राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और 34 के सुधार कार्यों के लिए 720.67 करोड़ की परियोजना स्वीकृत

उत्तराखंड के देहरादून जिले में सड़क कनेक्टिविटी और यातायात सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के देहरादून-लाल टप्पर-नेपाली फार्म खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के नेपाली फार्म-मोतीचूर खंड (कुल लंबाई 36.82 किमी) के सुधार कार्य हेतु ₹720.67 करोड़ की लागत से परियोजना को स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच तेज़ और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि चारधाम यात्रा मार्ग को भी अधिक सुलभ एवं सुगम बनाएगी।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मौजूदा व्यस्त जंक्शनों पर ग्रेड सेपरेशन और स्थानीय यातायात को मुख्य मार्ग के ट्रैफिक से अलग कर सड़क सुरक्षा में व्यापक सुधार करना है। इसके अंतर्गत अतिरिक्त सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात का दबाव कम होगा।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास हो रहा है और यह परियोजना राज्य के विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम है।

पीएम के नेतृत्व में 11 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र से कार्य हुएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 साल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अलग पहचान बनाई है। विकसित भारत के संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 11 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ कार्य किये जा रहे हैं। यह कालखंड हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। विकास और नवाचार की दिशा में देश में अनेक कार्य हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान साबित हो रही है। मेक इन इंडिया की ताकत से निर्यात के क्षेत्र में भारत की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-धन योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छता अभियान, किसान सम्मान निधि और निशुल्क राशन योजना जैसी अनेकों जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को मिल रहा है, जिसका परिणाम है कि आज भारत की गरीबी दर में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। पिछले 11 साल में 27 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धारा 370 की समाप्ति, तीन तलाक पर प्रतिबंध जैसे साहसिक निर्णय लिये गये। उन्होंने कहा कि भारत न केवल स्वदेशी रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि दुनिया को निर्यात भी कर रहा है। भारत के रक्षा निर्यात में तेजी से वृद्धि हुई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग वैश्विक स्तर पर 142 से सुधरकर 63 पर पहुंची है। मध्यम वर्ग को राहत देते हुए नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स से छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को एक नई रफ्तार दी है। 99 प्रतिशत गांव सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। रेल और हवाई कनेक्टिविटी का भी तेजी से विस्तार हुआ है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम द्वारा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। स्टार्टअप इंडिया योजना ने भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण कार्य बहुत तेजी से हो रहा है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं। केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।

उत्तरकाशी के पुरोलावासियों को मिली 210 करोड़ रूपये की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के पुरोला में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 210 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 35 योजनाओं का लोकार्पण तथा 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुरोला स्थित खेल मैदान के उच्चीकरण, मोरी के देवरा गांव में कर्ण महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण, नौगांव में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण, नौगांव सामुदायिक स्वास्थ केंद्र का विस्तारीकरण, पुरोला – नौगांव मोटर मार्ग डूकाणा रोड होते हुए मोरी बैंड तक बाईपास का निर्माण एवं मोरी के पट्टी गडूगाड़ के देवजानी ओरा से केदारकांठा तक पर्यटक क्षेत्र के घोषित किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा लोकार्पण एवं शिलान्यास की गई योजनाओं से उत्तरकाशी जनपद के पुरोला और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ये योजनाएं क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन विकास योजनाओं से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बल मिलेगा तथा कनेक्टिविटी और रोजगार के बेहतर अवसरों की उपलब्धता में भी ये सहायक होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ हर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पूर्व में की गई घोषणाओं को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्यारह वर्ष का कालखंड सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो रहा है। उन योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा अपराधी मानसिकताओ के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है। राज्य में सख्त भू कानून लागू किया गया है। साथ ही देश में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड, पहला प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरोला क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य पेयजल, सड़क के क्षेत्र में जो विकास कार्य हुए है, वो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे जिससे इस क्षेत्र का समेकित विकास होगा। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में पर्यटन और बागवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाए हैं।

पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने पूरे क्षेत्र की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने रंवाई क्षेत्र में अस्पताल के भूमि पूजन और मोरी जखोल मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अर्पित किया। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस, यूसीसी और सिल्क्यारा सुरंग रेस्क्यू जैसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

इस अवसर पर विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, पूर्व विधायक माल चंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष पुरोला बिहारी लाल शाह ,जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, एवं अन्य लोग मौजूद थे।

