सीएम धामी का सुशासन मॉडल: 13 जिलों में 126 शिविर, 64,960 नागरिकों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति — सरकार को जनता के द्वार तक पहुँचाना — आज धरातल पर पूरी मजबूती के साथ दिखाई दे रही है।

आज प्रदेश के 13 जनपदों में 126 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64,960 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से 10,962 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7,952 शिकायतों का मौके पर ही या समयबद्ध निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त 12,399 प्रकरणों में विभिन्न प्रमाण पत्र एवं सरकारी लाभ प्रदान किए गए, जबकि 39,923 नागरिकों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

यह आंकड़े नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यसंस्कृति, जवाबदेही और ज़ीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि *“मेरी सरकार का संकल्प स्पष्ट है — जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचेगी।*‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। हर शिकायत का समयबद्ध समाधान और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो दिव्यांग, वृद्ध या कमजोर वर्ग के लाभार्थी शिविरों तक नहीं आ सकते, उनके घर तक अधिकारी स्वयं जाएँ, शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी हो | किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी | प्रत्येक जनपद में फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए| योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और गरिमा के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे | मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसेवा में कोताही करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*सुशासन की नई पहचान*

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुशासन, संवेदनशीलता और जवाबदेही का मॉडल राज्य बना रहा है। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।

पिथौरागढ़ वासियों की वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्ताेली तक 3.02 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ₹84.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से इस क्षेत्र की वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है। इससे सीमांत क्षेत्र मर्ताेली सीधे सड़क से जुड़ जायेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सीमांत क्षेत्र मर्ताेली एवं आस पास के गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। गांव वासियों ने अपने आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क गांव के भविष्य को नई दिशा देगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करेगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमान्त गाँव मर्ताेली तक सड़क स्वीकृत कर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री की यह पहल रिवर्स पलायन, सीमांत क्षेत्र में विकास एवं गांव को जीवंत रखने में सहायक सिद्ध होगी। सड़क स्वीकृत होने से मर्ताेली गांव तक आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही पूरी घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेशभर की 167 करोड़ की योजनाओं का सीएम ने दिया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न सड़कों के सुधारीकरण एवं पुनर्निर्माण, स्कूल भवनों, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत हर की पैड़ी क्षेत्र के विकास, घाटों एवं पुलों के निर्माण के साथ ही हैलीपोर्ट निर्माण, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा मार्ग निर्माण आदि से संबंधित योजनाओं के लिए 167 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के विकासखण्ड दुगड्‌डा के अन्तर्गत मेरठ पौड़ी रा०मा० के किमी० 138 से लालपुर-कलालघाटी-नयावाद पुराना कोटद्वार हरिद्वार मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 1.28 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत चम्पावत खेतीखान मोटर मार्ग (64) के किमी0 8.00 से सुयालखर्क मिलान मोटर मार्ग का सुधारीकरण/डामरीकरण के कार्य हेतु ₹ 3.20 करोड़, विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट एवं कोटाबाग के नानिया विनायक मोटर मार्ग से बिडारी पोखराधार तक मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 4 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के पुरूकुल में निर्माणाधीन सैन्यधाम एवं मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक पहुंचने वाले मुख्य सड़क मार्गों को डेढ़ लेन में उच्चीकरण के कार्य हेतु ₹ 13.39 लाख, जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत कामाज्यूला भनार रैघाडी मोटर मार्ग में पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण के कार्य हेतु ₹ 7 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट में पोखरी चण्डिकाघाट मोटर मार्ग निर्माण कार्य हेतु ₹5.38 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत अगस्त्मुनि रा० स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.19 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। जबकि हरिद्वार गंगा कॉरिडार परियोजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा हर की पैडी पुनरूद्धार योजना के तहत मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, कांगड़ा घाट तथा रोडी बेलवाला घाट तथा पुल निर्माण कार्य हेतु ₹ 70 करोड़ तथा हर की पैडी के उत्तरी क्षेत्र के विकास हेतु ₹ 69.34 करोड़ की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के ओडल नामक स्थान पर हैलीपोर्ट के निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य हेतु ₹ 10.66 लाख की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ की ग्राम सभा चौना से माँ नन्दादेवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 40.56 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में ग्राम सभा चौना से बुक्टीखेत तक खडण्जा निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.41 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में इमला से रजन मंदिर तक अश्व मार्ग का निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.14 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है, इन योजनाओं की स्वीकृति संबंधी शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा विधानसभा क्षेत्र में गौशाला का निर्माण कार्य हेतु ₹ 4.23 करोड़, विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी हेतु राज्य विधिक परिषद को हल्द्वानी में उनके भवन के लिये ₹ 1.00 करोड तथा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में देवीधुरा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय को जाने वाली सडक मार्ग 500 मीटर हिस्से में इण्टर लॉकिंग टाईल्स लगवाये जाने हेतु ₹ 33.78 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इस संबंध में यह उल्लेखनीय है कि गौशाला निर्माण हेतु 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 1.69 करोड़, राज्य विधिक परिषद के भवन निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य के लिये ₹ 43.13 लाख तथा सड़क मार्ग के इंटरलॉकिंग कार्य हेतु अवशेष राशि ₹ 22.52 लाख का शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

ऑपरेशन कालनेमी: तीन जिलों में 4,802 से अधिक लोगों का सत्यापन, 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियाँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जनता के विश्वास की रक्षा करना है।

ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं, 09 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध भी सख़्त कार्रवाई की गई।

ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।

प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियाँ की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया प्रचलित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

गुरुद्वारे पर माथा टेककर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों को याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूद्वारा, श्री गुरू सिंह सभा, आढ़त बाजार, देहरादून में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरू सिंह सभा में माथा टेका एवं लंगर ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने संगत के साथ मिलकर पवित्र अरदास की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह तथा उनके चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहब के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देश भक्ति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास के साथ विश्व में भी वीरता और साहस का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इतिहास में ऐसा साहस, दृढ़ता और धर्मनिष्ठ त्याग कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार किया। इन वीर साहिबजादों ने ये सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा इस अमर बलिदान को आने वाली पीढ़ियाँ कभी भुला नहीं सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार वीर साहिबजादों को उनका वास्तविक सम्मान दिया। प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर पूरे राष्ट्र को सिखों के गौरवशाली इतिहास से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अपने गौरवशाली अतीत को संजोने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही वीर बलिदानियों के सपनों का भारत गढ़ने की दिशा में भी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि अपने बच्चों को वीर साहिबजादों की गाथा अवश्य सुनाएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ि भी अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व कर सके।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्री गुरु सिंह सभा सरदार गुरबक्श सिंह राजन, जनरल सेक्रेट्री सरदार गुलजार सिंह, उपाध्यक्ष सरदार चरणजीत सिंह, भाजपा महामंत्री दीप्ति रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, दायित्वधारी पुनीत मित्तल, श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण और अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह का होगा निर्माण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेमलडाला पीपलकोटी में 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्रीविशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है तथा देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

*इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग में पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग को बदलकर नंदा-सुनंदा मार्ग रखे जाने तथा राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण एवं अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह की घोषणा की।*

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार,अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

वीर बाल दिवस पर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का स्मरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

लेखक गांव में सीएम धामी ने किया अटल प्रेक्षाग्रह का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखक गॉव थानो, देहरादून में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल प्रेक्षाग्रह का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले हमारे श्रद्धेय अटल ही थे। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठ भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी ने ओजस्वी कवि के रूप में अपने शब्दों से संवेदनाओं को स्वर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उनके लिए सदैव गर्व का विषय रहेगा कि उन्हें अपने छात्र जीवन में एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में लखनऊ में स्व. अटल का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. अटल ने भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तक, ग्राम सड़क योजना से लेकर दूरसंचार क्रांति तक उनके प्रत्येक निर्णय ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश में सर्वप्रथम एक गठबंधन वाली सरकार का पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर ये सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति और उत्थान का हो तो विभिन्न दल भी एकजुट होकर सरकार चला सकते हैं। श्री अटल ने देश में सेवा, सुशासन और गरीब-कल्याण पर आधारित नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत की, जिसने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एनडीए गठबंधन की सरकार भारत को सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। आज प्रत्येक सेक्टर के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत में विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे, रिंग रोड्स, हाई-वे और एलिवेटेड रोड्स जैसी परियोजनाएं नए भारत की पहचान बन रही हैं। भारत के 99 प्रतिशत गांवों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है और देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा अटल जी का देवभूमि उत्तराखंड से अत्यंत आत्मीय और गहरा लगाव रहा है। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हमारे वर्षों पुराने सपनों को साकार करने का ऐतिहासिक कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी की प्रेरणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार, जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने गाँवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक तथा व्यापारियों से लेकर कर्मचारियों तक समाज के प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हमारा राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही कई ऐतिहासिक फैसले भी लिए गए हैं।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विदुषी निशंक, प्रेम बुढ़ाकोटी, सुरेश, प्रदीप सरधाना, डॉ. सविता मोहन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

दूरस्थ क्षेत्रों को निःशुल्क जांच, परामर्श व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में अच्छा प्रयास: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से “ग्रामीण गढ़वाल समग्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना” के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों का फ्लैग‑ऑफ किया। यह परियोजना ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून ने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरु की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि लोग भौगोलिक और आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस पहल से दूरस्थ गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना आसान होगा। दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में यह अच्छा प्रयास है।

इस परियोजना का प्रथम चरण जनपद चमोली एवं टिहरी गढ़वाल में आरंभ किया गया है। जहां दो पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैनात किया गया है। इसके माध्यम से सामान्य चिकित्सा, 29 से अधिक निशुल्क पैथोलॉजी जांच, निःशुल्क दवा वितरण, नेत्र जांच, स्वास्थ्य परामर्श एवं रेफरल सेवाएं प्रदान की जायेंगी। हर मोबाइल यूनिट में डॉक्टर मौजूद रहेंगे l ये यूनिट गांव, कस्बों, स्कूलों और बाजारों में निर्धारित समय पर जाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी l इसके लिए जनपदों के अधिकारियों से सामंजस्य रखा जाएगा l
इस अवसर पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनसाला, डॉ. पुनीत त्यागी डॉ. एस.एल. जेठानी, मेजर जनरल (रिटा) ओ.पी सोनी एवं डॉ. सुभाष गुप्ता मौजूद थे।

सीएम ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिब्बती मार्केट, देहरादून स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में सासंद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से जो सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत उभर रहा है, यह अटल के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। उत्तराखंड विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोक सभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, दायित्वधारी विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खिलाड़ी मौजूद थे।