मुख्यमंत्री ने नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नेपाल हमारा पड़ोसी ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भी भारत के साथ गहरे संबंध रखने वाला देश है। प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में उत्तराखंड और भारत के लोग नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने राहत दल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय जरूरतमंदों की सहायता करना हमारी मानवीय जिम्मेदारी है।

गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने बताया कि गोर्खाली सुधार सभा के आपदा राहत सहायता दल द्वारा प्रभावितों की सहायता के साथ नेपाल में एक गांव को गोद लेकर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही बच्चों के लिए स्कूल भवन निर्माण में सहयोग तथा विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं पठन-पाठन सामग्री वितरित की जाएगी। राहत कार्यों के लिए नेपाल सरकार एवं वहां की स्वयंसेवी संस्थाओं से भी निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

गोर्खाली सुधार सभा की मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने बताया कि आपदा के बाद गोर्खाली सुधार सभा द्वारा नेपाल राहत सहायता के लिए कमेटी गठित कर सहयोग का आह्वान किया गया था। सभा की विभिन्न शाखाओं एवं सहयोगी संस्थाओं ने राहत कार्यों में सहयोग किया है।

इस अवसर पर गोर्खा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अभिषेक शाही, शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मंडल के अध्यक्ष राजीव गुरूंग, शमशेर थापा, टेकू थापा मगर, शंकर थापा, डम्मर थापा एवं लव तमांग आदि शामिल हैं।

राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को टैब देने को उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी धनराशिः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखण्ड को लेकर उनके विजन को जाना। उन्होंने कहा कि युवाओं से प्राप्त उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को राज्य सरकार की योजनाओं और नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के विभिन्न उप-विषयों में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। ‘शिक्षा एवं युवा अवसर’ विषय में मयूह भंडारी और रवीना, ‘पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता’ में शेरोन कपूर, ‘स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं’ में सतीश कुमार, ‘पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार’ में माही बलाई, ‘सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना’ में श्रितिका रावत, ‘प्रौद्योगिकी एवं सुशासन’ में प्रियांशु सजवाण, ‘पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था’ में दृष्टि चौहान तथा ‘महिला एवं बाल कल्याण’ विषय में अनुष्का नेगी विजेता रहे।

मुख्यमंत्री ने चयनित सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान में प्रदेश के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध, विचार और सुझाव साझा किए। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी दर्शाती है कि उत्तराखण्ड का युवा अपने राज्य के भविष्य और विकास को लेकर जागरूक और गंभीर है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, वन एवं पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए हैं। युवाओं की सोच और नवाचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच संवाद निरंतर बना रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ किए गए संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच इस प्रकार का वैचारिक मंथन नई सोच और बेहतर नीति-निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, नवाचार और नई सोच के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में आज की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें सही अवसर, सही दिशा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, डिजिटल एवं आधुनिक मांग आधारित कौशल से जोड़ना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अधिक अवसर सृजित करने के लिए औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरे समर्पण से मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी ऊर्जा, नवाचार तथा परिश्रम राज्य को विकास के नए आयाम तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान एवं निबंध प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विद्यालयी शिक्षा विभागकी पूरी टीम को बधाई दी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए तथा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग के साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभवों को संरक्षित एवं उपयोग में लाने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। कालसी की कसिस ने कहा कि उत्तराखण्ड में औषधीय वनस्पतियों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और इनके माध्यम से वैश्विक बाजार में राज्य की विशिष्ट पहचान बनाई जा सकती है। अल्मोड़ा के भरत ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यटन क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, सी. सविशंकर, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, बंशीधर तिवारी विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने GPS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को फ्लैग ऑफ किया। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा गठित टीमें चयनित ट्रेक रूट्स का स्थलीय सर्वेक्षण कर उनकी विस्तृत GPS/GIS मैपिंग करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक एवं ट्रेकिंग पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों के साथ ही दूरस्थ एवं कम प्रसिद्ध ट्रेक रूट्स को सुव्यवस्थित रूप से पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को मार्ग से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ उत्तराखण्ड की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे एवं पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत राज्य के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग तथा तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। मैपिंग के आधार पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रेकर्स अपने मोबाइल फोन पर ट्रेल एवं रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद उत्तराखण्ड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। ऐप ट्रेकर्स को बेहतर नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उपयोगी होगा।

सचिव पर्यटन ने बताया कि मैपिंग के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट्स, डस्टबिन एवं शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग रूट्स पर आवश्यक सुविधाओं के विकास, बेहतर कूड़ा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेक मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधा, संकेतक और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में सतत एवं विज्ञान आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करने में सहायक होगी। परियोजना के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी, जिससे राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम आवास में धामी ने पीएम के जन्मदिन पर जलाया आशीर्वाद का दीया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर, गुरुवार रात्रि को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश निरंतर विकास एवं प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उत्तराखंड को भी उनके मार्गदर्शन का निरंतर लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से दीप प्रज्वलित करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व में देश की विकास यात्रा को नई दिशा और नई गति प्रदान की है। उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर रहा है तथा देश आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष स्नेह रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य में कनेक्टिविटी, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, अवस्थापना सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री के विजन और मार्गदर्शन से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उत्तराखंड की जनता के स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं का प्रतीक है। दीप की यह ज्योति प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ और यशस्वी जीवन के साथ राष्ट्र की निरंतर प्रगति और समृद्धि की मंगलकामना को भी अभिव्यक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य के साथ इस विकास यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