रूद्रपुर नगर निगम को मिला सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 (सरकारी श्रेणी) में नगर निगम रूद्रपुर को सम्मानित किया गया। नगर निगम रुद्रपुर से उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 (गैर सरकारी श्रेणी) में विजय जड़धारी एवं प्रताप सिंह पोखरियाल को सम्मानित किया गया। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जागरूकता पोस्टर का विमोचन एवं इको टूरिज्म कॉर्पाेरेशन द्वारा तैयार किए गए पोर्टल का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड की शपथ दिलाई एवं स्कूली बच्चों को कपड़े के बैग प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग को इस वर्ष प्रदेश के प्रत्येक वन डिवीज़न में कम से कम एक हज़ार फलदार वृक्ष लगाए जाने के निर्देश दिए। जिससे जंगली जीव-जंतुओं के लिए पर्याप्त आहार मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और यात्रियों से आग्रह किया कि जीव-जंतुओं को ऐसी वस्तुएँ न खिलाएँ जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हों। उन्होंने आह्वान किया कि जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अवश्य पौधारोपण करें। ऐसे प्रयासों के संकल्प से ही हम पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण राज्य है। घने जंगल, पवित्र नदियाँ, हिमालयी ग्लेशियर हमारे राज्य की भौगोलिक पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर आगे बढ़ रहा है। सोलर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार, लोकपर्व हरेला को प्रकृति संरक्षण के महापर्व के रूप में बृहद स्तर पर मनाती है। प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ’स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में प्रदेश में लगभग 6,500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं उपचार का कार्य सफलतापूर्वक किया गया है। लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन भी किया गया है। चारधाम यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक, पर्यटन और अन्य अवसरों पर प्रदेश में आने वाहनों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा हाल ही में प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया गया था। इस आयोजन में सभी मेडल और पुरस्कार ई-वेस्ट सामग्री से बनाए गए और खेल किट भी रीसाइकल्ड सामग्री से तैयार किए गए।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है। जिसके फलस्वरूप आज देश में कार्बन को अवशोषित करने वाले सर्वश्रेष्ठ पांच राज्यों में उत्तराखंड का नाम है। उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए हमने जन सहभागिता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आज राज्य में प्लास्टिक के विकल्प पर भी कार्य किया जा रहा है। प्लास्टिक के न्यूनतम इस्तेमाल हो, इसका हमें विशेष ध्यान रखना होगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी महत्वपूर्ण है, जिसके लिए ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट का कांसेप्ट लाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य स्तर पर पर्यावरण पुरस्कार देने की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा पर्यावरण और जल संरक्षण का कार्य हर किसी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, शासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः सीएम ने की घोषणा, लोक कलाकारों को मिलेगा दुर्घटना बीमा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में लोक संस्कृति के सम्वर्धन से जुड़े सांस्कृतिक दलों के लोक कलाकारों के व्यापक हित में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हेतु मार्ग दुर्घटना की स्थिति में लोक कलाकारों का दुर्घटना बीमा (इंश्योरेंस) किये जाने की घोषणा करते हुए निर्देश दिये हैं कि संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक दलों का कार्यक्रम आवंटन एवं भुगतान संस्कृति निदेशालय से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संस्कृति को बढावा देने वाले हमारे संस्कृति कर्मी हमारी पंरम्परागत लोक संस्कृति, लोक संगीत एवं लोक कला को पहचान दिलाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार सांस्कृतिक दलों से जुडे कलाकारों के हित में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने शुरू किया “विकसित कृषि संकल्प अभियान“

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में “विकसित कृषि संकल्प अभियान“ की शुरुआत करते हुए कहा कि, अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी राज्य के 95 विकासखंडों, 670 न्याय पंचायतों और 11440 गाँवों में किसानों से संवाद करेंगे।

