हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।

सीएम धामी ने सुना ‘मन की बात’ का 132वां एपिसोड, जनप्रतिनिधियों संग साझा किए विचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के इन्द्रानगर स्थित होटल रॉयल इन पैलेस में आयोजित प्रधानमंत्री जी के ” मन की बात” कार्यक्रम के 132वें एपिसोड को सुना। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया एक अद्वितीय जनसंवाद मंच है, जो विश्व के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संचालित सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों में से एक है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से दूरस्थ और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के कोने-कोने में कार्य कर रहे उन लोगों का उल्लेख किया जाता है, जो सीमित संसाधनों में भी असाधारण कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे व्यक्तित्वों की कहानियां देशभर के नागरिकों तक पहुंचती हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री अपने लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में उत्तराखंड का विशेष रूप से स्मरण करते हैं। ‘मन की बात’ के कई एपिसोड में राज्य की शीतकालीन यात्रा, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं भी उत्तराखंड के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं, जिनमें आदि कैलाश और उत्तरकाशी जिले का हर्षिल-मुखवा क्षेत्र प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री के इन दौरों और उनके द्वारा किए गए उल्लेख का सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक पर्यटक राज्य में शीतकालीन यात्रा के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि आदि कैलाश क्षेत्र में 36,700 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष पर्यंत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक ‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित हो सके। इसके लिए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार, आवासीय व्यवस्थाओं का विकास तथा डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पर्यटन को एक प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित कर रही है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अर्थ ऑवर पर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

वैश्विक पर्यावरणीय पहल Earth Hour के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद कर इस अभियान में सहभागिता की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अर्थ ऑवर केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि यह हम सभी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और दैनिक जीवन में ऊर्जा बचत को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव का आधार बनते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य को सुनिश्चित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड, जो प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, वहां पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नागरिकों से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उत्तराखंड में न्याय आपके द्वार अभियान को मिली नई मजबूती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाते हुए आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल न्याय सुलभता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र की भावना का विस्तार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सदैव इस बात पर बल दिया गया है कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता एवं शीघ्रता से पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व लोक अदालत का आयोजन वर्षों से लंबित राजस्व विवादों के त्वरित एवं सार्थक समाधान हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी विवाद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि इनके पीछे किसानों की भूमि, परिवारों की आजीविका एवं व्यक्तियों का आत्मसम्मान जुड़ा होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजस्व विवादों के निस्तारण हेतु राज्य स्तर पर राजस्व परिषद, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त न्यायालय, जिला स्तर पर कलेक्टर न्यायालय तथा तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय कार्यरत हैं। वर्तमान में प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 50 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ ‘राजस्व लोक अदालत’ की अभिनव पहल प्रारम्भ की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 6,933 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत भूमि विवादों के अतिरिक्त आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम एवं रेंट कंट्रोल एक्ट से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार Minimum Government, Maximum Governance के विजन के अनुरूप प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करते हुए ‘Revenue Court Case Management System’ पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने प्रकरण दर्ज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविवादित विरासत के मामलों में भू-स्वामी की मृत्यु के पश्चात निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांतरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मृतक की तेहरवीं/पीपलपानी तक वारिसों के नाम नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कर नई खतौनी परिवार को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने विवादित भूमि की पैमाइश एवं कब्जों से संबंधित मामलों को एक माह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता एवं निष्पक्षता लोक अदालत की प्रमुख विशेषताएं हैं, जहां सभी पक्षों को सुनकर संवेदनशीलता के साथ न्याय किया जाता है। उन्होंने शासन में तकनीक एवं नवाचार के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ के माध्यम से आमजन तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध एवं न्यायपूर्ण न्याय प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है तथा इस प्रकार के प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।

इस दौरान वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए दिशा- निर्देशों के अनुरूप राजस्व वादों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा, जितना भी बैकलॉग है उसको युद्ध स्तर पर निस्तारित किया जाएगा तथा भूमि से जुड़े हुए विवादों को प्राथमिकता से लेते हुए सभी पेंडिंग प्रकरणों को निस्तारित किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जी के दिशा- निर्देशों के क्रम में समस्त राजस्व वाद को अगले एक माह में प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें।

