केंद्रीय मंत्री नड्डा ने सीएम धामी को हर सम्भव सहयोग के प्रति किया आश्वस्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से उत्तराखण्ड में एम्स ऋषिकेश से संचालित एयर एम्बुलेंस सेवा के विस्तार के साथ ही राज्य के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अतिरिक्त हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति एसईसीसी परिवार केंद्रीय योगदान को ₹ 1,052 से बढ़ाकर ₹ 1,500 करने का आग्रह करने के साथ ही चार धाम यात्रा में एम्स के विशेषज्ञों के योगदान और स्नातकोत्तर डॉक्टरों के रेजिडेंसी (क्त्च्) में यात्रा ड्यूटी सम्मिलित करने के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में दो नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इसी क्रम में जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़ और पं. राम सुमेर शुक्ल मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शिक्षण कार्य प्रारंभ करने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन/भारत सरकार के पास आवेदन करेंगे। मुख्यमंत्री ने इन दोनों मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक मंजूरी प्रदान करने के साथ ही टीएचडीसी के सहयोग से निर्माणाधीन टिहरी मेडिकल कॉलेज की भी आवश्यक अनुमतियां शीघ्र प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और उसके सुचारू संचालन के लिए भारत सरकार से तत्काल सहायता का विनम्र अनुरोध है। उन्होने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि चार धाम यात्रा मागों और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों से गुजरने वाले तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी जीवन रक्षक साबित होगी।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

सीएम ने बताया भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में जनता के समर्थन को अभियान की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी और जनता के समर्थन को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यह अभिनंदन समारोह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के सपने को साकार करने का उत्सव है। यह सम्मान उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता का है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के मूल्यों के साथ राज्य के विकास की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास, ईमानदारी की ताकत और युवाओं की उम्मीदों की जीत है। राज्य सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया है, जिसमें ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली की निगरानी और जन शिकायत निवारण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 और भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए 1064 जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार और योजनाओं में कमीशनखोरी जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की गई। पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य में 24 हजार से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून बनाने, लैंड जिहाद व लव जिहाद के विरुद्ध कार्रवाई तथा धर्मांतरण और दंगारोधी कानूनों के माध्यम से शासन व्यवस्था को मज़बूती प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन कदमों ने यह प्रमाणित किया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी चुनौती का सामना सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में छद्म वेशधारियों की मूल पहचान उजागर करने के लिए “ऑपरेशन कालनेमि” चलाया जा रहा है। अब तक 200 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि ऐसे तत्वों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” के मंत्र को अपनाते हुए राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन व्यवस्था के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, स्वामी चिदानंद सरस्वती, किशन गिरी महाराज, राकेश ओबेरॉय, पंकज गुप्ता एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

उत्तराखंडः परियोजना के तहत 5.60 लाख चिन्हित परिवारों की आजीविका संवर्द्धन का लक्ष्य

ग्रामोत्थान परियोजना (ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना) प्रदेश के 10 हजार निर्धनतम परिवारों की आजीविका को सहारा देने में कारगर साबित हुई है। परियोजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत कुल 5.60 लाख जरूरतमंद परिवारों की आजीविका में वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्राम्य विकास विभाग, अंतराष्ट्रीय कृषि विकास निधि की वित्तीय सहायता से इस परियोजना का संचालन कर रहा है। वर्ष 2023 से लागू यह योजना अब प्रदेश के सभी 13 जनपदो के 95 विकासखडों में लागू की जा चुकी है। परियोजना का लक्ष्य कृषि आधारित गतिविधियों में सक्रिय किसानों, उत्पादक समूहों, आजीविका संघों को बैंको के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्रदान करते हुए ग्रामीण उद्यमशीलता को बढ़ावा देते हुए, जरूरतमंद परिवारों की आय को दोगुना करना है। इस परियोजना की कुल लागत 2789.27 करोड़ है। जिसमें अल्पआय वाले, 5.60 लाख परिवारों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 3.24 लाख से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ दिया गया है। परियोजना के तहत अति गरीब 10 हजार परिवारों को विशेष पैकेज के जरिए आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, अच्छी बात यह है कि शुरुआती दो साल में योजना के तहत लक्ष्य से अधिक 10732 परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है।

परियोजना के तहत दुग्ध उत्पदान, बकरी पालन, मुर्गीपालन, रिटेल रिपेयर शॉप आदि गतिविधियों के जरिए, कुल 7341 परिवारों की वार्षिक आय, में डेढ़ लाख रुपए से अधिक तक की वृद्धि हुई है। साथ ही इस परियोजना की विभिन्न गतिविधियों में शामिल 3751 महिलाओं की सालाना आय एक लाख से अधिक पहुंचा जा चुकी है।

सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रामोत्थान परियोजना संचालित की जा रही है। इसका लक्ष्य सीमित आय वाले परिवारों को उनके कौशल और आस पास मौजूद संसाधनों से जोड़ते हुए, आजीविका के अवसर प्रदान करना है। योजना निर्धनतम परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम के निर्देश पर राज्य के सेब को मिलने जा रही विशिष्ट पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद उत्तरकाशी एवं देहरादून के सेब उत्पादक किसानों को उत्तराखण्ड़ के सेब की विशिष्ट पहचान दिलाने तथा सेब की बेहतर पैकेजिंग के लिये कार्टन का वितरण शुरू कर दिया गया है।

कृषकों के सेब उत्पाद को उत्तराखण्ड ब्राण्ड के यूनिवर्सल कार्टन/कोरोगेटेड फाइबर बोर्ड बॉक्स (सी०एफ०बी०) मय एप्पल ट्रे में विक्रय करते हुए उत्तराखण्ड में उत्पादित सेब को विशिष्ट पहचान दिलाने तथा कृषकों को उनके उत्पाद का अधिक मूल्य प्रदान कराने के उद्देश्य से जनपद उत्तरकाशी के कृषकों की 3.85 लाख यूनिवर्सल कार्टन की मांग तथा जनपद देहरादून के कृषकों की 0.75 लाख यूनिवर्सल कार्टन की मांग सूचीबद्ध फर्मों/कम्पनियों को उपलब्ध कराते हुए उद्यान सचल दल केन्द्रों के माध्यम से कृषकों में वितरण का कार्य प्रारम्भ किया गया है।

प्रदेश के कृषकों/सेब उत्पादक अब उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित राज्य सैक्टर की उत्तर फसल प्रबन्धन योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत राजसहायता पर यूनिवर्सल कार्टन प्राप्त कर अपने उत्पाद का अधिक मूल्य प्राप्त करेंगे तथा उत्तराखण्ड के सेब उत्पाद को विशिष्ट पहचान दिलाने में अपना अहम सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

उत्तराखण्ड में जैविक कृषि तथा बागवानी की अपार संभावनाएं हैं, राज्य में बागवानी के समुचित विकास के लिये नीति बनाई गई है, सरकार बागवानी को निरंतर बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार द्वारा बागवानी के क्षेत्र में सेब की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में सेब उत्पादन तथा सेब उत्पादक किसानों को सेब के उत्पादन तथा सेब के उचित मूल्य प्राप्त कराये जाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड़

राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए लिगेसी प्लान पर तेज़ कार्यवाही के निर्देश

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य सरकार खेलों को लेकर नई दृष्टि और रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के खिलाड़ियों को निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खेलों के दौरान निर्मित और उन्नत किए गए खेल ढांचे का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने और उस पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल केवल एक आयोजन नहीं थे, बल्कि यह उत्तराखंड की खेल यात्रा में ऐतिहासिक मोड़ सिद्ध हुए हैं। पहली बार राज्य ने 100 से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया और अपने प्रदर्शन से पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि “खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों की मेहनत ने मिलकर यह असाधारण उपलब्धि संभव बनाई है।”

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए तैयार की गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अब राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग होंगी। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और हल्द्वानी के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की योजना भी लिगेसी प्लान का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल ढांचे को निष्क्रिय नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि इसका अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि राज्य के युवा प्रतिभाओं को अपने घर के पास ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में लागू नई खेल नीति के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। इसमें खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुसार आकर्षक प्रोत्साहन राशि, सरकारी नौकरी, छात्रवृत्तियां और सम्मान देने का प्रावधान किया गया है। ओलंपिक स्तर के पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तक की राशि देने की घोषणा से खिलाड़ियों में नया उत्साह आया है।

खेल विश्वविद्यालय का निर्माण – दूरदृष्टि से लिया गया फैसला

हल्द्वानी में बनने वाला खेल विश्वविद्यालय राज्य की खेल संस्कृति को संस्थागत रूप देगा। यह न केवल प्रशिक्षण और रिसर्च का केंद्र बनेगा, बल्कि कोचिंग, खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, मैनेजमेंट आदि में भी युवाओं को अवसर प्रदान करेगा।
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
“उत्तराखंड को आज खेल भूमि के रूप में देखा जा रहा है, यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने एक नई चेतना जागृत की है। सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। मैदानों से लेकर पहाड़ों तक हर जगह खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया और उज्जवल भविष्य आकार ले रहा है।”