गुनियाल गांव से इस अभियान की शुरुआत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अभियान के अंतर्गत 29 मई से 12 जून तक देशभर के 700 से अधिक जिलों में 2000 से अधिक वैज्ञानिक दलों द्वारा डेढ़ करोड़ किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा। इस अभियान के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में तीन टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन तीन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करेंगी, ऐसे प्रत्येक कार्यक्रम में 600 से अधिक किसानों के साथ संवाद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकसित कृषि संकल्प अभियान“ के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि, जलवायु और ज़रूरत के अनुसार उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ मृदा परीक्षण के आधार पर लाभकारी फसलों के चयन के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, कृषि, पशुपालन, बागवानी जैसी योजनाओं की भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान के माध्यम से किसानों के अनुभव, पारंपरिक ज्ञान, नवाचार और सुझावों को भी संकलित किया जाएगा, जिससे भविष्य में वैज्ञानिक शोधों को और अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अभियान हमारे राज्य के कृषि क्षेत्र को आधुनिकता और नवाचार के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ हमारे अन्नदाताओं को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत ’विकसित राष्ट्र’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा हमारे अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जहां एक ओर देशभर के 11 करोड़ किसानों को “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना” के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों की आय में निरंतर बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, फसल बीमा योजना, किसान मानधन योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंदबूंद सिंचाई योजना, डिजिटल कृषि मिशन जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना के जरिए कृषि उपकरण खरीदने हेतु 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है। गेहूं खरीद पर कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. का बोनस दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने गन्ने के रेट में भी 20 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। इसी तरह राज्य में 6 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। इस बार के बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान विशेष रूप से पॉलीहाउस निर्माण के लिए किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को बढ़ाने के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट“ भी स्वीकृत किया गया है। हाल ही में राज्य सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ’स्टेट मिलेट मिशन’ और ’ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि गुनियाल गांव में सामुदायिक भवन का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कराने एवं सौंग नदी के गिरते हुए जल स्तर को रोकने के लिए गुनियालगांव के निचले क्षेत्र में दो स्थानों पर आरसीसी दीवार, चौक डैम तथा कट ऑफ वॉल बनाई जायेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड में पंतनगर, भरसार और अल्मोड़ा जैसे प्रतिष्ठित कृषि संस्थानों की मौजूदगी से यह अभियान और भी प्रभावशाली होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 विपणन सत्र के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (डैच्) में 50 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि को मंजूरी दी है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि इससे देश भर के करोड़ों किसानों को सीधा लाभ होगा।

इस अवसर पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, दायित्वधारी भुवन विक्रम डबराल, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान, कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, कुलपति भरसार विश्वविद्यालय डॉ. प्रमेन्द्र कौशल मौजूद थे।

सौर प्लांटों के रख-रखाव के लिए प्रत्येक जनपद में लोगों को प्रशिक्षण दिया जायेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के विकासकर्ताओं के साथ मुख्य सेवक संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं को सौर सखी नाम दिया जायेगा। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और स्वरोजगार से जुड़ी अन्य योजनाओं को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने विकासखण्डों में विशेष शिविरों के आयोजन किये जायेंगे। सौर प्लांटों के रख-रखाव के लिए प्रत्येक जनपद में लोगों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य में 250 मेगावाट का लक्ष्य पूर्ण किया जा चुका है। इस योजना को और विस्तार की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। सौर ऊर्जा का स्रोत असीमित होने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, पीएम कुसुम जैसी योजनाओं के साथ ही भारत के नेतृत्व में इंटरनेशनल सोलर अलाइंस का गठन सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य भी उन्होंने रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति भी लागू की है। वर्ष 2027 तक 2500 मेगावाट सोलर क्षमता का लक्ष्य रखा है। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष सब्सिडी प्रदान की जा रही है। पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से भी सोलर पावर प्लांट्स की स्थापना के लिए लाभार्थियों को सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 20 से 200 किलोवाट तक की परियोजनाएं स्थापित करने पर 20 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। महिलाओं, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के साथ -साथ दिव्यांगजनों को 5 प्रतिशत का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत संयंत्र स्थापित करने के लिए ऋण पर 4 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। यूपीसीएल द्वारा पावर परचेज एग्रीमेंट के माध्यम से 25 वर्षों का अनुबंध कर बिजली खरीद की गारंटी भी सुनिश्चित की गई है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए आवेदन से लेकर आवंटन तक की व्यवस्थाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सरल, सुलभ और दक्ष बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनकर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। ’वोकल फॉर लोकल’, ’मेक इन इंडिया’ और ’स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से हमने स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, जबकि ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड ने हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है।

