्वारा प्रायोजित सिविक एमिनिटी भवन निर्माण हेतु 2566.71 लाख रू0 के पुनरीक्षित आगणन पर सहमति प्रदान करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विगत वर्षों में श्री बद्रीनाथ धाम में पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में अत्यधिक व अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, जिसके फलस्वरूप तीर्थ यात्रियों एवं श्री बद्रीनाथ धाम में अन्तर्गत निवासरत तथा अन्य जनमानस एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने हेतु हाट (बाजार), यात्रियों एवं विशिष्ट तथा अति विशिष्ट महानुभावों की विश्राम व्यवस्था इत्यादि की भारी कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री के द्वारा श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान की घोषणा की गई है तथा जिसके तहत सिविक एमिनिटी भवन के निर्माण का कार्य निहित है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने दिए नेशनल गेम्स आयोजन की तैयारियों को तत्परता से अन्तिम रूप देने के निर्देश

उत्तराखण्ड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को स्वर्णिम अवसर एवं चुनौती के रूप में लेने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को तैयारियों को तत्परता से अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने नेशनल गेम्स हेतु राज्य के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को उत्कृष्ट स्तर तक विकसित करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में राज्य की उभरती हुई युवा खेल प्रतिभाएं अधिकाधिक लाभान्वित हो सके।

आज सचिवालय में 38वें राष्ट्रीय खेल 2024 की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृतियां प्रदान की। प्रोक्यूरमेंट प्रक्रिया को ससमय सम्पन्न करने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खेल इक्यूपमेंट से सम्बन्धित निविदा प्रक्रिया को समयबद्धता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने नेशनल गेम्स के सुव्यवस्थित व सफल आयोजन हेतु सभी सम्बन्धित विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने नगर निगम देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर से शहरों के सौन्दर्यीकरण, खेल आयोजन स्थलों तक जाने वाली अप्रोच रोड के मरम्मत, आयोजन स्थलों से कूड़ा प्रबन्धन एवं वॉलियन्टर्स को बस सेवाओं का लाभ देने के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने यूपीसीएल से खेल आयोजन स्थलों में आयोजन के दौरान अबाध विद्युत आपूर्ति तथा आयोजन स्थलों को इलेक्ट्रिकल सेफ्टी सर्टिफिकेट सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। पेयजल निगम से आयोजन स्थलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेशन के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग से आयोजक शहरों के भीतरी एवं बाहरी सड़कों के सौन्दर्यीकरण तथा आयोजन स्थलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेशन के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग से उत्तराखण्ड के पर्यटक स्थलों का खेल गतिविधियों के साथ प्रचार प्रसार के सम्बन्ध में निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ आयोजन स्थलों के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन तथा आयोजन स्थलों पर फायर ब्रिगेड गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था हेतु समन्वय के लिए निर्देश दिए गए है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एयर पोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया व उत्तरी रेलवे जोन के साथ निःशुल्क हेल्प डेस्क सुविधा हेतु जगह देने, खिलाड़ियों व अतिथियों को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट एवं स्टेशन पर विशेष स्थान देने व पास सुविधा हेतु समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, उधमसिंह नगर व नैनीताल के साथ आयोजन स्थलों पर सुरक्षा प्रबन्धन, ट्रेफिक मूवमेंट, पार्किंग मेनेजमेंट, वीवीआईपी हेतु पुलिस एस्कोर्ट व प्रोटोकॉल प्राप्त गणमान्यों हेतु सुरक्षा प्रावधानों के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से 38वें नेशनल गेम्स के प्रत्येक आयोजन स्थल को फिट टू ईट का प्रमाणीकरण देने के सम्बन्ध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आयोजन स्थलों पर फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट, नर्स, दवाईयों एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था के संबंध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, विशेष सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, शैलेश बगौली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से अभद्रता पर एकजुट हुआ आईएएस एसोसिएशन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से सचिवालय में उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन सहित सभी सदस्यों ने मुलाकात कर 6 नवंबर 2024 को शासन में तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के साथ हुई घटना से अवगत कराया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सचिव गृह को उक्त घटना के विषय में आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल परीक्षण कर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग को भी उक्त घटना के विषय में पुलिस विभाग को तहरीर देने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा एवं पास जारी करने की व्यवस्था का तत्काल परीक्षण करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की

जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी
जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रत्येक सप्ताह अनिवार्यतः समीक्षा के कड़े निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जेजेएम के तहत योजनाओं की भौतकीय प्रगति, वित्तीय समापन, एक्शन टेकन रिपोर्ट, गांवों की हर घर जल प्रमाणीकरण की रिपोर्ट तलब की है। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को फील्ड कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग व निरीक्षण हेतु प्रशासनिक मशीनरी के साथ टेक्नीकल टीम को सक्रिय करने करने निर्देश दिए हैं। जेजेएम के तहत कार्यों की गुणवत्ता के मुद्दे का गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी आज सचिवालय में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले जनपदों की रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित जिलाधिकारियों को योजना की नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर एटीआर, हर घर जल प्रमाणीकरण, वित्तीय समापन की रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने की नसीहत देते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने सीडीओ, बीडीओ तथा फील्ड अधिकारियों के माध्यम से योजना का नियमित निरीक्षण करवाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जल संस्थान या जल मिशन द्वारा किसी भी स्थिति में जिलाधिकारी के अनुमति के बिना रोड कटिंग के कार्यों को नहीं किया जाएगा।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव नितिन भदौरिया सहित पेयजल, सिंचाई, वित्त विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने शहरों के सीवर सिस्टम मैप पर रिपोर्ट की तलब

सचिवालय में केन्द्रपोषित योजना अमृत 2.0 के तहत गठित हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शहरों में सीवर लाइन के पूरी तरह से संचालन आरम्भ होने के सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की है। इस सम्बन्ध में सीएस राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित सचिव द्वारा तत्काल इस विषय में समीक्षा करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेषरूप से देहरादून का सीवर सिस्टम मैप तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
देहरादून जैसे शहरों में सरकारी आवासीय कॉलोनियों में सीवर सिस्टम की स्थिति एवं एसटीपी से कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने जल संस्थान को तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

अमृत 2.0 जैसी सभी केन्द्रपोषित योजनाओं का पूरा लाभ राज्य को मिले इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने समयबद्धता से योजनाओं के डीपीआर बनाने तथा डीपीआर तैयारी के दौरान स्पष्ट मापदण्डों का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में विलम्ब पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव रतूड़ी ने आज अमृत 2.0 के तहत गठित हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी बैठक में अमृत 2.0 (ट्रान्च-2) हेतु 356.52 करोड़ रूपये के स्टेट वॉटर एक्शन प्लान, अमृत 2.0 (ट्रान्च-2) के स्टेट वॉटर एक्शन प्लान में अनुमोदित 08 योजनाओं के पुनरीक्षित आगणनों पर अनुमोदन, अमृत 2.0 के घटक ‘ अमृत सरोवर’ के तहत एसएलटीसी में अनुमोदित नगर पंचायत दिनेशपुर की 02 योजनाओं पर अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव नितेश झा सहित वित्त, सिंचाई, पेयजल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

नई दिल्ली में छह नवंबर को होगा उत्तराखण्ड निवास का शुभारम्भ

उत्तराखण्ड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज नई दिल्ली स्थित नवनिर्मित उत्तराखण्ड निवास का दौरा किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का विशेष रूप से भव्य आयोजन किया जाना है, जिसकी शुरूआत नई दिल्ली में उत्तराखण्ड निवास के शुभारम्भ, दिल्ली में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उत्तराखण्ड मूल के अधिकारियों, कार्मिकों व प्रवासियों की भागीदारी से आयोजित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड निवास के शुभारम्भ तैयारी के बारे में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से जानकारी ली और उन्होंने कार्यक्रम के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

इस दौरान सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, परियोजना प्रबंधक राकेश चन्द तिवारी, योगेश कुमार, सहायक अभियन्ता प्रमोद कुमार कोठियाल, उत्तराखण्ड सदन के विशेष कार्याधिकारी रंजन मिश्रा सहित कार्यदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।