हर श्रद्धालु पवित्र यात्रा से सुखद अनुभव लेकर लौटे, यही हमारा प्रयासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर बद्री-केदार मंदिर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधियों ने चारधाम यात्रा के सफल, सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए राज्य सरकार का आभार प्रकट किया।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मार्ग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और समग्र प्रबंधन को लेकर सरकार द्वारा किए गए प्रयास अत्यंत सराहनीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के समर्पित कार्यों के परिणामस्वरूप यात्रियों को यात्रा के दौरान न केवल बेहतर सुविधा मिली, बल्कि सुरक्षा का भरोसा भी बना रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को श्रद्धा, व्यवस्था और सुरक्षा के संतुलन के साथ संचालित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा से सुखद अनुभव लेकर लौटे और उत्तराखंड की संस्कृति एवं सेवा भावना की सकारात्मक छवि देश-दुनिया में जाए।

कुमाऊं में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

चंपावत में हुआ बाल संवाद कार्यक्रम, सीएम ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चम्पावत जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से बाल संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में खेल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करना तथा खिलाड़ियों से उनकी आवश्यकताओं और सुझावों पर चर्चा करना रहा।

मुख्यमंत्री ने रा.इ.का. चम्पावत के गौरव, रा.इ.का. पाटी की प्रीति, रा.बा.इ.का. टनकपुर की कंचन, रा.इ.का. चौमेल के सागर एवं रा.बा.इ.का. चम्पावत की मोनिका से बातचीत कर खेल सुविधाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से नियमित लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे उनके खेल कौशल को संवारने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ाई के साथ खेलों को भी बराबर महत्व दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को सशक्त मंच देने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य की खेल नीति और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे प्रयासों को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस अवसर पर चम्पावत, पाटी, चौमेल, टनकपुर और चमदेवल क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षण स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्राकृतिक संसाधन किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर, देहरादून में आयोजित ऑल इण्डिया ऑइल सैक्टर मीट कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इकॉनमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी में समन्वय के साथ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। राज्य में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया रहा है। प्रदेश में टिहरी, कोटेश्वर, पीपलकोटी, लखवाड़, विष्णुगाड़ जैसी जल विद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड को ऊर्जा हब में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य में जियो थर्मल के क्षेत्र में अनेकों संभावना है, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्राकृतिक संसाधन किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईंधन, राष्ट्र के विकास के साथ ही हमारी दैनिक आवश्यकताओ को भी पूरा करता है। देश में कच्चे तेल का कुल उत्पादन का 70 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस उत्पादन का 84 प्रतिशत योगदान देकर ओएनजीसी भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प हमारे सामने रखा है। देश 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए पेट्रोलियम भंडार की स्थापना की गई है। ग्रीन हाइड्रोजन के साथ सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ऊर्जा के कई वैकल्पिक स्रोतों पर कार्य किया जा रहा है। इन सभी प्रयासों ने भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में सक्षम बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेल एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में अनेक कार्य किए गए हैं। वन नेशन, वन ग्रिड के अंतर्गत गैस पाइप लाईनों का विस्तार किया जा रहा है। गैस वितरण प्रणाली को विस्तार देकर पहले से सुविधाजनक बनाया गया है। बायो सीएनजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उज्ज्वला गैस योजना जैसी योजनाओं ने समाज में क्रांति लाने का काम किया है। तेल उत्पादन के लिए कई नीतियां भी लागू की गई है। भारत ने विदेशों में भी तेल एवं प्राकृतिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ाया है। उन्होंने कहा ओएनजीसी ने उत्तराखंड कई ऐसे कार्य किए हैं, जिसका लाभ राज्य को मिल रहा है।

इस अवसर पर अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ हिरान्मय पंड्या, अनुपम, गोपाल जोशी, नीरज शर्मा, पवन कुमार, देवेंद्र बिष्ट, सुमित सिंघल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

माता बिशना देवी के साथ सीएम धामी ने किया पौधा रोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अपनी माताजी बिशना देवी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री के सुपुत्र दिवाकर ने भी इस अवसर पर पौधा लगाया। इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “माँ जीवन की पहली गुरु होती हैं और पर्यावरण हमें जीवन देता है। माँ और प्रकृति दोनों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। यह अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे अपनी माताओं के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संरक्षण स्वयं करें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।