उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126वीं बोर्ड बैठक में अहम परियोजनाओं व कार्यों की हुई चर्चा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126 वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई; जिसमें महत्वपूर्ण परियोजनाओं और संस्थान के कार्यों पर चर्चा की गई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के लिए संस्थान के पावर हाउस का 5212 मिलियन यूनिट का जनरेशन टारगेट फिक्स किया गया।

निगम के केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2024- 25 की उपलब्धियां पर चर्चा की गई एवं वित्त वर्ष 2025- 26 हेतु टारगेट निर्धारित किए गए।

सिरकारी – भयोल- रूपसिया बगड़ परियोजना हेतु सिविल पैकेज को हाइड्रो पैकेज के साथ शामिल करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन फाइल किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मद्महेश्वर परियोजना को पूरा करने की अवधि में विस्तार किया गया।

निगम के वित्त वर्ष 2025 – 26 हेतु बजट का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मनेरी भाली परियोजना हेतु रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल (आरोवी) से सर्वे कराने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

बोर्ड बैठक में 100 करोड़ के ऊपर के निविदा डॉक्यूमेंट के लिए भी 20 से 100 करोड़ के निविदा प्रपत्र का ही उपयोग करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

निगम के 30 जून अथवा 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कार्मिकों के लिए लिए शासन के अनुरूप नेशनल इंक्रीमेंट का लाभ प्रदान करने तथा शासन द्वारा निर्गत की गई प्रोमोशन के शिथिलीकरण नियमावली को भी अंगीकार किया गया।

बैठक में इंडिपेंडेंट निदेशक इंदु कुमार पांडेय, पराग गुप्ता व सी एम वासुदेव, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव ऊर्जा रंजना राजगुरु, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल सहित संबंधित सदस्य उपस्थित थे।

सीएस ने दिए पुलिस व परिवहन विभाग को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु यातायात प्रबंधन योजना को सभी सम्बन्धित विभाग आपसी तालमेल से धरातल पर उतारें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून को शहर के यातायात संकुलन को कम करने के लिए चिन्हित चौराहों में सुधार पर शीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के अनुपालन के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने शहर के भीतर नए पार्किंग स्थल चिन्हित करते हुए, अगले 5-10 वर्षों में होने वाले यातायात संकुलन के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को आढ़त बाजार को शिफ्ट किए जाने हेतु कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्लॉट आबंटन का कार्य में तेजी लायी जाए। उन्होंने आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए निर्धारित कैलेण्डर का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आढ़त बाजार चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने वाणिज्यिक परिसर और शॉपिंग मॉल्स द्वारा अपनी पार्किंग का प्रयोग नहीं करने पर कार्रवाही किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों एवं आने वाली पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने हेतु यातायात पार्क तैयार किए जाएं। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए जाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव रीना जोशी, पूजा गरब्याल, नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून नमामी बंसल एवं उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मसूरी में यातायात संकुलन की समस्या को कम करने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों को दुरूस्त किया जाना आववश्यकः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में मसूरी में आधारभूत संरचनाओं एवं सुविधाओं में सुधार के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने रोड कनेक्टिविटी, यातायात संकुलन और नागरिक सुविधाओं के विकास जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि मसूरी में आधारभूत संरचनाओं एवं सुविधाओं के विकास के लिए शहरी विकास विभाग नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि मसूरी के लिए यातायात संकुलन एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी में यातायात संकुलन की समस्या को कम करने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों को दुरूस्त किया जाना आववश्यक है। उन्होंने आरटीओ एवं पुलिस के द्वारा मसूरी के लिए ट्रेफिक प्लान को सख्ती से प्रवर्तन कराए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने झड़ीपानी रोड, कैमल्स बैक रोड, लंढौर एवं खट्टापानी रोड के चौड़ीकरण एवं सुधारीकरण कार्य किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि नगर पालिका को इन सड़कों के सुधारीकरण कार्यों के लिए सरकार द्वारा फंडिंग उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने मसूरी के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी प्लान तैयार किए जाने की भी बात कही। कहा कि इंटरनल कनेक्टिविटी के लिए रोपवे विकास पर सर्वेक्षण करा लिया जाए। उन्होंने मसूरी के मॉल रोड पर यातायात का दबाव कम करने तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आंतरिक यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट को पुनः सुचारू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मसूरी में नए गन्तव्यों को चिन्हित कर विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झड़ीपानी फॉल, शिखर फॉल, मॉसी फॉल आदि क्षेत्रों के विकास के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने मसूरी क्षेत्र के आसपास ट्रेक रूट्स विकसित किए जाने की भी बात कही। कहा कि मसूरी क्षेत्र में अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन तैयार किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। इसके लिए लगातार नए गंतव्यों की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने ऐसे गंतव्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए जिन्हें पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मसूरी में यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए क्षेत्र में नए पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पार्किंग स्थलों के निर्माण से न तो क्षेत्र की सुन्दरता प्रभावित हो, न ही दृश्यावलोकन बाधित हो। उन्होंने किंग क्रेग पार्किंग का संचालन भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मसूरी शहर में स्ट्रीट लाईटों के बीच-बीच में सोलर स्ट्रीट लाईट्स लगाए जाने की भी बात कही। कहा कि इससे लाईट जाने की स्थिति में भी मार्गों पर प्रकाश की उपलब्धता रहेगी। उन्होंने मसूरी मार्ग पर पड़ने वाले ईको-टोल टैक्स को फास्टैग के माध्यम से लिए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर उतारेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर शीघ्र से शीघ्र उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने सचिव लोक निर्माण विभाग को शहर के यातायात संकुलन वाले चिन्हित 10 चौराहों में सुधार के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करते हुए डीपीआर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसएसपी देहरादून को यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर के भीतर नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल खुलने और छुट्टी के समय में थोड़ा परिवर्तन करने के लिए स्कूल प्रबंधन एवं अभिभावकों से संवाद किए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को आढ़त बाजार को शिफ्ट किए जाने हेतु कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्लॉट आबंटन का कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए प्रत्येक स्तर के कार्य पूर्ण होने की समय सीमा निर्धारित करते हुए, उक्त कैलेण्डर का सख्ती से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाणिज्यिक परिसरों एंव शॉपिंग मॉल्स के पार्किंग स्थलों का सर्वे किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो वाणिज्यिक परिसर और शॉपिंग मॉल अपनी पार्किंग का प्रयोग नहीं कर रहे हैं उन पर कार्रवाही की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों एवं आने वाली पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने हेतु यातायात पार्क तैयार किए जाएं। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए जाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौड़ी की गयी सड़कों के किनारे फिर से वाहन खड़े हो रहे हैं, जिससे हालात पूर्व की भांति हो गए हैं। उन्होंने कहा गलत पार्किंग पर भी सख्ती से कार्रवाही की जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून अजय कुमार, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड रोडवेज रीना जोशी एवं उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा करें अधिकारीः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की राज्य के अंतर्गत चल रही एवं आगामी महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