बैठक में राजस्व सचिव रंजना राजगुरु भी उपस्थित थीं।

प्रधानमंत्री से मिले सीएम धामी, राज्य की योजनाओं को पीएम के समक्ष रखकर उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आगमन का भी निमंत्रण प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को टिहरी जनपद में स्थित शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी के साथ ही राज्य के अलग- अलग जिलों से मंगाई पांच प्रकार की राजमा और शहद भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत National Water Development Agency द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए ₹100 करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी हेतु एमओयू और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं हेतु संचालन में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड एवं देहरादून-मसूरी रोड जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने, उत्तराखंड दौरे पर प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चौपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए पालिसी भी तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र (Spiritual Economic Zone) के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आदि कैलास यात्रा में वर्ष 2022 में 1761 श्रद्धालुओं की तुलना में वर्ष 2025 में 36453 श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किया गया। यहाँ के लिए हेलीसेवा भी शुरू की गई। इसी तरह राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग सहित अनेक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही स्थानीय रोजगार सृजन के लिए वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला-एक मेला”, क्लस्टर विद्यालय योजना, भारत दर्शन एवं उत्तराखण्ड दर्शन कार्यक्रम जैसी पहलों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।

*रेपिड रेल का विस्तार ऋषिकेश तक करने का अनुरोध*
मुख्यमंत्री ने दिल्ली से मेरठ तक संचालित Regional Rapid Transit System (RRTS) परियोजना का विस्तार मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन एवं प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य की सामरिक स्थिति, उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन और विकसित औद्योगिक ढांचे को इस दिशा में उपयुक्त बताया। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार, हरिद्वार एवं देहरादून में Defence Equipment Production Industrial Hub की स्थापना पर भी केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। इसके साथ ही रायवाला क्षेत्र में बीआई-डक ब्रिज के विकास तथा उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया।

*दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का अनुरोध*
मुख्यमंत्री ने टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से काशीपुर, रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र, पंतनगर एयरपोर्ट तथा रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक आवागमन सुगम होगा और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यातायात एवं लॉजिस्टिक्स में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश से व्यासी खंड के शीघ्र लोकार्पण, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन में रोड-कम-रेल टनल निर्माण, बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे तथा हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबलिंग का अनुरोध किया। उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने हेतु ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा, जिससे गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

*उत्तराखंड आने का निमंत्रण*
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखण्ड आगमन का निमंत्रण देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा। प्रस्तावित लोकार्पण में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे तथा टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट शामिल हैं, जबकि शिलान्यास के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार एवं बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चम्पावत जनपद के बनबसा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा लैंड पोर्ट व्यापार, आवागमन एवं क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देगा तथा एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा।

*राज्य की विशिष्ट पहलों का विवरण दिया*
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड में संचालित विशिष्ट पहलों एवं प्रमुख सुधारों की भी विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम-स्टे योजना के अंतर्गत 6000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत किए जा चुके हैं। आमजन की सुविधा के लिए “Uttarastays” नाम से देश का पहला नि:शुल्क मार्केटिंग पोर्टल विकसित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने बागवानी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए अल्मोड़ा के चौबटिया में सेब, चेरी, प्लम एवं नाशपाती हेतु सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने तथा किसानों के प्रशिक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी दी। साथ ही कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में स्थानीय संस्कृति, भोजन एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जा रहा है।

*राज्य सरकार की उपलब्धियों का विवरण दिया*
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वरोजगार मिला है। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई है। वहीं “देवभूमि परिवार योजना” के माध्यम से राज्य के परिवारों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर योजनाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को राज्य सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु “अग्निवीर आरक्षण नियमावली-2025” लागू की गई है। साथ ही “उत्तराखण्ड जन विश्वास विधेयक-2026” के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है तथा 500 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक, श्रम, खनन, राजस्व एवं शहरी विकास क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं।

प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित: धामी

कैबिनेट बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपेक्षा की कि वे जनपदों का नियमित भ्रमण कर संचालित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक प्रगति का आकलन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनपद स्तर पर विकास कार्यों की निरंतर निगरानी से न केवल योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने मंत्रीगणों से कहा कि वे स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। जन- मन की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय मंत्री अपने विभागों की नियमित और गहन समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। सड़क, पेयजल, ऊर्जा, सिंचाई और भवन निर्माण जैसे विभाग यदि समन्वित रूप से कार्य करें तो विकास परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूर्ण की जा सकती हैं और जनता को शीघ्र लाभ मिल सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास को नई गति देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का समग्र और संतुलित विकास ही सरकार का मूल लक्ष्य है, और इसके लिए नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

