मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र कुमार मित्तल, रणजीत सिंह जुयाल सहित 10 लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के वन सम्बंधित मामलों का तत्परता से निस्तारण हो रहा है। उत्तराखण्ड को केंद्र सरकार का हर संभव सहयोग एवं मदद प्राथमिकता पर मिल रही है।

लोकतंत्र सेनानी हमारे महानायकः मुख्यमंत्री

लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हमें लोकतंत्र की रक्षा करने वाले महानायकों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आपातकाल का कालखंड हमेशा एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। यह फैसला हमेशा की तरह देश को अपनी जागीर समझने वाले एक परिवार की हठधर्मिता और तानाशाही रवैए का परिणाम था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल में भारतीय संसद को बंधक बना लिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और न्यायपालिका की गरिमा तार-तार कर करोड़ों देशवासियों के मौलिक अधिकारों को रौंद दिया गया। आपातकाल के उन काले दिनों में सत्ता के नशे में चूर तत्कालीन सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं, सैंकड़ों पत्रकारों सहित हर उस आवाज का निर्ममता से दमन किया जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठ रही थी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल कर पूरे देश को एक खुली जेल बना दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नमन है लोकतंत्र के रक्षकों को, जिन्होंने जेल की कालकोठरियों को अपनी तपस्या की तपोभूमि बना लिया और लोकतंत्र के दीप को बुझने नहीं दिया। उस समय लोकनायक जयप्रकाश नारायण, श्रद्धेय नानाजी देशमुख, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी, आदरणीय लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीज और चंद्रशेखर जी जैसे असंख्य लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल लगाने के तानाशाही सरकार के उस निर्णय के विरुद्ध हुए आंदोलन को दिशा देने का काम किया। जेल की चारदीवारी में बंद रहते हुए भी इन नेताओं ने युवाओं के भीतर लोकतंत्र के प्रति चेतना जाग्रत करने का कार्य किया। उस समय आदरणीय अटल जी ने कई कविताओं के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने का कार्य किया। तानाशाही सरकार के दमन के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और जनसंघ सहित अनेकों सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भी अपनी पूरी शक्ति से लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए आंदोलन चलाया। इस आंदोलन को देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ और धीरे-धीरे ये आंदोलन एक राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में बदल गया।

उत्तराखंड के सपूतो ने भी लोकतंत्र बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पुण्य भूमि पर भी ऐसे अनेक सपूतों ने जन्म लिया, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए उस जनक्रांति में अग्रणी भूमिका निभाई थी। बागेश्वर के चंद्र सिंह राठौर ने शिक्षक रहते हुए छात्रों में लोकतंत्र के प्रति आस्था जाग्रत करने का कार्य किया जिसके लिए उन्हें कई यातनाएं झेलनी पड़ी, यहां तक कि अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा, जिसे 32 वर्ष के संघर्ष के बाद वे दुबारा प्राप्त कर सके। पौड़ी के गोविंद राम ढींगरा को भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबंध रखने के लिए जबरन जेल में डाल दिया गया था। उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में ऐसे सैंकड़ों उदाहरण हैं जिन्होंने लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने हेतु अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

लोकतंत्र का महत्व समझने के लिए आज के युवाओं को आपातकाल का इतिहास जानना होगा- सीएम धामी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आपातकाल के समय भूमिगत रहकर लोकतंत्र की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। यही कारण है कि उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराने हेतु 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने आपातकाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए 1978 में “संघर्षमां गुजरात” नामक एक किताब भी लिखी थी। कल ही गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री के आपातकाल के दौरान के संघर्ष पर लिखी एक नई पुस्तक “द इमरजेंसी डायरीज” का भी विमोचन किया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस पुस्तक और संविधान हत्या दिवस के माध्यम से भारत की नई पीढ़ी भी ये जान सकेगी कि किस तरह आपातकाल के दौरान संविधान को रौंदा गया और लोकतंत्र की आत्मा को निर्ममता से कुचला गया।