लोनिवि की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड देहरादून के जाम की समस्या को कम करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के शीघ्र निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर लिए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि रिस्पना – बिंदाल एलिवेटेड रोड एवं टिहरी रिंग रोड जैसे महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को समय पर पूर्ण करने हेतु साप्ताहिक रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि योजना की फंडिंग के लिए विभिन्न विकल्पों पर वित्त विभाग के साथ मंथन कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्राथमिकताएं तय करते हुए योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं को भी समय पर पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार – नगीना रोड को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह चारधाम यात्रा एवं आगामी कुंभ 2027 के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि बल्लूपुर – पोंटा साहिब रोड निर्माण में भी गति लाई जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, विनीत कुमार एवं एनएचएआई से विशाल गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर योजनाएं तैयार करने को कहा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को योजना एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सम्बन्धित विभागों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित किए जाने की के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में सभी कार्यदायी विभागों के नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। साथ ही, पदों के सृजन की कार्यवाही भी पूर्ण कर ली जाए। इनसे सम्बन्धित आदेश अगले 7 दिनों में कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन समितियों/उप समितियों का गठन किया जाना है, अगले 7 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रस्ताव एवं आंकलन तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के अंतर्गत शाही स्नान वाले विशेष दिवसों पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का आंकलन करते हुए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी बढ़ने श्रद्धालुओं के बढ़ने की अत्यधिक सम्भावना है। उन्होंने इसके अनुरूप श्रद्धालुओं संख्या का आंकलन करते हुए पार्किंग एवं ट्रैफिक मूवमेंट योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा आंकलन कराए जाने के उपरांत योजनाएं तैयार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के साथ ही पुराने पार्किंक स्थलों की क्षमता बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, इसके लिए मूलभूत ढांचों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन योजना के अंतर्गत स्थाई प्रकृति के कार्यों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र सहित अन्य उपयोगी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के लिए अनिवार्य कार्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे कार्य जिन्हें अनिवार्य रूप से कराया जाना है, उनकी तैयारी पूर्व से ही कर ली जाए। साथ ही, तत्काल शुरू किए जाने वाले कार्यों की सूची भी तैयार कर इनकी डीपीआर एवं आंकलन सहित अन्य तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नीतेश झा, राधिका झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा कर विस्तृत जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत शीघ्र ही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, ज़िला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला (डीआईपीएचएल) एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक को तैयार कर शीघ्र संचालन शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी यूनिट्स का निर्माण कार्य पूर्ण कर संचालन किए जाने हेतु समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध संचालन के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर मॉनीटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक रूप से इन यूनिट्स की निगरानी की। साथ ही जिन यूनिट्स का कार्य पूर्ण हो चुका है उनके उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक पंजीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा के जिला कार्यान्वयन समिति एवं यूएलबी स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों को शीघ्र निस्तारित किया जाए। साथ ही, कारीगरों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के माध्यम से बेचे जाने पर भी जोर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों के यूनिटी मॉल में भी राज्य के उत्पादों के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं स्वाति भदौरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लम्बित प्रकरणों का ससमय निस्तारण करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 64वीं राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत वांछित स्वीकृतियां अथवा आख्या शीघ्र ही उद्योग विभाग को उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लम्बित प्रकरणों का ससमय निस्तारण किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लगभग 30 विभागों की 200 से अधिक सेवाएं शामिल की गयी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा स्वीकृतियों के लिए आवेदन पत्र ऑफलाइन लिए जा रहे हैं, शीघ्रातिशीघ्र इन्हें ऑनलाइन किया जाए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को जनपद स्तर पर लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो के तहत विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों को निर्गत किए जाने में भी विलम्ब न किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नए बनने वाले सरकारी और प्राईवेट औद्योगिक विकास क्षेत्रों में कनेक्टिविटी एवं जलापूर्ति का विशेष ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (ईटीपी) द्वारा छोड़े जाने वाले पानी का मानकों के अनुरूप पुनः प्रयोग किए जाने हेतु मैकेनिज्म विकसित किया जाए, ताकि पेयजल एवं भूमिगत जल को औद्योगिक कार्यों हेतु उपयोग में कमी लायी जा सके।