हरिपुर कालसी में मां यमुना का जयघोष, सीएम धामी ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण कर किया हरिघाट का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर क्षेत्र को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास की महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण तथा माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ यमुना आरती का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के साथ यमुना आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन से कालसी का यमुना तट आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन इस क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेंगे। माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी कालसी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

‘ आशीर्वाद का दीया’ और यमुना आरती, 2100 दीपो से जगमगाया माँ यमुना का पावन तट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम एवं यमुना आरती श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी माँ यमुना के तट पर एक दीया प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर कुल 2100 दीपों से माँ यमुना का पावन तट जगमगा उठा।

एक साथ प्रज्ज्वलित 2100 दीपों की रोशनी ने यमुना तट को भव्य और दिव्य आभा से भर दिया। दीपों की जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय जनसमूह के साथ माँ यमुना की आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। आस्था, प्रकाश और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह दृश्य कालसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हनोल मास्टर प्लान को ₹150 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ही पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिकी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत का संरक्षण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

आस्था, विरासत और विकास का संगम बन रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ ही प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जुड़कर प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बने।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बने डीएम दून

परिवार की प्रताड़ना और विषम परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन सहारा बना है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की समुचित जांच कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन के हस्तक्षेप से जहां रुद्र प्रताप को बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है, वहीं उसकी शिक्षा को पुनः सुचारू करने के लिए विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला भी दिलाया गया है।

प्रकरण के अनुसार रुद्र प्रताप नेगी की माता की मृत्यु के बाद उसके पिता नशे की गिरफ्त में चले गए, जिसके चलते परिवार में बालक के लिए परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं। पारिवारिक प्रताड़ना एवं आर्थिक संकट के कारण रुद्र प्रताप की पढ़ाई प्रभावित हुई और वह विद्यालय की फीस जमा न कर पाने के कारण दसवीं की परीक्षा भी नहीं दे पाया। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय द्वारा टीसी जारी किए जाने में भी कठिनाई आ रही थी।
बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता एवं उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद बालक के समक्ष रहने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई और वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। ऐसी परिस्थितियों में रुद्र प्रताप ने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को पूरे मामले की समुचित स्टडी एवं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाते हुए उसे बाल गृह में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही रुद्र प्रताप की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रशासन के प्रयासों से रुद्र प्रताप का गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है। इससे उसकी शिक्षा को पुनः गति मिलने के साथ ही उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ ही शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।

बीते तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का हुआ निस्तारणः डीएम

जिलाधिकारी व अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून डा. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बच्चे के सर्वाेत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभाग एवं संस्थाएं आपसी समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में निवासरत 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 05 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद से कुल 109 बच्चों को देश एवं विदेश में दत्तक ग्रहण में दिए जाने की जानकारी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की समीक्षा में अप्रैल-जून के दौरान 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई। बाल विवाह के 02 मामले तथा बालश्रम के 46 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील प्रकरणों में काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।

जनपद में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा कमियों का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन हो चुका है तथा शेष का सत्यापन शीघ्र कराने को कहा गया।

बालगृहों में निवासरत 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड एवं 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। शेष बच्चों के दस्तावेज प्राथमिकता से तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया, जिनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट एवं 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार व्यय करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण, अन्य राज्यों के बच्चों को गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से करने को कहा।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर हीपसकपलंस, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस को “युवा संकल्प दिवस” के रूप में मनाए जाने पर प्रदेश के युवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जन्मदिवस पर युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें भी निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2047 में जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब आज की युवा पीढ़ी विभिन्न क्षेत्रों में देश और प्रदेश के विकास का नेतृत्व कर रही होगी। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली, अनुशासित और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव और प्रदेश न छोड़ना पड़े। युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न बनें, बल्कि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले भी बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी रोजगार तथा उद्योग के स्वरूप को तेजी से बदल रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जनपदों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से संबंधित नीतियों के निर्माण में उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद देवभूमि उत्तराखण्ड खेलभूमि के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रही है। राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी भी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और उसके अधिकार के साथ अन्याय न हो। कोई भी नियुक्ति केवल एक आंकड़ा नहीं होती, उसके पीछे किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की आशाएं जुड़ी होती हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा मेहनत को अपनी आदत, अनुशासन को अपनी पहचान और सीखने की इच्छा को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए भी किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहते हुए युवाओं को प्रत्येक जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने युवाओं से पहला संकल्प जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा संकल्प स्वयं नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इससे दूर रखने तथा तीसरा संकल्प जीवन में जिस भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें, अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ अंश उत्तराखण्ड की पावन भूमि के विकास के लिए देने का लेने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा डॉक्टर बनें, इंजीनियर बनें, वैज्ञानिक बनें, खिलाड़ी बनें, शिक्षक बनें, उद्यमी बनें अथवा जनसेवा के क्षेत्र में जाएं, सबसे पहले एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक अवश्य बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवाओं के सपने, उनका परिश्रम और संकल्प विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री बच्चों से बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ मिले। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से जीवन की प्रत्येक चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके लिए जन्म दिवस का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं संस्थान के शिक्षक मौजूद थे।

चारधाम यात्रा दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम एवं भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में भीड़ एवं आवागमन को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने तथा खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही सुव्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा एवं भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ – मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने तथा घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश एवं शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितम्बर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।