लोकतंत्र सेनानियों का हित और कल्याण हमारी प्राथमिकता- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान हेतु पूर्ण रूप से संकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश भर में आपातकाल के विरुद्ध हुए इस महान आंदोलन के बारे में हमारी युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की शक्ति और नागरिकों की लोकतंत्र के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके। हमारी सरकार आपकी प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। हम राष्ट्र के प्रति आपके अतुलनीय योगदान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु प्रतिवर्ष इसी प्रकार लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल हमारे प्रदेश के युवाओं को लोकतंत्र का महत्त्व समझाने में सहायक सिद्ध होंगे बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति और अधिक सजग बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु हमें एक नई शक्ति और ऊर्जा प्रदान करेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

मानसून सत्र में आएगा लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण व हित में अधिनियमः सीएम

सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों की मुद्दों के तत्परता से निस्तारण के लिए शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण व हित में मानसून सत्र में अधिनियम लाने की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों को लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए कहा। सीएम ने संबंधित सचिव को लोकतंत्र सेनानियों को तत्काल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह मिलने वाली सम्मान निधि को बढ़ाने का फैसला लिया था, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों की प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हम राष्ट्र के प्रति आपके अतुलनीय योगदान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु प्रतिवर्ष लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल लगाए जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस 2025 पर मुख्यमंत्री आवास में लोकतंत्र सेनानियों व उनके परिवारजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री धामी ने आपातकाल में मीसा एवं डीआईआर बंदियों के साथ संवाद किया।

समस्त लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन्होंने आपातकाल के अंधकारमय कालखण्ड में भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया, उन्हें सम्मानित करना अत्यंत गौरव का अवसर है। लोकतंत्र सेनानियों ने जेलों की काल कोठरियों में रहकर भी लोकतंत्र के दीप को बुझने नहीं दिया। यह लोकतंत्र प्रहरियों के तप, त्याग और अटूट संकल्प का ही परिणाम है, जिसके कारण भारत के प्रत्येक नागरिक के मन में लोकतंत्र के प्रति एकनिष्ठ आस्था विद्यमान है।

आपातकाल संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। 50 वर्ष पूर्व इसी दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था और संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था। और यह सब एक व्यक्ति की हठधर्मिता और तानाशाही रवैए का परिणाम था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को चुनावी भ्रष्टाचार का दोषी ठहराते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता को निरस्त कर दिया गया था। सत्ता छिन जाने के भय से 25 जून की रात को भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में आपातकाल की घोषणा करवा दी गई। भारतीय संसद का गला घोंट दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया और न्यायपालिका की गरिमा तार-तार कर लाखों देशवासियों के मौलिक अधिकारों को रौंद दिया गया। आपातकाल के उन काले दिनों में सत्ता के नशे में चूर तत्कालीन सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं, सैंकड़ों पत्रकारों सहित हर उस आवाज का निर्ममता से दमन किया जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठ रही थी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल कर पूरे देश को एक खुली जेल बना दिया गया था। मीसा और डीआईआर जैसे काले कानून को थोपकर हज़ारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में ठूंस दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण, श्रद्धेय नानाजी देशमुख और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं ने जेलों में रहते हुए भी लोकतंत्र के प्रति युवाओं में चेतना जाग्रत करने का कार्य किया। सत्ता के दमन का प्रतिकार करते हुए देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने तानाशाही के विरुद्ध सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र के पक्ष में जनजागरण प्रारंभ कर दिया। दिल्ली, बनारस, इलाहाबाद, पटना, जयपुर, पुणे, बेंगलुरु जैसे कई शहरों के अनेकों शैक्षणिक संस्थानों से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में बदल गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अनेकों सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भी अपनी पूरी शक्ति से लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए आंदोलन चलाया। हजारों युवाओं ने जेल जाना स्वीकार किया, यातनाएँ सही, लेकिन अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।
आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 के उस आम चुनाव में देश की जनता ने पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार को चुनकर लोकतंत्र की नई सुबह का सूत्रपात किया। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के बाद वो दूसरी सबसे बड़ी जनक्रांति थी जिसने भारत को सत्ता के एकाधिकार से मुक्ति दिलाने का कार्य किया था। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आपातकाल के समय भूमिगत रहकर लोकतंत्र की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। यही कारण है कि उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराने हेतु 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सत्ता को सेवा का माध्यम मानकर प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान हेतु पूर्ण रूप से संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज हमने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, आज प्रदेश भर में आपातकाल के विरुद्ध हुए इस महान आंदोलन के बारे में हमारी युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रदर्शनियों को आयोजित किया जा रहा है।

उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे। हम हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। एसडीजी रैंकिंग में हम प्रथम स्थान पर रहे है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, सचिव शैलेश बगौली, लोकतंत्र सेनानी कृष्ण कुमार अग्रवाल, प्रेम बड़ाकोटी, लोकतंत्र सेनानी स्व. बल्लभ भाई पांडेय की धर्मपत्नी शशी पांडेय तथा बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।

सीएम ने उत्तराखंड के हित में अनेक नीतिगत प्रावधानों में शिथिलता देने का किया आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाराणसी में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्रीगण उपस्थित थे।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से लगा उत्तराखण्ड राज्य सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार, सुरक्षा एवं रसद आपूर्ति की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया कि सीमा सड़क संगठन के माध्यम से उत्तराखण्ड को और अधिक सहायता प्रदान की जाए। वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सीमावर्ती गाँवों में सुविधाओं का विकास किया जाए जिससे वहां हो रहे पलायन को रोकने में सहायता मिल सके। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विकास के लिए भारत नेट योजना, 4-जी विस्तार परियोजना तथा उपग्रह आधारित संचार सेवाएं प्रारंभ करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखंड राज्य के हित में केंद्र सरकार से कुछ नीतिगत प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के केंद्रीय अनुदान का आवंटन एकमुश्त किये जाने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कुशल संचालन हेतु अतिरिक्त सहयोग प्रदान करने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अध्ययन के लिए राज्य में एक उच्चस्तरीय ग्लेशियर अध्ययन केंद्र की स्थापना किये जाने और जैव विविधता संरक्षण संस्था की स्थापना के लिए भी केंद्र से तकनीकी सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने राज्य में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सहयोग मांगा। उन्होंने उत्तराखण्ड में वर्ष 2026 में नंदा राजजात यात्रा और 2027 में कुम्भ मेले के सफल एवं भव्य आयोजन हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत पर्वतीय भू-भाग वाले उत्तराखण्ड राज्य का 71 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। राज्य की जटिल भौगोलिक परिस्थिति तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य की आर्थिक गतिविधियाँ सीमित हैं। इन प्रतिकूल परिस्थितियों एवं सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ ही इस वर्ष जारी केयर एज रेटिंग रिपोर्ट में सुशासन एवं वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में छोटे राज्यों की श्रेणी में भी उत्तराखण्ड को दूसरा स्थान मिला है। राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, भू-कानून बनाकर उत्तराखण्ड को समरस एवं सुरक्षित राज्य बनाने हेतु कार्य किये जा रहे हैं। वोकल फॉर लोकल, विरासत एवं संस्कृति, शिक्षा एवं कौशल, सहभागिता तथा आत्मनिर्भरता के सूत्रों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लगभग तीन लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के विभिन्न माध्यमों से जोड़ने की महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की गई है। उत्तराखंड को आयुष तथा वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में देश की पहली ’’योग नीति’’ का शुभारंभ भी किया गया है। राज्य में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना करने का निर्णय भी लिया गया है। इन प्रयासों और राज्य सरकार की प्रतिबद्धताओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में केन्द्र सरकार द्वारा भरपूर समर्थन और सहयोग मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की विगत वर्षों की बैठकों में अनेकों महत्वपूर्ण नीतिगत एवं अंतर्राज्यीय विषयों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। देश में सहकारिता, सुरक्षा और क्षेत्रीय समन्वय के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और गृह मंत्री के प्रयासों से भारत आंतरिक रूप से कहीं अधिक सुरक्षित, संगठित और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होकर विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हुआ है।

भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज ऑडिटोरियम में भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड द्वारा आयोजित युवा कार्यकर्ता सम्मेलन एवं संघ के स्वर्णिम सत्तर वर्षों का समापन समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकुल के इतने बड़े संस्थान में एक बड़ा सेन्टर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन, अध्यात्म, शिक्षा, आयुर्वेद ज्योतिष ध्यान के क्षेत्र में एक केन्द्र बने। इसके लिए घोषण की कि मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की स्थापना इस ऋषिकुल में की जायेगी, जिसमें योग, ध्यान एवं अध्यात्म आदि अनेक विधाओं का अध्ययन किया जायेगा। इससे स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारतीय मजदूर संघ एक विस्तारित रूप में संगठित है, संगठन कों सुरूआती दौर में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। 23 जुलाई 2025 को यह संगठन अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सात दशक की यात्रा में तपस्या एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिए एवं स्वदेशी विचारधारा को लिए हुए संगठन ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने श्रम योगी से राष्ट्र योगी बनने का मार्ग प्रशस्त किया। देश की आजादी के बाद देश में संसाधनों की कमी थी लेकिन हमारे श्रमिकों द्वारा राष्ट्र निर्माण में जो कार्य किया है वह अविश्वसनीय है। आज देश में संसाधनों की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि 7 दशक पूर्व देश में श्रमिकों द्वारा संचालित आंदोलनों पर विदेशी विचारधारा से प्रभावित होने के कारण स्वदेशी विचारधारा शून्य रहती थी। उस समय आंदोलनो में वंदे मातरम एवं भारत माता की जय का उद्घोष करने पर विकट स्थिति उत्पन्न हो जाया करती थी। संगठन एक विशाल वृझ बनकर श्रमिकों के हितों के लिए कार्य कर रहा है। संगठन ने देश के श्रमिकों, विद्यार्थियों, एवं युवाओं को एक नई विचारधारा दी है। आज हमारी सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक योजनाओं के अंतर्गत कार्य कर रही है, देश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार द्वार चलाए जा रहे श्रम पोर्टल पर करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। हमारी सरकार श्रमिकों के हितों के इएसआई, इएफओं, बीमा की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ श्रमिकों का कल्याण कर रही है। श्रमिक भाइयों के हितों के लिए कई योजनाएं लागू की है उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा स्वास्थ्य एवं मोबाइल की सुविधा दे रही है, उनके 75 मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु रुद्रपुर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में उच्च तकनीकी शिक्षा प्रदान करा रही है, जिन्हें, शिक्षा, आवास भोजन पूर्ण रूप से निःशुल्क उपलब्ध करा रहे है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

उन्होंने कहा कि श्रमिक केवल श्रम के साधक ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के पथ निर्माता भी हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की विशेष भूमिका रहने वाली है।

