सरकार ने राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कियाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्री आइस रिंक रजत जयंती खेल परिसर रायपुर, देहरादून में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने थाईलैंड को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चौंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से आए खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत में प्रथम बार आयोजित हो रही शीतकालीन खेलों की इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने 9 अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन द्वारा दर्शकों को रोमांचित करने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक सहित अनेकों पदक प्राप्त किए हैं। पूर्ण विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगी और हमारे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। इसके साथ ही, आज ये विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ही वर्षों से बंद पड़ी इस हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। यह देश की एकमात्र ओलिंपिक स्टैण्डर्ड आइस रिंक है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ की गई हैं। आज 14 वर्षों के बाद पुनः इस रिंक पर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। हम राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है। इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।

इस अवसर पर विशेष सचिव अमित सिन्हा, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा व अन्य पदाधिकारी, एशियन स्केटिंग यूनियन, उत्तराखंड आइस स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी,आयोजक और खेल विभाग के अधिकारी, खिलाड़ी व प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

थराली आपदा के छह गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया रेफर

थराली में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उनके उपचार एवं राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर न केवल घायलों का उपचार किया, बल्कि मानसिक रूप से आहत पीड़ितों की काउंसलिंग भी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सक दल एवं संसाधन तुरंत भेजे जाएंगे। साथ ही, सीएमओ चमोली को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य होने तक ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में थराली सीएचसी में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर एवं एम्बुलेंस सहित जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम सक्रिय रूप से तैनात है। इसके अतिरिक्त, एसडीएच कर्णप्रयाग से 02 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस को आपदा क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं पीएचसी देवाल से एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी को भी मौके पर भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से 06 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य दो दर्जन से अधिक घायलों का मौके पर उपचार किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी चिकित्सा इकाइयों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जितेंद्र आत्महत्या प्रकरण के बाद सीएम ने परिजनों से फोन पर वार्ता कर प्रकट की शोक संवेदनाएं

पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने आज मृतक जितेंद्र कुमार के परिजनों से मिलकर उनको मामले में अब तक हुई कार्रवाई से अवगत कराया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी परिजनों से फोन पर बातचीत कर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संवेदनाएँ प्रकट करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को मामले की गहन और तत्परता से जांच के निर्देश दिए।

ज्ञात हो कि पौड़ी कोतवाली क्षेत्र में युवक जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व, उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कुछ व्यक्तियों पर रुपये ठगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु चमोली सहित पांच लोगों को देहरादून से गिरफ्तार किया है।

धराली में सड़कों व पुलों के नुकसान का उल्लेख कर शीघ्र मरम्मत व पुनर्निर्माण को केंद्र से मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र सहित राज्य के विभिन्न भागों में हाल ही में आई आपदा व अतिवृष्टि के कारण सड़कों और पुलों को हुए भारी नुकसान की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से धराली क्षेत्र में सड़कों और पुलों को हुए व्यापक नुकसान का उल्लेख करते हुए इनके शीघ्र मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए केंद्रीय सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि से प्रभावित सड़कों व पुलों की जानकारी साझा करते हुए इनके लिए भी केंद्र सरकार से शीघ्र सहायता प्रदान किए जाने की आवश्यकता जताई।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को सभी आवश्यक सहायता का सकारात्मक आश्वासन दिया।

उत्तराखंडः मुख्यमंत्री की चिकित्सकों को बड़ी सौगात, चिकित्सकों को मिलेगा एसडी एसीपी का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के चिकित्सकों को बड़ी राहत और सौगात दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को अब एसडी एसीपी का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हमारे डॉक्टर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सक पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। उनके हितों का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। एसीपी का लाभ मिलने से चिकित्सकों को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि सेवा के प्रति और अधिक समर्पण की भावना भी बढ़ेगी। सरकार हमेशा अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खड़ी है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के आदेशानुसार प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ शासनादेश संख्या 654 (दिनांक 14.07.2016) तथा शासनादेश संख्या 154 (दिनांक 04.02.2019) में निहित प्रावधानों के तहत प्रदान किया जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी की संस्तुति के आधार पर इस लाभ की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल 196 पदों का विवरण इस प्रकार है। लेवल 11 में 70 पद स्वीकृत हैं जिनका ग्रेड पे ₹5400 है। लेवल 12 में 56 पद हैं जिनका ग्रेड पे ₹6600 निर्धारित है। लेवल 13 में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें 27 पद ₹7600 ग्रेड पे तथा 43 पद ₹8700 ग्रेड पे वाले हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर सभी स्तरों को मिलाकर 196 पद बनते हैं।