इस अवसर पर सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, हरि चन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय एवं सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से भेंट, प्रदेश में संचालित विभिन्न रेल परियोजनाओं के संबंध में की चर्चा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार से मुलाकात कर राज्य में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, नई रेल परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, तथा पूर्ववर्ती प्रस्तावों की प्रगति के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को अवगत कराया कि राज्य में कुल पांच रेल परियोजनाएं हैं जिनमें तीन प्रस्तावित एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित दो परियोजनाएं वर्तमान में संचालित की जा रही है। गंगोत्री यमुनोत्री रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 121.76 किमी है तथा 10 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 170.70 किमी है तथा 12 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। देहरादून -सहारनपुर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 92.60 किमी0 है तथा इसमें 8 स्टेशन है। इसका सर्वेक्षण कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन के दोहरीकरण एवं देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विकास पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मेरठ से हरिद्वार तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखण्ड में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का रेल नेटवर्क से संयोजन, राज्य के औद्योगिक आर्थिक एवं सामाजिक विकास, विश्व प्रसिद्ध धामों, तीर्थ में वर्ष भर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन तथा सामरिक महत्व के दृष्टिगत रेलवे का अवसंरचना की दृष्टि से विकास राज्य हेतु अत्यंत आवश्यक है।

जल संस्थान को संकटमय पेयजल वाले क्षेत्रों की भूजल स्तर की रिपोर्ट उपलब्धता के निर्देश दिए

राज्यभर में ट्यूबवेल पर बिजली व्यय की बचत के दृष्टिगत मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने खाली स्थानों की मैपिंग करते हुए सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश पेयजल विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को दिए हैं। सीएस ने ट्यूबवेल लगाने से पूर्व भूजल स्तर की रिपोर्ट अनिवार्यतः प्राप्त करने तथा पेयजल निगम तथा जल संस्थान के पास संकटमय पेयजल वाले क्षेत्रों की भूजल स्तर की रिपोर्ट उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) के तहत गुड प्रैक्टिसेज की निरन्तरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुड पै्रक्टिसेज के तहत 100 प्रतिशत जल गुणवत्ता, निरन्तर जलापूर्ति, बिजली की बचत हेतु पम्पिंग में ऊर्जा दक्षता का स्तर बनाए रखना, ग्राहकों की संतुष्टि, मजबूत व त्वरित शिकायत निवारण तंत्र में निरन्तर सुधार हेतु निर्देश दिए हैं। आज की एचपीसी में मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम तथा उत्तराखण्ड जल संस्थान की विभिन्न योजनाओं के अंतिम परिवर्तन पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जानकारी दी गई कि 1042 करोड़ रू0 लागत के विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) प्रोजेक्ट की समाप्ति 30 जून, 2025 है। प्रोजेक्ट में 834 करोड़ रू0 विश्व बैंक का योगदान तथा 208 करोड़ रू0 उत्तराखण्ड सरकार का योगदान है। राज्य के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर के 22 शहरों में कार्यक्रम की कवरेज है। प्रोजेक्ट के तहत निम्नतम 12 मीटर प्रेशर के साथ प्रतिदिन 16 घण्टे जलापूर्ति की सुनिश्चितता तथा 135 एलपीसीडी पर 4.35 लाख लक्षित आबादी को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट के तहत 100 प्रतिशत वॉल्यूमेट्रिक टैरिफ के साथ मीटरिंग की व्यवस्था है।

पेयजल विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उक्त प्रोजेक्ट के तहत 22 स्कीम्स पूरी हो चुकी हैं तथा 108755 नए कनेक्शन दिए गए हैं। यह नए कनेक्शन कार्यक्रम के लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक हैं। विश्व बैंक ने उक्त प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर पूर्ण संतुष्टि व्यक्त है।

बैठक में सचिव पेयजल, वित्त सहित सम्बन्धित विभागों के अपर सचिव एवं अधिकारी मौजूद रहे।