ऐसी नदियां जिसमें कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य होता है, चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान जनपदों से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की एसओपी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तावों को सिंचाई विभाग की इस हेतु गठित समिति द्वारा टीएसी के उपरान्त राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नदियों में कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य कराना पड़ रहा है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज में बैगुल नदी के लिए अध्ययन करा लिया जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज को भू-स्खलन से सुरक्षा प्रदान (लागत रू0 699.98 लाख), जनपद पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड और घटधार, धारचुला में हिल का ड्रेनेज का कार्य एवं विभिन्न स्थलों पर भू-स्खलन संबंधी कार्य (लागत रू0 3840.78 लाख), जनपद हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास रोड का डेªनेज और भूस्खलन सम्बन्धित कार्य (लागत रू0 4124.83 लाख), जनपद अल्मोडा के दुधौली बैण्ड से पंचायत घर मोटर मार्ग के कि0मी0 2.00 में एच0पी0बैण्ड पर मार्ग सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 34.75 लाख), जनपद उत्तरकाषी के धराली झुला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 147.13 लाख), जनपद उत्तरकाषी के नगर पालिका परिशद पुरोला में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से हो रहे भूस्खलन को रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 128.37 लाख), जनपद उत्तरकाषी के हर्षिल मुखवा मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 472.00 लाख), विकास खण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दॉये एवं बॉये पार्श्व में ग्राम रूदपुर के आबादी क्षेत्रों की बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 146.67 लाख), विकासखण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दांये पार्ष्व में ग्राम बीसर्क्वाटर के आबादी क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत रू0 148.48 लाख), तहसील जसपुर में फीका नदी की बाढ़ से ग्राम हजीरों की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य (लागत रू0 419.82 लाख), जनपद नैनीताल में कौशल्यापुरी क्षेत्र की जल भराव की समस्या का समाधान कार्य (लागत रू0 84.77 लाख), रामनगर, नैनीताल के कानियॉ नई बस्ती एवं हिम्मतपुर डोटियाल के आबादी क्षेत्र को बरसाती नाले से जल भराव सुरक्षा कार्य (लागत रू0 112.15 लाख), जनपद देहराूदन के विकासखण्ड रायपुर में डिफेंस कालोनी जोगीवाला एवं बद्रीपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 460.45 लाख), जनपद देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में दुल्हनी नदी के विभिन्न स्थानों पर यथा, निर्मल कालोनी, बनसरी पुरम, दिल्ली फार्म, लक्ष्मणसिद्ध मंदिर, नकरोंदा रोड (विवेक विहार, वायु विहार) में सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 412.70 लाख), जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैंट के अंतर्गत टोंस नदी के बांये तट पर स्थित स्वर्गाश्रम एवं गोषाला की सुरक्षा दीवार का निर्माण (लागत रू0 186.28 लाख) एवं जनपद देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर के टौन्स नदी के बांये तट पर स्थित जलवायु टावर की क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कार्य (लागत रू0 88.36 लाख) सहित अन्य विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराये गये प्रस्तावों के सापेक्ष कुल रु0 34.00 करोड की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह मांजिला स्मृति अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल भावना को बढ़ावा दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता तथा संघर्षशीलता जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी गई है। इन पहलों से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निदेशक खेल डॉ. आशीष चौहान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा सहित क्लब के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में हुआ शहद निष्कासन कार्य

मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निष्कासन कार्य किया गया। पहले चरण में 60 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आवास परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में 3-बी गार्डन (बी- फ्रेंडली गार्डन, बटर – फ्लाई फ्रेंडली गार्डन एवं बर्ड फ्रेंडली गार्डन) विकसित करने की दिशा में कार्य किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर अजय कुमार सैनी मौजूद थे।

सामूहिक कन्या पूजन कर सीएम ने लिया माताओं का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर, देहरादून स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति एवं संस्कारों के माध्यम से शक्ति उपासना का महापर्व है। उन्होंने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिया गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन के इस पावन अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये तथा व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, पोषाहार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, जिससे कन्या पूजन की भावना वास्तविक रूप से सार्थक हो सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, उपाध्यक्ष छावनी परिषद देहरादून विनोद पंवार, भाजपा नेता विनय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।