इस फैसले से बड़ी संख्या में चिकित्साधिकारियों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना की मांग की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर राज्य में खेलों के व्यापक विकास, उच्च स्तरीय खेल अवस्थापना के निर्माण तथा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की और केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खेल महाकुंभ ने उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दिलाई है। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड ने स्वयं को एक ‘खेलभूमि’ के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना, देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में आईस स्केटिंग रिंग का संचालन, जिला नई टिहरी में साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र का उच्चीकरण, चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग की सुविधा और राज्य के 95 विकासखण्डों में बहुउद्देशीय क्रीड़ाहॉल के निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जो राज्य एवं देश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल से संबंधित शैक्षणिक कोर्सेज़ की सुविधा भी प्रदान करेगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक अग्रणी खेल संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और यथासंभव आर्थिक सहायता/अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हर संभव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आश्वस्त किया।

उत्तराखंडः आपदा में मृत्यु होने के 72 घंटे में आर्थिक सहायता देने के मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा के दौरान किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात अनुग्रह राशि का वितरण 72 घंटे में प्रभावित परिवार/मृतक आश्रित को अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मृतक की शिनाख्त या अन्य किसी कारण से कुछ विलंब हो रहा हो तो एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से अनुग्रह राशि मृतक के आश्रित को हर हाल में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री द्वारा अनुग्रह राशि वितरण के संबंध में दिए गए निर्देशों से अवगत कराया।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आगामी कुछ दिनों में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सावधानी बरतने तथा नदी, नालों के जल स्तर पर नियमित रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के माध्यम से मानसून से उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में अब तक हुई विभागीय क्षति का आकलन कर जल्द से जल्द इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए ताकि एसडीआरएफ तथा एसडीएमएफ मद में भारत सरकार से अतिरिक्त धनराशि प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव यथाशीघ्र भेजा जा सके।

विनोद कुमार सुमन ने एसडीआरएफ, नॉन एसडीआरएफ, एसडीएमएफ में खर्च की गई धनराशि के बारे में भी जनपदों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनपदों के पास आपदा राहत/बचाव तथा पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, इसे हर हाल में समय पर खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम प्रदेश भर में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, तथा जनपदों को लगातार सीएम द्वारा मानसून अवधि की चुनौतियों का सामना करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।

इस अवसर पर बैठक में ऑनलाइन जुड़े राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के माननीय उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने कहा कि अभी भी मानसून अवधि का डेढ़ महीना शेष है, ऐसे में सभी जनपदों को हर समय अलर्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा नदियों के साथ ही अन्य संवेदनशील स्थानों में आम जनमानस की जागरूकता तथा उन्हें अलर्ट करने के लिए साइनेज अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदाओं का सामना करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अलर्टनेस बहुत जरूरी है तभी हम जान माल के नुकसान को कम कर सकते हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से सभी जनपदों में हर रोज समीक्षा बैठक की जाए। साथ ही स्कूली तथा कॉलेज के छात्र-छात्राओं, के साथ ही व्यापारियों का भी वाट्सएप गु्रप बनाया जाए। इस अवसर पर एसीईओ प्रशासन/अपर सचिव आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, डॉ. पूजा राणा, रोहित कुमार, हेमंत बिष्ट, डॉ. वेदिका पन्त, तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।

प्रत्येक तहसील में होगा रेस्क्यू व्हीकल

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जनपदों में गठित क्विक रिस्पांस टीमों को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपेक्षानुसार जनपद स्तर पर प्रत्येक माह की 01, 11 और 21 तारीख को अनिवार्य रूप से बैठक कर इसका कार्यवृत्त यूएसडीएमए के साथ साझा किया जाए। साथ ही उन्होंने हर तहसील के लिए एक रेस्क्यू व्हीकल क्रय करने के निर्देश दिए, जिसका उपयोग आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा।

जल्द आएगी भारत सरकार की टीम, तैयारी के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जल्द ही भारत सरकार की सात सदस्यीय टीम प्रदेश में अतिवृष्टि तथा आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आने वाली है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पूर्व से ही सभी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भारत सरकार के सामने आपदा से हुई क्षति की वास्तविक स्थिति रखी जा सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर भारत सरकार से क्षतिपूर्ति हेतु धनराशि प्राप्त होगी।