उन्होंने कहा विश्व का सबसे युवा देश भारत है, जिसकी आबादी का 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया गया, सही मार्गदर्शन मिलेगा तो जल्दी हमारा देश महाशक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्किल इण्डिया के लिए पहली बार डिपार्टमेंट बनाया। यह अभियान युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी हमारी सांस्कृति विरासत भी पुनरोत्थान की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संशक्त समृद्ध राष्ट्र के संकल्प के साथ विकसित और आत्म निर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्रमेव जयते के मन्त्र को धरातल पर उतारते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर अनेक काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक ऐंसी योजनाएं लाई जा रही हैं, जिसके कारण से समाज के अन्तिम छोर पर काम करने वाले हमारे श्रमिक भाई, उनका उत्थान हो, कल्याण हो, हर प्रकार से उनकी प्रगति हो, वह भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि देश के 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों के सरलीकरण के उद्देश्य से उनकों चार व्यापक श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण करते हुए औपचारिक अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा गया है। जिसके माध्यम से करोड़ो श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हुई है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए श्रमयोगी मानधन योजनान्तर्गत एक हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। श्रमिकों के लिए आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा कार्ड, स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। सरका यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों को किसी भी स्तर पर उपेक्षित न रहना पड़े, कहीं परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट विभाग की स्थापना की गई है, सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में अनेक कार्य किये जा रहे हैं उन्हें भगवान रामचंद्र का जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर निर्माण कार्य, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान का कार्य एवं वर्ष 2013 में आई श्री केदारनाथ में भीषण आपदा के बाद श्री केदारनाथ का पुनः निर्माण कार्य हो इन सब के निर्माण में हमारे श्रमिकों द्वारा जितनी तेजी से इनका निर्माण कार्यों को सजाने सवारने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज उत्तराखंड चारधाम यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में अकल्पनीय बढ़ोतरी हुई है, इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अभी तक एक माह 21 दिन में 12 लाख से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं, वही चारों धाम में 33 लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी स्थान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कोई भी आतंकी घटना घटित होती है तो विश्व की नजर भारत की ओर रहती है भारत का स्टैंड क्या रहने वाला है। आज दुनिया में एक ही विचारधारा वाले देश आपस में युद्ध से प्रभावित हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना के शौर्य को पूरी दुनिया ने देखा हम वो देश नहीं जो सिर्फ टेबल टॉक करने वाले है, हमने सीधे दुश्मन के घर में घुस कर दुश्मनों के ठिकानों को नेस्तानाबूत किया, जिसका परिणाम यह रहा कि चार दिन में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, हमारी मिसाइलो ने दुश्मनों के आतंकवादी ठिकानो को चुन-चुन कर तबाह किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद पर हमारी सरकार शक्ति से कार्य कर रही है पहले कहीं भी कोई भी पीला, नीली हरी चादर बिछाकर एवं दूसरे तरीके से लैंड कब्जाने का कार्य करते थे, ऐसे लैंड माफियाओं से अभी तक हमारी सरकार ने 6500 एकड़ अवैध जमीन को मुक्त कराया एवं अवैध निर्माणों को हटाया गया है। जब भी हम दुनिया के दूसरे देशों में जाते हैं उनसे भेंट वार्ता करते हैं तो वे हमें पूछते हैं आप कहां से आए हैं अपना परिचय देते हुए जब हम कहते हैं हम भारतवर्ष के उत्तराखंड राज्य से आए हैं उनके के चेहरों के भाव बदल जाते हैं कहते हैं कि आपक देव भूमि उत्तराखंड से आए हो उस वक्त हमें गर्व अनुभूति होता है। देवभूमि के मूल अस्तित्व के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं कर सकता, हल्द्वानी की वन भूलपुरा में हुई दंगों को देखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में सशक्त दंगा कानून लाए इसके साथ ही पहले प्रदेश के प्रतिभावान छात्र, युवा चार-पांच साल से तैयारी में लगे रहने के बाबजूद भी चयन नहीं हो पता था नकल विरोधी कानून लाने से अब प्रदेश के प्रतिभावान छात्र एवं युवा तीन से चार प्रतियोगिता परीक्षाओं में चयन कर रहे है अब चयन का आधार नकल नहीं प्रतिभा है। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत कार्य कर रही है जो भी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने पद, कर्तव्यों एवं जानकल्याण के हितों के कार्यों में लापरवाही बरतेगा उन्हें बख्सा नहीं जाएगा, अब छोटी-बड़ी मछलियों के साथ ही बड़े-बड़े मगरमच्छो को भी नहीं छोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि 2022 से अभी तक हमारी सरकार ने 200 से अधिक जिन्होंने अपने कर्तव्य की प्रति ढलाई दिखाई उन्हें सजा दिलाई है। हमारी सरकार का जो संकल्प यात्रा है वह एक सामूहिक यात्रा का संकल्प है प्रदेश के सभी लोगों के संकल्प यात्रा का ध्वजको मेरे हाथों में सौंपा है, आज हमारा राज्य कई मामलों में अग्रणी है पूरे देश में कई फैसलो के मामले में उत्तराखंड अलग ही उदाहरण है। हमारी सरकार ने देश में रहने वाले कोई भी वर्ग, धर्म, पंथ का हो 2022 के आम चुनाव में घोषणा की थी कि महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु पूरे प्रदेश में 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता कानून लाये है, इस मामले में उत्तराखंड भारत का प्रथम राज्य बना। हमारे इस संकल्प में कोई विकल्प नहीं है।

