सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की। मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को स्वीकृत प्रस्तावों को दिए जाने वाले फंड्स एवं कार्य की भौतिक प्रगति की समीक्षा भी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों से एमसीआर का फॉर्मेट पर भौतिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजे जाने से पहले इस समिति द्वारा तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का परीक्षण करने के बाद ही प्रस्ताव भेजें जायें।

मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में ईएनसी पीडब्ल्यूडी को भी स्थाई सदस्य शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए नॉर्म्स बनाये जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुरूप प्रत्येक कार्य की अलग अलग आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की स्थिति एवं प्रकृति के अनुरूप कार्य किया जाना चाहिए, जहाँ संभव हो वहाँ वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष सिंचाई को देहरादून के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करते हुए नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों का प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनन्द स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नववर्ष पर मुख्यमंत्री धामी ने रोडवेज की 100 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल की गई है। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से पसे फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 ए.सी. एवं 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने परिवहन निगम की स्मारिका “अनवरत” एवं सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया तथा कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी तथा राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें 4 आईएसबीटी भी शामिल हैं। शीघ्र ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी सम्मिलित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी। सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन एवं नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को “सेवा का माध्यम” मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के बल पर उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, एमडी परिवहन निगम एवं अपर सचिव रीना जोशी तथा परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार पूर्व सैनिक सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र किए प्रदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है तथा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार पोक्सो एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएँ पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमान, आईजी योगेन्द्र सिंह रावत एवं पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सुरंग में फंसे मजदूरों की सूचना पर सीएम ने ली जानकारी

चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, घटना के समय 109 श्रमिक सुरंग के भीतर मौजूद थे।

घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए।

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे तथा वहां भर्ती घायलों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को घायलों के समुचित एवं बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जानकारी दी कि 70 श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जिसमें से 66 का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है 04 श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में एडमिट किया गया है। पीपलकोटी विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया है। 21 श्रमिकों को को कोई चोट नहीं लगी है, वे घटना स्थल से ही घर चले गए थे।

सीएम ने रेडक्रास सोसाइटी द्वारा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की राज्य मैनेजिंग कमेटी ने महासचिव जे.एन. नौटियाल एवं चेयरमैन ओंकार बहुगुणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री धामी से मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने रेडक्रास सोसाइटी द्वारा मानवता की सेवा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंदों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में रेडक्रास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेडक्रास की गतिविधियों को और अधिक व्यापक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर बल देते हुए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा-संवेदनशील राज्य है, ऐसे में रेडक्रास जैसी संस्थाओं के साथ समन्वय कर मानवीय सेवा कार्यों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।

इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश पिंगल एवं रेडक्रास के ब्रांड एंबेसडर मनीष कसनियाल उपस्थित रहे।

प्रदेश के स्कूलों में शौचालयों की सफाई और देखभाल के लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करें: वर्धन

स्कूलों में शौचालयों की सफाई और देखभाल के लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। प्रदेशभर के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्रों की तर्ज पर विकसित किया जाए। विभागों और उनके जनपद स्तरीय कार्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था की जाए लागू। यह निर्देश मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सचिव समिति बैठक के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। इस दौरान वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी भी जुड़े रहे।

*मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर के सभी सरकारी स्कूलों को शीघ्र ही गर्ल्स टॉयलेट निर्माण कार्य से आच्छादित किया जाए।* उन्होंने कहा कि अधिकतर स्कूलों में टॉयलेट उपलब्ध हैं, परन्तु उनकी साफ-सफाई आदि के लिए व्यवस्था न होने के कारण ऐसे टॉयलेट प्रयोग नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए टॉयलेट एवं उनकी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु वर्क प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रदेश के पर्यटक स्थलों का 2 से 3 दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को अपने राज्य एवं उसकी विशेषताओं को जानने का मौका मिलेगा।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के सीएसआर फंड का पूर्णतः उपयोग आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए किए जाने की बात कही। उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को अपने आसपास के क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नए आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के समीप स्थापित किए जाने की बात भी कही। कहा कि इससे आंगनवाड़ी और स्कूल के बीच के गैप को कम किया जा सकेगा, और आंगनवाड़ी केंद्रों के मूल उद्देश्यों को पूरा किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने खेल विभाग को अपने तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर को वर्षभर उपयोग में लाते हुए इनके अधिकतम उपयोग हेतु शीघ्र एक कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पोर्ट्स यूनीवर्सिटी शीघ्र शुरू किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि हमें बड़ा लक्ष्य निर्धारित करते हुए बहुत आगे की तैयारियां करनी होंगी। वर्ष 2036 में आयोजित होने वाले ओलिम्पिक गेम्स में उत्तराखण्ड के खिलाड़ी भी प्रतिभाग करें, इसके लिए हमें अभी से भविष्य के खिलाड़ी चिन्हित करने होंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 में किस खेल के लिए आज किस आयु वर्ग के बच्चों को अगले 10 साल प्रशिक्षित करना होगा, हमें इसका प्लान करना है। इसके लिए उन्होंने प्रतियोगिताओं के माध्यम से 1000-1500 बच्चे चिन्हित कर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ज़िलाधिकारियों को अपने जनपदों में सर्वाधिक खेला जाने वाला खेल चयनित करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट चिह्नित किये जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को अपने अधीनस्थ विभागों और उनके जनपद स्तरीय कार्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से विभागों जैसे गृह विभाग सहित कुछ अन्य विभागों ने पूरी तरह ई-ऑफिस लागू किया है। उन्होंने आईटीडीए को विभागों में ई-ऑफिस लागू कराये जाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने बायो मैट्रिक उपस्थिति को सैलरी (आईएफएमएस सिस्टम) से जोड़ते हुए आधार आईडी आधारित बायो मैट्रिक उपस्थिति प्रदेशभर में शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए आईटीडीए को शीघ्र मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के लिए प्रदेश के 5, 7 डेस्टिनेशन चिन्हित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी जनपदों को अपनी बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन लिस्ट सचिव पर्यटन को शीघ्र शेयर किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनपदों द्वारा अपने विशेष त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल भी चिह्नित किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रशांत जोशी, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, दीपक रावत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उपलब्धि: खनन सुधारों में उत्तराखण्ड का उत्कृष्ट प्रदर्शन, देश में दूसरा स्थान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। उल्लेखनीय प्रदर्शन और लगातार सुधारों के चलते केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया है।

धामी सरकार ने खनन क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। इनमें ई-नीलामी प्रणाली, सेटेलाइट आधारित निगरानी, सख्त अनुपालन व्यवस्था, अवैध खनन पर रोक को आधुनिक माइनिंग सर्विलांस सिस्टम का सुदृढ़ीकरण मुख्य है। साथ ही खनन लॉट के आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। इन खनन सुधारों के परिणामस्वरूप आज खनन क्षेत्र प्रदेश सरकार की आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। ₹300 करोड़ के राजस्व ₹1200 करोड़ पहुंच गया है।

खनन सुधारों में शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत उत्तराखंड को ₹200 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की है। यह धनराशि माइनर मिनरल्स सुधारों और स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स से जुड़े सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए दी गई है।

कोट–

खनन सुधारों के लिए उत्तराखण्ड को विशेष प्रोत्साहन राशि दिए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। यह सहयोग उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सतत विकास को नई गति देगा। राज्य सरकार इस राशि का उपयोग खनन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण-संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी बनाने में करेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

सीएस की अध्यक्षता में हुई नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की संचालन समिति की 6वीं बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) की संचालन समिति की 6वीं बैठक सम्पन्न हुयी। समिति की बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश एवं काशीपुर के वायु गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सभी सम्बन्धित विभागों एवं एजेन्सियों द्वारा गम्भीरता से कार्य किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने एनसीएपी द्वारा स्वीकृत कार्ययोजना और प्रत्येक गतिविधि की टाईमलाईन प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि अपने अपने कार्यक्षेत्र में वायु प्रदूषण के सभी घटकों पर कार्य करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, स्वीकृत कार्ययोजना पर कार्य करने हेतु शहर स्तरीय समितियों और राज्य स्तरीय समिति की निर्धारित समय पर बैठकें आयोजित कराते हुए कार्ययोजना का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं शहरी विकास विभाग आदि को अपने स्तर पर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने आमजन में जागरूकता के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाने की बात कही। साथ ही, वृक्षारोपण अभियान आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने के उपाय करने के साथ ही वातावरण में प्रदूषण की सही जानकारी उपलब्ध कराया जाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन तक शहर के वायु प्रदूषण की जानकारी विभिन्न स्थानों पर डिजिटल डिसप्ले में प्रदर्शित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर, सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं एमएनए नगर निगम देहरादून नमामि बंसल सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने शोक जताकर अल्मोड़ा बस हादसे के मृतकों की आत्मशांति की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है तथा गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।