सीएम ने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय में औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और हर्बल पर्यटन की संभावनाओं का लिया जायजा

हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचकर सघन पौधरोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय का विस्तृत भ्रमण कर वहां संरक्षित दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों, अनुसंधान गतिविधियों तथा आयुर्वेद आधारित नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित ध्यान कुटी का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, हिमालयी औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि राज्य की यह प्राकृतिक धरोहर पूरे विश्व के लिए अमूल्य है तथा इसका संरक्षण और वैज्ञानिक शोध वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के साथ-साथ औषधीय पौधों के संवर्धन, आयुर्वेद आधारित अनुसंधान, हर्बल पर्यटन तथा स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे।

मालाग्राम स्थित श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय देश का अपनी तरह का एक अनूठा हर्बल पार्क है, जहां देश के विभिन्न राज्यों एवं हिमालयी क्षेत्रों से लाई गई दुर्लभ जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह परिसर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक शोध के समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

पीएम आवास योजना के कार्यों की धीमी चाल पर सचिव आवास सख्त, दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित आवासीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप) घटक के अंतर्गत निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं और विकासकों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई परियोजनाओं में निर्माण कार्यों की धीमी गति सामने आने पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है और इसके कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास धीरेन्द्र रावत, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता आकांक्षा चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन सहित विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े विकासकों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
बैठक के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विकासकों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, ऐसे में शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कर लाभार्थियों को जल्द से जल्द मकानों का कब्जा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विकासकों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

15 अगस्त से पहले कार्य पूरे करने की समयसीमा
समीक्षा बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद सभी विकासकों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं के निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 से पूर्व पूर्ण किए जाएं। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा तक कार्य पूरे नहीं किए जाते हैं तो संबंधित विकासकों के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित कार्यदायी संस्था और विकासक की होगी।

धौलास आवासीय परियोजना पर विशेष जोर
बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अधिकारियों को धौलास आवासीय परियोजना के अंतर्गत आवंटन संबंधी सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन सभी परियोजनाओं की समीक्षा की गई जो पूर्णता के अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों को लाभार्थियों को मकानों का हस्तांतरण (की-हैंडओवर) समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां अभी से पूरी करने को कहा गया।

सरकार की प्राथमिकता में आवासीय परियोजनाएं
राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में विभाग लगातार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहा है ताकि निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लाभार्थियों को जल्द राहत दी जा सके। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में देरी अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

गरीबों के आवास का सपना समय पर पूरा हो रू डॉ. आर. राजेश कुमार
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि हजारों परिवारों के अपने घर के सपने से जुड़ी योजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार लाया जाए। सभी विकासकों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने होंगे, अन्यथा अनुबंध के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी नियमित निगरानी और स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसी प्रकार की देरी न हो और लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके आवास उपलब्ध कराए जा सकें।

राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिए सीएम धामी ने 38 करोड़ रूपए की दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित पेयजल, पर्यटन, सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पौड़ी गढ़वाल में एन.सी.सी. अकादमी स्थापना के लिये ₹ 38 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्तपोषण के अंतर्गत चमोली एवं अल्मोड़ा जनपदों में सिंचाई विभाग की 5 योजनाओं के लिए ₹12.83 करोड़ सहित सिंचाई विभाग की 7 अन्य योजनाओं के लिए ₹15.06 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विभिन्न स्थानों पर 50 हैंडपंप तथा 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिये ₹3.98 करोड़ जनपद नैनीताल स्थित पर्यटक आवास गृह, मुक्तेश्वर के उच्चीकरण कार्य के लिए ₹4.96 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही जनपद पौड़ी में एन.सी.सी. अकादमी की स्थापना के लिए संशोधित आगणन ₹50.00 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि का किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पांचवें एवं छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार लागू वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन में पेंशन प्राप्त कर रहे सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि करते हुए 1 जनवरी 2026 से पांचवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 484 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में किया साइंस सिटी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये साइंस सिटी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि इस साइंस सिटी में हमारे युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो उनके सपनों और विचारों को नई उड़ान देने का कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विज्ञान सेतु परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो श्विज्ञान वाणी (88.8 मेगाहर्ट्ज), विज्ञान दृश्यम तथा विज्ञान धारा का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रयोगशालाओं के जटिल ज्ञान को उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