कार्यक्रम में विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मेयर किरन जेसल, अखिल भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री रविन्द्र मितरे, प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश यूनियन महामंत्री सुमित सिंघल, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, लव शर्मा, आशु चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष शौभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों के समग्र विकास के लिए एक समेकित और लक्ष्य आधारित योजना बनाई जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 24 जून को वाराणसी (बनारस) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय की भावना के अनुरूप ऐसे ठोस और नवाचारपरक प्रस्ताव तैयार किए जाएं जो प्रदेश के समग्र, सतत और संतुलित विकास को नई गति प्रदान कर सकें। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को राज्य में बच्चों के पोषण, शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का भविष्य ही राज्य और देश का भविष्य है, अतः उनके समग्र विकास के लिए एक समेकित और लक्ष्य आधारित योजना बनाई जाए। उन्होंने आईसीडीएस (समेकित बाल विकास योजना), खाद्य सुरक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा खेल विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा, ताकि बच्चों को उचित पोषण, खेल गतिविधियां, स्वास्थ्य सेवाएं और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को इस योजना का लाभ मिले, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए 112 हेल्पलाइन नंबर का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता आवश्यक समय पर इस सुविधा का लाभ ले सके।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नियमित रूप से कुपोषण और एनीमिया के मामलों की समीक्षा करने तथा बच्चों की स्थिति में सुधार हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जिला स्तर पर ऐसे प्रयासों की निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था सशक्त की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, सचिव विनोद कुमार सुमन एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया प्रदेशवासियों को योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री आवास परिसर में योगाभ्यास किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और आत्मबोध की एक प्रक्रिया है। यह हमारे मन को स्थिर कर चेतना की गहराइयों तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने सदैव मानवीय मूल्यों को सर्वाेपरि रखा है और हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग है। यही कारण है कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है और भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग और ऋषि मुनियों की भूमि है। ग्राम स्तर तक सभी लोग योग से जुड़े, सरकार द्वारा इस दिशा में प्रयास किए गए हैं। योग से रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए नई योग नीति लाई गई है।

विद्युत परिसंपत्तियों को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के तहत क्षतिपूर्ति के दायरे में लाने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर राज्य के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के दृष्टिगत केंद्रीय गृह मंत्री से देहरादून में “साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना के लिए 63.60 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति का अनुरोध किया है। यह सेंटर डिजिटल अपराधों की रोकथाम, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, साइबर फोरेंसिक और आधुनिक संसाधनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य की विद्युत अधोसंरचना को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति पर चर्चा करते हुए अवगत कराया कि छोटे हिमालयी राज्यों की भौगोलिक विषमताओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण परिसंपत्तियों को एनडीआरएफ/एसडीआरएफ के तहत क्षतिपूर्ति के दायरे में लाया जाए। इससे राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक प्रभावी व सशक्त होगा।

मुख्यमंत्री ने सितारगंज केंद्रीय कारागार के विस्तार के प्रस्ताव पर 150.16 करोड़ रुपये की लागत से शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से सफलतापूर्वक आयोजित उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर समिट-2023 का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य ने 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का विषय बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि इसे उत्सव के रूप में मनाते हुए ‘उत्तराखण्ड निवेश उत्सव’ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसे पंतनगर-रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री के सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नए भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार का निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग राज्य के विकास को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को पत्रकारों के लिए लगेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कैम्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के क्रम में मंगलवार 17 जून को स्वास्थ्य और सूचना विभाग की ओर से पत्रकारों और उनके परिजनों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के लिए, विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा जांच के साथ ही परामर्श भी प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पत्रकारों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए गत दिनों अधिकारियों को पत्रकारों के लिए विशेष मेडिकल कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग और सूचना विभाग के संयुक्त प्रयासों से मंगलवार को प्रातः 11 बजे से रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय में इस विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कैम्प में स्वास्थ्य की सभी आवश्यक जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पत्रकारों को समुचित चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार मिल सके।

निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कैम्प में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विवेकानंद सत्यावली, डॉ. अंकुर पांडे, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार, ईएनटी डॉ. नितिन शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शांति पांडे, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर उपाध्याय, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रा जोशी, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल जोशी, दंत रोग के डॉ. देवाशीष सवाई, डॉ. योगेश्वरी, सर्जन डॉ. दिनेश चौहान, यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोज विश्वास के साथ ही त्वचा और मानसिक रोग के विशेषज्ञों द्वारा भी पत्रकारों का स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही परामर्श प्रदान किया जाएगा। हेल्थ कैम्प में लगभग 265 जांचें निःशुल्क की जाएंगी।

पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। इसलिए उनका स्वस्थ होना बेहद ज़रूरी है। इसी क्रम में यह स्वास्थ्य कैम्प आयोजित किया जा रहा है। आगे भी समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य कैम्प आयोजित किए जाएँगे, ताकि पत्रकारों को निरंतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।

सीएम ने मानसून को देखते हुए पुरानी एम्बुलेंस वाहनों को तत्परता से बदलने के निर्देश दिए

सीएम धामी ने मानसून के दौरान किसी भी भूस्खलन की आपात स्थिति के दौरान घटना स्थल पर 15 मिनट के भीतर अनिवार्यतः जेसीबी पहुंचाने के सख्त निर्देश लोक निर्माण विभाग सहित सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने तत्परता से राज्य का लैण्डस्लाइड मैप तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बरसात से पहले राज्य के सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट करते हुए सम्बन्धित सचिव को विशेषरूप से हल्द्वानी से कैंचीधाम, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ रुट के पैच वर्क एवं राज्य के सभी पुलों की समीक्षा हेतु तत्काल निरीक्षण दौरा करने के निर्देश दिए हैं। मानसून सीजन एवं मेडिकल आपातकाल के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुरानी एम्बुलेंस वाहनों को तत्परता से बदलने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मेडिकल इमजेंसी जैसी स्थिति की दृष्टि से पिथौरागढ़ एक अतिरिक्त हैलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में हैलीपेड एवं एयपोर्ट निर्माण सम्बन्धित कार्यवाही को तीव्र करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए हैं। सीएम ने मानसून के दौरान जीर्ण शीर्ण विद्यालयों का चिन्हीकरण करते हुए इनमें विद्यार्थियों का पठन-पाठन बंद करवाते हुए तत्काल प्रभाव से शेल्टर की व्यवस्था करने के निर्देश शिक्षा विभाग एवं जिलाधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में स्कूल, अस्पतालों, आश्रमों जैसे स्थलों संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा की दृष्टि से वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जलाश्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए नियमित रूप से सिल्ट हटाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर जेैसे मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के स्थायी समाधान एवं जल निकासी को लेकर विशेषज्ञ एंजेसी की सहायता से सर्वे करते हुए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को बन्द सड़को की रियल टाइम जानकारी की नियमित रूप से एप एवं वेबसाइट पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सभी जिलाधिकारियों के साथ मानसून सीजन एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।