टिहरी बांध से जल छोड़ने पर एलर्ट रहें अधिकारी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इन दिनों टिहरी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने टिहरी के जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि पानी छोड़े जाने की सूचना देहरादून तथा हरिद्वार जनपद को समय पर दी जाए। साथ ही उन्होंने देहरादून तथा हरिद्वार जनपद को निर्देश दिए कि लगातार गंगा नदी के जलस्तर की निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।

प्रत्येक व्यक्ति तक एलर्ट पहुंचाना यएसडीएमए का लक्ष्य

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने मानसून अवधि में अब तक हुई क्षति को लेकर भी जनपदों से जानकारी ली। उन्होंने जनहानि, पशु हानि, भवनों को हुई क्षति के बारे में पूछा तथा आपदा प्रभावितों को वितरित की गई धनराशि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि अहेतुक सहायता वितरण में बिल्कुल भी विलंब न किया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से भेजे जा रहे विभिन्न अलर्ट्स तथा चेतावनियों का जनपद स्तर पर बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रसारण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप में प्रत्येक गांव के प्रधान, सरपंच के अलावा कम से कम 20 लोग जुड़े हों। उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के प्रत्येक नागरिक को विभिन्न प्रकार के अलर्ट तथा सूचनाओं उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में जनपदों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धनराशि का ब्यौरा मांगा, हेलीपैडों का ऑडिट किया जाएगा

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने कहा कि जनपदों में आपदा संबंधी सूचनाएं हर वक्त अपडेट रहनी चाहिए ताकि भारत सरकार तथा गृह मंत्रालय द्वारा जब भी सूचनाओं की मांग की जाती है, उन्हें तुरंत ही उपलब्ध करा दिया जाए। साथ ही उन्होंने जनपदों द्वारा खर्च की गई धनराशि को लेकर रिपोर्ट भेजने तथा आवश्यकता होने पर अतिरिक्त धनराशि के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि धराली आपदा से सबक लेते हुए सभी जनपदों को नदियों के किनारे संवेदनशील रिहायशी क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए अलर्ट मेकैनिज्म डेवलप करना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी जनपदों में ऐसे सभी हेलीपैडों ऑडिट करने का सुझाव दिया जो इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में उन्हें तुरंत उन्हें एक्टिवेट किया जा सके।

सीएम ने पीएम मोदी व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार किया व्यक्त

केंद्र सरकार द्वारा यूपीसीएल, उत्तराखण्ड द्वारा ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में एच.टी./एल.टी. लाइनों के भूमिगत करण एवं एससीएडीए ऑटोमेशन हेतु कुल परियोजना लागत ₹547.73 करोड़ (समानांतर जीबीएस ₹493.05 करोड़ सहित) तथा पी.एम.ए. शुल्क @ 1.5% परियोजना लागत (₹8.22 करोड़, जिसमें जीबीएस ₹7.39 करोड़) के साथ योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है

इस परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एचटी/एलटी विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा, साथ ही SCADA ऑटोमेशन प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति में पारदर्शिता, निगरानी और त्वरित सुधार की क्षमता विकसित होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगत करण एवं ऑटोमेशन के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) द्वारा ₹547.73 करोड़ की परियोजना को अनुमोदित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया था।
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ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक, पर्यटन और कुम्भ क्षेत्र के लिए यह परियोजना न केवल विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि नगर की सौंदर्यीकरण , सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उत्तराखण्ड सरकार इस परियोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी, जिससे प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीएम से भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने भेंट की। उन्होंने भराड़ीसैंण से सारकोट के लिए सड़क की स्वीकृति और कार्य शुरू होने और विगत में सारकोट में हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सारकोट की ग्राम प्रधान ने इस अवसर पर गांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, गांव से जुड़ने वाले आंतरिक मार्गों की अच्छी व्यवस्था, गांव की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने, गांव के रास्तों में सोलर लाइट की व्यवस्था करने और गांव से सबसे निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करने का उन्होंने अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सारकोट की ग्राम प्रधान को बधाई देते हुए कहा कि अवगत कराई गई सभी समस्यायों का उचित समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को इन सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य गांवों के लिए भी सारकोट आदर्श बनेगा।
इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।

सीएम ने स्पीकर के साथ भराड़ीसैंण में रोपा पौधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपण किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ और प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा ने भी इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।