तकनीकी में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे दायित्व का ष्प्रतीक पर्वष् भी है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकट की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हरेला पर्व पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब रोबोट्स कारखानों से लेकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वहीं, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां आज दुनिया की दिशा और दशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में, हमें इस बदलाव को न केवल स्वीकार करना है, बल्कि इसका नेतृत्व भी करना है।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को मिल रही सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज देश के कई राज्य उत्तराखंड को कई क्षेत्रों में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देख रहे हैं। सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का सुरक्षित निकालने का अभियान इसमें शामिल है। जिसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पेश किया गया। इसीलिए सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और मेधा है। इसलिए अब हमें प्रदेश में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ हमारी इस युवा प्रतिभा को सही दिशा मिले ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

विकसित भारत का आधार- विज्ञान, अनुसंधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने विकसित भारत 2047 का जो अमृत संकल्प रखा है, उसकी सबसे मजबूत आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान ही है। इसीलिए प्रधानमंत्री ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के नारे में जय अनुसंधान जोड़कर देश के वैज्ञानिकों और युवाओं को एक नया मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे बड़े अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वहीं, सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की राह पर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक अनुसंधान का एक वैश्विक हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य की पहली श्विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीतिश् लागू हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ हमारा युवा केवल रोजगार खोजने वाला न रहे, बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर जॉब क्रिएटर बने। ये नीति विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं की सीमाओं तक नहीं रखेगी, बल्कि उसे आम जनजीवन से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

चुनौतियों का स्थानीय समाधान तलाशने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी करती हैं। लेकिन हमारा हिमालय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी जैव-विविधता, अमूल्य औषधीय वनस्पतियां, बारहमासी जल स्रोत, जैविक कृषि और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हमारी असली पूंजी हैं। इसलिए यदि हम अपनी स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान विकसित कर लें, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। साथ ही सरकार प्रदेश में तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। इसी तरह वैज्ञानिक अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड को श्साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमीश् के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

स्टार्टअप सेंटर विकसित करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब्स और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। मुख्यमत्री ने इस अवसर पर पौधारोपण भी किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए विशेष रेल के जरिए 700 श्रद्धालु छह दिवसीय हुए शामिल, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि श्सोमनाथ स्वाभिमान पर्वश् राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में श्सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीजश् की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और श्अतिथि देवो भवःश् की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में ‘सेवा ही संगठन’ का भाव और सुदृढ़ः तरुण चुग

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज देहरादून में भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड की संगठनात्मक बैठक में प्रदेश में चल रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पूर्व सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश महामंत्री कुन्दन परिहार, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज सहित सभी कैबिनेट मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

बैठक से पूर्व चुग की देवभूमि उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से आत्मीय भेंट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने तथा श्सेवा ही संगठनश् की भावना को और अधिक मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुग ने महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के लिए रूपये 36,585 करोड़ की ऐतिहासिक कर्जमाफी योजना लागू करने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत देने वाला यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रमाण है।

चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे बताएं कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा आखिर कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान आज भी कर्ज, फसलों के संकट और झूठे आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है, और वादे करने वाली सरकार जवाबदेही से आखिर कब तक भागती रहेगी।

जनसेवा कार्यक्रम में सीएम को ज्ञापन भेंट कर की सिलाई मशीन की मांग, शाम को मिली

सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को उनका त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिविर में स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे जूट बैग बनाकर अपनी आजीविका चलाना चाहती हैं, जिसके लिए उन्हें सिलाई मशीन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी के समन्वय से उन्हें शाम को ही सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी गई। इससे बबली गुप्ता को जूट बैग निर्माण के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ करने और स्वरोजगार से जुड़ने में सहायता मिलेगी।

सिलाई मशीन प्राप्त होने पर बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से उनके स्वरोजगार की राह आसान हुई है।

लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविध भाषाएँ, लोक परंपराएँ, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासश् के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक एवं आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज तथा एक जनपद दो उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड डॉ. पराग मधुकर धकाते, देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट, सर्वाधिक कार्यकाल के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य, जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है तथा निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड नई पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्डश् के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चौरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।