संवाद के दौरान उत्तरकाशी के शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना पर्वतीय क्षेत्रों के लिए काफी फायदेजनक हैं, इससे बजंर भूमि का सदुपयोग भी हो रहा है। चमोली के विकास मोहन ने कहा कि इस योजना का विकासखण्ड स्तर तक प्रचार हो, ताकि लोग इसका अधिकतम फायदा उठा सकें। पौड़ी की रूपा रानी ने कहा कि महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में योजना बनाई जानी चाहिए। चम्पावत के केतन भारद्वाज ने कहा कि सोलर प्लांटों के रख-रखाव के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव एवं निदेशक उरेडा रंजना राजगुरू, प्रबंध निदेशक यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी.ध्यानी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के ग्राम पंचायत पीतना में बहुउद्देशीय भवन के निर्माण किये जाने हेतु 95.84 लाख, कूर्माचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद, देहरादून को भवन निर्माण आदि कार्यो हेतु 01 करोड़, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र हेतु Construction of 20 KLD Co-Treatment Plant to Fecal sludge and septage with sewage at existing 28 MLD STP योजना हेतु 236.51 लाख, जनपद चमोली की गोपेश्वर शाखा के अन्तर्गत मायापुर पेयजल योजना में आर.बी.एफ. नलकूप निर्माण हेतु 376.28 लाख धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अर्न्तगत विधानसभा क्षेत्र पौडी गढवाल के विकास खण्ड कोट में पालीखाल घमुण्ड चमोली मोटर मार्ग के सुदृढीकरण एवं डामरीकरण किये जाने हेतु 522.46 लाख, जनपद पिथौरागढ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में तवाघाट-थानीधार मोटर मार्ग में डामरीकरण कार्य हेतु 355.95 लाख, विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में कनालीछीना पीपली मोटर मार्ग के सांगडी से अम्बेडकर ग्राम लीमाटोडा मोटर मार्ग में पुनः निर्माण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए 387.75 लाख धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया है।

21 जून को भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इस बार, चमोली जनपद स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत शामिल होंगे।

निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम चमोली जनपद में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे, उक्त सभी गणमान्य 20 जून के दोपहर तक भराड़ीसैंण पहुंच जाएंगे। कुल मिलाकर मुख्य आयोजन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिभाग करेंगे। इसलिए कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में भी इस दिन 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।

योग के रूप में भारत ने दुनिया को आरोग्य और स्वस्थ्य रहने का मंत्र दिया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की है। इसी क्रम में 11वां योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

प्रत्येक राज्य को एक स्थान को चिन्हित कर उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनानाः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान सभी जनपदों के जिलाधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार से कोविड संक्रमण के विषय पर विस्तृत जानकारी ली।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की मुख्य बातों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्य सचिव ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लिए विकसित ग्राम, विकसित शहर, विकसित जनपद की तर्ज पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी जनपदों द्वारा अपना प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्षों के लिए भी सभी जनपदों द्वारा अपने लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य को एक स्थान को चिन्हित कर उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना होगा। इस दिशा में कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित वस्तुओं के निर्यात बढ़ाने के साथ ही, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया जाए। इसके लिए उद्योग विभाग द्वारा योजना तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी संचालित सदी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी योजनाओं और कार्यों में नई प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए, आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने ईवी सेक्टर के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश के भीतर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई-नई तकनीकों के प्रशिक्षण को अपनी शिक्षा और कौशल विकास से जोड़े जाने की जरूरत है।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में वैदिक गणित को भी बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए उच्च शिक्षा, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा द्वारा मिलकर वैदिक गणित के क्षेत्र में कार्य किया जाए। उन्होंने पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि पांडुलिपियों को डिजिटल एवं फिजिकल दोनों प्रकार से संरक्षित किया जाए। उन्होंने गृह एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से प्रदेश में स्टेट कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम भी तैयार किए जाने की बात कही। कहा कि प्रदेश में इस के लिए एक मजबूत ईको सिस्टम तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जनपद अपने दीर्घकालिक एवं लैगेसी मुद्दों को चिन्हित कर सम्बन्धित विभागों को भेजें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को उच्च स्तर पर निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 5 जून को पर्यावरण दिवस को बड़े स्तर पर मनाए जाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव वन श्री आर.के. सुधांशु को इसकी जिम्मेदारी देते हुए प्रधानमंत्री जी के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ का वृहद् स्तर पर आयोजन किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, दीपक रावत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं युगल किशोर पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।