राज्य में आपदा के रिस्पॉन्स एवं पूर्व तैयारियों के मामलों में अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनजागरूकता हेतु आपदा से सम्बन्धित टॉल फ्री नम्बर, सचेत एप आदि का समुचित प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपदा के मामलों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए टीम भावना एवं प्रभावी समन्वय से कार्य करने की नसीहत दी। इसके साथ ही उन्होंने एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के जवानों की मदद हेतु स्थानीय लोगों को भी आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल करने एवं प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अस्पताल, स्कूलों, आश्रम सहित सभी संवेदनशील जगहों पर बिजली के खुले तारों को सुरक्षित कवर करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तत्परता से मलबा हटवाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने आपदा के लिहाज से संवेदनशील सभी स्थानों में पर्याप्त मात्रा में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टुकड़ियों तैनात करने के निर्देश दिए। हेलीकॉप्टर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी हेलीपेडों में सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने तथा हेलीपैडो का सेफ्टी ऑडिट करने को कहा। उन्होंने आपदाओं के दृष्टिगत पिथौरागढ़ जनपद में भी एक हेलीकॉप्टर तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पिथौरागढ़ जनपद में एयरपोर्ट के विस्तार के कार्यों तथा प्रक्रिया को तेज करने तथा मेडिकल कॉलेज के कार्य को भी शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आपदा के समय पिथौरागढ़ जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को समुचित उपचार मिल सके। उन्होंने मानसून के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं का डेटाबेस बनाने और ऐसी महिलाएं जिनकी डिलीवरी अगले चार माह में होनी है उसके लिए अभी से प्रबंध करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद में गोला एप्रोच रोड के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने तथा यदि इस काम के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है तो शासन से उसकी मांग करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकिया की पर्याप्त मात्रा में स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जीर्ण शीर्ण स्कूल के भवनों की मरम्मत करने तथा 15 दिन के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के लिहाज से संवेदनशील ऐसे स्कूल भवन जो खतरे की जद में हैं, उनकी मरम्मत जल्द से जल्द की जाए।

चार धाम यात्रा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इस वर्ष अधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अत्यधिक बारिश या भूस्खलन के चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए और स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे रवाना किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न बांधो तथा जलाशय का भी निरीक्षण करने तथा इनमें जमा सिल्ट को निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है कि जलाशयों की भंडारण क्षमता कम ना हो। जलाशयों की भंडारण क्षमता कम होगी तो जिस उद्देश्य से जलाशय बनाए गए हैं उसकी पूर्ति नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को तो रोक नहीं जा सकता लेकिन अच्छी तैयारी और उचित प्रबंधन से उनके जोखिम को काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने अनुभवों से सीखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए समुदायों की भागीदारी तथा स्वयंसेवकों की एक संगठित तीन तैयार किया जाना नितांत आवश्यक है और सभी जनपद इस दिशा में जल्द से जल्द कार्य करते हुए कार्य योजना बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी रेखीय विभागों से आगामी मानसून के दौरान आपसी समन्वयी और सामंजस्य स्थापित करते हुए कार्य करने को कहा। साथी उन्होंने भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग करने तथा उनका डेटाबेस बनाने के निर्देश दिए ताकि प्रभावी तरीके से उनका ट्रीटमेंट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कैंची बाईपास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सभी जगह से अनापत्ति लेने संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सड़क निर्माण किया जाए। साथी उन्होंने क्वारब में भूस्खलन का जल्द से जल्द ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी हेल्पलाइन तथा टोल फ्री नंबरों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि आकस्मिकता तथा आपदा की स्थिति में लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

बैठक में उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विनय कुमार रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली एवं अन्य अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने किया आईटीबीपी के हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। विमान दुर्घटना में दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईटीबीपी के वीर जवानों, अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल साहस और संकल्प का प्रतीक है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सामरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश होते हुए लद्दाख तक लगभग 1032 किलोमीटर की कठिन यात्रा करेगा। यह अभियान न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की निगरानी सुनिश्चित करेगा, बल्कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान तथा स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि वीरभूमि उत्तराखंड से बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा करने वाले वीर जवान देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, वर्ष 1962 से लगातार देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आपदाओं के समय भी राहत व बचाव कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने एक बार फिर साबित किया कि देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किया गया है, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि की गई है, और बलिदानियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में समायोजन की अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पाँच वर्ष कर दिया गया है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा, संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट, और बेटियों के विवाह हेतु विशेष अनुदान जैसी योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।

आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल ने कहा कि हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान के तहत आईटीबीपी का दल कुल 1032 किमी की दूरी तय करेगी। इसमें दल 27 घाटियों और 27 दर्रों को पार करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेकिंग रूट में कुल 84 वाइब्रेंट विलेज आयेंगे। इस दौरान अभियान दल द्वारा स्थानीय लोगों को 3.5 लाख फलदार पौधे भी वितरित किए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, आईजी आईटीबीपी गिरीश चन्द्र उपाध्याय एवं आईटीबीपी के जवान मौजूद थे।